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रत्नागिरी में मुसळधार बारिश से संगमेश्वर के सरकारी स्कूल का हिस्सा गिरा; जान-माल का नुकसान नहीं

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरीत मुसळधार पावसामुळे संगमेश्वरमधील घाटिवळे शाळेचा काही भाग कोसळला; मोठी दुर्घटना टळली.. रत्नागिरी जिल्ह्यात सुरू असलेल्या मुसळधार पावसामुळे संगमेश्वर तालुक्यातील घाटिवळे ब्राह्मण वाडी येथील जिल्हा परिषद शाळेचा काही भाग रात्रीच्या सुमारास अचानक कोसळला.. पहिली ते सातवीपर्यंतच्या या शाळेचा जो भाग कोसळला, त्या ठिकाणी सुदैवाने वर्ग भरवले जात नव्हते.. ही घटना रात्री घडल्यामुळे आणि वर्गांचा वापर बंद असल्याने कोणतीही जीवितहानी झाली नाही. मात्र,या घटनेमुळे ग्रामीण भागातील शाळांच्या इमारतींच्या सुरक्षेचा प्रश्न पुन्हा एकदा समोर आला आहे..
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श्रावस्ती के भिनगा मेले में लाठी-डंडों की भिड़ंत, वीडियो वायरल

Shravasti, Uttar Pradesh:यूपी के श्रावस्ती जिले के भिनगा इलाके में लगे एक मेले में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लाठी-डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। श्रावस्ती जिले में मेले के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चलते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद एक स्थानीय युवक ने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वायरल वीडियो भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ईदगाह तिराहे के पास लगे एक मेले का बताया जा रहा है। पुलिस वीडियो की सत्यता और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जांच कर रही है.
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14 वर्षीय किशोर का शव पेड़ से लटका: परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:KAUSHAMBI जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जंगल में एक 14 वर्षीय किशोर का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने गांव के ही दूसरे समुदाय के लोगों पर हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। तस्वीरें करारी थाना क्षेत्र के बैशकांटी गांव के बाहर की हैं, जहां बुधवार शाम करीब 6 बजे जंगल में पेड़ से फंदे पर लटका एक किशोर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ज्ञान पासी के 14 वर्षीय बेटे ननकू के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना पर करारी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, मृतक के परिजनों ने गांव के ही दूसरे समुदाय के लोगों पर ननकू की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। बताया जा रहा है कि गाँव की ही महिला को नहाते समय दीवार से झांक रहा था, परिजनों को पता चला तो उन्होंने किशोर को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन किशोर भाग निकला था। अब मृतक के परिजन इसी घटना को ननकू की मौत से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रपट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी। परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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बिहार के जीविका दीदियों ने 68 हजार झंडे बनाकर राष्ट्र सेवा में इतिहास बना दिया

Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण बिहार की जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और देश के सबसे बड़े पर्व, स्वतंत्रता दिवस, में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। सीतामढ़ी जिले में कुल 68 हजार से अधिक तिरंगे झंडे बनाने का यह लक्ष्य महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बनी है .. इस बड़े ऑर्डर से स्थानीय स्तर पर जीविका दीदियों को आत्मनिर्भरता के लिए रोजगार मिला है और उनकी आमदनी बढ़ी है । इसको लेकर जीविका दीदियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इतना ही नहीं ..स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण करना दीदियों के लिए सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि देश सेवा का एक बड़ा अवसर मिला है जिससे राष्ट्रीयता की भावना जागी है .. आपसे बता दे कि जिले के सभी 17 प्रखंडों में 4-4 हजार झंडे बनाने का लक्ष्य रखने से हर क्षेत्र की दीदियों को बराबर काम और लाभ मिल पा रहा है।दीदियों के उत्साह और कड़ी मेहनत को देखते हुए यह साफ है कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत सभी झंडे समय पर तैयार होकर हर हाथ तक पहुंच जाएंगे।निश्चित रूप से, बिहार सरकार की इस पहल और जीविका दीदियों के अथक प्रयास से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि समाज में महिलाओं का सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
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नोएडा में साइबर ठग बुजुर्ग समेत 3 लोगों को ठगा, 20 लाख की ठगी

