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भिंड में बिना छात्रों वाले स्कूल में घर बैठकर तनख्वाह लेने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई
Bhind, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के भिंड जिले के लहार विकास खंड के आलमपुर इलाके के तिघरा खुर्द शासकीय प्राथमिक स्कूल में घर बैठकर तनख्वाह लेने वाले दो शिक्षकों पर कलेक्टर ने कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बिना छात्रों वाले इस स्कूल में ये शिक्षक सालों से पदस्थ थे। एसडीएम की अनुशंसा पर इन शिक्षकों का एक माह का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए और भिंड कलेक्टर ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया।
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झामुमो ने MMDR बिल के विरोध के लिए 7 सितंबर धरना आह्वान किया
Pakur, Jharkhand:झामुमो जिला कोर कमिटी की बैठक झामुमो जिलाध्यक्ष अजीजुल ईस्लाम की अध्यक्षता में हुई. राजमहल लोकसभा के झामुमो सांसद विजय हांसदा, महेशपुर विधानसभा के झामुमो विधायक प्रो0 स्टेफन मरांडी और लिट्टीपाड़ा विधानसभा के झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू उपस्थित रहे. चर्चा में एसआईआर और MMDR बिल के विरोध में होनेवाली आंदोलनों की तैयारी की समीक्षा की गई. 7 सितंबर को सभी प्रखंडों में होने वाले धरने को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जुटने का आह्वान किया गया.0
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मैनपुरी-करहल तहसील के मुख्य गेट पर नहीं लगा बोर्ड,पहचान को लेकर लोगों में सवाल ।
Karhal, Uttar Pradesh:रिपोर्ट-अजय कुमार मैनपुरी करहल/मैनपुरी मैनपुरी-करहल तहसील की पहचान धुंधली,गेट पर नाम-पट्ट न होने से बाहर से आने वाले लोगों को होती है परेशानी । मैनपुरी की महत्वपूर्ण तहसील करहल का मुख्य गेट एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है,यहां मुख्य गेट पर 'तहसील करहल'का स्पष्ट बोर्ड नजर नहीं आता। प्रतिदिन विभिन्न कार्यों के लिए तहसील पहुंचने वाले ग्रामीणों और आम लोगों का कहना है कि जब यह तहसील मुख्यालय है तो मुख्य गेट पर स्पष्ट रूप से बोर्ड होना चाहिए। लोगों का कहना है कि नाम-पट्ट न होने से बाहर से आने वाले,बुजुर्गों और दूर-दराज के लोगों को कार्यालय पहचानने में परेशानी होती है। अब सवाल उठ रहा है कि गेट पर नाम का बोर्ड क्यों नहीं लगा है ? क्या बोर्ड हट गया है ? खराब हो गया है ! या नया लगाने की प्रक्रिया लंबित है ? लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य गेट पर स्पष्ट और आकर्षक'तहसील करहल, जनपद मैनपुरी'का नाम-पट्ट लगाया जाए।0
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बीजेपी को चैलेंज: गुजरात-पंजाब की 1000-स्कूल लिस्ट से सच निकालने की धमकी
Noida, Uttar Pradesh:बीजेपी को चैलेंज करता हूँ 30 साल से बीजेपी की गुजरात में सरकार है पंजाब में आप की साड़े चार साल से सरकार है, आप गुजरात के एक हज़ार स्कूल की लिस्ट दे में पंजाब के एक हज़ार स्कूल की लिस्ट दूँगा, और फिर निरीक्षण कर ले। सच पता चल जाएगा0
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रायगढ़ के म्हसळा में नाबालिग के साथ बलात्कार, शादी का लालच देकर
Chendhare, Maharashtra:रायगड़च्या म्हसळ्यात अल्पवयीन मुलीवर अत्याचार. लग्नाचे आमिष दाखवून अत्याचार. दोघांविरोधात म्हसळा पोलिसांत गुन्हा. रायगड़च्या म्हसळ्यात अल्पवयीन मुलीवर लैंगिक अत्याचार केल्याचा धक्कादायक प्रकार समोर आला है. मैत्री वाढवून लग्नाचे आमिष दाखवत अत्याचार केल्याचा आरोप असून, या प्रकरणी दोघांविरोधात पॉक्सो कायद्याअंतर्गत म्हसला पोलिस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. पीडितेला विविध ठिकाणी नेऊन अत्याचार केल्याची माहिती तपासातून समोर आली आहे. या प्रकरणी म्हसला पोलिसांकडून पुढील तपास सुरू आहे.0
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पिंपरी चिंचवड़ में कानबाई माता उत्सव खानदेशी समुदाय की धूम
