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AAP की दोहरे चरित्र का सच: कांग्रेस से रिश्ते पर पंजाब की जनता से सवाल

Noida, Uttar Pradesh:AAP ਦਾ ਦੋਹਰਾ ਚਰਿੱਤਰ ਅਤੇ ਸਿਆਸੀ ਪਖੰਡ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਨਤਾ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਬੇਨਕਾਬ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ।ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਅੱਜ 1984 ਦੇ ਸਿੱਖ ਕਤਲੇਆਮ ਦੇ ਨਾਂ 'ਤੇ ਸਿਆਸਤ ਅਤੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ kar ਰਹੀ ਹੈ, ਪਰ ਜਨਤਾ ਇਹ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛਣ ਦਾ ਹੱਕ ਰੱਖਦੀ ਹੈ ਕਿ AAP ਦਾ ਕਾਂਗਰਸ ਨਾਲ ਉਹ ਰਿਸ਼ਤਾ ਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਉਹ ਅੱਜ ਛੁਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ? ਜਿਸ ਕਾਂਗਰਸ 'ਤੇ । 1984 ਦੇ ਸਿੱਖ ਕਤਲੇਆਮ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਦੋਸ਼ ਲੱਗੇ, ਉਸੇ ਕਾਂਗਰਸ ਨਾਲ AAP ਨੇ ਸਿਆਸੀ ਸਮਝੌਤੇ ਕੀਤੇ, ਮੰਚ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਕੀਤਾ। ਅੱਜ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਜੀ ਨੂੰ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸੱਜਣ ਕੁਮਾਰ, ਜਗਦੀਸ਼ ਟਾਈਟਲਰ ਅਤੇ ਕਮਲਨਾਥ ਵਰਗੇ ਕਾਂਗਰਸੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨਾਲ ਸਿਆਸੀ ਸਬੰਧਾਂ ਅਤੇ ਗਠਜੋੜ 'ਤੇ AAP ਦਾ ਕੀ ਰੁਖ਼ ਸੀ? ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਜੀ, ਟਾਈਟਲਰ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੀ ਤਸਵੀਰ ਕੀ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ? AAP ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਰਾਮ ਸਿੰਘ ਉੱਥੇ ਕੀ ਕਰਨ ਗਏ ਸਨ? ਜੇਕਰ ਆਪਣੇ ਨੇਤਾਵਾਂ ਅਤੇ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਚੁੱਪੀ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਹੀ ਤੁਹਾਡੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਇਹ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ, ਸਿਆਸੀ ਪਖੰਡ ਹੈ। 1984 ਦੇ ਪੀੜਤਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਦਿਵਾਉਣ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਸੰਸਦ ਵਿੱਚ ਚੁੱਕਣ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਧੇਯ ਅਟਲ ਬਿਹਾਰੀ ਵਾਜਪਾਈ ਜੀ, ਮਦਨ ਲਾਲ ਖੁਰਾਨਾ ਜੀ ਅਤੇ ਵਿਜੇ ਕੁਮਾਰ ਮਲਹੋਤਰਾ ਜੀ ਵਰਗੇ ਭਾਜਪਾ ਨੇਤਾਵਾਂ ਦੀ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਭੂਮਿਕਾ ਰਹੀ। ਉੱਥੇ ਹੀ, 2014 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਜੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 1984 ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਵਧਾਇਆ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ੀ ਦਿੱਤੀ। ਸਰਕਾਰ ਅਨੁਸਾਰ, ਪੀੜਤ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ 3,465 ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਵੀ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਈਆਂ ਗਈਆਂ। ਕਈ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵੀ ਅੱਗੇ ਵਧੀ ਅਤੇ ਸਜ਼ਾ ਵੀ ਮਿਲੀ。 ਇਸ ਲਈ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਜੀ, ਮਗਰਮੱਛ ਦੇ ਅੱਥਰੂ ਵਹਾਉਣਾ ਬੰਦ ਕਰੋ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਆਪਣੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਦੋਹਰੀ ਰਾਜਨੀਤੀ 'ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਜਵਾਬ ਦਿਓ。
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अंबाला सेंट्रल जेल की सुरक्षा मजबूत: जैमर और 96 सीसीटीवी से निगरानी बेहतर

