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चाचौड़ा में भारी बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद, विधायक ने मुआवजे की मांग की
Guna, Madhya Pradesh:गुना जिले के चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि और जलभराव के कारण किसानों की खड़ी और कटी खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। इस पर चाचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने मुख्यमंत्री और जिलाधीश गुना को पत्र लिखकर विशेष सर्वे के जरिए किसानों को उचित मुआवजा और बीमा राशि जल्द से जल्द देने की मांग की है। जटेरी के किसान चैनसिंह गुर्जर सहित अन्य किसानों ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार बारिश के कारण खेतों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।
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उदयपुर: शिव मंदिर के शिवलिंग टूटने पर विरोध, प्रदर्शन और पुनर्निर्माण की मांग
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर से बड़ी खबर, शिव मंदिर में प्रतिमा खण्डित कर तोड़फोड़ करने का मामला, सर्व समाज का देहलीगेट पर उग्र प्रदर्शन, आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने और मंदिर का पुनः निर्माण करा कैमरे लगाने की कर रहे मांग, मौके पर मौजूद है पुलिस और प्रशासन के अधिकारी, सूरजपोल थाना पुलिस ने कल ही मुख्य आरोपी को किया था गिरफ्तार, इंद्रा नगर बीड़ा में दो दिन पहले खंडित किया था शिवलिंग, सर्व समाज में घटना के बाद बढ़ रहा आक्रोश,0
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शराब के नशे में 40 वर्षीय युवक ने फांसी लगाई, आत्महत्या की
Alwar, Rajasthan:शराब के नशे में 40 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पत्नी गई थी पीहर अलवर। विजय मंदिर थाना क्षेत्र के दलालपुर गांव में शुक्रवार को 40 वर्षीय व्यक्ति ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी पत्नी पीहर गई हुई थी, जबकि दोनों बच्चे भी घर पर मौजूद नहीं थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। शनिवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्म कराया गया। जानकारी के अनुसार दलालपुर गांव निवासी 40 वर्षीय इंद्राज जाटव पुत्र छुट्टन लाल टेंपो चलाने का काम करता था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को इंद्राज शराब के नशे में था। इसी दौरान उसने घर में अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। घटना की जानकारी पड़ोसियों को हुई तो उन्होंने परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और इंद्राज को अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के दो बेटे हैं। शनिवार सुबह विजय मंदिर थाना पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। बाइट: परिजन0
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बालोद-धमतरी मार्ग पर बस पलटी: एक की मौत, चार घायल
Raipur, Chhattisgarh:बालोद ब्रेकिंग बालोद धमतरी मुख्य मार्ग पर करही भदर के पास भीषण सड़क हादसा बस अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे खेत में पलटी, मौके पर बस में दबने से एक व्यक्ति की मौत धमतरी रोडवेज की बस हुई दुर्घटनाग्रस्त, गुरूर थाना क्षेत्र का मामला स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों का किया रेस्क्यू, मौके पर पहुंची पुलिस और यातायात की टीम मृतक को कांटकर निकाला जा रहा , बाकी 4 आपातकालीन चिकित्सा वाहनों से घायलों को ले जाया जा रहा जिला अस्पताल बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा, घायलों का इलाज जारी बालोद से धमतरी की ओर जा रही थी बस, दूसरी तरफ अनियंत्रित होकर पलटी0
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केनार के कारीगरों की जद्दोजहद: पुरानी कांसे की पहचान कैसे बचेगी?
