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Lalit SharmaLalit SharmaFollow12 Oct 2024, 03:11 am
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इंदौर ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती- बिल बढ़ोतरी पर कांग्रेस ने प्रदर्शन चेतावनी दी

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमितता को लेकर इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के नेतृत्व में देपालपुर विधानसभा के चारों ब्लॉक - देपालपुर, गौतमपुरा, बेटमा एवं हातोद के कांग्रेस कार्यकर्ता बेटमा नाके से हाथ में तख्तियां लेकर तहसीलदार कार्यालय पहुंचे तहसीलदार संगीता गोलियां और बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री के अभिषेक रंजन को ज्ञापन देकर बताया गया कि विगत कई दिनों से बिजली विभाग द्वारा दिन में मेंटेनेंस के नाम पर और रात में अघोषित रूप से कई घंटों तक बिजली कटौती की जा रही है। इससे किसान, छात्र और आम जनता बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि कर आमजन पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार, पोल, केबल एवं ट्रांसफार्मर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और बिजली सप्लाई बाधित हो रही है। इस ओर विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि हमारी प्रमुख मांगे अघोषित बिजली कटौती को तत्काल बंद कर निर्धारित समय-सारणी अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बिजली के बढ़े हुए दामों में कमी की जाए एवं फर्जी/गलत बिलों का निराकरण किया जाए।ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तार, पोल, केबल एवं ट्रांसफार्मरों का तत्काल सर्वे कर उन्हें बदला एवं दुरुस्त किया जाए। इंदौर दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष मोती सिंह पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उक्त मांगों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी पूरे विधानसभा क्षेत्र में "बिजली नहीं तो बिल नहीं" अभियान चलाएगी। साथ ही आगामी दिनों में बिजली विभाग का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। विपिन वानखेड़े ने प्रशासन को चेतावनी दी कि बिजली विभाग के अधिकारियों के घरों की लाइट कांग्रेस कार्यकर्ता रात में काटेंगे। इसकी समस्त जवाबदारी शासन-प्रशासन एवं बिजली विभाग की होगी。
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जिला न्यायालय के बाहर लव जिहाद मामला: बजरंग दल ने जोड़े को पकड़ा, पुलिस जांच शुरू

