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Manish KumarManish KumarFollow15 Apr 2025, 09:15 am

Mandi - शानन परियोजना हिमाचल की, पंजाब पीछे हटे: मंडी में बोले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

Mandi, Himachal Pradesh:जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शानन जलविद्युत परियोजना पर हिमाचल प्रदेश का दावा मजबूती से पेश किया। उन्होंने कहा कि परियोजना की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है और यह हिमाचल की है और रहेगी। अग्निहोत्री ने पंजाब से अपना दावा वापस लेने और परियोजना हिमाचल को लौटाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला अब सर्वोच्च न्यायालय में है और इसका पंजाब पुनर्गठन संपत्ति कानून से कोई संबंध नहीं है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए एकमुश्त कर्ज माफी की भी अपील की।
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CO ट्रैफिक के निरीक्षण में बिना कैप यातायात उपनिरीक्षक एवं सिपाही, निर्धारित वर्दी को लेकर उठे सवाल

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow6m ago
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव में 06 अक्टूबर को CO ट्रैफिक प्रदीप कुमार मौर्य ने सरैया क्रासिंग, मरहला चौराहा, बदरका चौराहा और गदनखेड़ा बाईपास पर डायवर्जन ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी चेक की। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों में ड्यूटी के समय पुलिसकर्मियों को समुचित एवं निर्धारित वर्दी धारण करने के निर्देश हैं। निरीक्षण के दौरान CO ट्रैफिक प्रदीप कुमार मौर्य स्वयं कैप लगाए हुए नजर आए, जबकि उनके सामने ड्यूटी पर तैनात कुछ यातायात उपनिरीक्षक और सिपाही बिना कैप के दिखाई दिए। ऐसे में सवाल उठता है कि जब वरिष्ठ अधिकारी खुद निर्धारित वर्दी में ड्यूटी कर रहे थे, तो उनके सामने तैनात पुलिसकर्मी निर्धारित वर्दी के अनुरूप क्यों नहीं दिखाई दिए? क्या ड्यूटी के दौरान वर्दी अनुशासन के नियम अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर लागू नहीं होते? इतना ही नहीं पुलिस मीडिया सेल पर भी निरीक्षण की वही फोटो पोस्ट की गई है जिसमें जनपद के सभी आला अधिकारी जुड़े हुए हैं
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SDM गोटेगांव बनाम अधिवक्ता संघ: जाति प्रमाण पत्र पर गहरा गतिरोध

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर के गोटेगांव में एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच विवाद सामने आया है। मामला जाति प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। अधिवक्ता संघ का आरोप है कि एसडीएम पूजा सोनी ने वरिष्ठ अधिवक्ता भगवत पटेल के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ‘बिचौलिया’ कहकर अपमानित किया। घटना के विरोध में अधिवक्ता संघ ने एसडीएम की कार्यवाहियों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया है। वहीं, एसडीएम पूजा सोनी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रमाण पत्र के दस्तावेज अधूरे थे। उन्होंने ‘बिचौलिया’ शब्द को किसी वकील पर लक्षित टिप्पणी मानने से इनकार किया और कहा कि वह वकील, डॉक्टर और जज समेत हर पेशे का सम्मान करती हैं। फिलहाल गोटेगांव में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सवाल है कि यह विवाद कब और कैसे सुलझता है। बाइट- अधिवक्ता संघ बाइट-पूजा सोनी (SDM गोटेगांव)
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सीतामढ़ी के श्मशान घाट पर तांत्रिक के बच्चों के इलाज का वीडियो वायरल

Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण सीतामढ़ी में अंधविश्वास की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देख लोग हैरान हैं एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मामला परिहार प्रखंड के महादेव पट्टी गांव स्थित श्मशान घाट की बताया जा रहा है जहां श्रवण भगत नाम का एक तांत्रिक छोटे-छोटे बच्चों का इलाज अजीब तरीके से करता नजर आ रहा है। वायरल तस्वीरों और वीडियो में बच्चों के साथ की जा रही तांत्रिक प्रक्रिया को देखकर लोगों में भी चिंता और आक्रोश है। बताया जा रहा है कि श्रवण भगत पिछले करीब चार वर्षों से श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र के जरिए बच्चों का इलाज करने का दावा कर रहा था। वो मासूम बच्चों को हवा में इस तरीके से घुमाता है जिसको देखने के बाद आपकी रूह भी काप जाएगी ।मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कथित तांत्रिक वहां से फरार हो गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसकी तलाश में जुटी है।
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गोरखपुर STF ने अंतरराज्यीय हथियार तस्कर रितेश त्रिपाठी को दबोचा

