icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
134113
DIVYA RaniDIVYA RaniFollow18 Jul 2024, 06:19 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राजस्थान में स्वाइन फ्लू ने मचाई हलचल: 131 मामले, मंत्री भी संक्रमित

Jaipur, Rajasthan:जयपुर मौसम ने बिछाया बीमारियों का जाल! घर-घर बुखार, खांसी और बदन दर्द के मरीज प्रदेश में 131 H1N1 के पॉजिटिव मामले। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा सहित जयपुर में 2 स्वाइन फ्लू के मामले। राजस्थान में मौसम बदलने के साथ वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं और इसी बीच स्वाइन फ्लू यानी H1N1 ने भी चिंता बढ़ा दी है। घर-घर बुखार, खांसी और बदन दर्द के मरीज हैं, अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार H1N1 के मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी H1N1 पॉजिटिव पाए गए हैं और जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती हैं। राजस्थान में स्वाइन फ्लू के आंकड़े इस बार चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त के पहले पखवाड़े तक प्रदेश में 131 H1N1 मामले सामने आए है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 16 मामले सामने आए थे। यानी एक साल में मामलों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि राजस्थान में अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मौत की सूचना नहीं है। मामलों में बढ़ोतरी के बीच चिकित्सा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में हाईलेवल समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फील्ड अधिकारियों से सीधे फीडबैक लिया गया और हाई रिस्क क्षेत्रों में टीमें बनाकर नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्वाइन फ्लू की जांच और उपचार सेवाएं उपलब्ध रखने, ओपीडी में मरीजों के भार के अनुसार डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती करने और अस्पतालों में जांच, दवाइयों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फर्स्ट रेफरल यूनिट और ट्रॉमा सेंटर में तीन चिकित्सकों की ट्रायो पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जहां CT और MRI की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां PPP मोड पर जांच सेवाएं शुरू करने की बात कही गई है। मानव संसाधन की स्थिति की रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। इसी बीच जयपुर में इस वायरस का पहला केस, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की H1N1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती कराया गया। SMS अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के मुताबिक मंत्री की स्थिति फिलहाल स्थिर है, हालांकि उन्हें अभी ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किरोड़ी लाल मीणा से मिलने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी SMS अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अभी राजधानी में स्वाइन फ्लू के 2 केस एसएमएस में रिपोर्ट हुए है, जिनका इलाज जारी है। हालांकि देशभर में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच ICMR ने लोगों को घबराने की जरूरत नहीं बताई है। ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के मुताबिक मौजूदा H1N1 कोई नया वायरस या नया स्ट्रेन नहीं है, बल्कि यह पुराना और जाना-पहचाना मौसमी वैरिएंट है। मौसम में बदलाव और मानसून के दौरान सांस से फैलने वाले संक्रमण बढ़ने की वजह से मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। ICMR के मुताबिक मौजूदा फ्लू वैक्सीन H1N1 के खिलाफ प्रभावी है। H1N1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं। ज्यादातर मरीज उचित आराम और इलाज से कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
0
0
Report

भेरूजी मंदिर में मगरमच्छ के घुसने से हड़कंप, वन विभाग ने रेस्क्यू किया

Kota, Rajasthan:कोटा.. थेगड़ा स्थित भेरूजी मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर के अंदर एक भारी-भरकम मगरमच्छ पहुंच गया। मंदिर में मगरमच्छ को देखकर श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के रेस्क्यू का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने करीब 6 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसका वजन करीब 30 किलो बताया जा रहा है। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। मानसून के सीजन में जलभराव और नदी-नालों में पानी बढ़ने के साथ मगरमच्छ सहित दूसरे जंगली जीव-जंतुओं के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने का खतरा भी बढ़ जाता है। वन विभाग ने लोगों से ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर उनसे दूरी बनाए रखने की अपील की है。
0
0
Report
Advertisement

