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Umang WaliaUmang WaliaFollow16 Jun 2024, 10:39 am
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देवशयनी एकादशी पर 119 दिनों के योगनिद्रा और चातुर्मास का जयपुर में शुभ आरम्भ

Jaipur, Rajasthan:एंकर-बात आस्था और परंपरा की... कहते हैं जब सृष्टि के पालनहार विश्राम पर जाते हैं, तब जगत की बागडोर महादेव संभालते हैं। कल देवशयनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु 119 दिनों के लिए योगनिद्रा में चले जाएंगे। इसके साथ ही चातुर्मास शुरू होगा, शहनाइयों पर विराम लगेगा, लेकिन मंदिरों में भक्ति, भजन, शयनोत्सव और विशेष आराधना का दौर तेज हो जाएगा। इस बार देवशयनी एकादशी दुर्लभ शुभ योगों में आ रही है, इसलिए धर्म, दान और साधना का महत्व भी कई गुना बढ़ गया है। देखिए रिपोर्ट.. वीओ-1- देवशयनी एकादशी पर 25 जुलाई से भगवान श्रीहरि विष्णु सृष्टि की सत्ता के संचालन का भार भगवान भोलेनाथ को सौंपकर 119 दिनों के लिए योगनिद्रा में जाकर विश्राम करेंगे। इसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत होगी। विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन, प्रतिष्ठा सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। मान्यता है कि इस अवधि में सृष्टि के संचालन का दायित्व भगवान भोलेनाथ संभालते हैं। 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि के जागरण के साथ चातुर्मास का समापन होगा और 21 नवंबर से पुनः मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। इस बार देवशयनी एकादशी कई दुर्लभ शुभ संयोगों में आ रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ब्रह्म योग, अमृत योग, इंद्र योग, शिववास योग तथा पुष्य नक्षत्र में सूर्य और बृहस्पति की स्थिति धर्म, जप, तप, दान और विष्णु आराधना के लिए विशेष फलदायी मानी जा रही है। देवशयनी एकादशी के साथ मंदिरों की दैनिक सेवा-पद्धति भी बदल जाएगी। जयपुर सहित प्रदेश के विष्णु और कृष्ण मंदिरों में भगवान का शयनोत्सव, विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीसूक्त पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष आराधना का क्रम शुरू होगा। मंदिरों में सात्विक भोग, कथा, सत्संग और चातुर्मास की परंपराओं के अनुसार विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे。 वीओ-2- आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में देवशयनी एकादशी पर विशेष आयोजन होंगे। ठाकुरजी को लाल सूती नटवर वेश धारण कराया जाएगा। शालिग्रामजी का पंचामृत अभिषेक कर तुलसी मंच तक रथ यात्रा निकलेगी। तुलसी पूजन और चार परिक्रमा के बाद शालिग्रामजी को पुनः गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन अवधि बढ़ाकर सुबह मंगला से शयन झांकी तक करीब सवा आठ घंटे कर दी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीहरि के योगनिद्रा में जाने के बाद भगवान शिव सृष्टि संचालन का दायित्व संभालते हैं। इस वर्ष 26 जुलाई के रवि प्रदोष से शिव आराधना का विशेष महत्व रहेगा। शिवालयों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और विशेष पूजन का सिलसिला बढ़ेगा। इसी अवधि से श्रावण मास भी शुरू होगा। चातुर्मास के दौरान सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास में हरियाली तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, पितृ पक्ष, शारदीय नवरात्र, दशहरा, करवा चौथ, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे。 आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में देवशयनी एकादशी पर झांकियों का समय मंगला झांकी-सुबह 04.00 से 06.30 बजे तक (2.30 घंटे) धूप झांकी- सुबह 07.00 से 09.00 बजे तक (2 घंटे) शृंगार झांकी- सुबह 09.30 से 10.15 बजे तक (45मिनट) राजभोग झांकी- सुबह 10.45 से 11.30 बजे तक (45 मिनट) ग्वाल झांकी- शाम 04.00 से 04.15 बजे तक (15 मिनट) देवशयनी पूजन शाम 4.45 बजे से 5.35 बजे तक (50मिनट पट मंगल रहेंगे) संध्या झांकी दर्शन- शाम 05.45 से 07.15 बजे तक (1.30 घंटे) शयन झांकी दर्शन- रात्रि 07.45 से 08.15 बजे तक (30 मिनट) :::::::::::::::::::::::::::::: देवशयनी एकादशी पर गोविंददेवजी मंदिर में ये रहेगी व्यवस्था दर्शनार्थियों का प्रवेश जलेब चौक से होते हुए मन्दिर मुख्य द्वार से होगी। दर्शन के बाद सभी दर्शनार्थी जयनिवास उद्यान से निकास कर सकेंगे। मंदिर में जूता चप्पल खोलने की कोई व्यवस्था नहीं होगी। दर्शनार्थियों की एंट्री दो लाइनों से मंदिर परिसर में होगी प्रवेश जूता चप्पल एवं प्रवेश बिना जूता चप्पल से होते हुए एंट्री दर्शनार्थी (जूते - चप्पल) मंदिर के बाहर बने रैंप से दर्शन कर सकेंगे। दर्शनार्थी (बिना जूता चप्पल) मंदिर छावन में दर्शन कर सकेंगे। बहरहाल, सनातन परंपरा में चातुर्मास को केवल धार्मिक अनुष्ठानों का नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सेवा, सत्संग और आध्यात्मिक साधना का काल माना जाता है। इसलिए इन 119 दिनों में शुभ मांगलिक आयोजनों की बजाय मंदिरों में भक्ति, कथा, जप, तप और दान-पुण्य की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि के जागने के साथ ही फिर से शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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अयोध्या के संतों ने राम मंदिर प्रबंधन और नए अधिकारियों पर चर्चा जारी राखी

