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Rajendra SinghRajendra SinghFollow8 Aug 2024, 10:11 am
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Masuri गोलीकांड की 32वीं बरसी: अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, उत्तराखंड निर्माण की प्रतिबद्धता

Noida, Uttar Pradesh:मसूरी गोलीकांड की 32वीं बरसी पर उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। पृथक उत्तराखंड के सपने को साकार करने की लड़ाई में मसूरी की धरती पर दिया गया बलिदान राज्य के इतिहास का वह अमिट अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इन वीर आंदोलनकारियों की शहादत ने जनभावनाओं को नई शक्ति दी और राज्य निर्माण के संकल्प को और दृढ़ किया। आज का उत्तराखंड उन सभी आंदोलनकारियों के संघर्ष और शहीदों के बलिदान की देन है। उनके सपनों का समृद्ध, सशक्त और गौरवशाली उत्तराखंड बनाना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है。
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एफ़एसएआई ने अकोला की Blinkit कॉमर्स का खाद्य लाइसेंस निलंबित किया: स्वच्छता मानक ढीले

Akola, Maharashtra:Anchor : अन्न सुरक्षा नियमांचे उल्लंघन आणि अस्वच्छतेच्या कारणावरून अकोल्यातील ‘ब्लिंकिट कॉमर्स प्रायव्हेट लिमिटेड’ या अस्थापनेचा अन्न परवाना निलंबित करण्यात आला आहे. अन्न व औषध प्रशासनाच्या तपासणीत आस्थापनेत अनेक त्रुटी आढळून आल्यानंतर ही कारवाई करण्यात आली आहे.अन्न व औषध प्रशासनाच्या अधिकाऱ्यांनी ब्लिंकिटच्या पेढीची तपासणी केली होती. त्यानंतर सुधारणा नोटीस बजावण्यात आली होती. मात्र, नोटिशीनंतरही आवश्यक सुधारणा न झाल्याने अस्थापनेचा अन्न परवाना निलंबित करण्याचा निर्णय घेण्यात आला. तपासणीत नेमक्या कोणत्या त्रुटी आढळल्या ? * प्रवेशद्वारावरील प्लास्टिक स्ट्रिप पडदे खराब व अस्वच्छ असल्याचे आढळले. * रॅकची रचना व उंची योग्य नसल्याने स्वच्छता करणे अडचणीचे असल्याचे निदर्शनास आले. * खाद्य व अखाद्य साहित्य एकाच रॅकमध्ये साठवण्यात आले होते. * खाद्यपदार्थांचे खोके व पाकिटे थेट जमिनीवर ठेवण्यात आली होती. * मोठ्या प्रमाणात धूळ व कचरा आढळून आला, तसेच नियमित स्वच्छतेचे वेळापत्रक उपलब्ध नव्हते. * अन्न हाताळणारे कामगार हातमोजे आणि हेड कव्हरचा वापर न करता काम करत असल्याचे आढळले. * तपासणीसाठी आवश्यक कीड नियंत्रणासंबंधी बिले व ऑडिट रेकॉर्ड सादर करण्यात आले नसल्याचेही पत्रात नमूद आहे. अन्नाची साठवणूक आणि हाताळणी करताना स्वच्छता व सुरक्षिततेच्या नियमांचे पालन करणे बंधनकारक असताना एवढ्या मोठ्या प्रमाणात त्रुटी आढळल्याने प्रशासनाने कठोर पाऊल उचलले आहे. अन्न व औषध प्रशासनाच्या या कारवाईमुळे ऑनलाइन माध्यमातून खाद्यपदार्थांची विक्री करणाऱ्या आस्थापनेांमध्येही नियमांचे पालन किती महत्त्वाचे आहे, हा प्रश्न पुन्हा ऐरणीवर आला आहे.
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डोमा आश्रम स्कूल में भुत अफवाह: प्रशासन ने रात भर छात्र-मनोबल बढ़ाया