Gaya, Bihar:जिस गांव में बजती थी कांसे की खनक, वहां अब छा रहा सन्नाटा, मशीनों के दौर में दम तोड़ रही केनार की पहचान गया जिले के वजीरगंज प्रखंड केकेनार गांव कभी कांसा, तांबा और पीतल के बर्तनों की चमक और कारीगरों के हथौड़े की आवाज से गूंजता था। यहां बने बर्तनों की मांग देश के बड़े शहरों तक थी। लेकिन वक्त बदला, बाजार बदला और मशीनों से बने बर्तनों ने पारंपरिक कारीगरों के सामने संकट खड़ा कर दिया। कभी करीब सौ घरों में चलने वाला यह कारोबार अब गिने-चुने परिवारों तक सिमट गया है। जिन हाथों ने पीढ़ियों तक शाही बर्तन बनाए, आज वही हाथ अपने हुनर को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। गांव की पहचान ही कांसा और पीतल के बर्तनों से थी। गांव के कारीगर पीढ़ियों से इस कला को आगे बढ़ाते आ रहे थे। यहां बनने वाली थाली, कटोरा, गिलास और अन्य बर्तनों की मांग बिहार से बाहर कोलकाता, मुंबई समेत कई बड़े शहरों तक थी।लेकिन, बदलते समय के साथ बाजार में मशीनों से बने सस्ते बर्तनों की भरमार हो गई। इसका सबसे बड़ा असर केनार के कारीगरों पर पड़ा। धीरे-धीरे काम कम होता गया और कई परिवारों ने मजबूरी में यह पेशा छोड़ दिया।0
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केंद्र ने 14 नए जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
Noida, Uttar Pradesh:केंद्र सरकार ने अलग-अलग हाई कोर्ट में 14 नए जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।इनमे शामिल है:- * *दिल्ली हाई कोर्ट- 2 जज और 5 एडिशनल जज *झारखंड हाई कोर्ट-3 जज *कर्नाटक हाई कोर्ट- 3 एडिशनल जज *जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट: 1 जज0
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ED-CBI के बीच उत्तराखंड गहमागहमी: क्या चुनाव से जुड़ी कार्रवाई है?
Dehradun, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड की सियासत में ED की एंट्री के बाद जुबानी जंग तेज हो गई है। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत निजी सचिव के घर ED पहुंची .... प्रदेश की सियासत में बवाल हो गया .... वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा - कांग्रेस भयभीत है और जनता से कोसों दूर है। ED की कार्रवाई पर हरक सिंह रावत ने कहा कि अब राजनेता की परिभाषा शायद उनके दर्ज हुए मुकदमों से होने लगी है ... क्योंकि कांग्रेसी नेता भाजपा सरकार के निशाने पर है ... कांग्रेस के भय ने भाजपा सरकारों को भयभीत कर दिया है ... इसलिए तो चुनावों से पहले उन पर मुकदमे ओर ED CBI की जांच तेज होने लगी है। उत्तराखंड में ED CBI को लेकर कांग्रेस के नेता सत्ताधारी दल भाजपा पर निशाना साध रहे है। कांग्रेसी नेता हरक सिंह रावत ने तो यहां तक कह दिया कि ED ओर CBI से उनके परिवार वाले डर गए ओर उन्होंने भाजपा की शरण ले ली ... लेकिन हरक सिंह रावत डरता नहीं है ... शायद जेल उनका अगला ठिकाना हो सकता है। कांग्रेस के इस बयान वीर नेता के बयान भाजपा को चिंतित कर रहे है। कांग्रेसी नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि अब ED CBI से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है .... जैसे हमारे नेता राहुल गांधी कहते हैं कि मेरे खिलाफ इतने मुकदमे दर्ज हो गए है ईडी, सीबीआई के ... की उन्हें डर नहीं लगता है। कांग्रेसी नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि वो घबराने वाले व्यक्ति नहीं हैं। जो घबराने वाले थे वो परिवार के लोग थे, जो अब साथ छोड़कर चले गए। डॉ हरक सिंह रावत, अध्यक्ष, चुनाव प्रबंधन समिति, कांग्रेस ने कहा कि बिना जेल गए हुए कोई नेता बन ही नहीं सकता। पत्रकारों के लिए भी ये क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। बिना जेल गए पत्रकार भी सही पत्रकार नहीं हो सकता। या तो चाटुकारिता कर लो, गुलामी कर लो सत्ताधारी पार्टी की तो सब कुछ मिलता रहेगा, लॉलीपॉप भी मिलता रहेगा। और विरोध में सच्चाई दिखाओगे तो फिर जेल जाना पड़ेगा, चाहे पत्रकार हो चाहे नेता हो। कांग्रेस के इस बयान पर बीजेपी प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने पलटवार किया है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस का काम केवल जनता के बीच में भ्रम फैलाना, झूठ का प्रचार करना है। कोई विजन आज कांग्रेस का नहीं रह चुका है। ED से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। ED को जो उचित लगता है उसके अनुरूप वो कार्यवाही करती है। वो किस समय क्या कार्यवाही कर रहे हैं ये ED का विषय है। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि इतना तय है कि कांग्रेस आज भयभीत है। भारतीय जनता पार्टी के विशाल संगठन को देख कर के भयभीत है, सरकार के कामों को देख कर के भयभीत है। कांग्रेस के नेताओं में काफी अंतरकलह है। जिसके बाद कांग्रेस ने एक शॉर्टकट उपाय निकाला है कि भारतीय जनता पार्टी पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाय। यही तस्वीर साफ है। एक तरफ कांग्रेस कह रही है ED, CBI से हम डरने वाले नहीं, जेल जाना ही नेता की असली क्वालिफिकेशन है। तो दूसरी तरफ बीजेपी कह रही है ED स्वतंत्र है, कांग्रेस के पास विजन नहीं, इसलिए वो भ्रम फैला रही है। अब सवाल ये है कि क्या वाकई ED की कार्रवाई का चुनाव से कोई कनेक्शन है या ये सिर्फ जांच एजेंसी की सामान्य प्रक्रिया है? फैसला जनता करेगी.0
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इटावा रेलवे स्टेशन पर डीआरएम प्रयागराज का निरीक्षण, सेकंड एंट्री गेट जल्द शुरू
Etawah, Uttar Pradesh:इटावा रेलवे स्टेशन का डीआरएम प्रयागराज ने पहुंचकर निरीक्षण किया है वहीं स्पेशल निरीक्षण ट्रेन से पहुंचकर निरीक्षण किया है संबंधित को निर्माण कार्य को लेकर दिशा निर्देश भी दिए है। इटावा रेलवे स्टेशन जंक्शन का प्रयागराज मंडल के डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने पहुंच का निरीक्षण किया है डीआरएम रजनीश अग्रवाल स्पेशल निरीक्षण भांग के द्वारा टीम के साथ में इटावा जंक्शन पर पहुंचे जहां पर उन्होंने चल रही अमृत भारत योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य को दिखा इसके अलावा उन्होंने स्टेशन की सेकंड एंट्री गेट पर भी जाकर स्ट्रक्चर का निरीक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र को बारीकी से देखा और विकास कार्य को देखने के बाद उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए हैं कि विकास कार्य को गुणवत्ता पूर्वक किया जाए इस मौके पर उन्होंने कहा है की सेकंड एंट्री गेट बहुत जल्द ही शुरू कराई जाएगी जिससे कि क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलने वाली है।0
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आदतन अपराधी महेश उर्फ बजरंगी पर एक साल का जिला बदर
Dhamtari, Chhattisgarh:धमतरी जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम कसने पुलिस का शिकंजा लगातार मजबूत होता जा रहा है..... इसी कड़ी में पुलिस की अनुशंसा पर जिला प्रशासन ने आदतन बदमाश महेश उर्फ बजरंगी निर्मलकर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है...... बताया गया है विंध्यवासिनी वार्ड निवासी 40 वर्षीय महेश उर्फ बजरंगी के against सिटी कोतवाली में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट और आबकारी अधिनियम समेत कुल 22 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं........ लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिला बदर की कार्रवाई की है...... महेश उर्फ बजरंगी को धमतरी के साथ रायपुर, दुर्ग, बालोद, कांकेर, कोण्डागांव और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से आगामी एक वर्ष के लिए बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं....... सक्षम न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों की सीमा में प्रवेश करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है...... वही पुलिस की निगाह में दूसरे आदतन अपराधी भी धमतरी पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक जिला बदर के पांच प्रकरण प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनमें दो मामलों में कार्रवाई हो चुकी है..... वहीं वर्ष 2025 में 11 बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई थी...... पुलिस का कहना है जिले में सक्रिय अन्य गुंडों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है...... और उनके आपרाधिक रिकॉर्ड की समीक्षा कर जरूरत के मुताबिक आगे भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी0
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Bandipora के स्कूल ने कचरे से सजावट वस्तुएं बनाईं: मिसाल कायम
