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Umang WaliaUmang WaliaFollow20 Jun 2024, 02:30 pm
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तोरवा में पति ने घर में घुसकर दहशत फैला दी; डायल-112 ने बचाई पीड़िता

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर से एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। तोरवा थाना क्षेत्र में एक पति ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। आधी रात को घर में घुसकर उसने अपनी पत्नी और मासूम बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। गनीमत रही कि वक्त रहते डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला। बिलासपुर के तोरवा थाना अंतर्गत शंकर नगर ओवरब्रिज के नीचे रहने वाली सुशीला कोरी ने अपने पति भोला प्रसाद कोरी के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। महिला के अनुसार, उसका पति उससे अलग रहता है, लेकिन रात करीब एक बजे वह बाथरूम जाने का बहाना बनाकर अचानक घर में घुस आया। घर में दाखिल होते ही आरोपी ने बिना किसी उकसावे के अपनी पत्नी और बच्चों को गालियां देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और आरोपी ने घर से बाहर निकलकर मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया, जिससे महिला अपने पुत्र और पुत्री के साथ अंदर ही कैद होकर रह गई। बंद कमरे के बाहर खड़ा होकर आरोपी लगातार गाली-गलौज करता रहा और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देता रहा। इतना ही नहीं, वह पुलिस को भी चुनौती देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। खौफजदा महिला ने रात करीब डेढ़ बजे डायल-112 को फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर ताला खुलवाया और महिला व बच्चों को बाहर निकाला। फिलहाल, तोरवा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
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हाई कोर्ट: मातृत्व लाभ केवल स्थायी कर्मचारियों तक नहीं, अतिथि व्याख्याताओं को भी मिलेगा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मातृत्व लाभ केवल नियमित सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक वेतनभोगी, मस्टर रोल कर्मचारी, संविदाकर्मी और कॉलेजों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताएं भी इसके लिए समान रूप से पात्र हैं। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व लाभ किसी प्रकार की दया या विशेष सुविधा नहीं, बल्कि महिलाओं का मानवीय, संवैधानिक और वैधानिक अधिकार है। यह फैसला रायपुर निवासी शिल्पी शुक्ला की याचिका पर सुनाया गया, जिसने हजारों अस्थायी और संविदा महिला कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद जगा दी है।शिल्पी शुक्ला नवंबर 2022 से शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ कॉलेज, रायपुर में अतिथि व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं। कॉलेज में वे नियमित शिक्षकों की तरह शैक्षणिक जिम्मेदारियां निभा रही थीं। वर्ष 2025 में गर्भवती होने के बाद उन्हें 13 सितंबर 2025 से मातृत्व अवकाश स्वीकृत किया गया था। निर्धारित अवकाश अवधि पूरी होने के बाद वे 20 मार्च 2026 को पुनः अपनी सेवाओं में लौट आईं।ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद उन्होंने मातृत्व अवकाश अवधि के वेतन के भुगतान के लिए आवेदन किया। हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए उनका दावा खारिज कर दिया कि वे नियमित कर्मचारी नहीं बल्कि अतिथि व्याख्याता हैं, इसलिए उन्हें मातृत्व अवकाश अवधि का वेतन नहीं दिया जा सकता। विभाग के इस निर्णय को शिल्पी शुक्ला ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता कॉलेज में नियमित व्याख्याता की तरह ही सभी शैक्षणिक और अकादमिक दायित्वों का निर्वहन कर रही थीं। केवल उनके पदनाम में अतिथि शब्द जुड़ा होने के आधार पर उन्हें मातृत्व लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व एक प्राकृतिक और सामाजिक दायित्व है। किसी महिला कर्मचारी को सिर्फ रोजगार की प्रकृति के आधार पर मातृत्व लाभ से वंचित करना न केवल कानून की भावना के विपरीत है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा और समानता के अधिकार का भी उल्लंघन है। अदालत ने टिप्पणी की कि मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन रोकना गैरकानूनी और अमानवीय है। हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह शिल्पी शुक्ला को मातृत्व अवकाश अवधि का पूरा बकाया वेतन तीन माह के भीतर भुगतान करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि मातृत्व लाभ का अधिकार केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं माना जा सकता। यह माना जा रहा है कि यह फैसला केवल एक अतिथि व्याख्याता तक सीमित नहीं रहेगा। इसका लाभ उन हजारों महिलाओं को मिल सकता है जो सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों में दैनिक वेतनभोगी, मस्टर रोल, संविदा या अतिथि कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। अब भविष्य में नियोक्ता केवल  रोजगार  की श्रेणी का हवाला देकर महिलाओं को मातृत्व लाभ देने से इनकार नहीं कर सकेंगे। यह फैसला महिला कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है。
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ग्वालियर डबरा: मुनीम पर पिस्टल से धमकी, बिलौआ खदान विवाद के बीच मामला दर्ज

