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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow20 Jul 2024, 02:43 pm
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नाम वापसी खत्म, अजमेर नगर निगम चुनाव में असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने पार्टी का समर्थन किया

Ajmer, Rajasthan:एंकर - नगर निकाय चुनाव के चलते आज नाम वापसी के आखिरी दिन जिला निर्वाचन कार्यालय अजमेर पर मेले का जैसा नजारा बन गया... प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने असंतुष्ट खेमे को राजी करने का पूरा प्रयास किया तो कई नामांकन वापस भी करवाए गए.. कांग्रेस और भाजपा ने दावा किया की बड़ी संख्या में उनके असंतुष्ट कार्यकर्ता जिन्होंने नामांकन दाखिल किया उन्होंने पार्टी के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया है... सुबह से ही नाम वापसी का सिलसिला शुरू जो दोपहर 3 बजे तक संपन्न हो गया.. इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और जिन केदो पर नामांकन लिया गया था वहीं से नाम वापसी की प्रक्रिया भी अपनाई गई... जहां पुलिस जाब्ता तैनात किया गया... भाजपा शहर जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने दावा किया कि भाजपा फिर से निगम में बोर्ड बनाने जारही हे तो वही कांग्रेस ने भी इस बार निगम में कांग्रेस सरकार का नारा बुलंद किया... बाइट - रमेश सोनी,शहर जिला अध्यक्ष भाजपा बाइट - विक्रम सिंह, प्रवक्ता भाजपा बाइट - सुरेंद्र सिंह शेखावत,पूर्व सभापति
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मुकेश शर्मा की मेडिकल डिपार्टमेंट से विदाई; विभागी आदेश लागू

Jaipur, Rajasthan:कहानी एक पॉवरफुल इंजिनियर की आखिरकार हुआ चिकित्सा विभाग से विदा कई मंत्रियों और विभागों को धता बताकर गैर कानूनी डेपुटेशन पर बने हुए मुकेश शर्मा की आख़िरकार चिकित्सा विभाग से हुई विदाई जल संसाधन विभाग ने आज एक आदेश जारी कर मुकेश शर्मा की डेपुटेशन को तत्काल प्रभाव से किया खत्म मुकेश शर्मा है SE (सुप्रीडेंट इंजीनियर) लेकिन मेडिकल विभाग में डेपुटेशन पर चीफ इंजिनियर बने थे बैठे सूत्रों के मुताबिक एक IAS अफसर की सरपरस्ती के चलते मुकेश शर्मा सरकारी डेपुटेशन अवधि के पूरा होने के बावजूद पूरे रौब के साथ मेडिकल डिपार्टमेंट में थे बने हुए पहले चिकित्सा मंत्री फिर जल संसाधन मंत्री और आखिरकर सीएमओ के दखल के बाद अब जाकर मुकेश शर्मा को उनके मूल विभाग जल संसाधन में भेजा गया लेकिन अब देखना होगा दिलचस्प कि मुकेश शर्मा की मेडिकल डिपार्टमेंट से होगी पूरी तरह विदाई या फिर से प्रभावशाली अफसर अड़ायेंगे कोई अड़ंगा या फिर होगी मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेशों की पालना या मुकेश शर्मा फिर से दिखाएंगे अपना प्रभाव
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परबतसर पुलिस का फ्लैग मार्च, निष्पक्ष मतदान और सुरक्षा की अपील

Didwana, Rajasthan:एंकर- निकाय चुनाव को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के उद्देश्य से परबतसर पुलिस ने एडिशनल एसपी भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने आमजन को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करने का संदेश दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने या किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। इस दौरान डिप्टी विक्की नागपाल , परबतसर थानाधिकारी सुमन बुंदेला, बडू थाना अधिकारी जगदीश मीणा, पीलावा थानाधिकारी अजय सिंह सहित 5 थानो का ज्व्ता रहा साथ।
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जयपुर के 19 निकायों में नामांकन वापसी के बाद चुनावी तस्वीर साफ, 2644 उम्मीदवार मैदान में