Pimpri-Chinchwad, Maharashtra:पिंपरी चिंचवड शहरातील निगडी परिसरात कानबाई माता उत्सव मोठ्या उत्साहात साजरा केला गेला. या उत्सवासाठी पिंपरी चिंचवड शहरातील खानदेशी रहिवाशांनी मोठी गर्दी केली होती. या वेळी खानदेशी बांधवांनी एरनी भक्ती गीतावर तसेच ढोल ताशाच्या गजरात पारंपारिक खानदेशी नृत्य सादर करत सर्वांचे लक्ष वेधून घेतलं.0
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उदयपुर नगर निकाय चुनाव: प्रत्याशी खर्च सीमा तय, 15 दिनों में विवरण दाखिला जरूरी
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर नगर निकाय चुनाव 2026, निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षक प्रकोष्ठ की बैठक, जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन एवं प्रकोष्ठ प्रभारी डीआईजी स्टाम्प रागिनी डामोर की अध्यक्षता में टीआरआई सभागार में चल रही बैठक, बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भी हैं उपस्थित, बैठक में नगर निकाय चुनावों में प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की हो रहे होने वाले व्यय के लिए सामग्री की दरों के निर्धारण पर हो रही चर्चा, नगर निगम चुनाव में पार्षद प्रत्याशी अधिकतम 3.50 लाख तथा नगरपालिका चुनाव में प्रत्याशी 1.50 लाख रुपए तक कर सकेंगे व्यय चुनाव परिणाम की घोषणा के 15 दिनों के भीतर प्रत्याशियों को व्यय विवरण रिटिटिंग अधिकारी को करना होगा प्रस्तुत बैठक में सह प्रभारी महेंद्र सिंह सीमर भी हैं मौजूद0
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चिड़ावा अस्पताल से मरीज की थैली चोरी, CCTV में दो संदिग्ध महिलाएं
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के चिड़ावा के उपजिला अस्पताल में इलाज के लिए आए एक मरीज की नकदी और जरूरी दस्तावेजों से भरी थैली चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित सांवरमल निवासी बगड़ के अनुसार थैली में करीब 20 हजार रुपए, आधार कार्ड, अन्य जरूरी दस्तावेज और दवाइयां रखी हुई थीं। सांवरमल ने बताया कि उन्होंने चिड़ावा में ऑपरेशन करवाया था। इसके बाद दवा लेने के लिए वह उपजिला अस्पताल में डॉक्टर के पास पहुंचे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब में रखी थैली निकाल ली। थैली में करीब 20 हजार रुपए के अलावा कुछ खुले पैसे भी थे, जिनकी कुल राशि पीड़ित को याद नहीं है। पीड़ित के मुताबिक थैली में आधार कार्ड, अन्य जरूरी दस्तावेज और दवाइयां भी रखी हुई थीं। घटना का पता चलने के बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में तलाश की, लेकिन थैली नहीं मिली। घटना के बाद अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमलों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दो संदिग्ध महिलाएं कैद हुई हैं। फुटेज के आधार पर अब इन महिलाओं की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही के बीच हुई इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर चोरी हुई नकदी, दस्तावेज और सामान बरामद करने की मांग की है।0
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Paradise Valley हादसे में तीन निःस्वार्थ मददगार, माँ ने साड़ी से बच्चों को बचाया
Ratlam, Madhya Pradesh:RATLAM के Paradise Valley हादसे में कुछ ऐसे सुपर हीरो सामने आये, जिन्होंने बिना किसी इंतजार के अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद की. आज जी मीडिया आपको ऐसे ही तीन मददगारों से मिलवा रहा है. रेलवे के पीछे पहाड़ियों के बीच Paradise Valley में बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुँचे थे. जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के करीब 17 बच्चे, प्राचार्य और शिक्षक भी वहां पहुंचे थे. अचानक कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए. उन्हें बचाने पहुँचे शिक्षक भी डूबने लगे और मौके पर चीख-पुकार मच गई. इसी दौरान भीड़ से निकल कर आये मददगार, जिनमें से एक Anita BamharRatlam की रहने वाली महिला थीं, जिन्होंने अपने 15 वर्षीय