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IOCL पाइपलाइन में तेल चोरी की कोशिश: 40 फीट अवैध लाइन पकड़ी गई

Tonk, Rajasthan:टोंक इंडियन ऑयल की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए लगाया वाल्वः 40 फीट लंबा पाइप बिछाया, प्रेशर कम मिला तो पहुंची टीम टोंक के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में सेंध लगाकर क्रूड ऑयल चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। बदमाशों ने पाइपलाइन में छेद कर वाल्व लगाया। वाल्व से करीब 40 फीट लंबी पाइपलाइन कनेक्ट कर ली। मामला पचेवर थाना क्षेत्र में लड़ी गांव का है。 कंपनी के इंजीनियर्स को तकनीकी जांच में ऑयल प्रेशर कम मिला। इसके बाद कंपनी की टीम ने पाइपलाइन को चेक करना शुरू किया। इस दौरान एक खेत में खुदाई के निशान मिले। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे वहां खुदाई करवाई गई तो IOCL की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए अवैध वाल्व और 40 फीट लंबी अलग पाइपलाइन बिछी मिली。 फिलहाल पुलिस और IOCL की टीम मामले की जांच कर रही है। सेंधमारी में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है。 1. खेत में मिले खुदाई के निशान मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया-पचेवर थाना क्षेत्र से गुजर रही IOCL की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में 1 जून को तकनीकी जांच के दौरान ऑयल प्रेशर कम होने का पता चला। इसके बाद कंपनी की टीम लगातार पाइपलाइन की जांच करती रही। 8 जुलाई को लड़ी गांव में जांच के दौरान एक खेत में खुदाई के निशान दिखाई दिए। इसकी जानकारी कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ पुलिस को भी दी गई。 2. 40 फीट लंबी पाइपलाइन बिछा रखी थी 9 जुलाई को दोपहर में IOCL की टीम के साथ मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी और डीएसपी आशीष प्रजاپत भी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में दोपहर करीब 3 बजे संदिग्ध जगह पर खुदाई करवाई गई। वहां पाइपलाइन में अवैध वाल्व लगा मिला। तेल चोरी के लिए करीब सवा इंच के पाइप की 40 फीट लंबी लाइन भी बिछाई गई थी। यह देखकर कंपनी के इंजीनियर भी हैरान रह गए। टीम के अनुसार, ऑयल चोरी के लिए पाइपलाइन को आगे ले जाने का प्लान था। अवैध पाइपलाइन के आगे का सिरा जमीन में दबा हुआ था। पूरी लाइन को करीब तीन फीट की खुदाई कर जमीन में दबाया गया था。 4. खेत मालिक ने कहा- उसे जानकारी नहीं पुलिस ने खेत मालिक हरजीलाल बैरवा से पूछताछ की। हरजीलाल ने मामले की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि मैं खेत से दूर रहता हूं। वहां कम ही आना-जाना होता है。 फिलहाल पुलिस और IOCL के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पाइपलाइन में सेंधमारी किसने की, अवैध कनेक्शन कब लगाया गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं। मौके से मिले सबूतों और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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लोअर गंगा में व्याप्त भ्रष्टाचार

