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भातसा डैम से पाणी विसर्जन शुरू, नदी किनारे गांवों में अलर्ट जारी

Thane, Maharashtra:भातसा धरणातून पाणी सोडलं, नदीकाठच्या गावांना अलर्ट.. शहापूर तालुक्यातील भातसा धरण क्षेत्रात होत असलेल्या मुसळधार पावसामुळे धरणातून पाण्याचा विसर्ग करण्याचा निर्णय घेण्यात आला असून विसर्ग सुरू करण्यात आला आहे. प्रशासनाकडून नदीकाठच्या गावांना सतर्क राहण्याचा इशाला देण्यात आला आहे. भातसा धरणाची काल रात्री 9 वाजता पाणी पातळी 142 मीटरवर पोहोचली आहे आणि धरणाच्या पाणलोट क्षेत्रात अजूनही जोरदार पाऊस सुरू आहे. त्यामुळे धरणाच्या पाणी पातळी सतत वाढ होत असल्याने ती नियंत्रणात ठेवण्यासाठी‌ काल रात्री 10 वाजता धरणाचे 1, 3 आणि 5 नंबरचे वक्रदरवाजे पाव मीटरने उघडण्यात आले‌ आहेत. यातून सुमारे 82.56 क्युमेक्स म्हणजेच 2911 क्युसेक्स पाण्याचा विसर्ग भातसा नदीत सोडण्यात आला आहे. या पार्श्वभूमीवर पाटबंधारे विभागाने शहापूर, भिवंडी, कल्याणच्या तहसीलदारांना पत्र पाठवले आहे. शहापूर-मुरबाड रोडवरील सापगाव पूल आणि नदीकाठच्या सर्व गावातील नागरिकांनी नदीपात्रात उतरू नये आणि दक्षता घ्यावी असे आवाहन देखील प्रशासनाकडून करण्यात आले आहे。
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अशोकनगर के विक्रमपुर में गणेश चतुर्थी पर कुएं में डूबकर चार भाइयों की मौत

Isagarh, Ashoknagar, Madhya Pradesh:अशोकनगर में गणेश चतुर्थी के दिन पसरा मातम, कुएं में डूबने से 4 सगे भाइयों की दर्दनाक मौत, - चंदेरी के विक्रमपुर में काल बना कुआं; देव, त्रिवेद, महादेव और प्रियांश गहरे पानी में समाए, - मजदूरी पर था पिता, मायके में थी मां; एक झटके में बुझ गए घर के चारों चिराग, एंकर-मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के विक्रमपुर गांव में आज गणेश चतुर्थी की खुशियां आंसुओं में बदल गईं। खेत की ओर घूमने गए चार मासूम सगे भाई कुुएं के गहरे पानी में समा गए। जहां आज नन्हें हाथों को बप्पा का दरबार सजाना था, वहां से एक साथ चार मासूमों की अर्थियां उठने से पूरा इलाका स्तब्ध है। बतादे की -चंदेरी के चींटिया मोहल्ले में रहने वाले बलवीर कुशवाहा के चार मासूम बेटे 9 वर्षीय देव, 7 वर्षीय त्रिवेद, 6 वर्षीय महादेव और 4 वर्षीय प्रियांश, स्कूल की छुट्टी होने पर खेत की तरफ गए थे। आशंका है कि कुएं में झांकते वक्त एक बच्चे का पैर फिसल गया और उसे बचाने के फेर में चारों भाई एक-एक कर गहरे पानी में डूब गए। हादसे के वक्त पिता मजदूरी पर थे और मां मायके चली गई थी। दोपहर में जब कुएं से चारों बच्चों के बेजान शव बाहर निकाले गए, तो परिजनों की चीखों से पूरा गांव दहल उठा। सूचना पर पहुंची पुलिस और तहसीलदार ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता का भरोसा दिया है, लेकिन हंसते-खेलते परिवार से उसके चारों चिरागों का एक साथ छिन जाना ऐसा घाव है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता..!!
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गौरीबाजार में मनबढ़ युवकों का आतंक, युवक पर चाकू से हमला

