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NPNandkishor PawarFollow22 Aug 2024, 10:20 am
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श्रीविजयनगर में छात्र जागरूकता रैली से निष्पक्ष मतदान का संदेश दे रहे

Sri Ganganagar, Rajasthan:एकर श्रीगंगानगर के श्रीविजयनगर में नगर निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर श्रीविजयनगर ब्लॉक में स्वीप गतिविधियों के तहत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी व रिटर्निंग अधिकारी SDM के निर्देश पर कार्यक्रम गैर-राजनीतिक रूप से आयोजित किए गए। आदर्श कृष्ण बाल स्कूल व आदर्श विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने अम्बेडकर चौक से राजकीय चिकित्सालय, थाना मार्ग होते हुए जागरूकता रैली निकाली। छात्रों ने नारों व तख्तियों से निष्पक्ष मतदान का संदेश दिया। वहीं गुरुनानक सेकेंडरी व ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल में रंगोली के माध्यम से मतदान के प्रति जागरूक किया गया।
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SIR-2026 के बाद महाराष्ट्र की मतदाता सूची से 2 करोड़ से अधिक नाम बाहर

Mumbai, Maharashtra:एसआईआर प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र की पहली ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2 करोड़ से अधिक नाम बाहर महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के तहत राज्य की सभी 288 विधानसभा सीटों की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को जारी कर दी है। एसआईआर शुरू होने से पहले महाराष्ट्र में कुल 9,78,54,049 मतदाता थे। संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची में इनमें से 7,71,65,562 मतदाताओं (78.86%) को शामिल किया गया है। इनमें शामिल हैं: पुरुष मतदाता: 3,95,89,905 महिला मतदाता: 3,75,72,570 थर्ड जेंडर मतदाता: 3,087 कुल 2,06,88,487 मतदाता (21.14%) ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। इसके पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं: 1. मतदाता अपने दर्ज पते पर नहीं मिले या अनुपस्थित पाए गए। 2. वे अपने पंजीकृत पते से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे। 3. मतदाता की मृत्यु हो चुकी थी। 4. नाम किसी अन्य जगह दर्ज था या डुप्लीकेट एंट्री थी। 5. मतदाता ने एन्यूमरेशन फॉर्म भरने या जमा करने से इनकार किया या अन्य कारणों से फॉर्म जमा नहीं हुआ। ऐसे मतदाताओं की जिला-वार सूची और नाम शामिल न होने का कारण संबंधित वेबसाइटों पर उपलब्ध कराया गया है। निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक का समय दिया है। राज्य में सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 288 EROs और 7,000 से अधिक Assistant Electoral Registration Officers (AEROs) नियुक्त किए गए हैं। अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी? दावे, आपत्तियों और नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्टूबर 2026 के बीच पूरी की जाएगी। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
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अलीगढ़ के मेडिएशन सेंटर के बाहर ससुरालजन ने पीड़िता और पिता पर की मारपीट, वीडियो वायरल

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ दीवानी परिसर में मेडिएशन सेंटर के बाहर ससुराली जनों ने पीड़िता और उसके पिता को पीटा, पीड़िता लक्ष्मी ने बताया ससुरालिजन प्रताड़ित करते थे जिसका केस मेडिएशन सेंटर में 1 साल से चल रहा है, पीड़िता और उसके पिता तारीख पर आए थे आरोप है इसी दौरान ससुराल पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने उनके साथ जमकर की मारपीट, कपड़े फाड़े, मारपीट और गाली गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पीड़िता की शादी गौतम बुध नगर में हुई है, पीड़िता थाना पाली मुकीमपुर के गांव बडेसरा की रहने वाली है।
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मैनपुरी-IGRS शिकायत पर शिक्षा विभाग की छापेमारी,बिना मान्यता चल रहा स्कूल बंद,नोटिस फाड़ने का आरोप ।

Ajay KumarAjay KumarFollow4m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी मैनपुरी IGRS शिकायत पर शिक्षा विभाग की छापेमारी,बिना मान्यता चल रहा स्कूल बंद,नोटिस फाड़ने का आरोप । मैनपुरी के करहल में बिना मान्यता के चल रहे विद्यालय पर खंड शिक्षा अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। करहल के सहाबरामपुर बघेरा के निकट सिरागंज रोड पर बचपन प्ले स्कूल के नाम से विद्यालय का संचालन जुलाई 2026 से किया जा रहा था। नगला दिक्क निवासी राधा देवी ने IGRS के माध्यम से बिना मान्यता संचालन की शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी करहल के नेतृत्व में विभागीय टीम मौके पर पहुंची। जांच में विद्यालय बिना मान्यता संचालित मिला, जिसके बाद टीम ने नोटिस चस्पा कर विद्यालय बंद करा दिया। आरोप है कि टीम के जाने के बाद विद्यालय संचालिका सोनम यादव पुत्री राजेश निवासी नगला रते ने नोटिस को फाड़ दिया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में अन्य बिना मान्यता वाले स्कूलों को भी चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
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कमज़ोर मानसून से किसानों पर संकट, ग्वार-मूंग की फसलें सूखने लगीं

