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Panipat132101

समालखा में संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, नगरपालिका को नगर परिषद बनाने की मांग

Jun 14, 2024 17:26:07
Samalkha, Haryana

समालखा बचाओ संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को एसडीएम की मार्फत ज्ञापन भिजवाकर समालखा नगरपालिका को भंग करके इसे नगर परिषद बनाने और सभी 22 अवैध कालोनियों को अप्रूव करने की मांग की है। संघर्ष मोर्चा ने मांग पूरी न होने पर हाई कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है। मोर्चा संयोजक एवं आरटीआई एक्टिविस्ट कामरेड पीपी कपूर की अगुवाई में मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम अमित कुमार को सीएम के नाम लिखित मांग पत्र सौंपा।

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MKMukesh Kumar
Mar 12, 2026 11:10:29
Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और फरार अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस कप्तान अपराजिता लोहान के निर्देश पर विशेष अभियान शुरू किया गया है। गुरुवार को पूरे जिले में एक साथ फरार वारंटियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है। दरअसल फरार आरोपियों को कोर्ट में हाजिर कराने के लिए पुलिस ने पारंपरिक और सख्त तरीका अपनाया। विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने ढोल-नगाड़े और डुगडुगी बजाकर फरार वारंटियों के घरों पर इश्तेहार चिपकाए। इस दौरान ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया कि वे अपराधियों को संरक्षण न दें और उनके बारे में पुलिस को सूचना दें। अभियानों की कमान संभाल रहे एसडीपओ संजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरे जिले में निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी है, वे कानून का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें। यदि वे स्वयं उपस्थित नहीं होते हैं, तो पुलिस उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती समेत अन्य कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगी। आपको बता दे कि एसपी अपराजिता लोहान के कमान संभालते ही छापेमारी अभियान में तेजी आई है। पुलिस का उद्देश्य है कि जिले को अपराध मुक्त बनाना और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना। पुलिस की इस लाउड कार्रवाई से कई वारंटी अब कानूनी शिकंजे के डर से आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे हैं।
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RBRAKESH BHAYANA
Mar 12, 2026 11:10:00
Panipat, Haryana:गैस संकट से कराह उठा पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग, हजारों इकाइयाँ बंद होने की कगार पर; मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट\nगैस संकट से ठप हुआ पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग, हजारों मजदूरों पर रोजी-रोटी का संकट\nएलपीजी सप्लाई बंद: पानीपत की 500 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद, एक्सपोर्ट ऑर्डर पर खतरा\n2 लाख मजदूरों का भविष्य दांव पर\nपानीपत। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस आपूर्ति में आई बाधा ने पानीपत के प्रसिद्ध टेक्सटाइल उद्योग को गहरे संकट में डाल दिया है। एलपीजी गैस की सप्लाई ठप होने से शहर की सैकड़ों औद्योगिक इकाइयाँ बंद हो चुकी हैं और हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उद्योगपति और मजदूर दोनों ही इस स्थिति से बेहद चिंतित और परेशान नजर आ रहे हैं।\nहरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन विनोद धमीजा ने बताया कि पिछले दो दिनों से गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद है। पानीपत का विश्व प्रसिद्ध मिंक ब्लैंकेट उद्योग पूरी तरह गैस पर निर्भर है। गैस के बिना बॉयलरों का संचालन संभव नहीं है, जिसके कारण उत्पादन की पूरी प्रक्रिया रुक गई है।