Kanpur, Uttar Pradesh:लोअर गंगा कैनाल में घोटाले का खेल ! अधिशासी अभियंता पर किसका हाथ ? सरकारी खजाने पर किसकी नजर ? बरसाती नालों के भुगतान पर बड़ा सवाल ! रिकॉर्ड गायब फिर भी हो गई पूरी पेमेंट ! कानपुर का सिंचाई विभाग सवालों के ऐसे भंवर में फंस गया है, जहां हर फाइल पर शक है, हर भुगतान पर सवाल है और हर जवाबदेही कटघरे में दिखाई दे रही है। लोअर गंगा कैनाल प्रखंड के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर कई सालों से एक ही पटल पर कर्मचारियों की तैनाती की गई, शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हुआ और बरसाती नालों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान में भयंकर गड़बड़ी हुई। इन आरोपों को ठेकेदार राजीव बख्शी ने सार्वजनिक रूप से उठाया है। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं बल्कि सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। सरकारी विभागों में ट्रांसपैरेंसी की बात तो खूब होती है लेकिन जब आरोप खुद विभाग के भीतर से उठने लगें, जब शिकायतकर्ता ही दस्तावेज लेकर सवाल पूछने लगे, तब व्यवस्था की साख भी कठघरे में खड़ी दिखाई देती है। कानपुर के लोअर गंगा कैनाल प्रखंड में अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विभाग में सालों से एक ही पटल पर कर्मचारियों को बनाए रखा गया, जबकि समय-समय पर ट्रांसफर और कार्य परिवर्तन की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। आरोप यहीं तक सीमित नहीं हैं। ठेकेदार राजीव बख्शी का दावा है कि विभाग में शिकायतें होने के बावजूद निष्पक्ष जांच कराने के बजाए उन्हीं अधिकारियों या कर्मचारियों से आख्या लगवाई जाती है, जिन पर सवाल उठाए गए होते हैं। इतना ही नहीं, कुछ शिकायतों को स्पेशल कैटेगरी में डालकर बंद कर देने का भी आरोप है। अगर ऐसा हुआ है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायतों की निष्पक्षता आखिर सुनिश्चित कैसे होगी ? बाइट - राजीव बख्शी, ठेकेदार सबसे गंभीर आरोप साल 2025-26 में बरसाती नालों के कामों को लेकर लगाए गए हैं। राजीव बख्शी का आरोप है कि दस बरसाती नालों के कार्य ऐसे ठेकेदारों को आवंटित किए गए, जिनकी परियोजनाएं कथित तौर पर न तो विभागीय रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज थीं और न ही ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई दे रही थीं। इसके बावजूद लगभग चालीस लाख रुपए के भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। यदि रिकॉर्ड और भुगतान में वास्तव में ऐसा अंतर है, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गंभीर जांच का विषय बन सकता है। आरोप ये भी है कि इन कार्यों में विभागीय अधिकारियों, बाबुओं और जूनियर इंजीनियरों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यही वजह है कि अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराएगा या फिर मामला केवल फाइलों तक सीमित रह जाएगा। सवाल सिर्फ चालीस लाख रुपए का नहीं है, सवाल उस सरकारी व्यवस्था का है, जिसके कंधों पर जनता की गाढ़ी कमाई की जिम्मेदारी टिकी है। जब विभाग के भीतर से ही नियमों को दरकिनार करने, शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण पर सवाल उठने और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं, तो जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी हो जाता है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होना बाकी है। लेकिन अगर जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना केवल प्रशासनिक जरूरत है ।
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46 जिलों में भारी बारिश के साथ ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

Noida, Uttar Pradesh:वाक थ्रू बारिश में मौसम विभाग के अनुसार आज 46 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में है अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र। यहां है भारी वर्षा का येलो अलर्ट आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, तखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, औरैया व आस पास के क्षेत्र।
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पेंड्रा-कोटमी मार्ग पर कोयले से भरा ट्रेलर पुलिया टूटकर नदी में गिरा; चालक-परिचालक सुरक्षित

Karhi, Chhattisgarh:पेंड्रा-कोटमी मुख्य मार्ग पर रेलिंग तोड़कर नदी में समाया ट्रेलर, चालक-परिचालक को मामूली चोटें; तेज रफ्तार को माना जा रहा हादसे का कारण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा-कोटमी मुख्य मार्ग पर गुरुवार को सुबह सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खुज्जी नदी की पुलिया पर कोयले से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रेलर में सवार चालक और परिचालक को केवल मामूली चोटें आईं तथा कोई जनहानि नहीं हुई और वाहन छोड़कर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर कोयला लेकर कोरबा रायगढ़ की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन खुज्जी नदी की पुलिया पर पहुंचा, चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार के कारण ट्रेलर पुलिया की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए नीचे नदी में जा गिरा। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और चालक एवं परिचालक को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है गौरत है कि पेंड्रा-कोटमी मार्ग जिले का एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे व्यस्त मार्ग पर ट्रेलर के नदी में गिरने के बावजूद किसी अन्य वाहन या राहगीर के हताहत नहीं होने से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उन्होंने प्रशासन से पुलिया और मुख्य मार्ग पर गति नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करने, चेतावनी संकेतक लगाने तथा नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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बेगूसराय: जमीन विवाद के हत्या केस में सातों आरोपी को आजीवन कारावास

Begusarai, Bihar:एंकर द्वारा प्रस्तुत Begusarai जिले के चार साल पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जमीन विवाद में हुई हत्या के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 8-8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए अदालत के निर्णय का स्वागत किया। आपको बताते चले कि मामला साहेबपुर कमाल थाना कांड संख्या 176/2021 से जुड़ा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने सिरैया गांव निवासी रामाशीष यादव, जवाहर यादव, जयकृष्ण यादव, गोपाल उर्फ गोपाल गोविंद, आदर्श कुमार, नितीश कुमार और राकेश कुमार को रामाकांत यादव की हत्या का दोषी मानते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस दौरान अभियोजन के अनुसार मृतक रामाकांत यादव और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पंचायत के बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि 21 जुलाई 2021 की शाम सभी आरोपी हथियार और पिस्तौल से लैस होकर रामाकांत यादव के घर पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल रामाकांत यादव को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरोप यह भी था कि घटना के दौरान घर की महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता RAM PRASH YADAV ने नौ गवाहों की गवाही कराई, जबकि सूचिका की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मंसूर आलम ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मंसूर आलम ने बताया है कि हत्या के मामले में सात आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा है कि गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी सातों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई। मुझे शुरू से न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। कई वर्षों के संघर्ष के बाद मेरे पति के हत्यारों को सजा मिली है। अदालत के फैसले से मुझे न्याय मिला है और कानून पर मेरा विश्वास और मजबूत हुआ है। चार वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को जिले के चर्चित हत्या कांड में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, वहीं यह संदेश भी गया है कि गंभीर अपराधों में कानून अपना काम करता है।
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बैगा गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए प्रशासन की ठोस पहल अब तक नदारद

