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हिंदी दिवस पर पलवल में रक्तदान शिविर आयोजित, 30 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
Palwal, Haryana:हिंदी दिवस के अवसर पर "पहले मतदान, फिर जलपान, फिर रक्तदान" अभियान के तहत पलवल में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज और लोट्स ऐजुकेशनल वैलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में जिला रेड क्रॉस सोसायटी पलवल के सहयोग से यह शिविर ओमेक्स स्थित लोट्स इंटरनेशनल स्कूल में लगाया गया। शिविर संयोजक अनिता सिंह और अल्पना मित्तल ने बताया कि शिविर में 30 रक्तदाताओं ने अंजान जरुरतमंदों के लिए रक्तदान किया, जिनमें से 10 ने पहली बार रक्तदान किया।
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सूरत के होटलों में मानक चीज़-पनीर पर सरकार का फैसला स्वास्थ्य सुरक्षा का संकेत
Surat, Gujarat:સુરત બ્રેક એનલોગ ચીઝ અને પનીર પર પ્રતિબદ્ધ નો મામલો ઝી 24 કલાક ની ટિમ હોટલ પર પહોંચી મોટા ભાગની હોટેલ સંચાલકો સ્ટાન્ડર્ડ ચીઝ અને પનીર નો ઉપયોગ કરે છે સરકાર નો નિર્ણય ખૂબ જ સારો છે લોકોના સ્વાસ્થ્ય સાથે ચેડાં થતા અટકશે0
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मैहर में दो दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, पूर्व राज्यमंत्री पटेल ने लिया भाग
Maihar, Madhya Pradesh:मैहर जिले के अमरपाटन स्थित यूनिक कॉलेज परिसर में पूर्व राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल के सौजन्य से दो दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में भोपाल से आए आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श और उपचार संबंधी सलाह दी। शिविर में हृदय रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे। दूर-दराज के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर शिविर का लाभ उठाया। पूर्व राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल ने भी शिविर में पहुंचकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है, ताकि समय रहते गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार संभव हो सके। उन्होंने मैहर जिले के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इस निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ लेने की अपील की है शिविर के दौरान चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक दवाइयों के साथ स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। दो दिवसीय इस स्वास्थ्य शिविर को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में मरीजों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराकर इसका लाभ प्राप्त किया।0
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STET परीक्षा TRE 4 से पहले: पटना में छात्रों का BSEB कार्यालय के बाहर आंदोलन
Patna, Bihar:TRE 4 से पहले STET की परीक्षा की मांग को लेकर छात्र आज पटना के बिहार स्कूल ऐक्जामीनेशन बोर्ड के बाहर प्रदर्शन करने लगे। करीब 500 की संख्या में छात्रों ने BSEB कार्यालय के बाहर पात्रता परीक्षा की मांग को लेकर उग्र हो गए और मांग करने लगे कि BPSC द्वारा होने वाली TRE 4 से पहले उनकी परीक्षा ले। आपको बता दें कि बिहार में करीबन साढ़े 5 लाख छात्र STET परीक्षा का इंतज़ार कर रहे हैं। 2024 में पात्रता परीक्षा की घोषणा हुई और उसकी परीक्षा 2025 में ली गयी। उसके बाद से कोई परीक्षा नही हुई। जबकि 2025 में साल में दोबार परीक्षा की घोषणा हुई थी। छात्रों ने कहा कि आज बोर्ड अध्यक्ष लिखित आश्वाशन दे कि शिक्षक परीक्षा से पहले उनकी परीक्षा ली जाएगी अन्यथा छात्र आंदोलन को महाआंदोलन में बदलने को मजबूर होंगे।0
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पंजाब कलह पर धर्मवीर गांधी ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए
Noida, Uttar Pradesh:कांग्रेस की कलह पर खुलकर बोले लोकसभा सांसद डॉ धर्मवीर गांधी कांग्रेस अगर पंजाब में विधानसभा चुनाव हारती हैं तो इसका नुकसान पूरे देश को होगा केंद्रीय नेतृत्व पर उठाए सवाल प्रभारी भूपेश बघेल के पंजाब दौरे पर उठाए सवाल उन्होंने कहा प्रभारी की इतनी मजबूरी क्या थी कि एक तरफ जहां संसद और दूसरी तरफ विधानसभा चल रही है और आप कांग्रेस के सम्मेलन कर रहे हो इसकेसे कांग्रेस की छवि खराब हो रही है पंजाब के कांग्रेसी नेता आपस में लड़के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अपमान कर रहे हैं केंद्रीय नेतृत्व इसको हल नहीं कर पा रही जिससे कि कांग्रेस को नुकसान हो रहा है पार्टी हाईकमान को प्लान A, प्लान B, ओर प्लान C पर काम करना चाहिए प्लान A फेल हो गया है तो पार्टी हाईकमान को B पर काम करना चाहिए दुर्घाग्य की बात है इलेक्शन पास है और पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस सत्ता में आ सकती है लेकिन यहां राज्य की सत्ता हासिल करने के लिए बल्कि कुछ लोग अपना अस्तित्व के लिए लड़ रहें है पंजाब के कांग्रेस के नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना चाहिए, पोस्टर वार पर कहा कि इससे कांग्रेस का ही नुकसान हो रहा है क्योंकि पोस्टर कोई भी लगाए ये कांग्रेस विरोधी है पार्टी अध्यक्ष राजा वाडिंग पर कहा कि जब पुराने कांग्रेसी सब इक्कठा हों गए है जिन्होंने कांग्रेस को अभी तक जिंदा रखा है इसका क्या मतलब है कि सब इस फैसले के खिलाफ है लेकिन पार्टी हाईकमान हो देखना चाहिए0
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जमैअत इस्लामी हिंद ने शिक्षा नीति पर व्यापक समीक्षा और बहाली के संकेत दिए
New Delhi, Delhi:जमात-ए-इस्लामी हिंद ने आज तीन अहम मुद्दों पर की प्रेस कॉन्फ्रेंस। प्रोफेसर सलीम इंजीनियर उपाध्यक्ष जमाते इस्लामी हिंद जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के निकट नीट विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा देश में शिक्षा की स्थिति को लेकर जनता की गहरी नाराज़गी को दिखाता है। हालाँकि, केवल एक व्यक्ति को बदलने से उन व्यवस्थागत कमियों को दूर नहीं किया जा सकता जो बरसों से जमा हो गई हैं। मौजूदा संकट भारत की शिक्षा व्यवस्था की दिशा, प्राथमिकताओं और कामकाज के तरीक़े की व्यापक समीक्षा की मांग करता है। भारत में शिक्षा के क्षेत्र में असमानता बढ़ रही है। हज़ारों सरकारी स्कूलों का बंद होना, सरकारी निवेश में कमी, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को मिलने वाली ग्रांट में कटौती और शिक्षा के तेज़ी से हो रहे कमर्शियलाइज़ेशन ने समान और अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा की नींव को कमज़ोर कर दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि अल्पसंख्यक शिक्षा, स्कॉलरशिप और शिक्षा से जुड़े सपोर्ट प्रोग्राम के लिए बजट में बार-बार कटौती की जा रही है, जिसका सबसे ज़्यादा असर उन समुदायों पर पड़ रहा है जो पहले से ही पिछड़े हुए हैं। अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों, ग्रामीण पृष्ठभूमि और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को अच्छी शिक्षा और उच्च शिक्षा के अवसरों तक पहुँचने में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कई अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को बढ़ते विनियामक दबाव और चुनिंदा तरीके से निशाना बनाए जाने का सामना करना पड़ा है। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने असमान व्यवहार और अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा रहे शैक्षिक प्रयासों के लिए घटती गुंजाइश को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसी घटनाएं शैक्षिक विविधता और समान अवसर के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता में भरोसे को कम करती हैं। जमात शिक्षा और रोज़गार के बीच बढ़ती दूरी को लेकर भी चिंतित है। उच्च शिक्षा में दाखिले बढ़ने के बावजूद, लाखों पढ़े-लिखे युवा बेरोज़गारी और अपनी योग्यता से कम स्तर के काम (अंडर-एम्प्लॉयमेंट) से जूझ रहे हैं। जो शिक्षा प्रणाली छात्रों को ज़रूरी कौशल, इनोवेशन, हालात के अनुसार ढलने की क्षमता और आलोचनात्मक विचार नहीं सिखा पाती, वह उन्हें ऐसी अर्थव्यवस्था के लिए ठीक से तैयार नहीं कर सकती जो तेज़ी से टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आकार ले रही है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) और इसे लागू करने के तरीके पर भी जनता की ओर से गंभीरता से विचार-विमर्श और जांच-परख होनी चाहिए। बहुत ज़्यादा केंद्रीकरण, भाषा थोपने, डिजिटल सुविधाओं तक असमान पहुँच, अहम परीक्षाओं पर बहुत ज़्यादा निर्भरता और संघीय व संस्थागत स्वायत्तता के कमज़ोर होने जैसी चिंताओं पर ध्यान देना ज़रूरी है। उतनी ही चिंता की बात यह है कि "मूल्य-आधारित शिक्षा" का इस्तेमाल बहुसंख्यकवादी सांस्कृतिक नैरेटिव को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। मूल्यों की शिक्षा संवैधानिक सिद्धांतों, सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों और भारत की सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान पर आधारित होनी चाहिए, न कि सांस्कृतिक एकरूपता या विचारधारा की समानता थोपने का ज़रिया बननी चाहिए। इसलिए जमाअत सरकार से आग्रह करता है कि वह शिक्षा नीतियों की व्यापक और विचार-विमर्श पर आधारित समीक्षा करे और निम्नलिखित उपाय अपनाए: • शिक्षा पर सरकारी खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का कम से कम 6% तक बढ़ाएं और स्कूलों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के लिए अनुदान में आई कमी को दूर की जाए। • अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों, लड़कियों और आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों के लिए स्कॉलरशिप, फ़ेलोशिप और शैक्षिक सहायता योजनाओं को बहाल किया जाय और बेहतर बनाया जाय। • सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को मज़बूत किया जाए, खासकर ग्रामीण, आदिवासी और कम सुविधा वाले इलाकों में। • संवैधानिक गारंटियों के अनुसार, सभी शिक्षण • अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षाओं और कोचिंग इंडस्ट्री पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के लिए परीक्षा और प्रवेश प्रणालियों में सुधार की जाए। • शिक्षा को रोज़गार सृजन, व्यावसायिक प्रशिक्षण, उद्यमिता, अनुसंधान और उभरती हुई तकनीकों के साथ और अधिक निकटता से जोड़ा जाए। • शैक्षिक परिवेश में संस्थागत स्वायत्तता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और विचारों की विविधता की रक्षा की जाए। • संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नागरिकता, सामाजिक सद्भाव और भारत की विविधतापूर्ण विरासत के प्रति सम्मान पर आधारित मूल्य-शिक्षा के लिए एक सचमुच समावेशी ढांचा विकसित की जाए। शिक्षा को केवल बाज़ार के लिए कामगार तैयार करने का ज़रिया नहीं, बल्कि जागरूक, कुशल, नैतिक और सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार नागरिक तैयार करने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए। देश की तरक्की, सामाजिक justice और भारत के संवैधानिक विज़न को साकार करने के लिए एक लोकतांत्रिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली ज़रूरी है। 2, मलिक मोहतासीम खान उपाध्यक्ष जमाते इस्लामी हिंद राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने 'वंदे मातरम' से जुड़े 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' के पारित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हालांकि जमाअत देश की संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का पूरी तरह समर्थन करती है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए कि 'वंदे मातरम' के कुछ छंद—खासकर वे जिनमें मातृभूमि को एक देवी के रूप में संबोधित किया गया है और उसे कुछ देवियों से जोड़ा गया है—इस्लाम की एकेश्वरवादी मान्यताओं के अनुकूल नहीं हैं। यह चिंता न तो नई है और न ही किसी खास समुदाय तक सीमित; मुस्लिम विद्वानों और संगठनों ने दशकों से इसे उठाया है और भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे के भीतर इसे मान्यता भी मिली है।इसलिए, यह बात चिंताजनक है कि संसद ने जिस तरह से कानून बनाया है, उससे धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच चिंताएं बढ़ सकती हैं और ऐसे मुद्दे पर अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है जो सीधे तौर पर अंतरात्मा और आस्था की स्वतंत्रता से जुड़ा है। हालांकि यह बिल साफ़ तौर पर 'वंदे मातरम' गाने के लिए मजबूर नहीं करता, लेकिन यह इस गाने के प्रति 'अपमान' या 'अनादर' माने जाने वाले कामों को अपराध बनाता है। जब इसे सरकारी कार्यक्रमों में इसे गाने के नियमों के साथ जोड़कर देखा जाता है, तो अपनी मर्ज़ी से सम्मान करने और मजबूरी में शामिल होने के बीच का फ़र्क़ नाजुक हद तक धुंधला हो जाता है। जमाअत को "अपमान" और "बेअदबी" जैसे शब्दों के अस्पष्ट और व्यक्तिपरक (subjective) स्वरूप को लेकर खास चिंता है। मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक माहौल में, ऐसे प्रावधानों के गलत इस्तेमाल का गंभीर खतरा है। मौलिक स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले कानून स्पष्ट और सटीक होने चाहिए; उन्हें मनמाने ढंग से व्याख्या करने या बहुमत के दबाव के आधार पर तय करने के लिए खुला नहीं छोड़ा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने 'बिजो इमैनुएल' मामले के ऐतिहासिक फ़ैसले में यह माना कि सच्ची धार्मिक आस्था