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DIVYA RaniDIVYA RaniFollow18 Jul 2024, 06:19 pm
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धौलपुर रेलवे स्टेशन अब सौर ऊर्जा से पूरी बिजली बनाएगा, 150 किलोवाट क्षमता

Dholpur, Rajasthan:बिल की टेंशन खत्म! धौलपुर स्टेशन अब खुद बनाएगा अपनी बिजली धूप बनेगी धौलपुर स्टेशन की ताकत अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर रेलवे कमाएगा राजस्व, 86 लाख के बकाया बिल से मिलेगी राहत धौलपुर रेलवे स्टेशन अब बिजली के मामले में खुद पर निर्भर होगा। रेलवे ने स्टेशन पर लगे 87 किलोवाट के सोलर प्लांट को बढ़ाकर 150 किलोवाट करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। नई क्षमता शुरू होते ही स्टेशन अपनी जरूरत की लगभग पूरी बिजली सौर ऊर्जा से बना लेगा। इससे रेलवे का बिजली बिल घटेगा, 86 लाख का बकाया कम होगा और जरूरत से ज्यादा बनी बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई भी होगी। पर्यावरण को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। 87 से 150 किलोवाट होगी उत्पादन क्षमता धौलपुर रेलवे स्टेशन जल्द ही बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। स्टेशन पर सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके तहत वर्तमान में स्थापित 87 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट को बढ़ाकर 150 किलोवाट किया जाएगा। क्षमता बढ़ने के बाद स्टेशन अपनी जरूरत की लगभग पूरी बिजली खुद तैयार कर सकेगा और बिजली बिल में बड़ी बचत होगी। हरित ऊर्जा और खर्च में कटौती का उद्देश्य रेलवे द्वारा हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। फिलहाल धौलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में लगे सौर पैनलों से बिजली उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई क्षमता शुरू होने के बाद स्टेशन की दैनिक बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा से हो सकेगी। इससे बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने की जरूरत काफी कम हो जाएगी और रेलवे के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। अतिरिक्त बिजली से होगी कमाई यह योजना का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली को विद्युत निगम के ग्रिड में भेजा जाएगा। इससे रेलवे को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। वर्तमान में रेलवे पर विद्युत विभाग का करीब 86 लाख रुपये का बकाया बिल है। अधिकारियों का मानना है कि सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से भविष्य में बिजली खरीद पर होने वाला खर्च घटेगा और आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त बिजली की बिक्री रेलवे के लिए राजस्व का नया स्रोत भी बनेगी। खाली जमीन पर लगेंगे नए पैनल योजना के तहत रेलवे ट्रैक के आसपास और स्टेशन क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि का उपयोग भी किया जाएगा। इन स्थानों की साफ-सफाई कर वहां नए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ अनुपयोगी भूमि का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। रेलवे का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है। पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा सौर ऊर्जा से तैयार बिजली का उपयोग स्टेशन की रोशनी, कार्यालयों, यात्री सुविधाओं और रेल संचालन से जुड़े विभिन्न उपकरणों को चलाने में किया जाएगा। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से यह परियोजना हरित ऊर्जा अभियान को और मजबूत करेगी। परियोजना पूरी होने के बाद धौलपुर रेलवे स्टेशन उन चुनिंदा स्टेशनों में शामिल हो जाएगा, जो अपनी बिजली जरूरतों को काफी हद तक स्वयं पूरा करने में सक्षम होंगे। आगरा मंडल का 2000 किलोवाट का लक्ष्य गौरतलब है कि आगरा रेल मंडल वर्तमान में 1789 किलोवाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। मंडल का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 2000 किलोवाट तक पहुंचाने का है। वर्ष 2024-25 के दौरान मंडल ने 15.15 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया था और अतिरिक्त बिजली बेचकर 63.51 लाख रुपये की आय अर्जित की थी। अब धौलपुर रेलवे स्टेशन भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनने की तैयारी कर रहा है।
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राजा साहब की याद: खैरागढ़ में देवव्रत सिंह की राजनीतिक यात्रा आज भी जीवंत