Jaipur, Rajasthan:जयपुर जिले की 19 निकायों में नामांकन वापसी के साथ अब सियासी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है... 19 निकायों में 2 हजार 644 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जबकि नाम वापसी के आखिरी दिन तक 714 प्रत्याशियों ने मैदान छोड़ दिया... भाजपा और कांग्रेस ने बागियों को मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कई जगह बागी और निर्दलीय अब भी मुकाबले में डटे हैं...सबसे बड़ा सियासी रण जयपुर नगर निगम में है... 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी फाइनल मुकाबले में हैं... इनमें 17 वार्डों में सीधी आमने-सामने की टक्कर, तो 35 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला है... वहीं वार्ड 62 में सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी मैदान में हैं... यानी कहीं मुकाबला दो ध्रुवों में सिमटा है, तो कहीं प्रत्याशी की भीड़ ने वोट बंटवारे का पूरा गणित खड़ा कर दिया है... जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों का फाइनल कंटेस्ट का डेटा प्रत्याशियों की संख्या वार्डों की संख्या मुकाबले की तस्वीर 2 प्रत्याशी 17 वार्ड सीधा आमने-सामने 3 प्रत्याशी 35 वार्ड त्रिकोणीय मुकाबला 4 प्रत्याशी 25 वार्ड चतुष्कोणीय मुकाबला 5 प्रत्याशी 22 वार्ड बहुकोणीय मुकाबला 6 से 13 प्रत्याशी 51 वार्ड सबसे ज्यादा वोट बंटने की संभावना कुल 150 वार्ड 723 प्रत्याशी जयपुर नगर निगम के 17 वार्डों में सीधी टक्कर, तीसरे कोण की गुंजाइश नहीं। नगर निगम के 17 वार्डों में सिर्फ दो-दो प्रत्याशी फाइनल मुकाबले में हैं। यहां चुनाव पूरी तरह आमने-सामने का हो गया है। वार्ड 41, 42, 45, 49, 52, 53, 60, 83, 90, 91, 94, 122, 123, 129, 131, 142 और 150 नंबर वार्ड.....इन सीटों पर यदि मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच है तो दोनों दलों के लिए कोर वोट को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। तीसरे उम्मीदवार की गैरमौजूदगी में एक-एक वोट सीधे नतीजे को प्रभावित करेगा। नगर निगम जयपुर के 35 वार्डों में त्रिकोणीय लड़ाई। 35 वार्डों में तीन-तीन प्रत्याशी फाइनल मुकाबले में हैं। वार्ड 5, 6, 8, 10, 21, 26, 30, 38, 39, 44, 48, 50, 56, 57, 58, 59, 63, 68, 72, 75, 76, 80, 82, 84, 85, 86, 93, 95, 100, 107, 111, 124, 125, 128 और 139 नंबर वार्ड....इन वार्डों में सबसे अहम राजनीतिक सवाल होगा कि तीसरा उम्मीदवार किसके वोट काटता है। यदि तीसरा उम्मीदवार भाजपा या कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाता है तो वह सीधे चुनाव का परिणाम प्रभावित कर सकता है। जयपुर जिले की 18 अन्य निकायों में नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की अंतिम संख्या तय हो चुकी है। जयपुर नगर निगम को छोडकर 18 निकायों में 2 हजार 363 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं....चौमूं में 119, शाहपुरा में 247, बगरू में 119, बस्सी में 164, चाकसू में 136, दूदू में 99, जमवारामगढ में 96, जोबनेर में 80, कालाडेरा में 65, कानोता में 66, खेजरोली में 88, किशनगढ-रेनवाल में 100, मनोहरपुर में 120, नरायणा में 88, फागी में 85, फुलेरा में 77, सांबर में 88, वाटिका में 84 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं... इसका सीधा राजनीतिक मतलब यह है कि टिकट वितरण के बाद जो नाराजगी थी, उसका एक हिस्सा नाम वापसी के साथ खत्म हुआ, लेकिन पूरी तरह नहीं। अब जिन निकायों में निर्दलीय और बागी बड़ी संख्या में मैदान में रह गए हैं, वहां भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए मुकाबला ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा। नामांकन वापसी के अंतिम दिन तक जयपुर जिले में 714 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया। यह आंकड़ा बताता है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों का डैमेज कंट्रोल अभियान काफी सक्रिय रहा। टिकट नहीं मिलने के बाद कई दावेदारों ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था। पार्टियों ने उन्हें मनाने के लिए संगठन के नेताओं से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक को लगाया। कहीं भविष्य में राजनीतिक एडजस्टमेंट का भरोसा दिया गया तो कहीं पार्टी हित में मैदान छोड़ने की अपील की गई। लेकिन जो प्रत्याशी अब भी मैदान में हैं, वे कई जगह वोट कटवा से लेकर सीधी चुनौती तक बन सकते हैं, बहरहाल, नाम वापसी तक पार्टियों की पहली परीक्षा टिकट और बागियों को लेकर थी। अब दूसरी और ज्यादा अहम परीक्षा वोट को बूथ तक पहुंचाने की है। भाजपा और कांग्रेस के सामने बागियों से होने वाले वोट नुकसान को रोकना, अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में संगठन को एकजुट करना, स्थानीय असंतोष को कम करना, बूथ स्तर पर वोट मोबिलाइजेशन और पार्टी के पारंपरिक वोट को मतदान तक पहुंचाना है.......दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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महुआडीह पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से सम्बन्धित एक वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार,

