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कृषि विभाग ने रबी सीजन के लिए DAP खाद की सप्लाई सुनिश्चित की
Nuh Rural, Haryana:कृषि और किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वीरेंद्र देव आर्य ने बताया कि रबी सीजन में किसानों को डी.ए.पी. खाद की किल्लत न हो इसके लिए कृषि विभाग ने जरूरी उपाय किए हैं। विभाग ने DAP खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का रोडमैप तैयार किया है और किसानों को डी.ए.पी. के विकल्प के तौर पर NPK और SSP खाद का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रबी सीजन के दौरान सरसों और गेहूं की फसल की बुआई को लेकर डी.ए.पी. खाद की डिमांड बढ़ गई है जिसके लिए विभाग पूरी तैयारी में है।
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कॉर्बेट टाइगर सेल: पर्दे के पीछे रहते हैं जंगल की सुरक्षा के असली नायक
Noida, Uttar Pradesh:विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा केवल जंगल में गश्त करते दिखाई देने वाले फ्रंट लाइन स्टाफ तक सीमित नहीं है, जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के पीछे कई ऐसे चेहरे भी लगातार काम कर रहे हैं, जो आम लोगों को नजर नहीं आते; ये कर्मचारी और शोधकर्ता टाइगर सेल के जरिए बाघों की गतिविधियों, वन्यजीवों की संख्या, पेट्रोलिंग से जुड़े आंकड़ों, शोध कार्यों और रिजर्व की सघन सीमाओं की 24 घंटे निगरानी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कॉर्बेट में वन्यजीवों को लेकर लगातार अलग-अलग स्तर पर शोध किए जाते हैं, बाघों की पहचान और उनके मूवमेंट से लेकर हाथियों की गणना, वन्यजीवों की आबादी का आंकलन, पॉपुलेशन डायनामिक्स और दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजातियों की स्थिति जानने तक यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। इसके लिए जंगल में काम करने वाले फील्ड स्टाफ के साथ-साथ टाइगर सेल और रिसर्च यूनिट के कर्मचारी पर्दे के पीछे रहकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला बताते हैं कि किसी भी महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्र में रिसर्च कोई एक दिन या एक सीजन का काम नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है; कॉर्बेट जैसे प्राइम वाइल्डलाइफ एरिया में कई ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें लगातार जुटाने की आवश्यकता होती है, उनके अनुसार वन्यजीवों की संख्या का आंकलन, यहां पाई जाने वाली प्रजातियों की स्थिति, उनकी आबादी में होने वाले बदलाव और पॉपुलेशन डायनामिक्स को समझना बेहद जरूरी है; यही वजह है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शोध का कार्य लगातार जारी रहता है। डॉ. बडोला के मुताबिक कॉर्बेट में दो शोधकर्ताओं को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त किया गया है, इसके साथ ही रिजर्व के स्थायी कर्मचारी और लंबे समय से जुड़े स्टाफ को भी रिसर्च यूनिट का हिस्सा बनाया गया है; रिजर्व में स्थापित टाइगर सेल इसी पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। टाइगर सेल में बाघों की गतिविधियों, उनकी पहचान और उनसे संबंधित विभिन्न प्रकार के डेटा का विश्लेषण किया जाता है, बाघ किस क्षेत्र में घूम रहा है, उसकी गतिविधियों में क्या बदलाव आया है और कैमरा ट्रैप अथवा अन्य माध्यमों से उसकी पहचान कैसे सुनिश्चित की जा रही है—इन तमाम पहलुओं पर यहां लगातार काम होता है; कॉर्बेट में केवल विभागीय शोध ही नहीं, बल्कि बाहर से आने वाले शोध संस्थानों को भी आवश्यकता के अनुसार सहयोग दिया जाता है; किसी बाहरी शोध संस्था को कॉर्बेट में रिसर्च करनी होती है तो टाइगर सेल और विभागीय टीम उनके साथ समन्वय कर आवश्यक जानकारी और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराती है. टाइगर सेल की प्रभारी प्रेमा तिवारी बताती हैं कि यह यूनिट कॉर्बेट के रिसर्च एवं शोध विभाग के अंतर्गत काम करती है, इसका प्रमुख कार्य कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सभी 12 रेंज से प्राप्त आंकड़ों का संग्रहण और विश्लेषण करना है; पेट्रोलिंग के दौरान बीट गार्ड द्वारा MS-Tribe ऐप में दर्ज किए जाने वाले आंकड़ों का भी टाइगर सेल में विश्लेषण किया जाता है, फील्ड से आने वाले डेटा को व्यवस्थित कर उसका मूल्यांकन किया जाता है, जिसके आधार पर जंगल में वन्यजीव