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इंदौर में वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख की की गई धोखाधड़ी
Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में क्राइम ब्रांच ने पिछले कुछ महीनों में डिजिटल अरेस्ट के 26 मामले रजिस्टर्ड किए हैं, जिसमें कुल 2 करोड़ 22 लाख रुपए की ठगी हुई है। अब तक 60 लाख रुपए की रिकवरी की जा चुकी है और फरियादियों को कोर्ट के माध्यम से वापस किए गए हैं। हाल ही में एक वृद्ध महिला से 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत आई है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने ठग के बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है और 3 लाख रुपए की रिकवरी भी की है।
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झुंझुनूं बजावा में एफएसटीपी प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं बजावा में एफएसटीपी प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण पहुंचे झुंझुनूं कलेक्टरेट जिला कलेक्टर को सौंपा विरोध ज्ञापन स्कूल, खेल मैदान और गोरखनाथ मंदिर के पास प्लांट लगाने का विरोध ग्रामीण बोले- गांव में नहीं बनने देंगे एफएसटीपी प्लांट मांग नहीं मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी झुंझुनूं जिले के पिलानी क्षेत्र के ग्राम बजावा में प्रस्तावित एफएसटीपी के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए भूमि आवंटन आदेश निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि मण्ड्रेला नगरपालिका द्वारा ग्राम बजावा के खसरा नंबर 843/559 की भूमि पर एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि यह स्थान आबादी क्षेत्र, स्कूल, खेल मैदान और धार्मिक स्थल के बेहद नजदीक है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट बनने से क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और धार्मिक आस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। पूर्व पंचायत समिति सदस्य नरेंद्र पूनियां ने बताया कि इससे पहले भी ग्रामीण प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं। गांव में लोकतांत्रिक तरीके से जनमत संग्रह करवाया गया, जिसमें एक भी ग्रामीण ने प्लांट के पक्ष में वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत भविष्य में इस प्लांट के लिए कोई एनओसी जारी नहीं करेगी। ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित स्थल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से करीब 100 मीटर, खेल मैदान से लगभग 50 मीटर और ऐतिहासिक गोरख धाम मंदिर से करीब 80 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा काटली नदी का बहाव क्षेत्र भी पास में होने से भूमिगत जल स्रोतों के दूषित होने का खतरा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्लांट तक पहुंचने के लिए कोई स्वीकृत सार्वजनिक रास्ता भी उपलब्ध नहीं है।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों कहा कि गांव में किसी भी कीमत पर एफएसटीपी प्लांट नहीं बनने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से जनहित, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामसभा के निर्णय का सम्मान करते हुए भूमि आरक्षण आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे。0
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एमडीएम भोजन से 33 बच्चे बीमार: आखिर क्या हुआ स्कूल कैला में?
Pariaunna, Bihar:एमडीएम के भोजन करने से करीब 33 बच्चे हुए बीमार, बच्चे ने खाया था चावल और चने की सब्जी। बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा में कराया जा रहा इलाज, नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कैला का मामला।0
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गोरखपुर: पत्नी के विवाद पर युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, दो घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
Gorakhpur, Uttar Pradesh:20-05-2026 स्थान: गोरखपुर。 स्लग: गोरखपुर में पत्नी से विवाद के बाद मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक,दो घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा。 एंकर: गोरखपुर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पत्नी से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब दो घंटे तक गांव में हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। युवक को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और मौके पर पुलिस पहुंची। काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा गया। घटना बेलघाट थाना क्षेत्र के रापतपुर करमातर टोले की है。 वीओ-: बताया जा रहा है कि बेलघाट थाना क्षेत्र के रापतपुर करमातर टोला निवासी रवि का किसी बात को लेकर अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। विवाद के बाद नाराज युवक गांव के पास लगे मोबाइल के ऊंचे टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।और फिर देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई。 वीओ-: घटना की सूचना मिलते ही बेलघाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक युवक को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान युवक टावर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने को तैयार नहीं था। पुलिस ने युवक को हर संभव मदद और समस्या के समाधान का भरोसा दिया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक नीचे उतरने के लिए राजी हुआ。 वीओ- युवक के सकुशल नीचे उतरते ही पुलिस और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों के मुताबिक बेलघाट क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है। करीब दस दिन पहले भी एक युवक बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया था, जिसे पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया था。 फिलहाल पुलिस युवक से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं पारिवारिक विवादों के बढ़ते तनाव और लोगों की मानसिक परेशानियों की ओर भी इशारा कर रही है।0
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कुलदीप यादव वृंदावन पहुंचे, बांके बिहारी के दरबार में पूजा-आर्चना
Mathura, Uttar Pradesh:कुलदीप यादव पत्नी वंशिका के साथ वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने फूल बंगला में विराजमान भगवान बांके बिहारी के दर्शन और पूजा-अर्चना की।0
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औरैया में तेज रफ्तार बुलेरो ने बाइक सवार महिला की मौत, ड्राइवर फरार
Auraiya, Uttar Pradesh:यूपी के औरैया में तेज रफ्तार का कहर, तेज रफ्तार बुलेरो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, बाइक सवार महिला की मौत, दो लोग हुए गम्भीर घायल, वही बुलेरो चालक व उसमें सवार लोग गाड़ी को मौके पर ही छोड़ हुये फरार, सरकारी विभाग में लगी बतायी जा रही बुलेरो, घायलों को मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती, घटना से आक्रोशित लोगों ने औरैया दिबियापुर रोड पर जाम लगया, सूचना पर औरैया SDM सहित कई थानों की फोर्स पहुँची, जिला प्रशासन ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया, जनपद के औरैया- दिबियापुर मार्ग कंचौसी मोड़ की घटना0
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फल मिलावट का डर: आम-केला हर मौसम बाजार में, क्या सच में सुरक्षित फल?