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी के खिलाफ STF को बड़ी सफलता मिली है। STF यूनिट गोरखपुर के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह की टीम ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्कर रितेश त्रिपाठिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। STF के मुताबिक आरोपी 15 से 20 हजार रुपये में अवैध असलहे बेचता था। आरोपी की गिरफ्तारी कैंट थाना क्षेत्र में कचहरी बस स्टैंड के पास से की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से दो अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में अवैध असलहों की बिक्री से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। STF के अनुसार आरोपी अवैध पिस्टल को करीब 15 से 20 हजार रुपये में बेचता था। फिलहाल STF आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और असलहों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है。
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चौरीचौरा गोलीकांड: हिस्ट्रीशीटर को दिनदहाड़े गोली, आरोपी फरार

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के चौरीचौरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को अचानक गोली चलने की आवाज से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर मार्कंडेय निषाद की दूसरे पक्ष के साथ किसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष की ओर से हरीश बिंद ने पास रखे हुए तमंचे से मारकण्डेय को गोली मार दी। गोली मार्कंडेय के छाती और पेट के बीच में लगी है। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात की सूचना मिलते ही चौरीचौरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मार्कंडेय निषाद को तत्काल इलाज के लिए एम्स गोरखपुर पहुंचाया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घायल की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है। प्रारम्भिक पुलिस जांच में सामने आया है कि हरीश बिंद ने कथित तौर पर मार्कंडेय निषाद को गोली मारी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अब पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। एसपी नॉर्थ राजेश गुनावत के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन SOG टीम और दो थाना पुलिस की टीम, यानी कुल पांच टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। आसपास के इलाकों में भी आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बातचीत के दौरान ऐसा क्या हुआ कि विवाद अचानक गोलीकांड में बदल गया। वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया, आरोपी और घायल के बीच पुराना विवाद था या तत्काल किसी बात को लेकर कहासुनी हुई—इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस की जांच में सामने आने बाकी हैं। चौरीचौरा में दिनदहाड़े हिस्ट्रीशीटर को गोली मारे जाने की इस वारदात के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पांच पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करना और गोलीकांड के पीछे की असली वजह का खुलासा करना है। फिलहाल पुलिस की नजर आरोपी हरीश बिंद की गिरफ्तारी पर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। चौरीचौरा के गोलीकांड ने इलाके में दहशत जरूर पैदा कर दी है, लेकिन अब देखना होगा कि पुलिस फरार आरोपी तक कितनी जल्दी पहुंचती है और इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी क्या सामने आती है।
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मथुरा में अवैध कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण पर विकास प्राधिकरण का बुलडोजर

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा में अवैध कॉलोनियों पर चला विकास प्राधिकरण का बुलडोजर, दो अनाधिकृत कॉलोनियां ध्वस्त मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने शहर में अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दो बड़ी अवैध कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई की है। विकास प्राधिकरण की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अवैध कॉलोनियों के खिलाफ वाद दायर कर ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किए गए थे। पहली कार्रवाई लक्ष्मीनगर स्थित गोपाल पुर बलदेव रोड पर हुई, जहाँ प्रमोद नौहवार, बहादुर सिंह, छितर प्रधान, कुशल उझरैला और विकास सिनसिनवार द्वारा लगभग 4000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध रूप से भू-विभाजन कर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस मामले में वाद संख्या MTDA/Z3/ANI/2025/0000823 के तहत जून माह में ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया था। वहीं दूसरी कार्रवाई मथुरा-राया रोड पर भास्कर हॉस्पिटल के पास श्याम एनक्लेव अंबेडकर नगर कॉलोनी में की गई। यहाँ महावीर, सौरभ और बिट्टू द्वारा करीब 5000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अनाधिकृत निर्माण कराया जा रहा था। वाद संख्या MTDA/Z3/ANI/2025/0000848 के अंतर्गत इस स्थान के लिए भी ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था。 नियत समय सीमा के भीतर विकासकर्ताओं द्वारा अवैध निर्माण न हटाए जाने पर प्राधिकरण उपाध्यक्ष के निर्देशन और सचिव के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न कराई गई। प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने थाना यमुनापार पुलिस बल के सहयोग से मौके पर पहुंचकर दोनों अवैध कॉलोनियों के निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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बेतिया GMCH में नाबालिग से दुषकर्म: संविदाकर्मी गिरफ्तार, स्पीडी ट्रायल की मांग