गतिविधियों और पेट्रोलिंग की स्थिति को समझने में मदद मिलती है. टाइगर सेल में बाघों के विश्लेषण के साथ-साथ विभिन्न शोध परियोजनाओं और रिसर्च से जुड़े कार्य भी किए जाते हैं, इसके लिए दो JRF नियुक्त किए गए हैं, जो टाइगर एनालिसिस, रिसर्च और पब्लिकेशन से जुड़े कार्यों को देखते हैं. टाइगर सेल की टीम केवल आंकड़ों और शोध तक सीमित नहीं है, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सघन सीमाओं पर लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम और कैमरों की निगरानी भी इसी यूनिट के जरिए की जाती है; सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाए गए कैमरों से आने वाले थर्मल और कलर विजन फुटेज को लगातार मॉनिटर किया जाता है. यह निगरानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रिजर्व की सीमाएं कई स्थानों पर संवेदनशील हैं, जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियों के साथ-साथ किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है. प्रेमा तिवारी के अनुसार टाइगर सेल में टीम के सदस्यों के कार्य अलग-अलग बांटे गए हैं, कोई कर्मचारी डेटा एनालिसिस देखता है, कोई रिसर्च से जुड़ा काम करता है, कोई MS-Tribe की मॉनिटरिंग करता है, जबकि कुछ कर्मचारी ई-आई सर्विलांस की जिम्मेदारी संभालते हैं; सबसे खास बात यह है कि ई-आई सर्विलांस के लिए यहां 24x7 निगरानी व्यवस्था संचालित होती है, कर्मचारी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं और कैमरों से प्राप्त फुटेज तथा स्क्रीन पर आने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हैं, इस तरह जंगल की निगरानी केवल दिन के उजाले में नहीं, बल्कि रात के समय भी लगातार जारी रहती है. टाइगर सेल में काम करने वाले ये कर्मचारी जंगल में गश्त करते हुए दिखाई नहीं देते, लेकिन उनकी स्क्रीन पर दिखाई देने वाली हर गतिविधि कॉर्बेट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो होती है, किसी बाघ की लोकेशन, वन्यजीवों की गतिविधि, संदिग्ध मूवमेंट या सीमावर्ती क्षेत्र में असामान्य गतिविधि—हर सूचना का अपना महत्व है. यानि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था केवल जंगल में बंदूक और डंडा लेकर गश्त करने वाले फर्स्ट लाइन स्टाफ की जिम्मेदारी नहीं है, इसके पीछे डेटा तैयार करने वाले कर्मचारी, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ और टाइगर सेल की टीम भी दिन-रात अपनी भूमिका निभा रही है. एक तरफ फील्ड में वनकर्मी जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए मोर्चे पर तैनात हैं, तो दूसरी तरफ टाइगर सेल के ये परदे के पीछे के जवान कंप्यूटर स्क्रीन, कैमरों, शोध और आंकड़ों के जरिए कॉर्बेट की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. बाघों की गणना से लेकर उनके मूवमेंट की पहचान, हाथियों और अन्य वन्यजीवों के अध्ययन से लेकर सघन सीमाओं की 24 घंटे निगरानी तक—कॉर्बेट की सुरक्षा और संरक्षण की इस पूरी व्यवस्था में टाइगर सेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बन चुकी है, यही वह अदृश्य तंत्र है, जो जंगल में होने वाली गतिविधियों को आंकड़ों और तकनीक के जरिए समझकर कॉर्बेट के वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है.0
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स्पेन में भारी बारिश के कारण जलदुष्प्रभाव: मलवे-रसायन से नदियां प्रदूषित होने का खतरा
Noida, Uttar Pradesh:This is Collserola, Barcelona in Spain. It's never ending. When the heavy rains eventually arrive, experts warn Spain could face a devastating second emergency. Hundreds of thousands of bare, scorched hectares risk failing to absorb the water, potentially triggering catastrophic mudslides across the landscape. This massive runoff could wash a toxic sludge of ash and heavy metals directly into waterways. Environmental analysts fear this intense contamination may turn regional rivers into highly polluted black rivers.0
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नकली नोटों के मामले पर कांग्रेस पर हमला, मनुस्मृति बयानों पर भी तंज
