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आमला में केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उइके की रक्षा अधिकारियों से बोड़खी बाजार निर्माण पर चर्चा
Amla, Madhya Pradesh:आमला में केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उइके की अध्यक्षता में स्थानीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के साथ रक्षा अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में बोड़खी बाजार की रिक्त भूमि पर प्रस्तावित निर्माण के संबंध में व्यापारियों और नागरिकों की चिंताओं पर चर्चा की गई। आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों से बैठक करने का निर्णय लिया गया।
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बच्चों को पैसे देकर नारे लगवाने की कोशिश पर घमासान; प्रशासन से मांगी जवाबदेही
Noida, Uttar Pradesh:लोगों की प्रतिक्रिया बताया गया व्यवहार गलत है। बच्चों को पैसे का लालच देकर उनसे कोई राजनीतिक या धार्मिक नारा लगवाने की कोशिश करना, और उनके मना करने पर उनसे सवाल-जवाब करना या उन पर दबाव डालना—यह सामान्य बातचीत से आगे बढ़कर जबरदस्ती करने जैसा व्यवहार है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें बच्चे शामिल हैं। साथ ही, क्या उन पर्यटकों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, यह उनके खास व्यवहार और लागू कानूनों पर निर्भर करता है। अगर डराने-धमकाने, परेशान करने, जबरदस्ती करने, बदसलूकी करने या किसी और गंभीर अपराध (कॉग्निजेबल ऑफेंस) का मामला बनता है, तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच करनी चाहिए, न कि सिर्फ़ वीडियो देखकर ही उन्हें अपराधी मान लेना चाहिए। बच्चों ने जो नारा नहीं लगाना चाहा, उसे न लगाने के उनके फैसले का कम से कम सम्मान तो किया ही जाना चाहिए था। भारतीय होने का मतलब यह नहीं है कि कोई बच्चा पैसे के बदले कहे जाने पर नारा लगाने के लिए मजबूर हो।0
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी 5-6 सितम्बर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि परिवहन मंत्री की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद करीब दो महीने बीतने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई बातचीत नहीं हुई। इसी के विरोध में आज प्रदेशभर में दो घंटे का धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 5 सितंबर तक सरकार ने साझा मोर्चे से बातचीत कर समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 5 और 6 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। हरियाणा रोडवेज कर्मचाराओं का कहना है कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने के दौरान उन्हें मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों के मुताबिक मंत्री ने 15 दिन के भीतर बातचीत के लिए बुलाने और समस्याओं का समाधान करने की बात कही थी, लेकिन अब करीब दो महीने बीतने के बावजूद उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। इसी को वादाखिलाफी बताते हुए साझा मोर्चे ने सरकार के खिलाफ दो घंटे के प्रदर्शन का फैसला लिया। 22 अगस्त को सिरसा के चौपटा बस स्टैंड पर हुई बैठक में रोडवेज की 15 यूनियनों में से 14 यूनियनें साझा मोर्चे के मंच पर एकजुट हुईं। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि अगर 5 सितंबर तक सरकार ने हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चे से बातचीत कर मांगों का समाधान नहीं किया, तो 5 और 6 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों ने इस हड़ताल की जिम्मेदारी परिवहन मंत्री अनिल विज पर डालने की बात कही है। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में कंडक्टरों के वेतनमान में सुधार शामिल है। उनका कहना है कि कंडक्टरों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। फ्री यात्रा की कई श्रेणियों, एमसी कार्ड और अन्य यात्रियों से संबंधित डेटा की जिम्मेदारी भी कंडक्ट्रों पर है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतनमान बढ़ाया जाना चाहिए। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि रोडवेज में ड्राइवर, कंडक्टर और वर्कशॉप स्टाफ की भारी कमी है। खासतौर पर मैकेनिकों की कमी के कारण बसों के रखरखाव पर भी असर पड़ रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से खाली पदों पर भर्ती करने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आज के दो घंटे के प्रदर्शन के दौरान बस सेवाएं बाधित नहीं की गईं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी बस सेवा जारी रखेंगे। हालांकि, 5 और 6 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को लेकर कर्मचारियों ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। रोडवेज कर्मचारियों ने जनता से अपील की है कि अगर 5 और 6 सितंबर को हड़ताल होती है तो लोग अपनी यात्रा पहले से प्लान करें और संभव हो तो वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें। फिलहाल कर्मचारियों ने सरकार को 5 सितंबर तक का समय दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और रोडवेज साझा मोर्चे के बीच बातचीत होती है या कर्मचारी 5 और 6 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाते हैं。0
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बगहा-नेपाल सीमा पर भू-स्खलन से बाढ़ अलर्ट, लोग ऊंचे स्थानों के लिए सचेत
Bagaha, Bihar:बगहा नेपाल में भूसखलन को लेकर अलर्ट जारी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ बाढ़ की आशंका को लेकर हाई अलर्ट दियारा के निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित औऱ ऊँचे स्थानों पर जाने की अपील बाढ़ की विभीषिका के मद्देनज़र प्रशासन की ओर से निगरानी वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज़ पर 24 घंटे अभियंताओं की टीम क़र रहीं मॉनिटरिंग जिला प्रशासन नें घबराने नहीं बल्कि सतर्क औऱ सज़ग रहने की किया अपील सीमावर्ती नेपाल के त्रिशूल नदी में भुसखलन को लेकर आपदा से निपटने को तैयार है प्रशासन चीन में बांध टूटने के कारण नारायणी गंडक नदी में होगा अत्यधिक वाटर डिस्चार्ज0
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त्योहारों के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष नमूना अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची
Amritsar, Punjab:ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਸਖ਼ਤ, ਰੇਹੜੀ ਮਾਰਕੀਟ ’ਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੈਂਪਲਿੰਗ ਮੁਹਿੰਮ ਮੋਮੋਜ਼, ਪਕੌੜਿਆਂ, ਵੈਜ ਚਾਪ ਸਮੇਤ ਕਈ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦੇ ਸੈਂਪਲ ਲਏ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ, ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਦੀ ਹਦਾਇਤ calੇ ਤੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਵਰਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਤੇਲ ਅਤੇ ਵੱਧ ਫੂਡ ਕਲਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ’ਤੇ ਵਿਭਾਗ ਸਖ਼ਤ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਫਾਈ ਦੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਾਂ ਨਹੀਂ, ਇਸ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਡਾ. ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਖਿਲਵਾੜ ਨਹੀਂ ਕਰਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਅਤੇ ਰੇਹੜੀ ਮਾਰਕੀਟਾਂ ਵਿੱਚ ਸਫਾਈ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਅਤੇ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਨਾ ਹੋਣ ਸਬੰਧੀ ਕਾਫੀ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਅਤੇ ਚਰਚਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀ ਸੀ। ਇਸ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਟੀਮਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ, ਦਹੀਂ, ਪਨੀਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦੇ ਵੀ ਸੈਂਪਲ ਲਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。 ਡਾ. ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲਏ ਗਏ ਸਾਰੇ ਸੈਂਪਲ ਜਾਂਚ ਲਈ ਲੈਬਾਰਟਰੀ ਭੇਜੇ ਜਾਣਗੇ। ਲੈਬਾਰਟਰੀ ਰਿਪੋਰਟ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਖਾਣ ਵਾਲੀ ਵਸਤੂ ਵਿੱਚ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਪਾਈ ਗਈ ਤਾਂ ਸਬੰਧਤ ਵਿਅਕਤੀ ਜਾਂ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਦੁਕਾਨਕਦਾਰ ਜਾਂ ਰੇਹੜੀ ਚਾਲਕ ਗੰਦਾ, ਬਾਸੀ ਜਾਂ ਮਾੜੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਾਲਾ ਸਮਾਨ ਵੇਚਦਾ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਬਖ਼ਸ਼ਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਵੇਗਾ。 ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਅਤੇ ਲਾਇਸੈਂਸ ਸਬੰਧੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਡਾ. ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀ ਲਈ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਜਾਂ ਲਾਇਸੈਂਸ ਕਰਵਾਉਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਜਿਹੜੇ ਰੇਹੜੀ ਸੰਚਾਲਕ ਬਿਨਾਂ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਦੇ ਮਿਲੇ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਕਰਕੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨ ਦੀ ਹਦਾਇਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਲਈ ਆਨਲਾਈਨ ਵੀ ਅਪਲਾਈ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕੋਈ ਬਹੁਤ ਮਹਿੰਗੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ。 ਸਫਾਈ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਡਾ. ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸਿਰ ’ਤੇ ਕੈਪ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਵਾਲ ਖਾਣੇ ਵਿੱਚ ਨਾ ਡਿੱਗਣ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਦਸਤਾਨਿਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਲੋੜੀਂਦੇ ਸਫਾਈ ਉਪਕਰਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣੇ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਤੋਂ ਵੱਧ ਫੂਡ ਕਲਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਖਾਣੇ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਆਕਰਸ਼ਕ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਤਰਾ ਤੋਂ ਵੱਧ ਰੰਗ ਪਾਉਣਾ ਸਿਹਤ ਲਈ ਨੁਕਸਾਨਦੇਹ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਖਾਸ ਤੌਰ ’ਤੇ ਕਾਲੇ ਅਤੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਵਰਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਤੇਲ ਤੋਂ ਬਚਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਰੇਹੜੀ ’ਤੇ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗੰਦਾ ਜਾਂ ਕਾਲਾ ਤੇਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਸ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਪੈਕਡ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਖਰੀਦਦੇ ਸਮੇਂ ਮੈਨੂਫੈਕਚਰਿੰਗ ਅਤੇ ਐਕਸਪਾਇਰੀ ਡੇਟ ਜ਼ਰੂਰ ਚੈੱਕ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ。 ਡਾ. ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਅਜਿਹੀਆਂ ਜਾਂਚਾਂ ਅਤੇ ਸੈਂਪਲਿੰਗ ਮੁਹਿੰਮਾਂ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਵੀ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੀਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਿਲਾਵਟ ਅਤੇ ਗੈਰ-ਮਿਆਰੀ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ’ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਨਾਲ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਸਹਿਯੋਗ ਅਤੇ ਜਾਗਰૂਕਤਾ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੀਆਂ ਅਤੇ ਮਿਆਰੀ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਹੀ ਖਰੀਦਣ ਅਤੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਨਜ਼ਰ ਆਉਣ ’ਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ。0
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घग्घर नदी में पानी छोड़ने के लिए पीलीबंगा के किसान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे
Hanumangarh, Rajasthan:घग्घर नदी में पानी छोड़ने की मांग,किसान बोले हमारी फ़सले सूख रही घग्घर नदी में पानी छोड़ने की मांग,किसान बोले हमारी फ़सले सूख रही,पीलीबंगा के किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़। पीलीबंगा क्षेत्र में पानी के अभाव में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। फसलों को बचाने के लिए क्षेत्र के किसानों ने घग्घर नदी में पानी छुड़वाने की मांग उठाई है। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर राजस्थान के हिस्से का पानी घग्घर बहाव क्षेत्र में छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है और इससे किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों की ओर से 25 अगस्त 2026 को प्रस्तुत किए गए ज्ञापन में बताया गया कि पिछले वर्षों में जब क्षेत्र में बारिश कम होती थी या बारिश नहीं होती थी, तब इंदिरा गांधी नहर से पानी घग्घर बहाव क्षेत्र में छोड़ा जाता था। इससे पीलीबंगा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में फसलों को सिंचाई के लिए पानी मिल जाता था और किसानों की फसलें बच जाती थीं। इस बार बारिश नहीं होने के साथ नहर का पानी भी घग्घर बहाव क्षेत्र में नहीं छोड़ा गया है। इसके चलते खेतों में खड़ी धान की फसल पानी के लिए तरस रही है। किसानों ने बताया कि पानी की कमी का असर केवल खरीफ की फसल तक सीमित नहीं है। हाड़ी के सीजन में गेहूं की बुवाई भी प्रभावित हुई है और कई किसानों के सामने पहले ही खेती का संकट खड़ा हो चुका है। ऐसे में यदि धान की फसल भी पानी के अभाव में खराब हो जाती है तो किसानों को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी। हरियाणा में रोका गया राजस्थान का हिस्सा दिलाने की मांग ज्ञापन में किसानों ने घग्घर बहाव क्षेत्र पर बने आउटलेट हेड से हरियाणा में रोके गए राजस्थान के हिस्से का पानी छुड़वाकर घग्घर नदी में छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि घग्घर के बहाव के दौरान हरियाणा में बाढ़ आने पर बड़ी मात्रा में पानी राजस्थान की ओर आता है। इससे कई बार नाली बेल्ट में खेत जलमग्न होकर फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि जब बाढ़ के समय हरियाणा का पानी राजस्थान में पहुंचता है तो पानी की जरूरत के समय राजस्थान के हिस्से का पानी भी किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में है और यदि जल्द पानी नहीं मिला तो नुकसान की भरपाई करना मुश्किल होगा। इस दौरान पीलीबंगा क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे。 किसानों के अनुसार, बारिश और नहर से पानी मिलने पर घग्घर में पर्याप्त बहाव होने से आसपास के खेतों को राहत मिलती रही है। वहीं, बारिश नहीं होने की स्थिति में इंदिरा गांधी नहर से घग्घर बहाव क्षेत्र में पानी छोड़े जाने से किसानों को फसलों की सिंचाई में मदद मिलती थी। इस बार बारिश की कमी और नहर से पानी नहीं मिलने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।0
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रेक्षाबंधन पर योगी सरकार का महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा उपहार
Moradabad, Uttar Pradesh:रक्षाबंधन त्यौहार पर यूपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के लिए बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने रक्षा बंधन पर सभी बहनों, बेटियों के लिए फ्री बस यात्रा एक दिन के लिए लागू कर दी है। साथ ही 60 वर्ष या उससे अधिक की माताओं को उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा हमेशा के लिए मुफ्त यात्रा की सौगात दी गई है। इस योजना की वजह से महिलाएं और बेटियाँ काफी खुश हैं। इस अवसर पर मंत्री सोमेन्द्र तोमर ने महिलाओं को साड़ियाँ वितरित कीं. इस कार्यक्रम में सूचि चौधरी, सादर बीजेपी विधायक, साकेंद्र प्रताप सिंह और इंदिरा सिंह मौजूद रहे।0
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अजमेर शरीफ में मोहम्मदी जुलूस से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
Ajmer, Rajasthan:पैगंबर इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के यौमे पैदाइश के मौके पर अजमेर शरीफ में भी जोरदार जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। अजमेर के मुस्लिम इलाक़ा अंदर कोर्ट से यह जुलूस का आगाज हुआ और दरगाह के निजाम गेट पर पहुंचने पर जोरदार इस्तख्बाल किया गया। जुलूस के दरमियान हिंदू मुस्लिम एकता की भी बड़ी मिसाल देखने को मिली जहां दुकानदारों ने भी जुलूस पर फूल बरसाए और हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सब ने एक दूसरे को गले मिलकर जश्ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद पेश की। इस दरमियान जिला इंतजामिया और पुलिस महकमा की जानिब से सिक्योरिटी के माकूल इंतजाम किए गए। सूफी इंटरनेशनल तंज़ीमे के ज़ेरे अहतमाम हर साल की तरह इस साल भी जुलूस का प्रोग्राम धूम धाम से मनाया गया। जिसमें हजारों की तादाद में मुस्लिम समाज के लोगों ने हिस्सा लिया और अपने नबी पाक हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम की शान में मरहबा के नारे लगाते हुए जुलूस में शिरकत की। सुबह 9:00 बजे शुरू हुआ यह जुलूस दोपहर में हजरत कुतुब साहब का चिल्ला शरीफ पर पहुंच कर इखत्ताम हुआ.. जहां तमाम मुस्लिम समाज ने अपने नबी की शान में सलाम पेश किया और लंगर का अहतेमाम किया.. पुर अमन निकाले गए इस जुलूस में कौमी एकता की मिसाल भी देखने को मिला जहां हिंदू भाइयों ने भी तबर्रुक तक़सीम कर मुस्लिम भाइयों को गले लगाया ।0
