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Lalit SharmaLalit SharmaFollow27 Sept 2024, 06:48 am
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अंबाला कैंट समेत मंडल के स्टेशनों पर AVM लगने से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी

Ambala, Haryana:एंकर :-- अंबाला रेल मंडल यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार नई सुविधाएं शुरू कर रहा है। इसी कड़ी में अब अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन समेत मंडल के कई स्टेशनों पर ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन यानी AVM लगाई जा रही हैं। इन मशीनों के जरिए यात्री बिना लंबी कतार में लगे और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के अपनी जरूरत का सामान आसानी से खरीद सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से यात्रियों का समय बचेगा और स्टेशन पर खरीदारी का अनुभव भी ज्यादा सुविधाजनक होगा। वीओ :-- अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीनों की शुरुआत की जा रही है। एयरपोर्ट की तर्ज पर अब रेलवे स्टेशन पर भी यात्री मशीन के जरिए जरूरत का सामान आसानी से खरीद सकेंगे। डिजिटल भुगतान की सुविधा के चलते खुले पैसे रखने की परेशानी भी कम होगी। अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह ने बताया कि रेलवे का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को अधिक से अधिक आधुनिक और सुविधाजनक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि AVM लगाने के लिए रेलवे की ओर से ऑक्शन प्रक्रिया करवाई गई थी। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर फिलहाल पांच ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीनें लगाने की प्रक्रिया की गई है। इसके अलावा मंडल के तीन से चार अन्य स्टेशनों पर भी ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीनों के लिए ऑक्शन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वहां मशीनें लगाने का काम किया जा रहा है। रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को मशीनों के माध्यम से अच्छी गुणवत्ता और निर्धारित मात्रा में सामान मिले और किसी भी तरह की ठगी की शिकायत न आए। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों को बेहतर खान-पान और अच्छे ब्रांड का सामान उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही एग्जीक्यूटिव लाउंज, रिटायरिंग रूम समेत अन्य यात्री सुविधाओं को भी बेहतर बनाने का काम जारी है। रेलवे का दावा है कि आने वाले दिनों में यात्रियों को कई और नई सुविधाएं देखने को मिलेंगी। बाइट :-- यशनजीत सिंह वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला रेल मंडल। विओ :-- वहीं, रेलवे स्टेशन पर ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन की सुविधा मिलने से यात्री भी खुश नजर आए। यात्रियों का कहना है कि मशीन के जरिए जरूरत का सामान आसानी से खरीदा जा सकता है। दुकानों पर लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती और डिजिटल पेमेंट की सुविधा के कारण नकदी और खुले पैसे रखने की परेशानी भी कम हुई है। यात्रियों ने रेलवे की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी आधुनिक सुविधाओं से न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि यात्रा के दौरान जरूरी सामान भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। यात्रियों ने रेलवे से भविष्य में स्टेशन पर इसी तरह की और सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। बाइट :-- 1 से 3 यात्री
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करौली के मदन मोहन मंदिर में नंदोत्सव की धूम, प्रसादी-छाक लुटाने की परंपरा जारी

Karauli, Rajasthan:जन्माष्टमी के बाद मदन मोहनजी मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन, जिला करौली एंकर इंट्रो - लघु बृज के नाम से विख्यात करौली में जन-जन के आराध्य और क्षेत्र के प्रसिद्ध मदन मोहन मन्दिर, गोपालजी मंदिर, गोविंद देवजी, नवल बिहारी मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन किया गया। कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन शनिवार को शहर के आराध्य मदनमोहन मंदिर में राजभोग आरती के बाद कृष्ण जन्म बधाई स्वरूप छाक लुटाने की परंपरा चली आ रही है। करौली में नंदोत्सव को दचका दौंद के नाम से भी जाना जाता है। जिसका निर्वहन परंपरा अनुसार किया गया। इस अवसर पर नन्द बाबा बने पूर्व राजपरिवार के सदस्य और मंदिर सोल ट्रस्टी के पुत्र युवराज विवस्वत पाल एवं मन्दिर के गुसाई ने भगवान का प्रसाद भक्तो को बधाई के उपहार स्वरूप लुटाया। इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में पहुंचे भक्तों में भगवान की प्रसादी लूटने की होड मच गई। जिसके परिणाम स्वरूप प्रसादी पाने के लिए कई भक्तों को एक दूसरे में मान मनुहार कर प्रसादी लेते हुये भी देखा गया। छाक में भगवान की प्रसादी, रूपये, पैसे, मौसमी फल, सब्जियां भक्तों पर लुटाये जाने की पंरपरा है। शहर के लगभग सभी कृष्ण मंदिरों में आज भी परंपरा का निर्वहन करतें आ रहे है। छाक के तुरंत बाद पर रंग मिश्रित हल्दी, दही और पानी की बौछार भक्तों पर की जाती हैं। जिसमें सभी कृष्ण भक्त भीगने का आंनद लेते है और इसी रंग में भीगतें हुयें प्रसादी लूटतें है। जिसे लाला की छीछी भी कहा जाता है।
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दिल्ली बस स्टैंड के पास इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी चोरी, CCTV से आरोपी की तलाश जारी