Jodhpur, Rajasthan:जोद्धपुर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जयपुर में नकली नोटों की बरामदगी और राहुल गांधी की मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शेखावत ने कहा कि जयपुर में नकली नोटों की खेप पकड़ा जाना गंभीर चिंता का विषय है और पुलिस को इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए。 शेखावत ने कहा कि देश में लगातार नकली नोट पकड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की आर्थिक प्रगति और उसकी गति को न पचा पाने वाली देश और विदेश में मौजूद भारत विरोधी ताकतें इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी गतिविधियों और अपराधों को रोकने के लिए पूरी सजगता के साथ काम कर रही है。 उन्होंने कहा कि जयपुर में पकड़ी गई नकली नोटों की खेप के मामले में पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि इसका स्रोत कहां है, नोट कहां छापे गए, सप्लायर कौन है और पूरी खेप किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके。 शेखावत ने कहा कि यदि चुनाव के समय किसी राजनीतिक कार्यकर्ता या उसके परिवार से इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद होते हैं तो यह और भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कांग्रेस के राजस्थान के नेताओं से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने और बरामदगी को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की。 राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर भी निशाना राहुल गांधी द्वारा पुणे में मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर भी शेखावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भारत की संस्कृति और सभ्यता को लेकर जानकारी की गहराई उनके बयान से स्पष्ट होती है। शेखावत ने कहा कि किसी भी विषय पर उसके ऐतिहासिक संदर्भ और परिस्थितियों को समझे बिना टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की सभ्यतागत चेतना और सांस्कृतिक मानबिंदुओं को लेकर पिछले करीब 200 वर्षों में कई तरह के प्रयास किए गए, जिनमें अंग्रेजों की भूमिका भी रही。 उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सही तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर था, लेकिन उनके अनुसार ऐसा नहीं हुआ और भारतीय इतिहास तथा सभ्यतागत चेतना को कमजोर करने के प्रयास जारी रहे。 शेखावत ने कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि के स्वरूप में सम्मान दिया गया है। दुर्गा को शक्ति, सरस्वती को ज्ञान और लक्ष्मी को समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस सभ्यता में महिलाओं को इतना सम्मान मिला हो, उसके बारे में संदर्भ से हटकर टिप्पणी करना अशोभनीय और निंदनीय है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की मनुस्मर्ति पर टिप्पणी उनके अनुसार भारतीय संस्कृति और इतिहास के प्रति जानकारी के उथलेपन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने से पहले उसके व्यापक ऐतिहासिक संदर्भ को समझना जरूरी है। बाइट गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री भारत सरकार0
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डूंगरपुर में पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर ईद मिलादुन्नबी जुलूस, सुरक्षा के बीच उत्साह
Dungarpur, Rajasthan:ईद मिलादुन्नबी पर्व पर मुस्लिम समाज ने आज पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन का उत्साह के साथ मनाया. शहर में जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया जिसमें बैंड-बाजे के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. शहर काजी की सदारत में जुलूस निकला. जुलूस सीरत कमेटी से रवाना हुआ. जुलूस के आगे कोमी धुने बज रहे थे. बच्चे और युवा झंडे लहरा रहे थे. जुलूस घाटी, हाजीपुरा, फोज का बडला, माणक चौक, सौनिया चौक, पुराना अस्पताल होते हुए घाटी स्थित मदीना मस्जिद पहुंचा. सभी ने पैगंबर साहब के जन्मदिन की एक दूसरे को बधाई दी. इधर जिला प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा के खासा इंतजाम किया गया था. इधर रात को सीरत कमेटी परिसर में मिलाद शरीफ का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा.0
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खरीफ 2025 में फसल कटाई ऑफलाइन करने पर चार्जशीट; बीमा योजनाओं में कड़े प्रावधान
