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Ranchi834002

सिविल कोर्ट को बम धमकी: बम निरोधक दस्ता का खोज अभियान जारी

KJKamran Jalili
Feb 07, 2026 12:19:53
Ranchi, Jharkhand
सिविल कोर्ट के मेल आईडी पर मेल कर धमकी मामले में दूसरे दिन शनिवार को भी सिविल कोर्ट में बम निरोधक दस्ता द्वारा सर्च अभियान चलाया गया। सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है । इसे गंभीरता से लेते हुए सिविल कोर्ट परिसर की बम निरोधक दस्ते के द्वारा जांच पड़ताल कराई जा रही है।
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PKPrashant Kumar
Feb 07, 2026 13:45:25
Munger, Bihar:पोलो मैदान में जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान हंगामा, बाहरी खिलाड़ी को लेकर विवाद। मुंगेर मुख्यालय स्थित पोलो मैदान में उस समय अफरातफरी मच गई जब जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान बाहरी खिलाड़ी को शामिल करने को लेकर दो पक्षों के बीच तीखा विवाद हो गया। पोलो ग्राउंड में बच्चे फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे थे और कुछ खिलाड़ी अभ्यास एवं खेल गतिविधियों में जुटे थे, तभी अचानक हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मैदान में जमा हो गए, जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। आयोजक अरविंद कुमार ने बताया कि यह चैंपियनशिप विशेष रूप से मुंगेर जिले के खिलाड़ियों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें 12 वर्ष से लेकर ओपन कैटेगरी (महिला एवं पुरुष) तक के प्रतिभागी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंगेर फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर के संचालक रामेश्वर झा द्वारा लखीसराय जिले के एक खिलाड़ी को प्रतियोगिता में शामिल कराने का प्रयास किया गया। नियमों के तहत बाहरी खिलाड़ी का पंजीकरण मान्य नहीं होने पर उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर शुल्क वापस कर दिया गया। आयोजक के अनुसार, पंजीकरण रद्द होने के बाद संबंधित खिलाड़ी ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर अभद्र टिप्पणी करते हुए उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखीं। इसी सिलसिले में बात करने जाने पर रामेश्वर झा और उनके साथियों द्वारा उनसे धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई। मैदान में मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने भी आयोजक के साथ हुई धक्का-मुक्की की पुष्टि की है। अरविंद कुमार ने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराने और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपने की बात कही है। वहीं, दूसरी ओर, कोच रामेश्वर झा ने आयोजक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, वे पिछले चार वर्षों से मुंगेर फिजिकल ट्रेनिंग सेंтер में बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और अब तक 450 से अधिक बच्चों का विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयन हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि, अरविंद कुमार लगातार उनके बैच को बदनाम करने और जलील करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि, यह चौथी बार है जब आयोजक द्वारा इस तरह की रंगबाजी और धक्का-मुक्की की गई है। रामेश्वर झा ने यह भी आरोप लगाया कि, उनके बैच के खिलाड़ी अमरजीत, जो प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आया था, उसके साथ आयोजक ने गलत टिप्पणी की और मैदान में आकर कॉलर पकड़कर मारपीट की। विरोध करने पर उनसे भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि, जब ट्रेनिंग सेंटर की लड़कियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो उनके साथ भी गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया। कोच रामेश्वर झा ने बताया कि, उन्होंने तीन महीने पूर्व ही आयोजक के खिलाफ व्यवहार न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी और अब इस पूरे मामले में औपचारिक शिकायत भी दी जा रही है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए 112 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया है.