Baghpat, Uttar Pradesh:दिल्ली बस स्टैंड के पास दुकान से सामान खरीदने गए कोताना रोड निवासी थाम्बा चौधरी ब्रजपाल के बेटे की इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी चोरी हो गई। चोरी घटना पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर स्कूटी बरामद करने की मांग की है। थाम्बा चौधरी ब्रजपाल के बेटे आकाश के अनुसार, वह दिल्ली बस स्टैंड के पास एक दुकान से सामान खरीदने गया था। उसने अपनी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी दुकान के बाहर खड़ी कर दी। कुछ देर बाद सामान लेकर बाहर आया तो स्कूटी गायब थी। आसपास तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। बाद में पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई, जिसमें एक व्यक्ति स्कूटी चोरी कर ले जाता दिखाई दे रहा है। पीड़ित ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर स्कूटी बरामद करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।
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कानपुर में पांडु नदी का कहर: हजारों घर पानी में डूबे

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर पांडु नदी का कहर -हजारों घर बाढ़ की जद में -पांडु नदी का जलस्तर बढ़ा 9 फिट पानी मे घर डूबे एंकर-कानपुर में पांडू नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई इलाकों बिहारी पुरवा, मेहरबान सिंह का पुरवा , विधनू के पिपौरी इलाके में करीब हजारों घर नदी के पानी की चपेट में आ गए हैं। घरों के बाहर लगभग 8 से 9 फीट पानी भर गया है लोग घरों पर ताला बंद करके पलायन कर चुके हैं कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के यहाँ कुछ अपने मित्रों के यहां शिफ्ट हो गए हालत यह हो चुके है। कि लोगों का जीना मोहाल हो गया है। इलाकाई लोगों का आरोप है कि बाढ़ की वजह से घर का सारा सामान खराब हो गया है राशन से लेकर कई इलेक्ट्रॉनिक चीज बर्बाद हो गई है घर पर ताला बंद कर लोग ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट तो है लेकिन खाने को भी मोहताज है ऐसे में ना कोई जन प्रतिनिधि यहां पर देखने आ रहा है और ना कोई प्रशासन का टीम लोगों को उम्मीद है प्रशासन या जन प्रतिनिधियों की तरफ से यहां राशन की व्यवस्था की जाए या भोजन के पैकेट ताकि लोग अपना गुजारा कर सकें。
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जालौन में वृद्ध दंपति घर डकैती: 4 बदमाश लूटकर फरार, पुलिस जांच शुरू

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी के घर डकैती की वारदात, आधी रात हथियारबंद 4 बदमाशों ने रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी के घर बोला धावा, घर में घुसे हथियारबंद बदमाशों ने दंपति को घर में बंधक बनाकर लूटे जेवरात व कैश, तमंचे की नोंक पर दंपति से मारपीट और बंधक बनाकर जेवरात लूटकर फरार हुए बदमाश, बुजुर्ग दंपत्ति के हाथ-पैर बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूसकर डकैती की वारादात को दिया अंजाम, बुजुर्ग महिला के पहने हुए जेवरात तक लूटकर ले गए बदमाश, घर में रखे करीब 2 लाख रुपए कैश समेत सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हुए बदमाश, दंपति को जान से मारने की धमकी देकर हाथ-पैर बंधे हुए छोड़कर भागे बदमाश, घटना के समय घर में अकेले थे दंपत्ति, दोनों बेटे रहते हैं उरई में, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस डकैती की वारदात की जांच पड़ताल में जुटी, जालौन के कोनच कोतवाली क्षेत्र के सिमिरिया गांव का मामला, बाइट:- विशाल बाबू-- बुजुर्ग का नाती बाइट:- अतुल कुमार--प्रधान प्रतिनिधि बाइट:- दुर्गा प्रसाद--बुजुर्ग का पुत्र
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डोमती बस स्टैंड के पास यूट्यूब से सट्टा खिलाने वाला रवि चेलक गिरफ्तार