Jaipur, Rajasthan:फसल बीमा क्लेम में देरी और लापरवाही पर राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन माध्यम से फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया पूरी करने वाले राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कार्मिकों को अब चार्जशीट दी जाएंगी। कृषि आयुक्त ने इस सम्बंध में सभी जिलों के कलक्टर को पत्र लिख दिया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2025 में हुई गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। खरीफ 2025 के दौरान फसल कटाई प्रयोग को निर्धारित मानकों के अनुसार डिजिटल माध्यम से पूरा न करने पर कृषि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ऑनलाइन एप का इस्तेमाल न कर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने वाले कार्मिकों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इस सम्बंध में सभी जिला कलक्टरों और कृषि विभाग के सभी संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि भारत सरकार की परिचालन मार्गदर्शिका 2023 और जारी दिशा-निर्देशों में साफ था कि फसल उपज के निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन के लिए 100% फसल कटाई प्रयोग 'CCE Agri App' के माध्यम से ही किए जाएंगे। ऑनलाइन आंकड़े प्राप्त होने से राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर वास्तविक उपज की स्वचालित गणना होती है, जिससे किसानों के बीमा क्लेम का त्वरित और पारदर्शी निपटान सुगम तरीके से होता है। फसल कटाई प्रयोग में गड़बड़ी क्या हुई: खरीफ 2025 सत्र में कई प्राथमिक कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी की; राजस्व विभाग के पटवारी व गिरदावर ने गड़बड़ी की; कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी ने भी की गड़बड़ी; नियमों का उल्लंघन करते हुए ऑफलाइन मोड में फसल कटाई प्रयोग संपन्न किए; इसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना, कहा, इससे क्लेम का निर्धारण प्रभावित हुआ; पात्र बीमित किसानों के क्लेम भुगतान में देरी हुई; साथ ही उपज आंकड़ों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए; कृषि आयुक्त ने सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिख निर्देश दिए; दोषी पटवारियों, गिरदावरों को 17 सीसीए में चार्जशीट देने के निर्देश दिए; सभी जिलों के संयुक्त निदेशकों, कृषि विस्तार को भी निर्देश दिए; सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों को भी चार्जशीट दी जाएगी।बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस बार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कृषि विभाग ने 4 बीमा कम्पनियों के साथ एक साल की फसलों के लिए अनुबंध किया है। अनुबंध में इस बार फसल बीमा कंपनियों के गड़बड़ी करने पर उन पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तय की गई है। बीमित किसान व परिजनों को तय समय पर क्लेम का भुगतान मिल सके, इसके लिए कई प्रावधान लागू किए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा में इस बार ये प्रावधान भी हैं लागू: बीमा कंपनी को 7 दिन में किसानों को बीमा पॉलिसी की कॉपी भेजनी होगी; पोस्ट हार्वेस्टिंग हानि प्रकरणों में 48 घंटे में सर्वेयर नियुक्त करना होगा; सर्वेयर नियुक्त नहीं करने और सर्वे नहीं करने पर लगेगा जुर्माना; 20 हजार रुपए प्रति प्रकरण प्रति बीमा इकाई जुर्माना लगेगा; नियत अवधि में सर्वे नहीं करने पर प्रति शिकायत 1 हजार रुपए जुर्माना; 21 दिन में बीमा क्लेम नहीं देने पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगेगा; बिड सिक्योरिटी के तौर पर कम्पनी को 100 करोड़ की बैंक गारंटी देनी होगी; कार्य निष्पादन प्रतिभूति के रूप में अनुबंध राशि का 5 प्रतिशत देना होगा। बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग। इस तरह कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर साफ संदेश दिया है कि किसानों के हित से समझौता नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी करने वाली बीमा कम्पनियाें पर जुर्माना लगाया जाएगा। तो वहीं यदि विभागीय कार्मिक अगर लापरवाही करेंगे तो उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। Kashiraram Chaudhary, Jmedia, Jaipur0
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मीरा भाईंदर में बकरा-बंदी पर विरोध, ठराव रद्द करने की मांग तेज