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर डबरा के बिलौआ स्थित क्रेशर मार्केट में एक मुनीम के साथ मारपीट और पिस्टल लगाकर धमकाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कमलेश जाटव ने आरोप लगाया है कि गगन कमरिया नामक व्यक्ति ने उसके साथ मारपीट की और पिस्टल से धमकाया। घटना के बाद पीड़ित थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं की हालांकि बाद मे पुलिस نے केस दर्ज कर आरोपी क़ो हिरासत मे भी ले लिया. यह घटना बीती रात को हुई, जब मुनीम कमलेश पुत्र जगन्नाथ जाटव खदान में था। पीड़ित का आरोप है कि मशीन खराब होने पर ग्वालियर निवासी गगन कमरिया ने उसके साथ मारपीट की। जब कमलेश सनी ग्रेनाइट पर पहुंचा, तो गगन वहां भी आ गया और पिस्टल लगाकर उसे धमकाया। अन्य लोगों के आने पर आरोपी वहां से चला गया, बतादे कि बिलौआ क्षेत्र काली गिट्टी के अवैध खनन के लिए पूरे जिले में जाना जाता है। यहां एक सौ से अधिक वैध और अवैध खदानें संचालित होती हैं, जहां अक्सर वर्चस्व को लेकर विवाद होते रहते हैं। यह घटना भी इसी पृष्ठभूमि में हुई है। पीड़ित ने घटना की जानकारी अपने मालिक को दी, जिसके बाद वे उसे लेकर बिलौआ थाने पहुंचे। पुलिस ने मेडिकल तो कराया, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि वह तीन घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठा रहा और पुलिस ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की, न ही कोई अपराध दर्ज किया। हालांकि एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि इस मामले मे प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी भी हिरासत मे ले लिया गया है. बाइट - सुमन गुर्जर - एडिशनल एसपी ग्वालियर
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बलिया प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के लिए फायर सेफ्टी अनिवार्य कर दी; बेसमेंट में रोक

Ballia, Uttar Pradesh:लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद बलिया जिला प्रशासन एक्शन मोड में है। बलिया के डीएम और एसपी ने शहर के कोचिंग संचालकों के साथ बैठक की। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से बताया गया कि जनपद में मात्र एक कोचिंग रजिस्टर्ड है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि कोचिंग संचालकों को एनओसी के साथ ही फायर सेफ्टी के सभी नियमों का पालन करना होगा। वही बेसमेंट में किसी भी प्रकार के कोचिंग संस्थान या फिर व्यावसायिक संस्थान चलाने पर पूर्णतया पाबंदी होगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने बताया कि कोचिंग संस्थानों में जांच के लिए एक टीम गठित की गई है जो समय-समय पर जांच करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के against कार्यवाही भी करेगी।
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चंदौली में अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा; ट्रक से करोड़ों की शराब बरामद

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली.... police ने अंतर्राज्यीय शराब तस्करी का किया बड़ा खुलासा मुगलसराय पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक तस्कर गिरफ्तार ट्रक से 925 पेटी में रखा 8222.8 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब किया बरामद पुलिस के अनुसार बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 31 लाख रुपये पंजाब से आलू की बोरियों के बीच छिपाकर बिहार ले जाई जा रही थी शराब पुलिस को देख चालक ने ट्रक भगाकर भागने का किया प्रयास, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया बरामद सभी शराब की पेटियों पर \"For Sale in Punjab Only\" अंकित मिला गिरफ्तार आरोपी मो. जबीर जम्मू के बक्सीनगर क्षेत्र का निवासी पूछताछ में बिहार में शराब की खेप पहुंचाने की बात कबूली ट्रक समेत भारी मात्रा में शराब जब्त, आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस मुग़लसराय कोतवाली क्षेत्र के मिल्कीपुर-ताहिरपुर हाईवे से मुखबिर की सूचना पर मिली कामयाबी.
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जबलपुर में रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री पहुंचे; एयरपोर्ट नामकरण प्रस्ताव