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीविजयनगर क्षेत्र में कमजोर मानसून और नहरों में पानी की कमी से किसानों पर संकट गहरा गया है। बारिश न होने से खरीफ की फसलें सूखने लगी हैं। कृषि विभाग के अनुसार 25% ग्वार और 20% मूंग की फसल में खराबा हो चुका है, यदि बारिश नहीं हुई तो नुकसान बढ़ेगा। क्षेत्र कृषि प्रधान है, नमी खत्म होने से पौधों का विकास रुक गया है। जीबी बेल्ट में दान की फसल भी सूख रही है, किसान ट्यूबवेल से फसल बचाने में जुटे हैं, खर्च बढ़ने से आर्थिक बोझ बढ़ा है। किसानों ने नहरों में पानी छोड़ने और खराबे का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
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उधार के 2000 रुपयों के लिए हत्या: आरोपी गिरफ्तार, शव अस्पताल में मौत

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा 2 हजार की उधारी बनी हत्या की वजह, डंडे से हमला करने वाला आरोपी रायपुर से गिरफ्तार पामगढ़ थाना क्षेत्र में उधारी के 2,000 मांगने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, आरोपी अविनाश उर्फ मन्नू कुर्रे (26) ने शिवा उर्फ भोलेशंकर टंडन और उसके पिता से गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्का और लकड़ी के डंडे से मारपीट की, मार में गंभीर रूप से घायल शिवा का रायपुर के DKS अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां 30 अगस्त को उसकी मौत हो गई, युवक की मौत के बाद पुलिस ने गंभीर मारपीट के मामले में हत्या की धारा 103(1) BNS जोड़ी, पामगढ़ पुलिस ने आरोपी के रायपुर के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होने की सूचना पर दबिश देकर गिरफ्तार किया, आरोपी को 31 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया
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जांजगीर-चांपा में मारपीट कर चांदी की चैन लूटने वाला आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा मारपीट कर गले से चांदी की चैन लूटने वाला आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, नैला चौकी पुलिस ने लूट की वारदात का किया त्वरित खुलासा, पुरानी बात को लेकर युवक से मारपीट कर गले से 42 ग्राम की चांदी की चैन लूटी थी, पुलिस ने आरोपी कोमल कश्यप उर्फ माऊ (19 वर्ष), निवासी नैला वार्ड क्रमांक 04 को जूना तालाब के पास से पकड़ा, आरोपी की निशानदेाही पर घर से करीब 5 हजार रुपए कीमत की 42 ग्राम चांदी की चैन बरामद, पुलिस के मुताबिक आरोपी पूर्व में भी लूट के 2 मामलों में जेल जा चुका है, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर नैला पुलिस की त्वरित कार्रवाई,
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Bilaigarh के Runkot प्राथमिक स्कूल: जर्जर भवन और शिक्षकों की गैरहाजिरी से बच्चों की पढ़ाई खतरे में

