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रेवाड़ी में आग का गोला बना कैंटर
Rasooli, Haryana:रेवाड़ी जिले में दिल्ली-जयपुर हाइवे पर कैमिकल से भरे एक कैंटर में आग लग गई। इस बीच कैंटर के चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना के बाद पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कैंटर पूरी तरह जल चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार की देर रात एक कैंटर दिल्ली से जयपुर की तरफ जा रहा था। उसके पीछे ट्रॉली (बॉडी) में कैमिकल के ड्रम रखे हुए थे। कैंटर जैसे ही कसौला चौक के समीप काठूवास के पास पहुंचा तो अचानक उसमें आग लग गई।
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चित्तौड़गढ़ की जिलाधिकारक डॉ. मंजू का ग्राउंड जीरो पर एक्शन, आम जनता को राहत
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ की जिलाधिकारक डॉ. मंजू का ग्राउंड जीरो पर एक्शन, भीषण गर्मी के बीच वे खुद फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दे रही हैं। जिला कलक्टर ने सिंहपुर नर्सरी, गौरानाथ गौशाला और कपासन उप जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। नर्सरी में आय बढ़ाने के लिए अधिक पौधारोपण के निर्देश दिए, तो गौशाला में छायादार वृक्ष लगाने और आय के स्रोत विकसित करने पर जोर दिया। अस्पताल में इमरजेंसी और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण करते हुए दीवार में आए क्रैक को गंभीरता से लिया और मानसून से पहले मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही साफ-सफाई, पेयजल और गर्मी से राहत के इंतजाम दुरुस्त रखने को कहा। कपासन में ब्लॉक स्तरीय बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आमजन को योजनाओं का पूरा लाभ मिले। रात्रि चौपाल में विधायक अर्जुन लाल जीनगर के साथ ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। वहीं समृद्धि उद्यान के निरीक्षण में भी साफ-सफाई और हरियाली बढ़ाने को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला कलक्टर की यह सक्रियता प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाती है। कुल मिलाकर, चित्तौड़गढ़ में जिला कलक्टर डॉ. मंजू का ग्राउंड जीरो पर एक्टिव रहना प्रशासनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव ला रहा है। निरीक्षण से लेकर चौपाल तक, हर स्तर पर उनकी मौजूदगी न सिर्फ अधिकारियों की जवाबदेही तय कर रही है, बल्कि आमजन में भरोसा भी मजबूत कर रही है कि उनकी समस्याएं अब सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि मौके पर ही हल हो रही हैं。0
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जयपुर में ऑटोमेटेड ट्रैक से लाइसेंस बनवाने में 8 गुना फर्क, नया नियम प्रस्तावित
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - RTO सैकंड में फर्स्ट से 8 गुना अधिक लाइसेंस! - राजधानी के RTOs में ड्राइविंग लाइसेंस का झोल - जयपुर फर्स्ट में लाइसेंस बनवाने नहीं पहुंच रहे आवेदक - कारण, कम्प्यूटराइज ट्रैक पर पास नहीं होते - फिर दलालों की मदद से जयपुर सैकंड में बनते हैं लाइसेंस - फर्स्ट से ढाई गुना अधिक तो चौमू में बन गए एंकर राजधानी जयपुर के ही दो परिवहन कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनने के मामले में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। जयपुर फर्स्ट में ड्राइविंग लाइसेंस बनना अब लगभग बंद हो चुके हैं। वहीं जयपुर सैकंड आरटीओ में धड़ल्ले से लाइसेंस बन रहे हैं। क्यों हो रहा है ऐसा, कितना है लाइसेंस बनने में अंतर, देखिए, जी मीडिया की यह खास रिपोर्ट- वीओ-1 परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को सख्त बनाने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के एक दर्जन आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में कम्प्यूटराइज्ड ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक लागू किए गए हैं। ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का परीक्षण कम्प्यूटराइज पद्धति से किया जाता है। यानी लाइसेंस आवेदक ने यदि गाड़ी चलाने में ट्रायल ट्रैक पर थोड़ी भी गलती की तो उसके नम्बर कटेंगे। 