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां जीएमसीच में इलाज कराने आई महिला के साथ नाबालिग से दुषकर्म का मामला सामने आया है नाबालिग लड़की को अस्पताल का ही एक संविदाकर्मी ने दुषकर्म को अंजाम दिया है संविदाकर्मी रविरंजन ने नाबालिग बच्ची को बहला फुसलाकर अपने डेरा में ले गया और उसके साथ दुषकर्म की घटना को अंजाम दिया पीड़िता के आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज संविदाकर्मी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है पीड़िता का मेडिकल टेस्ट के लिए जीएमसीएच भेज दिया गया है पुलिस ने मामले में प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है आरोपी को स्पीडी ट्रायल करा सजा दिलाई जाएगी
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तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने कराया भंडारा

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं अन्य लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में आने वाले लोगों के लिए श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। आयोजन के दौरान अधिवक्ताओं ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए लोगों को प्रसाद वितरित किया। भंडारे में तहसील परिसर में आने वाले फरियादियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर अध्यक्ष रविंद्र सिंह राठी एडवोकेट, महासचिव दीपचंद पांडे एडवोकेट, कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार, विशाल दीप शर्मा एडवोकेट, कुलबीर सिंह एडवोकेट, जसवीर सिंह चौहान एडवोकेट, लाल सिंह चौहान, केंद्रपाल चौहान एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम हैं। भंडारे के दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा और सौहार्द का माहौल बना रहा।
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अदालत के आदेश पर नेकना बाबा मंदिर के पास होटल परिसर खाली कराई गई