कोटा के अनंत चतुर्दशी जुलूस पर दत्ता के बयान से राजनीतिक हलचल

Kota, Rajasthan:कोटा.. अनंत चतुर्दशी जुलूस को लेकर राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजीव दत्ता के बयान ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कोटा के श्याम ऑडिटोरियम में अखाड़ों के सम्मान समारोह के दौरान राजीव दत्ता ने कहा कि उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब अनंत चतुर्दशी के जुलूस के दौरान दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर शहर के 80 उस्ताद दमखम के साथ यह तय कर लें कि उनके पास ऐसी फौज है, जो जुलूस को वहां से निकाल सकती है, तो वह जुलूस वहां से निकालेंगे। दत्ता ने कहा—“जुलूस घंटाघर से नहीं निकलेगा तो क्या पाकिस्तान से निकलेगा?” उन्होंने यह भी कहा कि जुलूस निकलेगा और उसमें सबसे आगे वह खुद रहेंगे। बयान के बाद अनंत चतुर्दशी जुलूस के मार्ग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
0
0
Report
Advertisement

गोंडा के जुलूस में विवादित नारे पर पुलिस ने मुक़दमा दर्ज किया

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहाँ गोंडा के मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलावा नाउ पुरवा गांव में आज बारावफात त्यौहार के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया था। जहाँ इस जुलूस के दौरान ई-रिक्शा पर साउंड और लाउडस्पीकर लगा हुआ है जिसमें मुस्लिम समाज का गीत बज रहा है और उसी गीत के बीच विवादित "गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा" का नारा मिक्स गाना बज रहा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब मोतीगंज थाने की पुलिस ने इस पूरे मामले को लेकर के जांच शुरू कर दी है। इस पूरे जुलूस के दौरान तमाम मुस्लिम समाज के लोग शामिल हैं और डीजे और लाउडस्पीकर पर इस तरीके का नारा वाला गाना बज रहा है। वही इस पूरे वायरल वीडियो को लेकर के सीओ सदर अभिषेक दावाच्या ने जी मीडिया संवाददाता से फोन पर बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से मोतीगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज करके संबंधित वाहन को सीज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
0
0
Report

महंगाई ने लोगों का बजट हिला दिया; चाय-खाने और मिठाइयाँ महँगी

Moga, Punjab:ਮਹਿੰਗਾਈ ਨੇ ਹਿਲਾਇਆ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਬਜਟ, ਚਾਹ ਦੇ ਕੱਪ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਮਿਠਾਈਆਂ ਤੱਕ ਪਿਆ ਅਸਰ。 ਲੋਕਾਂ ਮੁਤਾਬਿਕ ਇਸ ਵਾਰੀ ਤਿਓਹਾਰ ਫਿੱਕੇ ਰਹਿਣ ਦੀ ਉਮੀਦ । ਜ਼ੀ ਪੰਜਾਬ ਹਰਿਆਣਾ ਹਿਮਾਚਲ ਦੇ ਖ਼ਾਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ‘ਪਿੰਡ ਦੀ ਸੱਥ’ ਤਹਿਤ ਅੱਜ ਮੋਗਾ ਦੀ ਟੀਮ ਬੁੱਘੀਪੁਰਾ ਚੌਂਕ ਨੇੜੇ ಪਹੁੰਚੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ੀ ਮੀਡੀਆ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਤੋਂ ਆਏ ਲੋਕਾਂ ਅਤੇ ਵਰਕਸ਼ਾਪਾਂ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਧ ਰਹੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਅਤੇ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਦੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਦੇ ਵਧ ਰਹੇ ਭਾਅ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਆਪਣੀ ਚਿੰਤਾ ਜ਼ਾਹਰ ਕੀਤੀ। ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਮਾਲਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਹਿੰਗਾਈ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਾਰਾ ਬਜਟ ਹਿੱਲ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਦੁਕਾਨ ’ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਗਾਹਕਾਂ ਨੂੰ ਤਿੰਨ-ਚਾਰ ਵਾਰ ਚਾਹ ਪਿਲਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ, ਪਰ ਖੰਡ ਦੇ ਭਾਅ ਵਧਣ ਕਾਰਨ ਹੁਣ ਚਾਹ ਦਾ ਕੱਪ ਵੀ 20 ਤੋਂ 25 ਰੁਪਏ ਦਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਹਾਲਾਤ ਇਹ ਹਨ ਕਿ ਕੋਈ ਗਾਹਕ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਚਾਹ ਪਿਲਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਕਈ ਵਾਰ ਸੋਚਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ’ਤੇ ਵੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਦਾ ਅਸਰ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸੀਮਤ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਦੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਕਾਰਨ ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਮਿਠਾਈਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਤਿਉਹਾਰੀ ਸਮਾਨ ਖਰੀਦਣਾ ਵੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹੁੰਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਮਹਿੰਗਾਈ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਠੋਸ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵੱਡਾ ਦੁਕਾਨਦਾਰ ਜਾਂ ਵਪਾਰੀ ਜਮ੍ਹਾਂਖੋਰੀ ਕਰਕੇ ਮਹਿੰਗਾਈ ਵਧਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਤੋਂ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ。
0
0
Report
Advertisement

