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बिहार राजस्व विभाग के अधिकारी पर सात मामलों में बड़ी कार्रवाई—जांच दोबारा

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़ी बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, अलग-अलग मामलों में तत्कालीन अंचल अधिकारियों पर लगे आरोपों को लेकर कार्रवाई की गई है। पहला मामला तत्कालीन अंचल अधिकारी के खिलाफ है, जिन पर जमाबंदी वाद में त्रुटिपूर्ण आदेश पारित करने का आरोप है। मामले में स्पष्टीकरण स्वीकार किया गया है। दूसरे मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी पर अवैध जमाबंदी बनाने और सरकारी जमीन की जमाबंदी निजी व्यक्ति के नाम करने का आरोप है। उनके खिलाफ संचयी प्रभाव के साथ दो वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। तीसरे मामले में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, लगान वसूली, ई-मापी, एलपीसी और अभियान बसेरा जैसे कार्यों में लापरवाही का आरोप है। मामले में आरोप पत्र गठित किया गया है। चौथे मामले में 16 परिवारों को सुखाड़ग्रस्त राशि का लाभ निजी स्वार्थ के लिए देने और लोक शिकायत के मामलों में गुमराह करने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि जांच के बाद अधिकारी को आरोप मुक्त कर दिया गया। पांचवें मामले में अनधिकृत अनुपस्थिति, मनमाने रवैये, कर्तव्यहीनता और आदेश की अवहेलना जैसे आरोप लगे। कार्रवाई के तहत पांच प्रतिशत पेंशन की कटौती तीन वर्षों के लिए की गई है। छठे मामले में सात दाखिल-खारिज वादों को लेकर जांच हुई। जांच रिपोर्ट में दोबारा जांच की जरूरत पाई गई है, जिसके बाद मामला पुनः जांच के लिए भेजा गया है। वहीं सातवें मामले में बालू, ईंट और ठेला-गाड़ी से अवैध वसूली, ओवरलोड नहीं होने वाले वाहनों को ओवरलोड बताकर राशि वसूलने और दाखिल-खारिज नहीं करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इस मामले में 10 प्रतिशत उपादान राशि की कटौती और एकमुश्त दंड की कार्रवाई की गई है। यानी राजस्व विभाग से जुड़े इन मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीरता दिखाई गई है।
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कैथल में वैकल्पिक सफाई कर्मचारियों पर मारपीट, हड़ताल के बीच सफाई व्यवस्था पर सवाल

Kaithal, Haryana:हड़ताल में सफाई बंद… और सफाई करने वालों की ही पिटाई! “कचरा उठाने आए थे, बदले में मिली वैकल्पिक सफाई कर्मचारियों को पिटाई!” हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच वैकल्पिक सफाई व्यवस्था पर भी विवाद खड़ा हो गया है। कैथल में सफाई करने पहुंचे कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। वीओ: शहर का कचरा उठाने पहुंचे थे… लेकिन आरोप है कि बदले में उन्हें पिटाई का सामना करना पड़ा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सफाई का काम शुरू करवाया है। इसी दौरान काम कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें दौड़ाया गया। घटना के बाद कर्मचारी अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत लेकर पहुंचे और सुरक्षा की मांग की। अब सवाल ये है कि जब शहर की गंदगी साफ करने के लिए वैकल्पित कर्मचारी लगाए गए, तो उनकी सुरक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? पुलिस का कहना है कि हम मामले की जांच कर रहे हैं दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा
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गोंडा में दबंगों ने आरिफ का मुंडन कर वीडियो वायरल किया

Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मेवतियान के रहने वाले 19 वर्षीय आरिफ पुत्र अबरार के साथ दबंगों द्वारा मारपीट करके उसका मुंडन कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरिफ द्वारा अपने ही दोस्त की बहन से फोन पर बातचीत की जा रही थी। इसके बाद आसिफ पुत्र अकील निवासी मेवतियान, समीर पुत्र अब्दुल सलाम निवासी कचहरी और अमन पुत्र बबलू निवासी काशीराम कॉलोनी महाराजगंज ने 20 दिन पहले आरिफ को घर से बुलाकर सुनसान जगह पर ले गए। जहां उनके साथ बेल्ट से और हाथ से मारपीट की गई, फिर दाढ़ी बनाने वाली मशीन मंगाई गई और सिर का छीलकर मुंडन कर दिया गया, और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित अबरार चेन्नई चले गए हैं। गुरुवार देर शाम 5 बजे वीडियो वायरल होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों की पहचान कर ली है। सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरिफ के साथ तीन लोगों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। मुकदमा दर्ज किया गया है और तीनों में से दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आगे की जांच जारी है। यह वीडियो लगभग 20 दिन पुराना बताया जा रहा है।
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गोंडा में महिला आयोग की चौकसी, अस्पताल अव्यवस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई के संकेत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के एक दिवसीय दौरे पर आज गुरुवार गोंडा पहुंची यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने एक निजी महाविद्यालय में बालिकाओं से संवाद कर उनकी सुरक्षा को लेकर के उन्हें जानकारी दी साथी साथ उनकी समस्याओं को सुना है। गोंडा जिला महिला अस्पताल पहुंच करके चारु चौधरी ने एक-एक वार्ड का निरीक्षण कर जिला महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी ली। गंदगी मिलने पर जमकर महिला अस्पताल के सीएमएस को फटकार लगाते हुए 10 दिन के अंदर सुधार लाने के निर्देश दिया है। मरीज ने अवैध वसूली की भी शिकायत की जिसको लेकर के भी उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने सीएमओ को फटकार लगाकर की जांच करके पूरे मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। वही स्वरा भास्कर द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर बोलते हुए यूपी state महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अगर कोई भी चीज होगी तो उसे पर कार्रवाई जरूर होगी।कोई भी महिला के खिलाफ अगर अभद्र भाषा का प्रयोग होता तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी वही स्वरा भास्कर के बयान को लेकर स्वरा भास्कर पर की जा रही अभद्र टिप्पणी को लेकर के भी कहा कि महिलाओं पर कोई भी अगर गलत टिप्पणी करेगा बयान देगा तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं से संवाद को लेकर कहा कि हमने बच्चियों से कहा कि अपने अधिकारों को जानने के साथ-साथ अपने कर्तव्य को जरूर ना भूले हमारी लड़कियों को सारी सुविधाएं आज मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीएम योगी ने जो महिलाओं को सुरक्षा दी है उसे आज हमारी बहन बेटियों और महिलाएं पूरी तरीके सुरक्षित है सम्मानित भी है आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रही हैं। वही गोंडा मेडिकल कॉलेज में प्रसव शुरू होने के बावजूद भी ज्यादा महिलाओं के प्रसव ना होने को लेकर उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने कहा कि इससे पूरे मामले को हम दिखाते हैं। हो सकता है वहां पर डॉक्टर की कमी हो या डॉक्टर ना वहां तैनात किए गए हो जो भी समस्या होगी समाधान कराया जाएगा।
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मथुरा जन्मोत्सव: 200 किलो चांदी और पंचरत्नी पोशाक से सजेंगे गर्भगृह

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा में जन्मोत्सव की धूम: काशी-अयोध्या से आया अलौकिक प्रसाद, 200 किलो चांदी और पंचरत्नी पोशाक में सजेंगे लड्डू गोपाल मथुरा। देश भर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। इस पावन अवसर पर सनातन संस्कृति के दो प्रमुख धामों—अयोध्या पुरी और काशी विश्वनाथ धाम—से कान्हा के लिए विशेष स्नेह और उपहार श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा पहुँचे हैं। अयोध्या की प्रसिद्ध राम रसोई से भगवान श्रीकृष्ण के लिए अलौकिक प्रसाद भेजा गया है, वहीं काशीपुरी से लड्डू गोपाल के लिए विशेष मेवा और भव्य श्रृंगार सामग्री मथुरा पहुँची है। अयोध्या और काशी से आए इन दिव्य उपहारों ने श्रद्धालुओं के आनंद और उल्लास को द्विगुणित कर दिया है। इस अवसर पर मथुरा, अयोध्या और काशी तीनों पुरियों को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिरों में शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और हरिनाम संकीर्तन की गूँज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। 5253वें जन्मोत्सव पर 'गौ रक्षा-राष्ट्र रक्षा' का संकल्प श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के secretary कपिल शर्मा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का 5253वाँ जन्मोत्सव 4 सितंबर को अत्यंत धूमधाम से मनाया जाएगा। इस वर्ष जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘गौ रक्षा-राष्ट्र रक्षा’ का संकल्प रहेगा। 200 किलो चांदी से सजेगा गर्भगृह जन्मोत्सव की तैयारियों के तहत श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर और गर्भगृह को अलौकिक रूप से सजाया जा रहा है। गर्भगृह के भव्य श्रृंगार के लिए लगभग 200 किलो चांदी का उपयोग किया जा रहा है। जन्मोत्सव के दिन भगवान श्रीकृष्ण 'कलहंस' पुष्प-बंगले में विराजमान होंगे। वे समुद्र मंथन से प्राप्त रत्नों की भावना पर आधारित विशेष पंचरत्नी पोशाक और रत्न-जड़ित मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु कान्हा के इस अलौकिक जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए मथुरा पहुँच रहे हैं।
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बक्सर में शिक्षकों के दुष्कर्म मामले में पुलिस तेज कार्रवाई, दबिश जारी