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा में साइबर ठगों ने बुजुर्ग समेत तीन लोगों को बनाया निशाना。 साइबर अपराधियों ने अलग-अलग मामलों में करीब 20 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पहला मामला सेक्टर-137 स्थित पारस टियरा सोसायटी का है, जहां 64 वर्षीय बुजुर्ग से बैंक खाता अपडेट करने के नाम पर ठगी की गई। ठगों ने व्हाट्सऐप कॉल कर खुद को बैंक मैनेजर बताया और एक लिंक भेजकर बैंक खाते की जानकारी अपडेट करने को कहा। लिंक पर जानकारी भरते ही बुजुर्ग के खाते से करीब 7.53 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। दूसरे मामले में क्रेडिट कार्ड से अनधिकृत ट्रांजेक्शन कर करीब 5.19 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं तीसरे मामले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गाजीपूर में इनामी बदमाश मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर 50 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में घायल! पुलिस पर 5-6 राउंड फायरिंग, पैर में लगी गोली नाबालिग बच्चियों के अपहरण के मामले में मुख्य वांछित था संजय बिंद उर्फ बुझारत बिंद अहिरौली गांव के पास पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को रोकने का किया प्रयास पुलिस के मुताबिक, बाइक फिसलने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर 5-6 राउंड फायरिंग की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली, घायल हालत में पुलिस ने दबोचा कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा और दो खोखा कारतूस बरामद पुलिस ने दो मोटरसाइकिल और 1300 रुपये नकद भी किए बरामद घायल आरोपी को अस्पताल भेजा गया, पुलिस की आगे की विधिक कार्रवाई जारी गाजीपुर में अपराधियों के खिलाफ चल रहे क्रैक डाउन अभियान के तहत सैदपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नाबालिग बच्चियों के अपहरण के मामले में मुख्य वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त संजय बिंद उर्फ बुझारत बिंद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल हालत में गिरफ्तार किया है। इस बात की पुष्टि सीओ शुभम वर्मा ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि घिरने के बाद आरोपी ने जान से मारने की नीयत से 5 से 6 राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। दरअसल घटना 12 अगस्त की देर रात की है। सैदपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी सादात की तरफ से गाजीपुर की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने चौकी इंचार्ज भितरी और पुलिस टीम के साथ अहिरौली गांव के पास प्राइवेट ITI पुरानी पिच रोड पर घेराबंदी कर दी। बताया गया है कि सादात की तरफ से बाइक से आ रहे आरोपी को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान उसकी अपाचे बाइक फिसलकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर लगातार 5-6 राउंड फायरिंग कर दी। अंधेरे में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और 1300 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय बिंद उर्फ बुझारत बिंद, निवासी अकटहिया थाना मुहम्मदाबाद, हाल पता बाकरबाद महराजगंज, थाना कोतवाली गाजीपुर के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ गाजीपुर के अलग-अलग थानों में चोरी, आबकारी, NDPS, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। सैदपुर और मुहम्मदाबाद थानों में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। फिलहाल घायल इनामी अभियुक्त का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है और पुलिस उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है। इस कार्रवाई को सैदपुर पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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चिपळूण रेलवे स्टेशन के मार्ग पर गड्ढे, गणेशोत्सव से पहले मरम्मत की आवश्यकता

