icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

मोतीहारी फोरलेन पर बाइक-डंपर टक्कर, युवक की मौके पर मौत

Muzaffarpur, Bihar:मोशन स्पेस नहीं; कृपया ध्यान दें: मुजफ्फरपुर मोतीहारी फोरलेन पर बाइक और डंपर की भीषण टक्कर हुई। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर मौत हो गई। मृतक की पहचान मुजफ्फरपुर के गरीबस्थान निवासी अनिकेत कुमार के रूप में हुई है। बताया गया है कि अनिकेत अपने छह दोस्तों के साथ अलग-अलग बाइस से घूमने निकला था और लौटते समय रतनपुरा के नजदीक कट पॉइंट पर डंपर से दुर्घटना हो गई। हादसा इतना तेज था कि अनिकेत की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के दोस्त ने बताया कि सभी छह दोस्त ट Toll Plaza के आसपास घूमने जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर डंपर को कब्जे में ले गई।
0
0
Report

सहारनपुर के करेंसी चChest मामले में NIA ने कब्जा और सील करने की चर्चा तेज

NJNEENA JAINJust now
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में करेंसी चेस्ट में नकली नोटों से जुड़े मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने करेंसी चेस्ट को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद बैंक स्तर पर चल रही कार्रवाई लगभग किनारे हो गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब बैंक के अधिकारियों को भी इस मामले की जांच से बाहर कर दिया गया है। उधर, चेस्ट को सील किए जाने की चर्चा ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सहारनपुर के घंटाघर के पास सोफिया माकेट में स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट से जुड़े मामले में अब जांच की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने करेंसी चेस्ट को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही बैंक स्तर पर चल रही जांच और निगरानी की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बैंक अधिकारियों को भी अब इस मामले की जांच प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। वहीं, करेंसी चेस्ट को सील किए जाने की चर्चा ने मामले को और गंभीर बना दिया है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देहरादून से भी एनआइए के सीओ रैंक के दो अधिकारी भी जांच के लिए पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने करेंसी चेस्ट से जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी ली और उपलब्ध रिकार्ड की जांच कर रही एनआइए की टीम से जानकारी ली। जांच के दौरान चेस्ट में नकदी की स्थिति, उसके आने-जाने से जुड़े रिकार्ड और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल किए जाने की बात सामने आ रही है।
0
0
Report

मुंगेर में गंगा बाढ़ से 3.05 लाख लोग प्रभावित, 27 सामुदायिक रसोई शुरू

Munger, Bihar:गंगा के बढ़ते जलस्तर से 3.05 लाख आबादी प्रभावित, 300 गांव बाढ़ की चपेट में ,37 पंचायतों में बाढ़ का असर, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा; 27 सामुदायिक रसोई शुरू, बोट एंबुलेंस से पहुंचाई जाएगी दवा, मुंगेर: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलगतर से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। जिले की 37 पंचायतों के करीब 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे लगभग 3.05 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। रविवार को केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की。 बैठक में भाजपा विधायक कुमार प्रणय, जदयू विधायक नचिकेता मंडल, विधान परिषद सदस्य लाल मोहन गुप्ता, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, बेगूसराय एवं भागलपुर के जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न अंचलों के अंचलाधिकारी मौजूद रहे。 बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि कम वर्षा होने के बावजूद बाढ़ का खतरा बना रहता है। गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश होने पर नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। वहीं, नेपाल में अधिक बारिश होने पर कोसी, गंडक और गंगा के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि होती है。 उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए मुंगेर जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। प्रभावित लोगों के लिए रविवार से 27 सामुदायिक रसोई शुरू कर दी गई हैं। बाढ़ के कारण विस्थापित हुए लोगों के रहने की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने जिलाधिकारी को सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को पूरी नहीं खिलाई जाए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। उन्हें चावल, दाल और हरी सब्जी का पौष्टिक एवं सुपाच्य भोजन उपलब्ध कराया जाए。 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार बिहार के साथ है और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत एवं क्षति का आकलन कर राज्य सरकार केंद्र को रिपोर्ट भेजेगी। इसके आधार पर गृह मंत्रालय की प्रक्रिया के तहत आवश्यक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और सरकार प्रभावित क्षेत्रों में मजबूती से राहत एवं बचाव कार्य चला रही है。 मोटरबोट से जाफरनगर और कुतलुपुर पहुंचे डीएम-एसपी बैठक के बाद जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने मोटरबोट से गंगा पार जाफरनगर और कुतलुपुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पॉलीथिन शीट और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि 27 सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए बोट एंबुलेंस की भी शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से दुर्गम एवं बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचकर लोगों को आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नाविकों को धमकाने की शिकायत, एसडीआरएफ के साथ पुलिस करेगी गश्त एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने चोरी की घटनाओं की शिकायत की है। वहीं, नाविकों ने भी शिकायत की कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उन्हें नाव चलाने के दौरान डराते-धमकाते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में एसडीआरएफ के साथ पुलिस बल की नियमित गश्त कराई जाएगी। नाविकों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी, ताकि वे बिना किसी भय के राहत एवं बचाव कार्य में नावों का परिचालन कर सकें। बाइट : राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह केंद्रीय मंत्री बाइट: निखिल धनराज जिलाedक बाइट सैयद इमरान मसूद एसपी मुंगेर
0
0
Report
Advertisement