4 अलग-अलग तरह के टेस्ट में प्रत्येक टेस्ट के अलग-अलग नम्बर होते हैं। इसके बाद सामूहिक परिणाम में ट्रायल में पास या फेल का फैसला होता है। मौजूदा स्थिति यह है कि जयपुर फर्स्ट आरटीओ कार्यालय के जगतपुरा में ऑटोमेटेड ट्रैक पर 10 आवेदकों में से बमुश्किल 2 से 3 आवेदकों के लाइसेंस बन रहे हैं। परिवहन विभाग मानता है कि ऑटोमेटेड ट्रैक की सख्त प्रक्रिया से ही सही मायने में लाइसेंस बन रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। रोचक बात यह है कि जो आवेदक जयपुर फर्स्ट कार्यालय में लाइसेंस ट्रायल में फेल हो रहे हैं, वे दलालों की मदद से आरटीओ सैकंड में ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहे हैं। आरटीओ सैकंड के विद्याधर नगर, चौमू, शाहपुरा, कोटपूतली और जयपुर फर्स्ट के दूदू जिला परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ट्रैक नहीं हैं। ऐसे में इन जगहों पर बड़ी संख्या में लाइसेंस बन रहे हैं। Gfx In ड्राइविंग लाइसेंस में कितना अंतर - 1 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 के बीच ड्राइविंग लाइसेंस - जयपुर फर्स्ट के जगतपुरा ARTO में 1640 ड्राइविंग लाइसेंस बने - इसी अवधि में जयपुर सैकंड में विद्याधर नगर में 12961 लाइसेंस बने - यानी जयपुर फर्स्ट की तुलना में 8 गुना अधिक लाइसेंस सैकंड में बने - रोचक यह कि जयपुर फर्स्ट का एरिया सैकंड से है कई गुना ज्यादा - पुलिस थानों के हिसाब से जयपुर फर्स्ट के पास जयपुर शहर का 78 प्रतिशत क्षेत्र और जयपुर सैकंड आरटीओ के पास करीब 22 प्रतिशत क्षेत्र इसके बावजूद जयपुर सैकंड में कैसे बने 8 गुना अधिक लाइसेंस ? जयपुर फर्स्ट क्षेत्र के महज 10 प्रतिशत बराबर चौमू में 4200 लाइसेंस बने - शाहपुरा में 2499 और कोटपूतली में 3631 ड्राइविंग लाइसेंस बने - जयपुर फर्स्ट के दूदू में 3078, चाकसू में 1278 लाइसेंस बने Gfx Out वीओ- 2 परिवहन मुख्यालय के एक अपर परिवहन आयुक्त ने बताया कि जयपुर और सीकर जोन के विभिन्न आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में जिन जगहों पर मैन्युअल प्रक्रिया या ढील की संभावना अधिक है, वहां लाइसेंस की संख्या ज्यादा रही है। वहीं ऑटोमेटेड ट्रैक वाले कार्यालयों में लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या बेहद कम रही है। यानी सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए ऑटोमेटेड ट्रैक जरूरी हैं, लेकिन जब तक सभी जगह एक समान नियम लागू नहीं होंगे, तब तक ऐसे अंतर बने रहेंगे। यदि सख्ती नहीं बढ़ाई गई तो रोड सेफ्टी पर सीधा असर पड़ सकता है। Gfx In क्या हो सकता है नया नियम ? - ऑटोमेटेड ट्रैक वाले जिलों में ‘पिन कोड लॉक’ सिस्टम लागू करने की तैयारी - अब आवेदक केवल अपने क्षेत्राधिकार वाले RTO कार्यालय में लाइसेंस बनवा सकेंगे - यानी जयपुर फर्स्ट के क्षेत्र वाले आवेदक जयपुर सैकंड में लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे - परिवहन मुख्यालय सारथी सॉफ्टवेयर में कर रहा है इसे लेकर बदलाव - इससे दलालों और इंस्पेक्टरों की मिलीभगत पर रोक लग सकेगी - सभी आवेदकों को अपने क्षेत्र के ऑटोमेटेड ट्रैक पर ही ड्राइविंग टेस्ट देना होगा - विभाग मानता है इससे लाइसेंस केवल योग्य और प्रशिक्षित चालकों को ही मिलेगा - जयपुर के 2 कार्यालयों जैसी गड़बड़ी सीकर-झुंझुनूं में देखने को मिली - सीकर में ऑटोमेटेड ट्रैक होने से मात्र 3215 आवेदकों के लाइसेंस बने जबकि झुंझुनूं में ट्रैक नहीं, तो वहां 11510 लाइसेंस बनाए गए Gfx Out0
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वन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
Dholpur, Rajasthan:अवैध खनन पर वन विभाग की कार्रवाई, पत्थर ब्लॉकों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त सरमथुरा (धौलपुर) अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने भिंडीपुरा गांव के पास गश्त के दौरान अवैध पत्थर ब्लॉकों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। यह कार्रवाई एसीएफ चेतराम मीणा के निर्देशन में की गई। वन विभाग को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध खनन कर पत्थरों का परिवहन किया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। जब्त वाहन को बीझौली नर्सरी पर लाकर खड़ा कराया गया है।एसीएफ चेतराम मीणा ने बताया कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान वनपाल नीलेंद्र सहित वन विभाग का जाब्ता मौजूद रहा।0
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बस्तर के एर्राबोर आश्रम दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष सख़्त कैद