बेटे Vishal को, जो तैरना जानता था, मदद के लिए पानी में उतरने को कहा. वहां पहले से खतरा था लोग डूब रहे थे, लेकिन मां की हिम्मत ऐसी कि उसने सिर्फ मदद की सोची, और अपने 15 वर्षीय बेटे Vishal को कहा कि नीचे उतरकर पानी से बच्चों को बाहर निकाले. उन्होंने अपनी साड़ी खोलकर पानी में फंसे बच्चों तक पहुंचाने का रास्ता बनाया. Vishal ने साड़ी का एक सिरा पकड़कर बच्चों तक पहुंचाया और तीन बच्चों को इसके सहारे बाहर निकाला. वही तीसरा मददगार Bilal Husain थे, जिन्होंने अन्य लोगों की मदद से भी डूबे शिक्षक और बच्चों को अस्पताल भिजवाने में सहायता की. इनकी मदद ने हादसे को और भयावह होने से रोकने में अहम भूमिका निभाई. अगर इनका नाम मिल जाता तो मौत का आंकड़ा और भयावह होता, यही तस्वीर है भारत की जहाँ जब कोई एक दूसरे की मदद के लिए ठान लेते हैं, तो समाज का कोई बंधन आड़े नहीं आता, बल्कि सिर्फ एक साथ मदद के लिए जुटे लोग नजर आते हैं. RatlamChanderShekhar Solanki0
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राम रहीम की 21 दिन की फरलो पर सवाल, अंशुल छत्रपति सरकार से जवाब मांगते
Sirsa, Haryana:एंकर रीड सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 21 दिन की फरलो मिलने के बाद एक बार फिर से उनकी रिहाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विभिन्न आपराधिक मामलों में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे राम रहीम को फरलो दिए जाने पर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने प्रदेश सरकार और कानून की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अंशुल छत्रपति ने आरोप लगाया कि आखिर प्रदेश सरकार राम रहीम पर किस वजह से बार-बार मेहरबान हो रही है और उसे लगातार पैरोल व फरलो का लाभ क्यों मिल रहा है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि राम रहीम एक सजायाफ्ता और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं और कुछ मामले अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं। ऐसे में उसे बार-बार जेल से बाहर आने की अनुमति दिए जाने पर आपत्ति जाहिर की जा रही है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन को इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और बताया जाना चाहिए कि किन आधारों पर राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि राम रहीम इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। साध्वियों से दुष्कर्म के मामलों में उसे अदालत द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है और वह सजा भुगत रहा है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड सहित अन्य मामलों में भी उसे सजा सुनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामलों में दोषी व्यक्ति को लगातार जेल से बाहर आने का अवसर मिलना कानून की प्रक्रिया और उसके समान रूप से लागू होने पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि आम कैदियों और प्रभावशाली लोगों के मामलों में कानून का व्यवहार एक जैसा दिखाई देना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति गंभीर अपराधों में सजा काट रहा है तो उसकी पैरोल और फरलो के मामलों में सभी कानूनी प्रावधानों और शर्तों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। अंशुल छत्रपति ने कहा कि राम रहीम के मामले में बार-बार रिहाई मिलने से पीड़ित पक्ष और आम जनता के बीच कई तरह के सवाल पैदा होते हैं। अंशुल छत्रपति ने राम रहीम को आदतन अपराधी बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ सिर्फ एक मामला नहीं बल्कि कई गंभीर आपराधिक मामले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी राम रहीम से जुड़े मामलों की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में उसकी फरलो को लेकर संबंधित विभागों और सरकार को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने साधुओं को नपुंसक बनाए जाने से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। अंशुल