icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
822101
Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow10 Jul 2024, 06:57 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

लातेहार सदर अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन से मरीजों को मिलेगा तात्कालिक इलाज

Latehar, Jharkhand:लातेहार झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आम जनता को समुचित स्वास्थ्य और उनके इलाज को लेकर लातेहार सदर हॉस्पिटल में बड़ी सौगात दी है । जहाँ सरकार के निर्देश के लातेहार डीसी संदीप कुमार , डीडीसी सैयद रियाज अहमद के अथक प्रयास से लातेहार सदर अस्पाल में सिटी स्कैन मशीन की सौगात दी है । जिसका आज विधिवत उद्घाटन राज्य सभा सांसद वैद्यनाथ राम , चतरा सांसद कालीचरण सिंह मनिका विधायक रामचंद्र सिंह दीप जलाकर कर किया है । ज्ञात हो लातेहार सदर हॉस्पिटल में अक्सर सिटी स्कैन मशीन नही होने के कारण मरीजो राँची जाना पड़ता था जिस कारण मरीज इलाज तत्काल सम्भव नही हो पाता था । वही राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम ने कहा कि पहले भी जब मंत्री था लातेहार सदर हॉस्पिटल में मरीजो के इलाज को लेकर कई संसाधन को मजबूती दी गई थी आज लातेहार सदर हॉस्पिटल में सिटी स्कैन मशीन लगाया गया है ताकि मरीजो को कोई असुविधा न हो सके । वही चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने कहा लातेहार जिला वासियो के लिय सुखद क्षण है मरीजो के इलाज के सिटी स्कैन वरदान साबित होगा ।
0
0
Report

चंबल नदी में सूर्य प्रताप सिंह का शव मिला, सर्च ऑपरेशन समाप्त

Ujjain, Madhya Pradesh:ग्राम गावड़ी लोधा में पुलिया पार करते समय तेज बहाव में बहे थे सूर्य प्रताप सिंह, लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद चंबल नदी से मिला शव उज्जैन। बड़नगर तहसील के ग्राम गावड़ी लोधा में उफनते नाले में बह गए सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह (35) का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया है। लगातार कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद होमगार्ड एवं एसडीआरएफ की टीम ने चंबल नदी से उनका शव रिकवर किया। शव मिलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम तेज बारिश के दौरान सूर्य प्रताप सिंह गांव लौटते समय उफनती पुलिया पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव में वह अपनी मोटरसाइकिल सहित नाले में बह गए थे। घटना के बाद पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और ग्रामीणों ने रातभर तथा अगले दिन भी लगातार तलाश अभियान चलाया। इस दौरान उनकी मोटरसाइकիլ घटना स्थल से करीब 50 मीटर दूर बरामद हुई थी, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। आज शनिवार को सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाते हुए होमगार्ड एवं एसडीआरएफ की टीम ने चंबल नदी में मोटर बोट उतारकर तलाश अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद टीम को चंबल नदी में सूर्य प्रताप सिंह का शव मिल गया। इसके बाद शव को बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई की गई और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है。
0
0
Report
Advertisement

ट्रक खाई में गिरा: चालक सुरक्षित बचा, टिमली की सड़क पर बड़ा हादसा

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर के टिमली क्षेत्र में चीड़ की लकड़ियों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। जानकारी के मुताबिक देर रात यह ट्रक विकासनगर से सहारनपुर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान टिमली गांव के एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन पर अपना नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित होकर ट्रक सड़क किनारे लगी सीमेंट की सुरक्षा बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए लगभग 20 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयानक था कि ट्रक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रक मे लदी चीड़ की लकड़ियां चारों ओर बिखर गईं। जिस जगह हादसा हुआ वहां अक्सर वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है। राहत की बात ये रही कि दुर्घटना के समय आसपास कोई राहगीर मौजूद नहीं था। इस भीषण हादसे में सबसे बड़ा चमत्कार और राहत की बात यह रही कि ट्रक चालक सुरक्षित बच गया।
0
0
Report