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RSRahul shukla
Feb 07, 2026 13:37:11
Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी में मुसलमानों ने फूंका पाकिस्तान का पुतला,जमकर की नारेबाजी एक दिन पहले पाकिस्तान में हुए बम धमाके से मुसलमानों में आक्रोश पाकिस्तान की इस्लामाबाद में शुक्रवार को हुए शिया समुदाय के मस्जिद में आत्माघाती धमाके के बाद हिंदुस्तान के मुसलमानों में भी जबरदस्त आक्रोश है।आज मुसाफिरखाना कस्बे के तहसील गेट के पास मुसलमानों ने पाकिस्तान का पुतला फूंकते हुए जमकर नारेबाजी की दरसअल शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शिया समुदाय की मस्जिद में आत्मघाती बम धमाका हुआ था जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई थी और डेढ़ सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे।जिस समय हमला हुआ उस समय नमाज का समय था और बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद थे। पाकिस्तान में लगातार हो रहे बम धमाके को लेकर हिंदुस्तान के मुसलमानों में भी जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला।आज मुसाफिरखाना के समाज सेवी इकबाल हैदर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान का पुतला फूकते हुए जमकर नारेबाजी की। इकबाल हैदर ने कहा कि पाकिस्तान में कभी हिंदू कभी पंजाबी कभी ईसाई पर हमले हो रहे हैं लेकिन हिंदुस्तान के नेता भी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है हिंदुस्तान के जो भी मुस्लिम नेता है वह इस मामले पर कुछ भी नहीं बोलते हैं।
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RKRupesh Kumar
Feb 07, 2026 13:36:35
Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक पथराव, आंसू गैस के गोले और भागते दौड़ते पुलिसकर्मी नजर आए. मौके पर मौजूद लोग कुछ पल के लिए सहम गए कि आखिर ये सब हो क्या रहा है लेकिन ये कोई दंगा नहीं, बल्कि बैतूल पुलिस की बलवा ड्रिल थी. जिले में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा, बलवा और भीड़ नियंत्रण की चुनौती से निपटने के लिए पुलिस ने आज फुल-स्केल रीहर्सल की. बैतूल पुलिस ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा अभ्यास किया. पुलिस परेड ग्राउंड में बलवा ड्रिल के दौरान दंगे जैसी स्थिति को हूबहू तैयार किया गया. ड्रिल में पुलिस पर पथराव की स्थिति बनाई गई, जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रणनीतिक तरीके से भीड़ को तितर-बितर किया. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य था कि भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति, न्यूनतम बल का प्रयोग सांप्रदायिक हिंसा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई ड्रिल के दौरान पुलिस बल ने अनुशासन, तालमेल और प्रोफेशनल ट्रेनिंग का प्रदर्शन किया. एसपी और एडिशनल एसपी मौके पर मौजूद रहे और जवानों को बलवा नियंत्रण से जुड़े अहम टिप्स भी दिए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ड्रिल से जवान वास्तविक हालात में बेहतर और तेज़ फैसले ले सकेंगे, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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MKManoj Kumar Chaturvedi
Feb 07, 2026 13:36:12
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NTNagendra Tripathi
Feb 07, 2026 13:35:56
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में सेंवई से भौवापार मार्ग पर अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर चला कर सड़क किनारे अतिक्रमण हटाया गया। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीम ने नोटिस के बावजूद अतिक्रमण को हटाने के निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद शनिवार को जेसीबी मशीन से चिन्हित अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए गए। मुंजेश्वर नाथ मंदिर से भौवापार ग्राम तक सड़क चौड़ीकरण के लिए कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इससे सड़क निर्माण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अतिक्रमण हटने से आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। अधिकारी भी कह रहे हैं कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाइयों से कार्य पूरा कराया जाएगा और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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JPJai Pal