Buxar, Bihar:बक्सर में शिक्षक और छात्रा से जुड़े दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मचा हुआ है। मामला हाई प्रोफाइल होने के बाद पुलिस भी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। बताया जा रहा है कि नथुनी अहीर डेरा मध्य विद्यालय में तैनात दो शिक्षकों पर अपने ही विद्यालय की पूर्व छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोप सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। वहीं, पुलिस अब आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दिया है
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हजारीबाग के बरकट्ठा में गिद्धों की वापसी, पर्यावरण संतुलन के लिए बड़ी खबर

Noida, Uttar Pradesh:HazariBagh district के बरकट्ठा वन क्षेत्र से एक बेहद उत्साहित करने वाली खबर सामने आई है. एक समय भारत के जंगलों से लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच चुके दुर्लभ भारतीय गिद्ध (इंडियन वल्चर) अब बरकट्ठा की वादियों में बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं. बरकट्ठा के प्रसिद्ध महावर पहाड़ और कपका-कुरचुनोबेडो पुल के पास इन पक्षियों को झुंड में देखा गया है. वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है. क्योंकि यह इलाका एक बार फिर प्राकृतिक रूप से इन पक्षियों का सुरक्षित घर बनता दिख रहा है. डिस्ट्रिक्ट फारेस्ट ऑफिसर मौन प्रकाश ने जानकारी दी है कि पिछले कुछ दिनों से जंगल के अलग-अलग हिस्सों में गिद्धों की हलचल काफी बढ़ गई है. सबसे खुशी की बात यह है कि इस झुंड में एडल्ट गिद्धों के साथ-साथ छोटे और कम उम्र के गिद्ध भी दिखाई दिए हैं. यह इस बात का साफ सबूत है कि महावर पहाड़ और आसपास का वातावरण इन दुर्लभ पक्षियों के लिए पूरी तरह अनुकूल है और वे यहां बिना किसी डर के अपना परिवार बढ़ा रहे हैं. महावर पहाड़ लंबे समय से इनका पसंदीदा ठिकाना रहा है और इनकी वापसी से क्षेत्र की हरियाली और जैव विविधता और समृद्ध हुई है. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, 1980 के दशक तक भारत के आसमान में करोड़ों की संख्या में उड़ने वाले गिद्ध अचानक गायब होने लगे थे. जानवरों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली डाइक्लोफेनाक नाम की दर्द निवारक दवा, जंगलों की कटाई और भोजन की कमी के कारण इनकी आबादी में 99 प्रतिशत तक की रिकॉर्ड गिरावट आई. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पूरे देश में इनकी संख्या महज कुछ हजारों में सिमट कर रह गई. भारत में पाई जाने वाली गिद्धों की नौ प्रजातियों में से भारतीय गिद्ध, सफेद पीठ वाला गिद्ध, पतली चोंच वाला और लाल सिर वाला गिद्ध सबसे ज्यादा खतरे (क्रिटिकली एनडेंजर्ड) में हैं. गिद्धों की इस तरह वापसी पर्यावरण के संतुलन के लिए बेहद जरूरी और ऐतिहासिक मानी जा रही है. क्योंकि गिद्ध कुदरत के सफाईकर्मी होते हैं. इस बीच वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार पारिस्थितिक तंत्र और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गिद्ध रोगरहित शवों को साफ करते हैं, जिससे रोगों के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है. समुदाय आधारित संरक्षण से स्थानीय ग्रामीणों, चरवाहों और मवेशी पालकों को संरक्षण अभियानों से जोड़कर शवों में विष मिलाने जैसी घटनाओं को रोकने में भी सफलता मिल रही है. प्रतिबंधित दवाओं की सख्त निगरानी के साथ वन विभाग क्षेत्र में एक समर्पित संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है. इस केंद्र के माध्यम से गिद्धों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि की जाएगी, जिससे प्राकृतिक पर्यावरण संतुलन को सदैव बनाए रखा जा सके।
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