Amravati, Maharashtra:डोमा आश्रमशाळेत भुत की अफवाह से भयभीत विद्यार्थियों के बीच अधिकारियों का ठहरना; सप्तखंजेरीवादक संदीपपाल महाराज के प्रेरणात्मक कीर्तन का आयोजन विद्यार्थ्यों को स्कूल लाने के लिए प्रशासन के प्रयास अमरावती के मेळघाट के डोमा आदिवासी निवासी लड़कियों के आश्रमशाळेत भुत की अफवाह फैलने से डर दूर करने के लिए जिल्हाधिकारी आशिष येरेकर के साथ प्रशासन ने रात भर स्कूल में ठहर कर विद्यार्थियों से खुलकर बातचीत की. अधिकारियों ने छात्रों के साथ भोजन किया. पुराने छात्रवास से नई इमारत में लड़कियों के लिए लगभग 300 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है. भुत की अफवाहों के कारण लड़कियाँ अभी रात में छात्रवास में रहने से भयभीत हैं. इस कारण विद्यार्थियों ने कहा कि भय के बिना स्कूल आएं. भय दूर करने के लिए सप्तखंजेरीवादक संदीपपाल महाराज का प्रवचन/कीर्तन आयोजित किया गया. जिल्हाधिकारी आशिष येरेकर के साथ विधायक केवलराम काळे, परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम उपस्थित थे. प्रशासन के इस कदम से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा.
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सोलापूर अमृत महोत्सव कार्यक्रम में गोरे और SOPAL की जुगलबंदी

Pandharpur, Maharashtra:Solapur जिल्ह्यातील माजी आमदार बाबनराव शिंदे यांच्या Amrit महोत्सव कार्यक्रमात विद्यमान पालकमंत्री जयकुमार गोरे आणि माजी पालकमंत्री आमदार दिलीप सोपल यांच्यात जुगलबंदी पाहायला मिळाली. आमदार दिलीप सोपल यांनी एकाच कुंकवाच्या बळावर बाबनराव शिंदे यांनी हृदय रोपण सारखी अवघड शस्त्रक्रिया अमेरिकेत यशस्वी पूर्ण केली. ते आपल्यात आले. यानंतर हास्यकल्लोळ उडाला पालकमंत्री जयकुमार गोरे भाषण करताना म्हणाले एकच कुंकवाच्या बळावर ते आपल्यात परत आले, सोपल साहेब ज्यांच्या मागे 10 कुंकवाचे बळ आहे त्यांनी किती आजारातून बाहेर आले असतील. असे म्हणत निशाणा सही जगह लगा है म्हणत आमदार सोपल यांची फिरकी घेतली
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राम जन्मभूमि ट्रस्ट: पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर आज बड़ा फैसला संभव

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या में राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO के चयन को लेकर हलचल तेज हो गई है आज यानी 2 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है. इसमें CEO के नाम पर बड़ा फैसला हो सकता है. कल CEO चयन के लिए गठित सर्च कमेटी के तीनों सदस्य अयोध्या पहुंच गए थे.सेवानिवृत्त जस्टिस प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक-उद्योगपति सुरेश हावड़े ने ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात करके तीन नामो का पैनल सौंप दिया था करीब 5,585 आवेदनों से शुरू हुई चयन प्रक्रिया अब तीन नामों के पैनल तक पहुंच चुकी है. सूत्रों के मुताबिक, पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा, पूर्व IPS राजेश कुमार पांडेय और परेश सक्सेना पूर्व DGP, बिहार के नाम चर्चा में हैं. पूर्व आईएएस योगेश्वर राम मिश्रा कौन हैं योगेश्वर राम मिश्रा साल 2005 बैच के IAS अधिकारी है. और अयोध्या के पूर्व डीएम भी रह चुके हैं. वे बाराबंकी, वाराणसी समेत कई जिलों के डीएम और कई मंडलों के कमिश्नर रह चुके हैं. अयोध्या प्रशासन का प्रत्यक्ष अनुभव उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है. कौन हैं पूर्व आईपीएस राजेश कुमार पांडेय राजेश कुमार पांडेय साल 2003 बैच के पूर्व IPS अधिकारी हैं. STF और ATS में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ वे लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ के SSP भी रह चुके हैं. सुरक्षा और बड़े आयोजनों के प्रबंधन का उनका अनुभव चर्चा में है. पूर्व डीजीपी परेश सक्सेना का नाम इसके अलावा परेश सक्सेना (पूर्व DGP, बिहार) यह बिहार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे हैं. इन्हें भी अंतिम तीन की सूची में शामिल बताया गया है. CEO के चयन में प्रशासनिक अनुभव के साथ नेतृत्व क्षमता, बड़े आयोजनों और भीड़ प्रबंधन का अनुभव, हजारों कर्मचारियों को नेतृत्व देने की क्षमता, मंदिर प्रशासन की समझ, सुरक्षा प्रबंधन, रणनीतिक विजन और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के साथ समन्वय जैसे मानकों को अहम माना गया है. आज 2 सितंबर को होने वाली बैठक में राम मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. बैठक में ये नहीं होंगे शामिल बैठक में ट्रस्ट के आठ नियमित सदस्यों में से जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ चातुर्मास के कारण अयोध्या नहीं आएंगे. बताया गया कि वह दिल्ली में चातुर्मास कर रहे हैं. राम मंदिर ट्रस्ट की आज होने والی बैठक में अलग-अलग समितियों धार्मिक न्यास समिति, निर्माण समिति, वित्त समिति व आडिट के अलावा मैनेजिंग कमेटी का पुनर्गठन भी किया जाएगा.
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यूपी में बारिश कहर: जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल बंद, नुकसान बढ़ा

