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पातालकोट एक्सप्रेस में आरपीएफ ने फर्जी लेडी टीटी को पकड़ा
Gwalior, Madhya Pradesh:पातालकोट एक्सप्रेस के जनरल कोच में फर्जी लेडी टीटीई को पकड़ा गया। वह बिना टिकट यात्रियों को पकड़ रही थी। आरपीएफ ने झांसी स्टेशन पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी ग्वालियर से झांसी के बीच चेकिंग कर रही थी। आरपीएफ ने मामला दर्ज किया है।
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आजमगढ़ में उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को भुगतान के निर्देश दिए
Azamgarh, Uttar Pradesh:अप्रूवल के बाद बीमा कंपनी ने इलाज करा रहे मरीज का भुगतान करने से किया इनकार, उपभोक्ता फोरम ने ब्याज सहित भुगतान का दिया आदेश। जनपद आज़मगढ़ में उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित मरीज के पक्ष में एक फैसला सुनाया, जिसमें इंश्योरेंस कंपनी को भुगतान का निर्देश दिया है। बता दें आजमगढ़ जिले की रहने वाली अनुपमा ने अपना हेल्थ इंश्योरेंस 2017 में करवाया था, बाद में Niva Bupa के एजेंट के प्रभाव में पॉलिसी को Niva Bupa में करवा दिया। 2021 में अनुपमा की तबीयत खराब हुई और वो मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में भर्ती हुई जिसका Cashless इलाज के लिए समय समय पर Niva Bupa की इंश्योरेंस कंपनी ने Approval दिया और इलाज पूरा होने के बाद जब discharge का समय आया तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी Niva Bupa ने अपना Approval वापस ले लिया और अस्पताल को मरीज से पूरा भुगतान ले लेने को बोला। इलाज के दौरान हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने मरीज को तगड़ा झटका दे दिया। इस मामले में मरीज ने उपभोक्ता फोरम आज़मगढ़ में एक मुकदमा दायर किया जिसका फ़ैसला हर्जाने के साथ मरीज के पक्ष में आया है।0
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थाना दिवस पर थाना अध्यक्ष ने सुनी फरियाद
Khandwari, Uttar Pradesh:थाना दिवस पर अधिकारीयो ने सुनी फरियादीयो की फरियाद। चहनिया। बलुआ थाना परिसर में आज़ शनिवार को थाना दिवस के उपलक्ष पर बलुआ थाना अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में फरियादियों की फरीयाद सुनी गयी एवं उनका निस्तारण किया गया। दर्जनों प्रार्थना पत्र मिले जिनमें से कुछ का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया वहीं कुछ प्रार्थना का निस्तारण करने के लिए सम्बंधित अधिकारियों को हैण्ड ओवर कर दिया गया।इस मौके पर कानूनगो, लेखपाल,नायब तहसीलदार सहित सैकड़ों अधिकारी, कर्मचारी फरीयादी मौजूद रहे0
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आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर ली
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के आटा थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी से परेशान एक युवक ने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई, वहीं परिवार में मातम छा गया। जानकारी के मुताबिक, आटा थाना क्षेत्र के ग्राम आटा निवासी 32 वर्षीय सतेन्द्र पुत्र रामप्रकाश लंबे समय से आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा था। बताया जा रहा है कि घरेलू परेशानियों और आर्थिक तंगी के चलते वह मानसिक रूप से काफी तनाव में था। गुरुवार को उसने रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन की चपेट में आकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंचे और युवक की हालत देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। युवक की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का कहना है कि सतेन्द्र परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर काफी परेशान रहता था। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।0