Bandipora — Government Boys Middle School, Kaloosa, in north Kashmir’s Bandipora district, has launched a “Trash to Treasure” initiative under the Swachh Bharat Mission, encouraging students to turn discarded materials into useful and decorative items. As part of the initiative, students have created several products, including boutique-style decorative items and other useful objects from waste materials that are usually thrown outside the school premises or left unused. The initiative aims to promote recycling, cleanliness and environmental responsibility among students while demonstrating how discarded material can be reused through creativity. Teachers at the school have involved students in collecting and repurposing waste, turning the activity into a practical lesson on waste management and environmental conservation. A student participating in the initiative said the activity had helped them understand that waste could be reused instead of simply being thrown away. “We used materials that are normally considered waste and turned them into decorative and useful items. It has taught us that we can keep our surroundings clean while also being creative,” the student said. The school said the initiative seeks to encourage students to adopt responsible waste-management practices and carry the message of cleanliness and reuse beyond the classroom. Byte 1:- Adira Jan, Class 7th student Byte 2:- Mehfooza Reyaz, 7th class student Byte 3: -Mushtaq Ahmad, Headmaster0
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कश्मीर में पहला बाइक इंटरसेप्टर मॉड्यूल ट्रैफिक नियमों की निगरानी
Srinagar, Uttarakhand:कश्मीर को अपना पहला बाइक इंटरसेप्टर मॉड्यूल मिला है, जो एक टेक्नोलॉजी से चलने वाला सिस्टम है जिसका मकसद ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का पता लगाना और पूरे इलाके में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। घाटी में पिछले कुछ सालों में ट्रैफिक दुर्घटनाएं और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन काफी बढ़ गया है। नए इंटरसेप्टर सिस्टम से ट्रैफिक डिपार्टमेंट को नियम तोड़ने वालों की पहचान करने, उल्लंघन और ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है। बाइक इंटरसेप्टर मॉड्यूल श्रीनगर पहुंच गया है, जहां ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने सिस्टम को ऑपरेट करना शुरू कर दिया है। इंटरसेप्टर एक मोटरसाइकिल पर लगा होता है और इसमें एक बड़ी बैटरी, एक हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा के साथ साथ ऊपर एक रडार सिस्टम लगा होता है। यह इक्विपमेंट एक लैपटॉप-बेस्ड सिस्टम से जुड़ा होता है, जो आगे ट्रैफिक डिपार्टमेंट के कंट्रोल रूम के संपर्क में रेहता है। अधिकारियों ने कहा कि सिस्टम कुछ ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का ऑटोमैटिक पता लगा सकता है और कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज सकता है। इससे ट्रैफिक कर्मचारी उल्लंघन पर नज़र रख सकते हैं और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ज़रूरी कार्रवाई कर सकते हैं। बाइक इंटरसेप्टर के ऑपरेटर अहमद ने कहा कि इस सिस्टम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाली गाड़ियों और लोगों की पहचान करने की क्षमता है। > अहमद ने कहा, “जब कोई नियम तोड़ता है तो सिस्टम एक सिग्नल देता है। फिर इस जानकारी का इस्तेमाल संबंधित अधिकारी जुड़े हुए इलाके में नियम तोड़ने वाले की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कर सकते हैं।” ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने कहा कि बाइक इंटरसेप्टर को मौजूदा CCTV सर्विलांस सिस्टम के साथ भी जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका मानना है कि ट्रैफिक मॉनिटरिंग और असरदार हो जाएगी। अधिकारियों ने आगे बताया कि डिपार्टमेंट सिस्टम के बीच बेहतर इंटीग्रेशन के लिए पुलिस डिपार्टमेंट के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी टेक्नोलॉजी न केवल ट्रैफिक नियमों को लागू करने के लिए बल्कि कुछ क्राइम की घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थितियों में भी काम आ सकती है। इंटरसेप्टर में सिग्नल और लेफ्ट-राइट डिटेक्शन की क्षमता भी है, और सिस्टम को नियम टूटने का पता चलने पर ऑटोमैटिक रूप से एक्टिवेट होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि टेक्नोलॉजी की तेज़ ऑपरेशनल क्षमता इसे एक्सीडेंट या क्राइम सीन पर भी काम आ सकती है, खासकर जहां तुरंत मॉनिटरिंग और पहचान की ज़रूरत होती है। ट्रैफिक एक्सपर्ट्स और स्थानीय लोगों ने कहा कि बाइक इंटरसेप्टर के आने से डिपार्टमेंट को ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की सही पहचान करने में मदद मिलेगी और जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसों, चोटों और मौतों को कम करने की कोशिशों में मदद मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 2026 में नेशनल हाईवे पर 1,109 सड़क हादसे हुए और 206 मौतें हुईं, जबकि साल के दौरान सड़क हादसों में 1,658 लोग घायल हुए। डेटा से पता चलता है कि जम्मू और कश्मीर में रिपोर्ट किए गए एक्सीडेंट की संख्या 2022 में 2,378 से घटकर 2023 में 2,342, 2024 में 2,120, 2025 में 1,867 और 2026 में 1,109 हो गई। 2022 में मौतें 259, 2023 में 294, 2024 में 271, 2025 में 431 और 2026 में 206 रहीं। बाइक इंटरसेप्टर मॉड्यूल के आने से, बाइक सवारों और स्थानीय युवाओं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह टेक्नोलॉजी ट्रैफिक पुलिस को नियम तोड़ने वालों की बेहतर तरीके से पहचान करने, कानून लागू करने की प्रक्रिया को मजबूत करने और सड़क पर चोटों और मौतों को रोकने में मदद करेगी। कश्मीर0
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कोसी नदी में नवजात हाथी को मां ने सूंड से बचाकर किनारे पर पहुंचाया
Noida, Uttar Pradesh:कोसी के तेज बहाव में बहने लगा नवजात हाथी. मां तेजी से तैरकर पास पहुंची, सूंड से उसे थामा और सुरक्षित किनारे पर लाई—कैमरे में कैद हुई मां की ममता. रामनगर, नैनीताल में कोसी नदी पार करते हाथियों के झुंड में एक नवजात छोटा बच्चा तेज बहाव की चपेट में आ गया. अनुमान है कि वह एक महीने से कम उम्र का था. झुंड में तीन बच्चे थे; दो बड़े बच्चे सफल पार हो गए, पर वह छोटा तट के पास बह गया. यह दृश्य वन्यजीव फोटोग्राफर दीप रजवार के कैमरे में रिकॉर्ड हुआ. दीप के अनुसार मां ने सूंड उठाकर बच्चे को बचाया और किनारे तक लाईं. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने कहा कि हाथियों में मातृत्व क्षमता और मजबूत सामाजिक संबंध होते हैं.0
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अनंत सिंह की नीरज कुमार के सामने मंदिर के सामने बहस की बड़ी चुनौती
Patna, Bihar:लोकेशन: पटना नीरज कुमार को अनंत सिंह की चुनौती, बोले- मंदिर के सामने आमने-सामने होंगे नीरज कुमार के साथ राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व विधायक अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने नीरज कुमार को बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने बहस की चुनौती दी और कहा कि इससे सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी. अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार पिछले 15-18 वर्षों से उनके खिलाफ बयान देते रहे हैं. उन्होंने एके-47 मामले का जिक्र करते हुए नीरज पर गंभीर आरोप भी लगाए और मामले की जांच के लिए नार्को टेस्ट की मांग की. अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने कई बार नीरज कुमार की जीत में मदद की है. साथ ही उन्होंने अनुज को अपना उम्मीदवार बताते हुए उनके समर्थन का ऐलान किया. टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी टिकट दे तो ठीक, नहीं तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं. बाइट — अनंत सिंह, विधायक जेडीयू0
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फिरोजाबाद अस्पताल में सांप घुसा, मरीजों में मचा हड़कंप