Jamui, Bihar:जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र के सियांटांड़ गांव स्थित नेकना बाबा मंदिर के समीप वर्षों سے संचालित देल्ही होटल परिसर को बुधवार को पुलिस बल की मौजूदगी में खाली कराया गया। झाझा अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट निशा सिंह और सिमुलतला थानाध्यक्ष रूबी कुमारी के नेतृत्व में जिले से पहुंचे पुलिस बल ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की। कार्राई کے दौरान परिसर میں रह रहे سیاںٹांڑ निवासी ٹُنٹُن यादव और उनकी पत्नी प्रमिला देवी نے विरोध کیا۔ دونوں نے اپنے शरीर پر ڈीजل ڈالकर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को کाबو में लिया اور आत्मदाह की कोशिश को विफल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने کوٹھी کا تالا توڑकर परिसर आवेदक پرولय कुमार पात्रा کو सौंप दिया। ٹُنटُن यादव को 24 घंटे के भीतर अपना सामान हटाने کا निर्देश दिया गया। کارروائی کے دوران بڑی संख्या में ग्रामीण और स्थानीय لوگ मौके پر जुटे रहे。 आयुक्त के आदेश के अनुपालन میں ہوئی कार्रवाई مامला भूमि विवाद निराकरण वाद संख्या 06/2022-23 سے जुड़ा ہے۔ 9 फरवरी 2023 کو पारित आदेश के विरुद्ध اپیل کی گئی تھی। प्रमंडلیय आयुक्त, मुंगेर प्रमण्डل کے न्यायालय ने 5 जनवरी 2026 کو आवेदक پرولय कुमार पात्रा کے पक्ष میں आदेश पारित किया था। اسی आदेश के अनुपालन کے لئے پرولय कुमार पात्रा نے 19 अगस्त 2026 کو جھाझा अंचल कार्यालय میں درخواست دی تھی۔ इसके बाद मामले کے प्रतिवादियों کو नोटिस جاری کیا गया। प्रतिवादी संख्या 1 اور 2 ने موجود हो کر 29 अगस्त کو اپنا पक्ष रखा, جبکہ प्रतिवादी संख्या 3 और 4 अनुपस्थित रहे۔ आदेश के अनुपालन پر रोक से संबंधित कोई स्थगन आदेश भी प्रस्तुत नहीं किया गया۔ 6 अक्टूबर तक कब्जा हटाने का था निर्देश इजराय वاد संख्या 07/2026-27 میں न्यायालय ने 6 अक्टूबर 2026 تک اپیل واد के प्रतिवादियों کو विवादित भूमि से अपना कब्जा स्वयं हटाने کا निर्देश दिया تھا۔ ایسا नहीं کرنے پر भूमि विवाद निराकरण अधिनियम کی धारा 15(क) کے تحت پولیس बल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी میں कब्जा हटाने کا आदेश दिया گیا تھا。 आदेश میں अंचलाधिकारी झाझा اور संबंधित थानाध्यक्ष کو کافی پولیس बल के साथ निर्धारित तिथि پر आदेश کا अनुपालन सुनिश्चित कराने کا निर्देश दिया गया था۔ आदेश में یہ भी कहा गया تھا کہ अनुपालन में बाधा डालने یا जानबूझकर अवज्ञा کرنے پر پانچ ہزار रुपये तक जुर्माना اور तीन वर्ष तक कारावास का प्रावधान है。 ٽوṇٹن यादव बोले- कोर्ट میں मामला چل رہا ہے کارروائی کے دوران ٹُنٹُن यादव نے کہا کہ मामला न्यायालय میں چل رہا है और 19 अक्टूबर کو اگلی تاریخ निर्धारित है۔ इसके باوجود 6 अक्टूबर کو پولیس बल کے ساتھ اچانک انہیں کوٹھी سے हटाया جا रहा है۔ उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के उन्हें हटانا مناسب نہیں है। हालांकि, प्रशासन کی ओर سے न्यायालय के आदेश के अनुपालन को कार्रवाई का आधार बताया गया। आदेश میں आवेदक کی ओर से पुलिस बल के لئے आवश्यक राशि पुलिस अधीक्षक, जमुई के कार्यालय میں जमा کیے جانے اور اضافی पुलिस बल کی मांग کیے जाने کا भी उल्लेख है۔ अनुपालन नहीं होने پر जिम्मेदारी तय کرنے کا निर्देश न्यायालय نے واضح किया ہے کہ यदि किसी कारण से निर्धारित तिथि پر आदेश کا अनुपालन نہیں हो पाता ہے تو संबंधित पदाधिकारी को इसकी पूरी رپورٹ देनी होगी। साथ ही आदेश का अनुपालन नहीं होने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, पक्ष अथवा पदाधिकारी को चिह्नित करने کا निर्देश بھی दिया गया है。
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90 साल पुरानी उम्मेद उद्यान की बदहाली: ट्रैक टूटे, पानी-सफाई संकट के बीच जोधपुर का दिल रो रहा

