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Sunil SenSunil SenFollow2 Sept 2024, 11:16 am
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नूंह मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के लिए एक दिवसीय धरना, सरकार पर दबाव बढ़ा

Nuh, Haryana:मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के खिलाफ आफताब अहमद का एक दिवसीय सांकेतिक धरना। राजा शाहिद हसन खान मेवाती गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में दवाइयों, डॉक्टरों और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर नूंह विधायक आफताब अहमद की अध्यक्षता में एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। धरने में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। धरने को संबोधित करते हुए विधायक आफताब अहमद ने कहा कि नूंह का मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह महज ‘रेफर कॉलेज’ बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को यहां आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। आफताब अहमद ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी आवश्यक जांच सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन, जिला प्रशासन और सरकार को सुविधाएं सुधारने के लिए एक महीने का समय दिया जा रहा है। यदि निर्धारित समय में मेडिकल कॉलेज में आवश्यक डॉक्टर, दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो एक महीने बाद दोबारा बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगला धरना अनिश्चितकालीन होगा। धरने के दौरान लोगों ने मेडिकल कॉलेज में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की और सरकार से जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार करने की अपील की।
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बालाघाट के बैगा बच्चों की मौत: विधायक ने सरकार पर आरोप, आंकड़ा 23-24 तक

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट जिले के बिरसा क्षेत्र में मीजल्स रुबेला संक्रमण के कारण बैगा बच्चों की मौत मामले मे नया आकड़ा सामने आया है। क्षेत्रीय विधायक ने अब तक 23-24 बच्चो की मौत का दावा किया है और कहा कि इसके लिए सरकार दोषी है। विधायक ने कहा कि मीजल्स रुबेला संक्रमण से इतने आदिवासी बच्चों की मौत बेहद दुखद है, लेकिन इस मामले मे मुख्यमंत्री मौन है और सरकार के मंत्री मौन है। विधायक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली समेत नक्सलवाद का हवाला देकर टीकाकरण नहीं होने की दलील पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसी क्षेत्र में स्कूल संचालित हो रहे हैं, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की निचली टीमें पहुंच रही हैं, तब नक्सलवाद का डर नहीं था..? विधायक ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के लोग इंजेक्शन और टीकाकरण से कभी नहीं डरे...! कोविड के दौर में बालाघाट की करीब 17 लाख आबादी में से लगभग 15 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ था। तब किसी ने इंजेक्शन से डर की बात नहीं कही। प्रभावित क्षेत्र में अभी लगातार स्क्रीनिंग हो रही है, मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद मौतों का आंकड़ा करीब 23-24 तक पहुंचना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में चार विभागों की जिम्मेदारी सामने आई है, लेकिन छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। ऊपर के स्तर पर हुई गलतियों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरकार और उच्च अधिकारी दोषी विभागीय अधिकारियों को बचा रहे हैं तथा सत्ता सहयोगी द्वारा उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। ब्रेकिंग न्यूज़ बालाघाट। बालाघाट–विशेष जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों की मौत मामले में भाजपा विधायक राजकुमार कर्राहे का बड़ा बयान... बच्चों की मौत आगे पीछे हुई है इसलिए सरकारी आंकड़ों में नहीं दी गई होगी... विधायक कर्राहे ने भी माना कि सिर्फ बोनदारी गांव में ही 8 बच्चों की मौत हुई है... जिस बोनदरी गांव में 8 बच्चों की मौत हुई है उसे सरकारी आंकड़ों में नहीं लिया गया... विधायक कर्राहे ने प्रशासन से सही आंकड़े प्रस्तुत करने की बात कही है... भाजपा से लांजी के विधायक हैं राजकुमार कर्राहे.. भाजपा विधायक राजकुमार कर्राहे के इस बयान से अब हलचल मच गई है। इस पूरे मामले को लेकर मुख्य जिला चिकित्सालय के अधिकारी परेश उपल्ब ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और बोनदरी और आसपास के क्षेत्र में हमारी डोर टू डोर 40 टीम लगातार काम कर रही है।
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दतिया में जनसुनवाई के दौरान महिला ने जहरीला पदार्थ खाया, Krankenhaus में उपचार जारी