Mahuadih, Uttar Pradesh:महुआडीह(देवरिया)पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर द्वारा अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनन्द कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन व क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के कुशल पर्यवेक्षण में थाना महुआडीह पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मुकदमा अन्तर्गत धारा 65(1), 351(3),137(2) बीएनएस व 3/4 पॉक्सो एक्ट से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त जिसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। दिनांक 02.09.2026 को लखनऊ एयरपोर्ट के इमिग्रेशन विभाग द्वारा अभियुक्त के एयरपोर्ट पर पहुंचने की सूचना प्राप्त होने पर थाना महुआडीह पुलिस टीम यथाशीघ्र चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट, लखनऊ पहुंची, जहां थाना महुआडीह पुलिस द्वारा इमिग्रेशन विभाग से अभियुक्त को नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया। अभियुक्त के पास से 01 अदद नोकिया कीपैड मोबाइल, पैन कार्ड, निर्वाचन कार्ड, आधार कार्ड की छायाप्रति, एचडीएफसी बैंक रुपे कार्ड, कपड़े एवं अन्य सामान तथा ₹2,130/- नगद ,मस्कट से लखनऊ का टिकट व बोर्डिंग टिकट व पासपोर्ट सहित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 दिग्विजय सिंह का0 सुरज कुशवाहा का0 राम प्रदीप बिन्द का0 नीरज उपाध्याय शामिल रहे
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आगरा के शहीद स्मारक पर 5 सितम्बर बड़ा सवर्ण प्रदर्शन

Agra, Uttar Pradesh:यूजीसी के विरोध में 5 सितंबर को शहीद स्मारक आगरा में होगा बड़ा प्रदर्शन सत्याग्रह के नाम से जुटेंगे शहीद स्मारक पर हजारों लोग कार्यक्रम में स्वर्ण समाज के कई संगठनों ने दिया अपना समर्थन आगरा,फिरोजाबाद, ईटावा,एटा,मैनपुरी, मथुरा सहित कई शहरों से पहुंच रहे सवर्ण समाज के संगठन सवर्ण समाज को धीरे धीरे नहीं एक साथ मार दो गोली/आयोजन सवर्ण समाज के साथ धोखा कर रही सरकार अब अगर आए वोट मांगने तब सवर्ण समाज बताएगा अपनी ताकत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग अगर नहीं मानी गई मांगे तो होगा बहुत बड़ा आंदोलन
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मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका चुनाव: नाम वापसी के बाद 94 प्रत्याशी मैदान में

