480001
MP में प्रसव के दौरान गर्भवती की गई जान, अस्पताल में हंगामा, पुलिस पहुंची
Chhindwara, Madhya Pradesh:मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के गायनिक वार्ड में रविवार रात प्रसव के दौरान एक गर्भवती की जान चली गई, जिससे आहत परिजनों ने वार्ड में हंगामा कर दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। बताया जा रहा है कि शिशु की स्थिति सामान्य है।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
वालुज के खावड्या पहाड़ से कूदकर एक ही परिवार के तीनों की मौत
Noida, Uttar Pradesh:वालुज इलाके में खावड्या पहाड़ से कूदने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत है। बेटा सुसाइड करने के लिए पहाड़ पर चढ़ा, उसे बचाने गया पिता भी बेटे के साथ नीचे गिर गया। दोनों को गिरता देख मां भी पहाड़ से कूद गई। एक ही परिवार के माता-पिता और बेटे की मौत0
0
Report
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के जमीन फर्जीवाड़े पर एफआईआर: 72 हजार वर्गमीटर, 11 नामजद
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 72 हजार वर्गमीटर जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, जमीन हड़पने, करोड़ों रुपये के गबन और धमकी देने के मामले में न्यायालय के आदेश पर थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज हुई है। मामला गायत्री हॉस्पिटेलिटी एंड रियलकॉन लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि अवि सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। मामले में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व महाप्रबंधक रवीन्द्र तोंगड़, उनकी पत्नी कुशल सिंह और सीआरसी ग्रुप के तीन निदेशकों कुणाल भल्ला, सतीश गर्ग व हिमांशु गोयल समेत 11 नामजद और छह-सात अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायत में करीब पांच करोड़ रुपये की देनदारी, बकाया और ब्याज राशि के कथित गबन के साथ 73 प्रतिशत हिस्सेदारी में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार फरवरी 2011 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-01, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्लॉट संख्या जीएच-11 की 72 हजार वर्गमीटर जमीन गायत्री हॉस्पिटेलिटी एंड रियलकॉन लिमिटेड को लीज पर आवंटित की थी।आरोप है कि बाद में इन्टाइसमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और कोमली बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए जमीन के हिस्सों की सब-लीज में अनियमितता की गई। 2013 में 20 हजार वर्गमीटर जमीन की सब-लीज इन्टाइसमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम कराई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी में पूर्व जीएम रवीन्द्र तोंगड़ के रिश्तेदारों को निदेशक बनाया गया और उनकी पत्नी कुशल सिंह को 73 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई। आरोप है कि पद का दुरुपयोग कर जमीन की सब-लीज अपने लोगों को कराई गई और मूल कंपनी को निर्धारित भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2014 में 14 हजार वर्गमीटर जमीन की एक और सब-लीज कोमली बिल्डटेक के नाम किए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक 72 हजार वर्गमीटर के मूल प्रोजेक्ट में फ्लैटों की बुकिंग शुरू होने के बाद क्षेत्रफल घटाकर 36 हजार वर्गमीटर कर दिया गया और पुरानी बुकिंग को इसी हिस्से में समायोजित किया गया। वर्ष 2015-16 में हिस्सेदारी के लेनदेन के दौरान करीब पांच करोड़ रुपये विभिन्न कंपनियों से स्थानांतरित किए जाने और रकम के कथित दुरुपयोग के आरोप है। वर्ष 2018 में कथित फर्जी सब-लीज से संबंधित जमीन पर सीआरसी ग्रुप के साथ संयुक्त उपक्रम के जरिए नई परियोजना विकसित करने की बात शिकायत में कही गई है। फर्जी दस्तावेज और बैलेंसशीट में गड़बड़ी का आरोप परियोजना के लिए बैंक ऋण लेने और अन्य कार्यों में फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। कंपनी के अभिलेखों और बैलेंसशीट में रकम से जुड़ी कथित हेराफेरी की बात कही गई है। 31 मार्च 2025 की कंपनी मंत्रालय को भेजी गई बैलेंसशीट में भी बकाया रकम को लेकर गड़बड़ी का आरोप है। दिसंबर 2025 में रकम और हिसाब-किताब को लेकर बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता को धमकी देने और उसका पीछा करने का भी आरोप लगाया गया है.0
0
Report
जंतर मंतर पर आरक्षण सुधार और आर्थिक आरक्षण की मांग तेज
