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PMAY सूची में अनियमितता: ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के महेवा विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत चुर्खी निवासी ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की पात्रता सूची में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडेय को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि, ग्राम पंचायत में योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने में सचिव और पंचायत मित्र की भूमिका रही है। शिवदास समेत ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ अपात्र लोगों से कथित रूप से पाँच-पाँच हजार रुपये लेकर उनके नाम पात्रता सूची में शामिल किए गए, जबकि गांव के गरीब, दिव्यांग, कुष्ठ रोग से प्रभावित तथा कच्चे मकानों में रहने वाले वास्तविक पात्र परिवारों के नाम सूची से हटा दिए गए। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गरीब परिवारों के हक के साथ गंभीर अन्याय है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरी सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गांव में मौके पर जाकर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही कथित रूप से रिश्वत लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा वास्तविक पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल करने की मांग की गई है। शिकायत के साथ आधार कार्ड और पात्र लोगों की सूची भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।
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जालौन में बारिश के बीच श्मशान घाटों की बदहाली पर ग्रामीण आक्रोश

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में बारिश के बीच श्मशान घाटों की बदहाली पर ग्रामीणों में आक्रोश है. बुंदेलखंड के जालौन जिले में श्मशान घाटों की बदहाली के कारण ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडेय को ज्ञापन देकर स्थायी समाधान की मांग की. हरकौली सहित भदरेखी, भरिजपुर, सुरावली, गोराकरनपुर, गढ़गुवा, तीतराखलीलपुर और खैरवार व्योना आदि गांवों में श्मशान घाटों की स्थिति चिंताजनक है. बारिश के दौरान देवेंद्र दोहरे के निधन के बाद परिजनों को तिरपाल और प्लास्टिक से चिता सजानी पड़ी. हाईकोर्ट अधिवक्ता कुलदीप कुमार चौधरी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 गरिमापूर्ण जीवन के साथ सम्मानजनक अंतिम संस्कार के अधिकार से भी जुड़ा है. ज्ञापन में पक्के टीन शेड, ऊंचे चबूतरे, पेयजल, सीसी मार्ग, भूमि आवंटन और अंतरिम रूप से वाटरप्रूफ तिरपाल उपलब्ध कराने सहित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई.
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मलिहाबाद में पति ने प्रेमी-पत्नी की शादी कराई, बना अनोखा मामला

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ मलिहाबाद में रिश्तों का अनोखा मामला, पत्नी प्रेमी के साथ गई तो पति ने कराई दोनों की शादी! PRD जवान की पत्नी घर से प्रेमी के साथ हुई फरार परिवार ने शुरू की महिला और उसके प्रेमी की तलाश काफी खोजबीन के बाद पति ने दोनों को ढूंढ निकाला पत्नी ने पति के सामने प्रेमी के साथ रहने की जताई इच्छा पत्नी की इच्छा का सम्मान करते हुए पति ने दोनों को साथ रहने की दी इजाजत इसके बाद पति ने मंदिर पहुंचकर पत्नी और उसके प्रेमी की करा दी शादी मलिहाबाद की यह अनोखी घटना इलाके में बनी चर्चा का विषय पति के इस फैसले की क्षेत्र में खूब हो रही चर्चा
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ग्रामीणों ने अवैध शराब बेचने के दो युवकों को पकड़ा, वीडियो वायरल

Tikamgarh, Madhya Pradesh:टीकमगढ़ जिले में ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाते हुए अवैध शराब बेचने आए 2 युवकों को पकड़ा है, जिले के नन्ही टेहरी गांव में बाइक से शराब लेकर पहुंचे दो युवकों को ग्रामीणों ने घेर कर पकड़ लिया, इन युवकों से शराब की 4 पेटियां भी बरामद की गई, पूरे मामले की घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अब जागरुक होते दिखाई दे रहे हैं और शराब बेचने बालों की धड़पकड़ खुद करने लगे, वहीं बुड़ेरा थाना पुलिस ने चार पेटी देशी शराब जप्त कर अज्ञात लोगों मामला दर्ज कर लिया, अब सवाल यह उठता है की जब ग्रामीणों ने लोगों को पकड़ा और शिकायत की तो फिर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर आबकारी एक्ट के तहत मामला क्यों दर्ज किया, यह मामला बुड़ेरा थाना क्षेत्र के नन्ही टेहरी गांव का बताया जा रहा है।
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उज्जैन के खड़े हनुमान के समर्थक मंदिर-मस्जिद नहीं हटाने की मांग कर रहे