Datia, Madhya Pradesh:दतिया में एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में महिला ने जहरीला पदार्थ खाया, मचा हड़कंप दतिया में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में चल रही जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है。 महिला की पहचान पूनम वाल्मीकि, निवासी भांडेर क्षेत्र, दतिया के रूप में बताई गई है। जानकारी के मुताबिक पूनम का मायका ग्वालियर में है, जबकि उसकी ससुराल दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र में है। बताया जा रहा है कि महिला का अपने ससुराल पक्ष से लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है。 पूनम वाल्मीकि की शिकायत पर पुलिस द्वारा उसके ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। महिला का आरोप है कि वह लगातार अपनी शिकायत को लेकर पुलिस की जनसुनवाई में पहुंच रही थी, लेकिन उसे अपेक्षित सुनवाई नहीं मिल रही थी。 इसी के चलते मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान महिला ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है और महिला को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और जहरीले पदार्थ के सेवन की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
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बेंगलुरु के विक्नाना नगर में तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल सवार की मौत

Noida, Uttar Pradesh:बेंगलुरु में एक घातक हादसा जिसने लोगों को दहला दिया. घटना कल लगभग 10:00 बजे Vignana Nagar, Kagadasapura Main Road पर हुई. एक कार तेज़ रफ्तार से सड़क पर इंतजार कर रहे वाहनों में भिड़ गई. 33 वर्षीय Naveen मौके पर ही मृत्यु हो गई. टक्कर की तीव्रता से Naveen अपने बाइक से लगभग 50 फीट फेंके गए. Naveen को गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर मौत हो गई. Jeevan Bheemanagar ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. Jeevan Bheemanagar थाना ने 63 वर्षीय कार चालक को हिरासत में लिया है. Naveen एक कटिंग शॉप में काम करते थे. सुबह काम पर जाते समय कार ने उन्हें टक्कर मारी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई.
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यमुनानगर नगर पालिका-फायर कर्मचारी 20वें दिन भी हड़ताल, 26 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन का ऐलान

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रही। सरकार पर 13 मई के समझौते को लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद रादौर में कृषि मंत्री श्याम सिंह र Rana के आवास पर प्रदर्शन कर उनके पुत्र नेपाल R Rana को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नगर पालिका और फायर कर्मचारियों ने 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा है। मंगलवार को कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद रादौर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा को ज्ञापन सौंपकर आगामी विधानसभा सत्र में उनकी मांगों को उठाने की अपील की। कर्मचारी नेताओं के अनुसार 13 मई को 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें कर्मचारियों को पक्का करना, सफाई कर्मियों और सीवरमैन की नियमित भर्ती, ठेका प्रथा खत्म करना, शहीद फायर कर्मचारियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है। इसके अलावा जोखिम भत्ता और फायर कर्मचारियों के लिए नियमित नीति बनाने की मांग भी शामिल थी। कर्मचारियों ने मुंडा माजरा में वाल्मीकि समाज के बीच जनसभा कर समर्थन की अपील की। वहीं सर्व कर्मचारी संघ ने 26 अगस्त को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. बाइट – ललित कुमार, फायर ब्रिगेड कर्मचारी: “13 मई को सरकार के साथ हमारी 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ। हम सरकार से मांग करते हैं कि समझौते को तुरंत लागू किया जाए। 26 अगस्त को लघु सचिवालय पर बड़ा प्रदर्शन होगा। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।”
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मोहम्मदाबाद गोहना विद्युत पोल से पिकअप टकराया बड़ा हादसा टला