Saiki, Bihar: Slug/अधिकारी लापरवाह, शिक्षक बेलगाम! जर्जर कमरों में कैद बेंच-डेस्क, बरामदे में जमीन पर पढ़ने को मजबूर रनकोट के 35 नौनिहाल। शिक्षक मनमर्जी से आते-जाते हैं? ग्रामीणों का आरोप—रतन कुर्रे,शिक्षक साल में एक-दो बार ही पहुंचते हैं? स्कूल, बच्चों ने कहा- आज भी कोई शिक्षक नहीं था मौजूद। स्थान : आश्रित ग्राम रनकोट, ग्राम पंचायत चारपाली, विकासखंड बिलाईगढ़ बारिश के दिनों में स्कूल जाने में एक,नाला, पार कर जाते है छात्र। एंकर/बिलाईगढ़। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत चारपाली के आश्रित ग्राम रनकोट में प्राथमिक स्कूल की स्थिति इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यहां करीब 35 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन जर्जर स्कूल भवन, जमीन पर बैठकर पढ़ाई और शिक्षकों की कथित अनियमित उपस्थिति ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। मौके पर पहुंचे तो शिक्षक नदारद, बच्चे खुद कर रहे थे पढ़ाई आज दोपहर करीब 12 बजे जब समाचार कवरेज के लिए टीम रनकोट प्राथमिक शाला पहुंची, तो मौके पर कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं मिला। स्कूल परिसर में बच्चे स्वयं अपनी-अपनी पढ़ाई करते नजर आए। बताया गया कि बच्चों को खाना खाने के बाद घर जाने के लिए कह दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल में ऐसी स्थिति केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि यह सिलसिला लगभग रोजाना देखने को मिलता है। यदि यह आरोप सही है? तो सवाल उठना स्वाभाविक है? कि आखिर बच्चों की नियमित पढ़ाई और स्कूल संचालन की निगरानी कौन कर रहा है؟ जर्जर कमरों में कैद बेंच-डेस्क, बरामदे बना कक्षा स्कूल भवन में दो कमरे हैं, लेकिन दोनों की स्थिति जर्जर बताई जा रही है। दीवारों में दरारें हैं और छत का प्लास्टर गिरने की स्थिति बनी हुई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें कमरों के बजाय बरामदे में जमीन पर बैठकर पढ़ाया जा रहा है। विडंबना यह है कि बच्चों के बैठने के लिए उपलब्ध बेंच-डेस्क जर्जर कमरों के अंदर पड़े हैं, लेकिन बच्चे उनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। बारिश और खराब मौसम के दौरान बरामदे में जमीन पर बैठकर पढ़ना बच्चों के लिए और भी परेशानी भरा हो जाता है। शिक्षक अपने मन से आते हैं? और चले जाते हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। ग्रामीणों के मुताबिक, "शिक्षक अपने मन से आते हैं और अपने मन से चले जाते हैं।" ग्रामीणों ने रतन कुर्रे नामक शिक्षक की उपस्थिति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उक्त शिक्षक साल में एक-दो बार ही स्कूल आते हैं और कई बच्चों ने उन्हें लंबे समय से स्कूल में देखा तक नहीं है। यदि ग्रामीणों के ये आरोप सही पाए जाते हैं तो सवाल यह है कि लंबे समय से कथित रूप से अनुपस्थित शिक्षक के खिलाफ विभागीय स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई? बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप स्कूल में शिक्षक की नियमित मौजूदगी नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। बच्चों की शिक्षा के लिए बनाए गए सरकारी स्कूल में यदि शिक्षक ही नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की स्थिति को लेकर कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया। आखिर किसकी निगरानी में चल रहा स्कूल? पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की मैदानी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज हो रही है? वेतन का सत्यापन कौन कर रहा है? संकुल समन्वयक और बीईओ द्वारा स्कूल का निरीक्षण कब किया गया? सबसे बड़ा सवाल यह भी है? कि क्या लंबे समय से कथित रूप से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को विभागीय कार्रवाई का कोई भय नहीं है? ग्रामीणों के आरोपों और मौके की स्थिति ने शिक्षा विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच की जरूरत रनकोट प्राथमिक शाला की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड, निरीक्षण पंजी, बच्चों की वास्तविक उपस्थिति, वेतन सत्यापन और भवन की स्थिति की जांच की जाए तो तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग मौके की स्थिति और ग्रामीणों के आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और 35 नौनिहालों के भविष्य के लिए क्या कार्रवाई करता है। बाइट/पालक。 बाइट/पालक बाइट/छात्रा wt GOVIND RAM BARETH ।
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गाड़ीघाट जुआ फड़ पर दबिश: 9 गिरफ्तार, नकद बरामद

Datia, Madhya Pradesh:गाड़ीघाट पर जुआ फड़ पर छापा, 9 गिरफ्तार बृजेंद्र कमरिया की फड़ से ही हुई गिरफ्तारी, जहरीली शराब के मामले ने बढ़ाई चर्चा दतिया के थाना सिविल लाइन पुलिस ने दतिया-उनाव रोड स्थित गाड़ीघाट पर चल रहे जुआ फड़ पर दबिश देकर फड़ संचालक बृजेंद्र कमरिया समेत 9 जुआरियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मौके से 2 लाख 10 हजार 200 रुपए नकद बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों में बृजेंद्र कमरिया, विक्रम दांगी, गौरव मिश्रा, रवि कुमार कुशवाहा, नीरज कुशवाहा और सुरेंद्र सिंह यादव सहित अन्य शामिल हैं। पुलिस ने पहले सभी आरोपियों का मुख्य मार्ग से जुलूस निकाला सभी आप ए हुआ खेलना पाप की बात कहकर निकले पुलिस ने सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की। खास बात यह है कि बृजेंद्र कमरिया की फड़ पर पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है और उसके खिलाफ 8 अपराध दर्ज बताए गए हैं। इसी कार्रवाई के दौरान बृजेंद्र को जहरीली शराब के साथ भी पकड़े जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई में जुआ फड़ के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जबकि जहरीली शराब को लेकर बृजेंद्र पर अलग से कार्रवाई चर्चा में है।
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अलवर के बुटोली गांव के बोरवेल से मासूम भानु पांच घंटे बाद सुरक्षित बाहर