विजयपुर गांव में 3.87 करोड़ की सड़क निर्माण इसी माह शुरू होने जा रहा है

Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी के गौलापार स्थित विजयपुर गांव के लोगों का वर्षों पुराना सड़क का इंतजार अब खत्म हो रहा है। वन भूमि से जुड़ी बाधाओं के कारण लंबे समय से अटका सड़क निर्माण अब जल्द शुरू होने वाला है। करीब 3 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क का निर्माण कार्य इसी महीने के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। सांसद अजय भट्ट ने भी मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित सड़क का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ये रिपोर्ट देखें। ये तस्वीरें गौलापार के विजयपुर गांव की हैं, जहां के ग्रामीण वर्षों से सड़क की मांग कर रहे थे। वन भूमि की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक फाइलों में अटकी रही। लेकिन अब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। करीब 2 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 3 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार निर्माण कार्य इसी महीने के अंत तक शुरू करने की तैयारी है। सड़क बनने से विजयपुर गांव के लोगों को सालभर बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। सांसद अजय भट्ट विजयपुर गांव पहुंचे और प्रस्तावित सड़क मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि मानसून के दौरान सुखी नदी में उफान आने पर विजयपुर गांव का संपर्क गौलापार और हल्द्वानी से पूरी तरह कट जाता है। ऐसे में इस सड़क के बनने से ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं का बड़ा लाभ मिलेगा। वर्षों के इंतजार और संघर्ष के बाद विजयपुर गांव को अब सड़क की सौगात मिलने की उम्मीद जगी है। अगर तय समय के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होता है तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
0
0
Report
Advertisement

चकाई के रेफरल अस्पताल में एक्स-रे बाधित, ड्यूटी पर सोते कर्मी पर सवाल

Jamui, Bihar:जमुई जिले के चकाई प्रखंड स्थित रेफरल अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीजों की परेशानी और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। वीडियो में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से जुड़े फील्ड स्टाफ डॉ. शेखर सुमन ड्यूटी के दौरान कुर्सी पर सोते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में एक्स-रे सहित कई बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहने से दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हेठ चकाई निवासी सोनू कुमार चंद्रवंशी, गरही सोतारी के सुरेश दास, कियाजोरी की मुन्नी देवी, चिहरा के नूनूआ मरांडी और घघरा गांव के कॉन्ग्रेस यादव समेत कई मरीजों ने आरोप लगाया कि वे करीब डेढ़ घंटे से अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन न डॉक्टर उपलब्ध थे और न ही एक्स-रे की सुविधा मिल सकी। मामले पर अस्पताल प्रबंधक नवनीत कुमार ने बताया कि पहले अस्पताल में 30 केवी का थ्री-फेज जनरेटर लगा था, जिससे एक्स-रे मशीन सुचारू रूप से चलती थी। वर्तमान में 30 केवी का सिंगल-फेज जनरेटर होने के कारण बिजली कटने पर एक्स-रे मशीन संचालित नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि बिजली रहने पर एक्स-रे सेवा सामान्य रूप से चालू रहती है, लेकिन बिजली गुल होने पर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गायत्री कुमारी ने बताया कि बिजली नहीं रहने पर एक्स-रे सेवा प्रभावित होने की सूचना पूर्व में ही जिला मुख्यालय को लिखित रूप से भेजी जा चुकी है। ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मी के सोने का वीडियो सामने आने पर उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगा। उधर, पूरे मामले पर सिविल सर्जन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका क्योंकि उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो और मरीजों की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद जिला स्वास्थ्य प्रशासन चकाई रेफरल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
0
0
Report