VKVasim KhanFollow6m ago
मुहम्मदाबाद गोहना। नगर के मुख्य बाजार में मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पिकअप की टक्कर से बिजली का खंभा क्षतिग्रस्त हो गया। तेज आवाज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खंभा फिलहाल केबल के सहारे रुका हुआ है। हादसा डॉक्टर जियाउद्दीन के करीब 10 मीटर आगे और रजिस्ट्री कार्यालय से पहले हुआ। व्यस्त बाजार होने के कारण स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से क्षतिग्रस्त खंभे को जल्द बदलने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका टाली जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि खंभा जल्द नहीं बदला गया तो बाजार में हादसे का खतरा बना रहेगा और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
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जालोर फैमिली कोर्ट ने तलाक रद्द कर एकतरफा डिक्री निरस्त कर दिया

Jaipur, Rajasthan:BJP की पूर्व विधायक का तलाक रद्दः 3 साल पहले दिए आदेश को कोर्ट ने एकतरफा माना; पति ने कहा- सोने की मणि नहीं चाहिए। जालोर की फैमिली कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल और भाजपा एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल के तलाक को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने करीब 3 साल पहले पारित एकतरफा तलाक की डिक्री को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अमृता मेघवाल को मामले में विधि अनुसार नोटिस की तामील नहीं हुई और उन्हें अपना पक्ष रखने का सही मौका नहीं मिला। आदेश के बाद बाबूलाल मेघवाल ने कहा- भले ही अमृता सोने की मणि हो, लेकिन अब मुझे यह मणि नहीं चाहिए। दरअसल, बाबूलाल मेघवाल ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत विवाह विच्छेद (तलाक) की याचिका 22 सितंबर 2022 को जालोर फैमिली कोर्ट में पेश की थी। अमृता को जयपुर के पुराने पते पर नोटिस भेजे गए, लेकिन मकान लंबे समय से बंद होने के कारण नोटिस कई बार लौट आए। इसके बाद समाचार पत्र में नोटिस प्रकाशित करवाकर तामील की कार्रवाई की गई। अमृता की ओर से बाद में कोर्ट में आवेदन देकर कहा गया कि वह उस पते पर रहती नहीं थीं और उन्हें तलाक की कार्यवाही की जानकारी ही नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने 13 जून 2023 को प्रकरण की नकल के लिए आवेदन किया और 5 जुलाई 2023 को एकतरफा डिक्री निरस्त करने का आवेदन पेश किया। कोर्ट ने माना- नोटिस तामील प्रक्रिया में कमी रही। कोर्ट के अनुसार, जिस पते पर नोटिस भेजे गए थे, वहां मकान बंद और ताला लगा मिला था। रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए नोटिस भी मकान बंद होने की टिप्पणी के साथ वापस आए। ऐसे में समाचार पत्र में प्रकाशित नोटिस के आधार पर की गई तामील को परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने माना कि अमृता मेघवाल को विधि के अनुरूप नोटिस नहीं मिला था। ऐसे में उन्हें अपना पक्ष रखने के अवसर से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने 7 जून 2023 की डिक्री भी निरस्त की। फैमिली कोर्ट के पीठासीन अधिकारी (आरजेएस) अमर वर्मा ने अमृता मेघवाल का आवेदन स्वीकार करते हुए 4 मई 2023 की एकतरफा कार्यवाही और 7 जून 2023 को पारित निर्णय एवं डिक्री को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने मामले को दोबारा दर्ज कर आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद करीब 3 साल पुराने तलाक केस में दोनों पक्षों को अब फिर से कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखने का मौका मिल सकेगा। अमृता मेघवाल की ओर से वकील संजय बोराणा और बाबूलाल मेघवाल की ओर से वकील सुरेंद्र कुमार दवे ने पैरवी की। बाबूलाल मेघवाल बोले- यह अंतिम फैसला नहीं है। अमृता का दावा है कि उन्हें पक्षकार नहीं बनाया गया, ऐसे में वह ऊपर की कोर्ट में पक्षकार बन सकती हैं, जहां कोर्ट के अनुसार उन्हें सुनवाई का मौका मिल सकेगा। मेरी बेटी उनके पास है, उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत लाएंगे। 2008 में हुई थी दोनों की शादी। अमृता मेघवाल की शादी जालोर जिले के नोरवा गांव हाल रामदेव कॉलोनी, जालोर निवासी एडवोकेट बाबूलाल मेघवाल पुत्र हेमाराम मेघवाल से 21 अप्रैल 2008 को हुई थी। अमृता चाणोद (पाली) की रहने वाली हैं। 21 जनवरी 2019 को दोनों के बीच इतना विवाद हुआ कि अलग रहने लगे। करीब 3 साल बाद बाबूलाल ने फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसके बाद कोर्ट ने 4 मई 2023 को बाबूलाल के पक्ष में फैसला दिया था।
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मथुरा के वात्सल्य ग्राम से सैनिकों के लिए 11 लाख राखियाँ भेजने की तैयारी

