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Mohammad WasimMohammad WasimFollow9 Oct 2024, 01:49 am

फोपनार में मक्का किसानों के साथ धोखाधड़ी, गिरफ्तारियों में देरी पर किसानों ने आंदोलन की दी चेतावनी

Burhanpur, Madhya Pradesh:

बुरहानपुर के फोपनार गांव में मक्का किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले दो महाराष्ट्र के व्यापारियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रगतिशील किसान संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने एसपी देवेंद्र पाटीदार से मामले की शिकायत करते हुए कहा कि व्यापारियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि व्यापारियों की संपत्तियों को जब्त कर किसानों को उनकी राशि का भुगतान किया जाए, अन्यथा वे गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करेंगे।

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गोरखपुर में डायल-112 सिपाही ने 10 साल की बच्ची का अपहरण कर हत्या, गिरफ्तार

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। गोरखपुर में इंसानियत और खाकी दोनों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को खाना देकर घर लौट रही 10 वर्षीय मासूम बच्ची का कथित तौर पर डायल-112 में तैनात एक सिपाही ने अपहरण कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी सिपाही ने बच्ची को पहले जिला अस्पताल के पास से अपनी बाइक पर बैठाकर एक सूनसान जगह पर ले गया था, जिसके कारण पुलिस को इस बात की आशंका है कि आरोपी ने पहले उसके साथ दरिंदगी की हदें पार कर दिया बाद में उसकी हत्या कर उसके शव को चिउटहा पुल के नीचे पानी में फेंक दिया है। वहीं मासूम बच्ची की खोज करने के लिए लगी गोरखपुर की पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाली जिसके बाद पुलिस के हाथ आरोपी सिपाही अभिषेक यादव के गिरेबान तक जा पहुंची और फिर उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर मासूम बच्ची के शव बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की धाराएं तय की जाएंगी। वहीं इस जघन्य मामले में एसएसपी ने आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा, एनएसए की कार्रवाई और विभाग से बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। जांच में बाइक सवार की पहचान डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई, जो गाजीपुर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर चिउटहा पुल के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया गया। घटनास्थल के पास बने टिनशेड से बच्ची की चप्पल भी बरामद हुई है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्यों की पुष्टि होगी और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सिपाही का रिकॉर्ड पहले भी विवादित रहा है। वर्ष 2025 में उसके खिलाफ फर्जी नंबर प्लेट लगाने और एक बालिका से अभद्रता का मुकदमा दर्ज हुआ था। उस मामले में वह निलंबित भी हुआ था, लेकिन सितंबर 2025 में उसकी बहाली के बाद उसे डायल-112 में तैनाती मिल गई थी।
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बारिश ने पहाड़ी पैदल मार्गों को तबाह कर ग्रामीण जीवन पर किया असर

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर सहित पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा का असर अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। लगातार बारिश ने गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों को भी वॉशआउट कर दिया है। कई स्थानों पर रास्ते मलबे, गिरे पेड़ों और दलदल में तब्दील हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और मरीजों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। राशन, गैस और जरूरी सामान लाना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ में सड़कें बंद होने की खबरें तो सामने आती हैं, लेकिन पैदल रास्तों की बदहाली पर ध्यान नहीं दिया जाता। वे प्रशासन से ग्रामीण पैदल मार्गों की तत्काल बहाली और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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दरगाह कोह-ए-मारन पर उर्स शुरू, हजारों श्रद्धालुओं की रातभर इबादत

Srinagar, Uttarakhand:हज़रत सुल्तान-उल-आरिफ़ीन शेख हमज़ा मखदूम (RA) का सालाना उर्स के दिन आज से शुरू होए श्रीनगर के कोह-ए-मारन की पवित्र दरगाह जिसमें हज़ारों श्रद्धालु इबादत करने और दुआ मांगने के लिए इकट्ठा होते हैं l उर्स से पहले, श्रद्धालुओं ने पूरी रात दरगाह पर बिताई, गहरी भक्ति और आध्यात्मिकता के माहौल में खास नमाज़ों, पवित्र कुरान की तिलावत, दुआ और धार्मिक सभाओं (मजलिस) के साथ शब ख्वानी दरगाह पर की l आने वाले दिनों में, जम्मू कश्मीर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कोह-ए-मारन की दरगाह पर उर्स के जश्न में हिस्सा लेने, खास नमाज़ पढ़ने और रात भर जागकर इ ibादत करने आने की उम्मीद है। भक्‍तों ने हज़रत सुल्तान-उल-आरिफ़ीन शेख हमज़ा मखदूम (RA) के प्रति अपनी अटूट आस्था और श्रद्धा ज़ाहिर करते हुए कहा कि वे हर साल शांति, खुशहाली और अपने परिवारों की भलाई के लिए दरगाह पर आते हैं। उर्स बहुत धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक भक्ति के साथ मनाया जाता हैं जब दिन नजदीक आते हैं l
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मानसून देरी से पश्चिमी राजस्थान में खरीफ बुवाई 68.88% तक घटी; बाड़मेर सबसे प्रभावित

