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Umang WaliaUmang WaliaFollow30 Jul 2024, 01:19 pm

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आयुष विभाग द्वारा व्यायामशालाओं में लगाएं गए औषधीय पौधे

Palwal, Haryana:

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ संजीव तोमर ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान को पलवल में कारगर साबित करने की दिशा में कार्य शुरू किया गया। आयुष विभाग द्वारा पलवल की 30 व्यायामशालाओं में औषधीय पौधे लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया। अभियान के तहत करीब 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया। औषधीय पौधों में नीम, जामुन, इमली, कांचनार, अशोक, करमर्द, वट, घीकुआर, सदाबहार, अर्जन, धतूरा, अमरूद व आम शामिल है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने हेतु पौधरोपण जरूरी है।

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बंगाल के दफ्तरों में फाइल चोरी की आशंका, आदेश: बाहर न जाए कोई फाइल

Kolkata, West Bengal:इस वक्त की बड़ी खबर *बंगाल में सरकारी दफ्तरों से फ़ाइल चोरी होने की आशंका,चीफ सेकेट्री ने सभी विभागों के प्रमुख को कहा कोई फ़ाइल गायब हुई,कॉपी हुई तो जिम्मेदार आप* - बंगाल के चीफ सेकेट्री का सभी विभागों को फरमान कोई भी फ़ाइल दस्तावेज दफ्तर से बाहर न जाय... - सभी विभागीय सचिवों और कार्यालय प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि कोई भी महत्वपूर्ण कागज़ या फाइल कार्यालय से बाहर न ले जाई जाए,क्षतिग्रस्त न हो या किसी अन्य प्रकार से बाहर न ले जाई जाए। - अनाधिकृत प्रतिलिपि/स्कैनिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। - इसके अलावा, सभी फाइलों/महत्वपूर्ण कागज़ों/संचार का उचित लेखा-जोखा रखा जाए। - विभाग प्रमुख और विभागीय सचिव स्वयं यह सुनिश्चित करें कि इसका अक्षरशः पालन किया जाए। - किसी भी प्रकार के उल्लंघन के लिए व्यक्तिगत उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
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SC बड़ा फैसला: एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांग का दर्जा मिलेगा