बिहार: लालू-राबड़ी की Z सुरक्षा फिर से बहाल, बुलेटप्रूफ कार समेत सुरक्षा बढ़ी

Patna, Bihar:बिहार सरकार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर अपना फैसला बदलते हुए दोनों की Z श्रेणी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी है, इसके साथ ही उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी दोबारा उपलब्ध करा दी गई है, बंगला विवाद के दौरान सुरक्षा समीक्षा के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा घटा दी गई थी, जिसके विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस लौटा दी थी, बाद में नेताप्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी थी, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी, अब सरकार ने अपने निर्णय में बदलाव करते हुए लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है, इस सुरक्षा व्यवस्था में करीब 22 सुरक्षाकर्मी, 24 घंटे तैनात पीएसओ, कई एस्कॉर्ट वाहन और एक बुलेटप्रूफ कार शामिल होती है
0
0
Report
Advertisement

दुर्ग में RPF ने ऑनलाइन चॉइस सेंटर पर छापा, भोज कुमार साहू गिरफ्तार

Durg, Chhattisgarh:एंकर-रेलवे ई-टिकट की अवैध बिक्री के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दुर्ग जिले के उतई स्थित एक ऑनलाइन चॉइस सेंटर पर छापा मारकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है कार्रवाई के दौरान रेलवे के 9 आरक्षित ई-टिकट जब्त किए गए जिनकी कुल कीमत 16,290 रुपए आंकी गई है इनमें दो टिकट ऐसे थे जो उस समय लाइव थे और उनकी कीमत 7,259 रुपए थी तो वही आरपीएफ की टीम को सूचना मिली कि सद्भावना चौक स्थित 'एडविक ऑनलाइन एवं चॉइस सेंटर' में आअवैध रॉल्वे टिकट का कार्य किया जा रहा था जिसके बाद आरपीएफ की टीम ने जांच की तो उस दौरान दुकान संचालक भोज कुमार साहू रेलवे की पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर ई-टिकट बनाते हुए मिला जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
0
0
Report

ग्वालियर-डबरा कृषि मंडी धोखाधड़ी: 1.53 करोड़ की रकम हड़प, चार गिरफ्तार

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर डबरा की प्रमुख ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी से जुड़े व्यापारी प्रमोद शर्मा के साथ हरियाणा के व्यापारियों द्वारा धान खरीदी के नाम पर 1 करोड़ 53 लाख रुपए की ठगी करने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर डबरा सिटी थाना पुलिस ने चार आरोपियों और उनकी फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डबरा सिटी थाना क्षेत्र के सुभाषगंज निवासी प्रमोद शर्मा लंबे समय से धान का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 से वह हरियाणा के कुछ व्यापारियों के साथ व्यावसायिक लेन-देन कर रहे थे। व्यापार की शुरुआत में उन्होंने समय पर भुगतान कर प्रमोद शर्मा का भरोसा जीत लिया। इसके बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर धान की खेप मंगवाना शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपीयों ने डबरा से लगातार धान तो खरीदा, लेकिन धीरे-धीरे उसका भुगतान करना बंद कर दिया। उन्होंने धान का भुगतान करने के बजाय उसे खुद उपयोग कर लिया या फिर खुले बाजार में बेचकर मोटी रकम कमा ली। प्रमोद शर्मा ने जब अपनी बकाया राशि के लिए आरोपियों से बार-बार तकादा किया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। अपनी गाढ़ी कमाई डूबती देख पीड़ित व्यापारी ने डबरा सिटी थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर प्रारंभिक जांच की। प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी परवेश खुरानियां (बंसल), आशू गंभीर (दोनों संबद्ध फर्म: करुणानिधान एग्रोटेक प्रा. लि., ग्राम मस्तपुर, जिला अंबाला, हरियाणा) और केशव मित्तल व दिनेश (दोनों संबद्ध फर्म: इंडोवेस्ट राइस मिल, करनाल, हरियाणा) के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
0
0
Report
Advertisement

Muzaffarpur मंदिर हत्या: प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, बदमाशों के गिरफ्त में उलझी जांच

