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नेपाल त्रासदी के बाद वाल्मीकिनगर में जलस्तर घटा, बाढ़ नियंत्रण सतर्क

IAImran AjijJust now
Bagaha, Bihar:नेपाल में हुईं त्रासदी के बाद सैलाब को लेकर अलर्ट के बीच फिलहाल राहत भरी खबर है। इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शुक्रवार को अधिकतम 1 लाख 26 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है जिसके बाद नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं गंडक किनारे हॉटस्पॉट बने मंगलपुर में नदी की धारा बदलने से दबाव की स्थिति अब बिल्कुल सामान्य हो गई है। हालांकi जलस्तर में कमी आने के बाद फिलहाल राहत है और स्थिति सामान्य होने का भी दावा किया जा रहा है। दरअसल पड़ोसी देश नेपाल में पिछले दिनों हुई त्रासदी के बाद हाई अलर्ट के बीच अब जलस्तर में थोड़ी कमी आने के बाद राहत महसूस किया जा रहा है बावजूद इसके सरकार ने सभी अधिकारीयों और कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दीं हैं। लिहाजा नदी के जलस्तर और बांधों की सुरक्षा को लेकर अभियंताओं की टीम 24 घंटे निगरानी में जुटी है। बताया जा रहा है कि जलस्तर में गिरावट दर्ज होने के मद्देनज़र कटावरोधी सामग्री का स्टॉक तैयार रखा गया है, जबकि अलग-अलग बांधों पर अभियंताओं और कर्मियों के साथ जवानों की तैनाती की गई है। यही वजह है कि वाल्मीकिनगर से लेकर बगहा तक अधिकारी और जवान रात-दिन मुस्तैद हैं। हालांकि डियारा के निचले इलाकों में पानी का दबाव अभी भी बरकरार है। जिसपर अभियंता नजर बनाए हुए राहत बचाव में जुटे हैं। खास बात यह है कि गंडक बराज नियंत्रण कक्ष से 36 फाटक उठा कर ऑटोमेटिक और मैनुअल तरीकों से प्रॉपर निगरानी जारी है। बता दें कि जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर अपडेट की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है। कैंप में मौजूद अधिकारी फिलहाल राहत महसूस कर रहे हैं और स्थिति धीरे धीरे सामान्य होने की जानकारी दे रहे हैं। जिस तरह सैलाब को लेकर अलर्ट है लिहाजा बाढ़ के बाद अब कटाव की चिंता को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। वहीं निचले इलाकों के लोगों को लगातार सतर्क रहने की भी अपील की जा रही है। हॉट स्पॉट बने गंडक नदी के ग्राउंड जीरो से मौजूदा हालात की जानकारी दे रहे हैं हमारे संवाददाता WT इमरान अज़ीज़ ज़ी मीडिया बगहा. बाइट - शम्भू सुमन, अभियंता, जल संसाधन विभाग
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बाड़मेर निकाय चुनाव: भक्ति-भजनों के बीच वोटों की चर्चा

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर में चुनावी रंग पर चढ़ा भक्ति का रंग, भजनों के बीच हुई वोटों की चर्चा बाड़मेर। निकाय चुनाव अब परवान पर हैं। चुनावी सरगर्मी के बीच बाड़मेर में इन दिनों ऐसे नजारे भी देखने को मिल रहे हैं, जहां भक्ति और सियासत एक ही मंच पर नजर आ रही है। नगर परिषद के पूर्व सभापति दिलीप उर्फ दीपक माली इस बार पार्षद पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। उनके चुनाव कार्यालय में जन्माष्टमी के अवसर पर भजनों का आयोजन हुआ, जिसमें वार्ड की सैकड़ों महिलाएं जुटीं। भजनों की धुन पर माहौल भक्तिमय रहा, लेकिन चुनावी मौसम में आयोजन हो और वोटों की चर्चा न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है। भक्ति के बीच चुनाव और मतदान को लेकर भी बातचीत का दौर चला। महिलाओं की बड़ी मौजूदगी ने वार्ड में चुनावी माहौल के गरमाने के संकेत भी दे दिए। दिलचस्प यह रहा कि चुनाव कार्यालय में एक तरफ कृष्ण भक्ति के भजन गूंज रहे थे तो दूसरी तरफ स्थानीय चुनाव की चर्चा चल रही थी। यानी कान्हा के नाम के साथ-साथ वोटों का गणित भी चर्चा में था। वार्ड में महिलाओं की इतनी बड़ी मौजूदगी ने चुनावी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। हालांकि चुनावी भीड़ का असली असर मतदान के दिन ही सामने आएगा। फिलहाल तस्वीर यही है कि बाड़मेर के निकाय चुनाव में प्रचार के रंग कई हैं। कहीं जनसंपर्क है, कहीं रणनीति और कहीं भजनों के बीच वोटों का हिसाब। अब देखना यह होगा कि जन्माष्टमी पर उमड़ी यह भीड़ भक्ति तक सीमित रहती है या मतदान के दिन वोटों की कतार में भी नजर आती है। बाइट: वार्ड के वाशिंदे WT with दीपक परमार
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चित्तौड़गढ़ भाजपा का संकल्प पत्र: रिवर फ्रंट से ओवरब्रिज तक विकास वादा

