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नालंदा के चिकसौरा में मां पर बच्चे को पुल से फेंककर हत्या का आरोप

Pariaunna, Bihar:एंकर: चिकसौरा थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव से ममता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां पर अपने ही एक वर्षीय बच्चे को पुल से पानी से भरे गड्ढे में फेंककर हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जाता है कि रवि बिंद अपनी पत्नी और एक वर्षीय बच्चे के साथ अपने ससुर की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर फतेहपुर गांव स्थित ससुराल आए थे। इसी दौरान पति-पत्नी के बीच वापस घर लौटने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद पत्नी गुस्से में बच्चे को लेकर गांव के पास स्थित पुलिया के समीप पहुंची और पानी से भरे गड्ढे में बच्चे को फेंक दिया।पानी में डूबने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही चिकसौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।मासूम बच्चे की मौत की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाके में फैली, लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। इस दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
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रायपुर के अस्पताल में Alpha Loop तकनीक से दुर्लभ डुअल-चेम्बर पेसमेकर सफल

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ हृदय प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 41 वर्षीय महिला मरीज के दिल में जन्मजात नसों की अलग बनावट के कारण पेसमेकर लगाना चुनौतीपूर्ण था। डॉक्टरों ने विशेष अल्फा लूप तकनीक का इस्तेमाल कर डुअल चेम्बर पेसमेकर सफलतापूर्वक लगाया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, रायपुर में PLSVC यानी परसिस्टेंट लेफ्ट सुपीरियर वेना कावा वाले मरीज में इस तरह की प्रक्रिया का यह पहला मामला है। मामला रायपुर के एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट यानी ACI का है, जहां 41 वर्षीय महिला मरीज पूर्ण हृदय अवरोध यानी Complete Heart Block से पीड़ित थीं। हृदय की धड़कन सामान्य बनाए रखने के लिए उन्हें स्थायी पेसमेकर की जरूरत थी। लेकिन मरीज की नसों की बनावट सामान्य से अलग थी। मरीज में PLSVC यानी बाईं ओर की एक अतिरिक्त शिरा जन्म के बाद भी मौजूद थी। इस वजह से पेसमेकर की लीड को सामान्य रास्ते से हृदय तक पहुंचाना मुश्किल था। ऐसे चुनौतीपूर्ण मामले में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने Alpha Loop तकनीक का इस्तेमाल किया। इस तकनीक में पेसमेकर की लीड को विशेष घुमाव देकर हृदय के दाहिने हिस्से तक पहुंचाया जाता है। डॉक्टरों ने लीड को सफलतापूर्वक स्थापित करने के बाद Dual Chamber Pacemaker लगाया। प्रक्रिया के बाद पेसमेकर की लीड की स्थिति और कार्यप्रणाली संतोषजनक रही और मरीज की हालत स्थिर बताई गई है। पूरी प्रक्रिया कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने पूरी की। खास बात यह है कि मरीज का पूरा उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया। अस्पताल के मुताबिक, जटिल हृदय प्रक्रियाओं में यह सफलता रायपुर में उन्नत कार्डियक सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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कल्पना मिश्रा केस: भूख हड़ताल के बीच दिग्विजय स्वागत पर सियासत गरम

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहे विरोध के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह रीवा पहुंचे। वहीं, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो और पोस्ट को लेकर अब सियासत गरमा गई है। दावा किया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह के स्वागत के दौरान उनके लिए तरह-तरह के व्यंजनों से सजी मेज नजर आई, जबकि पीछे कांग्रेस की एक नेत्री के गीत गाने का दृश्य भी दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ, मृतका कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा पिछले सात दिनों से शहर के सिरमौर चौराहे पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और अपनी बेटी व नवजात के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाते हुए पोस्ट साझा किए हैं—“कल्पना मिश्रा को न्याय या कांग्रेस के दामाद का स्वागत” अब सवाल यह है कि एक तरफ परिवार न्याय के लिए भूख हड़ताल पर है, तो दूसरी तरफ नेताओं के स्वागत और कथित खातिरदारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस क्या जवाब देती है।
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बाड़मेर निकाय चुनाव: ट्रैक्टर हादसे के बाद ₹1 लाख के लिफाफे पर सियासत तेज

