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पानी सप्लाई रोकने की धमकी: 31 वाल्व मैन वेतन न मिलने पर हड़ताल पर

Durgapur, West Bengal:অধিকারিককে ঘিরে ধরে বিক্ষোভ ওয়াটার ভাল্ভ ম্যানদের বেতনের দাবি। অভিযোগ, গত তিন মাস ধরে বেতন মিলছে না, অথচ কারোর কোনো ভ্রুক্ষেপ নেই; বুধবার বকেয়া বেতন না মিললে বৃহস্পতিবার থেকে লাগাতার ধর্মঘটের হুঁশিয়ারি। তৃণমূল জামানার অবস্থার শিকার এই কর্মীরা; দুর্গাপুর পশ্চিমের বিজেপি বিধায়ক লক্ষণ চন্দ্র ঘোড়ুই। সমস্যার জট খুলতে মন্ত্রীকে চিঠি দেওয়া হয়েছে বলে জানিয়েছেন দুর্গাপুর পূর্বের বিজেপি বিধায়ক চন্দ্রশেখর বন্দ্যোপাধ্যায়। তিন মাস হয়ে Four মাসে পড়লেও বেতন মিলছে না, অথচ ঠিকাদারকে ডেকে কারণ দর্শানোর কথা বলতে পারছেন না সংশ্লিষ্ট দফতরের আধিকারিকরা। দুর্গাপুর পশ্চিম বিজেপির তিন নম্বর মন্ডল সভাপতি Tej Narayan Panda অভিযোগ করেছেন—তৃণমূল মনোভাবাপন্ন কিছু আধিকারিক সরকারের ভাবমূর্তি নস্ট করার চক্রান্ত করছেন। ২৯ নম্বর ওয়ার্ডের হাউজিং দফতরের সগরভাঙা কলোনিতে প্রায় ২০০০ আবাসন রয়েছে, আর আন্দোলনে নামতে চলেছেন ৩১ জন ভাল্ভ ম্যান। এই ভাল্ভ ম্যানদের কাজ সগড়ভাঙা ওয়াটার ট্যাঙ্ক থেকে যে জল সরবরাহ করা হয় তার ভাল্ভ খোলা-বন্ধা হবে। আন্দোলনের ফলে খাবারের সমস্যা, বেতন না मिलने ও জলবণ্টনে বিঘ্নের আশঙ্কা রয়েছে। ছবি টুসিতে
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मेदिनापुर नगरपालिका में बिल्डिंग प्लान घपले के आरोप, हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर

Mollar Chak, West Bengal:মেদিনীপুর পৌরসভায় বিল্ডিং প্ল্যান সংক্রান্ত বিষয়ে ব্যাপক অনিয়ম ও কয়েকশো কোটি টাকার দুর্নীতির অভিযোগ তুলে আজ কলকাতা হাইকোর্টে জনস্বার্থে একটি মামলা হাইকোর্টে দায়ের করছেন মেদিনীপুর পৌরসভার ২১ নম্বর ওয়ার্ডের কংগ্রেস কাউন্সিলর মহ: সাইফুল। তার অভিযোগ, কোনরকম বৈধ বিল্ডিং প্ল্যান ছাড়াই টাকার বিনিময়ে শহরে বেআইনি ভাবে বহু বহুতল নির্মাণ হয়েছে।এছাড়াও সরকারি প্রকল্পে কোটি কোটি টাকার দুর্নীতি হয়েছে।বার বার প্রশাসন সহ বিভিন্ন জায়গায় অভিযোগ জানিয়েও কোন ফল না মেলায় তিনি হাইকোর্টের দ্বারস্থ হতে বাধ্য হচ্ছেন।
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पुरुलिया में पर्यटन को नया कदम: BJP सरकार की बैठक से क्षेत्रीय योजनाओं को गति

Purulia, West Bengal:পুরুলিয়া : রাজ্যের পর্যটনমানচিত্রে প্রান্তিক পুরুলিয়া জেলাকে আরও এগিয়ে নিয়ে যাওয়ার উদ্যোগ বিজেপি সরকারের । সেই মর্মে পুরুলিয়ার অযোধ্যা পাহাড়ের কোলে পর্যটনসংক্রান্ত বৈঠক বিশেষ অনুষ্ঠান অনুষ্ঠিত হলো মঙ্গলবার। উপস্থিত রয়েছেন রাজ্যের পর্যটন মন্ত্রী শংকর ঘোষ, পর্যটন প্রতিমন্ত্রী পূর্ণিমা চক্রবর্তী, পুরুলিয়ার বিজেপি সাংসদ জ্যোতির্ময় সিং মাহাতো, জেলাশাসক, জেলা পুলিশ সুপার, জেলার ৯ জন বিজেপি বিধায়ক সহ পুলিশ, প্রশাসন, রেল দপ্তর ও পর্যটনের সঙ্গে জড়িত ব্যবসায়ীরা। বিজেপি সরকার ক্ষমতায় আসার পর এই প্রথম পর্যটন নিয়ে বৈঠক অনুষ্ঠিত হলো পুরুলিয়ায়। পর্যটন ব্যবসার সঙ্গে জড়িত প্রতিটি বিষয়কে যোগসূত্র তৈরি করে পর্যটনশিল্পকে আরও এগিয়ে নিয়ে যেতে এই বিশেষ বৈঠক আয়োজিত হলো জেলায় । এতে পুরুলিয়া জেলার বিভিন্ন পর্যটন স্থানগুলি রাজ্য তথা দেশের কাছে আরও সুনাম ও সমৃদ্ধ অর্জন করবে এবং জেলার আর্থ সামাজিক ক্ষেত্রেও উন্নতি হবে বলে মত বিভিন্ন মহলের । এদিনের বৈঠকে পর্যটনের সঙ্গে জড়িত বিভিন্ন দাবি দাওয়া তুলে ধরেন হোটেল ব্যবসায়ীরা । দাবি পূরণের আশ্বাস দেন পর্যটন মন্ত্রী । পাশাপাশি আসন্ন দূর্গাপুজোকে কেন্দ্র করেও পর্যটনের ক্ষেত্রে নানান পদক্ষেপ নেওয়ার আশ্বাস দেন তিনি। বাইট : ১) শংকর ঘোষ (পর্যটন মন্ত্রী) ২) সঞ্জিত দত্ত (হোটেল ব্যবসায়ী)