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी.. चिपळूण रेल्वे स्टेशन रस्ता खड्ड्यात; गणेशोत्सवापूर्वी दुरुस्ती करण्याची नागरिकांची जोरदार मागणी!.. चिपळूणच्या मुख्य बाजारपेठेतून रेल्वे स्थानकाकडे जाणाऱ्या महत्त्वाच्या रस्त्याची दुरवस्था झाली असून,संपूर्ण रस्त्याची अक्षरशः चाळण झाली आहे.. रस्त्यावर पडलेल्या प्रचंड खड्ड्यांमुळे प्रवाशांना आणि वाहनधारकांना जीव मुठीत धरून प्रवास करावा लागत आहे.. चिपळूण रेल्वे स्थानकाकडे जाणारा हा एकमेव आणि अत्यंत रहदारीचा मार्ग असल्याने नागरिकांना मोठा मनस्ताप सहन करावा लागत आहे.. आगामी गणेशोत्सवासाठी चाकरमानी मोठ्या संख्येने कोकणात दाखल होणार आहेत; त्या पार्श्वभूमीवर प्रशासनाने या रस्त्याची तातडीने डागडुजी करावी,अशी आक्रमक मागणी आता स्थानिक नागरिक आणि वाहनधारकांमधून केली जात आहे..
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रत्नागिरी में तिरंगा बाइक रैली से हर घर तिरंगा का संदेश गूंजा

Ratnagiri, Maharashtra:स्वातंत्र्यदिनाच्या पार्श्वभूमीवर रत्नागिरी शहरात आज तिरंगा बाईक रॅलीचे आयोजन करण्यात आले. शहरातील शिवाजीनगर ते जयस्तंभ या मार्गावर ही रॅली काढण्यात आली या रॅलीमध्ये केंद्र सरकारच्या विविध विभागांतील अधिकारी व कर्मचारी मोठ्या संख्येने सहभागी झाले. कोस्ट गार्ड, विविध राष्ट्रीयकृत बँका, एलआयसी यांसह केंद्र सरकारच्या विविध आस्थापनांमधील कर्मचाऱ्यांनी रॅलीत सहभाग घेत तिरंग्याला मानवंदना दिली. हातात तिरंगा आणि वाहनांवर तिरंगा ध्वज लावून सहभागी झालेल्या कर्मचाऱ्यांमुळे शहरातील वातावरण देशभक्तीमय झाले होते. ‘हर घर तिरंगा’ आणि राष्ट्रप्रेमाचा संदेश देत ही रॅली शहरातून मार्गस्थ झाली.
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रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के पुलिस अफसरों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, 15 अगस्त सम्मान

Begun, Rajasthan:रायपुर छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक 15 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे पदक से सम्मानित कुल 19 अफसर और जवानों को किया जाएगा सम्मानित.. सराहनीय सेवा के लिए 11 पुलिस अफसरों को राष्ट्रपति पदक रामगोपाल गर्ग - आईजी, बिलासपुर रेंज शशिमोहन सिंह - एसएसपी, रायगढ़ श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा - एसपी, रायपुर ग्रामीण राजश्री मिश्रा - एसपी, एटीएस विशा - पुलिस मुख्यालय, रायपुर निवेदिता पाल - सेनानी, 6वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़ मनीषा ठाकुर रावटे - सेनानी, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद तारकेश्वर पटेल - सेंट्रेल जोन डीसीपी उनैजा खातून अंसारी - अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय रायपुर जयलाल मरकाम - सहायक सेनानी, प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई हजारी लाल साहू - प्लाटून कमांडर, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद गृहरक्षक और नागरिक सुरक्षा सेवा पदक - जागेश्वर कुमार धीवर, एसडीआरएफ रायपुर उत्तम कुमार साहू, नगर सैनिक विशिष्ट सेवा के लिए रामावतार सिंह राजपूत को राष्ट्रपति पदक रामावतार सिंह राजपूत - सहायक उप निरीक्षक, रक्षित केंद्र धमतरी 15 अगस्त को रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय करेंगे सम्मानित
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रतलाम के प्राचीन महाकाल मंदिर में रहस्यमय भूतल दर्शन और महाशिवरात्रि मेले