Jabalpur, Madhya Pradesh:जिला न्यायालय परिसर के बाहर लव जिहाद का मामला आया सामने, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोड़े को पकड़ा। जिला न्यायालय परिसर के भीतर गेट नंबर 3 के बाहर एक युवक और युवती के मिलने और कथित रूप से लव जिहाद से जुड़ा मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लड़की मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है जबकि लड़का भेड़ाघाट का निवासी बताया जा रहा है। आरोप है कि लड़की के माता-पिता की जानकारी के बिना उसे यहां लाकर रखा गया था और किसी परिचित के माध्यम से शादी कराने की साजिश रची जा रही थी। इस पूरी घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और संगठनों में भारी आक्रोश देखा गया। राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों को पकड़कर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हिंदू रीति-रिवाजों और सनातन संस्कृति के खिलाफ जाकर इस प्रकार के मामलों को अंजाम दिया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बजरंग दल की टीम ने लड़के और लड़की को अपनी गिरफ्त में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें ओमती पुलिस के हवाले कर दिया ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का पक्ष रखते हुए अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस बल को मौके पर सुरक्षा के लिए भेज दिया गया था ताकि किसी भी तरह का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। पुलिस अधिकारी के अनुसार, जिला न्यायालय गेट नंबर 3 के पास कुछ लोगों द्वारा कार्रवाई के दौरान विवाद की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। लड़के-लड़की को सुरक्षित थाने लाया गया है और इस मामले में आगे की कानूनी जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, जिसके तथ्य जल्द ही सामने आएंगे
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हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल सेक्स CD केस पर अंतरिम रोक लगाई; कार्रवाई रुकी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सेक्स CD कांड मामले में हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने इस मामले में CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह अंतरिम आदेश जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की अदालत ने जारी किया है।भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 24 जनवरी 2026 को CBI की विशेष अदालत द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी। विशेष अदालत ने अपने पूर्व के आरोपमुक्ति आदेश को रद्द करते हुए बघेल के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया था।याचिका में भूपेश बघेल की ओर से विशेष अदालत के उस आदेश पर आपत्ति जताई गई थी, जिसमें पहले दिए गए आरोपमुक्ति आदेश को निरस्त कर उनके खिलाफ मामले में आरोप तय करने की दिशा में कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था। अब हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। इससे फिलहाल बघेल के खिलाफ इस मामले में ट्रायल कोर्ट स्तर पर आगे की प्रक्रिया थम गई है।बता दें कि मामला वर्ष 2017 में तत्कालीन मंत्री एवं भाजपा विधायक राजेश मूणत की कथित रूप से अश्लील सीडी तैयार कर उसे प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने के आरोपों से जुड़ा है। जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने भूपेश बघेल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, जालसाजी, फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग तथा अश्लील सामग्री के प्रकाशन एवं प्रसारण जैसी धाराओं में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था।मामले में मार्च 2025 में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पर्याप्त प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला देते हुए भूपेश बघेल को डिस्चार्ज कर दिया था। हालांकि जनवरी 2026 में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने उस आदेश को पलटते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया, जिसके खिलाफ बघेल ने हाईकोर्ट का रुख किया।हाईकोर्ट में लगी याचिका की सुनवाई के दौरान बघेल ने तर्क दिया कि पुनरीक्षण अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर न केवल डिस्चार्ज आदेश को पलटा बल्कि आरोपों की प्रकृति भी बदल दी, जबकि ऐसा अधिकार केवल ट्रायल कोर्ट को उचित चरण पर ही प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य आरोप तय करने के लिए आवश्यक गंभीर संदेह का आधार भी नहीं बनाते। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की आगे की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है。
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ABVP के विरोध में पुलिस पर आरोप, जेसलमेर- अजमेर में भारी आक्रोश

Ajmer, Rajasthan:जेसलमेर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस पर दुर्भावना रखते हुए प्रहार करने का आरोप लगाते हुए अजमेर में भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया.. दोपहर बाद जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं और परिषद के पदाधिकारियों ने पुलिस को जमकर लड़े हाथों लिया.. कार्यकर्ताओं के साथ अपराधियों जैसे व्यवहार करने और उन्हें घंटों तक पुलिस थाने में बिठाने का आरोप लगा रहे प्रदर्शकारियों ने प्रदेश की सरकार से दोषी कर्मचारियों के निलंबन की मांग की.. गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने और राष्ट्र भक्तों को पुलिस थाने में बंद करने का आरोप लगाया..
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उदयपुर के दृष्टिबाधित छात्रों ने कलेक्ट्रेट बाहर छात्रावास के लिए जमीन आवंटन की मांग की

Udaipur, Rajasthan:छात्रावास के लिए जमीन आवंटी करने की मांग को लेकर उदयपुर के दृष्टिबाधित बच्चों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी मांग को लेकर जम कर नारेबाजी की और कलक्टर को ज्ञापन सौपा। प्रदर्शन कर रहे दृष्टिबाधित बच्चों का कहना है कि हॉस्टल नहीं होने के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बच्चे उच्च शिक्षा से भी वंचित हो रहे हैं। वर्तमान में वे नगर निगम के सामुदायिक भवन में रह कर पढ़ाई कर रहे हैं। जो भी खस्ताहाल हो रहा है। ऐसे में यूडीए उनके लिए जमीन चिन्हित करें जिससे वहां छात्रावास का निर्माण हो सके और उनकी समस्या खत्म हो.
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बलिया के दोहरीघाट पंप कैनाल में जाल से दो प्राचीन मूर्तियाँ मिलीं