Ujjain, Madhya Pradesh:मस्जिद को हटाने पर बात आई तो भाईजान बोले न मंदिर हटे न मस्जिद, साध्वी हर्षा की संतो और लोगों से अपील खड़े हनुमान को रोकने के लिए अधिक से अधिक तादाद में उज्जैन आना चाहिए। साथ ही कहा कि हनुमान नहीं हटेंगे, बड़ी तादाद में खड़े हनुमान मंदिर लोगों की भीड़ पहुँच रही है। देश-विदेश से लोग हनुमान के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। मंदिर से 200 मीटर दूर शाही मस्जिद है जिसे हटाने का फरमान हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने जारी किया है। कुल मिलाकर प्रशासन के मस्जिद के अवैध हिस्से को हटाने पर रोक लगाने वाली मस्जिद कमेटी की याचिका को इंदौर की हाईकोर्ट सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया है। इसके बाद भाईजान ने कहा कि किसी भी कीमत पर अल्लाह की मिल्कियत पर आंच नहीं आने देंगे। कुछ भाईजान ऐसे मिले जिन्होंने कहा कि न मंदिर हटे, न मस्जिद
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सिंहाड़ गांव में समस्याओं से लोग त्रस्त: पानी- बिजली- सड़क के बुनियादी ढांचे की दयनीय स्थिति

Pratapgarh, Rajasthan:सिंहाड़ गांव में समस्याओं का अंबार, ग्रामीण बोले- जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों ने पंचायत की सुध तक नहीं ली गांवों में विकास और मूलभूत सुविधाओं के दावों के बीच धरियावद उपखंड की ग्राम पंचायत सिंहाड़ के ग्रामीण आज भी पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों में सबसे ज्यादा नाराजगी पंचायत के प्रधान और उपप्रधान को लेकर है। उनका आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद दोनों जनप्रतिनिधियों ने पंचायत के गांवों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए मौके पर आना तक जरूरी नहीं समझा। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद उपखंड के सिंहाड़ गांव में पानी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से हैंडपंप बंद पड़ा है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गांव में पर्याप्त पानी की टंकी की व्यवस्था भी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की बात कही जा रही है, लेकिन सिंहाड़ में कई जगह अभी तक पाइपलाइन ही नहीं खोदी गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल कनेक्शन भी सभी घरों तक नहीं पहुंचे हैं। बाइट- ग्रामीण (29 सेकेंडसफेद शर्ट में ) बाइट- महिला ग्रामीण (12 सेकेंड) गांव में बिजली व्यवस्था भी ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के तार कई स्थानों पर काफी नीचे झूल रहे हैं। एक समय बिजली की लाइन गिरने की घटना भी हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार उस दौरान रात करीब एक बजे बिजली की लाइन बंद करवानी पड़ी थी। लोगों का कहना है कि गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन से जुड़ा खतरा बना हुआ है और यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बिजली कटौती को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बिजली समय पर नहीं आती और कई बार रातभर कटौती की स्थिति रहती है। इससे घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित होते हैं। बाइट- ग्रामीण (28 सेकेंड) गांव में बनी सीसी सड़कें भी अब जर्जर हो चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार सड़कें काफी पुरानी हैं और जगह-जगह टूटने लगी हैं। सड़क की स्थिति खराब होने से आवागमन में परेशानी होती है। इसके अलावा गांव में पानी निकासी की समस्या भी बनी हुई है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, नाली, सफाई, पानी और बिजली जैसी समस्याएं किसी बड़ी योजना की मांग नहीं हैं, बल्कि ये गांव की बुनियादी जरूरतें हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन समस्याओं का समाधान नहीं होना पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े करता है। बाइट- ग्रामीण (32 सेकेंड) ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की प्रधान हकरी देवी मीणा और उपप्रधान रागिनी चौधरी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव और ग्रामीणों के बीच दिखाई देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं की सुध लेने कोई नियमित रूप से नहीं आता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार समस्याओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। जनसुनवाई या बैठक जैसे कार्यक्रमों में समस्या बताने पर आश्वासन तो मिलता है, लेकिन उसके बाद मौके पर आकर समस्या देखने और समाधान करवाने की गंभीर पहल नजर नहीं आती। बाइट- ग्रामीण (29 सेकेंड ) ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बड़े-बड़े दावों की नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम की जरूरत है। अब देखना یہ है कि ग्रामीणों की शिकायतों और आरोपों के बाद पंचायत प्रशासन तथा संबंधित जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर समस्याओं का जायजा लेते हैं या सिंहाड़ के ग्रामीण इसी तरह मौलिक सुविधाओं के लिए इंतजार करते रहते हैं।
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सीकर में द्वितीय चरण के नगर निकाय चुनाव के लिए कल मतदान

