icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
461223
Shashank MishraShashank MishraFollow14 Sept 2024, 12:01 pm

सिवनी मालवा में डोल ग्यारस पर प्रशासन ने की तैयारियों का निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश

Seoni Malwa, Madhya Pradesh:

सिवनी मालवा नगर में डोल ग्यारस के मौके पर प्रशासन ने तैयारियों का निरीक्षण पूरा कर लिया है। शाम से विभिन्न समाजों के डोल निकलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिनकी पूजा-अर्चना महिलाएं करेंगी और देर रात तक विसर्जन किया जाएगा। इस सिलसिले में एसडीएम सरोज परिहार, तहसीलदार राकेश खजूरिया, एसडीओपी राजू रजक, थाना प्रभारी उषा मरावी, और सीएमओ शीतल भलावी ने शक्ति घाट और धोबी घाट का निरीक्षण किया। तहसीलदार ने नगर पालिका के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि रात से पहले सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement

मत्स्य विभाग की ऑनलाइन नीलामी पर बहस: बोली प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने

Jaipur, Rajasthan:मत्स्य पालन से जुड़ी 'विवादित' नीलामी! - मत्स्य विभाग के ऑनलाइन नीलामी सिस्टम पर सवाल, मत्स्य पालकों को नहीं दिया नीलामी प्रशिक्षण - निविदा राशि गुप्त रखने की मांग, 13 मई को बोली प्रक्रिया में क्या ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार हुए शामिल? जयपुर। मत्स्य विभाग की राजस्थान के जलाशयों को मछली पालन हेतु ठेके पर देने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया को अधिकांश ठेकेदार ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होने की वजह से समझने में सफल नहीं हैं। वहीं नीलामी प्रक्रिया के कई तकनीकी बिन्दु मत्स्य पालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। आपको बता दें कि राजस्थान का अधिकांश मछुआरा समुदाय अशिक्षित अथवा अल्पशिक्षित होने के बावजूद राज्य सरकार का मत्स्य विभाग आधुनिक नीलामी प्रक्रिया को अपना रहा है। इस नीलामी प्रक्रिया की कुछ तकनीकी खामियों और मत्स्यपालकों के इसे समझने में विफल रहने के चलते यह प्रक्रिया सफल नहीं हो पा रही है। दरअसल एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार मत्स्य पालकों को विविध अनुदान प्रदान कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली इसके विपरीत नजर आ रही है। 13 मई को हुई ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में कुछ बोलियों को अस्वीकार करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ज्यादातर मत्स्यपालकों के पास संसाधनों का अभाव है। जबकि नीलामी प्रक्रिया के दौरान बोली बढ़ाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता जरूरी है। इस कारण मत्स्य पालकों को बोली बढ़ाने के लिए ई-मित्र अथवा चार्टर्ड अकाउंटेंट की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं। क्योंकि बड़ी संख्या में मत्स्य पालक आज भी कीपैड वाले मोबाइल फोन का प्रयोग करते हैं। दूसरी तरफ बीसलपुर बांध के मामले में न्यायालय का स्थगन होने से नीलामी नहीं हो पा रही है। इससे भी मत्स्य विभाग को बड़े राजस्व का नुकसान हो रहा है। मत्स्य पालकों के आरोप: 13 मई को 154 जलाशयों की निविदा में पोर्टल सुविधाओं के कारण शिकायतें, 13 जलाशयों की पुनर्निविदा 19 मई को की गई, 13 मई की निविदा में बोलियां 3:30 बजे प्राप्त होने पर अस्वीकार, 19 मई की पुनर्निविदा में नियमों में बदलाव, आवेदकों को ‘अनलिमिटेड बोली’ लगाने की अनुमति दी गई, परिवर्तन की सूचना नहीं दी गई, 4 बार निविदाएं की गईं, 2 बार विभाग ने खुद रद्द कीं, निविदा अमानत राशि 2% से बढ़ाकर 10% किया गया, अब 10% जमा अनिवार्य है, 13 मई की निविदा में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को शामिल करने के आरोप, 4 से 19 जून तक फिर ऑनलाइन नीलामी, 103 जलाशयों के ठेकों के लिए ऑनलाइन नीलामी; पिछली निविदा प्रक्रिया में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को भी शामिल करने के आरोप मत्स्य पालक प्रशिक्षण: राजस्थान मत्स्य पालक विकास संगठन के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह शेखावत एवं सचिव भंवर सिंह ने कहा कि एनईएमएल पोर्टल के माध्यम से तृतीय निविदा प्रक्रिया के दौरान ही रद्द कर दिया गया था, फिर सभी मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा कहा गया पर केवल 43 लोग प्रशिक्षित हुए; जिलेवार प्रशिक्षण की मांग और ऑनलाइन प्रक्रिया में बदलाव के आरोप हैं। मत्स्य पालकों ने ऑनलाइन निविदा प्रणाली को पूर्ववत लागू करने और सुधार की मांग की है, ताकि पोर्टल में भी उनके सुझाव सुनें जाएं।
0
0
Report