Noida, Uttar Pradesh:Ayodhya (Uttar Pradesh): Mahant Dinendra Das Ji Maharaj (Trustee, Shri Ram Janmabhoomi Temple) On Ram Lalla Worship Arrangements / Ram Temple Donation Financial Irregularities Discussion / Champat Rai Support / Inclusion Of New Trustees / SIT Report And CEO Appointment (Cutaways) आरती के दौरान वैष्णव समुदाय पूजा-अर्चना कर रहा था और दर्शन के लिए भक्तों की कोई कमी नहीं थी; सभी संतुष्ट दिख रहे थे। महाराज जी ने बताया कि हवन भी हो रहा है और उन्होंने भोजन की व्यवस्था करने को कहा, जिसका इंतज़ाम किया जा रहा था। उन्होंने ज़ोर दिया कि दान-पात्र और मंदिर प्रबंधन समेत सभी इंतज़ाम पूरे हैं और स्टाफ़ को निर्देश दिया कि सब कुछ ठीक-ठाक रहे। महाराज जी ने चल रहे काम और सुधारों पर संतोष जताया। अयोध्या के संत संतुष्ट थे; उनका मानना था कि इससे पूरी अयोध्या में संतोष का माहौल बनेगा क्योंकि अब हर कोई उनकी परंपराओं का सम्मान कर रहा है। उन्होंने स्टाफ़ को सलाह दी कि वे संतों का मान-सम्मान बनाए रखें और राम की परंपराओं का पालन करें। संत समुदाय ने हाल ही में एक बैठक की थी जिसमें उन्होंने तय किया कि कुछ लोगों की गलतियों के लिए पूरे मंदिर ट्रस्ट और समाज को दोषी नहीं ठहराया जाएगा। उन्होंने सभी से अपील की कि वे चल रही जाँच की अंतिम रिपोर्ट का इंतज़ार करें। महाराज जी ने राम लला पर भरोसा जताया और कहा कि सब ठीक हो जाएगा। CEO समेत नए अधिकारियों की नियुक्ति के बारे में उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है और अगली बैठक में फ़ैसले लिए जाएँगे। संतों ने चंपत राय का बचाव भी किया और कहा कि वे निर्दोष हैं और उन्होंने अपना जीवन इस काम के लिए समर्पित कर दिया है। महाराज जी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि अगर संतों का आशीर्वाद मिला तो सब ठीक हो जाएगा और वे मिलकर रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं और पूजा-पद्धतियों को बनाए रखने और बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।
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सतना में नशे से दूरी बनी अहम अभियान: जागरूकता रैली और शपथ