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Bareilly, Uttar Pradesh:बंगाल और दिल्ली में कुर्बानी को लेकर हो रहे विवाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नमाज़ वाले बयान पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बयान जारी किया है। प्रेस को जारी किये गये बयान में मौलाना ने बहुत स्पष्ट अंदाज में बातें कहीं है, उन्होंने कहा कि कुर्बानी इस्लाम के हिस्सों में से एक हिस्सा है, खुदा ने हज़रत इब्राहीम को आजमाने के लिए अपने बेटे की कुर्बानी देने का आदेश दिया था। ये कार्य खुदा को बहुत पसंद आया, इसी वजह से पैग़म्बरे इस्लाम ने भी मालदार मुसलमानों के लिए कुर्बानी को जरुरी करार दिया। यादगार के तौर पर सालों से कुर्बानी होती आ रही है। जो लोग यह समझते हैं कि कुर्बानी इस्लाम का हिस्सा नहीं है, वो लोग गलत फहमी का शिकार है, और उन्होंने इस्लाम का अध्ययन नहीं किया है। मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने कहा कि नमाज़ रोड और चौराहों पर न पड़ी जाये, चुकी नमाज़ में खुलूस और अल्लाह की याद उसी वक्त हो सकती है जब नमाज़ पढ़ने वाले नमाज़ी को इतमिनान व सुकून प्राप्त हो। इस्लाम का नजरिया है कि नमाज़ पढ़ने वाले और खुदा के दरमियान कोई भी चीज़ बीच में रुकावट न हो। रोड और चौराहों पर पढ़ने वाले व्यक्ति को इतमिनान व सुकून नहीं मिल सकता, यहां पर शोर व शराबा और ट्राफिक का हंगामा रहता है, इसलिए इतमिनान व सुकून हासिल नहीं हो सकता। मुसलमान मस्जिदों और घरों में नमाज़ पढ़े। मौलाना ने कहा कि बाज़ शहरी और दिहाती इलाकों में आबादी बढ़ जाने और मस्जिद के जूय के तूय होने की वजह से एक साथ में मस्जिद में या ईदगाह में नहीं आ पाते हैं। शरीयत ने इसकी व्यवस्था इस तरह की है कि एक बार इमाम पहली जमात कराए, फिर दूसरी जमात दूसरा इमाम पढ़ा दे, आदमी ज्यादा हैं तो एक के अलावा एक ही मस्जिद या एक ईदगाह में एक से ज्यादा जमाते हो सकती है। इस व्यवस्था को अपनाने से सारी समस्याएं खत्म हो जाती है। मौलाना ने कहा कि पूरे भारत में कुर्बानी पर कहीं प्रतिबंध नहीं लगा हुआ है, कुर्बानी खुली जगह पर न करें, स्लाटर हाउस या अपने घरों में कुर्बानी करें। कुर्बानी करते वक्त एक छोटा सा गड्ढा खोद लें, कुर्बानी के जानवर का खून और अवशेष गड्डे में दफन कर दें। और इस बात का भी ध्यान रहे कि कुर्बानी का फोटो, वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें, अपने परिवार के नौजवान बच्चों को भी समझा दें। मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने आगे कहा कि कुर्बানি का दिन साल में एक बार आता है, उस दिन इस्लाम अपने अनुयायियों को सबक सिखाता है कि किसी को तकलीफ मत दो। इसलिए दूसरे धर्मों के मानने वाले लोगों की आस्था व भावना को कोई ठेस न पहुंचे। और साथ ही उन जानवरों की कुर्बानी न करें जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। कुर्बानी के तीन दिनों में अगर कोई विवाद उत्पन्न होता है तो उसको शांतिपूर्ण अंदाज में निपटाएं। और उच्च अधिकारियों को संपर्क करके जानकारी दें।0
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बांदा में बिजली-जल संकट के खिलाफ महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर आक्रोश जतातीं
Banda, Uttar Pradesh:बांदा शहर में बिजली की किल्लत को लेकर के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है जहां रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच लोग सड़क पर जाम लगाकर बैठ गए है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की भारी संख्या देखने को मिल रही है महिलाएं सड़क पर बैठकर रोड जाम करने के लिए मजबूर हो रही है।महिलाओं का आरोप है कि ना तो समय से लाइट मिलती है और ना ही पानी ऊपर से जान लेवा गर्मी ने जीना दुर्लभ कर रखा है। फिलहाल प्रदर्शन की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची है। जिम्मेदार अधिकारियों से बात करवा कर जल्द पानी और बिजली की व्यवस्था कराने का आश्वासन देकर के प्रदर्शनकारियों को हटाया गया है।0
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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 12.58 किलोग्राम गांजा समेत अभियुक्त गिरफ्तार