हाईकोर्ट ने राजधानी के ई-रिक्शा बढ़ोतरी से यातायात संकट पर नीति स्पष्ट करने का निर्देश

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में तेजी से बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और उनसे होने वाली यातायात समस्या पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या शहर में भारी यातायात समस्या पैदा कर रही है। सरकार को इसके लिए उपयुक्त नीति बनाकर प्रभावी ढंग से समस्या से निपटना होगा. न्यायमूर्ति आलोक माथुर व अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने शहर में यातायात प्रबंधन के मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि राजधानी में करीब 80 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनके लिए पर्याप्त और निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं होने से चौराहों और प्रमुख मार्गों के आसपास इनके जमावड़े के कारण यातायात बाधित होता है. इस पर न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक सड़क की वाहनों को वहन करने की एक निर्धारित क्षमता होती है। शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा के कारण यह क्षमता प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह अपर मुख्य सचिव, परिवहन से सरकार की प्रस्तावित नीति के संबंध में स्पष्ट निर्देश प्राप्त करें. सरकार को यह भी बताना होगा कि ई-रिक्शा की लगातार बढ़ती बिक्री और उनके संचालन को किस प्रकार नियंत्रित किया जाएगा. यातायात के लिए अलग कैडर बनाने पर विचार सुनवाई के दौरान अलग यातायात पुलिस कैडर गठित करने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। कोर्ट ने कहा कि यातायात पुलिस का कार्य सामान्य पुलिस से अलग है। बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए पृथक कैडर बनाने पर सरकार को विचार करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था में लगाने से कानून-व्यवस्था पर भी दबाव पड़ता है। इसलिए यातायात व्यवस्था के लिए अलग व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कोर्ट ने पॉलीटेक्निक से कमता तिराहे तक हाईकोर्ट परिसर के आसपास यातायात सुचारू करने के लिए चिन्हित 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की। नगर निगम की रिपोर्ट और कोर्ट द्वारा गठित समिति के प्रस्तावों पर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश करने का निर्देश दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी.
0
0
Report

कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे की देरी पर विरोध प्रदर्शन किया

Noida, Uttar Pradesh:कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी को लेकर BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र और BJP बार-बार दावा करते हैं कि 2019 से जम्मू-कश्मीर में हालात बेहतर हुए हैं और शांति बनी हुई है, तो फिर राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का दर्जा बहाल न करने से लोग अपने बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों और पूरी तरह से सशक्त राजनीतिक व्यवस्था से वंचित रह जाते हैं। जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य मुद्दों पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौजूदा सरकार लोगों की समस्याओं को लेकर चिंतित है और उनके समाधान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की सेवा करने और जम्मू-कश्मीर को एक प्रगतिशील और विकसित क्षेत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
0
0
Report

कानपुर बारिश से जलमग्न, कई इलाकों में पानी घुटनों तक; यात्राएं बाधित

Kanpur, Uttar Pradesh:बारिश से कानपुर जलमग्न, सड़कों पर घुटनों तक पानी. कानपुर में लगातार हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार रात हल्की बारिश के बाद बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। आरटीओ कार्यालय के बाहर घुटनों तक पानी भर गया, वहीं श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर भी सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। पी रोड, कल्याणपुर, गोवा गार्डन समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण शहर में जगह-जगह जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
0
0
Report
Advertisement

भूपेंद्र चौधरी का ओवैसी पर हमला, न्यायपालिका और संविधान के खिलाफ एजेंडा पर खुलासा

