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Lalit SharmaLalit SharmaFollow27 Sept 2024, 06:48 am
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एक ही शॉट में उम्दा प्रदर्शन: चाय बागान के बच्चों का नृत्य-गान वायरल

ABArup BasakJust now
Mal Bazar, West Bengal:ওয়ান শটে ভিডিও তৈরি করে উমা আবাহনে মাতল নাগরাকাটা ব্লকের চা বাগান ও বনবস্তির ঘাসমারি ও কাঠালধূড়ার খুদে পড়ুয়ারা। সামাজিক যোগাযোগ মাধ্যমে ইতিমধ্যেই ভাইরাল হয়েছে তাদের সেই নাচ-গানের ভিডিও। পড়ুয়ারা যে স্কুলে পড়াশোনা করে, সেই ঘাসমারি স্টেট প্ল্যান প্রাথমিক বিদ্যালয়ের উদ্যোগে সমবেতভাবে নাচ-গানে পুজোর আনন্দে মেতে ওঠে ছাত্রছাত্রীরা। আয়োজনে আড়ম্বর না থাকলেও গোটা কর্মসূচিটি ছিল সৃজনশীলতায় ভরপুর। বিশেষ বিষয় হল, এই পরিবেশনার জন্য আলাদা করে কোনও প্রশিক্ষণেরও ব্যবস্থা করা হয়নি। স্কুলের শিক্ষিকা জয়িতা দত্ত, রিন্তু নন্দী, মিলি শৈব ও সারিকা কার্জির কথায়, যেমন ভাবা, তেমন কাজ। পড়ুয়াদের উৎসাহ ছিল চোখে পড়ার মতো। নিজেদের উদ্যোগ ও স্বতঃস্ফূর্ত অংশগ্রহণের মধ্য দিয়েই তারা এই পরিবেশনাকে অনন্য করে তুলেছে। এর আগেও এই স্কুলের ছাত্রছাত্রীরা একাধিক অনবদ্য পরিবেশনা উপহার দিয়েছে। এবারও তাদের সৃজনশীল উদ্যোগ ও সাবলীল পরিবেশনা নজর কেড়েছে সকলের।
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रगड़ा सर्वजनिन दुर्गापूजा में शांति और समृद्धि का संदेश, 78वां वर्ष

Jhargram, West Bengal:সাদা-গেরুয়ার মেলবন্ধনে শান্তি ও সম্প্রীতির বার্তা, ৭৮তম বর্ষে রগড়া সার্বজনীন দুর্গাপুজো শারদোৎসবের আবহে ঐতিহ্য, শিল্পকলা ও সম্প্রীতির বার্তা নিয়ে সেজে উঠেছে সাঁকারাইল ব্লকের রগড়া সার্বজনীন দুর্গাপুজো মণ্ডপ। এ বছর ৭৮তম বর্ষে পদার্পণ করেছে এই পুজো। দীর্ঘদিনের ঐতিহ্যকে সঙ্গে নিয়ে প্রতি বছরের মতো এবারও পুজোকে কেন্দ্র করে উৎসবের আনন্দে মেতে উঠেছেন এলাকার মানুষজন। সাদা ও গেরুয়া রঙের অপূর্ব মেলবন্ধনে তৈরি পুজো মণ্ডপের মধ্য দিয়ে তুলে ধরা হয়েছে শান্তি ও সম্প্রীতির বার্তা। মণ্ডপসজ্জায় রয়েছে নান্দনিকতার ছোঁয়া, পাশাপাশি প্রতিমার মধ্যেও ফুটে উঠেছে স্থাপত্যশৈলী ও ঐতিহ্যের অনন্য প্রকাশ। বিভিন্ন শিল্পকর্মের মাধ্যমে মণ্ডপকে আকর্ষণীয় করে তোলা হয়েছে, যা দর্শনার্থীদের বিশেষভাবে নজর কাড়ছে। এই পুজোর অন্যতম আকর্ষণ হল পুজোকে ঘিরে একাধিক গ্রামের মানুষের মিলন। রগড়া-সহ আশপাশের প্রায় ৮ থেকে ১০টি গ্রাম মানুষের পুজো মণ্ডপে এসে প্রতিমা দর্শন করেন এবং পুষ্পাঞ্জলিতে অংশ নেন। পুজোকে কেন্দ্র করে একদিকে যেমন ধর্মীয় আবেগের প্রকাশ ঘটে, অন্যদিকে তেমনই গড়ে ওঠে সামাজিক সম্প্রীতি ও পারস্পরিক মেলবন্ধনের পরিবেশ। পঞ্চমী থেকে একাদশী পর্যন্ত বিভিন্ন সাংস্কৃতিক অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়। এই অনুষ্ঠানগুলিকে ঘিরে স্থানীয় শিল্পী ও সংস্কৃতিপ্রেমীদের মধ্যে উৎসাহ দেখা যায়। সব মিলিয়ে ৭৮ বছরের ঐতিহ্যকে পাথেয় করে রগড়া সার্বজনীন দুর্গাপুজো আজও area's মানুষের আবেগ, সংস্কৃতি ও মিলনোৎসবের অন্যতম কেন্দ্র হয়ে উঠে。
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बिहार: नाव दुर्घटना पर कठोर कार्रवाई की मांग, राजनीति नहीं, जिम्मेदारों के खिलाफ

