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Ravikant SahuRavikant SahuFollow11 Jul 2024, 01:19 pm
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जंतर मंतर विरोध में पैलेट गन और ARG का प्रयोग, जांच की मांग तेज

Noida, Uttar Pradesh:जंतर मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन में फोर्स ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया था. जंतर मंतर पर 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन में उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए CRPF की RAF ने 55 नॉन इलेक्ट्रिकल शैल, प्लास्टिक पैलेट के अलावा 15 शैल इलेक्ट्रिक शैल दागे थे. इसके अलावा पांच टियर स्मोक ग्रेनाइट, ARG 2 BC और प्लास्टिक पैलेट का इस्तेमाल भी किया गया था. दिल्ली पुलिस के दस्तावेज़ में कहा गया था कि North DCP के आदेश पर यह कार्रवाई की गई थी. दिल्ली पुलिस के दस्तावेज़ में यह लिखा गया था कि घटना के समय RAF के डिप्टी कमांडेंट सतीश सांगवान ड्यूटी पर थे. वे जोन वन में North DCP के साथ ड्यूटी पर थे के अनुसार भीड़ को तितर बितर करने के लिए दंगारोधी उपायों का इस्तेमाल किया गया था. दूसरे उपकरणों के साथ-साथ एंटी-रायट गन (ARG) का भी इस्तेमाल किया गया था. यह गन कम जानलेवा हथियारों की श्रेणी में आती है. इसे ध्यान पूर्वक चलाया जाए तो यह जानलेवा नहीं होती. RAF द्वारा किन परिस्थितियों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई है, जांच में यह पता लगाया जा रहा है. CRPF द्वारा यह जाँच की जा रही है. वीडियो फुटेज जाँची जा रही हैं. मौके पर रहे RAF के टीम इंचार्ज और सहयोगी कर्मियों से पूछताछ होगी. यह भी देखा जाएगा कि पैलेट गन चलाते वक्त भीड़ कितनी थी और क्या उसे तितर-बितर करने के बाकी सभी विकल्प खत्म हो गए थे. जांच रिपोर्ट से यह भी पता चलेगा कि क्या पैलेट गन चलाते समय तय नियमों का पालन किया गया था या नहीं.
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रुद्रप्रयाग में भारी बारिश से अलकनंदा- मंदाकिनी जलस्तर वार्निंग स्तर पार, यात्रा रोकी गई

Noida, Uttar Pradesh:रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर वार्निंग लेवल से ऊपर पहुंच चुका है। हालात को देखते हुए शासन के निर्देश पर फिलहाल केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। रुद्रप्रयाग जनपद में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में भारी वर्षा के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार दोनों नदियां वार्निंग लेवल को पार कर चुकी हैं। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। इसी स्थिति को देखते हुए शासन के निर्देशों पर फिलहाल केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही रोका गया है और मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे भेजा जाएगा। प्रशासन की टीमें लगातार फील्ड में तैनात हैं। नदी किनारे बसे गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में लाउडस्पीकर लगी गाड़ियों के माध्यम से लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से नदी, नालों और घाटों से दूर रहने तथा किसी भी स्थिति में जोखिम न उठाने की अपील की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों से केवल प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
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श्रावणी मेला 2026: देवघर में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की तैयारी

Deoghar, Jharkhand:देवघर राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन को लेकर डीसी सौरभ कुमार भुवानिया और एसपी प्रवीण पुस्कर ने बी.एड. कॉलेज परिसर में मेला ड्यूटी में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, अधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की। 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेला को लेकर सभी को सतर्कता, अनुशासन और सेवाभाव के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने कहा कि पहली बगला सावन की सोमवारी पर भारी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुगम जलार्पण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी कर्मियों को अपने कार्यस्थल का पूर्व निरीक्षण करने, ड्रेस कोड का पालन करने और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी। साथ ही AI Chatbot, AI Feedback, फेस रिकग्निशन कैमरा, हेड काउंट मशीन, हीट मैनेजमेंट और अटेंडेंस सिस्टम जैसी नई तकनीकों की जानकारी भी दी।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाहर से आए पुलिस बल और अधिकारियों को स्थानीय व्यवस्था से परिचित होकर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सभी ओपी और यातायात ओपी में डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे, जो अपने-अपने क्षेत्र की सुरक्षा एवं व्यवस्था की निगरानी करेंगे। बाइट : प्रवीण पुष्कर एसपी देवघर बाइट : रवि कुमार SDM देवघर
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रामनगर कंजर कॉलोनी में नकली सोना बेचने वाले आरोपी के अवैध कब्जे पर बुलडोजर

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी रामनगर कंजर कॉलोनी में नकली सोना बेचकर ठगी करने वाले आरोपी के अवैध कब्जे मकान पर चला बुलडोजर बूंदी, 28 जुलाई। बूंदी शहर की रामनगर कंजर कॉलोनी में मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली सोना बेचकर लोगों से ठगी करने के आरोपी के अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से अवैध निर्माण हटाए गए और मौके पर पुलिस बल तैनात रहा.....प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि संबंधित आरोपी असली सोना दिखाकर लोगों का विश्वास जीतता था और बाद में नकली सोना देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के आधार पर उसके अवैध कब्जे की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराधियों के अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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रीवा में सरकारी भूमि पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा में सरकारी जमीन पर प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। जेल रोड स्थित अनाथालय की करीब 4 एकड़ बेशकीमती शासकीय भूमि पर संचालित दो निजी मैरिज गार्डनों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि तहसील न्यायालय के बेदखली आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई, जबकि संचालक ने कार्रवाई को जल्दबाजी बताते हुए समय नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत जेल रोड पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। करीब ₹150 करोड़ मूल्य की बताई जा रही लगभग 4 एकड़ शासकीय भूमि पर बुलडोजर चलाकर दो निजी मैरिज गार्डनों के निर्माण को जमींदोज़ कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया कि यह भूमि अनाथालय की शासकीय भूमि है, जिस पर पूर्व में नगर निगम की अनुमति से दो निजी मैरिज गार्डन संचालित किए जा रहे थे। हालांकि बाद में उनकी अनुमति समाप्त कर दी गई थी। तहसील न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। एसडीएम के अनुसार पिछले पांच माह से इस मामले में प्रक्रिया चल रही थी और संबंधित पक्ष को पहले ही सूचना दी जा चुकी थी। वहीं मैरिज गार्डन संचालक ज्ञानचंद्र निगम ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अनाथालय से जमीन किराए पर ली थी और वर्ष 2030 तक लीज होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें केवल एक दिन पहले नोटिस दिया गया और अपना पक्ष रखने या वैकल्पिक व्यवस्था करने का पर्याप्त समय नहीं मिला। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश और नियमानुसार की गई है, जबकि संचालक इसे अनुचित बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं।
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