जन्माष्टमी पर ठाकुरबाड़ी में बार बालाओं के डांस से उठा भारी विवाद

Gaya, Bihar:जन्माष्टमी पर भक्ति या अश्लीलता? ठाकुरबाड़ी परिसर में बार बालाओं के डांस और भोजपुरी गीतों का वीडियो वायरल भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का प्रतीक माना जाता है। लेकिन गया जिले के इमामगंज प्रखंड में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम अब विवादों में घिर गया है। ठाकुरबाड़ी परिसर में भजन-कीर्तन की जगह बार बालाओं के डांस और भोजपुरी के कथित अश्लील गीतों की प्रस्तुति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गया जिले के इमामगंज प्रखंड के रानीगंज बाजार स्थित ठाकुरबाड़ी परिसर में जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद राजद के टेकारी विधायक अजय कुमार दांगी, बाराचट्टी विधानसभा की विधायक प्रत्याशी तनुश्री मांझी, आयोजन समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव, मोहन यादव, मुख्य देव यादव सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। आयोजन में आसपास के गांवों और बाजारों से हजारों लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में भोजपुरी गायिका खुशी कक्कड़ को आमंत्रित किया गया था। उनके मंच पर आते ही दर्शकों में उत्साह बढ़ गया और लोग देर रात तक गीतों की धुन पर झूमते रहे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर बार बालाओं ने फिल्मी और भोजपुरी गीतों पर डांस प्रस्तुत किया। वहीं भोजपुरी गायिका द्वारा भी ऐसे गीत गाए गए, जिन पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मंच से सइयां जी दिलवा मांगे ला... जैसे गीत बजते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। इसे लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि धार्मिक आयोजन में इस तरह के कार्यक्रम कितने उचित हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि जन्माष्टमी जैसे धार्मिक पर्व पर ऐसे गीत और प्रस्तुतियां आयोजन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन या आयोजन समिति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि वायरल वीडियो के बाद यह आयोजन पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
0
0
Report

समस्तीपुर में सड़क हादसे से महिला की मौत, पगड़ा चौक पर लोग जाम

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के एनएच 28 पगड़ा चौक के समीप रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई. दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई. हादसे से आक्रोशित लोगों ने दुर्घटना स्थल के पास एनएच-28 पर आवागमन बाधित कर सड़क जाम कर दिया. जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. मृतका की पहचान लखीसराय जिले के पोरी बाजार, बरियारपुर निवासी संतोष कुमार की पत्नी रेखा कुमारी (36) के रूप में बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, रेखा देवी रविवार को स्कूटी से कहीं जा रही थीं. इसी दौरान पगड़ा चौक के समीप भारी वाहन ने उन्हें टक्कर मार दिया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. महिला की मौत से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया. लोगों ने NH-28 पर बांस बल्ला से वाहनों का आवागमन रोक दिया. देखते ही देखते हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. जाम में छोटे-बड़े वाहनों के साथ यात्री वाहन भी फंस गए. सूचना मिलते ही दलसिंहसराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने लोगों को समझाकर सड़क जाम हटाया. पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी. घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दी गई. शव को पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया
0
0
Report

खनका मोड़ पर 200 मीटर सड़क अभी नहीं बनी; स्थानीय विरोध तेज

Katihar, Bihar:कटिहार के डीएस कॉलेज खनका मोड़ के पास सड़क जीर्णोद्धार का मामला। खनका क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य की कछुआ गति और बदहाली से नाराज स्थानीय निवासियों ने खनका मोड़ पर मुख्य मार्ग जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चार महीने में केवल नाला बनकर तैयार हुआ, लेकिन सड़क निर्माण में कोई प्रगति नहीं हुई। ठेकेदार और संबंधित अधिकारी मिट्टी की दुहाई देकर काम टालते रहे। खनका जाने का यह एकमात्र मुख्य मार्ग है और इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है, जिससे रोजाना आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पहले की स्थिति आज से कहीं बेहतर थी। आवागमन पूरी तरह ठप, आपातकालीन सेवाओं पर भी संकट। जनप्रतिनिधियों और निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप। मौके पर अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े लोग। 6 महीने बाद भी नहीं बनी 200 मीटर सड़क, नाराज स्थानीय निवासियों ने खनका मोड़ पर मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
0
0
Report
Advertisement