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद पहुंचे यूपी सरकार मे कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान, प्रयागराज हाईकोर्ट के बुर्के कों लेकर दिए फैसले पर कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान, हम सबका देश की न्यायपालिका मे विश्वास है, हमारी एक संवेधानिक व्यवस्था है और उसमे माननीय न्यायलय का जो आदेश है उसका हम सम्मान करते है, वहीँ कोर्ट के फैसले के खिलाफ उतरे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर भूपेंद्र चौधरी का हमला, अब देश मे न्यायमiquला और संविधान से ऊपर कोई नहीं, ओवैसी और कांग्रेस के लोग अपने आपकों देश और संविधान से ऊपर समझते है.... देश मे न्यायपालिका से ऊपर कोई नहीं, देश मे शरिया क़ानून लागू करने का इनका एजेंडा है, शाहबानो केस मे सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने पर कांग्रेस की राजीव गाँधी की सरकार ने बुजुर्ग महिला के हक़ मे फैसला आने पर सरकार ने उसे पलट दिया, इन लोगो की आस्था देश के संविधान और न्यायपालिका मे नहीं है, इनका एजेंडा सिर्फ शरिया लागू करने का है, देश और प्रदेश की जनता सब जानती है, यही कारण है की पूरा देश मोदी जी के नेतृत्व मे खड़ा है, हमें देश की न्यायपालिका मे पूर्ण विश्वास है और संविधान मे हमारी पूरी आस्था, वहीँ ओवैसी के इस्लाम मे क्या जरुरी कोर्ट तय नहीं करेगा कहने पर भूपेंद्र चौधरी का ओवैसी पर हमला, हमारे यहाँ किसी आधार पर नहीं बल्कि देश के संविधान के आधार पर देश के शासन की व्यवस्था चलती है, उसी परिपेक्ष मे उच्च न्यायलय का फैसला आया है, हम सभी कों न्यायलय के फैसले का सम्मान करना चाहिए, इनका तो देश मे एजेंडा है की विपक्ष के लोग देश के संविधान और न्यायपालिका कों नहीं मानते, ये लोग शरिया क़ानून लागू करना चाहते है लेकिन.... .....भारत की जनता और संविधान उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता, वहीँ 27 चुनाव कों लेकर कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान, हम अपने 10 सालो के कार्यों का लेखाजोखा लेकर जनता के बीच मे जायेंगे, हम अपने काम भी बताएंगे और सपा और कांग्रेस के भी कारनामें बताएंगे, केंद्र सरकार के 2004 से 14 तक के कांग्रेस के कारनामें और 2014 से 17 तक राज्य मे सपा के कारनामें थे.वो भी बताएंगे ... जिस प्रकार अराजकता, गुंडागर्दी, बेईमानी और भ्रष्टाचार और सरकारी नौकरी मे भाई भतीजावाद होता था जिस प्रकार सैफई से लिस्ट आती थी..... कांग्रेस की सरकार के समय देश की संवेधानिक संस्थाओ का हरण हुआ और मनमोहन सिंह जी का पूरा मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार आकंड़ मे डूबा था, हम इस सबकी चर्चा जनता के सामने करेंगे, लोकतंत्र मे हमारा अधिकार है की हम अपनी अच्छाई और अपने किए काम बताएंगे और जो दुसरो लोगो की सरकार मे काम हुए वो भी गिनाएंगे, बाइट :- भूपेंद्र चौधरी, कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश।
0
0
Report

कूनो से निकले दो चीते बारां के शाहाबाद पहुंचे; वन विभाग निगरानी बढ़ाई

Baran, Rajasthan: कूनो से निकलकर बारां के शाहाबाद पहुंचे दो चीते । एंकर- कूनो नेशनल पार्क से निकलकर फिर से दो चीते राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के राजपुर- बैठा के जंगलों में पहुंच गए हैं। दोनों चीतों की पहचान OKAD-1 और OKAD-2 के रूप में बताई जा रही है। दोनों चीते जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं और कूनो नेशनल पार्क की टीम उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। गौरतलब है कि करीब चार दिन पहले इसी वन क्षेत्र में पहुंचा चीता वीरा वापस मध्यप्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क लौट गया था। इसके बाद अब दो और चीतों के राजस्थान की सीमा में पहुंचने से वन विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। लगातार चीतों का शाहाबाद के जंगलों की ओर रुख करना क्षेत्र के अनुकूल वन्य वातावरण का संकेत माना जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से चीतों से दूरी बनाए रखने, भीड़ नहीं लगाने और किसी भी तरह की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है।
0
0
Report