ASAmit SinghFollow6m ago
Deoria, Uttar Pradesh:गौरीबाजार थाना क्षेत्र के देवतहा गांव के समीप एक युवक पर सोमवार रात कुछ मनबढ़ युवकों ने चाकू से हमला कर दिया। हमले में विशाल यादव नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। परिजनों ने घायल युवक को इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ युवक बाइक से गैंग बनाकर क्षेत्र में घूमते हैं और आए दिन लोगों से विवाद करते हैं। ग्रामीणों के बीच इन युवकों को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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देवरिया: बिना नंबर प्लेट बाइक चलाने का बढ़ा चलन, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

ASAmit SinghFollow16m ago
Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट की बाइक चलाने का चलन तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। युवा बेखौफ होकर सड़कों पर ऐसी बाइकों से फर्राटा भर रहे हैं। कुछ लोग चालान से बचने के लिए, तो कुछ अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर चल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना नंबर प्लेट वाली बाइकों का इस्तेमाल मनबढ़ युवकों द्वारा मारपीट समेत अन्य घटनाओं को अंजाम देने में भी किया जा रहा है। ऐसे वाहनों के सड़क पर खुलेआम दौड़ने से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की ओर से बिना नंबर प्लेट वाहनों के खिलाफ प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा है। इससे वाहन चालकों के हौसले बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से अभियान चलाकर बिना नंबर प्लेट बाइकों पर कार्रवाई करने और संदिग्ध वाहनों की जांच कराने की मांग की है।
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अंकलेश्वर के कॉसमड़ी गांव में डाके: बंद मकान से 4 लाख नकद और सोने के आभूषण चुराए गए

Bharuch, Gujarat:ભરૂચના અંકલેશ્વરના કોસમડી ગામના મોરા ફળિયામાં ઉમંગ લક્ષ્મી એપાર્ટમેન્ટમાં તસ્કરો તેજરી ત્રાટક્યા. બંધ મકાનને નિશાન બનાવી મુખ્ય દરવાજાનું તાળું તોડી તસ્કરો ઘરમાં ઘૂસ્યા. સ્થાનિક જમાઈ અશ્વિન જીજાબરાવ જગતાપ પત્નીને લઈ નાસિક ગયા હતા ત્યારે ચોરી થઈ. તસ્કરો ઘરમાંથી રોકડા રૂ.4 લાખ અને સોનાના ઘરેણાં ચોરી ગયા. રોજગારો અને દાગીના મળી કુલ રૂ.5.91 લાખનો મુદ્દામાલ ચોરી કરી તસ્કરો ફરાર. બંધ મકાનમાં ચોરીની ઘટનાથી આસપાસના રહીશોમાં ચકચાર અને ભયનો માહોલ. અંકલેશ્વર GIDC પોલીસે ગુનો નોંધી તસ્કરોને ઝડપી પાડવા તપાસ હાથ ધરી. બાઈટ - જીજાબરાવ જગતાપ - ફરિયાદીના સગા.
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पुणे के दगडूशेठ मंदिर की विद्युत रोषणाई का सातवाँ उद्घाटन, भक्तों की भीड़

Pune, Maharashtra:पुणे गणेशोत्सव आरासीचे खास आकर्षण असलेल्या श्रीमंत दगडूशेठ गणपती मंदिर विद्युत रोषणाई देखाव्याचे ठिक 7वा उद्घाटन होतंय...केंद्रीय राज्य मंञी मुरलीधर मोहोळ यांच्याहस्ते या वृंदावन फेम प्रेममंदिर विद्युत रोषणाईचे उद्घाटन होतंय दगडूशेठची विद्युत रोषणाई पाहण्यासाठी पहिल्याच दिवशी गणेश भक्तांची तुडूंब गर्दी झालीय दगडूशेठ मंदिर सुवर्ण युग मिञ मंडळाने यंदा उत्तर प्रदेशातील राधा वल्लभ प्रेम मंदिराचा भव्य असा देखावा साकारलाय. मुरलीधर मोहोळ यांच्या हस्ते दगडूशेठ ची आरती दगडूशेठ विद्युतरोषणाई सुरू झाली केंद्रीय हवाई उडान मंत्री मुरलीधर मोहळ यांनी सह परिवारसोबत घेतले दगडूशेट गणपतीचेचे दर्शन तशीच विद्युत रोषणाईचे केले उद्घाटन
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पुणे के गणेश भेळ ने २१ हजार पाणीपुरी से गणेश बनाकर पर्यावरणीय संदेश दिया