Khairgarh, Uttar Pradesh:सत्ता बदली दौर बदले लेकिन राजा साहब की याद नहीं बदली खैरागढ़ की राजनीति में कई नेता आए और गए लेकिन एक नाम ऐसा है जिसे आज भी लोग सम्मान और अपनत्व के साथ याद करते हैं स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह। उनकी जन्म जयंती पर एक बार फिर क्षेत्र में उनकी राजनीतिक यात्रा और जनसेवा की चर्चा हो रही है। राजघराने में जन्म लेने के बावजूद देवव्रत सिंह ने अपनी पहचान महलों से नहीं बल्कि गांव की चौपालों और आम जनता के बीच बनाई। यही वजह रही कि वे केवल एक राजनेता नहीं बल्कि लोगों के सुख दुख के सहभागी बन गए। जनता उन्हें नेता से ज्यादा राजा साहब कहकर पुकारना पसंद करती थी। देवव्रत सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में चार बार विधायक और एक बार सांसद के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में उनकी अलग पहचान रही। बाद में राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने नई राह चुनी लेकिन जनता का भरोसा उनके साथ बना रहा और वर्ष 2018 में वे फिर विधायक निर्वाचित हुए। उनकी राजनीति की सबसे बड़ी विशेषता जनता से सीधा संवाद था। किसी ग्रामीण की समस्या हो किसान की चिंता हो या सामाजिक आयोजन राजा साहब की मौजूदगी अक्सर लोगों के बीच दिखाई देती थी। यही कारण है कि उनका जनाधार दल और पद से कहीं बड़ा माना जाता था। 4 नवंबर 2021 को उनके निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया था। आज भी खैरागढ़ के गांवों और चौपालों में जब राजनीति की चर्चा होती है तो राजा देवव्रत सिंह का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी जयंती केवल एक नेता को याद करने का अवसर नहीं बल्कि उस दौर को याद करने का मौका है जब राजनीति और जनता के बीच रिश्तों में आत्मीयता दिखाई देती थी। शायद यही वजह है कि वर्षों बाद भी खैरागढ़ की जनता कहती है कि राजा साहब आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं।
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झारखंड राज्यसभा चुनाव: सियासी कज़स् फिर उलझे, किस चेहरे पर लगेगा मोहर?

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए सियासी sस्पेंस बरकरार है। बीजेपी और कांग्रेस राज्यसभा को लेकर अपने केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में लगातार बना है। वहीं सूबे में राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। राज्यसभा को लेकर सत्ताधारी दल के पास आंकड़े हैं तो उम्मीदवार को लेकर पेंच उलझा हुआ है। अब तक गठबंधन में झामुमो और कांग्रेस ने उम्मीदवारों पर तस्वीर साफ नहीं किया तो बीजेपी ने भी उम्मीदवार देने का ऐलान किया है पर चेहरा कौन अब तक क्लियर नहीं है. राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कोटे के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा मैं डंके की चोट पर कहता हूँ सीएम साहेब जिसको चाहेगें वो राज्यसभा का सदस्य बन जाएगा। बॉस के विवेक पर है किनको चुनते हैं। एक कांग्रेस को मिलना चाहिए और कांग्रेस का जो भी उम्मीदवार होगा बिना बॉस के आशीर्वाद से नहीं जीतेगा। हमलोग ने अपने बॉस पर छोड़ दिया है। मेरा मानना है कांग्रेस के लोकसभा में मुस्लिम का टिकट काट दिया गया। राज्यसभा में किसी al्पसंख्यक को देने की बात कही गई थी, अगर किसी माइनरिटी को मिलता है तो ये सीट निकल जाएगा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा, राज्यसभा के लिए पार्टी के शीर्षस्थ नेता देख रहे हैं सीएम से भी बात कर रहे हैं। पांच से 6 जून तक क्लियर हो जाएगा। कांग्रेस ने अपनी दावेदारी किया है, पूरा उम्मीद है कांग्रेस को एक सीट मिलेगा। जो हमने दावा किया है वो एक सीट मिल जाए फिर प्रत्याशी की बात होगी. झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, अमूमन हर चुनाव में इस तरह की परिस्थिति पैदा होती है, एक अहम चुनाव दो सीटें जीतने का संकल्प और इसके साथ ही इंडिया गठबन्धन की मुकम्मल तैयारी चल रही है। एक दो दिन और संशय के बदल रह सकते हैं। पांच या छः जून तक स्थिति स्पष्ट होगी। हम चुनाव लड़ेंगे और सीएम हेमंत सोरेन की रणनीतिक कौशल पर हमें पूरा भरोसा है। अपने सहयोगियों को विश्वास में लेकर विचार विमर्श के उपरांत दोनों उम्मीदवार की घोषणा होगी और जीतेगें। कांग्रेस के आला नेता सीएम हेमंत सोरेन के संपर्क में हैं, संवाद चल रहा है. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, बीजेपी ने स्पष्ट घोषणा किया है हम उम्मीदवार देंगें और चुनाव लड़ेगे, पूरे दम खम से लड़ेंगे। इस बार बीजेपी किसी भी धन पशु को टिकट नहीं देने जा रही है। जो भी चुनाव लड़ेगा बीजेपी का कार्यकर्ता होगा। हम चुनाव लड़ेगे और सही समय पर नाम की घोषणा हो जाएगी। बाकी दूसरे दलों को देखना चाहिए। कांग्रेस और जेएमएम आपस में फरिया ले
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फरीदाबाद के बदशाह खान अस्पताल में फार्मासिस्ट कमी से मरीज घंटों इंतजार