छत्रपति के अनुसार यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और इसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर मामलों में अदालती सुनवाई चल रही हो और वह अन्य मामलों में पहले से सजा काट रहा है तब उसे मिलने वाली रियायतों को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। अंशुल छत्रपति ने आरोप लगाया कि राम रहीम को बार-बार जेल से बाहर भेजने के पीछे उसे स्थायी रूप से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक या प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि कानून और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल है। उनके अनुसार यदि किसी सजायाफ्ता व्यक्ति को लगातार पैरोल और फरलो मिलती रहे तो इससे पीड़ितों के परिवारों में भी निराशा और असंतोष पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में न्याय पाने के लिए उनके परिवार को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। कई वर्षों तक चली इस कानूनी प्रक्रिया के बाद दोषियों को सजा मिली है । ऐसे में जब दोषी व्यक्ति बार-बार जेल से बाहर आता है तो पीड़ित परिवार के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं। अंशुल छत्रपति ने कहा कि न्याय केवल सजा सुनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरी न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया में पीड़ित पक्ष के अधिकारों और भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अंशुल छत्रपति ने कहा कि वह कानून और संविधान पर भरोसा रखते हैं, लेकिन राम रहीम को मिलने वाली पैरोल और फरलो के मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन परिस्थितियों और किस आधार पर बार-बार फरलो दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए ताकि आम लोगों के मन में किसी तरह का संदेह न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए। किसी व्यक्ति की सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक पहचान के आधार पर कानून के pravधानों में किसी प्रकार की विशेष रियायत का संदेश नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई सामान्य कैदी गंभीर अपराध में सजा काट रहा होता है तो उसके मामले में भी वही नियम लागू होने चाहिए, जो किसी प्रभावशाली व्यक्ति के मामले में लागू होते हैं। अंशुल छत्रपति ने अदालतों से भी इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल और फरलो के रिकॉर्ड और परिस्थितियों पर नजर रखी जानी चाहिए। उनके अनुसार अदालत को यह देखना चाहिए कि कहीं कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है और सभी नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि राम रहीम के खिलाफ गंभीर अपराधों में अदालतें अपना फैसला दे चुकी हैं और कुछ अन्य मामले अभी न्यायालयों में लंबित हैं। इसलिए उसकी रिहाई से संबंधित हर निर्णय कानूनी मानकों के आधार पर होना चाहिए। अंशुल छत्रपति ने कहा कि इस तरह के मामलों में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि उनका हर फैसला जनता के बीच कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली की छवि को प्रभावित करता है। अंशुल छत्रपति ने आरोप लगाया कि राम रहीम को लगातार जेल से बाहर निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह केवल कानूनी अधिकारों के तहत हो रहा है तो सरकार को स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। लेकिन यदि किसी प्रकार का विशेष व्यवहार किया जा रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में परिवार ने वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष किया और अदालत के फैसले के बाद दोषियों को सजा मिली है। ऐसे में परिवार चाहता है कि न्यायिक फैसलों और सजा की प्रक्रिया का सम्मान किया जाए। राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिलने के बाद एक बार फिर उसकी जेल से बाहर रहने की अवधि और कानूनी प्रावधानों को लेकर राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अंशुल छत्रपति के सवालों ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार, प्रशासन और संबंधित विभाग इन सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं。0