Aligarh, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग अलीगढ़.... अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ₹6.29 लाख कीमत के 12.580 किलो गांजा के साथ अभियुक्त गिरफ्तार, अलीगढ़ RPF व GRP की संयुक्त टीम ने गाँजा तस्कर मनोरंजन मण्डल को किया गिरफ़्तार, उड़िया राज्य के जिला सम्भलपुर का निवासी है पकड़ा गया अवैध गाँजा तस्कर, उड़िया के भुवनेश्वर से गाजियाबाद के झुग्गी झोपड़ियों में बेचने का करता है गोरख धंधा, अलीगढ़ रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 से गाँजा तस्कर को किया गया गिरफ्तार.0
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जिला प्रशासन की सख्ती के बाद पेट्रोल पंपों पर जमाखोरी रुकी, सुविधाएं सामान्य
Pithoragarh, Uttarakhand:जिला प्रशासन की सख्ती के बाद पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था अब सामान्य होती दिखाई दे रही है। जिले में पेट्रोल और डीज़ल को लेकर बनी अफरा-तफरी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है। बीते रोज पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में आने के बावजूद पंपों पर लगातार बढ़ रही गाड़ियों की लंबी कतारों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया था। जमाखोरी रोकने के लिए निर्देश जारी किए गए थे और जनता से अपील की गई थी कि पेट्रोल-डीज़ल केवल आवश्यकता के अनुसार ही भरवाएं और इसकी जमाखोरी न करें। साथ ही पंप संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए थे कि बिना जरूरी कारण डिब्बों में पेट्रोल-डीज़ल न दिया जाए। प्रशासन का कहना है कि पेट्रोल और डीज़ल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ हैं, ऐसे में डिब्बों में तेल भरने से आग लगने का खतरा बना रहता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर कोई पंप संचालक ऊंचे दामों में बेचने के उद्देश्य से तेल की जमाखोरी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंप को सील किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन द्वारा एक कमेटी का भी गठन किया गया है। प्रशासन की सख्ती का असर आज पेट्रोल पंपों पर साफ देखने को मिला। पंपों पर लगने वाली लंबी गाड़ियों की कतारें कम हो गई हैं और लोगों को आसानी से पेट्रोल और डीज़ल मिल रहा है। बताया जा रहा है कि जमाखोरी और जरूरत से ज्यादा स्टॉक करने की वजह से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही तेल लेने की अपील की गई है। इस आदेश के अनुसार जिला प्रशासन ने पेट्रोल और डीज़ल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने तथा पंपों पर भीड़ और यातायात नियंत्रण के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति में संबंधित उपजिलाधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पुलिस प्रशासन, पूर्ति विभाग, तहसील प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समिति नियमित रूप से निगरानी करेगी और पेट्रोल-डीज़ल की उपलब्धता बनाए रखने के साथ जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। प्रशासन की सख्ती का असर अब पेट्रोल पंपों पर दिखाई देने लगा है। लंबी कतारें कम हुई हैं और लोगों को आसानी से तेल मिल रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल-डीज़ल भरवाएं。0
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आजमगढ़ में प्रेम संबंध के चलते शादी में हंगामा, दूल्हा-दुल्हन फरार
Azamgarh, Uttar Pradesh:Azamgarh जिले बिलरियागंज थाना क्षेत्र के पटवध कौतुक हरिजन बस्ती में शादी समारोह के दौरान अचानक एक युवती पुलिस के साथ पहुंच गई और दूल्हे पर पूर्व प्रेम संबंध का दावा करते हुए शादी रोक दी। देखते ही देखते मौके पर हंगामा और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों के अनुसार विवाद बढ़ने पर कुछ बरातियों ने डायल 112 पुलिस और युवती पर आक्रोशित होकर अफरा-तफरी मचाई। सूचना मिलते ही बिलरियागंज थाने की पुलिस पहुँची, पर तब तक दूल्हा पक्ष मौके से फरार हो चुका था। लड़की पक्ष के अनुसार शादी डेढ़ वर्ष पहले तय थी; दूल्हा विदेश में रहता था और छुट्टी लेकर घर आया था। दोनों परिवारों की सहमति से 22 मई 2026 की तारीख तय थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि तीन दिन पहले भी वही युवती उनके घर आई थी और शादी रुकवाने की धमकी देकर गई थी। इस घटना से लड़की पक्ष के खाने-पीने, सजावट आदि को नुकसान पहुँचा। घटना के बाद लड़की पक्ष की एक महिला और एक युवती की तबीयत भी बिगड़ी, जिन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया। फिलहाल पुलिस 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।0
