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Ravikant SahuRavikant SahuFollow11 Jul 2024, 01:08 pm
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इटियाथोक उपडाकघर से बैग में रखी 50 हजार का नगदी भी बरामद किया है

Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। उपडाकघर से गुरुवार दोपहर को डाक विभाग के एक अभिकर्ता का बैग में रखा पचास हजार रुपया चोरी हो गया। चोरी की वारदात के बाद उप डाकघर कार्यालय में घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।सूचना पर पहुंची डायल 112 व कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में तहरीर दी है। *घटना का विवरण* इटियाथोक थाना क्षेत्र के अयाह गांव निवासी संत प्यारे तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह गुरुवार सुबह करीब दस बजे इटियाथोक उपडाकघर के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अपने बैग में पचास हजार रुपये डाकखाने में जमा करने के लिए रखे थे। *चोरी की प्रक्रिया* आरोप है, कि वह अपना बैग टेबल पर रखकर सामने काउंटर पर चले गए।थोडी ही देर बाद लौटने पर बैग में रखा सारा रुपया गायब मिला। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। *सीसीटीवी फुटेज और पुलिस कार्रवाई* इटियाथोक उप डाकघर में उप पोस्टमास्टर पद पर कार्यरत कमलेश कुमारी वर्मा ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से कई बार सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए अवगत कराया जा चुका है । मौके पर मौजूद कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा न होने से लोगों के बीच चोर उचक्कों का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि यहां किसी गार्ड की भी तैनाती नहीं है। इस घटना के बाद से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।
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सरयू घाट पर सरकारी गाड़ी स्टार्ट न हुई, धक्का वायरल

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा के कर्नलगंज स्थित सरयू कटरा घाट पर इन दोनों कजरी तीज मेले को लेकर के तैयारियां जोरों से की जा रही है। इन्हीं तैयारियां का जायजा लेने के लिए आज गुरुवार दोपहर 12:00 बजे के करीब करनैलगंज तहसील में तैनात नायब तहसीलदार बलराम और विकास दोनों अपनी सरकारी टाटा सूमो गाड़ी से सरयू घाट पहुंचे हुए थे। जहां वह सरयू घाट पर हो रही तैयारी का निरीक्षण कर जब जाने लगे ड्राइवर ने गाड़ी को स्टार्ट किया। तो पता चला की गाड़ी स्टार्ट ही नहीं हो रही है इसके बाद सरयू कटरा घाट पर तैयारी में लेकर लोगों द्वारा पहले टाटा सूमो सरकारी गाड़ी को आगे से धक्का देकर के पीछे स्टार्ट करने का प्रयास किया गया। फिर जब स्टार्ट नहीं हुई तो सरकारी गाड़ी को उन्हीं लोगों द्वारा पीछे से आगे धक्का देकर स्टार्ट करने का प्रयास किया गया लेकिन मेहनत करने के बावजूद नायब तहसीलदार की सरकारी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई। सरयू कटरा घाट करनैलगंज पर मौजूद लोगों ने नायब तहसीलदार करनैनलगंज की सरकारी गाड़ी में धक्का लगाते हुए लोगों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
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उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष के दौरे के साथ धामी ने सरकार बनाने का आह्वान किया

Dehradun, Uttarakhand:एंकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दो दिवसीय दौरे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत की। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि उत्तराखंड वीर भूमि है सैन्य भूमि है इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सैनिकों के साथ भी संवाद कार्यक्रम किया है । जिसमें केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से लेकर राज्य सरकार सैनिकों के क्षेत्र में जो कार्य कर रही है इसकी विस्तृत जानकारी उन्होंने दी है। एक परिवार की तरह सेना के रिटायर्ड अफसर और जवानों ने भाजपा अध्यक्ष के साथ बातचीत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा युवाओं से संवाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बातचीत की है युवाओं ने भी शिक्षा से लेकर रोजगार तक जो परेशानियां होती हैं जो सुझाव हैं उन पर खुलकर बात की है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा है कि देवभूमि की जनता भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी और तीसरी बार राज्य में भाजपा सरकार आएगी। टिक टैक पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड
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ललितपुर: पेंशन रिश्वत केस में BSA अधिकारी गिरफ्तार, कार्यालय में हड़कंप