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डीबी ने बस्तर के चर्चित एर्राबोर पोटाकेबिन आश्रम में 6 वर्ष 10 माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को सुनाई गई मौत तक कैद की सजा में आंशिक संशोधन करते हुए आरोपी को 20 वर्ष की कैद में बदला है। कोर्ट ने शेष सजा को यथावत रखा है। उल्लेखनीय है कि 24.07.2023 को पीड़िता की माँ ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी लगभग 6 साल 10 महीने की नाबालिग बेटी एर्राबोर के पोटाकेबिन आश्रम में रहती थी, 22.07.2023 की रात को अपने कमरे से गायब हो गई और मिलने पर, उसने दर्द की शिकायत की और बताया कि एक व्यक्ति उसे दूसरे कमरे में ले गया और उसके साथ सेक्सुअल असॉल्ट किया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद, पुलिस ने आईपीसी की सही धाराओं और पास्को एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सुकमा के डिस्टि्रक्ट हॉस्पिटल भेजा गया। अपील करने वाले आरोपी माडवी हिडमा उर्फ सोनू उर्फ राजू पुत्र श्री मुक्का उम्र लगभग 35 वर्ष पता- स्टाफ क्वार्टर पोटाकेबिन एर्राबोर को 27.07.2023 को गिरफ्तार किया गया और उसे भी मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जिसमें वह यौन संबंध बनाने में सक्षम पाया गया। गवाहों का बयान धारा 161 के तहत और पीड़ित का बयान धारा 164 के तहत दर्ज किया गया है और जांच के दौरान पहचान की कार्रवाई भी की गई। सामान्य जांच पूरी होने के बाद, अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 450, 363, 366, 324, 376 और पास्को एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध के लिए ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के उपरांत अपराध सिद्ब होने पर आरोपी को आईपीसी की धारा 450 के तहत 10 साल की सज़ा और 1,000 रुपये का जुर्माना, जुर्माना न देने पर 1 साल के लिए और सज़ा। आईपीसी की धारा 363 के तहत 3 साल की सज़ा और 1,000 रुपये का जुर्माना, जुर्मانہ न देने पर 1 साल के लिए और सज़ा। आईपीसी की धारा 366 के तहत 3 साल की सज़ा और 1,000 रुपये का जुर्माना, जुर्माना न देने पर 1 साल के लिए और सज़ा। आईपीसी की धारा 324 के तहत 3 साल की सज़ा और 1,000 रुपये का जुर्माना, जुर्माना न देने पर 1 साल के लिए और सज़ा। प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट, 2012 (शॉर्ट में ‘पास्को एक्ट’) की धारा 6 के तहत, मौत होने तक उम्रकैद, 5,000/- रुपये का जुर्माना, जुर्मना न देने पर 1 साल का अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी सजाओं को साथ चलाने का निर्देश दिया।सजा के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील पेश की। अपील पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डीबी में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा हमने पार्टियों के वकील को सुना है और ऊपर दी गई उनकी अलग-अलग दलीलों पर विचार किया है और ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड को भी बहुत ध्यान से देखा है। सबसे पहला और सबसे ज़रूरी सवाल यह है कि क्या यह तय किया जाना चाहिए कि ट्रायल कोर्ट ने अपील करने वाले को आईपीसी की धारा 450, 363, 366 और 324 और प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेन्स एक्ट, 2012 की धारा 6 के तहत अपराधों के लिए सज़ा सुनाई है। पास्को एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध के लिए, अपील करने वाले को जुर्माने के साथ बाकी बची ज़िंदगी तक उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। पास्को एक्ट के सेक्शन 6 के तहत दी गई सज़ा को बाकी ज़िंदगी की कैद से घटाकर बीस साल की सख़्त कैद कर दिया जाए, तो यह इंसाफ़ के लायक होगा। पास्को एक्ट के सेक्शन 6 के तहत दी गई जुर्माने की सज़ा और डिफ़ॉल्ट की शर्त को बनाए रखा जाता है। आईपीसी के सेक्शन 450, 363, 366 और 324 के तहत दी गई सज़ा और दोषसिद्धि को भी बनाए रखा जाता है। सभी सज़ाओं को एक साथ चलाने का निर्देश दिया जाता है। अपील को ऊपर बताई गई सीमा तक कुछ हद तक मंज़ूरी दी जाती है। अपील करने वाले के जेल में है। वह इस कोर्ट द्बारा बदली गई पूरी सज़ा काटेगा। वह इन्वेस्टिगेशन, ट्रायल और इस अपील के पेंडिग रहने के दौरान पहले ही बिता चुके समय के सेट-ऑफ का फ़ायदा पाने का हकदार होगा。0
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प्रतापगढ़ में पीएम-कुसुम से सौर ऊर्जा ने नई रफ्तार पकड़ी, 7.43 मेगावाट संयंत्र स्थापित