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर निकाय चुनाव में प्रचार के दौरान हादसा, ₹1 लाख के लिफाफे पर उठे सवाल बाड़मेर में निकाय चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रचार अभियान से जुड़ा एक मामला चर्चा में आ गया है। प्रचार के दौरान ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक महिला के घायल होने की बात सामने आई है। हादसे के बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे कथित तौर पर ₹1 लाख का लिफाफा दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर अब चुनावी आचार संहिता के बीच आर्थिक सहायता दिए जाने पर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि चुनाव प्रचार से जुड़े लोगों की ओर से घायल महिला को नकद राशि दी गई है, तो इसकी प्रकृति और परिस्थितियों की जांच जरूरी है। चुनावी माहौल में सामने आए इस घटनाक्रम ने प्रचार अभियानों में सुरक्षा व्यवस्था और आचार संहिता के पालन को लेकर भी बहस छेड़ दी है। अब निगाहें प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की संभावित कार्रवाई पर हैं.
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सिंगरौली के गरीब राशन घोटाले, बायोमेट्रिक के बावजूद राशन नहीं पहुंचा

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली ब्रेकिंग.... सिंगरौली में गरीबों के राशन पर डाका, बायोमेट्रिक लगवाकर राशन डकारने का आरोप.... खम्हनिया समिति में जून, जुलाई और अगस्त का राशन गायब, ग्रामीणों में भारी आक्रोश.... खाद्य अधिकारी ने जांच रिपोर्ट SDM को सौंपने की बात कही, राशन वितरण पर साधी चुप्पी.... चितरंगी तहसील के खम्हनिया और अमिलहवा गांव में राशन की कालाबाजारी का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार ने अंगूठे का निशान तो लगवा लिया, लेकिन महीनों से राशन की एक बोरी तक नहीं बांटी गई। चितरंगी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हनिया और अमिलहवा के सैकड़ों गरीब परिवार दाने-दाने को मोहताज हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सहकारी समिति खम्हनिया के सहायक कोटेदार जवाहर लाल केवट ने जुलाई और अगस्त माह का बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट लगवा लिया, लेकिन अनाज का वितरण नहीं किया। आलम यह है कि कई परिवारों को तो जून माह का भी राशन नहीं मिला है। जब पीड़ित ग्रामीण अपने हक का अनाज मांगने पहुंचे, तो कोटेदार ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सोसाइटी में राशन आया ही नहीं है और अब सीधा सितंबर में खाद्यान्न मिलेगा। अंगूठा लग जाने के बावजूद राशन न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन की चौखट पर दस्तक दी है और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस पूरे मामले पर जब जिला खाद्य अधिकारी पी.सी. चंद्रवंशी से सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि शिकायत के बाद मौके पर जांच टीम भेजी गई थी और जांच प्रतिवेदन उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंप दिया गया है। हालांकि, जब यह पूछा गया कि गरीब ग्रामीणों को उनके हक का खाद्यान्न कब तक मिलेगा, तो अधिकारी गोलमोल जवाब देते नजर आए। उनका कहना था कि पूरे प्रकरण के आधिकारिक निराकरण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सवाल यह उठता है कि जब सरकार गरीबों के लिए मुफ्त और रियायती अनाज की योजनाएं चला रही है, तो जमीनी स्तर पर इन योजनाओं को किसकी शह पर लूटा जा रहा है? जांच रिपोर्ट फाइलों में दबने के बजाय गरीबों के चूल्हे कब जलेंगे, यह देखने वाली बात होगी。
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हरदोई में गर्भवती पत्नी की हत्या: पति ने डंडे से पीटकर मार डाला