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां डोमती बस स्टैंड के पास यूट्यूब चैनल बनाकर से सट्टा चलाने और खिलाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है आरोपी का नाम रवि चेलक है जो की दुमरडीह का ही रहने वाला है. दरअसल दुर्ग पुलिस को सूचना मिली कि डुमरडीह में रवि चेलक नामक युवक मोबाइल से यूट्यूब में सट्टा के वीडियो अपलोड करते हुए सट्टा खिलाता है जिसके बाद मौके पर उतई थाने की टीम पहुंची और फौरन रवि चालक से पूछताछ की गई पहले तो रवि ने पुलिस को गुमराह किया लेकिन जब पुलिस ने सख्ती बरती और उसका मोबाइल जप्त कर जांच की गई तो अंशु मटका नाम का यूट्यूब चैनल सामने आया जहां सट्टे से जुड़े तमाम वीडियो रवि के यूट्यूब हैंडल से अपलोड थे इतना ही नहीं पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह सट्टा खिलाने का भी काम करता है इसके बाद पुलिस ने रवि चेलक को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल को भी जप्त कर लिया है फिलहाल उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है.
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घुघरा वाटरफॉल में बड़ा हादसा टला: सेल्फी के चक्कर में जान बची

Mandla, Madhya Pradesh:घुघरा वाटरफॉल में बड़ा हादसा टला घुघरा वाटरफॉल में सेल्फी का जुनून एक युवक की जान पर भारी पड़ने वाला था...झरने के करीब चट्टान पर फोटो खिंचवा रहे युवक का अचानक पैर फिसल गया..लेकिन गनीमत रही कि साथी ने वक्त रहते उसका हाथ पकड़ लिया और उसकी जान बच गई。 लगातार बारिश के बाद मंडला के घुघरा वाटरफॉल का नजारा बेहद खूबसूरत है... यही वजह है कि यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। लेकिन खूबसूरत नजारा देखने के चक्कर में कुछ पर्यटक सुरक्षा को दरकिनार कर झरने के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। वायरल वीडियो में दो युवक चट्टान पर खड़े होकर फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं... तभी अचानक एक युवक का पैर फिसल जाता है। साथ खड़े युवक ने तुरंत उसे पकड़ लिया... और देखते ही देखते बड़ा हादसा टल गया । घुघरा वाटरफॉल की चट्टानों पर काई जमने से फिसलन बनी हुई है और झरने के पास सुरक्षा रेलिंग भी नहीं है। ऐसे में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि झरने से सुरक्षित दूरी बनाए रखें...क्योंकि एक सेल्फी के लिए जिंदगी को दांव पर लगाना समझदारी नहीं.
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कुरुक्षेत्र जेल में इलाज के दौरान हवालाती फरार, पुलिस जुटी जांच

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में सतेंद्र नाम के व्यक्ति को 1तारик को गांव ईस्सरगढ़ से बुजुर्ग माता के कानों से बालिया झपट कर भागा युवक को गांव वालो ने शाहाबाद तक पीछा कर किया था काबू। जिला जेल प्रशासन ने इस हवालाती को इलाज के लिए करवाया था lnjp अस्पताल में दाखिल लेकिन रात को पुलिस चकमा देकर ग हुआ फरार पुलिस जुटी जांच में कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र जेल प्रशासन द्वारा इलाज के लिए एल.एन.जे.पी अस्पताल में दाखिल हवालाती शुक्रवार देर रात गच्चा देकर हुआ फरार मचा हड़कंप, शाहबाद उपमण्डल में आरोपी सतेंद्र पर ईस्सरगढ़ से बुजुर्ग माता के कानों से बालिया झपटने के आरोप में किया था काबू, जिला जेल प्रशासन ने इस हवालाती को इलाज के लिए करवाया था lnjp अस्पताल में दाखिल लेकिन गत रात आरोपी पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार पुलिस जांच में जुटी
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उज्जैन महाकाल की सवारी: पटाखे-धारदार हथियार पर रोक, डीजे डेसिबल सीमा तय