\nउन्होंने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग का काम डाइंग प्लांट से शुरू होता है, जहाँ बड़ी मात्रा में गैस की जरूरत होती है। सप्लाई न मिलने से डाइंग और प्रोसेसिंग का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है। इसका सीधा असर एक्सपोर्ट ऑर्डर्स पर पड़ रहा है और कई ऑर्डर रद्द होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो पानीपत के व्यापार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।\nधमीजा ने बताया कि शहर में करीब 3700 औद्योगिक इकाइयाँ हैं, जिनमें से फिलहाल 500 से 600 मिंक ब्लैंकेट और एक्सपोर्ट से जुड़ी इकाइयाँ बंद हो चुकी हैं। अगर गैस संकट जल्द खत्म नहीं हुआ तो घरेलू बाजार से जुड़ी अन्य इकाइयाँ भी बंद हो सकती हैं।\nउन्होंने यह भी बताया कि पानीपत के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग दो लाख श्रमिक काम करते हैं। फैक्ट्रियों के बंद होने से उनके वेतन और भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।\nधमीजा ने कहा कि उद्योग जगत की समस्याओं को लेकर जल्द ही सरकार से मुलाकात की जाएगी। उन्होंने बताया कि उद्योग संगठनों की ओर से रविवार को केन्द्रीय मंन्त्री मनोहर लाल से मिलने का समय मांगा गया है, जहाँ 31 एसोसिएशन मिलकर अपनी समस्या रखेंगे।\nउन्होंने एक और अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों से उद्योग जगत कॉमन बॉयलर प्लांट की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक इसे स्थापित नहीं किया गया। उनका मानना है कि अगर यह प्लांट पहले लग जाता, तो शायद आज उद्योग को इस तरह की गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।\nवहीं ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान वीरभान सिंगला ने बताया कि एलपीजी की सप्लाई बंद होने से 3-डी, बेडशीट, फ्लाइंग और मिंक ब्लैंकेट से जुड़े लगभग 70 से 80 प्रतिशत उद्योग बंद हो चुके हैं। उनका कहना है कि उद्योग बंद होने से मजदूरों की हालत बेहद खराब हो रही है। जब फैक्ट्रियां ही नहीं चलेंगी, तो मजदूरों को वेतन देना भी मुश्किल हो जाएगा।\nसिंगला ने बताया कि उद्योग पहले से ही महंगे कच्चे माल की मार झेल रहा है। यार्न की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। जो यार्न पहले करीब 100 रुपये प्रति किलो मिलता था, वह अब 125 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। ऐसे में उद्योग चलाना और भी कठिन हो गया है।\nउधर मजदूरों की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। फैक्ट्रियों में काम बंद होने से सैकड़ों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। कई फैक्ट्रियों में 100 से 150 मजदूर काम करते थे, जो अब खाली बैठे हैं। मजदूरों का कहना है कि पिछले 5–6 दिनों से गैस सप्लाई बंद होने के कारण काम पूरी तरह ठप पड़ा है।\nमजदूरों ने बताया कि काम बंद होने से उनके घरों में खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। जो थोड़ी-बहुत बचत या राशन था, वह भी खत्म होने के करीब है। गैस की कमी का असर केवल बड़ी फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गैस पर निर्भर छोटे व्यापार और दुकानों पर भी पड़ रहा है।\nउद्योग जगत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और आपूर्ति संकट का सीधा असर पानीपत की इंडस्ट्री पर पड़ा है। यदि जल्द ही गैस सप्लाई का कोई वैकल्पिक समाधान नहीं निकाला गया, तो पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका गंभीर संकट में पड़ सकती है।\nसरकार से अपील करते हुए उद्योगपतियों ने कहा है कि पानीपत देश का एक प्रमुख टेक्सटाइल हब है, इसलिए यहाँ प्राथमिकता के आधार पर गैस सप्लाई की व्यवस्था की जाए, ताकि उद्योग और मजदूर दोनों को इस मुश्किल समय से राहत मिल सके।
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RKRajesh Kumar Sharma
Mar 12, 2026 11:09:03
Delhi, Delhi:दिल्ली के ख्याला गैस गोदाम पर कांग्रेस का प्रदर्शन गैस गोदाम कर्मचारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भी की हाथापाई पश्चिमी जिला के ख्याला गैस गोदाम के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर किया प्रदर्शन और जैसे ही प्रदर्शन करने लगे गैस गोदाम के कर्मचारी और बाउंसर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की और दुर्व्यवहार किया उसके बावजूद कांग्रेस का कार्यकर्ता वहां डटे रहे और गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया और हाय हाय के नारे लगाए और हाथों में बैनर और सिर पर सिलेंडर रखकर जमकर प्रदर्शन किया वही उनका कहना था कि चाहे गैस गोदाम के कर्मचारी कितने ही दादागिरी दिखा दे लेकिन हम इस ख्याला गैस गोदाम पर सिलेंडरों की कालाबाजारी नहीं होने देंगे और हम यही जमकर डटे रहेंगे ताकि पब्लिक को गैस सिलेंडर आराम से मिले और गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके।