वाराणसी में सीवर समस्या पर गुस्सा, JE को बंधक बनाकर चक्का जाम

JPJai Pal5m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी में सीवर की समस्या से परेशान बनारस के लोगों का फूटा गुस्सा, जेई को बनाया बंधक. • खोजवां इलाके में पिछले कई दिनों से उफना रहे सीवर के पानी से आक्रोशित थे स्थानीय लोग. • सीवर समस्या से परेशान होकर नागरिकों ने सड़क पर उतरकर किया चक्काजाम. • मौके पर पहुंचे जलकल विभाग के जेई को आक्रोशित भीड़ ने घेरा, बनाया बंधक. • क्षेत्रीय विधायक और जलकल विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी. • जेई को बंधक बनाने का 24 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ तेजी से वायरल. • अधिकारियों का घेराव और विरोध का यह मामला पूरे काशी क्षेत्र में बना चर्चा का विषय.
0
0
Report

सहारनपुर में विक्रेता विकास कार्यक्रम: 7-8 सितम्बर को 50 स्टॉल

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में स्थानीय उद्योगों को नए बाजार और बड़े खरीदारों से जोड़ने के लिए 7 और 8 सितंबर 2026 को दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम-सह-औद्योगिक प्रदर्शनी आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई विकास कार्यालय आगरा और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सहारनपुर चैप्टर के संयुक्त सहयोग से रंगोली गार्डन, दिल्ली रोड पर किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन 7 सितंबर को सहारनपुर मंडल के आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार और जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान करेंगे। वहीं 8 सितंबर को समापन कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी और राज्य मंत्री जसवंत सैनी की मौजूदगी में होगा। प्रदर्शनी में करीब 50 स्टॉल लगाए जाएंगे। इसमें स्थानीय उद्योग अपने उत्पाद बड़े सरकारी विभागों, पीएसयू और निजी संस्थानों के सामने प्रदर्शित करेंगे। रेलवे, इंडियन ऑयल, बीएचईएल, एनटीपीसी, गेल, जीईएम, सिडबी समेत कई संस्थानों की भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को नए खरीदार, बाजार और बड़ी सप्लाई चेन से जोड़ना है।
0
0
Report
Advertisement

सहारनपुर में मस्जिद के पास मिला प्राचीन कुआँ, महाराज बोले- शिव मंदिर का संकेत

Saharanpur, Uttar Pradesh:कलेक्ट्रेट मस्जिद के बाद कुआँ मिलने पर स्वामी यशवीर महाराज का बड़ा बयान, बोले- “कभी यहां प्राचीन शिव मंदिर रहा होगा” सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद वहां प्राचीन कुआँ मिलने से मामला चर्चा में आ गया है। इसको लेकर स्वामी यशवीर महाराज का बड़ा बयान सामने आया है। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि जिस मस्जिद को तोड़ा गया, उसके स्थान पर अब कुआँ भी सामने आया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि जहां यह मस्जिद थी, वहां कभी प्राचीन शिव मंदिर रहा होगा और मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई होगी। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जहां मंदिर-मस्जिद विवाद सामने आते हैं, वहां प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थलों के चिन्ह मिलने का दावा किया जाता रहा है। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर मुस्लिम नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों पर वे कहना चाहते हैं कि इतिहास में मंदिरों को तोड़े जाने से हिंदुओं को भी पीड़ा हुई होगी। उन्होंने मांग की कि सरकारी भूमि या प्राचीन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई मस्जिदों और मदरसों की जांच कराई जाए और यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो भूमि को मुक्त कराया जाए।
0
0
Report