Ratlam, Madhya Pradesh:चंद्रशेखर SOLANKI/रतलाम सावन के पावन महीने में शिव भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए ऐसे-ऐसे शिव धामों का रुख करते हैं, जहाँ आस्था के साथ अद्भुत और चमत्कारिक दर्शन भी देखने को मिलते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन करवाते हैं। महाकाल मंदिर… ज़ी हा सही सूना आपने, लेकिन यह उज्जैन का महाकाल मंदिर नहीं, बल्कि रतलाम जिले के धराड़ गांव में स्थित प्राचीन महाकाल मंदिर है। यही सर बोचल मे महाँकाल मंदिर नाही है बल्कि यहाँ प्रशासन का अधिकृत बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है महाँकाल मंदिर,रतलाम शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक संरचना और अनोखे शिव स्वरूप के लिए खास पहचान रखता है। बताया जाता है कि करीब 12वीं सदी, यानी परमार काल में बने इस तीन मंजिला मंदिर को पहले ‘फूटला मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता था। मंदिर के गर्भगृह में पंचमुखी महादेव के दर्शन होते हैं, जबकि यहां भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा के साथ माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और हनुमान जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। मंदिर की प्राचीन कलाकृतियां इसकी खूबसूरती को और बढ़ाती हैं। मंदिर के शिखर से लेकर निचे तक आकर्षक सुन्दर कलकृतिया है मंदिर मे भी कई स्तम्भ है, जो इसे प्राचीन काल से आज तक अपने ऊपर मंदिर क़ो सहारा देकर रखे हुए है। लेकिन सबसे खास है मंदिर का भूतल, जहां पंचमुखी महादेव के दर्शन होते हैं। यहाँ मंदिर के नीचे जमीन मे बने इस मंदिर की ऊंचाई इतनी कम है कि श्रद्धालु सीधे खड़े नहीं हो सकते। इस भूतल मंदिर मे जाने का रास्ता भी किसी खुफिया रास्ते से कम नही है, जिसमे बहुत कम लोग ही अंदर जाते है। इसी भूतल मन्दिर से एक गुफा का द्वार भी बताया जाता है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह मार्ग उज्जैन के महाकाल तक जाता है। सुरक्षा कारणों से फिलहाल यह द्वार बंद है और यहां भगवान भोलेनाथ की तस्वीर लगाई गई है। इस मन्दिर मे मान्यता है कि यहाँ मन्नत केने से संतान प्राप्ति होती है औऱ मन्नत पूरी होने पर तराजू मे बच्चों के बराबर मिठाई याबफल तोलकर प्रसाद मे वितरित करते हैं। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष मेला और महारुद्र यज्ञ का आयोजन भी होता है। आस्था, इतिहास और रहस्य से जुड़ा यह मंदिर सावन में श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। बाइट — भरत जोशी ( ग्रामीण श्रद्धालू) बाइट - पंडित कैलाश भट्ट ( मंदिर पुजारी) बाइट - सुरेश प्रजापत (मन्नत पूरी बच्चे को मिठाई से तोला) रुके हुए वॉटेड क्लिप्स के कारण
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मराठी अनिवार्यता कानून: टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों के लिए 17 अगस्त से लागू

Mumbai, Maharashtra:टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, 17 अगस्त से कानून लागू - ड्राइवरों का विरोध महाराष्ट्र सरकार ने मराठी अनिवार्य करने के लिए बिल पेश किया था. इसके तहत टैक्सी ड्राइवर और ऑटो रिक्शा ड्राइवरों को मराठी बोलना और सीखना अनिवार्य किया गया है. 17 अगस्त से लागू होगा कानून सरकार के इस फैसले के मुताबिक 17 अगस्त 2026 से ये कानून पूरे महाराष्ट्र में लागू हो जाएगा. टैक्सी ड्रायवरों का विरोध: इस कानून को लेकर टैक्सी ड्रायवरों में नाराजगी है. उनका कहना है: 1. सिर्फ हमारे लिए क्यों?: ये कानून सिर्फ टैक्सी ड्राइवरों के लिए क्यों बनाया जा रहा है? यह कानून हर ड्राइवर पर लागू होना चाहिए। चाहे वो बॉलीवुड के ड्राइवर हों, ट्रक ड्राइवर हों या ऑटो-टेम्पो ड्राइवर हों, सब पर लागू करो. 2. 3 महीने में कैसे सीखें?: सरकार को सोचना चाहिए कि टैक्सी ड्राइवर 3 महीने में मराठी कैसे सीखगा। ज्यादातर ड्राइवर उत्तर भारतीय हैं, वो जल्द मराठी नहीं सीख सकते। हमारे ऊपर ये ज्यादती है. 3. दोहरे मापदंड: डायमंड मार्केट में हीरा व्यापारी हैं, वहां मराठी नहीं है। तमाम बिजनेस हब में मराठी नहीं है। तो सिर्फ कानून टैक्सी ड्राइवरों के लिए क्यों? सरकार का तर्क: सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में काम करने वाले लोगों को स्थानीय भाषा आनी चाहिए ताकि यात्रियों से संवाद आसान हो. अब आगे क्या? ड्राइवर यूनियनें इस कानून के खिलाफ बैठक कर रही हैं. उनका कहना है कि अगर सरकार ने सभी पर ये नियम लागू नहीं किया तो वो आंदोलन करेंगे.
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स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दमोह पुलिस रातभर सर्चिंग, शहर में सुरक्षा कड़ी