Pune, Maharashtra:पुण्यातील गणेश भेळने यंदा तब्बल २१ हजार पाणीपुरींच्या पुऱ्यांपासून १३ फूट ऊंच आणि १० फूट रुंद आगळावेगळा गणपती साकारला आहे. फर्ग्युसन रस्त्यावरील गणेश भेळच्या दालनाबाहेर ही अनोखी गणेशमूर्ती उभारण्यात आली असून, गणेश भेळचे संस्थापक रमेश गुडमेवार यांच्या हस्ते मूर्तीचे अनावरण करण्यात आले. मागील दोन महिन्यांपासून या मूर्तीची तयारी सुरू होती. या मूर्तीच्या संरचनेसाठी बांबू आणि कागदासारख्या नैसर्गिक व पर्यावरणपूरक साहित्याचा वापर करण्यात आला आहे. तसेच पाणीपुरीच्या पुऱ्या तयार करण्यासाठी उरलेल्या पिठाचा पुनर्वापर करण्यात आला आहे. अनोख्या पद्धतीने गणपती साकारण्याचे गणेश भेळचे हे चौथे वर्ष असून, पर्यावरणपूरक गणेशोत्सवाचा संदेश देण्याचा प्रयत्न करण्यात आला आहे. अनंतचतुर्दशीपर्यंत हा गणपती गणेशभक्तांना पाहता येणार आहे.
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अमेठी से पूर्वी और मध्य यूपी के लिए रवाना हुई BIGCEM GREEN CEMENT की पहली खेप

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी से पूर्वी और मध्य यूपी के लिए रवाना हुई BIGCEM GREEN CEMENT की पहली खेप कनोडिया सीमेंट ने पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के बाजारों के लिए अपने नए उत्पाद BIGCEM GREEN CEMENT की शुरुआत की है। अमेठी जिले के भादर स्थित प्लांट से कंपनी के इस नए ग्रीन सीमेंट की पहली खेप विभिन्न जिलों के लिए रवाना की गई। इस मौके पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. के.एन. झा और स्टेट हेड दीपक गर्ग ने बताया कि पिछले 16 वर्षों में कनोडिया सीमेंट ने करीब 3.54 MnTPA उत्पादन क्षमता हासिल की है। कंपनी वर्तमान में उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में अपने उत्पादों का विपणन कर रही है। कंपनी विस्तार की दिशा में प्रतापगढ़ में 2.5 MnTPA क्षमता की नई सीमेंट इकाई स्थापित कर रही है। इसमें मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। कंपनी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में करीब 75 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है और अगले तीन वर्षों में 141 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2029 तक कंपनी भारत की 17वीं सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। कंपनी के मुताबिक BIGCEM GREEN CEMENT को पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें कम कार्बन फुटप्रिंट, कम हीट ऑफ हाइड्रेशन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और कम जल खपत जैसे फायदे बताए गए हैं। प्लांट हेड दीपक अग्रवाल ने प्लांट में सीमेंट उत्पादन की प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, डीलर्स और क्षेत्र के सीमेंट व्यवसायी मौजूद रहे।
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अंबाजी मंदिर में मोहनथाल प्रसाद की तैयारी, भादर पूर्णिमा मेले में भक्तों को मिलेगा