New Delhi, Delhi:दिल्ली के जन्तर मन्तर पर Reservation On Reform को लेकर प्रोटेस्ट किया जा रहा है.. प्रोटेस्ट कर रहे लोगों से बात की है.. जिनका कहना है Reservation Reform होना चाहिए... आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए..UGC रोल बैक होना चाहिए जो गरीब लोग हैं..जिन्हें आरक्षण की जरूरत है..वहां तक आरक्षण नहीं पहुँच पा रहा है..जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेगी.. तब तक हम यहां से हटने वाले नही हैं..0
0
Report
Advertisement
दिल्ली-नोएडा की सड़कों पर गड्ढे, गहमर हालात भाषणहीन नहीं
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में भी जगह-जगह पर गड्ढे खुले हुए हैं अब हम आपको दिखाते हैं ओखला में स्थित यह सड़क कई सालों से खराब पड़ी हुई है, आने जाने वाले मुसाफिरों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद हमने झंडेवालान की तरफ पहुंचा तो झंडेवालान में भी सड़क खराब पड़ी हुई है और यह सड़क कई सालों से खराब पड़ी है; इसका नया शोध नहीं होता। इस बाबत हमने टाउन प्लानर और आर्किटेक्ट hs संचेती से बात किया; उनका कहना है कि जो पदार्थ इस्तेमाल किया जाता है, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि तुरंत उसमें गड्ढे हो जाते हैं। आम टैक्स पर यह सुविधा होती है ताकि सड़क की सुविधा अच्छी मिल सके; यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर की तरफ वॉटर लॉगिंग देखने को मिलती है, इसका मुख्य कारण है कि जो सड़के बनाई जाती हैं, उनमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। नोएडा में सड़कों का खस्ता हाल दिख रहा है। सेक्टर 25 की सड़क हाई-फाई लोकेलिटी होने के बावजूद टूटी पड़ी है; रोडिया बाहर निकल रही हैं,खराब कंस्ट्रक्शन की वजह से एक साल के भीतर ही सड़क टूट गई। इसके बाद हमने नोएडा सेक्टर 12-22 की सड़क पर भी देखा; यह पूरी तरह से टूटी पड़ी है, जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और सड़क पर रोडिया बाहर निकली हुई हैं। अब gaurCity फ्लायओवर के पास भी स्थिति यही है—सड़क में गड्ढा है या गड्ढों में सड़क है, पहचान पाना मुश्किल है; सड़क टूटी पड़ी हुई है लेकिन अधिकारियों को कोई सुध नहीं।0
0
Report
भोपाल: ओबीसी कॉलम नहीं मिलने पर जातिगत जनगणना पर सियासत गरम
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल जातिगत जनगणना में ओबीसी का कॉलम नहीं होने पर गरमाई सियासत कांग्रेस ने आरोप-प्रत्यारोप किए, सरकार ने कहा कि जाति की गिनती हो जाएगी और ओबीसी समेत अन्य वर्गों की जानकारी भी मिलेगी।0
0
Report
बारिश में खाट पर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने वाले ग्रामीणों पर सवाल
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा जिले के त्यौंथर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 से बारिश के बीच मानवीय मजबूरी की तस्वीर सामने आई है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो गया है। इसी दौरान एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। बताया जा रहा है कि पानी के तेज बहाव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नाले को पार कराया। ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण खाट के सहारे गर्भवती महिला को पानी के बीच ले जाते नजर आ रहे हैं। बारिश के दौरान सामने आई यह तस्वीर वार्ड क्रमांक 12 सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल आवागमन व्यवस्था और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है。0
0
Report
Advertisement
मोरनी रोजगार कार्यालय में विशाल सांप घुसा, कर्मचारियों में हड़कंप
Panchkula, Haryana:मोरनी। मोरनी स्थित रोजगार कार्यालय में शुक्रवार को एक विशाल सांप घुसने से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सांप कार्यालय परिसर में होने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि मामले की सूचना करीब सुबह 10 बजे वन्य प्राणी विभाग को दे दी गई थी, लेकिन खबर लिखे जाने तक विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे कार्यालय कर्मचारियों में नाराजगी और चिंता बनी हुई है। रोजगार कार्यालय के साथ ही पंजाब नेशनल बैंक और पोस्ट ऑफिस भी स्थित हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में कार्यालय परिसर में सांप की मौजूदगी से कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों ने वन्य प्राणी विभाग से जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।0