Ambala, Haryana:अंबाला सेंट्रल जेल जो पिछले कुछ समय से कई वजहों से सुर्खियों में रही है, अब अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। जेल में नए जैमर लगाए गए हैं, जो मोबाइल नेटवर्क को रोकने का काम कर रहे हैं। वहीं 96 सीसीटीवी कैमरों के जरिए जेल के हर कोने पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा जेल में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। दावा है कि सुरक्षा के इन इंतजामों के बाद अंबाला सेंट्रल जेल का रिकॉर्ड भी बेहतर होने लगा है। अंततः अंबाला सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे पहले बात मोबाइल नेटवर्क की जेल में नए जैमर लगाए गए हैं, ताकि जेल परिसर के अंदर मोबाइल नेटवर्क के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही जेल परिसर में 96 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए जेल के अंदर और बाहर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जेल प्रशासन का दावा है कि कैमरों की संख्या बढ़ने से अब जेल का कोई भी कोना निगरानी से बाहर नहीं है। सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि मैनुअल सिक्योरिटी को भी मजबूत किया गया है। जेल में अंदर और बाहर आने-जाने के दौरान विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई है। यानी जेल में प्रवेश से लेकर बाहर निकलने तक हर गतिविधि पर नजर रखने की व्यवस्था की गई है। गौर करने वाली बात ये है कि अंबाला सेंट्रल जेल पिछले कुछ समय में अलग-अलग मामलों को लेकर सुर्खियों में रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बाद जेल प्रशासन अब व्यवस्था में सुधार का दावा कर रहा है। जैमर, 96 सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त सुरक्षा बल इन तमाम इंतजामों के जरिए जेल की सुरक्षा को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।
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हनुमानगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन रद्द, विरोध प्रदर्शन तेज

