icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
134108
DIVYA RaniDIVYA RaniFollow23 Jul 2024, 05:38 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

0
0
Report

ज़ोजिला टनल खुलने से लद्दाख-क Kashmir में पर्यटन बढ़ने की उम्मीद

जोजिला टनल के खुलने से न सिर्फ भारतीय सेना और लद्दाख को फ़ायदा होगा, बल्कि इससे पर्यटकों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए भी अच्छी उम्मीदें जगी हैं, क्योंकि पर्यटन में तेज़ी आने की संभावना है। कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाली ऐतिहासिक ज़ोजिला टनल की खुदाई का काम 9 जून, 2026 को पूरा हो गया। इससे दोनों इलाकों के लोगों, खासकर पर्यटन से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग अब उस दिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं जब यह टनल आम जनता और पर्यटकों के लिए खुलेगी। मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन सोनमर्ग में पर्यटक और पर्यटन कारोबारी दोनों ही खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि ज़ोजिला टनल खुलने से पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि यात्रा आसान हो जाएगी और घूमने-फिरने की जगहों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे पर्यटकों की आमद में तेज़ी आएगी। अब तक पर्यटक सिर्फ़ सोनमर्ग तक ही जा पाते थे, लेकिन अब वे कम समय में लद्दाख की ज़ोजिला, मिनिमारग, द्रास और मुश्को घाटी जैसी जगहों पर जा सकेंगे और उसी दिन वापस भी आ सकेंगे। इसी तरह, करगिल के लोग/पर्यटक भी सोनमर्ग आ सकेंगे और उसी दिन वापस जा सकेंगे। पर्यटकों की बातें। सिद्धार्थ नाम के एक पर्यटक ने कहा, "लोग आएंगे, समय बचेगा और वे ज़्यादा जगहों को देख पाएंगे। सोनमर्ग बहुत अच्छी जगह है, यह स्वर्ग जैसा है, मुझे यह बहुत पसंद आया।" चेतन नाम के एक और पर्यटक ने कहा, "टनल खुलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लोगों का समय बचेगा और उन्हें बहुत फ़ायदा होगा।" सुरेश नाम के एक और पर्यटक ने कहा, "पर्यटन बढ़ेगा, लोगों का समय बचेगा, डीज़ल और पैसे की बचत होगी। जो काम घंटों में होता था, वह मिनटों में हो जाएगा। हम आज करगिल जाने की कोशिश कर रहे हैं।" 2025 में गंगानगीर-सोनमर्ग टनल खुलने के बाद से सोनमर्ग में पर्यटन का नज़ारा बदल गया है। भारी बर्फ़बारी के कारण सर्दियों में बंद रहने वाला सोनमर्ग का रास्ता अब साल भर और हर मौसम में खुला रहता है, जिससे पर्यटन उद्योग को काफ़ी फायदा हुआ है। अब ज़ोजिला टनल के पूरा होने से उम्मीद है कि लद्दाख और कश्मीर दोनों जगहों से पर्यटकों का आना-जाना साल भर जारी रहेगा। टूरिज़्म से जुड़े व्यापारियों और स्थानीय लोगों की बात। मुश्ताक अहमद रैना: "यह सफ़र कुछ ही मिनटों का होगा। सड़क कनेक्टिविटी और विकास बढ़ने से टूरिज़्म भी बढ़ेगा। गनागीर टनल मिलने से पहले हमें सिर्फ़ 6 महीने टूरिज़्म मिलता था, लेकिन अब 12 महीने पर्यटक आते हैं। हम सरकार के शुक्रगुज़ार हैं।" एक और व्यापारी मोहम्मद इरफ़ान ने कहा: "टूरिज़्म बढ़ेगा, जो लद्दाख के لوگوں के लिए अच्छी बात है। अब लद्दाख 12 महीने खुला रहेगा और पर्यटक वहाँ जा सकेंगे; हम उन्हें लेह-लद्दाख ले जा सकेंगे और घूमने-फिरने की जगहों को भी बढ़ा सकेंगे। इस साल पर्यटकों की संख्या बहुत अच्छी रही; हम उन्हें थाजवास और ज़ीरो-पॉइंट ले जाते हैं। हम चाहते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा पर्यटक यहाँ आएँ। पहले टनल की वजह से 12 महीने पर्यटक आने लगे और अब ज़ोजिला टनल से पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। हम सरकार के शुक्रगुज़ार हैं।" एक टूरिस्ट गाइड, फिरदौस अहमद मीर ने कहा, "पिछले कई सालों से सोनमर्ग में सिर्फ़ 6 महीने ही टूरिस्ट आते थे, लेकिन टनल की वजह से अब यह 12 महीने का टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है। ज़ोजिला टनल खुलने से और भी जगहें खुलेंगी और हमारे पास घूमने के लिए नई जगहें होंगी। इस साल टूरिज़्म बहुत अच्छा रहा, हर तरह की सुविधाएँ थीं और सुरक्षा भी अच्छी थी; टूरिस्ट हमारे भाई हैं।" ज़ोजिला टनल खुलने से टूरिस्ट साल में कभी भी लद्दाख इलाके में जा सकेंगे। यह इलाका आम तौर पर पाँच-छह महीने तक देश के बाकी हिस्सों से कटा रहता था, लेकिन अब सर्दियों में भी टूरिस्ट के लिए खुला रहेगा। वे बर्फ़ और ठंड का अनुभव कर सकेंगे, खासकर दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह द्रास में, जहाँ तापमान माइनस 30 डिग्री तक गिर जाता है। खालिद हुसैन सोनमर्ग टूरिस्ट डेस्टिनेशन से जब देश के बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है, तब कश्मीर और लद्दाख का मौसम सुहावना बना हुआ है। गर्मी से बचने और मौसम व प्राकृतिक नज़ारों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहाँ आ रहे हैं। कश्मीर में सड़क और टनल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से यहाँ का टूरिज़्म भी बदल गया है। टूरिस्ट नई टनल से यात्रा में आसानी की तारीफ़ कर रहे हैं। 2020 के बाद से पिछले कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लगभग 125 छोटी-बड़ी टनल बनाई गई हैं। करीब 18 टनल अभी बन रही हैं, 12 नई टनल बनाने की योजना है और कई की घोषणा अधिकारियों ने की है। खालिद हुसैन जी मीडिया कश्मीर
0
0
Report