Jodhpur, Rajasthan:नोट- दो वॉक्र थ्रू और सात आठ लोगो की बाइट 90 साल का उम्मेद उद्यान,कभी फूलों की खुशबू से महकता था जोधपुर का दिल, अब कचरे और बदहाली से बेहाल 1935 में महाराजा उम्मेद सिंह ने शहर के हृदय स्थल में करवाया था निर्माण, आज टूटे ट्रैक, सूखे हिस्से, गंदगी और आवारा कुत्तों ने बिगाड़ी सूरत जोधपुर। शहर के बीचोंबीच स्थित उम्मेद उद्यान यानी पब्लिक पार्क कभी जोधपुर की खूबसूरती और शान का प्रतीक हुआ करता था। वर्ष 1935 में तत्कालीन महाराजा उम्मेद सिंह ने शहर के हृदय स्थल में इस उद्यान का निर्माण करवाया था। पार्क के साथ लाइब्रेरी और संग्रहालय की स्थापना भी की गई थी। कभी गुलाब और मोगरे के फूलों की खुशबू से महकने वाला यह परिसर दशकों तक शहरवासियों के साथ आसपास के जिलों से आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। लेकिन करीब 90 साल बाद यही ऐतिहासिक उद्यान अब अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। कभी चिड़ियाघर देखने उमड़ती थी भीड़ उम्मेद उद्यान की पहचान केवल हरियाली और खूबसूरत फूलों तक सीमित नहीं थी। यहां चिड़ियाघर भी हुआ करता था, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के जानवर मौजूद थे। यही वजह थी कि जोधपुर के अलावा आसपास के जिलों से आने वाले लोग भी पब्लिक पार्क और चिड़ियाघर का भ्रमण करने पहुंचते थे। परिवारों के लिए यह पूरा परिसर मनोरंजन और पर्यटन का प्रमुख केंद्र था। समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद चिड़ियाघर को माचिया सफारी पार्क में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद उम्मेद उद्यान की रौनक धीरे-धीरे कम होती चली गई। आज यहां उम्मेद संग्रहालय और लाइब्रेरी तो हैं, लेकिन कभी हजारों लोगों को आकर्षित करने वाले इस उद्यान की हरियाली और व्यवस्थाएं लगातार कमजोर होती गईं। सुबह की सैर में अब हरियाली से ज्यादा दिखते हैं कचरे के ढेर आज भी सुबह के समय बड़ी संख्या में शहरवासी यहां मॉर्निंग वॉक, व्यायाम और जॉगिंग के लिए पहुंचते हैं। बुजुर्गों से लेकर महिलाओं तक की रोजाना की दिनचर्या का यह पार्क हिस्सा है। लेकिन लोगों का कहना है कि पार्क में कदम रखते ही उन्हें हरियाली और साफ-सफाई के बजाय कई जगह कचरे के ढेर दिखाई देते हैं। कहीं सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है तो कहीं कचरा पड़ा हुआ है। पार्क के अलग-अलग हिस्सों में गंदगी के कारण वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस उद्यान को जोधपुर की ऐतिहासिक पहचान और शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में गिना जाता है, उसकी ऐसी हालत आखिर क्यों है? कहीं ट्रैक टूटा, कहीं जमीन बनी बंजर उम्मेद उद्यान की बदहाली का सबसे बड़ा उदाहरण यहां का वॉकिंग ट्रैक है। जगह-जगह से ट्रैक उखड़ा हुआ है। कई स्थानों पर रास्ता इतना खराब है कि लोगों को संभलकर चलना पड़ता है। सुबह सैर करने आने वाले बुजुर्गों के लिए टूटा हुआ ट्रैक परेशानी का कारण बन रहा है। पार्क के कई हिस्सों में पानी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से जमीन बंजर नजर आती है। जहां कभी हरी घास और फूलों की क्यारियां आकर्षण का केंद्र हुआ करती थीं, वहां आज सूखी और खाली जमीन दिखाई देती है। हरियाली के अभाव में उद्यान की खूबसूरती भी प्रभावित हुई है। महिलाएं कहा- पानी, सफाई और सुरक्षा तीनों बड़ी समस्या उद्यान में मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाली महिलाओं ने व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि पार्क में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण गार्डन हरा-भरा नहीं रह पा रहा है। महिलाओं ने यह भी बताया कि कई जगह आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। कहीं कीचड़ और गंदगी है तो कहीं गुटखे की पीक से दीवारें और रास्ते खराब हैं। महिलाओं के मुताबिक पार्क में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड होने से वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकती हैं, लेकिन गार्ड की संख्या कम होने से कई बार असहज स्थिति बनती है। उनका कहना है कि पार्क को केवल साफ करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इसे व्यवस्थित तरीके से विकसित कर हरियाली बढ़ाने, पर्याप्त प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। महिलाओं का वॉक थ्रू बुजुर्गों की चिंता- रात में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा उम्मेद उद्यान में नियमित रूप से सैर करने वाले बुजुर्गों का कहना है कि पार्क के संरक्षण और रखरखाव के लिए समिति भी सक्रिय है, लेकिन इसके बावजूद कई समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है। ऐसे लोगों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। उनका कहना है कि यदि पार्क में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित निगरानी हो तो लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। बावड़ियां भी बदहाल, संरक्षण के अभाव में ऐतिहासिक धरोहर पर संकट उम्मेद उद्यान केवल एक गार्डन नहीं है, बल्कि अपने भीतर ऐतिहासिक महत्व की कई चीजें समेटे हुए है। यहां मौजूद बावड़ियां भी इस परिसर की विरासत का हिस्सा हैं। लेकिन रखरखाव के अभाव में इनका भी स्वरूप खराब होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐतिहासिक धरोहरों का समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां इनके महत्व और मूल स्वरूप से वंचित हो सकती हैं। नगर निगम को उद्यान की हरियाली के साथ-साथ यहां मौजूद ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। निर्माण सामग्री पड़ी, हटाने की भी नहीं हुई व्यवस्था पार्क के कुछ हिस्सों में निर्माण सामग्री भी पड़ी दिखाई देती है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सामग्री तो पहुंचा दी जाती है, लेकिन काम पूरा होने के बाद उसे हटाने और क्षेत्र को व्यवस्थित करने में लापरवाही बरती जाती है। ऐसी सामग्री से न केवल पार्क का सौंदर्य प्रभावित होता है, बल्कि सुबह घूमने आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकती है। आवारा कुत्तों ने बढ़ाई परेशानी, मॉर्निंग वॉक करने वालों में डर उद्यान में आवारा कुत्तों की मौजूदगी भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। मॉर्निंग वॉक करने वालों का कहना है कि कई बार कुत्ते अचानक पीछे दौड़ पड़ते हैं। इससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों में डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को पार्क के भीतर आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। सिर्फ सफाई और हरियाली ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी पार्क प्रबंधन की प्राथमिकता होनी चाहिए। जहरिले पौधों को हटाने की मांग उद्यान में लगाए गए कुछ ऐसे पौधों को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने इन पौधों की पहचान कर आवश्यक होने पर उन्हें हटाने और उनकी जगह उपयोगी एवं सुरक्षित पौधे लगाने की मांग की है। लोग चाहते हैं कि पार्क में स्थानीय जलवायु के अनुकूल ऐसे पेड़-पौधे लगाए जाएं, जो कम पानी में भी पनप सकें और पूरे परिसर को हरा-भरा बना सकें। करोड़ों का बजट, फिर भी सवालों के घेरे में रखरखाव स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब इस ऐतिहासिक उद्यान के विकास के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए या बजट निर्धारित किया गया, तो उसका असर जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देता? लोग बताते हैं कि पार्क की मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर विकास के लिए जारी धनराशि का कितना हिस्सा वास्तविक रूप से उद्यान की हरियाली, ट्रैक, पानी, सफाई और सुरक्षा पर खर्च हुआ। कर्मचारियों की कमी से रखरखाव प्रभावित उद्यान में काम करने वाले नगर निगम कर्मचारियों का भी कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्थाओं को संभालना मुश्किल हो रहा है। एक कर्मचारी ने बताया कि वह करीब दो महीने पहले यहां आया है और अपनी ओर से व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रहा है। उसका कहना है कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण हर हिस्से का नियमित रखरखाव संभव नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में नगर निगम को पत्र लिखकर पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। 90 साल पुरानी विरासत को फिर चाहिए वही रौनक उम्मेद उद्यान ने जोधपुर के करीब नौ दशक के बदलाव को अपनी आंखों से देखा है। महाराजा उम्मेद सिंह के दौर में स्थापित यह उद्यान कभी शहर के बीचोंबीच खूबसूरती, हरियाली और मनोरंजन का बड़ा केंद्र था। यहां गुलाब और मोगरे की खुशबू थी, हरियाली थी, चिड़ियाघर था और परिवारों की चहल-पहल थी। आज चिड़ियाघर माचिया सफारी पार्क पहुंच चुका है और उद्यान के पास लाइब्रेरी व संग्रहालय जैसी महत्वपूर्ण धरोहरें तो हैं, लेकिन गार्डन की मूल पहचान कमजोर पड़ती जा रही है। शहरवासियों की मांग साफ है कि उम्मेद उद्यान को सिर्फ एक सामान्य पार्क के तौर पर नहीं देखा जाए। यह जोधपुर के इतिहास का हिस्सा है। इसकी हरियाली लौटाई जाए, टूटे वॉकिंग ट्रैक दुरुस्त किए जाएं, पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, सफाई नियमित हो, कचरा हटाया जाए, सुरक्षा गार्ड बढ़ाए जाएं और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जाए। अगर इन व्यवस्थाओं पर गंभीरता से काम हो तो शहर के हृदय स्थल में मौजूद उम्मेद उद्यान एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकता है। जिस जगह ने कभी जोधपुर आने वाले लोगों को खूबसूरत यादें दी थीं, वह आने वाली पीढ़ियों को भी वही अनुभव दे सके—इसके लिए अब केवल बजट नहीं, बल्कि प्रभावी निगरानी और ईमानदार रखरखाव की जरूरत है।
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एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने गंगाघाट कोतवाली का किया औचक निरीक्षण