Firozabad, Uttar Pradesh:जिला अस्पताल में सांप ANC -यूपी के फिरोजाबाद में सरकारी अस्पताल से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है जहां अस्पताल परिसर के अंदर अचानक सांप निकलने से मरीज और उनके तीमारदारों में हड़कंप मच गया, दरअसल एक सपेरा खुद को सांप के काटने के बाद इलाज कराने अस्पताल पहुंचा था वह उस सांप को भी एक डिब्बे में बंद करके अपने साथ ले गया लेकिन जैसे ही इलाज के दौरान डिब्बा खुला और सांप कूद कर सीधे वार्ड की ओर भाग गया वार्ड में अचानक सांप को देखते ही वहां भर्ती गंभीर मरीजों में अफरा-तफरी मच गई अपनी जान बचाने के लिए मरीज अपने-अपने बेड छोड़कर बाहर की तरफ भागने लगे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए चिपक-चपकार और दहशत का माहौल बना रहा बता दें कि फिरोजाबाद जिला अस्पताल में पिछले दो महीनों में यह पहला मौका नहीं है आए दिन इस तरह की घटना देखने को मिल रही है जिसके बावजूद जिला अस्पताल प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिख रहा है और कैमरे पर कुछ कहने को तैयार भी नहीं है0
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जमशेदपुर-सरायकेला पुलिस ने अंतरजिला रणनीति से अपराध नियंत्रण मजबूत किया
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर में अपराध नियंत्रण को लेकर जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय सभागार में अंतरजिला पुलिस मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी और बेहतर पुलिसिंग को लेकर चर्चा की। खास तौर पर तड़ीपार अपराधियों पर नजर रखने और दोनों जिलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में जमशेदपुर एसएसपी एहतेशाम वकारीब, सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गीय, जमशेदपुर सिटी एसपी ललित मीणा समेत डीएसपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों में अपराध नियंत्रण, अपराधियों की गिरफ्तारी और पुलिसिंग को और बेहतर बनाना रहा। अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और कार्रवाई को लेकर रणनीति पर चर्चा की। खास तौर पर तड़ीपार अपराधियों को लेकर पुलिस सतर्क रहेगी। दोनों जिलों की सीमा एक-दूसरे से सटी होने के कारण अपराधियों के एक जिले से दूसरे जिले में जाकर छिपने या अपराध को अंजाम देने की आशंका बनी रहती है। ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में थाना प्रभारी और डीएसपी स्तर पर समय-समय पर अंतरजिला बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान और दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय कायम किया जाएगा, ताकि अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सके।0
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रामनगर मंथन 2.0 में शिक्षा अधिकार और स्वयंपोषित स्कूलों पर विचार
Noida, Uttar Pradesh:Story.-कश्मीर से कन्याकुमारी तक के शिक्षाविद रामनगर में जुटे, ‘मंथन 2.0’ में शिक्षा के भविष्य पर महामंथन, NISA चेयरमैन कुलभूषण शर्मा बोले—‘निजी स्कूल’ नहीं, स्वयंपोषित और मान्यता प्राप्त स्कूल कहें RTE से आगे 100% शिक्षा अधिकार और एजुकेशन में DBT पर भी जोर! Report.- vijay kashyap Location.-ramnagar, nainital एंकर.-कन्याकुमारी से कश्मीर और लद्दाख तक... देशभर के शिक्षाविद उत्तराखंड के रामनगर में जुटे हैं,मौका है NISA यानी नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस के मंथन 2.0 का, जहां KG से PG तक शिक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद गैप, बच्चों के सर्वांगीण विकास, रोजगारपरक शिक्षा, सरकारी और स्वयंपोषित विद्यालयों के बीच समानता और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है,इसी मंच से NISA के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने शिक्षा व्यवस्था और स्वयंपोषित विद्यालयों को लेकर कई अहम सुझाव रखे. रामनगर में आयोजित मंथन 2.0 में देश के अलग-अलग राज्यों से शिक्षाविद, स्कूल संचालक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए हैं,आयोजकों के मुताबिक चार सौ से अधिक प्रतिनिधियों के इस मंथन का उद्देश्य सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ऐसे सुझाव सामने लाना है, जिन्हें नीति और जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके. मंथन में KG से PG तक बच्चे की पूरी शैक्षणिक यात्रा को एक निरंतर प्रक्रिया के तौर पर देखने पर जोर दिया गया. वक्ताओं का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच यदि गैप रहेगा तो बच्चों के सर्वांगीण विकास पर असर पड़ेगा. इसलिए गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और व्यावहारिक शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है. इसी दौरान NISA