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में मानसून अब राहत से ज्यादा आफत बनता दिख रहा है। लगातार बारिश से कहीं सड़कें तालाब बन गई हैं तो कहीं नदियां चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं। बारिशजनित हादसों में पिछले 24 घंटे में 12 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है. उत्तर प्रदेश में आसमान से आफत बरस रही है। पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी और बुंदेलखंड तक बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कहीं मकान और दीवारें गिरने से लोगों की जान गई तो कहीं जलभराव और बारिश से हुए हादसों ने मुश्किलें बढ़ा दीं। पिछले 24 घंटे में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 12 लोगों की मौत, जबकि 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई है। सीतापुर में कच्ची दीवार गिरने से चाचा-भतीजी की मौत हुई। अमेठी में सात साल की बच्ची की जान गई। बाराबंकी में दो बसों की टक्कर में एक मासूम की मौत और 13 लोग घायल हुए। कानपुर देहात में कच्ची छत गिरने से सात महीने की बच्ची की मौत हुई। हरदोई, बांदा, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद और फतेहपुर में भी बारिश से जुड़े हादसों में मौतें हुई हैं। फतेहपुर में 130 से ज्यादा कच्चे मकान ढहने की भी रिपोर्ट है। बारिश का असर सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वाराणसी और गाजीपुर में गंगा चेतावनी बिंदु के पार पहुंच चुकी है। खीरी में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी खतरा बढ़ा है। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव की तैयारियां तेज की गई है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश का सीधा असर खेतों पर भी पड़ा है। प्रदेश के पांच जिलों में 11 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन के जलमग्न होने की रिपोर्ट सामने आई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब बड़ा सवाल ये है कि अगर बारिश और बढ़ती है तो फसलों के नुकसान का आंकड़ा कितना बढ़ेगा? बारिश का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। भदोही और मिर्जापुर में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद हैं। चंदौली में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद रखने का आदेश है। वही पीलीभीत में भी कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जिला प्रशासन लगातार मौसम और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बारिश کا خطرा अभी टला नहीं है। आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी है और आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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नीमकाथाना निकाय स्क्रूटनी: विधायक मोदी ने सरकार दबाव में फैसले का आरोप किया

Sikar, Rajasthan:जिला: सीकर विधानसभा: नीमकाथाना स्थानीय रिपोर्टर: सद्दाम हुसैन लोकेशन: नीमकाथाना, सीकर निकाय चुनावों में नामांकन की स्क्रूटनी में कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करने पर विधायक सुरेश मोदी ने जताई आपत्ति। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जताया विरोध। विधायक मोदी ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने सरकार के दबाव में लिया गलत फैसला। कांग्रेस ने वार्ड 3, 28 व 25 के अभ्यर्थियों को लेकर दी थी लिखित में शिकायत। एंकर सीकर जिले के नीमकाथाना में निकाय चुनावों में नामांकन की स्क्रूटनी में कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करने के फैसले पर विधायक सुरेश मोदी व कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता कर इसका विरोध जताया। विधायक मोदी ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर (एसडीएम) ने सरकार के दबाव में गलत फैसला किया है। कांग्रेस ने वार्ड 3, 28 व 25 के अभ्यर्थियों को लेकर लिखित में शिकायत दी थी। उसमें पूरे तथ्य व दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे। वार्ड 3 व 28 में मतदाता सूची प्रकाशन के बाद राजनीतिक दबाव में नाम जोड़े गए, जबकि कांग्रेस के आवेदन नहीं लिए गए। इन मतदाताओं के नाम मलकेड़ा (सीकर) व मावंडा (नीमकाथाना) की मतदाता सूची में अभी भी दर्ज हैं। वार्ड 25 में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया है। उसमें लंबी सजा का प्रावधान है, लेकिन एसडीएम ने राजनीतिक दबाव में फैसला करते हुए कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज कर दिया। कांग्रेस को अभी तकफैसले की कॉपी तक नहीं दी गई है।विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार अधिकारियों के जरिए दबाव बनाकर गलत फैसले करवा रही है। कांग्रेस इस पर प्रदेश नेतृत्व से वार्ता कर कार्रवाई करेगी।विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि नीमकाथाना कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ ठोस व तथ्यपूर्ण शिकायत दी थी। ऐसी ही शिकायत पर देवली व जयपुर में कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए हैं। जयपुर में स्क्रूटनी के दौरान आपराधिक मामला विचाराधीन होने पर कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया गया है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व नपा अध्यक्ष त्रिलोक दीवान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मदनलाल सैनी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष बलदेव यादव, महेश मेगोतिया, सुंदरमल सैनी आदि कांग्रेस नेता मौजूद रहे。 बाइट विधायक सुरेश मोदी
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UPCOS लॉन्च: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों के हितों और पारदर्शिता की नई शुरुआत