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में कांग्रेस के 3 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज, कार्यकर्ताओं का हंगामा; 7 निकायों में 330 पर्चे रद्द हनुमानगढ़. राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में निकाय चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच का काम मंगलवार को पूरा हो गया। जांच के बाद जिले के 7 निकायों में कुल 330 नामांकन पत्र खारिज किए गए। वहीं हनुमानगढ़ नगरपरिषद क्षेत्र में कांग्रेस के तीन प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। हनुमानगढ़ नगरपरिषद के वार्ड 31 से कांग्रेस प्रत्याशी लखवीर सिंह, वार्ड 37 से रोहित जावा और वार्ड 52 से बंशीलाल के नामांकन खारिज किए गए। लखवीर सिंह और बंशीलाल के पर्चे 5 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराध में आरोप तय होने के आधार पर निरस्त किए गए। वहीं रोहित जावा के नामांकन में उनके खिलाफ दर्ज मामले से संबंधित दस्तावेज नहीं होने को वजह बताया गया। नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का विरोध रोहित जावा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मामला ऐसा नहीं है, जिसमें 5 वर्ष की सजा का प्रावधान हो। उनका यह भी दावा है कि निर्वाचन अधिकारी ने जिस दस्तावेज की मांग की, वह अदालत में भी उपलब्ध नहीं है और इस संबंध में लिखित जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद रिटर्निंग अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इस मुद्दे पर देर रात तक बहस चलती रही। नामांकन खारिज होने के बाद शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जिंleder जैन बेबी, गुरमीत सिंह चंदड़ा, अश्विनी पारीक और इशाक खान समेत कई कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के सामने रोष जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के दबाव में जानबूझकर नामांकन रद्द किए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर लालू यादव जेल में रहते हुए चुनाव लड़ सकते हैं और हनुमान बेनीवाल पर 302 का मामला होने के बावजूद चुनाव लड़ने की स्थिति बनी, तो हनुमानगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ अलग नियम क्यों अपनाया जा रहा है? कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुनवाई करने के बजाय उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी जा रही है। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। सूचना पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया। 7 निकायों में 330 नामांकन खारिज जिले के सात निकायों में सबसे ज्यादा नामांकन रावतसर में 88 खारिज हुए। इनमें कांग्रेस का अधिकृत टिकट नहीं मिलने के कारण 82 और भाजपा का टिकट नहीं मिलने के कारण 6 नामांकन रद्द किए गए। इसके अलावा पीलीबंगा में 87, भादरा में 44, टिब्बी में 37, गोलूवाला में 34, नोहर में 27 और संगरिया में 13 नामांकन खारिज हुए। जांच के बाद अब संगरिया में 139, टिब्बी में 92, रावतसर में 204, भादरा में 203, नोहर में 131, गोलूवाला में 106 और पीलीबंगा में 167 उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होगी। जेल से भरे थे दो पर्चे, दोनों हुए खारिज रावतसर के वार्ड 19 से जेल में रहकर कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने वाले भीम सिंह शेखावत के दोनों पर्चे भी जांच में खारिज कर दिए गए। कांग्रेस का अधिकृत टिकट नहीं मिलने के कारण एक नामांकन रद्द हुआ, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल दूसरा पर्चा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 की धारा 24(3) के तहत निरस्त किया गया। क्या कहता है नियम? धारा 24(3) के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ सक्षम न्यायालय किसी ऐसे अपराध का संज्ञान ले चुका है, जिसमें 5 वर्ष या उससे अधिक कारावास की सजा का प्रावधान है और आरोप विरचित हो चुके हैं, तो मामला विचाराधीन रहने तक वह नगरपालिका सदस्य के रूप में चुने जाने या बने रहने के लिए अयोग्य माना जाता है।
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राजधानी एक्सप्रेस के B9 कोच में कॉकरोच, रेलवे की सफाई पर उठे सवाल

Danapur, Bihar:पटना- भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में शुमार राजधानी एक्सप्रेस में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही 12424 राजधानी एक्सप्रेस के B9 कोच में सीट के पास गंदगी और बर्थ के आसपास कॉकरोच घूमते दिखाई देने का वीडियो सामने आया है। यात्रियों का आरोप है कि जिस ट्रेन में बेहतर सफाई और आरामदायक सफर का दावा किया जाता है, वहां इस तरह गंदगी और कीड़े मिलना रेलवे की लापरवाही को उजागर करता है। जानकारी के मुताबिक, B9 कोच की सीट नंबर 34 पर बिजेंद्र कुमार के नाम से बुक सीट के पास गंदगी मिली। यात्रियों ने इसका वीडियो बनाया, जिसमें बर्थ के आसपास कॉकरोच घूमता नजर आ रहा है। ट्रेन में मौजूद लोगों ने जब कॉकरोच को देखा तो कई यात्री घबरा गए। खासकर महिलाओं में इसे लेकर डर का माहौल बन गया। राजधानी एक्सप्रेस को रेलवे की महत्वपूर्ण और प्रीमियम ट्रेनों में माना जाता है। ऐसे में कोच के अंदर गंदगी और कॉकरोच मिलने की घटना ने रेलवे की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर ट्रेन के कोच में नियमित सफाई और निरीक्षण होता है तो बर्थ के पास इस तरह की गंदगी और कॉकरोच कैसे पहुंच गए? यात्रियों का यह भी कहना है कि ट्रेन में सफर करने वाले लोगों से प्रीमियम किराया लिया जाता है, ऐसे में उन्हें साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। कॉकरोच जैसे कीड़े न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं, बल्कि खाने-पीने के सामान और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता पैदा करते हैं。 ऐसा ही एक मामला पटना-पुणे एक्सप्रेस से भी सामने आया है। शायली सिंह नाम की एक महिला यात्री ने ट्रेन के अंदर कॉकरोच होने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। महिला के अपने पोस्ट में लिखा है कि रात में कोच के अंदर हमारे बेड के पा कॉकरोच घूमता रहा, जिसके कारण वह ठीक से सो तक नहीं सकीं。 दो अलग-अलग ट्रेनों से सामने आई इन घटनाओं ने रेलवे की साफ-सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का सवाल है कि जब प्रीमियम ट्रेनों में भी इस तरह की स्थिति है तो रेलवे की सफाई व्यवस्था की निगरानी आखिर किस स्तर पर हो रही है? राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन में कॉकरोच और गंदगी का वीडियो सामने आना रेलवे की व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि रेलवे इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और यात्रियों को साफ-सुथरा सफर उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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वाशीम जिले में जलसंचय खतरे में: एकबुर्जी डैम का स्टॉक सिर्फ 46%