मानसून में हैसरा पहाड़ से रत्न बरसते, गांव की किस्मत बदले

Gaya, Bihar:बिहार का लखपति पहाड़,बरसात में होती है रत्नों की बारिश, मानसून में लोगों की बदल जाती है किस्मत। बिहार के गया जिले में एक ऐसा रहस्यमयी पहाड़ है, जो लोगों को लखपति बना रहा है. बारिश के तेज धाराओं से लोगों की किस्मत बदल जा रही है, जिनके पास खाने के पैसे नहीं उनके घर पक्के बन गए. ये सबकुछ हुआ हंसराज पहाड़ के रहस्यमयी खजाने से निकलने वाली अनमोल रत्नों की बारिश से हो रही है। जी हां, गांव के लोग अब हर साल मानसून का इंतजार करते हैं और बारिश होते ही निकल पड़ते हैं पहाड़ पर जहां मोती-मनिया जैसे कीमती पत्थर रास्ते में पड़े होते हैं.जिसके बारे में स्थानीय लोगों का दावा है कि हर मानसून उनके लिए खुशहाली लेकर आता है। हंसराज पर्वत से बारिश के दौरान बहकर आने वाले चमकीले पत्थरों की तलाश में पूरा गांव जुट जाता है। ग्रामीण इन्हें मूंगा, मोती और मनिया या अनमोल रत्न बताते हैं और दावा करते हैं कि इन्हीं पत्थरों ने कई गरीब परिवारों की किस्मत बदल दी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। गयाजी मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित वजीरगंज प्रखंड के हसरा गांव हंसराज पर्वत की तलहटी में बसा है। करीब 150 घरों और लगभग एक हजार की आबादी वाले इस गांव में मानसून का मौसम सिर्फ खेती के लिए नहीं, बल्कि उम्मीदों का मौसम भी माना जाता है। गांव के लोग बताते हैं कि जैसे ही तेज बारिश होती है, पूरा गांव पहाड़ और उसके आसपास के इलाकों में अनमोल पत्थरों की तलाश में निकल पड़ता है। जिसका वास्तविक सच्चाई जाने के लिए जी मीडिया की टीम उस इलाके में पहुँची और वँहा के स्थानीय जनप्रतिनिधि, और ग्रामीणों से इस बारे की जानकारी प्राप्त किया और इस रहस्यमय पहाड़ से निकलने वाले रत्नों के सच्चाई सुनी। वॉक्सपोप स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों के साथ ग्रामीणों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान पहाड़ की मिट्टी और चट्टानों के साथ कई चमकीले पत्थर नीचे खेतों और रास्तों तक पहुंच जाते हैं। इन्हीं पत्थरों को स्थानीय भाषा में मूंगा मोती और मनिया कहा जाता है। कई लोगों का दावा है कि उन्हें खेत, पगडंडी और पहाड़ी ढलानों पर ऐसे पत्थर मिले, जिन्हें बाद में अच्छे दामों में बेचा गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के मौसम में गया, बोधगया, राजगीर ही नहीं बल्कि राजस्थान सहित कई जगहों से रत्न कारोबार से जुड़े लोग गांव पहुंचते हैं। वे ग्रामीणों से संपर्क कर इन पत्थरों की खरीदारी करते हैं। इस कारण बरसात के दिनों में हसरा गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही भी बढ़ जाती है। हंसराज पर्वत से मिलने वाले इन पत्थरों को लेकर लोगों में कई तरह की मान्यताएं और कहानियां प्रचलित हैं। वैज्ञानिक स्तर पर इनकी उत्पत्ति और वास्तविक मूल्य को लेकर व्यापक अध्ययन सामने नहीं आया है। इसके बावजूद हसरा गांव के लोगों के लिए यह पहाड़ सिर्फ एक पहाड़ नहीं, बल्कि उम्मीद, विश्वास और बेहतर भविष्य का प्रतीक बन चुका है。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top