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PHED-UDH Ex-Cadre पोस्ट विवाद नया मोड़ ले गया
Jaipur, Rajasthan:हैडर-Ex-cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने! PHED-UDH में Ex-cadre पोस्ट विवाद बढा, अब जलदाय विभाग ने UDH को लिखी चिट्ठी-सूत्र, प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने चिट्ठी लिखकर पूछा PHED की कितनी Ex-cadre पोस्ट खत्म की? इस संबंध में यूडीएच विभाग रिपोर्ट मांगी-सूत्र, इससे पहले UDH ने PHED को लिखा था खत, इंजीनियर्स की 151 पोस्ट पर लिखा था पत्र, पूरा विवाद वित्त विभाग तक भी पहुंच चुका, Ex-Cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने! विवाद में नया मोड़, PHED ने UDH से मांगी रिपोर्ट आशीष चौहान, जयपुर- Ex-cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने हो गए है। दोनों विभागों के बीच Ex-cadre पोस्ट विवाद बढा गया है। अब जलदाय विभाग ने UDH को लिखकर पूछा है कि कितनी पोस्ट खत्म की है। वहीं अब तक यूडीएच ने इसका जवाब नहीं दिया। आखिरकार पोस्ट खत्म होने को लेकर असली विवाद क्या है...देखे इस रिपोर्ट में! विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच PHED और UDH के बीच Ex-Cadre पोस्ट को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इंजीनियर्स के 151 Ex-Cadre पदों को लेकर दोनों विभागों के बीच चल रही खींचतान के बीच अब जलदाय विभाग ने UDH से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक PHED के प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने UDH को पत्र लिखकर पूछा है कि जलदाय विभाग से संबंधित कितनी Ex-Cadre पोस्ट खत्म की गई हैं और इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है। इससे पहले UDH की ओर से PHED को पत्र लिखकर Ex-Cadre पोस्ट को लेकर जानकारी और कार्रवाई की बात कही गई थी। इसी के बाद दोनों विभागों के बीच मामला और गरमा गया। 151 इंजीनियर्स के पदों पर विवाद- विवाद PHED के इंजीनियरिंग कैडर से जुड़ी 151 Ex-Cadre पोस्ट को लेकर है। जानकारी के मुताबिक इन पदों में 4 अतिरिक्त मुख्य अभियंता, 27 एक्सईएन और 120 सहायक अभियंता स्तर के पद शामिल हैं। ये पद UDH और उससे जुड़े शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े तकनीकी कामों के लिए बनाए गए थे। PHED का तर्क है कि Ex-Cadre पदों के सृजन और समाप्ति से जुड़ी प्रक्रिया वित्त विभाग के अधिकार क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे में केवल विभागीय स्तर पर इन पदों को खत्म करने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला वित्त विभाग तक पहुंचा- Ex-Cadre पदों को लेकर बढ़े विवाद के बाद मामला वित्त विभाग तक पहुंच चुका है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग की ओर से संबंधित विभागों से पहले खत्म किए गए पदों की रिपोर्ट और स्थिति की जानकारी मांगी गई है। अब PHED की ओर से UDH से भी इसी संबंध में रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पूरे मामले में दस्तावेजी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। DPC पर भी पड़ सकता है असर- इस विवाद का सीधा असर PHED की आगामी DPC पर पड़ने की आशंका है। यदि Ex-Cadre पदों की संख्या कम होती है या उन्हें खत्म किया जाता है तो इन पदों पर तैनात इंजीनियर्स की पोस्टिंग और प्रमोशन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हाल में PHED की ओर से किए गए तबादलों में भी कई इंजीनियर्स को Ex-Cadre पदों पर पोस्टिंग दी गई है। ऐसे में पद खत्म होने की स्थिति में इन अधिकारियों को वापस PHED में समायोजित करने के लिए अलग से प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। UDH के बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी सवाल- विवाद का एक अहम पहलू UDH और