Pali, Rajasthan:मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका में 14 प्रत्याशियों ने लिए नाम वापस 25 वार्डों में 94 प्रत्याशी चुनाव मैदान में, 9 सितंबर को होगी वोटिंग मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका चुनाव में नामांकन वापसी के बाद 14 प्रत्याशी ने अपने नामांकन वापस लिए, उपखंड निर्वाचन अधिकारी महावीरसिंह जोधा ने बताया कि जांच के बाद 108 नामांकन सही पाए गए थे ऐसे में अब 14 नाम वापस होने के बाद अब 94 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है, इनमें कांग्रेस के 25 बीजेपी के 25 बसपा का 1, आम आदमी पार्टी के दो प्रत्याशी शामिल है, इनके अलावा 41 निर्दलीय चुनाव मैदान में है ।
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12 वर्षीय बच्ची की मौत: परिजनों ने हत्या का आरोप, पोस्टमार्टم पर विवाद

Surajpur, Chhattisgarh:12 वर्षीय बच्ची के मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. सूरजपुर के भटगांव थाना क्षेत्र के करौंधा गांव में कल एक नाबालिग बच्ची का शव फांसी के फंदे पर लटकता पाया गया, जिसकी पहचान बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र स्थित मड़वा गांव निवासी सुमन के रूप में हुई है, जिसे परिजनों ने कामकाज और देखरेख के सिलसिले में करौंधा भेजा था. परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, उनके अनुसार 12 साल की मासूम खुदकुशी नहीं कर सकती, उसके साथ मारपीट कर हत्या की गई है और शव को फंदे पर लटका दिया गया है. परिजनों के अनुसार जब तक मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ दोबारा पोस्टमार्टम नहीं कराया जाता और उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. वहीं दूसरी तरफ पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी मिलने पर मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है और मृतका की हथेली पर पेन से दिल का निशान व कुछ अक्षर बने मिले हैं, जिससे प्रेम-प्रसंग के पहलू समेत सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है. साथ ही पुलिस परिजनों की मांग का सम्मान करते हुए मेडिकल कॉलेज से वीडियोग्राफी के साथ दोबारा पोस्टमार्टम कराने को तैयार है.
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मध्यप्रदेश डकैती कानून: सूचीबद्ध गिरोह नहीं, फिर भी धाराओं का प्रयोग—हाईकोर्ट में चुनौती