Noida, Uttar Pradesh:आउटसोर्स कार्मिकों के हित-संरक्षण, सेवा-सुरक्षा और पारदर्शी मानव संसाधन प्रबंधन की दिशा में उत्तर प्रदेश एक नई शुरुआत करने जा रहा है। लखनऊ में आज संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण हेतु उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ होगा। साथ ही, UPCOS के पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग, 'लोगो' का अनावरण तथा आउटसोर्स कार्मिकों को चेक वितरण भी किया जाएगा। तकनीक से पारदर्शिता, व्यवस्था से सुरक्षा और प्रत्येक कार्मिक के श्रम को सम्मान, यही है 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान।
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बिधानचंद्र कृषि विश्वविद्यालय में पेंशन- वेतन संकट, अनुदान बंद—जल्द हल का आह्वान

Ranaghat, West Bengal:৫৮ অবসরপ্রাপ্ত কর্মীর পেনশন সমস্যা, বেতনহীন অধ্যাপক, বন্ধ অনুদান—গভীর সংকটে বিধানচন্দ্র কৃষি বিশ্ববিদ্যালয় কল্যাণী, নদিয়া: ৫৩তম প্রতিষ্ঠা দিবসের অনুষ্ঠানেই সামনে এল বিধানচন্দ্র কৃষি বিশ্ববিদ্যালয়ের দীর্ঘদিনের একাধিক জ্বলন্ত সমস্যা। অবসরপ্রাপ্ত কর্মীদের পেনশন থেকে শুরু করে অধ্যাপকদের বেতন, শিক্ষক ও অশিক্ষক কর্মীর ঘাটতি, বন্ধ অনুদান এবং 연구गারের বেহাল পরিকাঠামো—সব মিলিয়ে গভীর সংকটের মুখে विश्वविद्यालयয়। প্রতিষ্ঠা দিবসের মঞ্চ থেকেই রাজ্য সরকারের কাছে দ্রুত সমস্যা সমাধানের দাবি জানালেন বিশ্ববিদ্যালয়ের উপাচার্য ড. অশোক কুমার পাত্র। উপাচার্যের বক্তব্যের পরিপ্রেক্ষিতে খতিয়ে দেখে প্রয়োজনীয় পদক্ষেপের আশ্বাস দেন রাজ্যের কৃষিমন্ত্রী দুধকুমার মণ্ডল। একইভাবে সমস্যা সমাধানে উদ্যোগ নেওয়ার আশ্বাস দেন উদ্যানপালন ও খাদ্য প্রক্রিয়াকরণ দফতরের প্রতিমন্ত্রী তথা কৃষি প্রতিমন্ত্রী অমিয় কিস্কুও। বিশ্ববিদ্যালয়ের বর্তমান পরিস্থিতি তুলে ধরে উপাচার্য জানান, একসময় বিধানচন্দ্র কৃষি বিশ্ববিদ্যালয়ে নন-টিচিং স্টাফের সংখ্যা ছিল প্রায় ১২০০। বর্তমানে সেই সংখ্যা কমে দাঁড়িয়েছে মাত্র প্রায় ২০০-তে। দীর্ঘদিন ধরে একাধিক পদে নিয়োগের অনুমোদন না মেলায় এই বিপুল কর্মী ঘাটতি তৈরি হয়েছে বলে দাবি তাঁর। শিক্ষক পদেও একই ছবি। বিশ্ববিদ্যালয়ে মোট ২০২৫টি শিক্ষক পদ থাকলে বর্তমানে কর্মরত রয়েছেন প্রায় ১৪০ জন। অর্থাৎ, অর্ধেকেরও বেশি পদ কার্যত শূন্য। আগামী দিনে আরও কয়েকজন শিক্ষক অবসর নিলে পরিস্থিতি আরও জটিল হয়ে উঠবে বলে আশঙ্কা প্রকাশ করেন উপাচার্য। বর্তমান গেস্ট ফ্যাকাল্টি, কন্ট্রাকচুয়াল স্টাফ ও পিএইচডি গবেষকদের সাহায্যে কোনো রকমে