स्थानीय निकायों के पेयजल व सीवरेज प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ा है। PHED के इंजीनियर्स लंबे समय से पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और जल योजनाओं के तकनीकी कामों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में Ex-Cadre पद खत्म होने पर UDH में बड़े प्रोजेक्ट्स की तकनीकी निगरानी और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल PHED की चिट्ठी के बाद UDH की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने Ex-Cadre पद खत्म किए गए हैं और आगे इन पदों को लेकर सरकार का रुख क्या रहेगा। मामले पर अंतिम निर्णय वित्त विभाग और सक्षम स्तर से होने की संभावना है। नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से BJPR_POSt_R स्लग से भेजी गई है।0
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PHED-UDH विवाद: Ex-Cadre पद खत्म पर वित्त विभाग ने रिपोर्ट मांगी, तैनाती असर
Jaipur, Rajasthan:Ex-Cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने हो गए हैं। दोनों विभागों के बीच Ex-cadre पद विवाद गया है। अब जलदाय विभाग ने को लिखकर पूछा है कि कितनी पोस्ट खत्म की है। वही अब तक यूडीएच ने इसका जवाब नहीं दिया। और के बीच Ex-Cadre पोस्ट को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इंजीनियर्स के 151 Ex-Cadre पदों को लेकर दोनों विभागों के बीच चल रही खींचतान के बीच अब जलदाय विभाग ने से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक के प्रमुख सचिव ने एक को पत्र लिखकर पूछा है कि जलदाय विभाग से संबंधित कितनी Ex-Cadre पोस्ट खत्म की गई हैं और इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है। इससे पहले के ओर से एक को पत्र लिखकर Ex-Cadre पोस्ट को लेकर जानकारी और कार्रवाई की बात कही गई थी। इसी के बाद दोनों विभागों के बीच मामला और गरमा गया। 151 इंजीनियर्स के पदों पर विवाद- विवाद के इंजीनियरिंग कैडर से 151 Ex-Cadre पोस्ट को लेकर है। जानकारी के मुताबिक इन पदों में 4 अतिरिक्त मुख्य अभियंता, 27 एक्सईएन और 120 सहायक अभियंता स्तर के पद शामिल हैं। ये पद और उससे शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से तकनीकी कामों के लिए बनाए गए थे। का तर्क है कि Ex-Cadre पदों के सृजन और समाप्ति से प्रक्रिया वित्त विभाग के अधिकार क्षेत्र से है। ऐसे में केवल विभागीय स्तर पर इन पदों को खत्म करने को लेकर सवाल हो रहे हैं। मामला वित्त विभाग तक पहुंचा- Ex-Cadre पदों को लेकर बढ़े विवाद के बाद मामला वित्त विभाग तक पहुंच चुका है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग की ओर से संबंधित विभागों से पहले खत्म किए गए पदों की रिपोर्ट और स्थिति की जानकारी मांगी गई है। अब की ओर से उससे भी इसी संबंध में रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पूरे मामले में दस्तावेजी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पर भी असर- इस विवाद का सीधा असर विभाग की आगामी परियोजनाओं पर संभावित असर की आशंका है। यदि Ex-Cadre पदों की संख्या कम होती है या उन्हें खत्म किया जाता है तो इन पदों पर तैनात इंजीनियर्स की पोस्टिंग और प्रमोशन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हाल में इसी ओर से किए गए तबादलों में भी कई इंजीनियर्स को Ex-Cadre पदों पर पोस्टिंग दी गई है। ऐसे में पद खत्म होने की स्थिति में इन अधिकारियों को वापस विभाग में समायोजित करने के लिए अलग से प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। के प्रोजेक्ट्स पर भी सवाल- विवाद का एक अहम पहलू विभाग और स्थानीय निकायों के पेयजल व सीवरेज प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ा है। विभाग के इंजीनियर्स लंबे समय से पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और जल योजनाओं के तकनीकी कामों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में Ex-Cadre पद खत्म होने पर परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल चिट्ठी के बाद विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने Ex-Cadre पद खत्म किए गए हैं और आगे इन पदों को लेकर सरकार का रुख क्या रहेगा। मामले पर अंतिम निर्णय वित्त विभाग और सक्षम स्तर से होने की संभावना है。0