Morena, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश में करीब 45 साल पुराने डकैत विरोधी कानून को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह ने इस कानून की संवैधानिक वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी है,जिसमे सवाल है कि जब मध्यप्रदेश में कोई भी सूचीबद्ध डकैत गिरोह सक्रिय नहीं है, तो आखिर आम मामलों में भी इस सख्त कानून का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? वीओ- दरअसल मामला मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम,1981 से जुड़ा है। यह कानून उस दौर में बनाया गया था,जब चंबल समेत प्रदेश के कई इलाकों में डकैत गिरोहों का आतंक बड़ी चुनौती था।डॉ गोविंद सिंह ने अपने वकील और पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव शर्मा के जरिये हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। वीओ- याचिका में तर्क दिया गया है कि जिन परिस्थितियों से निपटने के लिए यह कानून बनाया गया था, वे परिस्थितियां अब पहले जैसी नहीं हैं। इसके बावजूद इस कानून की धाराओं का इस्तेमाल सामान्य आपराधिक मामलों में भी किया जा रहा है।डॉ गोविंद सिंह का दावा है कि मध्यप्रदेश में अब कोई भी सूचीबद्ध डकैत गिरोह सक्रिय नहीं है, उनका आरोप है कि इसके बावजूद धारा 11 और 13 जैसी कड़ी धाराओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।याचिका में इसे समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारो के खिलाफ बताते हुए कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। बाइट-डॉ गोविंद सिंह - पूर्व गृह मंत्री वीओ-इस कानून की सख्ती का अंदाजा इसके जमानत संबंधी प्रावधानों से लगाया जा सकता है।कानून में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है,जबकि नियमित जमानत के लिए भी अतिरिक्त शर्तें लागू होती हैं।इसके अलावा विशेष अदालत, कठोर सजा और अपराध से जुड़ी संपत्ति की कुर्कीजप्ती जैसे प्रावधान भी इस कानून में शामिल हैं।याचिका में वर्ष 2020 के बाद इस कानून के तहत एक हजार से ज्यादा FIR दर्ज होने का दावा किया गया है,इसीलिए हाईकोर्ट से वर्ष 2017 से अब तक दर्ज मामलों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई है।साथ ही लंबित मामलों को समाप्त कर उन्हें सामान्य अदालतों में स्थानांतरित करने की मांग भी याचिका में की गई है। बाइट- राजीव शर्मा- पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता वीओ-इस पूरे मामले में सरकार के कई जवाब भी पहले सामने आए हैं। - 2017 में तत्कालीन गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा था कि सूचीबद्ध गिरोह सक्रिय नहीं हैं, लेकिन असूचीबद्ध और बाहरी गिरोहों का खतरा बना हुआ है - 2022 में तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी सूचीबद्ध गिरोहों के सक्रिय नहीं होने की बात कही, लेकिन कानून हटाना उचित नहीं माना - 2023 में सरकार की ओर से फिर कहा गया कि सूचीबद्ध गिरोह सक्रिय नहीं हैं, लेकिन असूचीबद्ध और दूसरे राज्यों के गिरोहों पर नियंत्रण के लिए यह कानून जरूरी है वीओ- यानी सरकार के जवाबों में एक तरफ सूचीबद्ध डकैत गिरोहों के सक्रिय नहीं होने की बात सामने आती रही, तो दूसरी तरफ कानून को बनाए रखने के पीछे दूसरे गिरोहों का खतरा आधार बताया गया,इस कानून का दायरा भी काफी बड़ा है। सरकारी जवाब के मुताबिक ग्वालियर-चंबल संभाग के छह जिले जिनमे ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर पूरी तरह इसके दायरे में हैं।इसके अलावा रीवा, सतना और पन्ना के कुछ चिन्हित थाना क्षेत्रों में भी यह कानून प्रभावी है。 वीओ- अब हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के जरिए मूल सवाल यही है कि डकैतों के आतंक के दौर में बनाया गया यह कानून आज भी उसी रूप में जरूरी है या नहीं?,याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद तय होगा कि इस कानून की संवैधानिक वैधता और इसके तहत दर्ज मामलों को लेकर आगे क्या दिशा तय होती है। मामले की अगली सुनवाई 08 सितंबर को होगी।
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खड़गपुर में खाद्य विभाग का बड़ा अभियान, प्रसिद्ध होटल-रेस्तरां में छानबीन

