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Kaniram YadavKaniram YadavFollow28 Oct 2024, 06:27 am
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नीरज कुमार ने नीतीश के संस्कारों का समर्थन किया, तेजस्वी पर आरक्षण सवाल

Patna, Bihar:जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की कार्यशैली और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में पुरखों और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है, उन्होंने कहा कि रामफल मंडल को नमन करते हुए 23 August को बिहार सरकार राजकीय समारोह आयोजित करेगी। नीरज कुमार ने कहा कि निशांत कुमार ने भी इस सोच को आगे बढ़ाया है और सम्राट चौधरी व निशांत कुमार की जोड़ी ने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का काम किया है,प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री शीला मंडल भी मौजूद रहीं। तेजस्वी यादव के आरक्षण से जुड़े बयान पर जेडीयू ने सवाल उठाते हुए कहा कि मामला न्यायालय में है, नीरज कुमार ने पूछा कि क्या तेजस्वी यादव अति पिछड़ों के नायक हैं, उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने शानदार पराजय का रिकॉर्ड बनाया है। जेडीयू ने सवाल किया कि तेजस्वी यादव किसी दलित को प्रदेश अध्यक्ष क्यों नहीं बना रहे हैं और उनसे आरक्षण को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव को आरक्षण की लड़ाई पहले अपने घर में लड़नी चाहिए और आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव ने भी जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान किया था
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गाजीपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत; लाखों मामलों के निस्तारण की उम्मीद

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, हजारों मामलों के निस्तारण का मौका! गाजीपुर में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत,  लंबित मामलों के निस्तारण के लिए लोगों को मिलेगा बड़ा मौका न्यायालय परिसर से निकली जागरूकता रैली, जनपद न्यायाधीश ने दिखाई हरी झंडी दीवानी कचहरी, कलेक्ट्रेट और सभी तहलों में होगा आयोजन बैंक ऋण, चेक बाउंस, पारिवारिक, राजस्व और विद्युत मामलों का हो सकता है निस्तारण मोटर दुर्घटना प्रतिकर और श्रम से जुड़े मामलों को भी सुलह से निपटाने का मौका समझौते से निस्तारण होने पर लंबित मामलों में न्याय शुल्क वापसी का प्रावधान प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए भी दे सकते हैं प्रार्थना पत्र गाजीपुर में अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण के लिए बड़ी पहल होने जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 12 सितंबर 2026, शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करने के लिए न्यायालय परिसर से जागरूकता रैली निकाली गई। जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव और लोक अदालत के नोडल अधिकारी एडीजे शक्ति सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीरज ने बताया कि दीवानी कचहरी, कलेक्ट्रेट और जनपद की सभी तहसीलों में लोक अदालत के जरिए मामलों का त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, राजस्व, विद्युत, श्रम समेत उपयुक्त मामलों का निस्तारण कराया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि समझौते के आधार पर मामले का समाधान होने पर लंबित मामलों में न्याय शुल्क वापसी का भी प्रावधान है। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों को भी लोक अदालत के जरिए सुलझाने की पहल की जा सकती है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर प्रक्रिया शुरू कराई जा सकती है। यानी अगर आपका कोई मामला अदालत में लंबित है और आप उसे सुलह-समझौते से खत्म करना चाहते हैं, तो 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत आपके लिए अहम मौका साबित हो सकती है।
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बस्ती में 1017 फर्जी लाइसेंस निरस्त, चार कर्मचारियों पर FIR