Pratapgarh, Rajasthan:Slug : 2404ZRJ_PRTP_SOLAR_R\nजिला : प्रतापगढ़\nविधानसभा : प्रतापगढ़\nखबर की लोकेशन : प्रतापगढ़\nजिला संवादाता : हितेष उपाध्याय, 9079154796\nहेडर/हेडलाईन : पीएम-कुसुम योजना से प्रतापगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा, 7.43 मेगावাট क्षमता के संयंत्र स्थापित\nएंकर/इंट्रो : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पीएम-कुसुम योजना के तहत प्रतापगढ़ जिले में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने में मदद मिल रही है।\nजिले में कुसुम-ए एवं कुसुम-सी योजनाओं के अंतर्गत कुल 7.43 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुसुम-ए योजना के तहत बारावरदा में 2 मेगावाट, बिलेडिया में 1 मेगावाट तथा गणेशपुरा में 2 मेगावाट क्षमता के संयंत्र लगाए गए हैं। वहीं कुसुम-सी योजना के तहत कुलथाना में 2.43 मेगावाट क्षमता का संयंत्र स्थापित किया गया है। इन संयंत्रों से उत्पादित विद्युत ऊर्जा को ग्रिड में फीड किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।\nवर्तमान समय में बढ़ती बिजली की मांग और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता के चलते ऊर्जा उपलब्धता एक चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहे हैं। पीएम-कुसुम योजना के तहत स्थापित इन संयंत्रों से न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता में भी सुधार होगा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को मजबूती मिलेगी। तकनीकी मानकों के अनुसार सामान्यतः एक किलोवाट क्षमता से औसतन लगभग चार यूनिट प्रतिदिन विद्युत उत्पादन होता है। इस आधार पर जिले में स्थापित 7.43 मेगावाट क्षमता के संयंत्रों से पर्याप्त मात्रा में बिजली उत्पादन संभव होगा, जिससे जिले की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी एसई एवीवीएनएल आर.के. अग्रवाल ने दी।0
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जनगणना-2027 की तैयारियाँ तेज; उपखण्ड/चार्ज अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर शुभम् चौधरी के निर्देशन में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के तहत उपखण्ड अधिकारियों एवं नगर/तहसील जनगणना चार्ज अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य को प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान जिला कलेक्टर शुभम् चौधरी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए जनगणना-2027 के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्व-गणना अभियान को सफल बनाने के लिए सभी उपखण्ड अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर ब्लॉक स्तरीय बैठकों का आयोजन करने के निर्देश दिए। साथ ही 1 मई से 15 मई 2026 तक चलने वाले स्व-गणना अभियान को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करने की बात कही। जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश पण्ड्या ने फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। जनगणना निदेशालय जयपुर से आए प्रशिक्षक एवं उप निदेशक डॉ. पुलकेश शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान डेटा संकलन की प्रक्रिया, डिजिटल उपकरणों के उपयोग, फील्ड कार्य की चुनौतियों और उनके समाधान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ करने के लिए प्रेरित किया। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग प्रतापगढ़ के अजय शंकर बैरवा, उप जिला जनगणना अधिकारी ने जनगणना-2027 से संबंधित प्रशासनिक एवं वित्तीय गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।0
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बागेश्वर में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत
Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर में पहली बार पहुंचे कैबिनेट और प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। शहर में जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मीडिया से बातचीत में प्रभारी मंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बागेश्वर की दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी अपना परचम लहराएगी। उन्होंने संगठन की मजबूती और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान करते हुए विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने की बात कही।0
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जालौन: दबंग पड़ोसियों की बेरहमी, महिला घायल
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में देखने को मिला दबंग पड़ोसियों का कहर, दबंग पड़ोसियों ने महिला के साथ बेरहमी से की जमकर मारपीट, पड़ोसी युवती ने महिला को सड़क पर पटक-पटककर लात-घूसों से बेरहमी से पीटा, पड़ोसियों की मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुई महिला जिला अस्पताल रेफर, मासूम बच्चों के सामने मां को सड़क पर गिराकर पीटते रहे दबंग पड़ोसी और बिलखते रहे बच्चे, दबंगों की गई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की मामले की जांच पड़ताल, जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के मरगाया गांव का मामला।0