Noida, Uttar Pradesh:एसिड अटैक पर SC का बड़ा फैसला,अब एसिड पिलाए जाने के पीड़ित लोगों को भी मिलेगा दिव्यांग का दर्जा सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों को राहत देते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों को जबरन एसिड पिलाया गया है और जिनके शरीर को अंदरूनी नुकसान हुआ है, उन्हें भी अब दिव्यांग का दर्जा दिया जाएगा। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह साफ किया है कि ऐसे पीड़ितों को भी राइट ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटी एक्ट, 2016 के तहत मिलने वाले सभी अधिकार और सुविधाएं मिलेंगी。 अभी तक क़ानून में क्या व्यवस्था थी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इसलिए अहम है क्योंकि अभी तक राइट ऑफ पर्सन विद डिसएबिलिटी एक्ट, 2016 के तहत सिर्फ उन्ही लोगों को दिव्यांग का दर्जा मिलता है ,जिन पर एसिड फेकने की वजह से उनका चेहरा या शरीर बाहर से जलकर बिगड़ गया हो। जिन लोगों को जबरन एसिड पिलाया जाता था, उन्हें इस श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता था, क्योंकि उनके घाव बाहरी रूप से दिखाई नहीं देते। हालांकि, ऐसे पीड़ितों की आंतरिक चोटें बेहद गंभीर होती हैं।उनकी भोजन नली और दूसरे अंग बुरी तरह प्रभावित हो जाते हैं, जिससे उन्हें जीवनभर भारी पीड़ा झेलनी पड़ती। सरकार क़ानून में बदलाव करें-SC चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि सरकार को क़ानून में बदलाव करना चाहिए ताकि इस खामी को दूर किया जा सके। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि जब तक सरकार कानून में बदलाव नहीं करती,तब तक उन लोगों को भी दिव्यांग माना जाएगा जिन्हें जबरदस्ती एसिड पिलाया गया हो।कोर्ट ने कहा कि यह बदलाव 2016 से लागू माना जाएगा । इसका मतलब यह है कि साल 2016 के बाद ऐसे लोगों को जिन्हें जबर्दस्ती एसिड पिलाया गया गया हो और जिन्हें अंदरूनी चोट आई हो, उन्हें भी दिव्यांग लोगों को मिलने वाली सुविधाएं मिलेंगी। एसिड अटैक पीड़ित की ओर से दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका एसिड हमले की शिकार शाहीन मलिक नाम की ओर से महिला की ओर से दायर थी।।कोर्ट में शाहीन मलिक ने अपनी बात खुद रखी थी। उन्होंने याचिका में सवाल उठाया था कि जब भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस के तहत एसिड फेंकने या एसिड पिलाने को एक समान दंडनीय अपराध माना गया है, तब एसिड पिलाए जाने के चलते नुकसान झेल रहे लोगों को दिव्यांग का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता है。 कोर्ट ने पेंडिंग केस की जानकारी मांगी थी पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने यहां एसिड अटैक के पेंडिंग केस की जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने राज्यों को पूछा था कि साल-दर-साल उनके यहाँ कितनी एसिड अटैक की घटनाएँ हुईं। इनमे से कितने मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई और कितनों में चार्जशीट दाखिल होनी बाकी है। कोर्ट ने राज्यों को बताने को कहा था कि एसिड अटैक के कितने मामलों का फैसला हो चुका है।कितने मामले अभी ट्रायल के स्तर पर लंबित हैं दोषियों की संपत्ति जब्त की जाए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा है कि एसिड अटैक के दोषी लोगों के लिए सख्त सज़ा पर विचार करे । कोर्ट ने सुझाव दिया कि अगर कोई व्यक्ति एसिड अटैक का दोषी पाया जाता है, तो उसकी सारी अचल संपत्ति जब्त कर ली जाए ताकि उससे पीड़ित को मुआवज़ा दिया जा सके।कोर्ट ने सुझाव दिया कि गैरकानूनी तरीके से एसिड बेचने वाले लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए。
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पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में भाजपा की जीत के बाद विदिशा में भी जश्न

Vidisha, Madhya Pradesh:पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। इसी कड़ी में विदिशा के माधवगंज चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास के साथ विजय उत्सव मनाया। देशभर से आए चुनाव परिणामों में भाजपा ने बड़ी सफलता हासिल की है। पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जनादेश, असम में लगातार तीसरी बार बहुमत और पांडुचेरी में एनडीए की मजबूत स्थिति से कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विदिशा में विधायक मुकेश टंडन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, मिठाई बांटी और झालमुड़ी खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी। इस दौरान “भारत माता की जय” और “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश जादौन, वरिष्ठ नेता आनंद जैन, बाबूलाल ताम्रकार, रमन गोयल, जिला महामंत्री बलवीर रघुवंशी, मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल जैन सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुकेश टंडन, विधायक विदिशा. यह जीत देश की जनता के विश्वास, प्रधानमंत्री के नेतृत्व और संगठन की मेहनत का परिणाम है. यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। जिला मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल जैन ने भी इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन की जीत बताया। मुकेश टंडन, विधायक विदिशा.
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AC रिपेयरिंग ठगी: कैसे पहचानें धन वसूली और बचें