गिरिडीह में बिना तोड़े मकान उठाने की नई तकनीक, रोज़ एक फीट—8.5 फीट तक पहुँचा

Giridih, Jharkhand:एभीबी : कैमरा ज़ूम इन...नीचे लोहे के 80 जैक धीरे-धीरे घूम रहे हैं. ऊपर पूरा मकान हवा में तैर रहा है. किचन में चाय खौल रही है, बेडरूम में पंखा घूम रहा है और नीचे... मजदूर बीम के ऊपर बीम डाल रहे हैं. ये कोई फिल्म का सीन नहीं, गिरिडीह के धरियाडीह में पहली बार बीम के सहारे मकान को उठाया जा रहा है. गिरिडीह में पहली बार कोई मकान बिना तोड़े हवा में उठाया गया है. संतोष गुप्ता का घर अभी 7 फीट ऊपर है. कुल साढ़े आठ फीट तक जाएगा. नीचे खुदाई के साथ बीम ढाला जा चुका है. अब टीम हर दिन 1-1 फीट करके मकान को ऊपर उठा रही है. मतलब रोज नया रिकॉर्ड और कमाल ये कि मकान मालिक संतोष गुप्ता का परिवार ऊपर आराम से रह रहा है. बिना घर खाली कराए नीचे से मजबूत नींव तैयार हो रही है. इस काम को भागलपुर-मधेपुरा की 5 लोगों की टीम के द्वारा किया जा रहा है. टीम के लीडर गुलशन मंडल बताते हैं की बीम का काम पूरा हो गया. अब फाइनल हाइट 8.5 फीट तक ले जाएंगे. सेंसर वाला सिस्टम है, रोज 1 फीट उठाते हैं तो स्ट्रक्चर पर कोई लोड नहीं पड़ता. वंही मकान मालिक संतोष गुप्ता ने बताया की सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर व्हाट्सएप किया था. सोचा नहीं था अपने घर के साथ फिल्मी सीन जीऊंगा. रोज सुबह उठकर देखते हैं, घर 1 फीट और ऊपर चला गया. इस नई तकनीक को देखने के लिए रोज़ लोगों की भीड़ लग रही है. लोग रोज की प्रोग्रेस देखने आ रहे हैं. बताया की बारिश के मौसम में पानी के जलजमाव हो जाने के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया था. अब आराम से घर में रह पाएंगे.
0
0
Report
Advertisement