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छांगुर बाबा के खिलाफ 100 करोड़ से अधिक विदेशी फंडिंग के आरोप—पन्नों की चार्जशीट
Noida, Uttar Pradesh:छांगुर के खिलाफ दाखिल चार्जशीट 100 करोड़ से अधिक विदेशी फंडिंग का जिक्र छांगुर बाबा की डिस्चार्ज अर्जी 19 अप्रैल को खारिज कर दी इसके बाद छांगुर और उसके सहयोगियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई का रास्ता साफ हो गया ED और ATS ने जो चार्जशीट दाखिल की है इसमें 100 करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी फंडिंग, जमीन खरीद और संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने के संगीन आरोप लगाए हैं। 1400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इसमें फंडिंग, संपत्ति खरीद, बैंक ट्रांज़ैक्शन और आरोपियों के बीच संबंधों का विस्तृत विवरण दिया गया है चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे, जिनका उद्देश्य बड़े पैमाने पर धर्मांतरण गतिविधियों को अंजाम देना था जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा विदेशी फंडिंग को लेकर हुआ है। ईडी की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2015 से 2024 के बीच 100 करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन हुआ। यह रकम सऊदी अरब और दुबई समेत खाड़ी देशों से भारत लाई गई। एजेंसियों ने मनी ट्रेल को खंगालते हुए पाया कि यह पैसा अलग-अलग खातों और माध्यमों से ट्रांसफर किया गया, ताकि इसकी असल पहचान छिपी रहे। ईडी ने अपनी जांच में एटीएस द्वारा जुटाए गए तथ्यों को भी आधार बनाया और दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय से पूरे नेटवर्क की परतें खोली गई। अधिकारियों का दावा है कि इस फंडिंग का उपयोग धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा देने, लोगों को प्रलोभन देने और नेटवर्क को मजबूत करने में किया गया। जाँच में यह भी सामने आया है कि सह आरोपी बनाए गए नवीन और उसकी पत्नी नीतू ने इस फंड का इस्तेमाल कई जिलों में जमीन खरीदने के लिए किया। बलरामपुर के तरबगंज क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर खरीदी गई इन संपत्तियों का इस्तेमाल कथित तौर पर धर्मांतरण गतिविधियों के संचालन के लिए किया जाता था। एजेंसीयों के मुताबिक, इन जगहों पर लोगों को आर्थिक और सामाजिक प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। दस्तावेजों में यह भी सामने आया है कि कई संपत्तियां पत्नी के नाम पर खरीदी गईं, जबकि इस पूरी प्रक्रिया में छांगुर बाबा की भूमिका एक गवाह और कथित संरक्षक के रूप में बताई जा रही है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों पर देश की जनसांखिकी को प्रभावित करने और सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप हैं। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 121A (राष्ट्र के विरुद्ध साजिश), 153A (धार्मिक वैमनस्य फैलाना) और 420 (धोखाधड़ी) समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। सीरिया लिंक और स्विस बैंक खातों की जांच अभी बाकी है0
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UP ATS ने तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान को गिरफ्तार किया
Baghpat, Uttar Pradesh:UP ATS ने तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान को गिरफ्तार किया है। तुषार मूल रूप से बागपत के रमाला गांव का रहने वाला। हालांकि तुषार अपने माता पिता के साथ मेरठ में रहता है। तुषार के चाचा का कहना है कि वो खुद शॉक्ड है। की तुषार मुस्लिम कैसे बन गया। तुषार के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे। उसके दो दो चाचा आर्मी से रिटायर्ड है। तुषार मेंटेल डिस्टर्ब है। धर्मांतरण कैसे हुआ नहीं पता। तुषार के पैतृक घर पर ताला जड़ा है。0
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हैदराबाद: H-FAST ने मिलावट वाले चाय पाउडर रैकेट का बड़ा पर्दाफाश, 10 गिरफ्तार