Ujjain, Madhya Pradesh:पटाखे और धारदार हथियारों पर रोक, DJ की आवाज भी तय डेसिबल में रखने के निर्देश उज्जैन। बाबा महाकाल की आगामी राजसी सवारी को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सवारी को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए भजन मंडलियों के सदस्यों, पुलिस प्रशासन और महाकाल मंदिर समिति के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई。 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईस्ट आलोक कुमार शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में सवारी के रूट, भजन मंडलियों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ कहा कि सवारी के दौरान रूट पूरी तरह क्लियर रखा जाए और सभी भजन मंडलियां तय समय पर अपनी जगह पर पहुंचें। एक मंडली में 50 से ज्यादा सदस्य शामिल नहीं हो सकेंगे। इसका मकसद सवारी मार्ग पर भीड़ का दबाव कम रखना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखना है। सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई है। पटाखे, कपूर या किसी भी तरह का ज्वलनशील पदार्थ साथ रखने और इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी। वहीं धारदार हथियारों का प्रदर्शन भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भजन मंडलियों के DJ और साउंड सिस्टम की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा में रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने सभी मंडलियों से अपील की है कि वे तय रूट और समय का पालन करें और पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर सवारी को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करें। बैठक में एडीएम सत्येंद्र सिंह गुर्जर, महाकाल मंदिर के उप प्रशासक एस.एन. सोनी और मूलचंद जूनवाल सहित पुलिस एवं मंदिर समिति के अधिकारी मौजूद रहे。
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सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद ढहाने पर ओवैसी ने कहा: मजहबी आज़ादी खतरे में

Noida, Uttar Pradesh:सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद मस्जिद को आज सुबह 5 बजे ढहा दिया गया। क्या मुसलमानों के लिए अब मज़हबी आज़ादी का संवैधानिक हक़ भी नहीं बचा है? हमारी इबादतगाहों पर बार-बार कमज़ोर और मनगढ़ंत वजहों के नाम पर बुलडोज़र क्यों चलाया जाता है? मस्जिद कमेटी ने 1911 के दस्तावेज़ अदालत में पेश करके यह साबित करने की कोशिश की कि यह मस्जिद कलेक्ट्रेट से पहले से मौजूद थी। एक सदी से भी ज़्यादा वक़्त से वहाँ लगातार नमाज़ होती रही है। यानी यह कोई आज खड़ी कर दी गई इमारत नहीं है, बल्कि लंबे अरसे से एक इबादतगाह के तौर पर इस्तेमाल होती रही है। यही वक़्फ़ बाय यूज़र की बुनियाद है, जिसे क़ानून में भी मान्यता मिली है। और Limitation Act का भी यही उसूल है कि हुकूमत किसी ज़मीन पर एक सदी से ज़्यादा पुरानी, खुलेआम और लगातार चली आ रही क़ब्ज़ेदारी को अचानक नज़रअंदाज़ करके एक दिन उठे और कहे कि अब यह ज़मीन हमारी है। जब एक सदी से ज़्यादा अरसे से खुला और लगातार क़ब्ज़ा रहा है, तो रियासत यह कैसे मान सकती है कि क़ब्ज़ा कल से शुरू हुआ था? हुकूमत की दलील को मान भी लें, तो इतने लंबे अरसे की क़ब्ज़ेदारी के बाद adverse possession का सवाल तो उठेगा ही। मस्जिद पहले थी, कलेक्ट्रेट बाद में आया। कुछ लोगों को शायद मस्ज़िद दिख जाने पर भी तकलीफ़ होती है। लेकिन यह उनका मसला है, हमारा नहीं। नज़र फेरनी है तो फेर लो। लेकिन अपनी खुन्नस मिटाने के लिए हमारी मस्जिद पर बुलडोज़र नहीं चला सकते। मेरी मज़हबी आज़ादी आपकी रहम-ओ-करम पर मुबनी नहीं है।
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दिव्यांग शिक्षक अंजय सूर्यवंशी की नि:शुल्क शिक्षा से बच्चों को मिला रास्ता