ASAMIT SONIJust now
Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एंटी करप्शन झांसी टीम ने BSA कार्यालय में छापा मारकर पेंशन बाबू राजेश कुशवाहा को एक रिटायर्ड शिक्षक से 5 हजार रूपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन टीम की छापेमारी के चलते BSA कार्यालय में हड़कंप मच गया, आनन फानन में पूरा BSA कार्यालय खाली हो गया। छापेमारी से घबराकर अन्य सभी बाबू और कर्मचारी अपने अपने चैंबरों से भाग खड़े हुये। पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक 82 वर्षीय मदनमोहन नामदेव का आरोप है कि उनके पेंशन का एरियल बढ़ने पर उसके बदले में 5 हजार रूपये की मांग की जा रही थी, जिसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की गई थी, जिस शिकायत पर एंटी करप्शन टीम झांसी द्वारा छापामर कार्यवाही की गई थी।
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JDU ने फरक्का संधि पर तीखा हमला, 2026 के बाद बिहार पानी पर कड़ा सवाल

Patna, Bihar:जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने केंद्र सरकार और NDA को दी चेतावनी सत्ता रहे या जाए इस बार कोई समझौता नहीं फरक्का जल संधि को लेकर संजय झा ने कहा कोई समझौता नहीं होगी इस बार सत्ता रहे या जाए। बिहार में फरक्का जल संधि को लेकर JDU लगातार जन जागरूकता अभियान चला रही है। JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नेतृत्व में ‘नीतीश संवाद’ के जरिए गंगा किनारे बसे जिलों में लोगों के बीच जाकर इस मुद्दे को रखा जा रहा है। JDU का दावा है कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सिविल सोसायटी और आम लोगों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 1996 में हुई भारत-बांग्लादेश जल संधि से बिहार के हितों को नुकसान पहुंचा और प्रदेश पिछले कई दशकों से इसका खामियाजा भुगत रहा है। JDU का स्पष्ट कहना है कि 12 दिसंबर 2026 को संधि की अवधि समाप्त होने के बाद इसका मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। अगर संधि का नवीनीकरण होता भी है, तो बिहार के हिस्से के पानी को स्पष्ट रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संजय झा ने यह भी कहा है कि बिहार के हितों के सवाल पर सत्ता में रहना या सत्ता से बाहर होना प्राथमिकता नहीं है। बिहार के लोगों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। JDU का आरोप है कि पूर्व में सत्ता में रहने वाले लोगों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बिहार के हितों की अनदेखी की, जिसका नुकसान राज्य को लंबे समय से उठाना पड़ रहा है। फरक्का जल संधि को लेकर JDU की यात्रा गंगा किनारे बसे जिलों में जारी है, जहां पार्टी लोगों को संधि के प्रावधानों और बिहार पर इसके कथित प्रभावों की जानकारी दे रही है।
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कान्हा उपवन गौशाला में गोवंशों की मौत का मामला, हिंदू संगठनों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति के तत्वावधान में हिंदू संगठनों और गौसेवकों ने कान्हा उपवन गौशाला में गोवंशों पर कथित अत्याचार और उनकी मौत के मामले को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौसेवकों ने कहा कि कान्हा उपवन गौशाला में गोवंशों की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि मामले में वास्तविक दोषियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए हैं। संगठनों ने मांग की कि जांच कर वास्तविक दोषियों के नाम भी एफआईआर में बढ़ाए जाएं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गौसेवकों ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो भूख हड़ताल और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और अधिकारियों की सीबीआई जांच कराने की मांग की। संगठनों ने कहा कि गोवंशों की सुरक्षा और गौशाला की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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AIMIM का बड़ा बयान: सहारनपुर मस्जिद डिमोलिशन पर कड़े सवाल