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा--, वृन्दावन स्तिथ वात्सल्य ग्राम में आज राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा का सुभारम्भ किया गया जहाँ पर संस्थापक और श्री राम मंदिर आंदोलन में एहम भूमिका निभाने बाले साध्वी रितम्भरा को यहाँ मथुरा सहित कई जिलों से आये स्कूल के छात्राओं के द्वारा सैनिको को भेजी जाने बाली राखियाँ भेंट की गईं क्यों की कल यहाँ से 11 लाख राखियाँ देश के बॉर्डर पर छात्राओं के साथ भेजी जाएगी जोकि रक्षाबंधन बंधन पर यही राखियाँ हजारों सैनिकों के हाथो पर बाँधी जाएगी क्यों की ये सैनिक देश की रक्षा में तैनात होने के कारण अपने परिवार और बहिनों के पास नहीं जा सकते तो उन्हें उनकी दूरी महसूस नहीं हो उसी लिए यहाँ वात्सल्य ग्राम की साध्वी दीदी माँ रितम्भरा का यही बिचार होता है की रक्षाबंधन पर हमारे किसी भी सैनिक का हाथ बिना राखी के ना रहे इसी लिए हमारी छात्राओं के द्वारा ये राखी सैनिको की कलाई पर सजाई जाएंगी. वहीँ छात्राओं के द्वारा देश भक्ति सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए.
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त्योहारी सीजन में लोकल प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें: धामी का वोकल फॉर लोकल संदेश

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सेक्रेटेरिएट में सशक्त बहना उत्सव के तहत सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) द्वारा लगाए गए स्टॉल्स से कई लोकल प्रोडक्ट्स खरीदे। इस मौके पर, मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से आने वाले त्योहारों के मौसम में लोकल प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के विजन को आगे बढ़ाने में योगदान देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के माध्यम से बनाए गए प्रोडक्ट्स राज्य की समृद्ध स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और कौशल को दर्शाते हैं। इन प्रोडक्ट्स को खरीदकर, लोग न केवल लोकल सामानों को बढ़ावा देते हैं बल्कि उनसे जुड़ी महिलाओं की आजीविका को मजबूत करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी योगदान देते हैं。 उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। राज्य के लोगों को त्योहारों के दौरान उपहार और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को खरीदते समय स्थानीय रूप से बने प्रोडक्ट्स को अधिकतम प्राथमिकता देनी चाहिए। स्थानीय रूप से निर्मित प्रोडक्ट की हर खरीद एक परिवार की आय बढ़ाने में मदद करती है, एक महिला के स्व-रोजगार को मजबूत करती है और राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में योगदान देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “वोकल फॉर लोकल” अभियान ने पूरे देश में लोकल प्रोडक्ट्स के प्रति नए सिरे से विश्वास पैदा किया है। राज्य सरकार महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स, लोकल कारीगरों और उद्यमियों द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स को बेहतर मार्केट के मौके देने के लिए भी लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस त्योहारों के मौसम में सभी को लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने चाहिए और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे “वोकल फॉर लोकल” को लोगों का आंदोलन बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकल प्रोडक्ट्स को अपनाने से आत्मनिर्भर उत्तराखंड और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प और मजबूत होगा。
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उत्तरपाड़ा के नशा मुक्ती केंद्र में आवासीय पर मारपीट, लोग बंद करने की मांग