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बारिश ने दिल्ली की पोल खोली: कमला नगर में जलभराव से दुकानों को नुकसान
New Delhi, Delhi:एक बार फिर बारिश ने खोली सिविक एजेंसियों की पोल उत्तरी दिल्ली के पाश इलाके कमला नगर में बारिश के चल जल भराव दुकानों में घुसा पानी लाखों का नुकसान जल भराव के चलते लोग कर रहे है दुकानें खाली0
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दमोह में एम्बुलेंस सेवाओं पर फिर जुर्माना, प्रसव के समय देरी से नवजात मौत
Damoh, Madhya Pradesh:फिर लगा एम्बुलेंट्स सेवा कंपनी पर जुर्माना, दो महीने में दूसरी बड़ी कार्यवाही... दमोह जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के बीच मरीजों को एंबुलेंस और शवों को शव वाहन न मिलना आम बात हो गई है तो अक्सर एम्बुलेंस में लेट लतीफी की वजह से समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से भी मरीज दम तोड़ देते है, इसे लेकर जिले के जिला अस्पताल से लेकर सिविल अस्पतालों में हंगामे और बबाल की खबरें भी आती रहती है लेकिन हालात सही नहीं हो पा रहे। इस बीच सरकार ने कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद एक बार एम्बुलेंस सेवा कंपनी पर जुर्माना लगाया है और हिदायत दी गई है। दरअसल पिछले दिनों एक गर्भवती महिला रोशनी लोधी को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल ले जाना था लेकिन घंटों तक एम्बुलेंस को काल करने के बाद भी जब वो नहीं आई तो महिला को लेकर उसके परिजन उसे निजी वाहन से हटा अस्पताल ले जाने निकले लेकिन महिला ने रास्ते में ही लड़की को जन्म दे दिया मतलब उसकी डिलीवरी हो है। असुरक्षित प्रसव की वजह से नवजात ने कुछ ही मिनटों में दम तोड़ दिया और महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया। मामले ने काफी तूल पकड़ा तो जिले के कलेक्टर ने जांच कराई और जांच में पाया कि एम्बुलेंस सेवा में लापरवाही की गई और रिपोर्ट प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी गई जहां विभाग ने जिले में सेवा दे रही कपनी पर दो लाख 20 हजार 919 रूपए का जुर्माना लगाया गया है। ये दो महीने में दूसरा मौका है एम्बुलेंस सेवा कंपनी पर जुर्माने की कार्यवाही हुई है।0
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Zee Helpline ने चार साल बाद राशन कार्ड में नाम जोड़ा, परिवार खुश
Kanpur, Uttar Pradesh:एंकर-कानपुर नगर के बर्रा-6 निवासी राजेश वर्मा पिछले चार वर्षों से अपने और अपने बेटे का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। लेकिन हर बार उनका मामला लंबित बताकर टाल दिया जाता था। सीमित यूनिट होने के कारण चार सदस्यीय परिवार को पर्याप्त राशन नहीं मिल रहा था जबकि शिकायतकर्ता इलेक्ट्रिक ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। Zee Helpline ने संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क कर मामले का फॉलोअप किया और विभाग का पक्ष सामने लाया। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता ने Zee Helpline का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी समस्या का समाधान हो गया है। शिकायतकर्ता ने Zee Helpline का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि अब उन्हें उनका वैधानिक लाभ मिल गया है। V/O- दरसल कानपुर के बर्रा 6 निवासी राजेश वर्मा इलेक्ट्रिक ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं उनके परिवार में उनकी पत्नी के साथ दो बच्चे हैं लेकिन राशन कार्ड में उनकी पत्नी और एक बेटे का ही नाम था ।जबकि उनका और एक बेटे का नाम राशन कार्ड में नहीं था ।