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया जनपद के उभार थाना क्षेत्र के जाहिदपुर गांव के पास दोहरीघाट पंप कैनाल में मछली पकड़ रहे एक युवक के जाल में दो प्राचीन मूर्तियाँ मिलीं। प्राचीन मूर्तियों के मिलने की खबर मिलते ही आसपास के गांव के लोग इकट्ठा हो गए। मूर्तियों को देखने आए लोगों ने विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना भी किया। दोनों मूर्तियाँ काफी भारी बताई जा रही हैं; एक बाल गोपाल जी की और दूसरी हनुमान जी बताई जा रही है। मौके पर पहुंची उभार थाना पुलिस ने मूर्तियों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये मूर्तियाँ कैसे पंप कैनाल में पहुंचीं और ये कहां की हैं।
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अरुआ गांव के गड्ढे से डूबकर 7 वर्षीय बालक की मौत; ठेकेदार-PWD पर आरोप

Dholpur, Rajasthan:अरुआ गांव में गड्ढे में डूबने से 7 साल के बालक की मौत, 5 घंटे बाद मिला शव, परिजनों ने ठेकेदार पर लगाया लापरवाही का आरोप बाड़ी उपखंड के कंचनपुर थाना क्षेत्र के अरुआ गांव में बुधवार को सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक सुशांत गुरु पूर्णिमा पर भंडारा खाकर घर लौट रहा था। परिजनों ने करीब 5 घंटे तक उसकी तलाश की। बुधवार रात 10 बजे गड्ढे में उसकी चप्पल तैरती मिली। गड्ढे से शव निकालकर परिजन उसे बाड़ी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को कंचनपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 6 महीने पहले खोदा गया गड्ढा काम खत्म होने के बाद नहीं भरा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। *भंडारे से लौटते समय हुआ हादसा* कंचनपुर थाना क्षेत्र के अरुआ गांव निवासी दिनेश पुत्र तेजसिंह कुशवाहा ने बताया कि उनके भाई श्रीभगवान का 7 वर्षीय पुत्र सुशांत बुधवार को गुरु पूर्णिमा के दिन गांव के सिद्ध बाबा मंदिर पर भंडारा खाने गया था। वहां से अकेला करीब 4 बजे घर लौट रहा था। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की。 *5 घंटे तलाश के बाद गड्ढे में मिला शव* परिजनों ने करीब 5 घंटे तक गांव और आसपास क्षेत्र में बच्चे को ढूंढा। रात 10 बजे सड़क किनारे गड्ढे में भरे पानी में बच्चे की चप्पल तैरती दिखाई दी। शक होने पर जब गड्ढे में उतरकर देखा तो सुशांत पानी में डूबा मिला। उसे रात 11 बजे बाड़ी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। *पोस्टमार्टम के बाद सौंपा शव* गुरुवार को कंचनपुर पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में मृतक सुशांत के शव का पोस्टमार्टम कराया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। *परिजनों ने ठेकेदार और PWD पर लगाया आरोप* मृतक के चाचा दिनेश कुशवाहा और ग्रामीणों ने बताया कि 6 महीने पहले गांव में सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के माध्यम से संवेदक ने कार्य शुरू किया था। मिक्सर प्लांट के लिए सड़क किनारे गड्ढा खोदा गया था। उनका आरोप है कि कार्य समाप्ति के बाद गड्ढे को नहीं भरा गया। अब बारिश से उसमें पानी भर गया और इसी में बालक डूब गया। *गांव में आक्रोश, कार्रवाई की मांग* घटना के बाद गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और विभाग की लापरवाही से मासूम की जान गई है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे खुले गड्ढों को तुरंत भरा जाए ताकि भविष्य में कोई और हादसा न हो। *पुलिस कर रही जांच* कंचनपुर थाना पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग दर्ज कर जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों के आधार पर संबंधित विभाग से भी जानकारी ली जाएगी। बाइट 1 परिजन
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जयपुर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 11 हस्तियों को गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट टीम ने जवाहर नगर थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर के संचालक सलमान सहित कुल 11 युवक-युवतियों को डिटेन किया गया। मौके से 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कॉल सेंटर पिछले 2 से 3 वर्षों से संचालित हो रहा था। आरोपियों द्वारा राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लोगों से संपर्क कर उन्हें ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके बदले पीड़ितों से 40 हजार से 70 हजार रुपये तक की रकम वसूली जाती थी।जांच के दौरान कई पीड़ितों से संपर्क किया गया, जिन्होंने बताया कि पैसे लेने के बावजूद उन्हें न तो कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई और न ही रोजगार मिला।इतना ही नहीं, बाद में आरोपियों द्वारा उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जाते थे।छापेमारी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड के विश्लेषण में करीब 4 हजार लोगों का डाटा मिला है। पुलिस को आशंका है कि इन लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की गई हो सकती है। सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।पुलिस के अनुसार, साइबर फ्रॉड के लिए स्थापित समन्वय पोर्टल पर इस नेटवर्क से संबंधित 3 शिकायतें और 15 संदिग्ध वित्तीय ट्रांजेक्शन भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।फिलहाल पुलिस सभी डिटेन किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है।
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कोटा में 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत, वीडियो बनाते समय फंदे से लटकना