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर में रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी पहुंचे और बलिदान दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रानी दुर्गावती के समाधि स्थल में भी पहुंचे और उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान इतिहास में अमर है और उनका प्रबंधन आज भी अनुकरणीय है। मध्य प्रदेश शासन ने रानी दुर्गावती को हमेशा सम्मान दिया है। जबलपुर में फ्लाय ओवर का नाम भी पुरानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है तथा दो जगह कैबिनेट का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम भी पुरानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा और इसके लिए केंद्र शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि जबलपुर एयरपोर्ट में आने वाले हर यात्री रानी दुर्गावती के बलिदान से प्रेरित हो और उनके नाम को पहचाने।
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NEET पेपर लीक के आरोप: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा

Almora, Uttarakhand:कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीट को लेकर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि लगातार सामने आ रही गड़बडियों से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ी है तथा युवाओं का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से कम हो रहा है। अल्मोड़ा में पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो उनकी मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। भोज ने मांग की कि NEET से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
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PBM अस्पताल में प्रसूता शारदा मौत पर प्रशासन-परिजनों की बातचीत सफल, धरना खत्म

Bikaner, Rajasthan:पीबीएम अस्पताल में प्रसूता शारदा की मौत के मामले में बड़ा घटनाक्रम, प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद बनी सहमति, सहमति के बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की, पिछले चार दिनों से मॉर्चरी के बाहर धरने पर बैठे थे परिजन, मांगों को लेकर लगातार जारी था विरोध-प्रदर्शन, एडीएम उम्मेद सिंह रतनू, एसडीएम राजेश नायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता, मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर बनी सहमति, इलाज कर रहे संबंधित चिकित्सक के खिलाफ परिजन देंगे परिवाद, परिवाद के आधार पर निष्पक्ष जांच और आगे कार्रवाई का दिया गया आश्वासन, प्रशासनिक आश्वासनों के बाद परिजनों ने शव उठाने पर जताई सहमति, चार दिन से जारी गतिरोध हुआ समाप्त, धरना खत्म
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कानपुर देहात में दुष्कर्म केस: पुलिस कार्रवाई नहीं, पीड़िता परिवार ने न्याय की गुहार

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात में दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई न होने पर पीड़िता का परिवार परेशान। युवती ने गांव के युवक पर दुष्कर्म का लगाया आरोप आरोप है कि आरोपी ने अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक साल तक शोषण का आरोप। परिजनों ने शादी तय की तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि युवक जबरन युवती के घर में घुस आया। पिता के विरोध के बाद अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप。 तस्वीरें वायरल होने से युवती की तय शादी टूट गई。 पीड़िता का आरोप, तीन दिन से थाने से चुकी गए पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही परिवार का दावा, police कार्रवाई की जगह समझौते का दबाव बना रही है。 पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार शिवली कोतवाली क्षेत्र का मामला。
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कानपुर नगर निगम में भाजपा आंतरिक कलह: 75 पार्षद 6 दागी पार्षदों के निष्कासन नहीं तो इस्तीफा

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर नगर निगम में भाजपा की रार, 6 पार्षदों को न निकालने पर 75 से अधिक पार्षदों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी. कानपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी का आंतरिक कलह उस समय चरम पर पहुंच गया, जब नेता सदन नवीन पंडित के नेतृत्व में पार्टी के 75 से अधिक पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के 6 दागी व तथाकथित पार्षदों को निष्कासन न किए जाने पर सामूहिक इस्तीफे और लखनऊ से दिल्ली तक कूच करने की कड़ी चेतावनी दे डाली. इन राष्ट्रवादी पार्षदों ने आरोप लगाया कि पवन गुप्ता और अंकित मौर्य जैसे आपराधिक प्रवृत्ति के 6 पार्षद कुछ अदृश्य आकाओं व विरोधियों के इशारे पर संगठन, सरकार और महापौर की बेदाग छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं. इन वफादार पार्षदों ने आरोपी नेताओं पर प्रशासनिक अज्ञानता फैलाने, जबरन वसूली के मुकदमों में लिप्त होने और हाल ही में मुख्यमंत्री की कानपुर सुरक्षा में सेंध लगाने का गंभीर आरोप लगाते हुए शीर्ष नेतृत्व से इन्हें तत्काल बाहर का रास्ता दिखाने की मांग की है, ताकि नगर निगम की गरिमा और संगठन की मर्यादा की रक्षा की जा सके।
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