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नदिया के स्कूल में तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा से बाहर निकलने पर अभिभावकों का हंगामा

Krishnanagar, West Bengal:*ষষ্ঠ শ্রেণী থেকে দশম শ্রেণীর ছাত্রদের মধ্যে প্রায় শতাধিক ছাত্র ক্লাসের 3rd সেমিস্টার পরীক্ষা দিতে দিলো না স্কুল কর্তৃপক্ষ। স্কুলের দাবি যারা নিয়মিত আসে না তাদের পরীক্ষায় বসতে দেওয়া হয়নি। মেডিকেল যারা দিয়েছে তাদের বসতে দেওয়া হয়েছে, この নিয়ে ছাত্র সহ অভিভাবক দের বিক্ষোভ প্রধান শিক্ষককে ঘিরে।* নদীয়ার কৃষ্ণনগর মিশনারি খ্রিস্টиялық সরকার সরকারের অধীনস্ত 'ডন বক্স হাই স্কুলে' 3rd সেমিস্টার পরীক্ষার প্রথম দিনেই অধিকাংশ পরীক্ষার্থীকে পরীক্ষা হল থেকে বের করে দেওয়ার অভিযোগ কে কেন্দ্র করে চাঞ্চল্যের সৃষ্টি হয়। অভিযোগ, পরীক্ষার নির্দিষ্ট নিয়ম ও নির্দেশিকা মেনে চলতে না পারায় বহু পড়ুয়াকে হল ছাড়তে বলা হয়। এই ঘটনায় পরীক্ষার্থীদের পাশাপাশি অভিভাবকদের মধ্যেও তীব্র ক্ষোভ ও উদ্বেগ দেখা দেয়।স্কুল চত্বরে উপস্থিত অভিভাবকদের একাংশের দাবি, অনেক পড়ুয়াকে সামান্য ত্রুটির কারণ দেখিয়ে পরীক্ষা দিতে দেওয়া হয়নি। ফলে তাদের ভবিষ্যৎ নিয়ে অনিশ্চয়তা তৈরি হয়েছে। অন্যদিকে, স্কুল কর্তৃপক্ষের দাবি,পরীক্ষার স্বচ্ছতা ও নিয়ম বজায় রাখতেই নির্ধারিত বিধি অনুসরণ করা হয়েছে এবং সকল পরীক্ষার্থীর ক্ষেত্রেই একই নিয়ম প্রযোজ্য ছিল।ঘটনার পর বিষয়টি নিয়ে শিক্ষা মহলে আলোচনা শুরু হয়েছে।অভিভাবকরা ঘটনার সুষ্ঠু তদন্ত এবং প্রয়োজনে ক্ষতিগ্রস্ত পরীক্ষার্থীদের স্বার্থে উপযুক্ত পদক্ষেপ গ্রহণের দাবি জানিয়েছেন। তবে এই ঘটনার প্রকৃত কারণ ও দায়িত্ব কার, তা সংশ্লিষ্ট কর্তৃপক্ষের তদন্তের পরই স্পষ্ট হবে। বিদ্যালয় ও শিক্ষা দপ্তরের আনুষ্ঠানিক বক্তব্যের অপেক্ষায় রয়েছেন সকলেই। শোনা যাচ্ছে এই সব ছাত্রদের মেডিকেল জমা দিলে পরে পরীক্ষা নেওয়ার ব্যবস্থা করবে স্কুল কর্তৃপক্ষ。 বাইট ছাত্র,অভিভাবক,শেষে স্কুলের প্রধান শিক্ষক ফাদার সুরেন সারিয়া হাজরা।
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RJD में आत्ममंथन तेज: बांकीपुर उपचुनाव के बाद नेतृत्व समीक्षा

Patna, Bihar:बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे के बाद राष्ट्रीय जनता दल में आत्ममंथन की आवाजें तेज हो गई हैं RJD के विधायक भाई वीरेंद्र ने चुनाव परिणाम को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि पार्टी को नए सिरे से संगठन और नेतृत्व के आसपास की टीम की समीक्षा करनी होगी। भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह चुनाव एनडीए का खिलाफ में था लोग एनडीए से नाराज थे और इसलिए जात और धर्म का पार्टी के बंधन को तोड़कर लोगों ने जो मैदान में घोड़ा रेस में था उस पर लोगों ने सवारी किया और लोगों के मकसद था कि NDA को हराना प्रशांत किशोर के नाम पर वोट नहीं मिला रेस में आगे थे इसलिए वोट मिल गया और