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WAQF संपत्तियाँ 31,000 रद्द: मुतवल्लियों को कागज सुधारने की अपील
Noida, Uttar Pradesh:देखिए बड़ी अफसोस की बात है कि वक़्फ़ संपत्तियों को लेकर जो खबर आई है कि संपत्तियाँ 31000 रद्द कर दी गई है मगर अभी 5 जून तक का समय है मेरा सभी मुतवल्लियो से अपील है कि अपने कागजों को ठीक कर कर फिर से पोर्टल पर भर दें जिससे यह संपत्तियां बचाए जा सके वरना ये हर सारी संपत्तियां हाथ से चली जाएगी शिया वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों को भी मैं यही कहूंगा सरकार की मंशा साफ नहीं है बाइट... मौलाना यासुब अब्बास ( मुस्लिम धर्मगुरु)0
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मुख्यमंत्री यादव ने बनर्जी परिवार के निधन पर श्रद्धांजलि दी; संघ के साथ सरकार खड़ी
Satna, Madhya Pradesh:मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकौशल प्रांत के प्रांत कार्यवाहक उत्तम बनर्जी के पिता दादा असीम बनर्जी के दुःखद निधन पर उनके निवास जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा हमारे संघ के प्रमुख बनर्जी जी के दुखद निधन पर हम यहां अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने भी आया हूं। अपने संघ के दुख के इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार उनके साथ है。0
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मोदी सरकार के 12 साल का अवसर: बीजेपी का मेगा जनसंपर्क अभियान 5–21 जून
Jaipur, Rajasthan:मोदी सरकार के 12 साल पर BJP का मेगा जनसम्पर्क, 5 जून से 21 जून तक गांव-ढाणी तक कई कार्यक्रम बीजेपी अब मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक अभियान चलाने जा रही है। बीजेपी का 5 जून से 21 जून तक देशभर में मेगा जनसंपर्क अभियान चलेगा... जिसमें मीडिया संवाद से लेकर जन कल्याण शिविर, पर्यावरण अभियान, योग दिवस, प्रदर्शनी और गांव-गांव तक संपर्क कार्यक्रम होंगे। पार्टी की ओर से पूरे अभियान का विस्तृत रोडमैप तय किया गया है। क्या है बीजेपी का यह मिशन 12 साल... और राजस्थान में इसकी क्या रणनीति रहने वाली है... देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 7 जून को एनडीए सरकार के 12 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर सत्ता और संगठन की ओर से व्यापक जन सम्पर्क के लिए मेगा अभियान हाथ में लिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से सभी प्रदेश इकाइयों को भेजे गए पत्र में 5 से 21 जून 2026 तक चलने वाले कार्यक्रमों का पूरा खाका तैयार किया गया है। इस अभियान की थीम , 'बारह साल विश्वास के, विकास के और जन कल्याण के' रखी गई है। बीजेपी का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अब इन्हीं योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए पार्टी जमीनी स्तर पर बड़ा आउटरीच प्रोग्राम चलाने जा रही है। इसके तहत बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक एक्टिविटी, जनसंपर्क, शिविर, प्रदर्शनी और संवाद किए जाएंगे। अभियान की शुरुआत मीडिया संवाद कार्यक्रम से होगी। इसमें 8 जून से 12 जून के बीच दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया संवाद होगा, जबकि 11 और 12 जून को बीजेपी शासित राज्यों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मीडिया से रूबरू होंगे। गैर बीजेपी राज्यों में भी केंद्रीय मंत्री और विधायक दल के नेता सरकार की उपलब्धियों को लेकर प्रेस वार्ता करेंगे। इसके साथ ही 8 से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान चलेगा। इस दौरान जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच जाएंगे। बीजेपी ने इस अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा है बल्कि इसे सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ने की कोशिश की है। अभियान के तहत वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, विकास स्थलों का भ्रमण, विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। हर जिले में कम से कम 500 महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क साधने का लक्ष्य भी तय किया गया है। इस दौरान सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष प्रवास करेंगे। 