बलरामपुर में 215 गुमशुदा मोबाइल लौटे, परिवारों के चेहरों पर खुशी

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपूर में 215 लोगों की खुशियां लौटीं: किसी को मिला बेटे का नंबर, किसी को वर्षों की यादें, पुलिस ने लौटाए 55 लाख के मोबाइल बलरामपुर में शुक्रवार का दिन बलरामपुर के 215 परिवारों के लिए खुशियों भरा साबित हुआ। जिन मोबाइल फोन को लोग हमेशा के लिए खो चुका मान बैठे थे, वे अचानक उनके हाथों में वापस आ गए। किसी के चेहरे पर मुस्कान थी तो किसी की आंखों में खुशी के आंसू। कारण था बलरामपुर पुलिस द्वारा 215 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाना। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जब एक-एक कर लोगों को उनके मोबाइल सौंपे गए तो माहौल भावुक हो गया। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं था, बल्कि उसमें परिवार की यादें, जरूरी दस्तावेज, संपर्क नंबर और जीवन के महत्वपूर्ण पल सुरक्षित थे। एक बुजुर्ग ने मोबाइल मिलने के बाद कहा कि इसमें उनके बेटे और रिश्तेदारों के सभी नंबर थे। फोन गुम होने के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। वहीं एक महिला ने बताया कि मोबाइल में बच्चों की तस्वीरें और जरूरी दस्तावेज थे, जिन्हें खोने का उन्हें सबसे ज्यादा दुख था। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतें थानों और संचार साथी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। पुलिस की तकनीकी टीम ने लगातार प्रयास कर 215 स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 55 लाख रुपये है। मोबाइल वापस पाने वालों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा। लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के चलते यह संभव हो सका। कई लोग मोबाइल मिलने के बाद पुलिसकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। यह पहल सिर्फ मोबाइल लौटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों के चेहरों पर विश्वास और संतोष भी वापस लेकर आई। डिजिटल दौर में मोबाइल व्यक्ति की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में खोया हुआ फोन मिलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा。 बलरामपुर पुलिस की इस पहल ने यह संदेश भी दिया है कि समय पर शिकायत और सही प्रक्रिया अपनाने से खोई हुई चीजें वापस मिल सकती हैं। 215 मोबाइलों की बरामदगी ने न केवल लाखों रुपये की संपत्ति लोगों को लौटाई, बल्कि उनकी यादें, संपर्क और विश्वास भी वापस कर दिया。 *बयान -पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार*
0
0
Report
Advertisement

बैतूल: विजय सेवा न्यास से 59 बेसहारा बच्चों को शिक्षा और आर्थिक सहायता

Betul, Madhya Pradesh:जब किसी बच्चे के सिर से माता-पिता का साया उठ जाता है,तो जिंदगी की राह बेहद कठिन हो जाती है,लेकिन बैतूल में ऐसे ही बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है विजय सेवा न्यास। पूर्व सांसद स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल की स्मृति में,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उनका परिवार आज 59 बेसहारा बच्चों की शिक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी निभा रहा है। रामकृष्ण की बगिया में आयोजित कार्यक्रम में 14 स्कूलों के प्राचार्यों और परिजनों को करीब 8 लाख रुपए की फीस राशि के चेक सौंपे गए। सिर्फ फीस ही नहीं हर बच्चे को 2 हजार रुपए की शैक्षणिक सहायता और देखभाल करने वाले परिजनों को हर साल 20 हजार रुपए की मदद भी दी जा रही है। उनके द्वारा यह मदद उनको हर वर्ष प्रदान की जाएंगी। इन बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रत्येक बच्चे को एक वालेंटियर नियुक्त किया गया हैं जो इनकी हर संभव मदद करेगा। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि किसी कारणवश कोई परिवार अपना जिम्मेदार परिजन खो देता है ऐसे में उस परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है जिसका सीधा असर परिवार के बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। हमने एक प्रयास शुरू किया,ऐसे परिवार के बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया है। मानव सेवा ही सच्ची सेवा है हमारा लक्ष्य बच्चों को सिर्फ शिक्षा नहीं,बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य देना है। वर्ष 2025 में 41 बच्चों से शुरू हुआ ये सफर,अब 2026 में 59 बच्चों तक पहुंच चुका है। विजय सेवा न्यास सिर्फ मदद नहीं कर रहा,बल्कि बेसहारा बच्चों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगा रहा है साथ ही आने वाले दिनों में उनकी हर जरूरतों को पूरा कर बेहतर जिंदगी देने का सार्थक प्रयास भी किया जा रहा है।
0
0
Report