Shahdol, Madhya Pradesh:गर्मी बढ़ते ही AC सर्विस और रिपेयरिंग की मांग तेज हो जाती है, लेकिन इसके साथ ही बढ़ जाता है ठगी का कारोबार। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि कई कंपनियां और लोकल इंजीनियर ग्राहकों की तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर छोटी खराबी को बड़ा बताकर हजारों रुपये वसूल रहे हैं। कई मामलों में बिना सही जांच के ही महंगे पार्ट खराब बताकर बिल थमा दिया जाता है। केस स्टडी 1: प्रभात पांडे का मामला पांडव नगर निवासी प्रभात पांडे ने अपने घर के AC की रिपेयरिंग के लिए एक इंजीनियर को बुलाया। इंजीनियर ने बिना AC खोले ही सिर्फ करंट चेक कर कोइल खराब बता दिया। बाद में AC खोलते समय उसने कहा कि गैस भी खत्म है। ग्राहक को कोई तकनीकी जानकारी नहीं दी गई कोइल क्यों खराब हुआ,कितनी गैस डाली गई,कोई रिपोर्ट या बिल नहींऔर मोटी रकम लेकर इंजीनियर चला गया。 केस स्टडी 2: सुनील तिवारी का अनुभव सुनील तिवारी ने एक लोकल इंजीनियर को बुलाया, जिसने पहले ही ₹1500 विजिट चार्ज तय कर दिया चाहे खराबी निकले या नहीं。 मौके पर पहुंचते ही इंजीनियर ने “कंप्रेसर डाउन” बता दिया, जबकि समस्या सिर्फ कूलिंग की थी।कंप्रेसर खोला नहीं गया कोई टेस्ट नहीं किया गया असली समस्या नहीं बताई गई फिर भी भारी रकम वसूल ली गई。 केस स्टडी 3: अजय सोनी का अनुभव सुहागपुर निवासी व्यवसायी अजय सोनी के यहां लगा AC अचानक गर्म होने लगा। उन्होंने इंजीनियर को बुलाया।इंजीनियर ने बिना किसी ठोस जांच के यह कहा कि कंप्रेसर का तेल और वायरिंग खराब है।कोई मीटर या मशीन से जांच नहीं हुई कोई प्रमाण नहीं दिखाया गया पूरी जानकारी छुपाकर चार्ज वसूला गया एक्सपर्ट इनपुट:- इंजीनियर दानिश अंसारी की सलाह AC तकनीशियन दानिश अंसारी ने बताया कि अगर ग्राहक थोड़ी सावधानी बरतें, तो इस तरह की ठगी से बच सकते हैं। उनके अनुसार गैस हमेशा कंपनी की ही डलवाएं-सस्ती या लोकल गैस डालने से AC खराब हो सकता है, यहां तक कि विस्फोट का खतरा भी रहता है。 गैस भरते समय AC चालू होना जरूरी है - अगर इंजीनियर AC बंद करके गैस भरने की बात करता है, तो शक करें संभव है गैस डाली ही न जा रही हो。 मीटर (गेज) जरूर लगना चाहिए - गैस प्रेशर मापने के लिए मीटर लगाया जाता है। बिना मीटर के गैस भरना गलत प्रक्रिया है。 पूरा काम अपने सामने करवाएं - कोई भी पार्ट बदला जा रहा है या गैस डाली जा रही है, तो ग्राहक को सामने रहकर देखना चाहिए。 खराब पार्ट दिखाने की मांग करें - अगर कोइल, कंप्रेसर या वायरिंग खराब बताई जाती है, तो उसका प्रमाण जरूर लें。 AC रिपेयरिंग के नाम पर चल रही यह ठगी आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। तकनीकी जानकारी के अभाव में लोग आसानी से गुमराह हो रहे हैं और आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। जरूरत है जागरूकता की और प्रशासन की सख्त कार्रवाई की, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लग सके。 बाइट01-प्रभात पांडे (पांडव नगर निवासी शहडोल) बाइट02-सुनील तिवारी ( पुलिस लाइन निवासी शहडोल) बाइट03-अजय सोनी (सुहागपुर निवासी शहडोल) बाइट04-दानिश अंसारी ( AC इंजीनियर शहडोल)
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JMM ने असम चुनाव में आदिवासी-दलित समाज के हक को आवाज दी