Hyderabad, Telangana:HYDERABAD: H-FAST busts adulterated tea powder racket, 10 arrested. Hyderabad Food Adulteration Surveillance Team (H-FAST) conducted raids at 15 locations across the city on April 23, 2026, busting a major adulterated tea powder racket. Acting on credible inputs, officials uncovered large-scale illegal manufacturing units mixing synthetic colours, jaggery, used and expired tea powder to boost profits. During the operation, 10 persons were arrested for their role in preparation and distribution. The accused sourced low-quality tea from Kolkata, Kerala, and Assam, adulterated it using harmful chemicals like Sunset Yellow FCF and Tartrazine, and sold it under fake brand names. Officials seized around 3,000 kg adulterated tea powder, 1,500 kg expired tea powder, artificial colours, and 100 kg jaggery. DCP Gaikward Vaibhav Raghunath IPS stated that the adulterated products pose serious health risks, including allergies and stomach disorders. Cases have been registered under the Food Safety and Standards Act and Bharatiya Nyaya Sanhita. The raids were conducted under the supervision of Task Force Gaikwad Vaibhav Raghunath, IPS, along with H-FAST team officials. Public Advisory: Authorities urged citizens to buy tea powder only from trusted sellers and report any suspected adulteration.0
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कटिहार में 13.5 किलो गांजा के साथ नीतीश कुमार गिरफ्तार
Katihar, Bihar:कटिहार पुलिस को मिली बड़ी सफलता — स्थानीय धर्मकांटे के पास से 13.5 किलो गांजा लेकर पहुंच रहा गुप्त सूचना के आधार पर भागलपुर जिला निवासी नीतीश कुमार को गांजा के साथ स्टेट हाईवे 77, कॉलेज रोड कुर्सेला पर धर दबोचा। कुर्सेला थानाध्यक्ष ने वरीय पदाधिकारी को सूचित करते हुए जाल बिछाया और गिरफ्तार नीतीश कुमार को गांजा के साथ स्टेट हाईवे 77, कॉलेज रोड कुर्सेला पर धर दबोचा। पुलिस द्वारा गिरफ्तार युवक को आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।0
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सैकड़ो विद्युत मीटर उखाड़ उपखंड कार्यालय में उपभोक्ताओं का धरना,बिल जमा करने वाले उपभोक्ता हुए परेशान
Sisolar, Uttar Pradesh:हमीरपुर :- सैकड़ो विद्युत मीटर उखाड़ उपखंड कार्यालय में उपभोक्ताओं का धरना। राजनैतिक दलों के संरक्षण में महिलाओं ने किया बिजली ऑफिस का घेराव। बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ता हुए परेशान कार्य बाधित , इमरजेंसी सेवा हुई प्रभावित। सरकारी संपत्ति नुकसान सरकारी काम मे बाधा डालने का मामला होगा दर्ज-अवर अभियंता। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगो को की समझने की कोशिश ! मौदहा कोतवाली कस्बे के विधुत उपखण्ड कार्यालय का मामला !0
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ब्रेकिंग: जालौन के समी गांव में किसान ने खेत पर पेड़ से फांसी लगाई
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में किसान ने खेत पर पेड़ से फांसी लगाकर की आत्महत्या, बबूल के पेड़ से लटकता मिला 45 बर्षीय किसान रामपाल के शव, किसान का शव खेत पर लटकता देख ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना, सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा, घटना के समय परिवार के सभी सदस्य गए थे शादी समारोह में शामिल होने, घर मे अकेला था किसान, रात में खेत की ओर जाकर उठाया कदम, किसान की मौत के बाद परिजनों में मचा कोहराम, पुलिस सुसाइड के कारणों का पता लगाने में जुटी, जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सामी गांव की घटना।0
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प्रतापगढ़ के कनाड गांव में शराबी युवक ने आग लगा दी, बड़ा हादसा टला
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र के कनाड गांव में गुरुवार देर रात करीब 12 बजे एक गंभीर घटना सामने आई, जहां एक युवक ने शराब के नशे में अपने ही घर में आग लगा दी। आग लगने से घर का अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया, हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार उदा मीणा के मकान में उनके बेटे ने नशे की हालत में अचानक आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। आग लगते ही परिजनों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही अरनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं प्रतापगढ़ से अग्निशमन वाहन को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर नियंत्रण पाया। गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे आग आसपास के मकानों तक नहीं फैल सकी और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ समय तक गांव में दहशत का वातावरण बना रहा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।0
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