Chinsurah, West Bengal:উত্তরপাড়ার ভদ্রকালীর একটি নেশা মুক্তি কেন্দ্রে আবাসিককে মারধোরের অভিযোগ। রাস্তায় ফেলে মারতে দেখে এলাকাবাসী জরো হয়ে যায়। নেশা মুক্তির নামে নেশা আশক্তির কেন্দ্রে পরিনত হয়েছে বলে অভিযোগ! অতিষ্ঠ এলাকাবাসীরা চাইছেন বন্ধ করে দেওয়া হোক এই কেন্দ্র。 উত্তরপাড়া পুরসভার ১৩ নম্বর ওয়ার্ড ভদ্রকালী এলাকায় একটি বেসরকারী নেশা মুক্তি কেন্দ্র রয়েছে। স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ প্রায়শই ঝামেলা হয় এই কেন্দ্রে।আবাসিকদের সঙ্গে রাত-বিরেতে ঝামেলায় টেকা দায়।এর আগে নানা ঘটনাও ঘটেছে。 সোমবার রাতে জাফর নামে এক আবাসিককে রাস্তায় ফেলে বেধরক মারধোর করা হয়।চিৎকার চেঁচামেচি শুনে আর সেই দৃশ্য দেখে স্থানীয়রা পুলিশে খবর দেন। উত্তরপাড়া থানার পুলিশ আসে। আহত যুবক চিকিৎসাকরান উত্তরপাড়া স্টেট জেনারেল হাসপাতালে। যুবকের অভিযোগ নেশা মুক্তি কেন্দ্রে নেশা চলে।বাইরে থেকে পাতা(হেরোইন) নিয়ে আসা হয়। তা থেকেই অশান্তি হয়। অন্যদিকে স্থানীয়দের দাবী,রাতে প্রচন্ড শব্দে টেকা দায় হয়。 মুক্তি কেন্দ্রের সামনে রাস্তায় ফেলে যে ভাবে মারা হচ্ছিল তা উচিত নয়। ওই যুবক নাকি ক্রিমিনাল।তাহলে তাকে চার বছর ধরে নেশা মুক্তি কেন্দ্রে রাখল কি করে? প্রশ্ন বাসিন্দাদের。 যুবক গাড়ি চালায় তাকে ড্রাইভার হিসেবে কাজে লাগানো হয়।এই নেশা মুক্তি কেন্দ্র কোনো ভাবেই চালাতে দেওয়া যায়না। পুলিশ ঘটনা খতিয়ে দেখছে。
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अनियंत्रित होकर नाले में जा घुसी तेज रफ्तार स्कूटी, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बाल-बाल बचा चालक

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Mau, Uttar Pradesh:स्लग - अनियंत्रित होकर नाले में जा घुसी तेज रफ्तार स्कूटी, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बाल-बाल बचा चालक प्रकाश पाण्डेय/मऊ मऊ जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र में अनियंत्रित रफ्तार का एक और मामला सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार स्कूटी बेकाबू होकर सीधे सड़क किनारे नाले में जा घुसी। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए रेस्क्यू शुरू किया और ग्रामीणों की मदद से स्कूटी पर सवार चालक और वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में स्कूटी सवार को केवल मामूली चोटें आईं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर मदद के कारण समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया।
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Hooghly की 64-वर्षीय काजली सरकार माँ की तलाश में बेटा हर जगह खोज रहा