12 जून से जनकल्याण शिविर... अभियान के तहत 12 जून से 20 जून तक जन कल्याण शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लिए पंजीकरण कराया जाएगा। बीजेपी ने विशेष रूप से आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम स्वनिधि, लखपति दीदी और अन्य योजनाओं पर फोकस रखने के निर्देश दिए हैं। पार्टी संगठन को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों को शिविर तक लाया जाए। बीजेपी इस पूरे अभियान को बड़े जन उत्सव के रूप में पेश करने की तैयारी में है। हर जिले में तीन दिन की प्रदर्शनी आयोजित होगी जिसमें मोदी सरकार की उपलब्धियों को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही ऑन-द-स्पॉट चित्रकला प्रतियोगिता, वॉक्स-पॉप वीडियो रिकॉर्डिंग और लाभार्थियों के अनुभव साझा कराने जैसे कार्यक्रम भी होंगे। प्राकृतिक खेती को लेकर भी पार्टी बड़ा अभियान चलाएगी। कम से कम एक हजार स्थानों पर विशेषज्ञों के जरिए प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व पर्यावरण दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भी बीजेपी ने अपने इस अभियान से जोड़ दिया है। 5 जून को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हर मंडल में वृक्षारोपण किया जाएगा। वहीं 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मंडल स्तर तक योग कार्यक्रम होंगे। पार्टी ने आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश दिए हैं और जहां संभव हो वहां एक सप्ताह के योग प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। अभियन की मॉनिटरिंग के लिए बीजेपी ने प्रदेश और जिला स्तर पर अलग-अलग टोलियां बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश स्तर पर प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी के संयोजन में वरिष्ठ पदाधिकारियों की 5 सदस्यीय टीम बनाई गई है। जबकि जिला स्तर पर 4 सदस्यों की टोली अभियान की निगरानी करेगी। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर मॉनिटरिंग टीम भी बनाई जा रही है जो पूरे अभियान की निगरानी के साथ ही सरल एप पर अपलोड भी करेगी। अभियान को लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है और एक दो दिन में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला होगी। जिला कार्यशालाओं की डेडलाइन 31 मई तय की गई है। पार्टी ने सोशल मीडिया और मीडिया कैंपेन को भी समन्वित तरीके से चलाने की रणनीति बनाई है। राजस्थान में भी बीजेपी इस अभियान को पूरी ताकत के साथ चलाने की तैयारी में है। निकाय और पंचायत चुनावों से पहले यह अभियान बीजेपी के लिए संगठन को बूथ स्तर तक एक्टिव करने का बड़ा मौका माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी इस अभियान के जरिए एक तरफ मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना चाहती है तो दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश भी करेगी।0
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जयवीर सिंह: पेट्रोल-डिज़ल की ₹5 बढ़ोतरी पर चर्चा, AAP पर आरोप