EGE GOPI27m ago
Kharagpur, West Bengal:খড়্গপুরে খাদ্য দপ্তরের বিরাট অভিযান, নামি হোটেল-রেস্তোরাঁয় তল্লাশি ঘিরে চাঞ্চল্য খড়্গপুর শহরের নামী হোটেল, রেস্তোরাঁ ও বারগুলিতে বিরাট অভিযান চালাল পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য সরকারের খাদ্য দপ্তর। সম্প্রতি রাজ্যের তরফে হোটেল ও রেস্তোরাঁয় সাধারণ মানুষকে পরিবেশন করা খাবারের গুণমান নিয়ে প্রশ্ন ওঠায়, খাবারের মান যাচাই করতেই এই অভিযান বলে জানা গেছে。 প্রথমে খড়্গপুর শহরের GREENLAND টাওয়ার, এরপর হোটেল কৌশিক, নির্মল বার অ্যান্ড রেস্তোরাঁ এবং শহরের আরও একটি পরিচিত হোটেল-রেস্তোরাঁ প্যারাডাইসে অভিযান চালান খাদ্য দপ্তরের আধিকারিকরা। খড়্গপুরের চৌরঙ্গি এলাকায় নির্মল বার অ্যান্ড রেস্তোরাঁয় পৌঁছে খাবার ও বিভিন্ন খাদ্যসামগ্রী খতিয়ে দেখেন আধিকারিকরা। অভিযোগ, সেখানে বেশ কিছু খাদ্যসামগ্রী의 মান ও সংরক্ষণ ব্যবস্থা নিয়ে প্রশ্ন ওঠে। আধিকারিকরা কয়েকটি সামগ্রী ঘটনাস্থলেই নষ্ট করে দেন বলে জানা গেছে। একইসঙ্গে রেস্তোরাঁ কর্তৃপক্ষকে পরিষ্কার-পরিচ্ছন্নতার পাশাপাশি স্বাস্থ্যসম্মত পরিবেশে তাজা ও নিরাপদ খাবার পরিবেশনের বিষয়ে সতর্ক করা হয়。 এরপর খাদ্য দপ্তরের আধিকারিকরা শহরের আরেক নামী হোটেল-রেস্তোরাঁ প্যারাডাইসে পৌঁছালে পরিস্থিতি উত্তপ্ত হয়ে ওঠে। হোটেল মালিকের সঙ্গে খাদ্য দপ্তরের আধিকারিকদের তুমুল বাগবিতণ্ডা হয় বলে জানা গেছে। ঘটনায় ক্ষुब্ধ হন দপ্তরের আধিকারিকরা। যদিও পরে ওই ব্যবহারের জন্য অনুতপ্ত হওয়ার কথা জানান হোটেল কর্তৃপক্ষ。 প্যারাডাইস হোটেল থেকে বেশ কিছু খাদ্যসামগ্রী의 নমুনা সংগ্রহ করে পরীক্ষার জন্য নিয়ে যান খাদ্য দপ্তরের আধিকারিকরা। ল্যাবরেটরি পরীক্ষার রিপোর্ট হাতে আসার পরই ওই খাবার বা খাদ্যসামগ্রী মানুষের খাওয়ার উপযুক্ত ছিল কি না, কিংবা তাতে কোনও ক্ষতিকর বা অননুমোদিত উপাদান মেশানো হয়েছিল কি না, তা স্পষ্ট হবে। তবে অভিযান শেষে কোন হোটেল বা রেস্তোরাঁর বিরুদ্ধে ঠিক কী ধরনের আইনি পদক্ষেপ নেওয়া হচ্ছে, সে বিষয়ে খাদ্য দপ্তরের পক্ষ থেকে এখনও বিস্তারিত কিছু জানানো হয়নি। খাদ্য দপ্তরের এই আকস্মিক অভিযানে খড়্গপুর শহরের হোটেল, রেস্তোরাঁ ও বার মালিকদের মধ্যে রীতিমতো আতঙ্ক তৈরি হয়েছে। আগামী দিনে আরও জায়গায় এমন অভিযান হতে পারে বলেও জল্পনা তৈরি হয়েছে。
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Lake रेस्टोरेंट में SDO-फूड सेफ्टी छापेमारी: पकोड़ों में फफूंदी, मांस मिला, 5 दिन बंद