Jodhpur, Rajasthan:पश्चिमी राजस्थान में जून महीने में मानसून की बेरुखी का सीधा असर खरीफ की खेती पर पड़ा। समय पर बारिश नहीं होने से किसानों को बुवाई टालनी पड़ी। जुलाई में बारिश शुरू होने के बाद खेतों में हल जरूर चले, लेकिन कई इलाकों में बारिश अब भी सामान्य से कम रही। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जोधपुर संभाग में खरीफ बुवाई का कुल लक्ष्य 28 लाख 83 हजार हेक्टेयर रखा गया था, लेकिन अब तक 19 लाख 85 हजार 934 हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी। यानी लक्ष्य का केवल 68.88 प्रतिशत। सबसे ज्यादा प्रभावित बाड़मेर जिला रहा। यहां खरीफ बुवाई का लक्ष्य 10 लाख 59 हजार हेक्टेयर था, लेकिन केवल 4 लाख 67 हजार 700 हेक्टेयर में ही बुवाई हो सकी। यानी उपलब्धि सिर्फ 44.16 प्रतिशत रही। वहीं जोधपुर जिले में 82.90 प्रतिशत, फलोदी में 81.44 प्रतिशत और बालोतरा में 85.58 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले बुवाई दर्ज की गई। फसलवार आंकड़े भी मानसून की देरी का असर दिखा रहे हैं। संभाग की सबसे प्रमुख फसल बाजरा की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले केवल 70.82 प्रतिशत रही। दलहनी फसलों की बुवाई 70.41 प्रतिशत, तिलहनी फसलों की 72.85 प्रतिशत, जबकि मूंग की बुवाई 78.33 प्रतिशत तक पहुंची। ग्वार में सिर्फ 46.81 प्रतिशत क्षेत्र में बुवाई हुई, जबकि कपास लगभग लक्ष्य के अनुरूप 98.86 प्रतिशत क्षेत्र में बोई गई। अतिरिक्त निदेशक डॉ. जी.आर. मटोरया का कहना है कि जून में बारिश नहीं होने से बुवाई प्रभावित हुई है, लेकिन जुलाई में जहां-जहां बारिश हुई वहां किसानों ने तेजी से बुवाई की। जिन क्षेत्रों में अब भी देर से बारिश हो रही है, वहां बुवाई जारी है। विभाग ने किसानों के लिए कंटीजेंसी प्लान लागू किया है। किसानों को कम अवधि में पकने वाली किस्में अपनाने, वैकल्पिक फसलों की बुवाई करने, समय पर निराई-गुड़ाई करने और जैविक कीट नियंत्रण अपनाने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि बाजार में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और कालाबाजारी या ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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छतरपुर के बिहाटा में करंट लगने से किसान रामस्वरूप कुशवाहा की मौत

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर के ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बिहाटा में करंट लगने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई, बिहाटा निवासी 35 वर्षीय रामस्वरूप कुशवाहा आज सुबह अपने खेत में चारा काट रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लग गया। परिजन तुरंत उन्हें ईशानगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डाँक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल छतरपुर भेजा गया। रामस्वरूप अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है。
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सिद्धार्थनगर के एक घर से 20 से अधिक सांप के बच्चों के निकलने से मची दहशत

Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर जिले के एक घर में अचानक दो दर्जन से अधिक जहरीले सांप के बच्चों निकलने से घर में अफरा तफरी मच गई। मामला सदर थाना क्षेत्र के महापाली गांव का है। दहशत में आए घर के लोग घर छोड़कर बाहर आ गए और अब पूरे घर की खुदाई कर बचे हुए और सांपों को बाहर निकलने का प्रयास हो रहा है। घर में अचानक सांपों के निकलने के इस घटना के बारे में परिवार के मुखिया अजय कुमार गुप्ता ने बताया वे लोग रात में घर में आराम से बैठे हुए थे अचानक कमरे में उन्हें जहरीले सांप का एक बच्चा दिखाई दिया। उन्होंने उस सांप को मार दिया। लेकिन कुछ देर बाद उन्हें सांप के दो बच्चे और दिखाई दिए उसको भी मार कर यह लोग गांव में सांप पकड़ने वाले के पास गए और उसे बुला लाये। सांप पकड़ने वाले ने उनके कमरे की खुदाई की तो वहां से करीब दो दर्जन से अधिक सांप के बच्चे निकले। इतने सांप देखकर घर के लोग डर की वजह से घर से बाहर निकल आए। लोग घर में जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि घर के और कपड़ों की खुदाई अभी चल रही है जिसमें एक-दो सांप अब भी मिल रहे हैं।
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बैतूल में मानसून की रफ्तार बढ़ी, सतपुड़ा बांध के सात गेट खुले