Satna, Madhya Pradesh:सतना। प्रदेशभर में चल रहे नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत शुक्रवार को सतना पुलिस ने शहर में जागरूकता मैराथन रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सेमरिया चौराहे पर पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथों में नशा मुक्ति का संदेश देने वाले स्लोगन लिखे पोस्टर थे। रैली से पहले पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे से दूर रहने तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी रोजाना थानों में नशे के कारण होने वाले अपराधों को देखते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करना भी उनका कर्तव्य है।
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आगरा में वन्यजीव तस्करी वाले नेटवर्क के 4 गिरफ्तार, 10 तेंदुओं की खाल बरामद

Agra, Uttar Pradesh:आगरा वन प्रभाग, पुलिस और वाइल्डलाइफ SOS की संयुक्त कार्रवाई। सैंया क्षेत्र से वन्यजीव तस्करी से जुड़े 4 आरोपी को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के कब्जे से 10 तेंदुए (लेपर्ड) की खाल बरामद। कार्रवायी इंटेलिजेंस इनपुट और सुनियोजित प्लानिंग के आधार पर की गई। गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा और मध्य प्रदेश के निवासी शामिल। वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच जारी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामला आगरा की खैरागढ़ तहसील के सैंया क्षेत्र का।
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डिंडौरी अस्पताल में चूहा मार ड्रग से इलाज: बोतल से ड्रिप पर सवाल

Dindori, Madhya Pradesh:डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी में जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में चूहा मार ड्रग की भर्ती के बाद एक युवक के इलाज के दौरान वॉटर वॉटर की बोतल का इस्तेमाल करने का दावा किया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 22 जुलाई को दोपहर 3 बजे के करीब 18 साल के युवाओं को चूहा मारने का पाउडर खाने के बाद गंभीर स्थिति के बाद जिले के अस्पताल के सामुदायिक वार्ड में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान अस्पताल में मौजूद एक शख्स ने वीडियो बनाया, जिसमें ड्रिप स्टैंड पर वॉटर वॉटर की बोतल लगी दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर viral होने के बाद पूरे जिले में चर्चा होने लगी। मामले को लेकर अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी कैमरे पर भी कुछ भी बोलने से बचते रहे। जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वीकार किया कि मरीज के पेट की सफाई की प्रक्रिया में सामान्य पानी का उपयोग किया गया था, जबकि इस तरह के निर्दिष्ट चिकित्सीय मानकों का पालन नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है。
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एमसीबी में शिक्षण और छात्रावास व्यवस्था पर उठा सवाल: 27 शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभारी

Muju, Jeonbuk State:एमसीबी जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य शासन ने VSK ऐप के जरिए शिक्षकों की स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी संलग्नीकरण समाप्त किए थे, लेकिन अब कलेक्टर के आदेश पर 27 शिक्षकों को छात्रावास और आश्रमों का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। इससे शिक्षण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। शासन के निर्देश के बाद सभी शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा गया और VSK ऐप के माध्यम से नियमित उपस्थिति अनिवार्य की गई। वहीं अब 27 शिक्षकों को छात्रावासों और आश्रमों का अतिरिक्त प्रभार मिलने से यह सवाल उठ रहा है कि वे स्कूल में पढ़ाई के साथ छात्रावासों की जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे, जबकि कई स्थानों पर विद्यालय और छात्रावास के बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। कलेक्टर का कहना है कि अधीक्षकों की कमी के कारण यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है और इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव ने बताया कि सभी शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में कार्यरत हैं और जल्द ही बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में एमसीबी जिला प्रदेश में 33वें स्थान पर रहा था। ऐसे में VSK ऐप की सख्ती और शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी के बीच शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
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मां के पास गई 7 साल की बच्ची लापता, तेंदुए के हमले की आशंका से गांव में हंगामा।