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SHShahzad Hussain Bhat
Mar 12, 2026 11:08:45
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SBShowket Beigh
Mar 12, 2026 11:08:31
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BSBHUPENDAR SINGH SOLANKI
Mar 12, 2026 11:06:48
Tonk, Rajasthan:टोंक जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने कहा टोंक में LPG गैस सिलेंडर स्टॉक और सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है. लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की. कालाबाजारी करते पाए जाने पर होगा सख्त एक्शन. टोंक में स्कूलों को मिड डे मील के संचालन के लिए मिलते रहेंगे गैस सिलेंडर. देशभर में LPG गैस सिलेंडर की कमी की आशंकाओं के चलते अफवाहों का बाजार गर्म है. टोंक जिले में भी अलग अफवाह देखी गई; एक पत्र से भ्रम फैल गया कि अब मिड डे मील के लिए सिलेंडर नहीं मिलेंगे. गुरुवार को टोंक जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने LPG गैस सिलेंडर की कमी की आशंकाओं और अफवाहों पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि टोंक जिले में गैस सिलेंडर के स्टॉक और सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है और जेल, पुलिस मेस और सरकारी होस्टल्स और मिड डे मील जैसे मामलों में निरंतर सप्लाई होती रहेगी. टोंक में एक गैस एजेंसी ने टोंक शिक्षा अधिकारी को लिखे पत्र में सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के लिए दिए जाने वाले गैस सिलेंडरों पर रोक की बात कही थी, जिसे कलेक्टर ने एक कन्फ्यूजन बताया. भविष्य में सभी सरकारी संस्थानों—जेल, सरकारी स्कूल या पुलिस मेस व सरकारी होस्टल—में सप्लाई जारी रहेगी. जिला रसद अधिकारी के साथ बैठक में इस समस्या को निपटा लिया गया. पिछ्ले 24 घंटों में सिलेंडरों की सप्लाई व्यवस्था से जुड़ा यह मामला जल्द ही सुलझा लिए जाने से सभी ने राहत की सांस ली. खुद जिला कलेक्टर ने स्थिति साफ की है. जिला रसद अधिकारी ने भी कहा कि किसी को भी समस्या नहीं आएगी.
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SASARIFUDDIN AHMED
Mar 12, 2026 11:05:03
Guwahati, Assam:असम के दर्ंंग के मेडिकल कॉलेज में ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन AAMSU के तरफ से खास रमजान के पूरे महीने मेडिकल में रह रहे बीमारी लोगों के साथ रह रहे रोजेदारों को मुफ्त में शहरी खिला रहे हैं. और असम माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन एक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन है यह एक इंडिपेंडेंस स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन है जो अपने खुद के खर्चे से रोजेदारों को मुफ्त में शहरी रहे क्योंकि दारण जिले के मेडिकल कॉलेज बहुत पिछड़ा इलाका है इस पिछड़ी इलाके में खासत से कोई होटल या मुसाफिरखाना नहीं है इसीलिए ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन ने मेडिकल में रह रहे बीमार लोगों के साथ रह रहे रोजेदारों की मदद के लिए खास सामूहिक तौर पर शहरी का व्यवस्था किया उसके बाद हर रोज रोजेदारों को शहरी खिलाया जा रहा है. all Assam minority स्टूडेंट यूनियन के तरफ से खासत से रमजान के 15 दिनों से भी ज्यादा रोजगारों को शहरी खिला रहे हैं और रमजान के आखिरी 15 दिन भी रोजेदारों को शहरी खिलाते रहेंगे और असम माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन AAMSU दारांग जिला कमेटी।
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VAVishnupriya Arora
Mar 12, 2026 11:04:41
Noida, Uttar Pradesh:
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 12, 2026 11:04:35
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