0
Report
AAP विधायक संजीव झा ने साइकल घोटाले की ACB जांच की मांग की
New Delhi, Delhi:आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा है कि ACB में शिकायत दी है, साइकिल घोटाले पर जांच होनी चाहिए। 90 करोड़ की साइकिल खरीद में लगभग 37 करोड़ का घोटाला हुआ है हमने सभी डाक्यूमेंट दिए किस तरह से घोटाला हुआ है। उम्मीद है ACB दोषी को बख्शेगी नहीं। दिल्ली सरकार में दवा घोटाले में एसीबी जांच कर रही है और कोर्ट में उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट गायब कर दिए, मंत्री को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया। आप नेता सतेंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया। दो साल पुराने मामले में, जो उनके पॉलिटिकल बॉस है जो वो कहते है यही होता है। जंतर मंतर पर जो हुआ सबके सामने है, हमे उमीद है कि Gen Z इनके नैरेटिव में नहीं फंस रहे है वो अपने मुद्दे की लड़ाई लड़ रहे है। पुलिस का रवैया ठीक नहीं था उम्मीद है कार्रवाई होगी0
0
Report
16 हजार मानदेय ने भागलपुर के शिक्षक को दुकान लगाने पर मजबूर किया
Naya Chak, Bihar:एंकर - सरकारी नौकरी... जिसे आमतौर पर सुरक्षित भविष्य और सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन भागलपुर में एक सरकारी शिक्षक की तस्वीर सिस्टम की दूसरी हकीकत दिखा रही है। दिन में स्कूल में बच्चों को पीटी और खेलकूद की ट्रेनिंग देने वाले शिक्षक, ड्यूटी खत्म होने के बाद झालमुड़ी की दुकान लगाने को मजबूर हैं। वजह है महज 16 हजार रुपये का मानदेय... जिससे उनका कहना है कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। ये तस्वीर भागलपुर के सन्हौला प्रखंड के अमडंडा मध्य विद्यालय की है। स्कूल में बच्चों को पीटी और खेलकूद सिखाते हुए शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक निशांत कुमार की कहानी है। निशांत की 2022 में शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर बहाली हुई थी। उस वक्त उन्हें महज 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। करीब तीन साल तक मानदेय बढ़ाने की मांग और आंदोलन के बाद रकम बढ़कर 16 हजार रुपये हुई, लेकिन निशांत के मुताबिक आज की महंगाई में यह रकम परिवार के लिए पर्याप्त नहीं है। यही वजह है कि स्कूल में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद निशांत स्कूल के बाहर झालमुड़ी और स्टेशनरी की छोटी सी दुकान लगाते हैं। निशांत बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें स्कूल के बाहर दुकान लगाने में झिझक और शर्म महसूस हुई, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों के सामने मजबूरी बड़ी हो गई। दुकान से रोज करीब 300 से 400 रुपये की अतिरिक्त कमाई हो जाती है, जिससे घर का खर्च किसी तरह चल पा रहा है। सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आती है, जब स्कूल में जिन बच्चों को निशांत अनुशासन और खेलकूद सिखाते हैं, वही बच्चे शाम को उनकी दुकान पर झालमुड़ी खरीदने पहुंचते हैं। बच्चे भी कहते हैं कि अपने PT सर को झालमुड़ी बेचते देखकर अच्छा नहीं लगता, लेकिन उनकी मजबूरी को वे समझते हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार को शिक्षकों का मानदेय बढ़ाना चाहिए और उन्हें पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा देना चाहिए। निशांत का कहना है कि वह चाहते हैं कि शारीरिक शिक्षकों और स्वास्थ्य अनुदेशकों को अंशकालिक व्यवस्था से बाहर निकालकर पूर्णकालिक किया जाए और वेतन में उचित बढ़ोतरी की जाए, ताकि उन्हें परिवार चलाने के लिए स्कूल के बाद दूसरी नौकरी या दुकान का सहारा न लेना पड़े।बताया जा रहा है कि कम मानदेय की वजह से सिर्फ निशांत ही नहीं, बल्कि बिहार के कई शारीरिक शिक्षक और स्वास्थ्य अनुदेशक आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कोई डिलीवरी का काम कर रहा है तो कोई अतिरिक्त आमदनी के लिए दूसरे छोटे-मोटे काम करने को मजबूर है।0
0
Report
Advertisement
दादी की रसोई ने 11 साल पूरे कर लिए: 5 में भरपेट भोजन, 10 में कपड़े