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - बैतूल जिले में मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और तवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।जलस्तर बढ़ने के बाद सारनी स्थित सतपुड़ा बांध के सात गेट खोलने पड़े। गुरुवार सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच इन गेटों को करीब चार-चार फीट तक खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।इस मानसून सीजन में यह पहला मौका है जब सतपुड़ा बांध के गेट खोले गए हैं। लगातार बारिश के कारण प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।जानकारी के अनुसार, सारनी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 89 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 1430.45 फीट मापा गया,जो तेजी से बढ़ता हुआ दर्ज किया गया।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों,जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली जगहों से दूर रहें। साथ ही,मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जोखिम भरे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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सौ साल पुराना पीपल पेड़ धराशाई, दो गरीब परिवारों के आशियाने तहस-नहस

Damoh, Madhya Pradesh:ऐतिहासिक दीवान जी की तलैया पर लगा सौ साल से पुराना पेड़ धराशाई.. एंकर/ दमोह में रुक रुक कर हो रही बारिश की वजह से जहां जनजीवन प्रभावित हो रहा है वहीं एक हादसे ने कई लोगों को दुखी कर दिया है और इसकी वजह एक सौ साल से ज्यादा पुराना पीपल का पेड़ है जो बारिश सहन नहीं कर पाया और जमीदोज हो गया। शहर की प्रसिद्ध मराठा कालीन दीवान जी की तलैया के किनारे सौ साल से भी ज्यादा पहले का लगा हुआ पीपल का पेड़ अचानक चंद सेकेंड में गिर गया; गनीमत रही कि कोई उसकी चपेट में नहीं आया जबकि जिस जगह ये पेड़ खड़ा था उसके नीचे दो गरीब परिवार रहते हैं; पेड़ के ठीक नीचे एक छोटा मंदिर है जबकि एक तरफ ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का श्री राम मंदिर और एक तरफ बहुत पुराना गर्ल्स स्कूल है और ऐसे में यहां दिन के वक्त बड़ी संख्या में लोग रहते हैं लेकिन इस वक्त कोई नहीं था लेकिन पेड़ ने दो गरीब परिवारों के आशियाने पूरी तरह बर्बाद कर दिए; वहीं एक परिवार के रोजगार के साधन हाथ ठेलों को चकनाचूर कर दिया। इस पेड़ की एक बड़ी डाली गर्ल्स स्कूल बिल्डिंग पर भी गिरी है, कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन हादसे ने लाखों का नुकसान जरूर किया है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर है और पेड़ को हटाया जा रहा है।
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सावन के पहले से बक्सर के शिव मंदिरों में भक्तों का आना, सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी

Buxar, Bihar:सावन माह की शुरुआत के साथ ही बक्सर के प्रमुख शिव मंदिर भक्तों के स्वागत के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो गए हैं। पूरे महीने भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जिले के प्रसिद्ध बरमेश्वर नाथ मंदिर, रामेश्वर नाथ मंदिर, नाथ बाबा मंदिर तथा सोखा धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहेगा। सुबह से लेकर देर शाम तक शिवभक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। सावन में बक्सर के ऐतिहासिक रामरेखा घाट का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यहां गंगा नदी के उत्तरवाहिनी (उत्तरायणी) होने के कारण दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु पहले गंगा स्नान करते हैं, फिर पवित्र जल लेकर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने विभिन्न शिवालयों में पहुंचते हैं। मान्यता है कि सावन में यहां गंगा स्नान और शिव पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्रमुख शिव मंदिरों और रामरेखा घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसरों में पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम वातावरण में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर सकें। सावन के पहले सोमवार से ही बक्सर का धार्मिक माहौल पूरी तरह शिवमय हो जाएगा। हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से मंदिर परिसर और रामरेखा घाट गूंज उठेंगे, जहां आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.
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