के आधार पर सम्मानपूर्वक किसी गतिविधि में शामिल न होना, संविधान के तहत सुरक्षित है। चुप रहने या किसी खास तरह से अपनी बात न कहने का अधिकार भी संवैधानिक आज़ादी का उतना ही अहम हिस्सा है, जितना कि उसमें शामिल होने का अधिकार। कोई भी ऐसा कानून जो इस अधिकार के इस्तेमाल को लेकर डर, अनिश्चितता या सज़ा का डर पैदा करता है, वह अनुच्छेद 19 और 25 की भावना और भारत के विविधतापूर्ण लोकतंत्र की नींव को भी कमज़ोर करता है। देशभक्ति को किसी खास गाने, नारे या प्रतीकात्मक काम में हिस्सा लेने से नहीं मापा जा सकता। देशभक्ति को किसी खास सांस्कृतिक या धार्मिक अभिव्यक्ति को मानने से जोड़कर देखने पर उन नागरिकों के अलग-थलग पड़ने का खतरा रहता है जिनकी मान्यताएं ऐसे कामों में हिस्सा लेने की इजाज़त नहीं देतीं। जमाअत का मानना है कि भारत की असली ताकत बिना किसी ज़बरदस्ती के विविधता को अपनाने की क्षमता में है। राष्ट्रीय एकता ऐसे कानूनों से नहीं बन सकती जो नागरिकों को अपनी अंतरात्मा की आवाज़ मानने और आरोप लगने के डर के बीच किसी एक को चुनने की मुश्किल स्थिति में डाल दें। ऐसे कदम लोगों को जोड़ने के बजाय अलग-थलग करते हैं और उस भरोसे को कमज़ोर करते हैं जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है। इसलिए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद सरकार से आग्रह करती है कि वह इस कानून की समीक्षा करे और स्पष्ट सुरक्षा उपाय लागू करे। राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान तो बना रहना चाहिए, लेकिन भारतीय संविधान की मूल भावना यानी मौलिक अधिकारों और आज़ादी की कीमत पर नहीं। 3, प्रो सलीम इंजीनियर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने असम और देश के कई अन्य हिस्सों यथा, ओडिशा, गुजरात, केरल और बाढ़ की आशंका वाले अन्य क्षेत्रों में बाढ़ से हुई व्यापक तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इन आपदाओं के बारंबार होने से एक बार फिर यह साफ़ हो गया है कि राहत-केंद्रित नज़रिए से हटकर आपदा से बचाव, तैयारी और जलवायु के प्रति मज़बूती (क्लाइमेट रेज़िलिएंस) पर केंद्रित नज़रिए को अपनाने की तत्काल ज़रूरत है। हालांकि बचाव कार्य और मानवीय सहायता ज़रूरी हैं, लेकिन सरकारों को वैज्ञानिक तरीके से नदियों का प्रबंधन, आर्द्रभूमि का संरक्षण, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, पूर्व चेतावनी यंत्र, जलवायु से प्रभावहीन इंफ्रास्ट्रक्चर और असुरक्षित समुदायों के सुनियोजित पुनर्वास जैसे स्थायी उपायों को भी समान रूप से प्राथमिकता देनी चाहिए। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद अपने स्वयंसेवकों और स्थानीय यूनिट्स के कार्यकर्ताओं की समर्पित कोशिशों की सराहना करती है जो देश के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत, भोजन, मेडिकल मदद और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुँचाने में सक्रिय हैं। हम सरकारों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कॉर्पोरेट निकायों और नागरिकों से अपील करते हैं कि वे उन लोगों की उदारतापूर्ण मदद करें जिन्होंने अपने घर, आजीविका और प्रियजनों को खो दिया है। टीटी विथ प्रो सलीम इंजीनियर मदरसे को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर बोले प्रोफेसर सलीम इंजीनियर अफसोस होता है कि ऐसे लोग संवैधानिक पद पर हैं जिनको भारत के इतिहास और मद्रास के इतिहास के बारे में पता नहीं है इनको नहीं मालूम मद्रास में जो स्वतंत्रता का आंदोलन चला उसमें लोगों ने शहादते दी है इनको नहीं पता है ना तो देश का इतिहास मालूम है ना देश की विरासत मालूम है इनको नहीं पता मदरसे में पड़े लोग देश के राष्ट्रपति बने हैं अगर इनको यह लगता है कि मद्रास में इस तरह की कोई गतिविधि होती है तो उसके लिए कानून है उसे पर कार्रवाई करें लेकिन इस तरह का बयान देना सिर्फ नफरत फैलाना है। वंदे मातरम बिल्कुल लेकर बोले सलीम इंजीनियर हमने इस बिल का मुतालबा किया है इस बिल में यह नहीं है कि जबरदस्ती पढ़ना जरूरी है लेकिन इस बिल के जरिए मुसलमान को टारगेट करने और उसे बिल का मिस यूज़ करने के इमकान ज्यादा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मद्रास में आप सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई के दिए आदेश क्रिएशन की डिग्री मान्य नहीं होगी इस पर प्रोफेसर सलीम इंजरी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था पहले से ही चौपट है इनको पता नहीं मद्रास से कौन और कैसे लोग देश में आगे आए हैं अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत को लेकर प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए सवाल उठने शुरू हुए हैं वाकई एक्सीडेंट है नेचुरल डेथ है या कुछ और इसकी सही से जांच होनी चाहिए।0