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद प्रकरण को लेकर AIMIM के नेताओं और अधिवक्ताओं का एक डेलिगेशन सहारनपुर पहुंचा। डेलिगेशन ने कमिश्नर से मुलाकात कर मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कई सवाल उठाए। AIMIM के प्रवक्ता और अधिवक्ता शादाब चौहान ने मस्जिद पर हुई कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और यह कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है। शादाब चौहान ने कहा कि आज ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का एक डेलिगेशन सहारनपुर आया है उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सहारनपुर की मस्जिद का डिमोलिशन किया गया, वह पूरी तरीके से दुर्भावना में की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।शादाब चौहान ने कहा कि जो आदेश था, उसमें कहीं भी डिमोलिशन का जिक्र नहीं था। दूसरी बात, जो समय दिया जाना चाहिए था, जो मिनिमम 15 से 90 दिन तक की प्रक्रिया का जिक्र है, वह नहीं किया गया। उनके मुताबिक यह पूरी तरह से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत यानी Principles of Natural Justice का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इसमें कानून के आखिरी उपाय यानी Last Remedy of Law तक जाने का अवसर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई इतिहास नहीं है कि जिला अदालत में किसी व्यक्ति को सजा-ए-मौत दी गई हो और वह तुरंत अमल में आ गई हो। आज तक ऐसा कोई इतिहास नहीं है। उनके मुताबिक यह भी प्रक्रिया का उल्लंघन है। शादाब चौहान ने Places of Worship Act, 1991 का भी हवाला दिया और कहा कि इस कानून के प्रावधानों को भी देखा जाना चाहिए। वर्ष 1960 में यूनियन द्वारा मस्जिद के साथ लीज की गई थी। उन्होंने सवाल किया कि जब लीज की गई तो मालिक से ही की गई होगी, फिर मालिकाना हक का सवाल कैसे खड़ा हो रहा है? शादाब चौहान ने कहा कि करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को गिराने की आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों थी? उनके मुताबिक यह कार्रवाई दुर्भावना में की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए कानून का दुरुपयोग करना चाहती है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार का हवाला देते हुए कहा कि कानून कितना भी अच्छा बना लिया जाए, अगर उसको लागू करवाने वाले लोग अच्छे नहीं होंगे तो अंत में उसका परिणाम भी खराब ही होगा।उन्होंने पुराने राजस्व रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि 1329 फसली में जब यह दर्ज है और जिनके नाम पर दर्ज है, तो सरकार कैसे इसे अपने अधीन कर सकती है?उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस जमीन को अधिग्रहित करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। सरकार के अधीन लेने का कोई प्रमाण नहीं है और सरकार द्वारा कोई भुगतान किए जाने का भी कोई प्रमाण नहीं है।आरोप लगाया कि यह सिर्फ और सिर्फ एक प्री-प्लाण्ड स्ट्रैटेजी के जरिए उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को टारगेट करने की कोशिश है और सरकार इसे अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पास विधायक नहीं है, सांसद नहीं है, लेकिन हम लोग कानून के आखिरी रास्ते तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि ओवैसी के आदेशानुसार और शौकत साहब के निर्देश पर हम यह लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने बाबरी मस्जिद के मुकदमे का उदाहरण देते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद की लड़ाई के समय भी आखिरी कानूनी रास्ते तक जाने की बात थी और उसी तरह इस मामले में भी आखिरी कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।शादाब चौहान ने कहा कि आपने सांसद और विधायक की बात की, लेकिन यहां सांसद भी हैं और दो विधायक भी हैं। इसके बावजूद मैं कह रहा हूँ कि यह उनकी नाकामी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों ने वीडियो बनाकर कहा कि नहीं-नहीं, यह अफवाह है और इस तरह आमजन को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया। उन्होंने सवाल किया कि जिस सांसद की आप बात कर रहे हैं, उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक शब्द भी कहा कि मस्जिद को गिराया जाना गलत है? उन्होंने कहा कि ऐसा एक शब्द भी नहीं बोला गया। कुएं को लेकर हिंदू संगठनों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर शादाब चौहान ने कहा कि पहली बात यह है कि जो पुराना स्ट्रक्चर है, वहां कुआं होना सामान्य बात है।उन्होंने कहा कि अगर कुआं है और कोई व्यक्ति उसका दावा भी कर रहा है, और दो मिनट के लिए उसके झूठे दावे को सही भी मान लिया जाए, तो क्या इससे वहां बना पूरा स्ट्रक्चर वैध हो जाएगा उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा है तो पूरा कलेक्ट्रेट परिसर इस तरह से अवैध है। यहां पर दूसरा भी एक धर्मस्थल है। तो क्या थानों में बने दूसरे धर्मस्थल भी वैध हैं या अवैध हैं? उन्होंने सरकार से कहा कि एक सूची बनाकर सरकार बताए कि कौन सा धर्मस्थल वैध है और कौन सा अवैध है।उन्होंने कहा कि आप मुरादाबाद में भी वही कर रहे हैं और मेरठ में भी वही कर रहे हैं। उनके मुताबिक यह मस्जिदों के प्रति नफरत को दिखाता है। शादाब चौहान ने कहा कि जो भी कानून का आखिरी रास्ता यानी Last Remedy of Law है, हमारे अधिवक्ता इस मामले को पूरी तरह ब्रीफ करेंगे और हम वह कानूनी रास्ता अपनाने वाले हैं。
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