Noida, Uttar Pradesh:11 साल से जरूरतमंदों का सहारा बनी ‘दादी की रसोई’, 5 में भरपेट भोजन और 10 में कपड़े 21 अगस्त 2015 को शुरू हुई ‘दादी की रसोई’ ने आज अपने 11 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर नोएडा के सेक्टर-29 स्थित गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ‘दादी की रसोई’ के जरिए जरूरतमंद और गरीब लोगों को महज 5 में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। रसोई के संचालक अनूप खन्ना ने बताया कि यहां हर दिन साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखते हुए भोजन तैयार किया जाता है और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है। सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि संस्था जरूरतमंदों को कम कीमत पर कपड़े भी उपलब्ध कराती है। लोग अपने घर के अतिरिक्त कपड़े यहां जमा कर सकते हैं। इन कपड़ों को साफ-सुथरा करने के बाद जरूरतमंद लोगों को महज 10 प्रति कपड़ा के हिसाब से दिया जाता है। अनूप खन्ना का कहना है कि कपड़ों को पूरी तरह मुफ्त में बांटने के बजाय 10 की मामूली कीमत इसलिए रखी गई है, ताकि सिर्फ वास्तविक जरूरतमंद लोग ही इसका लाभ उठाएं और कपड़ों की बर्बादी न हो। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के माध्यम से लोगों को सस्ती दरों पर दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। 11 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने ‘दादी की रसोई’ की इस पहल की सराहना की। यह रसोई पिछले 11 वर्षों से जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन, कपड़े और सस्ती दवाओं के रूप में मदद का मजबूत माध्यम बनी हुई है। बाईट Anup Khanna0
0
Report
बांसवाड़ा में स्कूटी सवार महिला की मौत, ट्रक हादसे से हड़कंप
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा हादसे का विवरण: शुक्रवार को बोरवट गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला भावना की मौत हो गई, जबकि उसका पति प्रकाश घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब नाहली गांव से दंपती स्कूटी पर सवार होकर बांसवाड़ा आ रहे थे और तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को चपेट में ले लिया। भावना की मौत मौके पर हो गई; पति को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। बताया गया कि वे भावना अपने पति के साथ बांसवाड़ा स्थित अपने भाई के घर जा रहे थे। दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और ट्रक को जब्त किया गया। सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।0
0
Report
संभाजीनगर में 3 की मौत, 18 साल के युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया
Noida, Uttar Pradesh:महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को माता-पिता और बेटे समेत 3 लोगों की मौत हो गई। 18 साल का युवक सुसाइड करने के इरादे से पहाड़ी पर पहुंचा था। पिता उसे चट्टान से पीछे खींचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। पति और बेटे की मौत अपनी आंखों के सामने देखने के बाद मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। तीनों की मौत हो गई। घटना तिसगांव इलाके के खावड्या पहाड़ की है। लड़का सुसाइड क्यों करने पहुंचा था इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि तिसगांव के पूर्व सरपंच का दावा है कि सुसाइड करने वाला लड़का आईफोन लेना चाहता था।0
0
Report
Advertisement
बसोली पंचायत के मंदिर संचालन मुद्दे पर फिर उभरा संघर्ष, DC कार्यालय घेराव जारी
Una, Himachal Pradesh:पीरनिगाह मंदिर के संचालन को लेकर बसोली पंचायत के ग्रामीणों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में पंचायत की महिलाएं और पुरूष जिला मुख्यालय पहुंचे और डीसी कार्यालय परिसर में धरना देकर मंदिर का संचालन पंचायत को वापस सौंपने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बीडीओ द्वारा शुक्रवार को ग्राम सभा न बुलाए जाने को लेकर भी भारी नाराजगी जताई। धरने के दौरान बुजुर्ग महिलाएं ने अपनी समस्याएं मीडिया के समक्ष रखते हुए कहा कि जब पीरनिगाह मंदिर का संचालन पंचायत के पास था, तब उन्हें पेंशन सहित कई सुविधाएं घर-द्वार पर ही मिल जाती थीं। उनका आरोप है कि मंदिर का संचालन बीडीओ के पास जाने के बाद उन्हें पेंशन लेने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बुजुर्ग महिलाएं ने कहा कि बुढ़ापे के इस दौर में बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाना उनके लिए मुश्किल है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द पीरनिगाह मंदिर के संचालन की चाबियां पंचायत को नहीं