Washim, Maharashtra:मागील २५ दिवसांपासून पावसाने दडी मारल्याने वाशिम जिल्ह्यातील जलसाठ्याची स्थिती चिंताजनक बनली आहे. जिल्ह्यातील ७५ लघु आणि २ मध्यम प्रकल्पांमध्ये सध्या केवळ ३९.७६ टक्के पाणीसाठा आहे. तर वाशिम शहराची तहान भागवणाऱ्या एकबुर्जी प्रकल्पात ४६.४५ टक्के साठा जमा झाला असून, हा साठा जेमतेम पाच ते सहा महिने पुरण्याची शक्यता आहे.विशेष म्हणजे, मागील वर्षी ऑगस्टमध्येच एकबुर्जी प्रकल्प १०० टक्के भरला होता.यंदा सप्टेंबरमध्ये दमदार पाऊस न झाल्यास आगामी उन्हाळ्यात वाशिम शहरावर पाणीटंचाईचे संकट ओढवण्याची शक्यता आहे.
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कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग बाधित, पहाड़ी से बोल्डर गिरने से यातायात 13 घंटे के बाद बहाल

Karnaprayag, Uttarakhand:बीती देर शाम पहाड़ी से बड़े बड़े बोल्डर और पेड़ आने से बाधित हुआ कर्णप्रयाग नौटी मोटर मार्ग; 13 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारू हो गया है. मार्ग में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली. बीती देर शाम पहाड़ी दरकने से कर्णप्रयाग नौटी मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया था. सूचना पर लोक निर्माण विभाग गौचर के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने मार्ग को खोलने के लिए मशीनरी भेजी. रात 10 बजे तक मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया गया; बारिश के कारण काम रोकना पड़ा. आज सुबह साढ़े चार बजे से फिर मार्ग को खोलने के लिए मशीनरी जुटी, तहसील प्रशासन की DDRF टीम ने मार्ग पर पड़े बड़े पेड़ काटे, और फिर जेसीबी से हटाए गए. पहाड़ी से आए बोल्डर बड़े थे, जिन्हे तोड़ना चुनौती था; लोक निर्माण की मशीनरी ने युद्धस्तर पर काम किया. अब सुबह 9 बजे मार्ग हल्के वाहन के लिए सुचारू हुआ. इसके बाद मार्ग पर फंसे लोगों ने राहत की सांस ली.
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पूरानी रंजिश के चलते युवक की गोली मारकर हत्या दोस्त घायल

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollow8m ago
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर:- अमरोहा नगर में युवक की गोली मारकर हत्या, पुरानी रंजिश में वारदात से कसाई खाना मोहल्ले में दहशत, घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव Vo:- अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसाई खाना में मंगलवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अफान नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते दबंग युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। गोली चलने की घटना से इलाके में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना के वक्त मौजूद युवक ने बताया कि कुछ दिन पहले विवाद हुआ था, जिसका फैसला हो गया था। आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते 1 सितंबर की रात अफान को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव समेत जनपद के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल का जायजा लिया। एसपी ने बताया कि मृतक को कितनी गोलियां लगीं और हत्या की असली वजह क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट:- लखन सिंह यादव पुलिस अधीक्षक लखन
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