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow37m ago
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव। मंगलवार को एसपी सिटी उन्नाव आयुष श्रीवास्तव ने कोतवाली गंगाघाट का औचक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था और कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी सिटी के अचानक कोतवाली पहुंचने से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी ने सबसे पहले कोतवाली परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रसोईघर, कंप्यूटर रूम, शस्त्रागार, आरक्षी बैरक और कार्यालय का निरीक्षण किया। शस्त्रागार में रखे हथियारों एवं संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली, जबकि कंप्यूटर रूम और कार्यालय में अभिलेखों व कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इसके साथ ही एसपी सिटी ने आरक्षी बैरक और रसोईघर की साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने पुलिसकर्मियों के रहने और दैनिक उपयोग से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद एसपी सिटी ने पुलिसकर्मियों के साथ अर्दली रूम किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों की समस्याओं, ड्यूटी व्यवस्था और कार्य संबंधी जानकारी ली। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा फरियादियों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। एसपी सिटी के निरीक्षण के दौरान कोतवाली प्रभारी समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे। निरीक्षण के जरिए उन्होंने कोतवाली की व्यवस्थाओं, पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और जनता से जुड़े मामलों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया।
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अलवर में हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग पर महिलाओं का विरोध, पुलिस जुटी स्थिति संभालने