Sikar, Rajasthan:सीकर में नगर निकाय चुनाव के द्वितीय चरण के लिए मतदान कल 11 सितंबर को चार नगर निकायों में होगा। सीकर नगर परिषद, रामगढ़ शेखावाटी नगरपालिका, धोद नगरपालिका और लोसल नगरपालिका क्षेत्र में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। कुल 64 वार्डों में 194 मतदान केंद्र हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देकर निर्वाचन सामग्री के साथ केंद्रों के लिए रवाना किया गया है। सीकर नगर परिषद के मतदान दल कल्याण राजकीय महाविद्यालय से, रामगढ़ शेखावाटी के मतदान दल आरएन रुइया पीजी कॉलेज से, धोद के मतदान दल महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय से और लोसल के मतदान दल श्री डेडराज खेतान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। जिलाधिकारी आशीष मोदी ने कहा कि चारों नगर निकायों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी है; मतदान कर्मी निष्पक्षता और ईमानदारी से दायित्व निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को जिले की 10 नगर निकायों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान हुआ था और 11 सितंबर को होने वाला मतदान भी शांतिपूर्ण रहेगा। मतदाताओं से स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक होकर मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की गई। मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मियों को आवश्यक सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सीकर नगरपालिका क्षेत्र में 65 वार्ड council थे, जिनमें से एक वार्ड निर्विरोध था; अब 64 वार्डों के लिए कल मतदान कराया जाएगा और 194 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।
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खड़े हनुमान मंदिर विवाद: साधु-संत बोले, पांचवां प्रयास नहीं, मंदिर वही बने