सहारनपुर मस्जिद बुलडोजर पर देवबंदी आलिम का सवाल: कानूनी मौका क्यों नहीं दिया गया

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर प्रशासन द्वारा चलाए गए बुलडोजर को लेकर देवबंदी आलिम कारी इसहाक गोरा ने गहरी नाराजगी और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस कार्रवार को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। 'अपील का समय दिए बिना चला दिया बुलडोजर' कारी इसहाक गोरा ने कहा कि कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद का मामला काफी समय से चल रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा इसे अवैध ठहराए जाने के बाद अधिवक्ता पैनल ने जिला न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे हाल ही में खारिज कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद कमेटी और वकीलों को उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) का दरवाजा खटखटाने तक का वक्त नहीं दिया गया और रातों-रात नोटिस देकर सुबह होते ही बुलडोजर चला दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन को ऐसी क्या जल्दी थी कि कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने का मौका तक नहीं दिया गया। मलबे से निकले कुएं को बताया ऐतिहासिक प्रमाण कार्रवाई के दौरान मस्जिद स्थल से निकले कुएं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह कुआं मस्जिद की प्राचीनता का सबसे बड़ा सुबूत है। पुराने समय में मस्जिदों का निर्माण कुओं के निकट ही होता था ताकि नमाजी वुज़ू कर सकें। इसके अलावा खसरा-खतौनी और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेज भी मौजूद हैं, जिन्हें ऊपरी अदालत में पेश किया जाना बाकी था। 'क्या देश में केवल मस्जिदें और मदरसे ही अवैध हैं?' कारी इसहाक गोरा ने देशभर में धार्मिक स्थलों पर हो रही कार्रवाइयों पर चिंता जताते हुए सवाल किया कि क्या पूरे देश और प्रदेश में केवल मस्ज़िदें, मदरसे और मज़ारें ही अवैध हैं? उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं पर भी निशाना साधा कि वे सोशल मीडिया पर झूठे आश्वासन और दावे करते रहे, लेकिन जमीन पर मस्जिद को ध्वस्त होने से नहीं बचा सके। शांति बनाए रखने और कानूनी लड़ाई लड़ने की अपील उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शहर में शांति व अमन बनाए रखें और कोई भी गैर-कानूनी कदम न उठाएं, बल्कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई लड़ें। उन्होंने आगे कहा कि उच्च न्यायालय के दरवाजे खुले हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि अदालत से इंसाफ मिलेगा और मस्जिद की पुनर्स्थापना का रास्ता साफ होगा।
0
0
Report
Advertisement

छतरपुर अस्पताल में प्रसूता-नवजात की मौत, लापरवाही पर बड़े सवाल

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत के बाद इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। मामला ग्राम सिंगरोन का है। संध्या आदिवासी को प्रसव के लिए बमीठा अस्पताल से रेफर कर छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों के मुताबिक लेबर रूम में डिलीवरी हुई, लेकिन जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि डिलीवरी से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। इस पूरे मामले पर CMHO डॉ. राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि महिला की डिलीवरी सामान्य रूप से हुई थी और दो घंटे तक महिला की हालत बिल्कुल ठीक थी। इसके बाद अचानक उसे घबराहट हुई, ब्लड की कमी हुई और समय पर ब्लड नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। मामला यहीं खत्म नहीं होता। जच्चा-बच्चा दोनों की मौत के बाद दोनों के शवों को बिना पोस्टमार्टम के ही परिजनों को सौंप दिया गया। सिविल सर्जन का तर्क है कि परिजनों ने लिखित और वीडियोग्राफी में पोस्टमार्टम से इनकार किया था। लेकिन सवाल ये है कि एक आदिवासी महिला की अस्पताल में संदिग्ध मौत होती है और बिना पोस्टमार्टम के शव दे दिया जाता है, तो मौत की असली वजह कैसे पता चलेगी? क्या ये लापरवाही को छिपाने की कोशिश है? सरकारी अस्पताल गरीबों की आखिरी उम्मीद होते हैं। जब वहीं पर मां और नवजात दोनों की जान चली जाए तो ये सिर्फ मौत नहीं, सिस्टम पर सवाल है।
0
0
Report

समस्तीपुर में ठनका से दो भाइयों में एक की मौत, दूसरा घायल

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में खेत से घर लौटते समय गोईला चौर के पास ठनका गिरने से एक युवक की मौत हो गई जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और दोनों को दलसिंहसराय अनुमंडल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मृतक रामचंद्र महतो के पुत्र राम भजन कुमार (32) निवासी रमसदपुर गांव, जमुना टार रचीहाई वार्ड संख्या-3 बताए गए हैं। घायल युवक की पहचान अमरजीत कुमार के रूप में हुई है। परिवारजन के अनुसार दोनों खेत से घर लौट रहे थे तभी तेज आवाज के साथ ठनका गिरा और इसकी चपेट में आकर दोनों झुलस गए। उपचार के लिए अस्पताल लाने के बाद राम भजन कुमार की मौत पुष्टि हो गई, जबकि अमरजीत कुमार की हालत गंभीर बनी है और उसे निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top