Chinsurah, West Bengal:মাকে ফিরে পাওয়ার অপেক্ষায় পরিযায়ী শ্রমিক ছেলে, নিখোঁজ ৬৪ বছরের কাজলি সরকার মায়ের অপেক্ষায় দিন গুনছেন একমাত্র ছেলে। ঘুম নেই, কাজ নেই,আছে শুধু উৎকণ্ঠা আর একটাই প্রার্থনা, মা যেন ফিরে আসেন। গত মাসের ২৫ তারিখ থেকে নিখোঁজ হুগলির বলাগড়ের সোমরা কোড়লা এলাকার বাসিন্দা ৬৪ বছরের কাজলি সরকার। হুগলির গুপ্তিপাড়ার ফত্তেপুর মন্দির থেকে বোনের বাড়ির উদ্দেশে বেরিয়ে আর বাড়ি ফেরেননি তিনি। পরিবার সূত্রে জানা গেছে, কাজলিদেবীর বোন থাকেন গুপ্তিপাড়ায়। কাজলির ছেলের স্ত্রী ও সন্তানদের জ্বর হওয়ায় কয়েকদিন বোনের বাড়ি যান। প্রতিদিন বিকেলে বোনের সঙ্গে হাঁটতে বের হতেন। কিন্তু যেদিন তিনি নিখোঁজ হন, সেদিন বোন বাড়িতে প্লাস্টিকের ফুল তৈরি করছিলেন। কাজলিদেবী একাই হাঁটতে বেরিয়েছিলেন। মন্দিরের প্রসাদ নিয়ে বোনের বাড়ি ফিরে যাবার কথা ছিল। কিন্তু সেখানে তিনি যাননি, তারপর থেকেই তাঁর আর কোনও খোঁজ নেই। নিখোঁজের সময় তাঁর পরনে ছিল গেরুয়া রঙের শাড়ি ও ছাপা সাদা-হলুদ ব্লাউজ。 কাজলিদেবীর একমাত্র ছেলে সায়ন সরকার পেশায় পরিযায়ী শ্রমিক। মহারাষ্ট্র, চেন্নাই, মুম্বাইয়ে সেন্টারিংয়ের কাজ করেন। মায়ের নিখোঁজ হওয়ার খবর পেয়েই কাজ ফেলে ছুটে আসেন বাড়িতে। তারপর থেকে জেলা থেকে জেলায়, স্টেশন থেকে স্টেশনে মাকে খুঁজে বেড়াচ্ছেন。 সায়ন বলেন, ছোটবেলা থেকে মা ই আমাদের মানুষ করেছে। আমার মায়ের দুই সন্তান ।মাঠে কাজ করে বড় করেছে। ১২ বছর বয়স থেকে সংসার সামলাচ্ছি। মায়ের মাথার সমস্যা আছে। মায়ের নিখোঁজের ৩-৪ দিন পর বলাগড় থানায় নিখোঁজ ডায়েরি করেন সায়ন। পুলিশ তদন্ত শুরু করেছে。 এরপর নিজেই খোঁজ শুরু করেন। ১১ আগস্ট হাওড়া স্টেশনে নেমে খোঁজ করেন। তারপর নৈহাটি বড়মা মন্দির, ব্যান্ডেল, বর্ধমান, কাটোয়া, নবদ্বীপ, আজিমগঞ্জ সব জায়গায় গিয়েছেন। আরপিএফ, জিআরপিকেও জানিয়েছেন। নিজের সোশ্যাল মিডিয়া প্রোফাইলেও মায়ের ছবি দিয়ে পোস্ট করেছেন। কিন্তু এখনও Commission কোনো সন্ধান মেলেনি。 সায়ন বলেন ,আমার কোনো বড় চাওয়া নেই। যে মানুষটি আমাকে পৃথিবীতে এনেছেন, তাঁকে একবার আমার কাছে ফিরিয়ে দিন।একজন মা, যিনি সারাজীবন ছেলের ফেরার পথ চেয়ে বসে থাকতেন, আজ সেই ছেলেই মায়ের ফেরার পথ চেয়ে দিন কাটাচ্ছেন。 কাজলি সরকারের কোনো খোঁজ পেলে বলাগড় থানায় অথবা ছেলে সায়ন সরকারের সঙ্গে যোগাযোগ করার অনুরোধ জানিয়েছেন পরিবার。 হয়তো কোনও এক সন্ধ্যায় বেজে উঠবে সায়নের ফোন"তোমার মাকে পাওয়া গেছে।"
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