सीएम के निर्देश: स्कूल समय के दौरान कोचिंग पर रोक, पारदर्शिता के लिए कड़ा नियम

Patna, Bihar:सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अपने सोशल मिडिया हैंडल पर छात्र हित को लेकर कोचिंग संचालन के समय को लेकर शिक्षा विभाग को नया नियम बनाने के निर्देश जारी किए. सीएम ने छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संस्थानों को स्कूल कालेज के समय यानी सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक कोचिंग संचालन पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग को नए नियमावली बनाने के कड़े निर्देश जारी किए . मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस बात की जानकारी दी कि निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी को रोकने और मुख्यधारा की शिक्षा को मजबूत करने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है. इस घोषणा से पूरे प्रदेश के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है. दरअसल , 2024 में भी शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर प्रमुख सचिव ने इस तरह के आदेश जारी किया था और शिक्षा विभाग के 2010 के नियमावली को संशोधित करते हुए कोचिंग संचालको को स्कूल और कालेज के शिक्षण समय में कोचिंग के कार्यकलाप पर रोक लगा दिया था . जिसके बाद बिहार के कोचिंग संचालक संघ मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया और पटना हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया . अब बिहार के सीएम के एलान के बाद एक बार फिर कोचिंग संचालक एकजुट हो रहे हैं और फिर से सरकार के खिलाफ आहै कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं . आपको बता दें कि नए निर्देशों के तहत पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक कड़ा नियम लागू किये जाने का निर्देश दिया गया है . इतना ही नहीं सीएम के निर्देश के बाद कोचिंग सेंटरों को अपने यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा. इस कदम से जिला प्रशासन के पास कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, जिससे उनकी उपस्थिति और सुविधाओं की निगरानी की जा सकेगी. मुख्यमंत्री के नए निर्देश के अनुसार, सरकारी व निजी स्कूलों और कॉलेजों के लिए निर्धारित स्कूल ऑवर्स के दौरान राज्य में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जा सकेगा. सीएम का मानना है कि स्कूल-कॉलेज के समय कोचिंग चलने से छात्र अपनी नियमित कक्षाओं से गायब होते हैं और उनका शैक्षणिक आधार कमजोर होता है. लेकिन छात्र इस बात से इनकार करते हैं . पटना के कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं का कहना है की स्कूल और कालेज की पढ़ाई से वे अपना कैरियर नहीं बना सकते और इसके लिए उन्हें एडवांस शिक्षा की जरुरत होती है . छात्रो का कहना है की आज की तारीख में NEET या ADVANCE-JEE के लिए जिस तरह की शिक्षा चाहिए उसके लिए कोचिंग की जरुरत होती है और सरकार यहाँ कोचिंग की टाइमिंग निर्धारित करेगी तो उन्हें पलायन कर दुसरे राज्यों में जाना पडेगा और वहां का खर्चा उनके परिजन को एफोर्ड करने में परेशानी आएगी . ऐसे में सरकार कोचिंग पहने वालो का डेटा तो ले लेकिन कोचिंग को समय में बांधे नहीं . WT छत्राओं के साथ WT छात्रों के साथ दरसल , समय की यह पाबंदी कड़ाई से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया है. पर कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक और कोचिंग एसोसिएशन ऑफ भारत ने इसपर कडा एतराज जताया है . patna में कोचिंग चलने वाले शिक्षक बिपिन सिंह ने कहा की सरकार को नियमावली बनाने से पहले शिक्षको से बात करनी चाहिए तो वही कोचिंग एशोसिएशन के सचिव सुधीर कुमार सिंह कहते हैं की यह निर्णय हाईकोर्ट के स्टे का अवमानना है . BYTE बिपिन सिंह गोल कोचिंग सुधीर कुमार सिंह सचिव कोचिंग एशोसिएशन और भारत बहरहाल , सीएम सम्राट चौधरी ने साफ किया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस नए नियमावली से न केवल स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन में भी एक आवश्यक जवाबदेही तय की जा सकेगी.
0
0
Report

मालवा से पश्चिम बंगाल तक ड्रग रूट का खुलासा, करोड़ों का नशा ध्वस्त

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच। दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण पर नीमच पहुंचे रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर करोड़ों रुपये के ड्रग्स नेटवर्क को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। डीआईजी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मालवा से सप्लाई होने वाले इस अवैध नशे के तार सीधे पश्चिम बंगाल यानी वेस्ट बंगाल तक जुड़े हुए हैं, जहां तस्कर थोक मात्रा में करोड़ों का नशा सप्लाई कर रहे थे। हाल ही में मंदसौर में पकड़ी गई 20 किलो हाई-क्वालिटी ब्राउन शुगर की जांच में मालवा और पश्चिम बंगाल के इस खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में अवैध ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने इस साल अब तक नशा बनाने वाली 3 बड़ी अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस मालवा-वेस्ट बंगाल ड्रग रूट पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने कुख्यात तस्कर दिलावर खान के पूरे नेटवर्क और चिकलाना में चल रही अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। डीआईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस का फोकस अब सिर्फ माल ढोने वाले छोटे कैरियर पर नहीं है, बल्कि मालवा से लेकर बंगाल तक इस धंधे में मोटी रकम लगाने वाले असली सप्लायरों और खरीदारों (बायर्स) पर है, जिन्हें पुलिस लगातार दबोच रही है। नशे के इस काले साम्राज्य की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस ने अब सफेमा (SAFEMA) कानून के तहत ड्रग्स माफियाओं की करोड़ों की अचल संपत्तियों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है, जिनके केस तैयार कर बॉम्बे भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही, राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं पर छिपे वांटेड तस्करों पर इनाम घोषित कर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। डीआईजी ने पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता का भरोसा देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि विभाग के किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी का आचरण संदिग्ध पाया गया, तो उस पर भी सबसे कठोर ऐक्शन लिया जाएगा。
0
0
Report
Advertisement