Ujjain, Madhya Pradesh:खड़े हनुमान मंदिर विवाद में बोलीं हर्षानंद गिरी- ‘7 फीट के गड्ढे कोई कुत्ते ने पंजों से तो नहीं खोदे, मशीनों का इस्तेमाल हुआ है’ चार प्रयास हो चुके, अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए; मंदिर तोड़कर उसी जगह भव्य मंदिर बनाने की मांग मठों और गद्दियों में बैठे साधु-संत बाहर निकलें, हनुमैन जी के लिए साथ खड़े नहीं हुए तो कल कुछ नहीं बचेगा उज्जैन में हनुमान जी का अयोध्या के रामलला जैसा हाल नहीं देखना चाहते उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब साधु-संतों की मौजूदगी और बयान सामने आने लगे हैं। आज हर्षानंद गिरी भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने बटुकों और अन्य साधु-संतों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर को लेकर अपनी बात रखी और साधु-संत समाज से सामने आने की अपील की。 मशीनरी के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल पर हर्षानंद गिरी ने कहा कि पहले उन्हें भी इस बारे में जानकारी नहीं थी और किसी ऐसी बात पर, जिसकी जानकारी न हो, सही या गलत बोलना उचित नहीं है। लेकिन जब वह हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचीं तो प्रतिमा के दोनों तरफ करीब सात फीट के gड्ढे खुदे हुए थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ये गड्ढे कोई कुत्ता अपने आगे के पंजों से तो नहीं खोद सकता। उनके मुताबिक वहां मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है और प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिश की गई है。 हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रतिमा को किसी तरह की क्षति न पहुंचे और उसे सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया सके, इसके लिए पूरी कोशिश की है और वह इस कोशिश का सम्मान करती हैं। लेकिन उनका कहना है कि सरकार चार प्रयास कर चुकी है और अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए。 उन्होंने कहा कि जहां हनुमान जी का मंदिर तोड़ा गया है, अब वहीं दोबारा मंदिर का निर्माण किया जाए। मंदिर को और भव्य बनाने की भी मांग उन्होंने रखी। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करने की बात हर्षानंद गिरी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और शहरों से श्रद्धालु खड़े हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं। लोग यहां झाड़ा लगवा रहे हैं और ताबीज पहन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जिस तरह की आस्था इस स्थान से जुड़ी है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। खड़े हनुमान मंदिर को लोग ‘छोटा AIIMS’ मानते हैं और यहां हनुमान जी को वैद्य के रूप में देखते हैं—इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों को यहां से किसी तरह का लाभ या चमत्कार महसूस नहीं होता, तो वे किसी की तारीफ क्यों करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की आस्था में कुछ चमत्कार हुए होंगे, इसलिए वे भगवान की तारीफ करते हैं। इसी आस्था और भगवान के स्वरूप का सम्मान किया जाना चाहिए। उज्जैन मंदिरों की नगरी, धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद हो उन्होंने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है। यहां भैरव बाबा और मां हरसिद्धि जैसे धार्मिक स्थलों के प्रति भी लोगों की आस्था है। ऐसे में धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद होना चाहिए और खड़े हनुमान मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के रामलला temple का उदाहरण देते हुए कहा कि वह उज्जैन में हनुमान जी के साथ वैसा हाल नहीं देखना चाहतीं। उनका कहना था कि उज्जैन मंदिरों की भूमि है और मंदिरों को इस तरह क्षतिग्रस्त करना ठीक नहीं है。 साधु-संतों से सवाल- मठों और गद्दियों से बाहर निकलकर साथ खड़े हों साधु-संतों की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं को एक करने की बात करते हैं, उन्हें हिंदुओं के किसी धर्मस्थल को हटाए जाने पर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कई महामंडलेश्वर हैं। इनमें से कुछ यहां दर्शन करने आए, लेकिन बाकी लोगों की ओर से कोई बात सामने नहीं आई。 उन्होंने कहा कि शुरुआत में बोलना उचित नहीं था, क्योंकि वे सरकार के साथ हैं और सरकार के खिलाफ नहीं हैं। सरकार के हर काम में उसका साथ देना चाहिए। लेकिन अगर किसी जगह ईश्वर ने खुद यह जता दिया है कि वह वहां से नहीं हटना चाहते, तो धर्म से जुड़े लोगों और साधु-संतों की जिम्मेदारी है कि वे ईश्वर की इच्छा का सम्मान करते हुए उनके साथ खड़े हों। उन्होंने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि अगर आज मठों, अखाड़ों और आश्रमों से निकलकर साधु-संत हनुमान जी के साथ खड़े नहीं होंगे, तो आने वाले समय में कुछ नहीं bचेगा। उन्होंने इसे संत समाज के लिए शर्म की बात भी बताया कि हनुमान जी के दर्शन टेंट में करने की स्थिति बन गई है。 फिलहाल मांग यही—मंदिर वहीं बने हर्षानंद गिरी ने साफ कहा कि सरकार के विकास कार्यों का विरोध उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन खड़े हनुमान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए। उनका कहना है कि अब प्रतिमा को हटाने की कोशिश बंद कर उसी स्थान पर मंदिर का निर्माण किया जाए。
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हरियाणा में 36वें दिन भी सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, कचरे से बीमारी का खतरा

Hisar, Haryana:हरियाणा में आज 36वें दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। हिसार में कचरे के ढेर लगने से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है और प्रशासन को जेसीबी लगाकर कचरा उठवाना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते अब तक 700 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के डिप्टी कोषाध्यक्ष और राज्य उपप्रधान राजेश बागड़ी ने ज़ी मीडिया को बताया कि 17 मांगों पर सहमति बनने बाद भी सरकार मुकर गई है और बिना आधिकारिक लिखित पत्र के यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। कर्मचारियों ने अब आंदोलन तेज करते हुए 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में 'महा न्याय पंचायत' करने का ऐलान कर दिया है।
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