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur में मंदिर में पूजा करने पहुंचे प्रॉपर्टी डीलर श्याम कुमार कुशवाहा उर्फ श्याम सुंदर प्रसाद की बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है. घटना के अनुसार तीन गोलियाँ चली होन की बात सामने आ रही है. मृतक की पहचान डेरा चौक के रहने वाले श्याम कुमार कुशवाहा उर्फ श्याम सुंदर प्रसाद के रूप में हुई है, जो किताब दुकान चलाने के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. मृतक सुबह मंदिर में पूजा कर रहे थे तभी पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने उन पर फायर कर दिया. गोली लगने के बाद वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े. अपराधी ने हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने घायल श्याम कुमार कुशवाहा उर्फ श्याम सुंदर प्रसाद को इलाज के लिए SKMCH कॉलेज मुजफ्फरपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया गया है कि मृतक किताब की दुकान भी चलाते थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. ग्रामीण एसपी और डीएसपी ईस्ट वन अलय वत्स ने मौके का निरीक्षण किया, जहां से तीन खरोंच बरामद किए गए. परिजनों के अनुसार तीन खोखा बरामद हुआ, हालांकि दो गोली लगी थीं. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान हो सके. जांच के लिए कई संदिग्ध पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए हैं.
0
0
Report