Alwar, Rajasthan:घर के आगे 33 हजार वोल्ट की लाइन शिफ्टिंग का विरोध, तनाव के बीच पुलिस तैनात अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में रूपबास रोड पर बिजली की हाईटेंशन लाइन शिफ्ट करने को लेकर विवाद गहरा गया। विद्युत विभाग की ओर से घरों के आगे पोल लगाकर बिजली लाइन बिछाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और लोग मौके पर पहुंच गए और काम रुकवाने की मांग करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर कई थानों का पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद महिलाओं से समझाइश का प्रयास किया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को मौके से दूर किया, जिसके बाद विद्युत पोल लगाने के लिए गड्ढा खोदने का काम शुरू किया गया। स्थानीय निवासी मीना सैनी, रितु सैनी सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में तीन घरों के ऊपर से पहले से 33 हजार और 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजर रही है। अब विद्युत विभाग इन लाइनों को हटाकर लोगों के घरों के सामने पोल लगाकर लाइन शिफ्ट कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों के सामने से हाईटेंशन लाइन गुजरने से बारिश के दौरान करंट और हादसे का खतरा बना रहेगा। लोगों का कहना है कि यह मुख्य मार्ग है, जहां से रोजाना स्कूल बसों के अलावा बड़े वाहन और ट्रोले गुजरते हैं। ऐसे में हाईटेंशन लाइन के कारण खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले वर्ष बिजली लाइन टूटने से एक व्यक्ति की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इसी हादसे को देखते हुए लोग दोबारा ऐसी व्यवस्था नहीं चाहते, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें बिजली लाइन शिफ्ट करने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन आबादी और स्कूलों के बीच से हाईटेंशन लाइन निकालने के बजाय इसे अंडरग्राउंड किया जाए। लोगों का आरोप है कि उन्होंने बिजली लाइन बिछाने के लिए किसी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मामले को लेकर अधीक्षण अभियंता यानी SE को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद जांच के आदेश भी दिए गए। इसके बावजूद आरोप है कि हर 8 से 10 दिन में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काम शुरू करने पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों को विरोध कर बार-बार काम रुकवाना पड़ता है। विरोध बढ़ने और मौके पर तनाव की स्थिति बनने के बाद पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारी हालात पर नजर रखते हुए स्थानीय लोगों और बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर पुलिस जाप्ता मौजूद है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक लाइन शिफ्टिंग का काम रोका जाए। साथ ही आबादी, स्कूलों और मुख्य मार्ग की सुरक्षा को देखते हुए हाईटेंशन लाइन को अंडरग्राउंड करने का विकल्प अपनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।
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