Damoh, Madhya Pradesh:स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पुलिस अलर्ट मोड पर है। दमोह के पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है और हर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बीती रात से शहर में सर्चिंग की गई; रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट समेत विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर डॉग स्क्वॉयड के साथ चेकिंग की गई। संदिग्ध लोगों की गहन जांच पड़ताल की गई एवं उनसे पूंछताछ भी की गई। डीएसपी/सीएसपी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए यह विशेष जांच अभियान चल रहा है और शहर भर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है ताकि लोग उत्साह से राष्ट्रीय त्यौहार मनाएं। सार्वजनिक स्थानों के साथ होटल, धर्मशालाओं और कायमगाहों को भी चेक किया गया और ठहरे मुसाफिरों से पूंछताछ जारी रहेगी।
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राम मंदिर चयन के लिए तीन नामों का पैनल अब ट्रस्ट को भेजा जाएगा

Noida, Uttar Pradesh:वाक थ्रू श्रीराम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हो गया है। सीईओ चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने 11 और 12 अगस्त को राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम चरण के साक्षात्कार संपन्न कर लिए हैं। अब समिति तीन सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम नाम पर मुहर लगाएगा। सर्च कमेटी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह बहु-स्तरीय, पारदर्शी और योग्यता आधारित रही। अंतिम चरण के लिए देशभर से केवल 16 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जो कुल आवेदनों का 0.3 प्रतिशत से भी कम हैं। इन उम्मीदवारों में सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी तथा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल रहे। सभी उम्मीदवारों की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच है। समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम) और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन के क्षेत्रों के अनुभवी सदस्यों ने उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत दृष्टिकोण का गहन मूल्यांकन किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चयन प्रक्रिया के पहले चरण में कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने विस्तृत बायोडाटा प्रस्तुत किया। इसके बाद 1,580 आवेदनों का विस्तार से मूल्यांकन किया गया। दूसरे चरण में करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया, जिसमें उनकी संवाद क्षमता, नेतृत्व कौशल, पेशेवर अनुभव, व्यक्तित्व और तकनीकी समझ का आकलन किया गया। ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद तीसरे और अंतिम चरण के लिए 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाया गया। आमने-सामने हुए साक्षात्कार में उम्मीदवारों की प्रबंधन क्षमता, रणनीतिक सोच, तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता की विस्तृत परीक्षा ली गई। सर्च कमेटी का कहना है कि अंतिम चरण में पहुंचे सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां रखने वाले पेशेवर हैं। समिति अब इनका अंतिम मूल्यांकन कर üç नामों का पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजेगी। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की ओर से लिया जाएगा। पहले चरण में 5,585 आवेदन प्राप्त हुए, 3,877 उम्मीदवारों ने बायोडाटा जमा किए। - 1,580 आवेदनों का गहन मूल्यांकन कर करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। - अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाकर आमने-सामने साक्षात्कार किया गया। - अब सर्च कमेटी तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद सीईओ के नाम की घोषणा होगी। राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के चयन के लिए हुए साक्षात्कार में उम्मीदवारों की परीक्षा केवल उनके प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक योग्यता तक सीमित नहीं रही। उनसे मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़े सवाल भी पूछे गए। चयन समिति ने यह जानने की कोशिश की कि उम्मीदवार राम मंदिर जैसे धार्मिक और संवेदनशील संस्थान की जिम्मेदारी संभालने के लिए किस तरह की सोच रखते हैं। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों से पूछा गया कि यदि एक दिन में पांच लाख श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच जाएं तो भीड़ को कैसे नियंत्रित करेंगे? श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था किस तरह बेहतर बनाई जा सकती है और इतनी बड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा एवं सुविधा का संतुलन कैसे कायम रखा जाएगा, इस पर भी उनकी राय जानी गई। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए, इसे लेकर भी सवाल किए गए। इंटरव्यू में उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था को भी परखा गया। उनसे पूछा गया कि आप कट्टर हिंदू हैं या सामान्य आस्थावान?, मांसाहारी तो नहीं हैं?, शिखा रखते हैं और जनेऊ धारण करते हैं या नहीं? धार्मिक और सामाजिक संगठनों से उनके जुड़ाव के बारे में भी जानकारी ली गई। इसके साथ ही उम्मीदवारों से राम मंदिर के बारे में उनकी जानकारी, मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं, भविष्य की चुनौतियों और विकास को लेकर उनकी सोच पर सवाल किए गए। राम मंदिर के लिए उनका विजन, कार्ययोजना और महत्वपूर्ण सुझाव भी जाने गए। किसी विशेष या असाधारण उपलब्धि के बारे में भी जानकारी मांगी गई। साक्षात्कार में यह भी परखा गया कि आपात स्थिति में उम्मीदवार कितनी तेजी से निर्णय ले सकते हैं और विभिन्न सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा बलों तथा मंदिर प्रशासन के बीच किस तरह समन्वय स्थापित कर सकते हैं। यानी सीईओ पद के लिए हुई इस परीक्षा में आस्था से लेकर प्रशासन, नेतृत्व से लेकर भीड़ प्रबंधन और व्यक्तित्व से लेकर भविष्य की कार्ययोजना तक, हर पहलू को परखने की कोशिश की गई।
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उज्जैन: नागपंचमी पर महाकाल-नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग

Ujjain, Madhya Pradesh:नागपंचमी पर महाकाल-नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए अलग-अलग रास्ते तय एक ही दिन नागपंचमी, तीसरा सोमवार और बाबा महाकाल की तीसरी सवारी, भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बनाई विशेष व्यवस्था उज्जैन। इस बार 17 August का दिन उज्जैन के लिए बेहद खास होने वाला है। नागपंचमी, श्रावण का तीसरा सोमवार और बाबा महाकाल की तृतीय सवारी एक ही दिन होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन ने नागचंद्रेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए हैं। नागचंद्रेश्वर के सामान्य दर्शन कर्कराज पार्किंग से शुरू होंगे। यहां से श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार नंबर 4 से प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम से नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद प्रीपेड बूथ से निकलकर श्रद्धालु 24 खंबा मार्ग से वापस जाएंगे। वहीं शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरसिद्धि पाल की ओर से प्रवेश रहेगा। श्रद्धालु बड़ा गणेश मार्ग से प्रवेश द्वार नंबर 5 होते हुए नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और दर्शन के बाद 24 खंबा मार्ग से बाहर निकलेंगे। महाकालेश्वर मंदिर के सामान्य दर्शन के लिए केवल त्रिवेणी द्वार से प्रवेश रहेगा। श्रद्धालु त्रिवेणी द्वार से प्रवेश कर निर्धारित दर्शन मार्ग से बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। शीघ्र दर्शन के लिए नीलकंठ द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बतायā कि नागपंचमी को लेकर अधिकारियों के साथ पूरे दर्शन मार्ग का निरीक्षण किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी की व्यवस्थाएं यथावत रहेंगी। बाइट - महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक
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