के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने private स्कूल, शब्दावली को लेकर अपनी बात रखी,उनका कहना है कि ट्रस्ट और सोसाइटी के माध्यम से संचालित तथा सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को केवल निजी स्कूल कहना उचित नहीं है. उन्होंने कहाँ हमें निजी स्कूल न कहें,ये स्कूल ट्रस्ट और सोसाइटी के माध्यम से चलते हैं, निर्धारित मानक पूरे करते हैं और सरकार के निरीक्षण के बाद मान्यता प्राप्त करते हैं। इसलिए इन्हें स्वयंपोषित और मान्यता प्राप्त स्कूल कहना ज्यादा उचित होगा. कुलभूषण शर्मा ने कहा कि ऐसे विद्यालयों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करना पड़ता है,उनका तर्क है कि इन स्कूलों की भूमिका को केवल निजी व्यवसाय के रूप में देखने के बजाय शिक्षा व्यवस्था के एक हिस्से के तौर पर समझने की ज़रूरत है. उन्होंने सरकारी और स्वयंपोषित विद्यालयों के बीच कथित असमान व्यवहार का मुद्दा भी उठाया और स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी जैसी व्यवस्था के माध्यम से समान मानकों और नीतियों पर विचार करने की बात कही. शर्मा ने शिक्षक और विद्यार्थी के बीच सम्मान को भी शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद बताया. उनका कहना है कि जब तक शिक्षक और बच्चों के बीच परस्पर सम्मान और सकारात्मक वातावरण नहीं बनेगा, तब तक बेहतर राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपेक्षित परिणाम हासिल करना मुश्किल होगा. मंथन 2.0 में RTE यानी शिक्षा के अधिकार और शिक्षा में DBT का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा, कुलभूषण शर्मा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार केवल 25 प्रतिशत बच्चों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी बच्चों की पहुंच सुनिश्चित करने पर विचार होना चाहिए. सरकारी स्कूलों में प्रति विद्यार्थी होने वाले खर्च और स्वयंपोषित विद्यालयों की फीस के अंतर का उल्लेख करते हुए उन्होंने एजुकेशन में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की संभावित व्यवस्था पर विचार करने की मांग रखी. उनका सुझाव है कि यदि कोई परिवार अपनी पसंद से मान्यता प्राप्त स्वयंपोषित विद्यालय चुनता है, तो सरकार की ओर से निर्धारित सहायता राशि का कोई मॉडल सीधे बच्चे या अभिभावक तक पहुंचाने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, यह प्रस्ताव फिलहाल NISA की ओर से रखा गया सुझाव है,इसे लागू करने के लिए सरकार को वित्तीय, प्रशासनिक और नियामकीय पहलुओं पर विचार करना होगा. मंथन में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठा,आयोजकों के मुताबिक देश के कई दूरदराज क्षेत्रों में संचालित विद्यालय अभी भी पर्याप्त पेयजल जैसी सुविधाओं से जूझ रहे हैं, कई जगह सरकारी पाइपलाइन नहीं पहुंचने के कारण स्कूलों को ट्यूबवेल या अन्य स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है. आयोजकों ने मांग की कि जिस तरह घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है, उसी तरह विद्यालयों को भी प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए. तराई इंडिपेंडेंस स्कूल के अध्यक्ष अनुराग के सिंह ने शिक्षाविदों से मंथन 2.0 का हिस्सा बनकर नए विचार सामने रखने की अपील की। वहीं रामनगर के प्रसून श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की नीतियों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षा जगत को भी आगे आना होगा. मंथन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP के क्रियान्वयन और विकसित भारत के लक्ष्य में शिक्षा की भूमिका पर भी चर्चा हुई, वक्ताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर समन्वय और समान अवसर उपलब्ध कराकर ही देश के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है. रामनगर का यह मंथन इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां शिक्षा से जुड़े सवालों पर अलग-अलग राज्यों के अनुभव एक मंच पर आए हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि मंथन 2.0 से निकलने वाले सुझावों में से कितने सुझाव नीति-निर्माण और स्कूलों की जमीनी व्यवस्था तक पहुंचते हैं. Byte.—कुलभूषण शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, NISA0
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