Singrauli, Madhya Pradesh:2.30 PM फलों में केमिकल मिलावट को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। आम लोगों का कहना है कि जो फल सीजन से पहले बाजार में पहुंच जाते हैं, उन्हें केमिकल डालकर पकाया जाता है। खासकर केला और आम को कृत्रिम तरीके से पकाने और लंबे समय तक ताजा रखने के लिए दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। लोगों का कहना है कि आज हर मौसम में आम उपलब्ध होना और केले का लंबे समय तक पूरी तरह पीला व खराब न होना मिलावट की ओर इशारा करता है। आम, केला, संतरा, चीकू समेत ज्यादातर फलों में केमिकल इस्तेमाल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद मजबूरी में लोग इन्हीं फलों को खरीदकर खा रहे हैं, क्योंकि बाजार में आसानी से शुद्ध और ऑर्गेनिक फल उपलब्ध नहीं हैं。 बाइट आम लोगों की0
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रेबरेली में बहुजन स्वाभिमान सभा, राहुल LIVE
Noida, Uttar Pradesh:Bahujan Swabhimaan Sabha, Raebareli, Uttar Pradesh0
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Essel Group के 100 साल पूरे, अरुण साव ने दी बधाई और प्रशंसायें
Begun, Rajasthan:देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल Essel Group के 100 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने समूह को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि एस्सल ग्रुप कई क्षेत्रों में बहुआयामी काम कर रहा है और डॉ सुभाष चंद्रा के मार्गदर्शन में एंटरटेनमेंट सेक्टर में भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि समूह के 100 वर्ष पूरे होना एक बड़ी उपलब्धि है और इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।0
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गोपालगंज में विवाह इंकार के बाद प्रेमिका टॉवर पर चढ़ी, शादी की मांग
Gopalganj, Bihar:गोपालगंज में प्रेमी के शादी से इंकार के बाद प्रेमिका अपने प्रेमी के गांव आकर मोबाइल के टावर पर चढ़ गई। घंटों से परिजन व पुलिस लड़की को मनाने में जुटे हैं, वही लड़की टॉवर से नीचे उतरने का नाम नहीं ले रही। घटना मांझा थाना क्षेत्र के बाजार की है, जहाँ बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के गोरौली निवासी सिंधु कुमारी मांझा बाजार में मोबाईल के टावर पर चढ़कर घंटों से बैठी है। सिंधु कुमारी मांझा थाना क्षेत्र निवासी दिनेश पटेल के बेटे अमरजीत कुमार से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है, लेकिन लड़का शादी के लिए तैयार नहीं है। मामला महिला थाना पहुँचा, पंचायत हुई; लड़के ने शादी से इंकार कर दिया। अब नाराज सिंधु कुमारी अपने प्रेमी अमरजीत कुमार के गांव पहुँच गई और मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई; प्रेमी से अभी शादी करानी की मांग कर रही है। पुलिस व लड़के के परिजन लड़की को समझाने में जुटे हैं। वही लड़की अबतक टॉवर से नीचे नहीं उतरी है0
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फलों में मिलावट का सच: प्राकृतिक पके फल कैसे पहचानें और केमिकल से कैसे बचें
Morena, Madhya Pradesh:बाजार में मिलने वाले फलों को लेकर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल है—क्या जो फल हम खा रहे हैं, वो प्राकृतिक तरीके से पके हैं? या फिर केमिकल से तैयार किए गए हैं? खासकर आम, केला और पपीता जैसे फलों को जल्दी पकाने के लिए केमिकल इस्तेमाल होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में सवाल ये हैं? कि आम लोग खुद को केमिकल वाले फलों से कैसे बचाएं और फल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? आइए जानते हैं? लोगों की राय… आम लोगों से सवाल: आजकल फलों में मिलावट और केमिकल से पकाने की बातें सामने आती रहती हैं, क्या आपको इसकी चिंता रहती है? आप फल खरीदते समय कौन-कौन सी चीजें देखते हैं? रंग, खुशबू, दाम या दुकानदार पर भरोसा? आपके अनुसार केमिकल से पके फल और प्राकृतिक तरीके से पके फल में क्या फर्क होता है? पहचान कैसे करते हैं? क्या आप बहुत ज्यादा चमकदार या एक जैसे दिखने वाले फलों से बचते हैं? क्यों? क्या आपने कभी ऐसा फल खरीदा जो अंदर से खराब या बेस्वाद निकला हो? तब आपने क्या किया? आपके हिसाब से लोगों को केमिकल वाले फलों से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए? बाजार में फलों की बढ़ती मांग के बीच मिलावट और केमिकल से पकाने की आशंका भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो फल खरीदते समय रंग, खुशबू, बनावट और ताजगी पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, फलों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि सेहत पर किसी तरह का खतरा न हो।0
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कराहल में महिला हत्या से दहशत, इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ी
Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर के कराहल में महिला की गला रेतकर हत्या, इलाके में सनसनी रात में कुंदी खुलवाकर महिला का कत्ल, पुलिस जांच में जुटी श्योपुर के कराहल में दिल दहला देने वाली वारदात गुर्जर मोहल्ला में महिला की निर्मम हत्या से दहशत कराहल में लगातार हमलों से सहमे लोग, 6 दिन में दूसरी बड़ी वारदात घर में घुसकर महिला की हत्या, फॉरेंसिक टीम करेगी खुलासा कराहल में खूनी खेल! पहले युवक पर हमला, अब महिला की हत्या देर रात घर में घुसे बदमाश, महिला का गला रेतकर फरार श्योपुर में महिला हत्याकांड से सनसनी, कई राज दफन होने की आशंका कराहल की गुर्जर बस्ती में बढ़ता खौफ, लगातार हो रही वारदातें0
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शामली केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सोपा
Mundetkalan, Uttar Pradesh:शामली केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सोपा ज्ञापन शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट पहुंचे दर्जनों मेडिकल स्टोर संचालकों ने ऑनलाइन दवा बिक्री को अवैध करार देते हुए और इससे जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे का हवाला देते हुए देश के प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जहां प्रदर्शन के दौरान मैडिकलस्टोर संचालकों द्बारा अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर विरोध प्रकट किय गया। आपको बता दे बुधवार को शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में दर्जनों मैडिकल स्टोर संचालक कलैक्टैट पहुंचे। जहा उन्होने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ शौष प्रकट करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम जिलाधिकारी आलौक यादब को एक तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपा। जहां संगठन के जिलाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि काफी लंबे समय से लगातार सरकार से आगर्य के जाने के बावजूद भी इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते दवा विक्रेताओं द्वारा आज ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध स्वरूप सांकेतिक हड़ताल रखी गई है. जिसमें जिले के तमाम दवा विक्रेताओं ने इस विरोध में अपने भागीदारी सुनिश्चित की है। दबा विक्रेताओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन दवा की बिक्री फर्जी प्रिसक्रिप्शन बिना चिकित्सक के परामर्श के घर घर अत्यधिक छूट की दवाओ का वितरण मरीजों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए बडा खतरा है. और देश के लाखों लाइसेंस धारक दवा व्यापारियों के अस्ति पर भी संकट उत्पन्न कर रहा है। दवा व्यापारियों का कहना है कि ड्रग्स एवं कॉस्मेटिस्स एक्ट 1940,एव अधिनियम 1945 में आनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नही होने के बाबजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाई की बिक्री कर रही है। वर्ष 2018 में जनमन आमंत्रित करने हेतु जारी अधिसूचना GSR 817(E) अब अप्रासंगिक एवम निरर्थक हो चुकी है। जिसकी आवश्यकता केवल आपातकालीन में थी. वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में इसकी कोई आवश्यकता ना होने के बावजूद भी इसका दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं क्विक कॉमिक्स कंपनियां अनियंत्रित होम डिलीवरी हेतु किया जा रहा है। जिसके चलते दवा विक्रेताओं द्वारा यह हड़ताल करते हुए मांग की गई है कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रोटक्शन के दवा की बिक्री एवं होम डिलीवरी पूर्णतया प्रतिबंध की जाए, GSR 817 (E) एवं GSR 220 (E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए. और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अत्यधिक छूट एवं प्रिडटरी प्रिंसिग निति पर रोक लगाई जाए. साथ ही दवा विक्रेताओं द्वारा जल्दी उनकी मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।0
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उर्वरक संकट से किसान परेशान, गहलोत ने केंद्र पर जिम्मेदारी माँगी
Jaipur, Rajasthan:जयपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान कहा - आने वाले समय में होने वाला सबसे बड़ा संकट यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का आ रहा है। भारत अधिकांश उर्वरकों का आयात करता है, जो अभी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जब उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य होती थी, तब भी किसान लाइनों में लगने के लिए मजबूर होते थे। अब इस कमी से तो स्थिति भयावह होगी। ये सरकार की जिम्मेदारी है कि उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करे।0