Darogapara, Chhattisgarh:शिक्षक का नाम सुनते ही मन में सम्मान का भाव पैदा होता है। लेकिन अगर कोई शिक्षक खुद दिव्यांग होने के बावजूद रोजाना दर्जनों बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटा हो, तो उसकी कहानी सिर्फ शिक्षक की नहीं, बल्कि हौसले और जज्बे की कहानी बन जाती है। 5 सितंबर शिक्षक दिवस के मौके पर हम आपको रायगढ़ के रहने वाले अंजय कुमार सूर्यवंशी की ऐसी ही कहानी बता रहे हैं। अंजय कुमार दिव्यांग होने के कारण चल-फिर नहीं सकते, लेकिन उनकी इच्छाशक्ति इतनी मजबूत है कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर शासकीय शिक्षक का पद हासिल किया। करीब 20 साल पहले जब अंजय Kumar प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तब आर्थिक स्थिति उनके सामने बड़ी चुनौती थी। वह रायगढ़ के अबरार हुसैन के पास PSC की कोचिंग के लिए जाते थे। उनकी लगन और पढ़ाई के प्रति समर्पण को देखते हुए अबरार हुसैन ने उनकी कोचिंग फीस माफ कर दी। अंजय ने पूरी मेहनत के साथ तैयारी की। हालांकि वह उस नौकरी को हासिल नहीं कर सके, जिसकी उन्हें उम्मीद थी, लेकिन बाद में उनका शासकीय शिक्षक के रूप में चयन हो गया। सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी अंजय कुमार के मन में एक बात हमेशा बनी रही जो बच्चे महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते, उनका क्या? इसी सोच ने करीब 12-14 साल पहले उनके घर को ही एक छोटी सी लाइब्रेरी और पाठशाला में बदल दिया। शुरूआत में कुछ बच्चे आए और धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती चली गई। आज उनके घर पर रोजाना करीब 40 से 50 बच्चे पढ़ने पहुंचते हैं। यहां 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों के साथ PSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा भी पढ़ते हैं। अंजय कुमार के पढ़ाए हुए करीब 30 विद्यार्थी आज अलग-अलग सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। कोई पटवारी बना, कोई शिक्षक, कोई राजस्व विभाग में पहुँचा तो कोई सेना और मेडिकल क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा है। बच्चों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे महंगे कोचिंग संस्थानों में नहीं पढ़ सकते, लेकिन अंजय सर के घर पर उन्हें बिना किसी फीस के बेहतर मार्गदर्शन और पढ़ाई का माहौल मिलता है। अंजय कुमार सूर्यवंशी की कहानी यह साबित करती है कि दिव्यांगता किसी इंसान के सपनों और दूसरों के सपनों को उड़ान देने की क्षमता को नहीं रोक सकती। जहाँ आज शिक्षा कई लोगों के लिए महंगी होती जा रही है, वहीं रायगढ़ का यह शिक्षक पिछले कई वर्षों से बिना फीस लिए बच्चों के भविष्य की नींव मजबूत कर रहा है। शिक्षक दिवस पर ऐसे गुरु को सलाम, जो खुद मुश्किलों से लड़कर निकला और अब दूसरों के सपनों की राह आसान कर रहा है।
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हाईटेंशन लाइन विवाद में केंद्र सरकार पर 10 हजार जुर्माना, अगली सुनवाई 8 अक्टूबर

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। बिलासपुर जिले के गांवों से गुजर रही हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों से खेतों में विद्युत प्रभाव और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की कमेटी की रिपोर्ट लगातार लंबित रहने पर केंद्र सरकार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना ठोंका है। कोर्ट ने साफ कहा है, अब रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कोई और समय नहीं दिया जाएगा। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2026 की तिथि भी तय कर दी है। इसी दिन कमेटी की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर उपलब्ध रहना अनिवार्य किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर-रतनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के करीब आठ से 10 गांवों में खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों से ग्रामीणों को हो रही परेशानियों का उल्लेख था। रिपोर्ट के अनुसार इन गांवों में बड़ी संख्या में बिजली के टावर लगे हैं और इनके बीच से 400 से 800 केवी तक की बिजली लाइन गुजरती है। ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में विद्युत प्रभाव महसूस होने और खेतों में काम करने में परेशानी की शिकायत की थी। खबर में यह भी बताया गया था कि कुछ ग्रामीण सुरक्षा के लिए गमबूट पहनकर खेतों में जाने को मजबूर हैं और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित होने का दावा किया गया। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 जुलाई 2024 को केंद्र सरकार के मुख्य विद्युत निरीक्षक, संबंधित प्राधिकरण को प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि संबंधित कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे स्थित कृषि भूमि के मालिकों को किसी प्रकार की असुविधा या कठिनाई न हो। तकनीकी रूप से यह जांच करने को कहा गया था कि बिजली की लाइनों से किसी प्रकार का पिलफरेज या इंडक्शन प्रभाव तो नहीं हो रहा है। यदि कोई समस्या मिलती है तो उसके समाधान के लिए आवश्यक उपाय बताने कहा था। निरीक्षण, संबंधित बिजली कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया जाना था। पावर ग्रिड और जबलपुर ट्रांसमिशन कंपनी की लाइनें मामले में पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ लिमिटेड को पक्षकार बनाया गया। कोर्ट के समक्ष केंद्रीय इंडिया लिमिटेड और जबलपुर ट्रांसमिशन कारपोरेशन प्राधिकरण की रिपोर्ट में बताया गया कि बिलासपुर जिले के अमटारा, कछार, लोफंदी, मोहतराई, लछनपुर, नवागांव, मदनपुर और भरारी गांवों से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं।
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