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जारी कर चुनावी अभियान तेज कर दिया है। सांसद सीपी जोशी ने रिकॉर्ड बहुमत से भाजपा का बोर्ड बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के विकास कार्य भाजपा की जीत का आधार बनेंगे। संकल्प पत्र में गंगा-गंभीरी नदी पर रिवर फ्रंट, गंभीरी माता की प्रतिमा, रेलवे लाइन पर नवीन अंडरपास और चंदेरिया में ओवरब्रिज सहित कई विकास कार्यों का वादा किया गया है। वहीं विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है। भाजपा ने साफ-सफाई, पार्किंग, यातायात, स्टेडियम, ट्रांसपोर्ट नगर और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने का रोडमैप भी जारी किया है। बाईट - सीपी जोशी .......... सांसद चित्तौड़गढ़
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पंचकूला में घग्गर ने ऊफान मारा, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा

Panchkula, Haryana:पंचकूला में बारिश के कारण घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। लगातार बारिश के कारण घग्गर नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और नदी उफान पर है। नदी में जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने आमजन से अगले तीन से चार दिनों तक भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए घग्गर नदी समेत अन्य बरसाती नदियों और नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। खास तौर पर नदी या बरसाती नालों में उतरने, नहाने और इनके किनारे जाने से बचें। पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण जल सैलाब की स्थिति कभी भी पैदा हो सकती है। लोगों से कहा गया है कि नदी-नालों के आसपास सेल्फी लेने, घूमने या नहाने के लिए न जाएं। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है। इससे पहले भी बारिश के दौरान घग्गर नदी और अन्य बरसाती नदियों में अचानक पानी बढ़ने से कई लोग फंस चुके हैं। प्रशासन ने बच्चों सहित लोगों से बरसाती नदियों व नालों से दूर रहने की अपील की है。
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मैनपुरी। 50 वर्षीय महिला लापता, परिजनों ने पुलिस से लगाई गुहार।

Manoj Kumar ShakyaManoj Kumar ShakyaFollow6m ago
Mainpuri, Uttar Pradesh:मैनपुरी में 50 वर्षीय महिला सुषमा देवी के लापता होने का मामला सामने आया है। सुषमा देवी पत्नी रामअवतार, ज्योंती रोड धारऊ की रहने वाली हैं। परिजनों के मुताबिक वह 3 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे घर से अचानक लापता हो गईं। बताया जा रहा है कि उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। सुषमा देवी का रंग सांवला, कद करीब 4 फीट 9 इंच और शरीर इकहरा है। लापता होने के समय उन्होंने काला पेटीकोट और काला ब्लाउज पहन रखा था, जबकि उनके शरीर पर साड़ी नहीं थी। परिजनों ने लोगों से अपील की है कि महिला के बारे में कोई जानकारी मिलने पर दिए गए मोबाइल नंबरों 7505838922 और 9027703374 पर सूचना दें।
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धनबाद के न्यू मोती नगर में मकानों की दरार और गैस रिसाव से डर, विशेषज्ञ जांच की मांग