Alwar, Rajasthan:अलवर के बुटोली गांव में पतंग लूटने के दौरान बोरवेल में गिरा था मासूम, SDRF-NDRF और प्रशासन के संयुक्त रेस्क्यू से बची जान लक्ष्मणगढ़/अलवर। अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के बुटोली गांव में सोमवार शाम खुले बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय बालक भानु को करीब पांच घंटे चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सुरक्षित बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। एहतियात के तौर पर भानु को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। पतंग लूटने के दौरान बोरवेल में गिरा था भानु जानकारी के अनुसार बुटोली गांव निवासी भानु पुत्र शीशराम पतंग लूटने के लिए खेत की ओर दौड़ रहा था। इसी दौरान उसका पैर खेत में बने पुराने बोरवेल के ऊपर रखे पत्थर पर पड़ गया। पत्थर खिसकने से भानु बोरवेल में जा गिरा। बताया जा रहा है कि बोरवेल करीब 400 फीट गहरा था और बच्चा लगभग 40-50 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया。 बोरवेल लंबे समय से बंद पड़ा था और उसके ऊपर पत्थर रखा हुआ था। पत्थर के खिसकने से यह हादसा हुआ। जिस खेत में बोरवेल था, वहां लंबे समय से लोगों की आवाजाही नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भी इसकी जानकारी नहीं थी。 शाम 6:30 बजे मिली सूचना, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी के अनुसार प्रशासन और पुलिस को शाम करीब 6:30 बजे बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया。 मौके पर एसडीएम मनीषा रेशम, तहसीलदार मनीष कुमार शर्मा, डीएसपी नरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। SDRF और NDRF की टीमों ने भी रेस्क्यू में मोर्चा संभाला। बोरवेल के आसपास तीन JCB मशीनों की मदद से खुदाई की गई। बच्चे तक लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई गई और उसे पानी भी उपलब्ध कराया गया। रेस्क्यू टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। रात करीब 11 बजे मिली खुशखबरी करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 11 बजे रेस्क्यू टीम ने भानु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही बच्चा बाहर आया, मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। एएसपी प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि बच्चा सुरक्षित है और बाहर निकलने के बाद बातचीत भी कर रहा था। एहतियात के तौर पर उसे अस्पताल ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। नौगांवा के सचिन चौधरी की तकनीकी मदद बनी अहम कड़ी रेस्क्यू ऑपरेशन में नौगांवा निवासी सचिन चौधरी की तकनीकी मदद को भी अहम माना जा रहा है। NDRF से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ बताए जा रहे सचिन को सोशल मीडिया के जरिए घटना की जानकारी मिली। वह उस समय छुट्टी पर नौगांवा आए हुए थे। जानकारी मिलते ही सचिन रात करीब 9:30 बजे नौगांवा से बुटोली के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने रेस्क्यू टीम के साथ तकनीकी स्तर पर सहयोग किया और बच्चे को बाहर निकालने की प्रक्रिया में जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई। उनके मुताबिक मौके पर पहुंचने के करीब 10 मिनट के भीतर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने ली राहत की सांस भानु के सुरक्षित बाहर आते ही कई घंटों से तनाव में खड़े ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों की तत्परता और प्रयासों की सराहना की गई। रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया。 बुटोली की यह घटना खेतों में लंबे समय से बंद पड़े खुले और असुरक्षित बोरवेलों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। समय पर सूचना, प्रशासन की तत्परता, रेस्क्यू टीम की मेहनत और तकनीकी सहयोग के चलते एक मासूम की जान बच सकी। करीब पांच घंटे की बेचैनी के बाद आखिरकार बुटोली में जिंदगी की जीत हुई और 9 वर्षीय भानु सकुशल अपने परिवार के पास लौट आया。
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