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जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री जावेद दर ने अनंतनाग में फल मंडी दौरे पर चर्चा
Aram Pora, Ganderbal, Jammu and Kashmir Horticulture Minister Javaid Dar, accompanied by Advisor to the Chief Minister Naseer Aslam Wani, National Conference MLAs and party leaders, visited the Fruit Mandi at Jablipora, Bijbehara in Anantnag district. During the visit, the delegation interacted with fruit growers and traders to discuss issues affecting the horticulture sector, particularly the transportation of fruit on the Jammu–Srinagar National Highway and other challenges faced by the trade.0
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श्रीनगर के बटमालू में पेयजल संकट, लोग MLA से तत्काल समाधान की मांग
Srinagar, Uttarakhand:Srinagar, August 6: Residents of Kashi Mohalla and Diyawarni in the Batmaloo area of Srinagar staged a protest against the acute drinking water shortage, alleging that they have been without a regular water supply for a long time. The protesters said they are facing immense hardship in carrying out their daily household activities, including cooking food, due to the non-availability of drinking water. They urged the authorities to restore the water supply without further delay. The residents also expressed resentment against Batmaloo MLA Tariq Hameed Karra, alleging that he has not visited the area for a long time despite the ongoing crisis. The protesters claimed that the MLA visited the locality during the election campaign to seek votes but has remained absent from the ground after the elections. They appealed to the government and the Jal Shakti Department to immediately resolve the drinking water crisis.0
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INDIA ब्लॉक Article 370 की वापसी का समर्थन; फारूक अब्दुल्ला ने कहा
Srinagar, Uttarakhand:Srinagar, August 6: Former Jammu and Kashmir Chief Minister Farooq Abdullah said that the INDIA bloc also supports the restoration of Article 370 and reiterated that the National Conference's struggle for the restoration of both Article 370 and Jammu and Kashmir's statehood will continue. Speaking to reporters, Dr. Abdullah said the party would continue its political and democratic efforts on these issues in the future. When asked about Mehbooba Mufti's stand on the matter, Dr. Abdullah declined to comment, saying he did not wish to speak about her.0
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बिहार में राजस्व 221.11 करोड़ बढ़ा, खनन पट्टे दिए जाएंगे और पुलिस बनेगी
Patna, Bihar:खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026 2027 में माह जुलाई के पिछले वर्ष की तुलना में 221.11 करोड़ रुपए की अधिक राजस्व प्राप्ति हुई है और यह वृद्धि 38.85 फीसदी है। मंत्री डॉ प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि नवादा जिला के तहत आठ पत्थर खनन पट्टे पर दे दिए गए हैं जबकि औरंगाबाद,गया,शेखपुरा और बांका में पत्थर खनन पट्टे की निविदा 15 अगस्त तक प्रकाशित कर दी जाएगी।मंत्री डॉ प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि आनेवाले समय में जल्द ही खनन विभाग की अपनी पुलिस होगी0
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इस आईडी में झांसी हॉस्पिटल का विजुअल सामने आया
Noida, Uttar Pradesh:इस आईडी में झांसी हॉस्पिटल का विजुअल सामने आया0
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लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ BSP विधायक उमाशंकर सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे
Noida, Uttar Pradesh:Lucknow(UP): CM Yogi Adityanath to Pay Last Respects to BSP MLA Umashankar Singh0
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लातेहार में भ्रष्टाचार रोकथाम: मनिका पंचायत सचिव नागेश्वर रजक गिरफ्तार