जिन लोगों ने वोट दिया है आने वाले समय में प्रशांत किशोर को वोट नहीं देंगे अगले चुनाव में वोट हमारा है हमारे पास रहेगा आरजेडी में कार्यकर्ताओं का भी हम लोग अच्छे से काम नहीं कर पा रहे हैं पैकेट पार्टी में कुछ लोग को पद पर दिया गया है उनको भी समीक्षा करके हटाना होगा और वैसे लोगों को लाना होगा जो पार्टी के लोग के लिए काम करते है बहुत से ऐसे लोग हैं जो पार्टी से पैसा लेते हैं महीना पर ऑफिस में रहते हैं और सृजनकारी को लिक कर देते हैं उसको देखना होगा समझना होगा कि कौन लोग हैं जो पार्टी के सभी चीजों को लिक करते हैं जो दलाल टाइप के पार्टी में लोग हैं जो केवल बनावटी बात करते हैं बाहर में पार्टी के नेता का शिकायत करते हैं और उनके सामने अच्छी-अच्छी बातें करते हैं उन लोगों को चिन्हित करना होगा लालू यादव एक विचार है तेजस्वी यादव से बहुत लोग मिलने नहीं देते हैं तेजस्वी यादव वैसे लोगों को आसपास नहीं बैठाये है जिससे जनता नफरत करती है जो जनता का दोहन करते हैं
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अब किसान की अनुमति के बिना फसल बीमा नहीं होगा; भूमि-फसल विवरण देनी होगी पूरी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार नए सुधार लागू कर रही है। अब किसानों की बगैर अनुमति के उनकी फसल का बीमा नहीं किया जाएगा। न ही इसके एवज में बिना अनुमति कोई प्रीमियम राशि काटी जा सकेगी। कृषि विभाग ने इसे लेकर बैंको और बीमा कम्पनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रीमियम राशि काटने से पहले बैंकों को सम्बंधित किसान को इस बारे में सूचना देना अनिवार्य होगा। दरअसल वर्तमान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026 फसलों के लिए बीमा करने की प्रक्रिया चल रही है। किसान 15 अगस्त तक अपनी बोई हुई फसल का बीमा करवा सकते हैं। इसे लेकर कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने वित्तीय संस्थानों को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि योजना के प्रावधानों के अनुसार खरीफ 2026 के नामांकन शुरू होने पर वित्तीय संस्थानों का यह दायित्व है कि पात्र किसानों से संबंधित भूमि रिकॉर्ड, फसल का नाम, केसीसी आदि की समस्त जानकारी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर सही-सही दर्ज की जाए। कृषि आयुक्त गोयल ने इस संबंध में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समन्वयक, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक, राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा सीएससी के राज्य प्रमुख को पत्र लिखा है। अब तक गड़बड़ी - पिछले वर्षों में प्रायः यह देखा गया है कि बीमाकर्ता वित्तीय संस्थान करते हैं गलती - किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी विवरण की जांच नहीं करते - भूमि-फसल जांच किए बिना ही फसल बीमा पॉलिसियां सृजित कर देते हैं - किसानों के वास्तविक विवरण और सृजित पॉलिसियों के विवरण में भिन्नता होती है - इस कारण फसल बीमा के क्लेम विवादित हो जाते हैं तथा उनमें विलंब होता है - इससे किसानों को आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ता है कृषि विभाग ने क्या समाधान निकाला है ? - इन समस्याओं को रोकने के लिए कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने निर्देश दिए - कहा, भविष्य में पॉलिसी सृजन के समय किसानों के सही रिकॉर्ड जांचे जाएं - फसल बीमा संबंधी समस्त विवरण राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर सही रूप से दर्ज करें - किसानों द्वारा बोई गई फसल अथवा प्रस्तावित बोई जाने वाली फसल का सही विवरण दर्ज करें - यदि बीमित फसल और किसानों की वास्तविक बोई गई फसल में कोई भिन्नता पाई जाती है... तो इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित वित्तीय संस्थान यानी बैंक की होगी किसानों को परेशानी नहीं हो, यह तय करना जरूरी कृषि आयुक्त ने यह भी कहा है फसल बीमा पॉलिसी के लिए नामांकन संबंधित किसान की सहमति से ही किया जाए। किसान की जानकारी के बिना केवल केसीसी में अंकित फसल के आधार पर बीमा नहीं करें। वित्तीय संस्थानों को चेताते हुए आयुक्त ने कहा है कि वे योजना के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें ताकि किसानों को समय पर और सही फसल बीमा सुरक्षा मिल सके तथा क्लेम संबंधी विवादों से बचा जा सके।
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अलवर के लादिया-खदाना में लेपर्ड की दस्तक से लोग दहशत में

Alwar, Rajasthan:अलवर के लादिया-खदाना में लेपर्ड की दस्तक, दहशत में लोग अलवर शहर के लादिया और खदाना मोहल्लों में लेपर्ड की लगातार मूवमेंट से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। 3 अगस्त की रात लादिया मोहल्ले में लेपर्ड आवारा कुत्तों का शिकार करते हुए उनके पीछे दौड़ता नजर आया। इस दौरान वह एक मकान की बाउंड्री वॉल पर काफी देर तक बैठा रहा, जिससे आसपास के लोग सहम गए। इससे एक दिन पहले यानी 2 अगस्त की रात को भी खदाना क्षेत्र में लेपर्ड देखे जाने का दावा किया गया, हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह के अनुसार, संभवतः यह एक ही लेपर्ड है, जो अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि यह इलाका जंगल के बफर जोन के नजदीक है, इसलिए लेपर्ड का आबादी क्षेत्र में आना असामान्य नहीं है। 2 अगस्त की रात की फुटेज सामने आने के बाद भी अगले दिन भर लेपर्ड का कोई सुराग नहीं मिला। स्थानीय निवासी रामावतार ने बताया कि तड़के करीब साढ़े चार बजे लेपर्ड गली में साफ नजर आया, जिसके बाद पूरे दिन लोग डर के साए में रहे कि कहीं वह आसपास ही छिपा न हो। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। देर रात या अंधेरे में अकेले बाहर न निकलने, बच्चों को शाम के बाद घर से बाहर न खेलने देने, और पालतू जानवरों को खुले में न बाँधने की सलाह दी गई है। साथ ही, लेपर्ड दिखने या उसकी गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग या पुलिस को देने को कहा गया है।
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बिना किसान अनुमति के फसल बीमा नहीं, बैंक-नामांकन सहित नया निर्देश