धार की जल सप्लाई पर सीएमओ का औचक निरीक्षण, कहा पानी शुद्ध है

Dhar, Madhya Pradesh:धार शहर में पेयजल गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच शुक्रवार सुबह नगर पालिका के सीएमओ के.वी. सिंह ने परिसर में उतरकर शहर के वार्डों का औचक निरीक्षण किया और जल सप्लाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने नलों से आ रहे पानी की जाँच की और पानी पीकर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया। नगर पालिका सीएमओ ने बताया कि कुछ समय के लिए मटमैला पानी की शिकायतें आईं थीं, लेकिन अब स्थिति सुधर गई है। वे कहे कि टीम जल स्रोतों, पाइपलाइन और फिल्टर व्यवस्था की निगरानी कर रही है ताकि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। कई रहवासियों ने स्वीकार किया कि पहले पानी का रंग मटमैला और बदबू थी, लेकिन अब सप्लाई पहले से साफ है। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि नगरपालिका आगे भी नियमित निगरानी बनाए रखेगी। नगरपालिका ने कहा है कि जल गुणवत्ता को लेकर मॉनिटरिंग जारी है और किसी क्षेत्र में शिकायत मिलने पर तत्काल समाधान के लिए टीम भेजी जाएगी।
0
0
Report
Advertisement

इंदौर: हत्या के आरोपी का जुलूस निकाले जाने पर भीड़ ने माहौल गर्म किया

Indore, Madhya Pradesh:एरोड्रम क्षेत्र के 60 फीट रोड स्थित पंचवटी नगर में मंगलवार को दोस्त ने दोस्त की हत्या कर दी थी। इसके बाद परिजनों ने 60 फीट रोड पर शव रखकर चक्काजाम किया था और आरोपी के जुलूस की मांग की। कल पुलिस ने आरोपी का जुलूस निकाला तो भीड़ जमा हो गई बीती रात 60 फीट रोड के पल्हर नगर, पंचवटी नगर पर जमकर हलचल मची। पूरा मोहल्ला हत्या के आरोपी का जुलूस देखने रोड पर आ गया। हालत यह बन गए कि पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र को लाने में थोड़ी देर की पूरे क्षेत्र में मजमा लगा रहा इस दौरान पुलिस बल भी सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किया गया मृतक जितेंद्र के परिजनों ने मांग की थी कि आरोपी का जुलूस निकाला जाए इसके बाद पुलिस ने यहां कल आरोपी का जुलूस निकाला जब क्षेत्रीय लोगों को जानकारी मिली तो भीड़ लग गई। इतनी भीड़ के बीच पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी को लाने में संकोच करती रही। जिसके बाद कुछ देर इंतजार किया गया। थोड़ी भीड़ कम हुई तो पुलिस आरोपी को लेकर पहुंची।
0
0
Report

अलवर में एटीएम उखाड़कर बदमाश 4.92 लाख नकद पार कर गए

Alwar, Rajasthan:अलवर में एटीएम बूथ को निशाना बनाकर चार बदमाशों ने एटीएम मशीन और उसका कैश बॉक्स उखाड़कर ले गए. कैश बॉक्स में लगभग 4.92 लाख रुपए नकद थे. गाड़ी से एटीएम को खींचकर ले जाने का सीसीटीवी सामने आया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. एमआईए थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की तलाश में जुटी है. पुलिस के अनुसार, हिटाची कंपनी के प्रतिनिधि अजय कुमार (निवासी दिल्ली) ने मामला दर्ज कराया. प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि बदमाश रामगढ़ और नौगांवा होते हुए हरियाणा बॉर्डर पार कर फरार हो गए. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. वारदात को अंजाम देने का तरीका बेहद शातिराना था. बदमाशों ने पहले सीसीटीवी कैमरों के लेंस पर ब्लैक स्प्रे कर उन्हें निष्प्रभावी किया, फिर दुकान का शटर गिराकर अंदर कटर की मदद से एटीएम मशीन को काटकर उखाड़ लिया. पूरी वारदात लगभग 30 मिनट में अंजाम दी गई. गौरतलब है कि एटीएम रात के समय बंद रहता था और वहां किसी सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं थी. घटना पुलिस थाने से महज 2 से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
0
0
Report