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है, जिसने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में 1017 ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस सामने आए हैं, जिन्हें नियमों को दरकिनार कर जारी किया गया। आरोप है कि दूसरे राज्यों के बैकलॉग की आड़ में लाइसेंस बनवाने का पूरा खेल दलालों के सिंडिकेट के जरिए चलाया गया और इस फर्जीवाड़े में करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये की अवैध वसूली का भी आरोप है। अब 1017 लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि लाइसेंस बनाने में भूमिका सामने आने पर सेवा प्रदाता कंपनी के चार कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। बस्ती में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच के दौरान सामने आए 1017 लाइसेंसों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद चार कर्मचारियों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरटीओ बस्ती की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद संबंधित सेवा प्रदाता कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है। फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी मनी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। आरटीओ फरीउद्दीन के मुताबिक, उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के क्रम में चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल, जांच में पता चला कि एक अप्रैल 2013 के बाद बस्ती कार्यालय से जारी किए गए 1017 लाइसेंसों को दूसरे राज्यों के बैकलॉग के रूप में दर्ज किया गया। आवेदन स्वीकृत करने से पहले सारथी पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण नहीं किया गया। कई आवेदनों में पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी तक अपलोड नहीं की गई, जबकि पता बदलने के लिए किए गए कई आवेदनों में लगाए गए पते के प्रमाण-पत्र का भी नियमानुसार सत्यापन नहीं कराया गया। जांच में सिर्फ कर्मचारियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि पर्यवेक्षण स्तर पर भी लापरवाही सामने आई है। एमवीआई से ऊपर के अधिकारियों की भी पोर्टल पर निगरानी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पर्यवेक्षण दायित्व का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। आरोप है कि दलालों के सिंडिकेट के जरिए आवेदकों की बैकलॉग एंट्री अरुणाचल प्रदेश से कराई गई और बस्ती में भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराए गए। इसी प्रक्रिया के जरिए करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये की अवैध वसूली किए जाने का आरोप है। मिर्जापुर, संतकबीरनगर, पडरौना और गोरखपुर समेत आसपास के जिलों के आवेदकों के लाइसेंस भी इसी तरीके से बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने डीएम बस्ती को पत्र भेजकर अपने स्तर से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी। शासन स्तर से संभागीय परिवहन विभाग की आरआई सीमा गौतम को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब 1017 लाइसेंसों के निरस्तीकरण और चार कर्मचारियों पर एफआईआर के बाद सवाल ये है कि फर्जीवाड़े का ये नेटवर्क आखिर कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था इसकी जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई और नाम सामने आने की उम्मीद है।
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Noida, Uttar Pradesh:
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आरजेडी-एनडीए बैठकें: विपक्ष और सत्ता पक्ष में राजनीतिक बयानबाजी तेज

Patna, Bihar:Anchor नेता प्रतिपक्ष आरजेडी जिलावार बैठक कर रहे है जबकि आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी पूर्व जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई..बैठक को लेकर राजनैतिक बयानबाजी शुरू हो गई है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने सरकारी आवास पर प्रतिदिन जिलावार बैठक कर रहे हैं..वही बुधवार को मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई ..जेडेडीयू कोटे से बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि आरजेडी और तेजस्वी यादव को जनता ने नकार दिया है लिहाजा वे कितना भी बैठक कर लें उनका कुछ होने वाला नहीं है.. बाइट 1 अशोक चौधरी,मंत्री बिहार सरकार सत्ता पक्ष ने आरजेडी की बैठक पर निशाना साधा तो आरजेडी ने सत्तापक्ष को आड़े हाथों लिया.. मुख्यमंत्री आवास में पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्षों की बैठक को लेकर मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव से ही डर है एनडीए को लिहाजा वे मजबूर होकर बैठक कर रहे हैं,उन्होंने कहा कि जेडीयू पहले भी खत्म हो गई है और बीजेपी अपने ही सहयोगी छोटी पार्टियों को खत्म कर रही हैं..अब घबराहट में बैठक हो रहा है,आरजेडी के डर से एनडीए कुनबा एक है।कांग्रेस ने भी बैठक की राजनीति पर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा। बाइट 2 शक्ति यादव,आरजेडी मुख्य प्रवक्ता बाइट 3 राजेश राठौर,कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता यहाँ विपक्ष के प्रतिक्रिया पर बीजेपी के जीवेश मिश्रा ने कहा कि 25 सीटों पर सिमट जाने वाली पार्टी,दो सौ पार एलायंस को नसीहत दे रही है जबकि बीजेपी में बैठकों को दौर चलता रहता है और इसी बैठक की वजह से दो सीट से सत्ता में आई पार्टी आज,विपक्ष कितना भी बैठक कर लें,बीजेपी बैठक के जरिए ही जनता तक पहुंचती है। बाइट 4 जीवेश मिश्रा,बीजेपी विधायक सभी राजनैतिक दल संगठन को मजबूती देने में जुटी है.. राजनैतिक विश्लेषक की माने तो बांकीपुर चुनाव परिणाम ने विपक्ष और सत्तापक्ष के राजनैतिक दलों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया है और यही वजह है कि विपक्ष तो अब सजग दिखा रहे हैं लगातार बैठक हो रही है लेकिन सत्तापक्ष भी बैठक करके कमियां खामियां दूर करने और जनाधार को मजबूत करने की कवायद में जुटा है
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अंबाला में स्वाइन फ्लू के तीन और मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Ambala, Haryana:अंबाला जिले में स्वाइन फ्लू के तीन और नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिले में लगातार सामने आ रहे H1N1 के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। नए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों की निगरानी और संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। अंबाला में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। जिले में अब तीन और लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इससे पहले भी जिले से तीन मामले सामने आए थे जो फिलहाल स्वस्थ हो गए है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतें, मास्क का इस्तेमाल करें और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें। जानकारी देते हुए अंबाला स्वास्थ्य विभाग की सीएमओ डॉक्टर रेणु पजनी ने बताया कि जिले से पहले तीन मामले आए जो स्वस्थ हो गए है अब एक बार फिर तीन नए मामले सामने आए है जिनमें से दो मरीज अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में एडमिट है उन्होंने बताया कि इस बीमारी के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है, स्पेशल वार्ड बनाया गया है और दवाइयों का स्टॉक भी पूरा रखा गया है।
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बारिश के बावजूद सीतापुर के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में 565 जोड़ों की शादी