झुंझुनूं में RRयू चोरी: 67 वारदात, FIR सिर्फ 10

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं में RRU चोरी बेलगाम, 67 वारदात, सिर्फ 10 FIR शेष शिकायतें अब भी लंबित, एयरटेल के राज्य प्रतिनिधि पहुंचे झुंझुनूं पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात, सख्त कार्रवाई की मांग कलेक्टर कमेटी के निर्देश बेअसर, फिर भी FIR दर्ज नहीं जनवरी में पिलानी में गिरोह पकड़ा गया था, दो महीने वारदात कम हुई लेकिन अप्रैल से चोर फिर सक्रिय, चोरी आठ गुना बढ़ी 10 दिन में 1 करोड़ की चोरी, शेखावाटी बना चोरों का निशाना ककराय के टावर में छह महीने में सातवीं बार हुई चोरी झुंझुनूं जिले में मोबाइल टावरों से करोड़ों रुपए की रिमोट रेडियो यूनिट (आरआरयू) चोरी का मामला अब केवल संपत्ति चोरी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदेश में मोबाइल टावरों से hiटेक उपकरण चोरी के मामलों में झुंझुनूं सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हो चुका है। लगातार बढ़ रही वारदातों और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने से परेशान होकर अब एयरटेल कंपनी के राज्य प्रतिनिधि तक को झुंझुनूं आकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करनी पड़ी है। कंपनी अधिकारियों के अनुसार जनवरी से जून तक झुंझुनूं जिले में सिर्फ एयरटेल के मोबाइल टावरों से आरआरयू चोरी की 67 वारदातें हो चुकी हैं। इनमें से सिर्फ 10 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। जबकि शेष शिकायतें अब भी लंबित हैं। यानी अधिकांश मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की बजाय शिकायतों को लंबित रखना ही उचित समझा। कंपनी का कहना है कि लगातार एफआईआर दर्ज नहीं होने से चोरों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं और संगठित गिरोह बेखौफ होकर एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लगातार हो रही चोरी और कार्रवाई नहीं होने से चिंतित एयरटेल कंपनी के राज्य प्रतिनिधि स्वयं झुंझुनूं पहुंचे। उन्होंने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर चोरी के मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, लंबित शिकायतों का निस्तारण करने और सक्रिय गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कंपनी का कहना है कि करोड़ों रुपए के उपकरण चोरी होने बावजूद यदि मामले दर्ज नहीं होंगे तो अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं हो पाएगी। मजे की बात यह है कि पिछले महीने जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय टेलिकॉम कमेटी की बैठक में भी मोबाइल टावरों से लगातार हो रही चोरियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मोबाइल कंपनियों की शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया और अधिकांश शिकायतें अब भी लंबित पड़ी हैं। झुंझुनूं जिले में जनवरी के दौरान पिलानी पुलिस ने आरआरयू चोरी करने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद फरवरी और मार्च में चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई और दोनों महीनों में मिलाकर केवल पांच वारदातें हुईं। लेकिन अप्रैल आते ही चोरों ने फिर सक्रियता दिखानी शुरू कर दी। मार्च की तुलना में अप्रैल में चोरी की घटनाओं में करीब आठ गुना वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद लगातार वारदातों का सिलसिला जारी है। कंपनी के अनुसार झुंझुनूं जिले में पिछले दस दिनों के दौरान ही मोबाइल टावरों से एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की आरआरयू चोरी हो चुकी हैं। खेतड़ी क्षेत्र के ककराय गांव स्थित एक मोबाइल टावर पर पिछले छह महीनों में सातवीं बार चोरी की घटना हुई। कंपनी ने वहां सीसीटीवी कैमरे तक लगवा दिए। लेकिन इसके बावजूद चोर वारदात करने में सफल रहे। राजस्थान में जनवरी से जून तक मोबाइल टावरों से आरआरयू चोरी के 1400 से अधिक मामले सामने आए हैं। जिनमें 3000 से ज्यादा आरआरयू चोरी हुए। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। पूरे प्रदेश के करीब 20 प्रतिशत मामले अकेले शेखावाटी से हैं। छह महीने में सीकर में 74, झुंझुनूं में 67 और चूरू में 17 वारदातें सामने आई हैं। झुंझुनूं आरआरयू चोरी के मामलों में प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। मोबाइल कंपनियों के अनुसार देशभर में राजस्थान आरआरयू चोरी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया के टावर लगातार निशाने पर हैं। अकेले एयरटेल के करीब 800 टावरों पर चोरी हुई। लेकिन पुलिस ने केवल 64 मामलों में एफआईआर दर्ज की। 596 शिकायतें लंबित हैं और 135 मामले जांच में हैं। यानी करीब 92 प्रतिशत मामलों में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी प्रतिनिधियों का दावा है कि अब तक जो दिल्ली एनसीआर में पुलिस द्वारा चोरियों को लेकर खुलासे किए गए है उसमें सामने आया है कि आरआरयू कबाड़ियों के माध्यम से मेरठ और दिल्ली पहुंचाए जाते हैं। जहां से इन्हें विदेश भेजा जा रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद इन उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी थी और अब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने से इनकी कीमत और मांग दोनों बढ़ गई हैं। इसी वजह से संगठित गिरोह मोबाइल टावरों को निशाना बना रहे हैं। रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) मोबाइल टावर के ऊपरी हिस्से में लगा अत्यंत महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है। यह 4जी और 5जी नेटवर्क के सिग्नल मोबाइल तक पहुंचाने और वापस रिसीव करने का काम करता है। यह उपकरण मुख्य रूप से विदेशी कंपनियों, विशेषकर एरिक्सन, से आयात किया जाता है। चोर गैस कटर से इसे काटकर ले जाते हैं। इसके बाद पूरे इलाके में मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं तुरंत प्रभावित हो जाती हैं। नया उपकरण विदेश से मंगाकर लगाने में कई बार तीन से सात दिन तक का समय लग जाता है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। लगातार बढ़ती चोरी, करोड़ों रुपए का नुकसान, दूरसंचार सेवाओं पर असर, जिला स्तरीय समिति के निर्देश और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की शिकायतों के बावजूद यदि अधिकांश मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही है। तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कंपनियों का मानना है कि जब तक प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया जाएगा, तब तक इन हाईटेक चोरियों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
0
0
Report