Kota, Rajasthan:मां काम पर गई, भाई ट्यूशन... पीछे से 17 वर्षीय छात्रा की फंदे से लटकने से मौत वीडियो बनाने के दौरान हादसा होने की आशंका, कोटा के महावीर नगर क्षेत्र में मातम; पुलिस जांच में जुटी कोटा। शहर के महावीर नगर थाना क्षेत्र स्थित रंग विहार इलाके में बुधवार शाम एक 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकने के कारण मौत हो गई। घटना के वक्त किशोरी घर में अकेली थी। उसकी मां मजदूरी पर गई हुई थी, जबकि छोटा भाई ट्यूशन पढ़ने गया था。 शाम करीब 7 बजे जब भाई ट्यूशन से घर लौटा, तो उसने बहन को फंदे से लटका देख परिजनों और पड़ोसियों को सूचना दी। आनन-फानन में किशोरी को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया。 मूल रूप से बिहार का रहने वाला यह परिवार पिछले कई वर्षों से कोटा में रह रहा है। किशोरी 12वीं कक्षा की छात्रा थी और उसने दो-तीन दिन पहले ही सप्लीमेंट्री की परीक्षा दी थी। पिता का निधन पहले ही हो चुका है और मां मजदूरी कर घर चलाती है。 परिजनों ने आशंका जताई है कि घटना के समय किशोरी मोबाइल से वीडियो बना रही थी, जिस दौरान दुर्घटनावश फंदा गले में कस गया। महावीर नगर थाने के एएसआई रामहेत ने बताया कि पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है और मोबाइल व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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डोटासरा के बयान पर घमासान: कृषि घोटाला, नारको टेस्ट की मांग

Jaipur, Rajasthan:कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का बयान कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को लेकर दिया बयान ये सरकार भगवान भरोसे चल रही है ACB कह रही है कि संगठित भ्र्ष्टाचार चल रहा है Kirodilal अपनी खाल बचा रहे है मुझे बदनाम करके मेरा ओपन काम है, अगर मैंने पेपर लीक किया है तो मैं जेल में होना चाहिए था, लेकिन बाहर हूं कृषि विभाग में है 500 करोड़ रूपये का घोटाला एक IPS ने किया था इनको (किरोड़ीलाल ) को फ़ोन कि नाम आ गया है, गिरफ़्तार करेंगे, तब इन्होने जाकर मैनेज किया किसी को टॉर्चर करने के लिए, बदनाम करने के लिए अपना पाप छुपाने के लिए दूसरे की तरफ अगर उंगली करते हो तो जनता सब समझती है पांच साल में भी गोविन्द सिंह डोटासरा इनसे नहीं पकड़ा गया तो थू है इनके ऊपर इसका मतलब मैं सही हूं ईमानदार हूं,मैंने कोई पेपर लीक नहीं किया एक नारको टेस्ट होता है वो करवा लो, मेरा पेपर लीक का और इनका (किरोड़ी ) का क़ृषि वाला दोनों कोर्ट में लिखकर दे देते है नारको टेस्ट के लिए, पता लग जाएगा कौन किससे मिला हुआ है बाईट - गोविन्द सिंह डोटासरा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
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कश्मीर में आवास-पर्यटन boom: जंगल गायब, कंक्रीट के जंगल खतरे में