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह बारिश के चलते अवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। हालांकि धीमी बारिश के बीच में 565 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री विवाह समारोह में 551 हिंदू और 14 मुस्लिम जोड़े शामिल हुए। बारिश के बीच पंडाल में भारी भीड़ तो थी लेकिन अवस्थाएं भी थी विवाह समारोह स्थल पर पानी भरा हुआ था जिससे निकलने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कारागार राज्य मंत्री और नगर विकास राज्य मंत्री सहित विधायकों ने भी इस विवाह में शिरकत की। आयोजन पर कई सवाल भी खड़े हुए। इसको लेकर डीएम राजा गणपति आर ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में और शासन के निर्देश पर आज भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। 565 जोड़ों का सामूहिक शादी संपन्न कराई गई। 551 हिंदू जोड़े हैं और 14 मुस्लिम जोड़े हैं। प्रत्येक जोड़े के ऊपर शासन स्तर से एक लाख रुपए का खर्च किया गया है। जो ब्लैकलिस्टेड फॉर्म की बात आ रही है उसकी गहराई से परीक्षण किया गया उसके बाद ही कार्य किया गया जांच में निराधार है। भादो मास में सनातनी शादी को लेकर डीएम ने कहा पंडित लोगों से पूछ कर ही किया गया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी का NSA रद्द कर 5 लाख रुपए मुआवजे का आदेश दिया

Prayagraj, Uttar Pradesh:डीयू की छात्रा आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत, आकृति चौधरी के विरुद्ध लगाए गए एनएसए को हाईकोर्ट ने रद्द किया, राज्य सरकार को हाईकोर्ट ने पीड़ित छात्रा को 5 लाख का मुआवजा देने का भी दिया आदेश, नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान आकृति चौधरी के खिलाफ लगा था एनएसए। नोएडा में हुए मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार डीयू की छात्रा आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एनएसए के तहत आकृति चौधरी के डिटेंशन को हाईकोर्ट ने अवैध मानते हुए रद्द कर दिया है। साथ ही पीड़ित छात्रा की अवैध निरुद्धि के एवज़ में 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट में आकृति चौधरी की तरफ से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करके एनएसए को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की, सुनवाई के दौरान मजदूर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में राज्य सरकार की तरफ से आकृति चौधरी की भूमिका को लेकर कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका। जिसके बाद हाईकोर्ट ने एनएसए को रद्द करने का आदेश पारित करते हुए याची छात्रा को पांच लाख मुआवजे का भी आदेश दिया। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि मुआवजे की राशि को संबंधित जिले के अधिकारियों से वसूल कर पीड़िता को देना होगा। बता दें कि अप्रैल 2026 में नोएडा में मजदूरों का आंदोलन हुआ था। आंदोलन के दौरान 13 अप्रैल को जमकर हिंसा और बवाल हुआ था, इस बवाल और हिंसा के मामले में डीयू की छात्रा आकृति चौधरी की गिरफ्तारी भी हुई थी। बाद में आकृति चौधरी के खिलाफ एनएसए भी लगाया गया। हाईकोर्ट में एनएसए की कार्रवाई को अवैध बताते हुए आकृति चौधरी ने चुनौती दी। याची ने कहा कि हिंसा और बवाल में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में आकृति चौधरी ने कहा कि हिंसा की घटना 13 अप्रैल को हुई थी और उसके एक दिन पहले 12 अप्रैल को ही याची आकृति चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। राज्य सरकार के वकील से हाईकोर्ट ने याची की निरुद्धी को लेकर जब सवाल किया तो वह भी कोई ठोस साक्ष्य कोर्ट के सामने पेश नहीं कर पाए। जिसके बाद हाईकोर्ट ने एनएसए की कार्रवाई को रद्द कर दिया। साथ ही याची छात्रा को 5 लाख का मुआवजा भी देने का आदेश दिया।
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इंदिरापुरम में NIA-CBI के नाम पर करोड़ों वसूली गैंग गिरफ्तार, दो फरार