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के चासनाला स्थित न्यू मोती नगर में पिछले दो-तीन महीनों से तीन घरों में लगातार दरारें पड़ने और जमीन से गैस रिसाव की शिकायत से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। प्रभावित घर दीपक दत्ता, सावित्री देवी और सीताराम दास के बताए जा रहे है।घरों में बढ़ती दरारों और गैस रिसाव को देखते हुए परिवार के लोग अपने ही मकान में रहने से डर रहे है।सुरक्षा के लिहाज से कुछ लोग किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं जबकि कुछ परिवारों ने अपने सदस्यों को मायके भेज दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मकानों में जिस तेजी से दरारें बढ़ रही हैं उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। परिवारों के बीच लगातार यह भय बना हुआ है कि उनका घर कब धराशायी हो जाए।रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है और लोग डर के साये में रात गुजार रहे है। बताया जाता है कि प्रभावित परिवार पहले पुराने मोती नगर में रहते थे।विस्थापन के बाद उन्हें न्यू मोती नगर में बसाया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि विस्थापन के बाद उन्हें सुरक्षित आवास मिलेगा लेकिन अब उन्हीं मकानों में दरारें पड़ने और गैस रिसाव की शिकायत सामने आने से उनकी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके के नीचे जमीन में आग लगी हुई है जिसके कारण जमीन के अंदर से गैस निकलने की आशंका है। हालांकि जमीन के नीचे आग और गैस रिसाव के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए तकनीकी और विशेषज्ञ जांच जरूरी है। प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों ने मामले की शिकायत चासनाला सेल के महाप्रबंधक से की है।इसके अलावा झरिया विधायक को भी समस्या से अवगत कराया गया है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई है। प्रभावित परिवारों ने सेल प्रबंधन से मांग की है कि तत्काल विशेषज्ञों की टीम भेजकर मकानों और जमीन की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही गैस रिसाव के स्रोत का पता लगाने और मकानों में आई दरारों की गंभीरता का आकलन किया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वहां रहना सुरक्षित है या नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला सिर्फ मकानों में आई दरारों तक सीमित नहीं है।यदि जमीन के नीचे आग या गैस रिसाव की पुष्टि होती है तो आसपास रहने वाले अन्य परिवार भी खतरे की जद में आ सकते है। ऐसे में प्रशासन और सेल प्रबंधन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने चाहिए। प्रभावित परिवारों का कहना है कि विस्थापन के बाद उन्होंने बड़ी उम्मीद से न्यू मोती नगर में अपना आशियाना बसाया था लेकिन अब उसी घर में रहने से डर लग रहा है। परिवारों ने सेल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों से जल्द जांच कराकर सुरक्षित आवास अथवा उचित समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
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बेगूसराय के मटिहानी में बाढ़ की चपेट, हजारों लोग प्रभावित

Begusarai, Bihar:एंकर, बेगूसराय में अब बाढ़ ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है. जहां गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. खोरामपुर पंचायत में पिछले पांच दिनों से बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश कर चुका है. हालात ऐसे हैं कि करीब दो हजार घरों में पानी घुस गया है, जबकि हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. लोग अब अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. सड़कों पर घुटने से भी ज्यादा पानी जमा है और जहां कभी लोग पैदल चला करते थे, वहां अब नाव चल रही है. देखने के लिए एक्सक्लूसिव तस्वीरें हैं, जहां हमारे रिपोर्टर ने कमर से ज्यादा पानी में उतरकर बाढ़ की जमीनी हकीकत और लोगों का दर्द कैमरे में कैद किया है. यह तस्वीरें बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के खोरामपुर पंचायत की हैं. जहां पिछले पांच दिनों से लगातार बाढ़ का पानी गांव में जमा है. चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. बाढ़ के पानी ने गांव को पूरी तरह टापू में तब्दील कर दिया है. हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब दो हजार घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है. सड़कों पर घुटने से भी ज्यादा पानी जमा है आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है और लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं, तो कुछ लोग मजबूरी में अपने घरों की छत पर रहने को विवश हैं. बाढ़ ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है. ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ का पानी गांव में घुसने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक राहत और बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है. लोगों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में उन्हें अपने परिवार और सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है. जी मीडिया के कैमरे में कैद ये तस्वीरें बाढ़ की भयावहता की कहानी बयां कर रही हैं. कमर से ज्यादा पानी में उतरकर जी मीडिया के रिपोर्टर ने मौके से एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग की है, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को कैमरे के सामने लाया गया है. घर डूब रहे हैं... सड़कें डूब चुकी हैं लोग पलायन कर रहे हैं. और अब जिंदगी बचाने के लिए ऊंचे स्थानों का सहारा लिया जा रहा है. कुल मिलाकर बेगूसराय का मटिहानी विधानसभा क्षेत्र बाढ़ की गंभीर चपेट में है. खोरामपुर पंचायत में बने इन हालात के बीच अब लोगों को प्रशासन से राहत और बचाव की उम्मीद है. जी मीडिया की एक्सक्लूसिव तस्वीरों में देखिए बाढ़ की पूरी भयावह तस्वीर
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प्रतापगढ़ में जन्माष्टमी के उत्साह भरी भव्य शोभायात्रा, मंदिरों में सजावट और आयोजन