पानीपत की नंद विहार कॉलोनी में जल संकट, नहरी पानी व रेनी वेल पर स्टडी

Panipat, Haryana:10 से 15 हजार आबादी वाली कॉलोनी में महीनों से जल संकट, टंकियों और मोटरों में भर रही रेत पीने के पानी के लिए पड़ोसियों के समर्सिबल पर निर्भर हुए लोग नगर निगम ने स्थायी समाधान का दिया भरोसा, नहरी पानी और रेनी वेल परियोजनाओं पर चल रही फिजिबिलिटी स्टडी पानीपत। हरियाणा सरकार प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे करती है, लेकिन पानीपत की नंद विहार कॉलोनी के हजारों लोगों की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। करीब 10 से 15 हजार आबादी वाली इस कॉलोनी में पिछले कई महीनों से नलों में बदबूदार और रेतीला पानी आने से लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों को पीने के पानी के लिए पड़ोसियों के घरों या समर्सिबल पंपों पर निर्भर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी में इतनी अधिक रेत आ रही है कि टंकियां, मोटर, आरओ, फ्लश टैंक और नल तक खराब हो चुके हैं। वहीं कई लोगों ने गंदे पानी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की शिकायत भी की है। रेत और बदबू से परेशान लोग कॉलोनी निवासी पूजा ने बताया कि पानी में इतनी अधिक रेत आ रही है कि उससे न तो बर्तन साफ किए जा सकते हैं और न ही नहाने-धोने का काम ठीक से हो पाता है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को संक्रमण हो गया था और इलाज के लिए ड्रिप तक लगानी पड़ी। टंकियों की हर 10 दिन में सफाई करनी पड़ती है, जिनमें दो-दो बाल्टी रेत निकलती है। मोटर, आरओ और अन्य उपकरण भी खराब हो चुके हैं। वहीं बुजुर्ग महिला सुदेश ने कहा कि रोज-रोज दूसरों से पानी मांगना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि टंकियों और पाइपों में रेत भर जाने से पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और लोग बेहद परेशान हैं। निवासी नरेश गिरी के अनुसार कई बार पानी में इतनी बदबू होती है कि वह पीने योग्य नहीं रहता। ऐसे में लोगों को पड़ोसियों के घरों से पानी लाना पड़ता है। उनका कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और गंदे पानी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। सुरेश ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से लगातार गंदा और रेतीला पानी आ रहा है। पानी को कम से कम एक घंटे तक भरकर रखना पड़ता है ताकि रेत नीचे बैठ जाए, तब जाकर उसका उपयोग किया जा सके। जलस्तर गिरने और जलभराव की भी समस्या कॉलोनी निवासी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में पीने के पानी के साथ-साथ गलियों में जलभराव की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि तीन और चार नंबर गलियों के बीच कई गलियों का पानी जमा हो जाता है और वर्षों से शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। प्रदीप शर्मा ने कहा कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे ट्यूबवेल भी जल्दी खराब हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से पानी बचाने की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण समय की जरूरत है। स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू : अतिरिक्त आयुक्त पानीपत नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने बताया कि शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत तीन विकल्पों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहला विकल्प पूरे शहर को नहरी पानी उपलब्ध कराना है। दूसरा विकल्प रेनी वेल के माध्यम से जलापूर्ति करना है। जबकि तीसरे विकल्प के तहत मौजूदा ट्यूबवेल आधारित व्यवस्था की तकनीकी और रासायनिक जांच कराई जा रही है। भूजल में आर्सेनिक या अन्य हानिकारक तत्वों की मौजूदगी की भी जांच की जा रही है। विवेक चौधरी ने कहा कि तीनों परियोजनाओं की फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है। जो विकल्प सबसे अधिक प्रभावी, स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप और लागत के लिहाज से उपयुक्त होगा, उस पर सरकार की मंजूरी के बाद काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में वर्ल्ड बैंक और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के साथ आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पानीपत का प्रतिनिधित्व किया गया। इस दौरान लुधियाना नगर निगम के उस मॉडल का अध्ययन किया गया, जिसमें नहरी पानी को ट्रीटमेंट के बाद पूरे शहर में सप्लाई करने की योजना पर काम चल रहा है। इसी प्रकार की योजना पानीपत में भी लागू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। 168 ट्यूबवेल और बूस्टिंग स्टेशनों की होगी मेंटेनेंस अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि स्थायी परियोजनाओं के लागू होने तक मौजूदा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के लगभग 168 ट्यूबवेल और बूस्टिंग स्टेशनों की मैकेनिकल एवं बैक्टीरियल स्तर पर जांच और मेंटेनेंस के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उम्मीद है कि बारिश के मौसम से पहले यह कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने शहरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में नगर निगम गंभीरता से कार्य कर रहा है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे。
0
0
Report
Advertisement