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के इंदिरापुरम में NIA और CBI के नाम का डर दिखाकर কোটি की वसूली का खेल सामने आया है। खुद को बड़े सरकारी अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने कारोबारी को ऐसा डराया कि मामला सेटल करने के नाम पर 15 करोड़ रुपये तक की डिमांड कर डाली। पुलिस ने इस कथित वसूली गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1 लाख 92 हजार रुपये कैश, तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। वहीं दो आरोपी अभी फरार हैं। गाजियाबाद के कारोबारी विकास मित्तल की दिल्ली स्थित फर्म से जुड़े एक नोटिस मिला था। नोटिस NIA और CBI से संबंधित होने की बात सामने आई, और इसी को आरोपियों ने कमाई का हथियार बना लिया। गैंग के सदस्यों ने पहले फ Firm के मैनेजर योगेश से संपर्क किया गया। सलमान नाम के शख्स ने दावा किया कि उसकी बड़े-बड़े अधिकारियों से पहचान है और वह नोटिस का सेटलमेंट करा सकता है। इसके बाद अनिल प्रताप सिंह ने खुद को उच्च रैंक का अधिकारी बताकर कारोबारी पक्ष से संपर्क किया। नोटिस का सेटलमेंट नहीं कराया तो जेल जाना पड़ेगा। फर्म बर्बाद हो जाएगी और इसी डर के बीच मामले को निपटाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई। आरोपियों ने कारोबारी से डराने-धमकाने के जरिए रकम वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, पैसे लेने के लिए आरोपी खुद कारोबारी के पास पहुंचे। इसी मामले में शिकायत मिलने के बाद इंदिरापुरम पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित द्विवेदी, अनिल प्रताप सिंह और सिद्धार्थ जैन के तौर पर हुई है। इनके पास से 1 लाख 92 हजार रुपये, तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। वहीं इस पूरे मामले के दो किरदार अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। अनिकेत उर्फ कबीर और सलमान। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी हैं। अब जांच सिर्फ तीन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि NIA-CBI के नोटिस की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची, इस कथित नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और कारोबारी से अब तक कितनी रकम वसूली गई।
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उत्तम नगर की गली में सीवर जाम: DJB से स्थायी समाधान की उम्मीद बढ़ी

New Delhi, Delhi:स्टोरी :-- दिल्ली के उत्तम नगर के मोहन गार्डन एल ब्लॉक स्थित हैप्पी चौक की एक गली में करीब कई महीने से सीवर का गंदा पानी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ था। पूरी गली में सीवर का पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को गंदगी, बदबू और मच्छरों के बीच रहने को मजबूर होना पड़ा। शिकायतकर्ता के मुताबिक कई घरों में सीवर का पानी घुस गया, जबकि 3 से 4 घरों में हालात इतने खराब हो गए कि लोगों का रहना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार दिल्ली जल बोर्ड में शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन कुछ औपचारिक कार्रवाई के बाद चले गए। बारिश के बाद स्थिति और ज्यादा खराब हो गई और एक परिवार के घर में पानी भरने से घर का काफी सामान खराब होने की बात भी सामने आई। शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार के अनुसार, गंदे पानी और मच्छरों के कारण बच्चों की तबीयत भी खराब हुई और कुछ बच्चों को अस्पताल तक ले जाना पड़ा। वहीं, गली में पानी भरा होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और लोगों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए। मामला Zee Helpline तक पहुंचने के बाद दिल्ली जल बोर्ड के कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क कर शिकायत का फॉलोअप किया गया। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायत संख्या DJB004156072 पहले से दर्ज थी और मामले को संबंधित जूनियर इंजीनियर को भेजा गया था। 14 अगस्त को शिकायतकर्ता ने बताया कि समस्या का अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इसके बाद दोबारा विभाग से संपर्क किया गया और 2 से 3 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन मिला। 17 अगस्त को मौके की स्थिति सामने आई तो पूरी गली में सीवर का गंदा पानी जमा था। इसके बाद दिल्ली जल बोर्ड के कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया। अब मौके पर पाइप डालने का काम शुरू कर दिया गया है और समस्या के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई चल रही है। काम शुरू होने की पुष्टि के लिए शिकायतकर्ता से मौके का वीडियो भी लिया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि सिर्फ गंदा पानी निकालना ही समाधान नहीं है। सीवर जाम की मूल समस्या को दूर कर ऐसा स्थायी इंतजाम किया जाए, जिससे भविष्य में दोबारा लोगों को इसी परेशानी का सामना न करना पड़े। अब बड़ा सवाल यह है कि पाइप डालने का काम आखिर कब तक पूरा होगा और क्या दिल्ली जल बोर्ड इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा? Zee Helpline की कोशिश रहेगी कि संबंधित अधिकारी से इन सवालों का जवाब कैमरे पर लिया जाए।
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