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बांसवाड़ा में मिलावट से डर, खाद्य विभाग ने नमूने लेकर जांच तेज की
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा खाद्य विभाग ने शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। बांसवाड़ा शहर के प्रताप सर्कल स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार पर खाद्य विभाग की टीम ने नमूने लिए। शहर की डेयरियों पर भी दूध और पनीर के नमूने एकत्र किए गए। खाद্য विभाग के अधिकारी उमेदमल टेलर ने बताया कि जिलेभर में मिठाई की दुकानों सहित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने भेजे जा रहे हैं। आमजन से अपील है कि मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर विभाग को सूचना दें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।0
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टोंक में आपदा ड्रिल: प्रशासन-दमकल-डॉक्टरों की तेज तैयारियाँ दिखीं
Tonk, Rajasthan:टोंक में आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से बुधवार को टोंक शहर के कामधेनु सर्किल पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान पेट्रोल टैंकर में आग लगने और चालक की मौत होने के साथ ही कई लोगों के फंसे होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मॉक ड्रिल के तहत सूचना मिलते ही दो दमकल वाहन और एंबुलेंस कामधेनु सर्किल पहुंचीं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई का अभ्यास किया। एहतियात के तौर पर कामधेनु सर्किल के आसपास के यातायात को भी डायवर्ट किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस, दमकल और चिकित्सा टीमों के समन्वय को देखा तथा आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों को परखा। इस दौरान ADM विनोद कुमार मीणा, ASP रतनलाल भार्गव, कोतवाल भंवरलाल वैष्णव, पुरानी टोंक थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद और सदर थानाधिकारी अंकेश चौधरी सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी वास्तविक घटना की स्थिति में police, प्रशासन, दमकल और चिकित्सा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने की क्षमता को परखना रहा।0
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हनुमानगढ़ में बकाया अनुदान नहीं मिलने पर किसान ट्रैक्टर रैली और प्रदर्शन
Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में किसानों का आक्रोश; अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों की बकाया अनुदान राशि नहीं मिलने से नाराज किसान बुधवार को उग्र हो गए। टाउन धानमंडी के पास लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए गए और ट्रैक्टरों के साथ आक्रोश रैली शुरू हो गई। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसानों का कहना है कि उन्होंने डिग्गियां बनाने के लिए ऋण लिया था और योजना के अंतर्गत मिलने वाली अनुदान राशि के भुगतान नहीं होने से वे ब्याज और कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। किसान सरकार से जल्द बकाया अनुदान जारी कर राहत देने की मांग कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि वे जिला कलक्टर, एडीएम, मंत्री, किसान आयोग अध्यक्ष सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ। किसानों के पास आर-पार की लड़ाई के अलावा अब कोई विकल्प नहीं बचा है।0
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फारबिसगंज में शान-ए-ईद मिलादुन्नबी जुलूस में अमन-भाईचारे का संदेश
Forbesganj, Bihar:फारबिसगंज में शान-ओ-शौकत के साथ निकला जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, अमन-भाईचारे का दिया पैगाम पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को फारबिसगंज शहर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान शहर की सड़कों पर धार्मिक आस्था के साथ अमन, शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिखाई दिया। जुम्मन चौक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान फारबिसगंज डीएसपी पंकज कुमार, समाजसेवी वाहिद अंसारी, जदयू नेता मूलचंद गोलछा, जाबिर अंसारी, साबिर अंसारी, मनोज जायसवाल एवं मस्जिद के इमाम सहित अन्य लोगों ने हरा झंडा दिखाकर जुलूस को रवाना किया। जुलूस जुम्मन चौक से निकलकर सुभाष चौक, हॉस्पिटल रोड, न्यू रेलवे ढाला होते हुए सदर रोड पहुंचा। इसके बाद स्टेशन चौक से गुजरते हुए फैंसी मार्केट पहुंचा, जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया。 