बीकानेर में राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस का सात दिवसीय जनहित अभियान: गड्ढे भरकर

Bikaner, Rajasthan:राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस का अनोखा जनहित अभियान, शहर की बदहाल सड़कों और गड्ढों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन, राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किया गया सात दिवसीय अभियान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सड़क के गड्ढे भरकर जताया विरोध, कहा— जनता लंबे समय से खराब सड़कों से परेशान है, इसलिए खुद जिम्मेदारी उठानी पड़ी, शहरभर में सात दिनों तक जारी रहेगा गड्ढे भरने का अभियान, सड़क सुरक्षा और आमजन की सुविधा को बताया प्राथमिकता, कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी, अभियान में कांग्रेस नेता मनोज चौधरी, सुमित कोचर सहित कई कार्यकर्ता रहे मौजूद। आखिर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर बीकानेर में अनोखे अंदाज में जनहित अभियान की शुरुआत की गई, शहर की जर्जर सड़कों और गड्ढों को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुद सड़क पर उतरकर गड्ढे भरने का काम किया और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस द्वारा सात दिवसीय जनहित अभियान की शुरुआत की गई, अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में खराब सड़कों पर बने गड्ढों को भरकर आमजन को राहत देने का प्रयास किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि शहर में कई जगह सड़कें बदहाल स्थिति में हैं जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की उदासीनता के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुद सड़क पर उतरकर गड्ढे भरने का कार्य शुरू किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा अभियान है जो अगले सात दिनों तक शहर के विभिन्न हिस्सों में जारी रहेगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
0
0
Report

मत्स्य निविदा घोटाले पर राजस्थान में नई बहस: ऑनलाइन बोली में अनियमितता के आरोप

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में मत्स्य विभाग की ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. राजस्थान के जलाशयों को मछली पालन हेतु ठेके पर देने की प्रक्रिया पर मत्स्य पालकों और अधिकारियों के बीच बहस जारी है. 13 मई को ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में कुछ बोलियों को अस्वीकार करने के आरोप लगाए गए, फिर 19 मई को पुनर्निविदा में नियमों में बदलाव कर अनलिमिटेड बोली की अनुमति दे दी गई और 10% जमा अनिवार्य किया गया. शिकायतें सामने आईं कि पोर्टल की खामियों के कारण निविदाएं अस्वीकार या रद्द की गईं, तथा कुछ नियमों में बदलाव बिना सूचना दिए किए गए. चयनित ठेकेदारों के.BLACKLIST होने जैसी बातें भी चर्चा में आईं.ERVE: विभाग ने आरोपों के बीच तृतीय निविदा की प्रक्रिया मध्य में रद्द कर दी थी और सभी मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण देने के आदेश जारी किए, पर ऑनलाइन प्रशिक्षण सीमित संख्या में ही शामिल हुआ.
0
0
Report

सीहोर के रेहटी में जमीन विवाद के कारण हिंसक झड़प, 7 घायल

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर सीहोर जिले के रेहटी थाना क्षेत्र में 2.5 एकड़ जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, 7 गंभीर घायल घटना का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल रेहटी तहसील के ग्राम बरखेड़ा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई जमकर मारपीट.. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है आरोप है कि विवादित भूमि पर जुताई को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। िलाठी, डंडे, कुल्हाड़ी और दातरा से हुए हमले में महिलाओं सहित कई लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 7 लोगों को रेहटी अस्पताल से जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम रेफर किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top