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बिलासपुर के वनदेवी मंदिर में भक्त पाँच पत्थर चढ़ाकर मनोकामना पूरी होते हैं
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऐसे कई मंदिर हैं, जिसकी मान्यता काफी खास है। बिलासपुर में भी देवी का एक अनोखा मंदिर है, जहां माता को नारियल, फूल, पूजा सामग्री का चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि यहां प्रसाद के रूप में कंकड़ व पत्थर का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। इस अनोखी परंपरा का पालन सदियों से किया जा रहा है। खमतराई बगदाई मंदिर में वनदेवी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वनदेवी के दरबार में मन्नत पूरी होने के लिए चढ़ावे के रूप में पांच पत्थर चढ़ाया जाता है। भारत में हिन्दू धर्म के अनेकों मंदिर हैं। सभी मंदिर किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित होते हैं। देवी या देवता को प्रसन्न करने के लिए कुछ मंदिर का अपना एक अलग तरीका भी होता है। जैसे किसी मंदिर में अलग तरीके से आरती की जाती है या देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष भेंट या उपहार चढ़ाए जाते हैं। तो कुछ देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग लगाए जाते हैं। खासकर देवी मां के मंदिरों में मां को प्रसन्न करने के लिए लाल चुनरी या वस्त्र, श्रृंगार का सामान और हलवे पूरी का भोग लगाया जाता है। लेकिन देवी मां का एक अनोखा मंदिर है जहां ये सब चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता है, बल्कि यहां मां को चढ़ावे में पत्थर चढ़ाए जाने की परंपरा है। ये अनोखा मंदिर है वनदेवी मंदिर। ये मंदिर देवी मां को समर्पित है और यहां भक्तजन देवी मां को प्रसन्न करने के लिए फल या फूल नहीं बल्कि पत्थर चढ़ाते हैं। देवी मां का ये प्रसिद्ध और अनोखा मंदिर, छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर शहर के पास खमतराई क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर में देवी मां को बाकी मंदिरों की तरह फल, फूल और मिठाई का भोग नहीं लगता है। यहां चढ़ावे के रूप में वनदेवी को केवल पत्थर ही चढ़ाए जाते हैं। यहां मुख्य तौर पर देवी को एक विशेष प्रकार के पत्थर चढ़ाए जाते हैं। इसको लेकर मंदिर के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि वनदेवी को एक विशेष प्रकार के पत्थर प्रिय होते हैं जो खेतों में पाए जाते हैं, इन पत्थरों को गोटा पत्थर कहा जाता है। वनदेवी को पत्थर चढ़ाने के पीछे मान्यता है कि यहां आकर देवी मां को 5 पत्थर चढ़ाने के बाद भक्तजन जो भी मनोकामना मांगते हैं, देवी मां की कृपा से वे सब मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस कारण दूर दूर से लोग यहां देवी मां के दर्शन करने और अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए इस मंदिर में आते हैं और देवी मां को 5 पत्थर चढ़ाकर मन्नत मांगते हैं।0
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डूंगरपुर के दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल
Dungarpur, Rajasthan:ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में डूंगरपुर के दवा विक्रेताओं का हल्लाबोल, एक दिवसीय हड़ताल से ठप रहे मेडिकल स्टोर एंकर इंट्रो - आज डूंगरपुर जिले के समस्त केमिस्ट एवं दवा विक्रेता लामबंद नजर आए। डूंगरपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस के आह्वान पर जिले भर में एक दिवसीय हड़ताल रखी गई, जिससे स्थानीय दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही。 बॉडी - जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की। दवा विक्रेताओं ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से अवैध रूप से दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे न केवल छोटे केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद कंपनियां धड़ल्ले से व्यापार कर रही हैं। बिना किसी वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'प्रेडेटरी प्राइसिंग' और अत्यधिक छूट के जरिए स्थानीय छोटे दवा विक्रेताओं के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देशभर के लाखों केमिस्ट आज असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने कोरोना जैसी महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित की थी, लेकिन आज सरकार की अनदेखी के कारण हमारा व्यापार संकट में है। यदि इन अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।" इधर प्रदर्शन के बाद दवा विक्रेताओं ने कलेक्टर को पीएम व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को रोकने, बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर रोक लगाने सहित अन्य मांगे की है。 बाइट - वीपी जैन पदाधिकारी डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस0
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