FKFirasat KhanFollow8m ago
Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर। कोतवाली क्षेत्र के गांव जटपुरा में गुरुवार शाम मां के पास गई 7 वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई। बच्ची को तेंदुए के उठा ले जाने की आशंका से सैकड़ों ग्रामीणों ने रातभर हंगामा किया। सूचना पर वन विभाग की सामाजिक वानिकी और हरिपुर रेंज की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक तलाश करती रही।गांव निवासी गोधनलाल की पत्नी मीरा देवी गुरुवार शाम गांव के बाहर सूखा बाबा धार्मिक स्थल के पास मवेशी चरा रही थीं। इसी दौरान उनकी बेटी अंशिका घर से मां के पास धार्मिक स्थल की ओर गई। ग्रामीणों ने उसे उस रास्ते पर जाते देखा था। मां के घर लौटने पर जब अंशिका नहीं मिली तो परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने बताया कि बच्ची कुछ देर पहले धार्मिक स्थल की ओर गई थी। इसके बाद मीरा देवी और गांव वाले रास्ते पर बच्ची को ढूंढते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।तेंदुए की आशंका, वन विभाग की टीम पहुंची बच्ची के लापता होने की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सैकड़ों लोग खेतों की ओर जमा हो गए। ग्रामीणों ने दावा किया कि खेतों में तेंदुआ घूमता देखा गया है और हो सकता है कि उसने ही बच्ची को उठा लिया हो।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण टीम रात में खेतों के अंदर नहीं जा सकी। इस दौरान ग्रामीणों और वनकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। ग्रामीण देर रात तक गांव के बाहर जमा होकर बच्ची की तलाश और सुरक्षा की मांग करते रहेगांव से कुछ ही दूरी पर पीटीआर की हरिपुर रेंज का जंगल है। इस इलाके में वन्यजीव अक्सर खेतों में आ जाते हैं।सामाजिक वानिकी रेंजर सोबरन लाल ने बताया, "सूचना पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। आसपास तेंदुआ नहीं दिखा। पूरे क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। सुबह होते ही सर्च अभियान चलाया जाएगा।"
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बाड़मेर पुलिस ने ट्रेलर से 2248 बीयर केन बरामद कर तस्कर नेटवर्क पर्दाफाश किया

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रेलर से 2,248 बीयर केन बरामद किए हैं। तस्करों ने ट्रेलर को बाहर से खाली दिखाने के लिए उसकी बॉडी में गुप्त खांचे तैयार कर रखे थे। जिला विशेष टीम और धनाऊ थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बीयर की खेप गुजरात सीमा की ओर ले जाई जा रही थी। फिलहाल ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र में भारतमाला सड़क पर पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रेलर से 2,248 अवैध बीयर केन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई जिला विशेष टीम यानी डीएसटी और धनाऊ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रेलर में अवैध बीयर की बड़ी खेप छिपाकर गुजरात की ओर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर भारतमाला मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध ट्रेलर को रोका गया। पहली नजर में ट्रेलर खाली दिखाई दे रहा था, लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से जांच की तो तस्करों की चालाकी सामने आ गई। ट्रेलर की बॉडी के अंदर विशेष गुप्त खांचे बनाए गए थे, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया गया था कि सामान्य जांच में उनका पता नहीं चल सके। जब इन सीक्रेट बॉक्स को खोला गया तो उनके अंदर बड़ी मात्रा में बीयर के कार्टन भरे मिले। पुलिस ने गिनती कर कुल 2,248 बीयर केन बरामद किए, जो 100 से अधिक कार्टनों में पैक थीं। कार्रवाई के दौरान ट्रेलर को मौके पर ही जब्त कर लिया गया, जबकि चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किसके कहने पर ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। जन्म: जेठाराम जयपाल, सीओ चौहटन; प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध बीयर की यह खेप गुजरात सीमा की ओर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। बाड़मेर पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। सीमा से सटे क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सघन अभियान के चलते तस्करों के नए-नए तरीके लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगा।
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