Noida, Uttar Pradesh:मैनपुरी (UP): जयवीर सिंह (पर्यटन और संस्कृति मंत्री) पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी पर / हरभजन सिंह / सम्राट चौधरी / अखिलेश यादव इस सामग्री में 9 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ₹5 की बढ़ोतरी पर चर्चा की गई है। इसमें वैश्विक महंगाई के रुझानों पर विचार करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है और यह भी बताया गया है कि पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है। इसमें आम आदमी पार्टी पर हरभजन सिंह की आलोचना का भी ज़िक्र है, जिसमें उन्होंने राज्यसभा की सीटें बेचने का आरोप लगाया है और अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार और तानाशाही का इल्ज़ाम लगाया है। इस लेख में बिहार पुलिस द्वारा किए गए फ़र्ज़ी मुठभेड़ों पर तेजस्वी यादव की आलोचना, उत्तर प्रदेश में अपराध दर पर अखिलेश यादव की टिप्पणियाँ, और केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी के प्रति BJP की प्रतिबद्धता को भी शामिल किया गया है。0
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धवराभाटा में तेज रफ्तार वाहन ने दो घायल-एक की मौत
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर हिर्री थाना क्षेत्र के अंतर्गत धवराभाटा में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। घायल इंद्रजीत सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर पहुँचे तो रास्ता बंद था, जिसके कारण वे लोग गाड़ी से उतरकर पेशाब करने चले गए। इसी दौरान उन्होंने ड्राइवर से गाड़ी को आगे से टर्न करके लाने को कहा। जब ड्राइवर गाड़ी मोड़कर वापस आ रहा था, तभी उसका पैर एक्सीलेटर पर फंस गया और वह ब्रेक नहीं दबा पाया। अनियंत्रित होकर गाड़ी सीधे इंद्रजीत सिंह के पैर पर टक्कर मार दी। इस हादसे में इंद्रजीत सिंह के पैर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके साथ मौजुद पटियाला, पंजाब निवासी तीरथ सिंह की मौत हो गई। अस्पताल लाते समय रास्ते में ही तीरथ सिंह ने दम तोड़ दिया।0
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शाजापुर: ट्रांसफार्मर में आग, बिजली तारों का मकड़जाल बनी परेशानी
Shajapur, Madhya Pradesh:शहर में आएं दिन ट्रांसफार्मरों में लग रही आग,शहर में फैला तारों का मकड़जाल, उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी पर लगाएं आरोप शाजापुर शहर में आएं दिन विद्युत ट्रांसफार्मरों में आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। शहर के काशीनगर, पुलिस लाइन, विजयनगर और द्वारकापुरी में लगे ट्रांसफार्मर में आग लग चुकी है। पूरे शहर में बिजली तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। बिजली के तार सड़क पर लटक रहे हैं यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। शहर के द्वारिकापुरी में लगे ट्रांसफार्मर पर 300 से ज्यादा बिजली मीटर टंगे हुए हैं और वहां से एक से दो किलोमीटर दूर तक बिजली की सप्लाई उपभोक्ताओं के यहां हो रही है। ये तार नीचे जमीन पर ही पड़े हुए हैं, यहां करंट की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत भी हो चुकी है। शहर में बिजली कनेक्शन के हिसाब से ट्रांसफार्मर की संख्या कम है, जिसके चलते लोड़ बढ़ने से आग लग रही है। बिजली के तारों को भी समय-समय पर बिजली कंपनी नहीं बदल पाती जिससे तारों में फाल्ट होकर आग लग रही है। शहर में प्रतिदिन बिजली गुल हो रही है। भीषण गर्मी में शहर वासियों को कई घंटों तक बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। बिजली बंद होने से एसी,कूलर और पंखे भी नहीं चल पाते। शहर में विगत 15 दिनों से 42 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान बना हुआ है, ऐसे में बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने बिजली तारों को लेकर बिजली कंपनी के अधिकारियों और जनसुनवाई में भी कर ई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई。 बिजली कंपनी के कनिष्ठ अभियंता इंजी आर पी अहिरवार ने बताया शहर में 21 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं और 243 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। ये ट्रांसफार्मर 10 वर्ष पहले की आबादी के हिसाब से लगे हुए हैं, लोड़ बढ़ने से इनमें आग लग जाती है, इसके अलावा तारों में भी फाल्ट होने से आग लग जाती है। बिजली कंपनी द्वारा इन्हें तत्काल ठीक करवाया जाता है। शहर में मेंटनेंस का भी काम चल रहा है。 उपभोक्ताओं ने बताया बिजली कंपनी की लापरवाही से गर्मी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बार बार बिजली गुल हो जाती है। कभी भी ट्रांसफार्मर में आग लग जाती है। शहर के अंदर बिजली के तार लटके हुए हैं,जो कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं0
