बुरहानपुर में 15,000 से अधिक मरीजों के लिए प्रशासन ने आयोजित किया फ्री स्वास्थ्य शिविर
Burhanpur, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में 15,000 से अधिक मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि इस शिविर में खंडवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज इंदौर के डॉक्टर और कई अन्य विशेषज्ञ भी शामिल होंगे और अपनी सेवाएं देंगे। शिविर का निरीक्षण करने प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे।
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Raipur, Chhattisgarh:Youtube weather Updateदमोह झरना हादसा: तेज बहाव में 2 युवक सुरक्षित, पहाड़ी पर 100 लोग निकाले गए
Dholpur, Rajasthan:दमोह झरना देखने गए 2 युवक तेज बहाव में फंसे, सकुशल रेस्क्यू, पहाड़ी पर फंसे 100 लोग भी सुरक्षित सरमथुरा सरमथुरा उपखंड के दमोह झरना में शनिवार दोपहर तेज बारिश के कारण 2 युवक दमोह झरने को जाने वाले नाले के तेज बहाव में फंस गए। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया। इसी दौरान झरने के पास पहाड़ी पर फंसे करीब 100 पर्यटकों और ग्रामीणों को भी स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा। घटना में किसी को चोट नहीं आई। प्रशासन ने मौसम साफ होने तक दमोह क्षेत्र में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है और लोगों से बरसात में झरने पर न जाने की अपील की है। युवक वापसी में फंसे तेज बहाव में दोपहर करीब 3 बजे जिले के 2 युवक दमोह झरना घूमकर लौट रहे थे। इसी बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पहाड़ों से आने वाले पानी से दमोह झरने को जाने वाले नाले का बहाव एकदम बढ़ गया। जिस रास्ते से युवक गुजर रहे थे, वही पानी उफान पर आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि दोनों बीच में फंस गए और आगे-पीछे नहीं जा सके। युवकों ने परिजनों को फोन कर जानकारी दी, जिसके बाद 100 नंबर पर सूचना दी गई। एक घंटे में हुआ दोनों का रेस्क्यू सूचना मिलते ही सरमथुरा थाना पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद से टीम ने करीब एक घंटे में दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात रही कि दोनों को कोई चोट नहीं आई। रेस्क्यू के दौरान ही पता चला कि झरने के पास पहाड़ी पर करीब 100 लोग भी फंसे गए हैं। ग्रामीणों ने निकाले पहाड़ी पर फंसे 100 लोग पहाड़ी पर फंसे लोगों का रास्ता फिसलन भरा होने के कारण बंद हो गया था। इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने आगे आकर मदद की। ग्रामीणों ने रस्सियों और लकड़ियों के सहारे सभी 100 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। प्रशासन ने की घरों में रहने की अपील थाना प्रभारी कैलाश सामरी ने कहा बरसात में दमोह जाना जान जोखिम में डालना है। इस समय दमोह के नाम से भ्रमित न हों। रास्ते फिसलन भरे हैं और अचानक बाढ़ आ जाती है। प्रशासन की अनुमति के बिना पर्यटन स्थल पर न जाएं। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि मौसम साफ होने तक दमोह में प्रवेश बंद रहेगा। वन विभाग गश्त कर रहा है। स्थानीय लोगों ने रास्ते पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की मांग की है।DM ने मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों-स्टूडेंट्स से किया सीधा संवाद, परखी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था, प्रिंसिपल ने बताईं डॉक्टरों की समस्याएं!
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला अचानक निरीक्षण पर निकले और जिला अस्पताल, NRC सेंटर, ट्रॉमा सेंटर और वन स्टॉप सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम के अचानक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल रही। निरीक्षण के दौरान डीएम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से भी सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और संतुष्टि जानी।
इसके बाद जिलाधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स से सीधे संवाद किया। डीएम ने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि किसी भी तरह की परेशानी हो तो उसे सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा के मुताबिक, डॉक्टरों और स्टूडेंट्स की प्रमुख समस्याएं सड़क की खराब स्थिति, पर्याप्त लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी थीं।
वहीं, ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने डीएम को वहां मौजूद कमियों से अवगत कराया। डीएम ने बेसिक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ट्रॉमा सेंटर को जल्द शुरू करने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान भी डीएम ने कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों से भी बातचीत की। प्राचार्य के मुताबिक, मरीजों की ओर से किसी बड़ी नकारात्मक शिकायत की बात सामने नहीं आई और अधिकांश मरीज व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।
डीएम ने मेडिकल कॉलेज की सकारात्मक गतिविधियों को भी सामने लाने पर जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉलेज की अच्छी पहल और उपलब्धियों की जानकारी भी नियमित रूप से साझा की जाए।
कुल मिलाकर जिलाधिकारी का यह दौरा अचानक निरीक्षण से लेकर डॉक्टरों, स्टूडेंट्स और मरीजों से सीधे संवाद तक केंद्रित रहा।
वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गाजीपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़े और मेडिकल कॉलेज में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले।