Patna, Bihar:बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने नाव दुर्घटना पर बड़ा बयान दिया है。 उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस पूरे मामले में कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और राजनीति नहीं होने चाहिए यह बहुत बड़ी घटना है और जो लोग जिम्मेदार हैं । उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए । विधान परिषद चुनाव में सभी दलों के द्वारा ताकत झोंक जाने और अपने ही दलों में विवाद पर उन्होंने यही कहा कि कुछ नहीं हम लोग घटक दल के साथ हैं एनडीए के 8 उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे कौन कहां किसका प्रचार कर रहा है कोई फर्क नहीं पड़ता है। पूरी जिम्मेदारी के साथ घटक दल के लोग चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
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रतलाम-उज्जैन सीमा पर चामुंडा माता मंदिर इतिहास-आस्था का केंद्र

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम-उज्जैन सीमा से लगा गजनीखेड़ी गांव… जहां आज भी इतिहास, आस्था और रहस्य एक साथ दिखाई देते हैं। यहां स्थित प्राचीन मां चामुंडा माता मंदिर को करीब 1400 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर के बाहर बने दो शेरों की आकृतियां जिन्हे अशोक स्तम्भ के रूप में माना जाता है और मंदिर पर पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी, उस दौर की अद्भुत शिल्पकला की कहानी कहती हैं। मंदिर के समीप बनी दो छत्रियां, राजघराने की रानियों की समाधियों से जुड़ी बताई जाती हैं, जबकि परिसर में संतों की समाधियां भी मौजूद हैं। मान्यता है कि महमूद गजनवी के आक्रमण के दौरान उसकी सेना ने मंदिर को खंडित करने का प्रयास किया था। लेकिन गजनवी की सेना मंदिर मे प्रवेश नहीं कर सकी थी, और मौ चामुंडा की प्रतिमा आज भी सुरक्षित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, मेहमूद गजनवी की सेना इस क्षेत्र में काफी समय रुकी रही थी इसी घटना से गांव का नाम गजनीखेड़ी पड़ा। इस आक्रमण में ध्वस्त हुए कुछ अवशेष भी यहाँ आज उस आक्रमण का इतिहास के साक्षी हैं। कहा जाता है कि मां चामुंडा यहाँ दिन में तीन अलग-अलग रूपों में दर्शन देती हैं। वहीं यहां विराजित दुर्लभ गणेश प्रतिमा की विशेषता है कि उनके तिलक और जनेऊ नाग के आकार के हैं और ऊपर शेषनाग की छत्रछाया है। रतलाम और आसपास के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गजनीखेड़ी चामुंडा माता अपनी मन्नत लेकर आते हैं शारदीय नवरात्र में हजारों यात्री निमाड़ क्षेत्र से यहां आते हैं तथा तीन दिन तक रुककर पूजन-अर्चन करते हैं।
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वारली चित्रकला से सजे कळसुबाई मंदिर में नवरात्रि की रंगत

Shirdi, Maharashtra:महाराष्ट्रातील सर्वोच्च कळसुबाई शिखरावरील कळसुबाई मंदिराला नवरात्री निमित्ताने, आदिवासी वारली चित्रकलेची आकर्षक सजावट करण्यात आली आहे.. प्रसिद्ध वारली चित्रकार रमेश साबळे आणि पूजा साबळे यांनी आदिवासी संस्कृती, परंपरा, तारपा नृत्य, होळीचा सण आणि निसर्गदेवतेची चित्रे साकारली आली आहेत. शिखरावरील मंदिरात घटस्थापना करण्यात आली असून, परिसरात सौरदिवाही बसवण्यात आला आहे.. शिखरावर येणाऱ्या भाविकांनी स्वच्छता राखावी आणि सोबत आणलेला कचरा तसेच पाण्याच्या बाटल्या खाली घेऊन याव्यात, असे आवाहन जहागीरदारवाडीच्या ग्रामस्थांनी केले आहे..
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रामरेखा धाम में विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष का दर्शन-पूजन, प्रेम-एकता की नई पहल

Simdega, Jharkhand:सिमडेगा: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामरेखा धाम में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार पहुंचे। उन्होंने पवित्र गुफा में भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण जी एवं शिवलिंग का दर्शन-पूजन कर विश्व शांति और सामाजिक सद्भाव की कामना की। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मलीन रामरेखा बाबा एवं देवराहा बाबा के दर्शन भी किए。 धाम के संरक्षक कौशल राज सिंह देव ने अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर आलोक कुमार ने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज में आपसी प्रेम, एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने गांव-गांव तक भगवान श्रीराम के आदर्शों को पहुंचाने पर भी जोर दिया。
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