Ambaji, Gujarat:શક્તિપીઠ અંબાજી ખાતે આગામી 20 સપ્ટેમ્બર થી સાત દિવસનો ભાદરવી પૂનમનો મહા મેળો યોજાનાર છે અને આ મેળામાં ગુજરાત સહિત દેશભરમાંથી 35 લાખ કરતાં વધુ શ્રદ્ધાળુ અંબાજી પગપાળા પહોંચી દર્શનાર્થે આવતા હોય છે ત્યારે ખાસ કરીને શ્રદ્ધાળુઓમાં અંબાજી મંદિરનો મોહનથાળ નો પ્રસાદ લેવાનો ભારે માંગ જોવા મળે છે કેંદ આ પ્રસાદનું વિશેષ મહત્વ હોવાથી આવતા તમામ શ્રદ્ધાળુ અચૂક માતાજીના મુહનથાળ નો પ્રસાદ મંદિરમાંથી વેચાણથી લઈ પોતાના વતને લઈ જતા હોય છે ત્યારે અંબાજી મંદિરે આવતા શ્રદ્ધાળુઓને પૂરતા પ્રમાણમાં પ્રસાદ મળી રહે તે માટે આજે ગણેશ ચતુર્થીથી અંબાજી આર્ટસ અને કોમર્સ કોલેજ કેમ્પસમાં વિશેષ ડોમ બનાવી સ્વચ્છતાપૂર્ણ રીતે પ્રસાદ બનાવવાની કામગીરી જિલ્લા કલેકટર, દાંતા એસ ડી એમ સહિત જિલ્લાના અન્ય અધિકારીઓ અને મંદિર ટ્રસ્ટના વહીવટદાર અધિક કલેક્ટર ની ઉપસ્થિતિમાં નીagiye છે આ પ્રસાદ બનાવવાની કામગીરીનો પ્રારંભ કરવામાં આવ્યો છે જ્યાં હોમ હવન થઇ રહેલ છે, દરેક પરી મુખ્યતા અંબાજીના મહિલા સફાઈ યોદ્ધાઓ તેમજ અન્ય અધિકારીઓ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા. પ્રસાદની નિગરાનીમાં જિલ્લા કલેકટર મિહિર પટેલ વહીવટદાર કૌશિક મોદી બનાસકાંઠા પુરવઠા અધિકારી સહિતના અધિકારીઓ હાલ તેજીથી નજર રાખી રહેલા છે અને ફૂડ એન્ડ ડ્રગ વિભાગના અધિકારીઓ પણ સેમ્પલિંગ કરી રહેશે. સામગ્રીમાં ખાંડ, આદુ જેવી ઘટકો ઉપરાંત ઘીના મિશ્રણથી આ પ્રસાદ બનાવવામાં આવે છે અને ભાદર પૂનમ મેળામાં રંગોળી સહિતના સમયમાં 1000 જેટલા ઘાણ ઉપયોગમાં લેવાશે. ખાંડ 1.50 લાખ કિલો, બેસન 1 લાખ કિલો, શુદ્ધ દેશી ઘી 76,500 કિલો અને ઈલાયચી 200 કિલો વપરાશે. દૂધની બદલે ઘીનો વધુ ઉપયોગ કરાશે જેથી प्रसાદ શુદ્ધતા અને ગુણવત્તા લાંબા સમય સુધી ટકી રહે. આ પ્રસાદના નિર્માણમાં સુરક્ષા અને સફાઇને વચ લેવામાં આવી છે. જામીન અને ચેતવણી સાથે આ વિવિધ તબક્કે કાર્યવાહી ચાલી રહી છે.
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रीवा में डायल 112 चालक से धक्का-मुक्की, आरोपियों पर अवैध वसूली का VIDEO वायरल

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा में डायल 112 चालक से धक्का-मुक्की, अवैध वसूली के आरोप का VIDEO VIRAL. रीवा जिले के चाकघाट स्थित नेशनल हाईवे-30 पर डायल 112 के चालक के साथ धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यूपी से मध्य प्रदेश आ रहे भैंस लोड पिकअप वाहन को बघेड़ी के पास डायल 112 द्वारा रोका गया था। इसके बाद वाहन चालक और डायल 112 के चालक राकेश दहिया सहित अन्य स्टाफ के बीच कथित रूप से पैसे की मांग को लेकर विवाद हुआ। वाहन चालकों ने कथित अवैध वसूली का विरोध किया, जिसके बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। आक्रोशित वाहन चालकों द्वारा सड़क पर चक्का जाम करने का प्रयास किए जाने की भी बात सामने आ रही है। मामला बढ़ता देख डायल 112 टीम के मौके से रवाना कर दिया गया..
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बारामती में गणपति उत्सव सरल, अजित पवार के निधन के कारण सभी कार्यक्रम रद्द