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद अस्पताल में फार्मासिस्टों की भारी कमी, मरीजों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार फरीदाबाद। बादशाह खान सिविल अस्पताल में फार्मासिस्टों की भारी कमी के कारण मरीजों को दवाइयों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1700 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन दवा वितरण व्यवस्था केवल एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है, जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में दवा वितरण के लिए पांच खिड़कियां बनाई गई हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन ही संचालित हो रही हैं। मरीजों का आरोप है कि लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद उन्हें समय पर दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। कई मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर रोगियों को विशेष परेशानी हो रही है। मरीजों ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद भी दोपहर तक दवा नहीं मिल पाती। अस्पताल में पहले बाल रोग विभाग के लिए अलग दवा वितरण काउंटर था, लेकिन अब वहां भी दवाइयों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फार्मासिस्टों की कमी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। वर्तमान में उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से दो अतिरिक्त फार्मासिस्टों की मांग की है ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। फिलहाल फार्मासिस्टों की कमी के चलते अस्पताल में दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित है और इसका सीधा असर मरीजों की सुविधाओं पर पड़ रहा है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द अतिरिक्त स्टाफ नियुक्त करने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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पटना के खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर देर रात हमला, पुलिस जांच में जुटी

Patna, Bihar:पटना में देर रात एक कोचिंग संस्थान पर हमला होने से हड़कंप मच गया। कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में कुछ लोगों ने जमकर ईंट-पत्थर चलाए और तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है.. नगर पुलिस अधीक्ष�क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में पथराव और तोड़फोड़ की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े करीब 15 से 20 लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। आरोपियों द्वारा संस्थान पर पथराव और तोड़फोड़ की गई। पुलिस का कहना है कि अब तक सीसीटीवी फुटेज में फायरिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। ऐसे में सवाल यह है कि शिक्षा के केंद्र माने जाने वाले संस्थानों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा कहीं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती तो नहीं बन रही। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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बरेली में सेना जवान के घर चोरी, लाखों के गहने नकद ले उड़े

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में इन दिनों चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। डेलापीर क्षेत्र में हाल ही में हुई 40 लाख की चोरी का पुलिस अभी खुलासा भी नहीं कर पाई थी कि कैंट थाना क्षेत्र के रामेश्वर धाम फेस 2 में एक और बड़ी चोरी सामने आ गई है। इस बार चोरों ने बड़ी ही सफाई से सेना के जवान के घर को अपना शिकार बनाया और लाखों के गहने व नकदी लेकर फरार हो गए। सेना के जवान गौरव कुमार (32) पुत्र मुनेंद्र सिंह इस समय आगरा में तैनात हैं। गौरव के अनुसार, वे कल एक रिश्तेदार के घर दसवें संस्कार में शामिल होने गए थे। घर पर ताला लगा हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने घटना को अंजाम दिया। मंगलवार 2 जून की रात करीब 9 बजे पड़ोसियों ने उन्हें फोन पर घर का ताला टूटा होने की जानकारी दी, जिससे फौजी के होश उड़ गए। सूचना मिलते ही गौरव तुरंत बरेली पहुंचे और अपने घर की हालत देखी। घर के अंदर घुसते ही उन्हें सब कुछ बिखरा हुआ मिला। चोरों ने न केवल अलमारी और सामान को खंगाला, बल्कि घर में रखी सेफ का ताला भी तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। शिकायत में बताया कि चोर उनके घर से करीब 20 तोला सोना, ढाई सौ ग्राम चांदी, पीतल के बर्तन और खाने-पीने का सामान ले गए हैं। इसके अलावा चोरों ने अलमारी में रखे 10 हजार रुपये नकद भी पार कर दिए। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके।
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टीजीटी 2022: पहली पाली से परीक्षा शुरू, 8.68 लाख अभ्यर्थी, नकल रोकथाम कड़े इंतजाम

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज टीजीटी 2022 भर्ती के लिए पहले दिन की परीक्षा शुरू, प्रदेश के 36 जिलों में 614 केंद्रों पर आयोजित है टीजीटी 2022 की परीक्षा, टीजीटी 2022 परीक्षा के लिए 8 लाख 68 हजार 531 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, 3539 पदों के लिए टीजीटी 2022 की लिखित परीक्षा हो रही है, आज और कल दो पालियों में आयोजित है टीजीटी भर्ती परीक्षा, पहली पाली में सुबह 9.30 बजे से 11.30 बजे तक, दूसरी पाली में दोपहर 2.30 बजे से 4.30 बजे तक होगी परीक्षा, परीक्षा केंद्रों के आस पास एसटीएफ के साथ एलआईयू की टीमें सक्रिय, नकल माफियाओं पर नकेल के लिए सक्रिय हैं टीमें, एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से भी परीक्षा केंद्र की निगरानी की जा रही है।
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