Chaka, चीड़ और चिनार के पेड़ों का स्वर्ग, कश्मीर तेज़ी से कंक्रीट जंगल में बदल रहा है—जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी, तो बड़ी पर्यावरणीय तबाही दूर नहीं है。 कभी घने चीड़ के जंगलों और ऊंचे चिनार के पेड़ों की ठंडी छांव के लिए धरती का स्वर्ग माने जाने वाले कश्मीर को अब कंक्रीट के एक विशाल जंगल में बदला जा रहा है。 पर्यावरणविद् चेतावनी दे रहे हैं कि अगर अधिकारियों ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो घाटी एक बड़ी पर्यावरणीय आपदा की ओर तेज़ी से बढ़ रही है。 कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बेरोकटोक निर्माण ने विशेषज्ञों के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। उनका कहना है कि होटलों, होमस्टे और कमर्शियल इमारतों का तेज़ी से विस्तार पर्यावरण के लिए विनाशकारी नतीजे ला सकता है。 पहलगाम, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे हिल स्टेशन के साथ-साथ गुरेज़ और दूधपथरी जैसी अछूती जगहों पर भी हाल के वर्षों में कंक्रीट की इमारतों का बेतहाशा निर्माण हुआ है। पर्यावरणविदों का कहना है कि इन संवेदनशील पर्यावरणीय इलाकों में बिना नियम-कानून के विकास से आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय आपदा का खतरा है。 यह चेतावनी और भी अहम हो जाती है क्योंकि खुद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने माना है कि घाटी के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर पिछले छह वर्षों में बने लगभग 90 प्रतिशत होटल अवैध हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान हर साल औसतन 833 होटल बनाए गए, जिनमें से ज़्यादातर के पास मंज़ूरी नहीं थी。 पहलगाम और सोनमर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित जगहों में शामिल हैं, जहां बड़े पैमाने पर कमर्शियल निर्माण ने वहां के नज़ारे को पूरी तरह बदल दिया है। यह निर्माण कार्य गुरेज़ जैसे दूर-दराज़ इलाकों तक भी पहुँच गया है, जहाँ होटल और होमस्टे धीरे-धीरे प्राकृतिक सुंदरता वाली जगहों की जगह ले रहे हैं। मध्य कश्मीर के बडगाम ज़िले में दूधपथरी, जो हाल के वर्षों में ही एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के तौर पर उभरा है, वहाँ भी निर्माण कार्य में तेज़ी देखी जा रही है。 पर्यावरणविदों ने चिंता जताते हुए कहते हैं कि पर्यटन और अन्य कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण सुरक्षा के उपायों के विकास से कहीं ज़्यादा तेज़ी से हुआ है। बढ़ते पर्यटकों की संख्या के कारण कचरा प्रबंधन सिस्टम, जल संसाधन, सड़कें और दूसरी ज़रूरी सेवाएँ दबाव में हैं। कई जगहों पर पर्यटकों की संख्या पर कोई असरदार रोक नहीं है। जानकारों का कहना है कि अगर सस्टेनेबल टूरिज़्म (टिकाऊ पर्यटन) को बढ़ावा देना है, तो हर जगह की पर्यावरण की क्षमता के हिसाब से पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करना होगा。 जाने-माने पर्यावरणविद् एजाज़ रसूल ने कहा, "हमारे जंगलों पर असर पड़ा है—पिछले दशक में हमने अपने जंगल का लगभग 10% हिस्सा खो दिया है। हालाँकि हमारे पास अभी भी काफी जंगल हैं, लेकिन संरक्षण और पेड़ लगाने की कोशिशें उस रफ़्तार से नहीं हो पाई हैं। आज काटे गए पेड़ को दोबारा उगने में लगभग 20 साल लगते हैं, इसलिए काटे गए हर पेड़ की जगह कई और पेड़ लगाए जाने चाहिए। पर्यटन के बढ़ते दबाव के कारण जंगल वाले इलाकों में गैर-कानूनी निर्माण भी हुआ है, जिसमें गेस्ट हाउस, होटल और झोपड़ियाँ पर्यावरण के लिहाज़ से संवेदनशील ज़मीन पर कब्ज़ा कर रही हैं। ज़मीन के इस्तेमाल में इस तरह के बदलाव ऊपरी मिट्टी को अस्थिर करते हैं, कटाव बढ़ाते हैं और नदियों व उनकी सहायक नदियों को रोकते हैं। कश्मीर पर्यावरण के लिहाज़ से एक नाज़ुक इलाका है और इसके प्राकृतिक संतुलन में किसी भी तरह की गड़बड़ी के गंभीर नतीजे होते हैं। हम पहले ही जलवायु परिवर्तन के असर देख रहे हैं। बादल फटने की घटनाएँ, जो कभी-कभार होती थीं और ज़्यादातर ऊँचे इलाकों तक सीमित थीं, अब कश्मीर और जम्मू दोनों जगहों पर बहुत ज़्यादा और तेज़ी से हो रहीं हैं," जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर निर्माण से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, ज़मीन के इस्तेमाल की असरदार प्लानिंग नहीं की गई और पर्यावरण की क्षमता का वैज्ञानिक आकलन नहीं किया गया, तो यह इंसानी लालच क Kashmir के खूबसूरत नज़रों को हमेशा के लिए दफ़न कर देगी।
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श्रावण मेला: देवघर में कांवरियों की पावन यात्रा और सुविधाओं का दावा