सौंपी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दी कि वे प्रशासन को मंदिर में प्रवेश नहीं करने देंगे। बसोली पंचायत के प्रतिनिधि और ग्रामीण मंदिर का संचालन वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव में देरी के चलते जिला प्रशासन ने पीरनिगाह मंदिर का संचालन अपने पास ले लिया था। अब पंचायत चुनाव संपन्न हो चुके हैं, पंचायत का गठन हो चुका है और नवनिर्वाचित प्रधानों को शक्तियां मिलने के साथ उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। इसके बावजूद मंदिर का संचालन अभी तक बसोली पंचायत को वापस नहीं सौंपा गया है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब दो माह से पंचायत प्रतिनिधि लगातार जिला प्रशासन से पीरनिगाह मंदिर का संचालन वापस सौंपने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। शुक्रवार को एक बार फिर ग्रामीणों के धरने से साफ हो गया कि मंदिर संचालन का यह मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है और ग्रामीण अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। वही काफी समय डीसी कैंपस में धरने पर बैठे बसोली पंचायत के प्रतिनिधियों ने डीसी जतिन लाल के कमरे के बाहर उनका घेराब किया और खूब जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया इस दौरान माहौल तनावपूर्ण होते देख पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था हालांकि डीसी जतिन लाल ने उनसे देरी के लिए हाथ जोड़कर माफ़ी भी मांगी और उन्हें इस मामले में जल्द हल पाने के लिए समय दिए जाने की बात कही उन्होंने कहा इस मामले को लेकर सरकार की तरफ से कोई पत्र अभी तक नहीं आया है फिर भी उन्हें जल्दी है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात उन्होंने कही लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने डीसी कैंपस में लंगर लगाया और खाना खाया उन्होंने इस मामले में जल्द हल निकाले जाने की मांग पर बह खबर लिखे जाने तक डटे रहे0
0
Report
मुंबई के SV रोड पर गड्ढों के कारण यातायात तनाव; नागरिकों ने आपात दरार-भराई की मांग
Mumbai, Maharashtra:मुंबईतील विलेपार्ले परिसरातील एस. व्ही. रोडवर सध्या मोठमोठ्या खड्ड्यांमुळे वाहनचालक आणि पादचाऱ्यांना मोठ्या त्रासाला सामोरे जावे लागत आहे. स्मशानभूमीसमोर आणि स्कायवॉकच्या खाली रस्त्याची दुरवस्था झाली असून, ठिकठिकाणी खड्डे पडले आहेत. एस. व्ही. रोड हा पश्चिम उपनगरातील महत्त्वाचा आणि सतत वर्दळीचा मार्ग आहे. त्यामुळे या खड्ड्यांमुळे वाहतुकीवरही परिणाम होत आहे. वाहनचालकांना खड्डे चुकवत वाहने चालवावी लागत असून, दुचाकीस्वारांसाठी ही परिस्थिती विशेषतः धोकादायक ठरत आहे. पावसाचे पाणी या खड्ड्यांमध्ये साचल्यानंतर खड्ड्यांची खोली लक्षात येत नाही. त्यामुळे दुचाकी घसरून अपघात होण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे. पादचाऱ्यांनाही रस्ता ओलांडताना आणि या परिसरातून जाताना अडचणींचा सामना करावा लागत आहे. या रस्त्याची तातडीने पाहणी करून खड्डे बुजवावेत आणि नागरिकांना दिलासा द्यावा, अशी मागाणी स्थानिक नागरिकांकडून केली जात आहे. यांचा आढावा घेतला आमचे प्रतिनिधी संजीवनी वैजल यांनी0
0
Report
झांसी के पानी प्लांट में खुला टैंक: नहाते युवक से पेयजल योजना पर सवाल
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी में लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के दावों की पोल खोलता एक वीडियो सामने आया है। गरौठा पुनर्गठन पेयजल योजना के रामनगर रोड स्थित पानी प्लांट का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक उसी टैंक में खुलेआम नहा रहा है, जिसका पानी हजारों घरों में पीने के लिए जाता है। वहीं शुद्ध पानी के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ का यह वीडियो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। झांसी में गुरसरांय-गरौठा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा किया जाता है। लेकिन रामनगर रोड स्थित पानी प्लांट से जो वीडियो सामने आया है, उसने जल विभाग की पूरी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक पानी प्लांट के भीतर बिना किसी रोक-टोक के घुस जाता है और शोधित पानी के टैंक में खुलेआम नहाते हुए साफ नजर आ रहा है। जिस पानी को शोधित कर घरों में पीने के लिए भेजा जाता है, उसी संयंत्र में इस तरह स्नान की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है。0
0
Report
Advertisement