Karhi, Chhattisgarh:पेंड्रा जिले में मानसून की दस्तक के साथ जहां अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल की समस्या कम होने की उम्मीद थी पर ऐसा नही हुआ, दूरस्थ बैगा बहुल गांवों में आज भी हालात नहीं बदले हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के परिवार आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को निस्तारी के साथ-साथ पीने के लिए भी कुएं और ठोड़ी के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गौरेला विकासखंड के राजमेरगढ़ के छोटकी दादर क्षेत्र में सौर ऊर्जा से संचालित पेयजल टंकियां स्थापित की गई हैं, लेकिन बोरवेल में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से इनका संचालन नियमित नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप कई परिवारों को एक से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित टंकी तक पहुंचकर पानी भरना पड़ता है। कई बार ग्रामीणों को पानी मिलने के लिए एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां प्राकृतिक जल स्रोत भी सीमित हैं, तो एक चीज और देखने को मिली पानी नहीं मिलने के बाद भी एक के बाद एक बोर की खुदाई और करवा दिया गया पर पानी नहीं मिलने के कारण यह सिर्फ सफेद हाथी दिखाई दे रहे है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। वही जल जीवन मिशन के तहत घरों तक नल कनेक्शन तो पहुंचा दिए गए, लेकिन अधिकांश नलों में लंबे समय से पानी नहीं आ रहा है। करोड़ों रुपये की योजना का लाभ कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। गौरेला विकासखंड के साल्हेघोरी, बेन्दरापानी और छिंदपानी गांवों में भी स्थिति कमोबेश यही है। यहां रहने वाले बैगा परिवार आज भी कुएं और ठोड़ी के पानी से ही अपनी दैनिक जरूरतों के साथ पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में लगे नल कई महीनों से बंद पड़े हैं और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आपक‌ो बतला दे कि वर्ष 2025 में गौरेला विकासखंड के साल्हेघोरी, बेन्दरापानी और छिन्दपानी क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप महामारी का रूप ले चुका था। उल्टी-दस्त से कुछ बैगा आदिवासियों की मौत भी हुई थी। उस समय स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में शिविर लगाकर उपचार किया था तथा पेयजल के लिए टैंकरों की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बावजूद एक वर्ष बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस वर्ष भी संबंधित विभाग पेयजल स्रोतों में क्लोरीन डालने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित रखे हुए है, जबकि नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है। ऐसे में बैगा बहुल गांवों में जलजनित बीमारियों के दोबारा फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। तो देखने वाली बात है कि प्रशासन इस पूरे मामले को किस प्रकार से संज्ञान लेकर इस इलाके में रहने वाले बैगा आदिवासी जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाते है उनके लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कब तक करता है।
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Zee मीडिया की खबर से बदहाल बुराड़ी सड़क बदली: अब जलभराव नहीं

New Delhi, Delhi:बुराड़ी विधानसभा के इब्राहिमपुर एक्सटेंशन राम पार्क से एक तस्वीर सामने आई है, जहां Zee मीडिया की खबर के असर से हालात बदले। उस सड़क पर जलभराव और गड्ढे की समस्या काफी समय से बनी थी, लेकिन स्थानीय लोगों को अब राहत मिली है। ये तस्वीरें इब्राहिमपुर एक्सटेंशन राम पार्क की हैं। बारिश के बावजूद जलभराव नहीं दिख रहा। पहले हालात बदतर थे; सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी सतह और बारिश का पानी लोगों के लिए परेशानी था। इस समस्या को Zee मीडिया ने प्रमुखता से उठाया। कैमरे में कैद बदहाल सड़क और जलभराव की तस्वीरें प्रसारित की गईं। खबर के बाद संबंधित विभाग ने निरीक्षण कर सड़क निर्माण शुरू कराया। अब नई सड़क बनकर तैयार है। जलनिकासी बेहतर होने से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या अब नहीं दिखी। सड़क बनने से लोगों की आवाजाही आसान हो गई है और दुर्घटनाओं का खतरा कम हुआ है। स्थानीय लोगों ने Zee मीडिया का आभार जताया कि अगर मीडिया उनकी आवाज नहीं उठाता, तो यह सड़क आज भी बदहाल रहती। यह खबर यह साबित करती है कि जब मीडिया जनहित के मुद्दों को उठाता है, तो जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करते हैं। बुराड़ी के इब्राहिमपुर एक्सटेंशन राम पार्क में बनी नई सड़क एक सकारात्मक बदलाव है।
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ट्रैक्टर नहीं मिलने पर मोटरसाइकिल से किसान ने देशी जुगाड़ से मकई बोई