इसको लेकर 4 साल पहले वह गोविंद नगर जिला पूर्ति विभाग पहुंचे वहां बैठे अधिकारियों से उन्होंने अपनी समस्या बताई। जिसके बाद संतोष जनक जवाब नहीं मिला वापस घर लौट आएह। राजेश वर्मा कुछ दिन बाद फिर गोविंद नगर स्थित जिला पूर्ति विभाग पहुंचे और वापस इस समस्या का निराकरण करने के लिए अधिकारियों से मुलाकात की जिसके बाद उनसे नाम बढ़वाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए कहा गया।शिकायत कर्ता ने कैफे में ऑनलाइन अप्लाई तो कर दिया लेकिन कुछ दिन बीत जाने के बाद भी राशन कार्ड अपडेट नहीं हुआ वापस से विभाग पहुंचते हैं और इस समस्या को फिर से अधिकारियों को अवगत कराते हैं वहां मौजूद अधिकारियों कहना था कि पोर्टल पर नाम ना चढ़ पाने की वजह से आपको दोबारा फिर से अप्लाई करना पड़ेगा इसके बाद राजेश वर्मा अपनी पत्नी सोनी वर्मा के साथ कैफे जाते हैं और वापस राशन कार्ड में नाम बढ़ाने के लिए फिर से नए तरीके से पोर्टल पर अप्लाई करते हैं अप्लाई करने के बाद दोबारा फिर उनका राशन कार्ड में नाम नहीं आता और विभाग के चक्कर लगा लगा कर थक जाते हैं इसके बाद एक दिन घर में बैठे होते हैं और जी news चैनल देख रहे थे ।zee news पर जी हेल्पलाइन का नंबर देखा उन्होंने तुरंत नंबर मिलाया और जी हेल्पलाइन से अपनी समस्या का निवारण करने के लिए मदद मांगी जी हेल्पलाइन ने तत्परता दिखाते हुए संबंधी विभाग के अधिकारियों से बातचीत की समय-समय पर अपडेट लिया आज उन्होंने जी हेल्पलाइन और zee न्यूज़ का धन्यवाद किया कि 4 साल जो काम नहीं हुआ वो काम zee हेल्पलाइन को मदद से कुछ ही दिन में हो गया ।आज उनके परिवार के सभी सदस्यों का नाम राशन कार्ड में जुड़ गया है और उनको सरकार के द्वारा जो राशन मिलना चाहिए उनको आसानी से मिल रहा है आज परिवार में चेहरे पर खुशी है राकेश वर्मा की पत्नी सोनी वर्मा ने बताया की zee न्यूज़ ने उनकी बहुत मदद की।लगातार समस्या के संबंध में अपडेट लेते रहे और ज़ी न्यूज़ का तहे दिल से धन्यवाद भी किया इस पूरे मामले को लेकर zee न्यूज़ की टीम ने जब जिला पूर्ति अधिकारी डॉ अंजनी कुमार सिंह से बातचीत की उन्होंने कहा कि मामले में शिकायत आई थी जिसके बाद विभाग ने तत्परता दिखाते हुए जी हेल्पलाइन के फोन से बातचीत की उसके बाद परिवार को मदद की फिलहाल उनकी अभी नई पोस्टिंग हुई है ऐसे में और लगातार ऐसे मामलों को पेंडिंग में ना डालते हुए किसी को आवश्यकता ना हो इसके लिए कैंप का भी आयोजन करेंगे उन्होंने ज़ी न्यूज़ का धन्यवाद किया कि ज़ी न्यूज ने जिस तरीके से इस मामले को उठाया और एक परिवार की समस्या का निराकरण हो गया।0
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बदमाशो ने एक युवक की गोली मारकर हत्या की, दो आरोपी फरार, दो फरार, पकड़े गए आरोपियो पर है कई मुकदमे
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली स्लग ... युवक की हत्या एंकर .....शामली जनपद की कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव तीतरवाडा में एक युवक की चार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है।जहा हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों को घेर कर दो आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया।और पुलिस को सौंप दिया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ..... आपको बता दे।कि मामला शामली जनपद की करना कोतवाली क्षेत्र के गांव तीतरवाड़ा का है। जहां तसव्वर नाम के एक युवक को चार युवक ने गोली मार दी।गोली लगने के बाद परिजनों द्वारा उसे हाई सेंटर ले गये।जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।उसी दौरान स्थानीय लोगों ने दो लोगों को पड़कर पुलिस को भी सौंप दिया है पुलिस ने आरोपियों को अपने कब्जे में लेकर पीड़ित का सब पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है पर अग्रिम कार्रवाई कर रही है। वही इस मामले में मृतक के भाई का कहना है कि देर रात गांव से कुछ बाइक सवार बदमाश जा रहे थे किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो उन्होंने उसके पेट में गोली मार दी जहां उसकी मौत हो गई जबकि इस दौरान भीड़ ने दो लोगों को पड़कर पुलिस को सौंप दिया। .... उधर इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि करण कोतवाली क्षेत्र के गांव तीतरवाडा में तसस्वर नाम के एक युवक को बाइक सवार कुछ बदमाशों ने गोली मार दी थी।जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।जांच पड़ताल में सामने आया।कि आरोपी बिलाल कुछ दिन पहले ही जेल से छुट कर आया था।जिसके तीतरवाड़ा की रहने वाली महिला के साथ अवैध संबंध थे।और उसके पति को धमकाने के लिए जा रहा था।कि रास्ते में तसव्वर नाम के व्यक्ति के साथ कहा सुनी हुई ।जिसमें उसको उन्होंने गोली मार दी। उक्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।दो आरोपी अभी फरार है।वही मृतक और गिरफ्तार सभी आरोपियों के कई आपराधिक इतिहास है।0
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शेंड़ी गांव के मळगंगा मंदिर से चोर, CCTV में कैद
Ahilyanagar, Maharashtra:अहिल्यानगर शहराजवळ असलेल्या शेंडी गावातील मळगंगा मंदिरात चोरट्यानी चोरी केली आहे...मळगंगा देवीचे चांदीचे सिंहासन आणि गळ्यातील सोन्याचे गंठण लंपास केलं आहे. सोमवारी रात्री ही घटना घडली असून पहाटे भाविक दर्शनासाठी आल्यानंतर चोरीचा प्रकार उघड झाला आहे दरम्यान मंदिरातील CCTV कॅमेऱ्यात चोरी करताना अज्ञात चोरटा कैद झाला आहे. भाविक प्रकाश कराळे यांच्या फिर्यादीवरून MIDC पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला असून CCTV फुटेजच्या आधारे पोलिसांकडून चोरट्याचा शोध सुरू करण्यात आला आहे मंदिरातील चोरीच्या घटनेने शेंडी गावात संतापाचे वातावरण निर्माण झाले आहे. आठ दिवसांत चोरीचा तपास लावून आरोपीला अटक करावी अशी ग्रामस्थांनी पोलिसांकडे मागणी केली आहे0
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Dooru Shahabad में नया Munsif Court Complex का शिलान्यास; दो साल में पूरा
Anantnag, In a significant step towards strengthening judicial infrastructure in South Kashmir, the foundation stone of the new Munsif Court Complex and residential quarters was laid at Dooru Shahabad by Hon’ble Chief Justice of the High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh, Justice Sanjeev Kumar. The foundation-laying ceremony was attended by Administrative Judge for Anantnag Justice Sanjay Dhar, Principal District and Sessions Judge Anantnag, SE R&B Syed Ishfaq Ahmad, Judicial Magistrate Dooru Aarizoo Javid Rather, SDM Dooru Parvaiz Rahim, besides other judges, members of the legal fraternity and officers of the Sub-District Administration. Addressing the gathering, Justice Sanjeev Kumar said the construction of the Munsif Court Complex is expected to be completed within two years. He said several court infrastructure projects are being taken up across the region as part of efforts to strengthen the judicial system and ensure better and more accessible justice for the people. Highlighting the importance of the Dooru project, the Chief Justice said the new complex would be developed as a modern judicial facility equipped with improved infrastructure and requisite amenities for judges, lawyers and litigants. He said the upgraded infrastructure would provide a more conducive environment for the functioning of courts and contribute towards making the delivery of justice more efficient, accessible and people-friendly. The project is expected to give a significant boost to judicial infrastructure in Dooru Shahabad and provide litigants from the area with modern court facilities closer to their homes, reducing inconvenience and improving access to justice. The ceremony concluded with members of the judiciary, legal fraternity and civil administration expressing hope that the project would be completed within the stipulated timeframe and serve the people of the area for years to come.0
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