Feb 07, 2026 13:35:43
Haldwani, Uttar Pradesh:धर्म की नगरी काशी में वैसे तो हर कंकड़ में शंकर हैं, लेकिन यहाँ एक ऐसा रहस्यमय कुआँ भी है जहाँ विज्ञान हार जाता है और शुरू होता है 'काल' का रहस्य। एक ऐसा कुआँ जो परछाईं देखकर बता देता है कि इंसानी जीवन के कितने दिन बचे हैं। VO - 1: मोक्ष की नगरी काशी... यहाँ की गलियों में जीवन का उत्सव है, तो घाटों पर मृत्यु का सत्य। लेकिन इसी काशी के बीचों-बीच स्थित है 'सिद्धेश्वरी पीठ'। यहाँ के आंगन में मौजूद 'चंद्रकूप' कोई साधारण कुआँ नहीं है। कहते हैं, यह कुआँ इंसान की मौत की सटीक तारीख बताता है। VO - 2: मान्यता है कि अगर आप इस कुएं के पानी में झांकें और आपको अपनी परछाईं दिखाई न दे, तो समझ लीजिए कि आपके पास सिर्फ 6 महीने का समय शेष है। सदियों से लोग यहाँ अपनी किस्मत और उम्र का 'टेस्ट' करने आते हैं। यहां आने वाले लोगों की मान्यता है कि यह चंद्रकूप स्वयं चंद्रदेव द्वारा स्थापित है। यहाँ की शक्ति ऐसी है कि व्यक्ति का ओरा अगर क्षीण हो जाए, तो जल में प्रतिबिंब नहीं बनता। शास्त्र कहते हैं कि जिसे यहाँ छाया न दिखे, उसकी मृत्यु 6 मास के भीतर निश्चित है। VO- 3: हैरानी की बात यह है कि दोपहर की तीखी धूप में भी, जब परछाईं सबसे गहरी होनी चाहिए, कई लोगों को इस पानी में अपना अक्स दिखाई नहीं देता। विज्ञान इसे 'ऑप्टिकल इल्यूजन' या 'लाइट रिफ्रैक्शन' कह सकता है, लेकिन काशी के विश्वास में यह 'महाकाल' का संकेत है। (विजुअल्स: श्रद्धालु कुएं के पास प्रार्थना करते हुए और कुंए के जल को पीते हुए) VO 4: इस कुएं का संबंध चंद्रदेव से है। कहा जाता है कि चंद्रदेव ने इसी स्थान पर घोर तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया था और अपने क्षय रोग से मुक्ति पाई थी। इसीलिए, जिन्हें यहाँ अपनी परछाईं नहीं दिखती, वे पास ही स्थित 'चंद्रेश्वर महादेव' की पूजा करते हैं ताकि आने वाले संकट को टाला जा सके।
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SSSHAILENDAR SINGH THAKUR
Feb 07, 2026 13:35:05
Masanganj, Chhattisgarh:बिलासपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ शनिवार को आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET के दौरान रेलवे क्षेत्र स्थित एक परीक्षा केंद्र में जमकर हंगामा हुआ। परीक्षार्थियों का आरोप है कि उन्हें बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के ही परीक्षा हॉल में प्रवेश दे दिया गया और परीक्षा भी संपन्न करा ली गई। एडमिट कार्ड में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होने के बावजूद इस प्रक्रिया को क्यों छोड़ा गया, इसे लेकर छात्र बेहद डरे हुए हैं। परीक्षा समाप्त होते ही आक्रोशित अभ्यर्थियों ने केंद्राध्यक्ष को घेर लिया और डिजिटल रिकॉर्ड न होने की स्थिति में भविष्य खराब होने की आशंका जताई है। बिलासपुर के विभिन्न केंद्रों पर शनिवार को सीटेट परीक्षा का आयोजन किया गया था, जहाँ नियमों के मुताबिक प्रत्येक छात्र का थंब इम्प्रेशन लेना अनिवार्य था। अन्य सभी केंद्रों पर यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चली, लेकिन रेलवे परिसर स्थित इस स्कूल में बड़ी लापरवाही देखने को मिली। परीक्षा हॉल में प्रवेश से लेकर पेपर खत्म होने तक किसी भी छात्र का बायोमेट्रिक मिलान नहीं किया गया। जैसे ही छात्रों को पता चला कि अन्य केंद्रों पर डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य रूप से ली गई है, उनका गुस्सा फूट पड़ा। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सीबीएसई द्वारा बायोमेट्रिक डेटा न होने के कारण उन्हें अनुपस्थित करार दिया गया, तो उनकी साल भर की मेहनत और करियर दांव पर लग जाएगा। इसी मांग को लेकर छात्रों ने परिसर में नारेबाजी की और केंद्राध्यक्ष से लिखित स्पष्टीकरण की मांग की है। हिंंगामे की गंभीरता को देखते हुए छात्रों ने केंद्राध्यक्ष के समक्ष अपनी मांगें रखीं और स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें लिखित में यह आश्वासन नहीं मिलता कि परीक्षा मान्य होगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। अभ्यर्थियों के मन में यह डर बैठ गया है कि डिजिटल रिकॉर्ड न होने की स्थिति में उनकी पात्रता अमान्य की जा सकती है। छात्रों ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र की तकनीकी विफलता का खामियाजा वे क्यों भुगतें? हालांकि, केंद्राध्यक्ष द्वारा तकनीकी खराबी की सफाई दी जा रही है, लेकिन छात्र अपनी सुरक्षा और रिजल्ट की गारंटी को लेकर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि इस प्रशासनिक चूक पर विभाग क्या रुख अपनाता है और परीक्षार्थियों की शंकाओं का समाधान कैसे होता है。
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DRDamodar Raigar
Feb 07, 2026 13:34:44
Jaipur, Rajasthan:दामोदर प्रसाद जयपुर एंकर— थाईलैंड की प्रिंसेस सिरिवन्नावरी नरिरत्ना राजकन्या ने यूनेस्को की विश्व विख्यात आमेर महल का विजिट किया। प्रिंसेंस ने आमेर महल में पारंपरिक राजस्थानी विरासत, स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित हुईं। राजकुमारी ने आमेर किले के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों दीवान-ए-आम, शीश महल और केशर क्यारी का अवलोकन किया। शीश महल की जटिल काँचकारी, दीवान-ए-आम की ऐतिहासिक गरिमा और केशर क्यारी की योजनाबद्ध बागवानी व्यवस्था की उन्होंने विशेष सराहना कीं। विजिट के दौरान उन्हें आमेर महल के पर्यटक गाइड महेश कुमार शर्मा ने महल के इतिहास, कछवाहा राजवंश की परंपराओं और किले की स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी दी। वीओ 1— थाईलैंड की प्रिंससेन ने आमेर महल में प्राचीन काल से चली आ रही जल संरक्षण और वर्षा जल संचय की परंपाओं को आज के समय के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक भारतीय जल प्रबंधन प्रणालियां पूरी दुनिया के लिए सीख हैं और आधुनिक समय में इनसे प्रेरणा लेकर जल संकट का समाधान निकाला जा सकता है। हरियाली से आच्छादित पहाड़ियां, अरावली की गोद में बसा आमेर किला और इसकी शिल्पकला ने राजकुमारी को विशेष रूप से आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से आमेर महल अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है। आमेर जैसे ऐतिहासिक स्थल भारत–थाईलैंड के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वीओ 2— आमेर महल प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरे समय अलर्ट मोड पर रही। महल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, वही प्रवेश मार्गों पर विशेष निगरानी रखी गई और प्रत्येक गतिविधि पर नजर बनाए रखी गई। इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करते नजर आए। प्रिंसेंस का यह दौरा न केवल आमेर महल के लिए बल्कि राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है; इस अंतरराष्ट्रीय दौरे से प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान मिलते हुए पर्यटन, संस्कृति और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। पर्यटन के कारण— थाईलैंड प्रिंसेस ने करीब दो घंटे आमेर महल का विजिट किया, तब तक हजारों देशी-विदेशी पर्यटक जलेब चौक में परेशान होते दिखाई दिए। थाईलैंड प्रिंससेन के आमेर फोर्ट विजिट के दौरान पर्यटकों की टिकिट विंडों को भी दो घंटे बंद किया गया। ऐसे में परेशान देशी-विदेशी पर्यटकों ने राज्य सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए। पर्यटकों ने कहा कि बिना सूचना के महल में विजिट रोकना से दो घंटे तक परेशान होते रहे, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग पर्यटक सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दिए। वहीं पर्यटकों के साथ आए गाइडों ने कहा कि इस साल 50 प्रतिशत विदेशी पर्यटकों की संख्या कम देखी जा रही है, तो वहीं बिना सूचना व मनमाने रूप से महल प्रवेश रोकना प्रदेश की सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। विदेशी पर्यटकों ने इस पर बहुत नाराजगी जताई, क्योंकि दो घंटे तक परेशान होना व अन्य स्मारकों के विजिट से वंचित होना प्रश्न उठाते हैं।
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