Rui, Maharashtra:बारामतीत साधेपणात बाप्पाचे आगमन. ना डीजे चा ताल ढोल ताशाचा आवाज. बारामतीत सर्व गणेश फेस्टिवल चे कार्यक्रम रद्द. Anchor: आज ठीक ठिकाणी गणपती बाप्पाचे मोठ्या उत्साहात आगमन होत असतानाच बारामतीत उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या निधनामुळे गणपती उत्सव साधेपणात साजरा होत आहे. ठिकठिकाणी शांततेत बाप्पा विराजमान झाले असून गणेश फेस्टिवल चे बारामतीतील सर्व कार्यक्रम रद्द करण्यात आले आहेत. त्याचबरोबर अनंत चतुर्दशी दिवशी मिरवणूकही रद्दण्यात आली आहे. गणेश उत्सव साध्या पद्धतीने साजरा होत असून प्रत्येक गणपती बाप्पाच्या मंडपामध्ये दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचा फोटो लावण्यात आला आहे.
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नीतीश कुमार ने हिंदी दिवस पर नागरिकों से हिंदी के व्यापक प्रयोग का आह्वान

Patna, Bihar:जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्नीतीश कुमार ने हिंदी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। हिंदी जनमानस की भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का sशक्त माध्यम है। यह हमारी स‌मृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सरोकारों और आपसी संवाद को मजबूत करने वाली भाषा है। बिहार में राजभाषा के रूप में हिंदी सरकारी कामकाज की महत्वपूर्ण भाषा है。 नीतीश कुमार ने कहा कि शासन और जनता के बीच सहज संवाद सुशासन की पहली शर्त है। इस दिशा में अपनी भाषा का व्यापक प्रयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन एवं कार्यक्षेत्र में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें तथा गर्व और सम्मान के साथ हिंदी को सीखें, समझें और अपने व्यवहार में लाएं。 उन्होंने कहा कि हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़़ी को परिचित कराना भी हम सभी का दायित्व है।
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केन-बेतवा लिंक से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन तीसरे दिन भी उग्र

Panna, Madhya Pradesh:प्रशासनिक दमन के बावजूद तीसरे दिन भी जारी रहा विस्थापितों का चिता आंदोलन बिजली-पानी काटकर अंग्रेजो के दमन की याद दिला रही सरकार आरोप कलेक्टर SP ने गांव का दौरा किया , आंदोलन को निपटाने की चल रही रणनीति केन बेतवा लिंक , मझगाय बांध, रुँझ परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों के न्याय, उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा चिता आंदोलन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक दबाव और कथित दमन के बावजूद आंदोलनकारी अपने गांव, घर, जमीन और अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं。 आंदोलनकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर और डूबते घरों के बीच प्रशासन को समस्या का समाधान करना चाहिए, लेकिन इसके विपरित आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं。 सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों के घरों की बिजली और पानी काट रही है। अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे आदिवासी-किसानों से बिजली छीनना, पानी रोकना और पुलिस के दबाव से पंचायत का टैंकर वापस करवाना लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है। यह कार्रवाई हमें अंग्रेजी राज की याद दिलाती है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को धमकाकर पंचायत का पानी का टैंकर वापस पंचायत में रखवा दिया गया। उन्होंने कहा कि बिजली-पानी बंद करने से आंदोलन समाप्त नहीं होते। अंग्रेजों के दमन से भी इस देश के स्वतंत्रता सेनानी नहीं डरे थे और आज भी आदिवासी-किसान अपने अधिकारों की लड़ाई से डरने वाले नहीं हैं। प्रशासन को दमन का रास्ता छोड़कर आंदोलनकारियों से संवाद करना चाहिए。 आज भी सरकार और कलेक्टर तक जमीनी सच्चाई पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही है। परियोजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यदि प्रशासन वास्तव में समाधान चाहता है तो आंदोलनकारियों के साथ बैठकर गांव-गांव की वास्तविक स्थिति समझे और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए। वाइस ओवर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (LARR Act, 2013) में प्रभावित लोगों के अधिकारों और पुनर्वास से संबंधित स्पष्ट प्रावधान हैं。 धारा 11 सामाजिक प्रभाव आकलन/प्रारम्भिक अधिसूचना की प्रक्रिया में ग्राम सभा और संबंधित स्थानीय संस्थाओं की भूमिका से जुड़ी है। वहीं, भूमि पर कब्जे के संबंध में धारा 38 महत्वपूर्ण है。 मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ₹12.50 लाख की सहायता अभी तक कई प्रभावित परिवारों को नहीं मिली है। कई परिवारों को तो पहले घोषित किये गए ₹5 लाख भी नहीं मिले। अनेक लोगों को मकान, जमीन और परिसंपत्तियों का पूरा मुआवजा नहीं मिला और दूसरी ओर उनकी जमीनों को असिंचित बताकर मुआवजे में कमी की जा रही है। यह स्थिति केन-बेतवा लिंक परियोजना के साथ-साथ मझगाय और रुंझ जैसी परियोजनाओं में भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आंदोलनकारियों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को पूरी परिसंपत्तियों का पारदर्शी मूल्यांकन, उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं。 आंदोलनकारियों का आरोप है कि कुछ अधिकारी-कर्मचारी और पटवारी कथित रूप से बिना पैसे लिए काम नहीं करते तथा रिश्वत देने वाले लोगों के रिकॉर्ड/मुआवजे में अधिक लाभ और गरीब प्रभावितों के मामलों में कम लाभ दिए जाने की शिकायतें हैं।इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविकता सामने आ सके。 बाइट अमित भटनागर वाइस ओवर चिता आंदोलन के आज तीसरे दिन आंदोलनकारियों और प्रभावित परिवारों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ता दिखाई दिया। कई परिवारों के सामने अपने घर और जीवनभर की संपत्ति के डूबने का खतरा है। उनकी आंखों में चिंता और आंसू हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिशों से स्थिति और गंभीर होती जा रही है。 बाइट दिव्या अहिरवार आंदोलनकारी
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घौठला छोटे में फ्लाई ऐश डंपिंग: एनओसी और सूचना पर सवाल उठे