Latehar, Jharkhand:लातेहार हेरहंज प्रखंड के एक किसान ने ट्रैक्टर और हल बैल नहीं मिलने के कारण देशी जुगाड़ से अपने खेत कर रहे है । ज्ञात हो अभी का सीजन है खेती का और किसान अपने अपने खेतों को सिंचित करने में जुटे हुवे है । ऐसे में हेरहंज प्रखंड के आरा हारा गांव के रविंद्र मिस्त्री ने ट्रैक्टर और हल बैल नहीं मिलने के करण देशी जुगाड़ मोटरसाइकल से अपने खेत में मकई बुनने के बाद खेत को पाटन कर एक अनोखा खेती अंदाज पेस किया है । वही किसान रवींद्र मिस्त्री ने बताया कि गांव में वर्षा हो नहीं रही है जिस कारण सुखाड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है लेकिन फिर भी एक उम्मीद लगा कर अपने खेत में मकई लगाया है । लेकिन हर बैल और ट्रैक्टर नहीं मिलने के करण आज देशी जुगाड़ से मोटरसाइकल से खेत मकई बुनने के पाटन कर रहे है ।
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सम्राट चौधरी NDA समन्वय बैठक की अध्यक्षता पहली बार करेंगे

Patna, Bihar:मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी आज पहली बार एनडीए की अहम समन्वय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक दोपहर 12:30 बजे एक अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास में आयोजित होगी। बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और सरकार के मंत्री शामिल होंगे। बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों से संगठन की जमीनी स्थिति पर फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही सरकार की योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, विकास कार्यों की समीक्षा, संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यकर्ताओं और नेताओं के सामने आ रही समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी रणनीति पर मंथन होगा। यह सीट लंबे समय तक नितिन नवीन का राजनीतिक गढ़ रही है और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। उपचुनाव में भाजपा ने अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया है, ऐसे में चुनावी तैयारियों और गठबंधन के बेहतर तालमेल पर भी चर्चा होने की संभावना है.
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भिवंडी के राहुल बार में वाद के बाद चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

Thane, Maharashtra:भिवंडी तालुक्यातील पडघा येथील राहुल बारमध्ये किरकोळ वादातून एका तरुणावर सुऱ्याने जीवघेणा हल्ला झाल्याची धक्कादायक घटना घडली आहे. संपूर्ण हाणामारी बारमधील सीसीटीव्हीमध्ये कैद झाली आहे. पोलिसांनी आरोपीला तातडीने अटक केली आहे. ही घटना पडघा येथील राहुल बारची आहे. बारमध्ये दोन तरुणांमध्ये किरकोळ कारणावरून वाद झाला. वादाचे पर्यवसान थेट हाणामारीत झाले. रागाच्या भरात आरोपी अल्ताफ सय्यद वय 26 याने दुसऱ्या तरुणावर सुऱ्याने प्राणघातक हल्ला केला. या हल्ल्यात अतुल जाधव हे गंभीर जखमी झाले आहेत. त्यांच्यावर सध्या खाजगी रुग्णालयात उपचार सुरू आहेत. संपूर्ण घटना बारमधील सीसीटीव्ही कॅमेऱ्यात स्पष्टपणे कैद झाली आहे. फुटेजच्या आधारे पडघा पोलिसांनी तातडीने कारवाई करत अल्ताफ सय्यद याला ताब्यात घेतले. आरोपीवर गुन्हा दाखल करून त्याला आज भिवंडी जिल्हा व अतिरिक्त सत्र न्यायालयात हजर करण्यात आले. न्यायालयाने आरोपीला 4 दिवसांची पोलीस कोठडी सुनावली आहे. पुढील तपास पडघा पोलीस करत आहेत. किरकोळ वादातून जीवघेणा हल्ला झाल्याने बारमध्ये उपस्थित असलेल्या नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे. पोलिसांनी बारमधील सुरक्षा वाढवण्याचे आदेश दिले आहेत.
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