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - बिना अनुमति फसल बीमा नहीं कर सकेंगे बैंक! - वित्तीय संस्थानों को कृषि विभाग के निर्देश - कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने दिए निर्देश - कहा, बिना भूमि, फसल जांच नहीं करें बीमा - फसल का भी सही विवरण पोर्टल पर जरूरी - गड़बड़ी की तो बैंक होंगे जिम्मेदार एंकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार नए सुधार लागू कर रही है। अब किसानों की बगैर अनुमति के उनकी फसल का बीमा नहीं किया जाएगा। न ही इसके एवज में बिना अनुमति कोई प्रीमियम राशि काटी जा सकेगी। कृषि विभाग ने इसे लेकर बैंकों और बीमा कम्पनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य में अब किसान की बिना अनुमति के कोई भी बैंक उसकी फसल का बीमा नहीं कर सकेंगे। प्रीमियम राशि काटने से पहले बैंकों को सम्बंधित किसान को इस बारे में सूचना देना अनिवार्य होगा। दरअसल वर्तमान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026 फसलों के लिए बीमा करने की प्रक्रिया चल रही है। किसान 15 अगस्त तक अपनी बोई हुई फसल का बीमा करवा सकते हैं। इसे लेकर कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने वित्तीय संस्थानों को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि योजना के प्रावधानों के अनुसार खरीफ 2026 के नामांकन शुरू होने पर वित्तीय संस्थानों का यह दायित्व है कि पात्र किसानों से संबंधित भूमि रिकॉर्ड, फसल का नाम, केसीसी आदि की समस्त जानकारी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर सही-सही दर्ज की जाए। कृषि आयुक्त गोयल ने इस संबंध में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समन्वयक, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक, राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा सीएससी के राज्य प्रमुख को पत्र लिखा है। अब तक क्या गड़बड़ी की जाती है ? - पिछले वर्षों में प्रायः यह देखा गया है कि बीमाकर्ता वित्तीय संस्थान करते हैं गलती - किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी विवरण की जांच नहीं करते - भूमि-फसल जांच किए बिना ही फसल बीमा पॉलिसियां सृजित कर देते हैं - किसानों के वास्तविक विवरण और सृजित पॉलिसियों के विवरण में भिन्नता होती है - इस कारण फसल बीमा के क्लेम विवादित हो जाते हैं तथा उनमें विलंब होता है - इससे किसानों को आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ता है कृषि विभाग ने क्या समाधान निकाला है ? - इन समस्याओं को रोकने के लिए कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने निर्देश दिए - कहा, भविष्य में पॉलिसी सृजन के समय किसानों के सही रिकॉर्ड जांचे जाएं - फसल बीमा संबंधी समस्त विवरण राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर सही रूप से दर्ज करें - किसानों द्वारा बोई गई फसल अथवा प्रस्तावित बोई जाने वाली फसल का सही विवरण दर्ज करें - यदि बीमित फसल और किसानों की वास्तविक बोई गई फसल में कोई भिन्नता पाई जाती है... - तो इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित वित्तीय संस्थान यानी बैंक की होगी बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग वीओ- 2 कृषि आयुक्त ने यह भी कहा है फसल बीमा पॉलिसी के लिए नामांकन संबंधित किसान की सहमति से ही किया जाए। किसान की जानकारी के बिना केवल केसीसी में अंकित फसल के आधार पर बीमा नहीं करें। वित्तीय संस्थानों को चेताते हुए आयुक्त ने कहा है कि किसान की बिना अनुमति के स्वयं के स्तर से फसल बीमा पॉलिसी सृजित करना किसानों के हित में नहीं है। कृषि आयुक्त ने सभी संबंधित वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे योजना के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। ताकि किसानों को समय पर और सही फसल बीमा सुरक्षा मिल सके तथा क्लेम संबंधी विवादों से बचा जा सके।