हिमाचल डोप टेस्ट विवाद चंडीगढ़ तक पहुँचा; भारती और अजय वर्मा का टेस्ट आज

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में डोप टेस्ट का विवाद अब चंडीगढ़ तक पहुंच गया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती और हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने चंडीगढ़ में डोप टेस्ट कराया। अजय वर्मा ने पहले एक प्रेस वार्ता में नीरज भारती को चुनौती दी थी। इसके बाद भारती ने भी चुनौती स्वीकार की और दोनों ने आज टेस्ट कराया। गौर हो कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नीरज भारती को नशेड़ी कहा था और इसके बाद ही डोप टेस्ट का विवाद शुरू हुआ。 दोनों की रिपोर्ट शाम तक आने वाली है, और नीरज भारती ने दावा किया है कि वे दोनों रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। नीरज भारती ने कहा कि उन्हें और अजय वर्मा दोनों को भरोसा है कि रिपोर्ट में कुछ नहीं आएगा, लेकिन फिर भी उन्होंने यह टेस्ट करवाया है।
0
0
Report

12 घंटे के सड़क जाम के बीच प्रदीप बाखला मौत: ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े

Ansar Nagar, Jharkhand:12 घंटे से सड़क जाम: प्रदीप बाखला की मौत पर परिजनों की चीख-पुकार, मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के सिमरिया-बगरा-बालूमाथ मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटना में संधली गांव निवासी प्रदीप बाखला की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात से शुरू हुआ सड़क जाम 12 घंटे बाद भी जारी है। परिजन और ग्रामीण मुआवजा तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि कोयला वाहन के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें प्रदीप बाखला की जान चली गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे और अन्य परिजन हैं। घटनास्थल पर परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से माहौल गमगीन बना हुआ है। ग्रामीण चतरा उपायुक्त को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं। वहीं सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अंचल अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जल्द ही सड़कों पर स्पीड मीटर और निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाया जा सके।
0
0
Report
Advertisement

अल्मोड़ा कैंट क्षेत्र में तेंदुआ पिंजरे में कैद, लोगों में राहत

Almora, Uttarakhand:Almora - अल्मोड़ा नगर से सटे कैंट क्षेत्र में बुधवार को एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में तेंदुए के फंसने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। तेंदुए की आवाजाही से क्षेत्र के लोग पिछले कई दिनों से दहशत में थे। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर वन विभाग ने 6 जून को ईदगाह के पास पिंजरा लगाया था। चार दिन की निगरानी के बाद तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे विभाग द्वारा निर्धारित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

हिरन नदी में 11 वर्षीय प्रिंस रैकवार की डूबकर मौत; दो बच्चों की बचत

Jabalpur, Madhya Pradesh:हिरन नदी में 11 वर्षी बालक की डूबने से मौत; नहाने के दौरान हादसा. एंकर: जबलपुर के पाटन के थाना गांव में हिरन नदी में नहाने के दौरान तीन बालक डूब गए थे, जिनमें मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया. वहीं गांव का प्रिंस रैकवार, जो लगभग 11 साल का था, नदी में डूब गया और उसकी मौत हो गयी. स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन बालक की मौत हो चुकी थी. उसे पाटन अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि प्रिंस रRackवार अपने नाना-नानी के पास रहकर पढ़ाई करता था. बुधवार दोपहर लगभग 12:00 बजे वह अपने साथियों के साथ हिरन नदी में नहाने के लिए गया था. इसी दौरान तीनों डूबने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया, पर प्रिंस रैकवार गहरे पानी में चला गया था. उसकी खोजबीन की गई और उसे बाहर निकालने तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद परिजन सदमे में हैं; पाटन पुलिस ने बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया है. बाइट: सूर्यकांत शर्मा, एडिशनल एसपी, जबलपुर
0
0
Report

बस्तर में तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता और सुविधाओं की मांग पर प्रदर्शन

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर जिले में बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया, भोजन अवकाश में विभिन्न विभागों के तृतीय वर्ग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, तृतीय वर्ग कर्मचारियों का कहना है कि 1 जनवरी से महंगाई भत्ता मिलना चाहिए था लेकिन राज्य सरकार कोई पहल नहीं कर रही है, इसके अलावा बजट में प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया था लेकिन यह भी वादा पूरा नहीं किया जा रहा, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजप ने मोदी गारंटी के रूप में वादों को पूरा करने की घोषणा की थी लेकिन अब तक वादा पूरा नहीं हो पाया है। संघ के पदाधिकारियों ने आगामी दिनों में अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का भी ऐलान किया।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top