सभा में वक्ताओं ने हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सच्चाई, ईमानदारी, न्याय, दया, करुणा और जरूरतमंदों की मदद करने की सीख दी। वक्ताओं ने कहा कि पड़ोसी के अधिकारों का सम्मान करना और किसी को तकलीफ नहीं पहुंचाना भी उनकी प्रमुख शिक्षाओं में शामिल है。 समाजसेवी इजहार अंसारी ने कहा कि आज के दौर में पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। नफरत और दूरी को खत्म कर आपसी प्रेम और भाईचारा कायम करना ही सच्ची इंसानियत है। इजहार अंसारी ने भी लोगों से पैगंबर साहब के आदर्शों को व्यवहार में अपनाने की अपील की। जुलूस को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। डीएसपी पंकज कुमार, डीसीएलआर, बीडीओ करमजीत राम, थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। निर्धारित मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न जुलूस ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया.0
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छपरा में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर अमन और भाईचारे का भव्य संदेश
Chapra, Bihar:स्टोरी— ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व छपरा में पूरे अकीदत, अमन और भाईचारे के साथ मनाया गया। शहर में कुल 12 जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण ढंग से निकले और सकुशल संपन्न हुए। पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, वहीं संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी करते रहे। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस आयोजन ने छपरा में अमन और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। पर्व को लेकर सारण सदर एसडीएम नितेश कुमार ने भी अपनी बात रखी।0
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हुगली जिले में मखाना खेती को मिली सरकार की मदद और प्रशिक्षण से किसानों में उत्साह
Chinsurah, West Bengal:সুপার ফুড মাখানা চাষে উৎসাহ দিচ্ছে উদ্যান পালন দপ্তর। হুগলি জেলা উদ্যান পালন সপ্তাহে বিকল্প চাষে জোর。 হুগলি জেলা কৃষি উন্নত জেলা।এই জেলায় মূলত ধান আর আলু উৎপাদন হয় সব চেয়ে বেশি।তবে জেলার আঠেরোটি ব্লকের কয়েকটি ব্লকে পেঁয়াজ পাট বাদাম তিল চাষ হয়।ফলের মধ্যে আম কলার উৎপাদনও ভালো。 সব্জি ও ফল ফুল নার্সারি চাষ কম বেশি হয়。 আলু ঝুঁকি পূর্ন চাষ।ধান যা হয় তার থেকে বিরাট কিছু লাভ চাষীরা করতে পারেন না。 তাই বিকল্প চাষে উৎসাহ দিয়ে চলেছে কৃষি বিভাগ。 জেলায় উদ্যান পালন সপ্তাহ পালিত হচ্ছে।জেলার কৃষকদের নিয়ে সেমিনার হচ্ছে。 সেখানেই মাখানা চাষে উৎসাহী করা হচ্ছে চাষীদের। পশ্চিমবঙ্গের জন্য মাখানা নতুন চাষ।তবে এই চাষ ঠিকমত করতে পারলে ভালো মুনাফা হতে পারে চাষীদের। এর জন্য আলাদা করে জমি তৈরীর দরকারও নেই。 অপেক্ষাকৃত নিচু জমি।যেখানে জল জমে অন্য চাষ হয়না।সেই জমিতে এক দের ফুট জলেই হতে পারে মাখানা চাষ।মাখানার মাছ চাষও হতে পারে একই সঙ্গে。 হুগলি জেলা উদ্যান পালন আধিকারীক সামন্ত লায়েক জানান,মাখানা নিয়ে কেন্দ্র সরকার ভবিষ্যৎ ভেবেছে।তৈরী হয়েছে মাখানা বোর্ড。 মাখানা সুপার ফুড কেন? মাখানায় প্রোটিন ও ফাইবার ভুরপুর।চর্বির পরিমান খুব কম থাকে।ক্যালসিয়াম ম্যাগনেসিয়াম পটাশিয়াম এর মত খনিজ উপাদান পাওয়া যায়।শর্করার মাত্রা নিয়ন্ত্রণে সাহায্য করার পাশাপাশি ওজন কমাতে স্বাস্থ্য কর খাবার হিসাবে জনপ্রিয়。 এখন সব শপিং মলে পাওয়া যায়। বিদেশে ভালো চাহিদা থাকায় মাখানা চাষে গুরুত্ব বাড়ছে।বিহার মাখানা চাষে পথ দেখাচ্ছে।পাশের রাজ্য যে সুযোগ আছে পশ্চিমবঙ্গেও সেই সুযোগ রয়েছে。 তাই মখানা চাষ করলে সরকার সব রকম সাহায্য করবে。 প্রয়োজনীয় প্রশিক্ষণের ব্যবস্থাও করা হবে。 শুধু আলুর উপর নির্ভর না করে মাখানার মত সুপার ফুড সারা বছর চাহিদা থাকে এমন ক্যাপসিকাম,বিনস কপি চাষ করতেও উৎসাহ দেওয়া হচ্ছে।তার জন্য গ্রীন হাউস তৈরী বীজ সার দেওয়ার থেকে সরকারি সাবসিডি দেওয়ার ব্যবস্থাও রয়েছে。0
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