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ढकोली में पाँच साल शोषण, दहेज-धर्म परिवर्तन के आरोप; पीड़िता ने कार्रवाई की मांग

Zirakpur, Punjab:जीरकपुर के ढकोली इलाके में एक हिंदू युवती ने अपने पति और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर करीब पांच वर्षों तक उसका शोषण किया और जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उससे निकाह किया। पीड़िता ने अपने पति पर जबरन धर्म परिवर्तन करवाने, दहेज की मांग करने, मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस संबंध में एसएसपी कार्यालय में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
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ब Bilaspur के कोनी-सेंदरी रोड पर सनरूफ से स्टंट, वायरल—ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना पर कार्रवाई

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में जान जोखिम में डालकर स्टंटबाजी करने का एक और मामला सामने आया है। शहर के कोनी-सेंदरी रोड पर चलती क्रेटा कार (सीजी 25 बीएच 7377 ई) की सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों द्वारा रील बनाए जाने का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कार सामान्य यातायात के बीच दौड़ती दिखाई दे रही है, जबकि उसमें सवार युवतियां सनरूफ से बाहर निकलकर मोबाइल से वीडियो बनाती नजर आ रही हैं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे मार्ग पर हुआ, जहां गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थान होने के कारण दिनभर भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती थी। राहगीरों द्वारा बनाया गया वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे ट्रैफिक नियमों की खुली अवहेलना बताते हुए संबंधित वाहन चालक और स्टंट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सड़क पर रील बनाने और स्टंटबाजी की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है, ताकि दूसरों की जान को खतरे में डालने वाली ऐसी लापरवाही दोबारा न दोहराई जाए।
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Agra Jantar-Mantar row: Babita Chauhan's remarks, Modi forgave the children

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग जंतर-मंतर विवाद पर यूपी महिला आयोग अध्यक्ष बबिता चौहान का बड़ा बयान, छात्र-छात्राओं की आपत्तिजनक बयानबाजी पर जताई कड़ी नाराजगी。 बोलीं— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा दिल दिखाते हुए बच्चों को माफ किया。 कहा— मोदी जी चाहते तो इन बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता था。 बबिता चौहान ने बयान को संस्कारों के खिलाफ बताया。 कहा— इस तरह की भाषा भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं। छात्र-छात्राओं को भाषा और मर्यादा का ध्यान रखने की नसीहत。 बोलीं— बच्चों को अपने संस्कार नहीं भूलने चाहिए。 जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर बयान पर सियासत तेज。 महिला आयोग अध्यक्ष के बयान के बाद मामला फिर चर्चा में। बाइट बबिता चौहान
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