পঠনপাঠনের কাজ চালানো হচ্ছে। শুধু শিক্ষক বা কর্মী ঘাটতিই নয়, আর্থিক সমস্যাও বড় চ্যালেঞ্জ হয়ে দাঁড়িয়েছে বিশ্ববিদ্যালয়ের সামনে। উপাচার্যের দাবি, দীর্ঘদিন ধরে একাধিক অধ্যাপক ও কর্মী বেতন সংক্রান্ত সমস্যার মুখে রয়েছেন। এর পাশাপাশি অবসরপ্রাপ্ত কর্মীদের পেনশন সমস্যাও এখনও মেটেনি। উপাচার্যের বক্তব্য অনুযায়ী, ৫৮ জন অবসরপ্রাপ্ত কর্মীর পেনশন নিয়ে সমস্যা রয়েছে। তাঁদের মধ্যে ইতিমধ্যেই দু’জনের মৃত্যু হয়েছে এবং কয়েকজন অসুস্থ। দীর্ঘদিন ধরে পেনশন না পাওয়ায় চরম আর্থিক সংকটের মধ্যে রয়েছেন অবসরপ্রাপ্ত কর্মীদের একাংশ। তাঁদের কেউ হকারি করছেন, আবার কেউ মুদির দোকানে কাজ করে সংসার চালাতে বাধ্য হচ্ছেন বলেও জানান উপাচার্য। বিশ্ববিদ্যালয়ের অনুদান বন্ধ থাকায় পরিস্থিতি আরও উদ্বেগজনক হয়ে উঠেছে। উপাচার্য জানান, গত পাঁচ-ছয় বছর ধরে আইসিএআার (ICAR)-এর কাছ থেকে কোনো বড় অনুদান পাওয়া যায়নি। ২০২০-২১ সাল থেকে অনুদান কার্যত বন্ধ রয়েছে। সরকারের কাছ থেকে পাওয়া অর্থের ইউটিলাইজেশন সার্টিফিকেট (UC) জমা দিতে না পারার কারণেই অনুদান বন্ধ রয়েছে বলে জানান তিনি। এর ফলে বিশ্ববিদ্যালয়ের গবেষণা ও পরিকাঠাঠামো উন্নয়নের কাজেও প্রভাব পড়ছে। বহু গবেষণাগারের যন্ত্রপাতি পুরনো হয়ে গিয়েছে। নতুন যন্ত্রপাতি কেনা ও গবেষণার পরিকাঠাঠামো আধুনিকীকরণের জন্য অবিলম্বে অর্থ বরাদ্দের দাবি জানিয়েছেন উপাচার্য। বিভিন্ন খাতে এক থেকে দুই কোটি টাকা করে বরাদ্দের পাশাপাশি বিশ্ববিদ্যালয়কে সামগ্রিকভাবে নতুন করে গড়ে তুলতে প্রায় ১০০ কোটি টাকার বিশেষ অনুদানের প্রয়োজন বলেও জানান তিনি। তবে এত প্রতিকূলতার মধ্যেও জাতীয় স্তরে বিশ্ববিদ্যালয়ের সাফল্যের কথা তুলে ধরেন উপাচার্য। NIRF-এর নিরিখে দেশের কৃষি বিশ্ববিদ্যালয়গুলির মধ্যে বিধানচন্দ্র কৃষি বিশ্ববিদ্যালয় ১৬তম অবস্থানে রয়েছে বলে জানান তিনি। উপাচার্যের বক্তব্যের পর কৃষিমন্ত্রী দুধকুমার মণ্ডল বলেন, “সিপিএম এবং তৃণমূলের আমলে এই পরিস্থিতি তৈরি হয়েছে। ৪৯ বছরে যে সমস্যাগুলি তৈরি হয়েছে, মাত্র তিন মাস বয়সি একটি সরকারের পক্ষে সেগুলির সমাধান করা সম্ভব নয়। তবে আমরা বিষয়গুলি খতিয়ে দেখব।” প্রতিষ্ঠা দিবসের মঞ্চে বিশ্ববিদ্যালয়ের একের পর এক সমস্যা প্রকাশ্যে আসায় স্বাভাবিকভাবেই উদ্বেগ তৈরি হয়েছে শিক্ষক, কর্মী এবং অবসরপ্রাপ্ত কর্মীদের মধ্যে। মন্ত্রীর আশ্বাসের পর এবার দ্রুত পদক্ষেপের দিকেই তাকিয়ে বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষ থেকে শুরু করে সংশ্লিষ্ট সকলেই।
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