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ शहर में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर शहर के कृष्ण मंदिरों में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन किए गए। सुबह से श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों में दर्शन किए और भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की। जन्माष्टमी के अवसर पर चारभुजा नाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनियों से सजाया गया, जहां दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। इसके अलावा केशवराय जी मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, कल्लाजी मंदिर, अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर, भूतनाथ महादेव मंदिर और बालाजी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पर्व के अवसर पर ग्वाला समाज की ओर से शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कृष्ण मंदिर में अभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, वहीं छोटे-छोटे बच्चे भगवान कृष्ण के स्वरूप में सजे नजर आए। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा। शहर के प्रमुख मार्गों से निकली शोभायात्रा का जगह-जगह व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा तथा आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। यात्रा के दौरान धार्मिक जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। शोभायात्रा के समापन के बाद ग्वाला समाज की धर्मशाला में प्रसादी का आयोजन किया गया। रात्रि में केशवराय जी मंदिर पर महाआरती और विशेष भजन संध्या का आयोजन होगा। जन्माष्टमी को लेकर प्रतापगढ़ शहर सहित जिलेभर के कृष्ण मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। मंदिरों में देर रात तक पूजा-अर्चना, भजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का दौर जारी रहेगा। शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए। शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही और यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया।
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उलाय नदी पर स्थायी पुल नहीं, 35 हजार लोग बारिश में आवाजाही जोखिम में

Jamui, Bihar:जमुई: झाझा प्रखंड के बलियो गांव के समीप उलाय नदी पर स्थायी पुल नहीं बनने से करीब 35 हजार की आबादी वर्षों से परेशानी झेल रही है। आजादी के 80 साल बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो देने के कारण बारिश के दिनों में बलियो सहित दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है और कई बार लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। वहीं इस पुल की अगर बात की जाए तो इससे खैरा सोनो और झाझा तीनों प्रखंडों को जोड़ने वाली पुल है जो की झाझा बाजार और सहित गांव की कनेक्टिविटी किसी पुल से होगी। वहीं बलियो, तेतरिया टांड़, सिमरासोत, बंदरचुआ, कोडबाडीह और चिल्लीटांड़ सहित दर्जनों गांवों के लोग इलाज, पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए झाझा बाजार और अस्पताल पर निर्भर हैं। बारिश के दिनों में उलाय नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद इन गांवों के लोगों को झाझा पहुंचने के लिए करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। लिहाजा, सामान्य दिनों की अपेक्षा बरसात में ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को होती है। नदी का पानी बढ़ने के बाद आवागमन का रास्ता बाधित हो जाता है। इसके باوجود जरूरी काम से जाने वाले ग्रामीण नदी पार करने का जोखिम उठाते हैं। तेज बहाव के बीच नदी पार करने के दौरान हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। उलाय नदी पर पुल बनने से सोनो, खैरा और झाझा प्रखंड के दर्जनों गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। ग्रामीणों के अनुसार करीब 35 हजार की आबादी झाझा बाजार और अस्पताल पर काफी हद तक निर्भर है। दैनिक जरूरत का सामान खरीदने से लेकर इलाज तक के लिए लोगों को झाझा जाना पड़ता है। पुल नहीं होने के कारण बरसात में उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ-साथ जान का जोखिम भी उठाना पड़ता है। पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से मांग किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है。 मामला संज्ञान में आया, जांच के बाद होगी पहल पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी श्री नवीन ने कहा कि मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और जांच के बाद मामले में आवश्यक पहल की जाएगी。
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