Deoghar, Jharkhand:देवघर। एंकर। सावन महीने के पहले दिन के साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर लाखों कांवरियों का देवघर की ओर आगमन शुरू हो गया है। श्रद्धालु करीब 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं।कांवरिया पथ पर सुबह से ही शिवभक्तों का जत्था लगातार आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। पूरे मार्ग पर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से वातावरण शिवमय हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कांवरिया पथ पर मखमली बालू बिछाई गई है। इसके अलावा पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा, शौचालय, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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राष्ट्रीय सम्मान के अपमान रोकथाम बिल पारित, मनोज झा ने केंद्र पर सवाल उठाए

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: MANOJ JHA ON THE PREVENTION OF INSULTS TO NATIONAL HONOUR (AMENDMENT) BILL, 2026’ PASSED IN LOK SABHA/SESSION/RAHUL GANDHI दिल्ली। लोकसभा में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित होने पर RJD सांसद मनोज झा ने कहा, "इन्होंने (केंद्र सरकार) देश में बांटने के अलावा किया क्या है? इन्होंने नेहरू-सुभाष कर लिया, नेहरू-पटेल कर लिया। अब वंदे मातरम बनाम जन-गण-मन। ये लोग बांटने के उस्ताद हैं कि कैसे बांट सकते हो समाज को... इसमें (आंदोलन में) अगर कोई सज्जाद होता मंच पर प्रमुख तो वहां भी बांटते। इनके पास कुछ और है? ही नहीं। यही खेती करते हैं और इसी की फसल काटते हैं मगर अब इस खेती के लिए खाद नहीं मिल रही है。"
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