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में पति ने डंडे से पीट-पीटकर सात माह की गर्भवती पत्नी को मार डाला, मां को भी पीटा,आरोपी हिरासत में हरदोई में बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के मयोरा गांव में मंगलवार शाम घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया।सात माह की गर्भवती 24 वर्षीय किरन की उसके पति विशाल ने डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी।मारपीट के दौरान किरन को बचाने पहुंची उसकी सास प्रेमा को भी विशाल ने पीटकर घायल कर दिया।गंभीर हालत में किरन को एंबुलेंस से बिलग्राम सीएचसी ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया था,जिसे पुलिस ने तलाश कर हिरासत में ले लिया。 मयोरा गांव निवासी प्रेमा के तीन बेटे हैं। विशाल की शादी करीब तीन साल पहले किरन से हुई थी। दोनों की एक साल की बेटी है और किरन करीब सात माह की गर्भवती थी। मंगलवार शाम पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विशाल ने किरन को डंडे से पीटना शुरू कर दिया। बहू को बचाने पहुंची प्रेमा ने बेटे को रोकने की कोशिश की तो उसने मां के साथ भी मारपीट कर दी।घर से चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी。 गंभीर रूप से घायल किरन को बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के मायके वालों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि आरोपी पति को हिरासत में लिया गया है।परिजनों की शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बदायूं चिटफंड घोटाला: भाइयों की गिरफ्तारी, 15 हजार निवेशकों के पैसे लूटने का आरोप

Budaun, Uttar Pradesh:बदायूं में 200 करोड़ के चिटफंड घोटाले का पर्दाफाश: अमर ज्योति कंपनी के मालिक मौर्या बंधु गिरफ्तार,15 हजार निवेशकों के पैसे लेकर फरार हुए थे दोनों भाई, हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने बरेली से दबोचा।\n\nबदायूं जिले के सबसे बड़े चिटफंड घोटाले में फरार चल रहे अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के मालिक दोनों सगे भाइयों को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान शशिकांत मौर्या और सूर्यकांत मौर्या के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बरेली के सिंधुनगर/कटरा चांद खां के रहने वाले हैं।\n\nपुलिस के अनुसार दोनों भाइयों पर जिले के करीब 15 हजार लोगों के लगभग 200 से 300 करोड़ रुपये हड़प कर फरार होने का आरोप है।\n\n22 साल पुरानी कंपनी, 5 साल में पैसा डबल का लालच.......\n\nजांच में सामने आया है कि शशिकांत मौर्या ने करीब 22 साल पहले बदायूं शहर में शेखूपुर मार्ग पर जालंधरी सराय में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के नाम से कंपनी खोली थी। कंपनी ने 200 से अधिक एजेंट नियुक्त किए थे।\n\nआरडी, एफडी में 5 साल में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से निवेश कराया गया। बताया जा रहा है कि पिछले 10 सालों में हजारों लोगों ने इसमें निवेश किया, जिनमें सैकड़ों वकील, शिक्षक, पुलिसकर्मी, छोटे दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता और दिहाड़ी मजदूर तक शामिल हैं।\n\nबार एसोसिएशन के अनुसार अकेले 300 से अधिक वकीलों के ही 5 करोड़ रुपये से ज्यादा इस कंपनी में फंसे हैं।\n\nजब निवेशकों का पैसा लौटाने का समय आया तो आरोपी अपना कार्यालय बंद कर और कटरा चांद खां स्थित अपनी कोठी चोरी-छिपे बेचकर फरार हो गए।\n\n4 मुकदमे, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत.......\n\nपीड़ितों के हंगामे और प्रदर्शन के बाद पिछले साल 1 जून 2025 को शहर कोतवाली में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 6, 8 और 9 जून को तीन और मुकदमे दर्ज किए गए। मामले की जांच के लिए एसएसपी ने एसपी सिटी के नेतृत्व में SIT गठित की थी।\n\nगिरफ्तारी से बचने के लिए तीनों भाइयों शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। करीब 6 महीने तक सुनवाई चली, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद न्यायालय ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए और संपत्ति कुर्क करने की उद्घोषणा भी जारी की थी। पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।\n\nऐसे हुई गिरफ्तारी......\n\nएसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस की टीम ने बरेली में दबिश देकर दोनों भाइयों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों को बदायूं लाकर न्यायालय में पेश करने की तैयारी है। कंपनी के 18 बैंक खातों को पहले ही फ्रीज किया जा चुका है, जिनमें 1.15 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली है।\n\nइसके पहले पुलिस इस मामले में 7 एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।........\n\nपुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में घोटाले की पूरी चेन और निवेशकों की रकम कहां निवेश की गई, इसका खुलासा होगा। वहीँ गिरफ्तारी की खबर के बाद निवेशकों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।\n\nबाइट - अंकिता शर्मा एसएसपी बदायूं
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