Noida, Uttar Pradesh:असम की महान जनता को जोहार एवं हृदय से आभार। बहुत ही सीमित समय और संसाधन में जो कुछ भी किया जा सका, वह आप सभी के सहयोग, विश्वास और सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं था। इस संघर्ष में जिस तरह से आपने हमारा साथ दिया, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि हमारे लिए अत्यंत हौसला बढ़ाने वाला भी है। आपका यह समर्थन हमारे लिए शक्ति, प्रेरणा और नई ऊर्जा का स्रोत है। असम में चुनाव लड़ने का फैसला झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लिए केवल राजनीतिक विस्तार नहीं था, बल्कि यह वहां के आदिवासी-दलित-अल्पसंख्यक समाज के हक, सम्मान और पहचान की लड़ाई को मजबूत आवाज देने का एक ठोस कदम भी था। राज्य में आदिवासियों की दयनीय स्थिति - ST का दर्जा न मिलना, चाय बागान के मजदूरों को उचित मजदूरी का अभाव, और जमीन के अधिकार से वंचित रहना - इन गंभीर मुद्दों ने इस संघर्ष की नींव रखी। सीमित संसाधनों और बिना किसी बड़े गठबंधन के JMM ने 16 सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। पहली ही कोशिश में 2 सीटों पर दूसरे स्थान पर रहना, 7 सीटों पर 15 हजार से अधिक मत प्राप्त करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी ने जनता के बीच अपनी पकड़ बनानी शुरू कर दी है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में संगठन और भी मजबूत होकर उभरेगा। यह परिणाम एवं लोगों का भरोसा इस बात को और स्पष्ट करती है कि आदिवासी समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की आवश्यकता है। यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं, बल्कि अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की लड़ाई है, और आपके साथ, आपके विश्वास के साथ, यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। सभी को जोहार।
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बारामती चुनाव में गुलाबराव पाटील की जीत से भाजपा को मिली बड़ी बढ़त

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव मंत्री गुलाबराव पाटील ऑन प. बंगाल भाजप यश पंधरा वर्षांच्या राजवटीमध्ये असलेली अँटी इन्कमपसी, खुंटलेला विकास, बांग्लादेशींची घुसखोरी.या कारणामुळे भाजपला यश मिळालं. याठिकाणचा हिंदू टक्का भाजपकडे गेलेला आहे, बारामतीची निवडणूक ही औपचारिक निवडणूक होती.. निवडणूक बिनविरोध व्हावी अशी सर्वांची इच्छा होती मात्र निवडणूक लादण्यात आली.. अजित दादांवरील प्रेम पुन्हा बारामतीकरांनी सिद्ध केला आहे.. त्यामुळे सुनेत्रा पवार यांचा विजय झालेला आहे. पुणे बालिका अत्याचार घटना अत्याचारात घटने संदर्भातला खटला हा फास्टट्रॅक कोर्टात चालवण्यासंदर्भातला निर्णय मुख्यमंत्र्यांनी घेतला आहे. महिनाभराच्या आत अशा माणसांचा निकाल लागला पाहिजे आणि अशा व्यक्तींना ठेचले पाहिजे.. संजय राऊत.. (निवडणुका आल्या की मोदी शहा तळ ठोकून बसतात) त्यांना कोणी मना केले, त्यांच्याकडे तळच नाही तर ते ठोकतील कुठे... हेच जर संजय राऊत यांनी शिवसेनेसाठी केला असता आज जो उठाव झाला तो झाला नसता..शिवसेना एकसंघ राहिली असती. ज्यांना तळच नाही त्यांनी ठोकायचा विषय करायचा नाही.. बारामती मध्ये अजित दादांची पुण्याई संपलेली नाही. संजय राऊत यांची काय पुण्याई आहे.. त्यांना मिळाली खासदारकी ही देखील शिवसैनिकांच्या पुण्याईमुळे मिळाली आहे.. बाईट _मंत्री गुलाबराव पाटील....
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हाथरस में बाइक-ईको वैन टक्कर, चार घायल, एक अलीगढ़ रेफर

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में भीषण सड़क हादसा वैन और बाइक की जोरदार टक्कर हादसे में चार घायल, एक अलीगढ़ रेफर हाथरस में सासनी के खिटोली बंबा के पास एक बाइक और ईको वैन में आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई... हादसे में बाइक सवार सुमित और नागेंद्र निवासी अलीगढ़ और वैन सवार विशाल और कांति निवासी विजयगढ़ गंभीर रूप से घायल हो गए... घटना के बाद मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ ने 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सासनी सीएससी पहुंचाया... सुमित की हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है... बाइट- घायल के परिजन
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