Saiki, Bihar:स्लग/ बिना सूचना बोर्ड के घौठला छोटे में फ्लाई ऐश डंपिंग, एनओसी पर उठे गंभीर सवाल ग्रीन जोन क्षेत्र में फ्लाई ऐश डंपिंग की अनुमति का मामला, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति प्रधानमंत्री ग्राम सड़क में दौड़ रहे है हाइवा। एंकर/ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत घौठला छोटे में फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस क्षेत्र में फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है, वहां गार्डन ,हरियाली, खेत-खलिहान और जीव-जंतुओं से जुड़ा क्षेत्र है। यहां एक बंद खदान के गड्ढे में फ्लाई ऐश डंप किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, डंपिंग स्थल पर न तो कोई सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही संबंधित प्लांट, ट्रांसपोर्टर या जमीन से जुड़ी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी अनुमति से और किन शर्तों के तहत यहां फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है। वहीं, फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए एनओसी दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत, सरपंच-सचिव और संबंधित अधिकारियों की सहमति से अनुमति दी गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामला जांच का विषय है और संबंधित विभाग से अनुमति, एनओसी तथा पर्यावरणीय शर्तों की जानकारी सामने आना जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग स्थल से कुछ ही दूरी पर महानदी, हरे-भरे खेत-खलिहान और अन्य प्राकृतिक क्षेत्र मौजूद हैं। ऐसे में फ्लाई ऐश के कारण पर्यावरण और आसपास के लोगों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। इधर, ग्राम पंचायत घौठला छोटे के पटवारी से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में जांच प्रतिवेदन तैयार कर तहसील कार्यालय भेजा गया है। अब सवाल यह है कि ग्रीन जोन बताए जा रहे क्षेत्र में फ्लाई ऐश डंपिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई, एनओसीमें क्या शर्तें रखी गई हैं और क्या उनका पालन किया जा रहा है? वहीं, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री सड़क पर भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और चक्काजाम किया जा सकता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है। बाइट/ ग्रामीण बाइट/ ग्रामीण रिपोर्ट/ ग्राउंड रिपोर्ट
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