Salt Lake City, Utah:SDO and Food Safety Department officials raid multiple restaurants in Salt Lake; fungus found in chicken pakoras; rotten meat found. সল্টলেকের একাধিক রেস্টুরেন্টে SDO ও খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের আধিকারিকদে র হানা, চিকেন পকোড়া থেকে মিলছে ছত্রাক, মিলেছে পঁচা মাংস. সল্টলেকের একাধিক রেস্টুরেন্টে হানা মহকুমা শাসক (SDO) এবং খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের আধিকারিকদের। মূলত মাছ, মাংস বা সবজি কতদিন ধরে মজুত রাখা হচ্ছে এবং খাবারের গুণগত মান কেমন, তা খতিয়ে দেখাই ছিল এই অভিযানের উদ্দেশ্য। অভিযান চলাকালীন বেশ কিছু খাবারের নমুনা সংগ্রহ করে টেস্ট এর জন্য পাঠানো হয়েছে। কিন্তু আধিকারিকদের চক্ষু চরক হয়েছে। তাড়াতাড়ি কাস্টমারদের খাবার পরিবেশন করার জন্য চিকেন পকোড়া জাতীয় একাধিক ফাস্ট ফুট খাবার আগে থেকেই ভেজে মজুদ করে রাখা হয়। যাতে স্বাভাব posibilিতভাবে ফানগস জন্ম নেয়। সেই সমস্ত খতিয়ে দেখছে আধিকারিকেরা। এর পাশাপাশি ফ্রিজ থেকে পাওয়া গিয়েছে পচা মাংস। আধিকারিকরা পাঁচ দিন সেই রেস্টুরেন্টকে বন্ধ রাখার নির্দেশ দিয়েছে।
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भिवंडी महासभा में महिला नगरसेविका Candy Crush खेलते कैमरे में कैद, मचा हंगामा

Thane, Maharashtra:भिवंडी निजामपूर महापालिका के महासभा में धक्कादायक घटना सामने आई है. शहर की गंभीर विषयों पर चर्चा के बीच एक महिला नगरसेविका सचमुच मोबाइल पर Candy Crush खेलते हुए कैमरे में कैद हुई है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. भिवंडी महापालिका के महासभा में प्रॉपर्टी टैक्स और कोहिनूर इमारत दुर्घटना में 10 लोगों की मौत के बाद धोकादायक इमारती प्रश्न पर चर्चा चल रही थी. पीड़ितों को शासन से अधिक मदद कैसे मिले, यह विषय प्रमुख था, परन्तु एक महिला नगरसेविका अपने मोबाइल में व्यस्त थीं. विडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि संबंधित महिला नगरसेविका सभागृह में बैठकर Candy Crush खेल रही है. खास बात यह है कि उसने बुर्का पहन रखा है, इसलिए वह कौन है यह स्पष्ट नहीं हुआ है. लोकप्रतिनिधियों से महासभा में गांभीर्य से चर्चा की उम्मीद थी, लेकिन सभागृह में खेल देख नागरिक आपत्ति कर रहे हैं. कोणार्क विकास आघाडी के नगरसेवक विलास पटेल ने नाराजी व्यक्त की है. महापालिका की महासभा जैसे पवित्र सभागृह में ऐसा होने से भिवंडीकरों में रोष है.
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हावड़ा के बालि‍र के केपी कुमार स्ट्रीट में ED छापेमारी, जांच जारी

Howrah, West Bengal:*বালির কে পি কুমার স্ট্রিটের আবাসনে ইডির অভিযান, চাঞ্চল্য* হাওড়ার বালির কে পি কুমার স্ট্রিটের একটি আবাসনে ইডির ইডির তল্লাশি অভিযান ঘিরে বৃহস্পতিবার চাঞ্চল্য ছড়াল। ইডি আধিকারিকরা সেখানে বিভিন্ন নথি ও সংশ্লিষ্ট বিষয় খতিয়ে দেখেন বলে খবর। জানা গিয়েছে, কেন্দ্রীয় বাহিনীর জওয়ানদের সঙ্গে নিয়ে ইডি আধিকারিকরা বাড়িতে পৌঁছে তল্লাশি শুরু করেন। সূত্রের খবর, ব্যবসা সংক্রান্ত ও ব্যাঙ্ক জালিয়াতি সংক্রান্ত একটি মামলার তদন্তের সূত্র ধরেই এই তল্লাশি বলে প্রাথমিকভাবে জানা গেছে। তবে ঠিক কী কারণে ওই ব্যবসায়ীর বাড়িতে ইডির এই অভিযান সে বিষয়ে তদন্তকারী সংস্থার পক্ষ থেকে বিস্তারিত কিছু জানানো হয়নি。
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