Latehar, Jharkhand:लातेहार भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता की टीम ने लातेहार जिले के मनिका प्रखंड में पंचायत सचिव नागेश्वर रजक को 10000 हज़ार रुपये लेते रंगों हाथ गिरफ्तार कर लिया है। ज्ञात हो मनिका बारकाडीह प्रखंड में वादी से चबूतरा निर्माण में बिल पास करने के एवज में 10000 हज़ार रुपये की माँग पिछले कई दिनों से कर रहा था। जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक टीम डाल्टनगंज से संपर्क किया जहाँ भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने मनिका प्रखंड से पंचायत सचिव नागेश्वर रजक को गिरफ्तार किया। पंचायत सचिव की गिरफ्तारी से मानिका प्रखंड के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में भय व्याप्त है।0
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करंट लगने से अज्ञात युवक की मौत, पुलिस जांच
New Delhi, Delhi:दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के नीचे करंट लगने से अज्ञात युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पिलर नंबर-52 के नीचे एक अज्ञात युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शस्त्री पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस लैबोरेशनरी (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और युवक की पहचान करने के साथ-साथ यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि करंट लगने की घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।0
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सलमान खान और अलवीरा अग्निहोत्री को नोटिस: बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी धोखाधड़ी मामला
Chandigarh, Chandigarh:बॉलિવुड अभिनेता सलमान खान और उनकी बहन अलवीरा अग्निहोत्री को बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी फ्रेंचाइजी से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत से नोटिस जारी हुआ है। यह नोटिस चंडीगढ़ के कारोबारी अरुण गुप्ता द्वारा दायर दीवानी वाद पर जारी किया गया है। अदालत ने प्रतिवादियों को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता अरुण गुप्ता का आरोप है कि उन्हें बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी ब्रांड के तहत चंडीगढ़ में शोरूम खोलने के लिए प्रेरित किया गया। शिकायत के अनुसार, ब्रांड की प्रतिष्ठा और अभिनेता सलमान खान से जुड़े होने के कारण उन्होंने कारोबार में बड़ा निवेश किया। इसके लिए शोरूम तैयार कराया गया, इंटीरियर पर खर्च किया गया, ज्वेलरी का स्टॉक खरीदा गया और कर्मचारियों की नियुक्ति सहित अन्य व्यावसायिक तैयारियां की गयीं। अरुण गुप्ता का कहना है कि उन्हें फ्रेंचाइजी संचालन, ब्रांड प्रमोशन और व्यावसायिक सहयोग को लेकर कई आश्वासन दिए गए थे, लेकिन बाद में ये वादे पूरे नहीं किए गए। उनका आरोप है कि कारोबार अपेक्षित रूप से शुरू नहीं हो सका, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और नुकसान की भरपाई सहित अन्य राहत की मांग की है। यह विवाद नया नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि फ्रेंचाइजी शुरू करने के कुछ समय बाद ही उन्हें परियोजना में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि ब्रांड से जुड़े पक्षों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जिसके कारण निवेश फंस गया और कारोबार प्रभावित हुआ। मामले को लेकर पहले भी शिकायतकर्ता की ओर से संबंधित पक्षों के समक्ष अपनी बात रखे जाने का दावा किया गया था। समाधान नहीं निकलने पर अंततः उन्होंने न्यायालय का रुख किया। अब अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सलमान खान, अलवीरा अग्निहोत्री और अन्य संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।0
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पटना में अभ्यर्थियों ने आईटी मंत्री से ज्वाइनिंग की मांग पर आर ब्लॉक में प्रदर्शन
Patna, Bihar:पटना में आईटी मंत्री से ज्वाइनिंग की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने पटना के आर ब्लॉक पर प्रदर्शन किया। इनके कहना है कि बेल्टरॉन में पैनल बनाया गया था जिसमें 2600 बच्चों का ज्वाइनिंग हो गया लेकिन 2018 से 2400 बच्चों का ज्वाइंनिंग नहीं हुआ है। अपनी मांग के समर्थन में ये आर ब्लॉक पर जमकर प्रदर्शन किए और पुलिस प्रशासन ने इन्हें यहां रोका।0
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