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दिल्ली हाईकोर्ट: निजी स्कूल बिना DoE मंजूरी फीस बढ़ा सकेंगे
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली के गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में फीस बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उन्हें शिक्षा निदेशालय (DoE) से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, स्कूलों को नई फीस की जानकारी सत्र शुरू होने से पहले DoE को देनी होगी। फीस बढ़ाने के लिए DoE को सिर्फ जानकारी देना काफी। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट, 1973 के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में फीस बढ़ाने के लिए DoE की पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। स्कूल की केवल यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वह प्रस्तावित फीस का विवरण नए सत्र से पहले DoE के पास जमा करे। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि यदि कोई स्कूल शैक्षणिक सत्र के बीच में फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे इसके लिए DoE की मंजूरी लेनी होगी। प्राइवेट स्कूलों की याचिका पर सुनवाई: दिल्ली हाई कोर्ट ने यह आदेश कई प्राइवेट स्कूलों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। स्कूलों ने फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को DoE द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। स्कूलों का कहना था कि DoE बार-बार उनकी फीस बढ़ाने की मांग ठुकरा रहा था, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और स्कूल प्रबंधन के अधिकार प्रभावित हो रहे थे। स्कूलों को वित्तीय फैसले लेने का अधिकार: हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कानून के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त है। DoE यह तय नहीं कर सकता कि स्कूल उनका पैसा कैसे खर्च करें। सरकार स्कूलों के हर छोटे वित्तीय फैसले में दखल नहीं दे सकती। अतिरिक्त फंड रखना मुनाफाखोरी नहीं: कोर्ट ने कहा कि DoE की भूमिका केवल रेगुलेटर की है। उसका काम यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल जरूरत से ज्यादा मुनाफाखोरी न करें, शिक्षा का व्यवसायीकरण न हो और कैपिटेशन फीस जैसी अवैध वसूली न की जाए। कोर्ट ने कहा कि किसी स्कूल को मुनाफाखोरी या शिक्षा का व्यवसायीकरण करने वाला तभी माना जा सकता है, जब उसका सही तरीके से ऑडिट किया गया हो। बिना ऑडिट ऐसे निष्कर्ष निकालना गलत है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि निजी स्कूल भविष्य के विकास और जरूरी जरूरतों के लिए कुछ अतिरिक्त राशि बचाकर रखते हैं, तो उसे मुनाफाखोरी नहीं माना जा सकता। DoE के सभी आदेश रद्द: हाई कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के उन सभी आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में स्कूलों की फीस बढ़ाने की मांग खारिज की गई थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि DoE के पास फीस बढ़ाने से जुड़े जो पुराने मामले लंबित हैं, उन्हें भी बंद किया जाए। पुराना बकाया नहीं वसूल पाएंगे स्कूल: कोर्ट ने अपने फैसले में यह तो कहा कि स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए DoE की मंजूरी की जरूरत नहीं है, लेकिन स्कूलों को पुरानी बढ़ी हुई फीस का बकाया वसूलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कुछ मामलों में फीस बढ़ाने की मांग 2016-17 से लंबित थी। अगर अब स्कूल पुराना बकाया वसूलेंगे, तो इससे अभिभावकों और छात्रों पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी के मद्देनजर कोर्ट ने आदेश दिया कि स्कूलों द्वारा प्रस्तावित आखिरी फीस बढ़ोतरी अब अगले शैक्षणिक सत्र यानी अप्रैल 2027 से ही लागू होगी। कोई भी स्कूल पुराने शैक्षणिक सत्रों की बढ़ी हुई फीस पिछली तारीख से वसूल नहीं कर सकेगा।0
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