दमोह के नरगवा में एक हफ्ते में चार सड़क हादसे, लोगों में दहशत

Damoh, Madhya Pradesh:हादसों का स्पॉट, एक ही जगह एक हफ्ते में चार हादसे ..लोगों की बड़ी चिंता.. एंकर/ दमोह जबलपुर स्टेट हाइवे पर दमोह जिले का नरगवा इन दिनों चर्चा में तो है ही साथ ही लोगों में इस जगह को लेकर दहशत भी है क्योंकि एक ही जगह चार चार सड़क हादसों में लोगों को डरा दिया है। दरअसल स्टेट हाईवे पर नरगवा में इस एक हफ्ते में चार भीषण सड़क हादसे हुए और इनमें तीन लोगों की जान गई और सात से ज्यादा घायल हुए, तीन दिन में तीन हादसे लगातार हुए तो चौथा एक दिन के अंतर से हुआ , ये हादसे लगभग लगभग एक ही जगह पर हुए जहां पहली बाइक भिड़ंत हुई उसी जगह या उससे पांच साथ_fit दूर एक्सिडेंट हुए है। अमूमन सड़क हादसे सामान्य सी बात होते जा रहे है लेकिन जब एक ही जगह पर हादसे हों लोगों का टेंशन लेना लाजमी भी है। इस जगह को ब्लैक स्पॉट के रूप में देखा जाने लगा है और जिन लोगों को इस जगह के बारे में पता है वो यहां से बाइक और कार निकालते वक्त डरे सहमे से रहते है। जिस जगह हादसे हो रहे है उस सड़क किनारे बस्ती भी है और लोगों के मकान भी लेकिन काली जगह के रूप में फेमस होती जा रही इस जगह पर लोगों को दिन के उजाले और रात के अंधेरे में हादसों का डर सताता रहता है। अचानक इस जगह पर ये हादसे शुरू हुए जबकि सालों से यहां कभी कभार की मामूली हादसे ही हुआ करते थे। एक साथ एक एक कर हुए हादसों से यहां की सड़क खून से लाल हो रही है तो आम आदमी प्रशासन की तरफ टकटकी लगाए बैठा है सवाल दो चार मौतों का तो है पर ऐसी जगहों पर और कोई मौत के मुंह में न जाए इसके लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त और त्वरित कदम उठाने चाहिए। नरगवा के लोगों की माने तो अब पिछले हफ्ते भर से रात के समय उन्हें नींद भी नहीं आती यदि रात के वक्त कोई तेज आवाज आए तो लगता है जैसे एक्सीडेंट हो गया, घरों से बाहर निकलते है और देखते जरूर हैं। इतना ही नहीं अब इस जगह को लेकर अंधविश्वास भी लोगों के दिलों के घर कर रहा है, लोगों की माने तो अचानक ऐसे ही ये सब नहीं हो रहा बल्कि कुछ ऊपरी ताकत यहां ये सब करा रही है कोई भूतप्रेत बाधा यहां है जिसकी पूजा होना चाहिए। इन हादसों ने पुलिस की चिंता भी बड़ा दी है , रोज रोज इसी जगह पर हो रहे हादसों को लेकर पुलिस भी परेशान है। एसडीओपी की माने तो एक्सीडेंट रोकने के लिए उपाय किए जा रहे है और जल्दी ही इसके परिणाम भी सामने आयेंगे। उनकी माने तो अधिकांश बाइक और कार हादसों में गाड़ी चलाने वालों का शराब पीकर गाड़ी चलाना सामने आता है , कई बार दोनों वाहनों के ड्राइवर्स के शराब के नशे में होने की बात सामने आती है तो कई बार एक बन्दा नशे में होता है और हादसा हो जाता है। बाइक हादसों में मौत की एक वजह बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना भी बड़ी वजह होती है और यदि लोग हेलमेट का इस्तेमाल करें तो ऐसे एक्सीडेंट में मौतों के आंकड़ों को कम किया जा सकता है। बहरहाल अब नरगवा को लेकर जब लोग परेशान है तो प्रशासन क्या कदम उठाता है देखना होगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top