Mira Bhayandar, Maharashtra:मीरा भाईंदर ब्रेक मीरा भाईंदर गृहनिर्माण संस्थांमध्ये बकरा आणण्यावर बंदी आणि २५ हजार रुपयांच्या दंडाच्या ठरावाला विरोधी पक्षनेत्या आफरीन सय्यद मुजफ्फर हुसेन यांनी तीव्र विरोध दर्शवत हा ठराव रद्द करण्याची मागणी केली. महासभेत पारदर्शकता राहावी आणि विरोधी पक्षाची भूमिका जनतेसमोर यावी यासाठी पालिका महासभेचे मीडियाद्वारे लाईव्ह प्रसारण करण्याची मागणी आयुक्तांकडे पत्राद्वारे करण्यात आली. कुर्बानीसाठी मंजूर झालेला ५० कोटींचा निधी अन्य कामासाठी वापरल्याचा दावा करत अशा वादग्रस्त ठरावांवर पालिका आयुक्त गप्प का, असा सवाल त्यांनी उपस्थित केला. कुत्रे-मांजर यांना उघड्यावर अन्न देण्यावर बंदी घालण्याच्या ठरावावर टीका करत, उच्च न्यायालयाच्या नियमानुसार प्राण्यांना अन्न देण्याचा अधिकार असल्याने स्वच्छतेची खबरदारी घेण्याचे आवाहन केले.0
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नेपाल के गंडक जलप्रवाह से बिहार में हाई अलर्ट, NDRF SDRF तैनाती
Patna, Bihar:नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इनपुट के मुताबिक गंडक नदी में करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की संभावना है। इसे देखते हुए गंडक से जुड़े जिलों में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है। स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधिकारी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में विशेष सतर्कता गंडक के संभावित बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वहीं सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ में गंडक कैचमेंट के तहत फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम बताया गया है। वहीं कोसी कैचमेंट के दोलखा और सिंधुपालचोक में भी उच्च जोखिम का पूर्वानुमान है। गंडक बैराज और तटबंधों पर निगरानी जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेट और संबंधित नहरों के संचालन के जरिए जलप्रवाह के सुरक्षित प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को तटबंधों तथा जल संसाधन संरचनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF की तैयारी संभावित बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमों की अग्रिम तैनाती की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि एक टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। बेतिया में भी NDRF टीम की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है। SSB की ओर से भी जरूरत पड़ने पर QRT और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है। निकासी और राहत की तैयारी प्रशासन को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नाव, शेल्टर और Community Kitchen की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। अफवाहों पर रोक, रोज होगी मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को नियमित मीडिया ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि अफवाह और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। सरकार की अपील—घबराएं नहीं, सतर्क रहें राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क और तैयार रहें। नागरिक केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त NDRF/SDRF टीम, नाव, QRT और अन्य संसाधनों की तत्काल तैनाती की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य संभावित बाढ़ की स्थिति में समय पर चेतावनी, त्वरित निकासी और प्रभावी राहत-बचाव सुनिश्चित करना है.0
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जालौन में बारिश से दो कच्चे मकान गिरे, महिला और किशोरी घायल—हैरान करने वाला हादसा
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में लगातार हो रही बारिश से भरभराकर गिरे दो कच्चे मकान, मकान गिरने से मलबे में दबकर 1 महिला और 1 किशोरी गंभीर रूप से हुई घायल, मलबे में दबकर दोनों घरों का गृहस्थी का सामान भी हुआ क्षतिग्रस्त, आनन-फानन में दोनों घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती, सीएचसी में डॉक्टरों ने किशोरी की हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज उरई किया रेफर, जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के मोहल्ला तलैया व महेशपुरा गांव का मामला।0
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GST ने कर्णप्रयाग में मिठाई दुकानों पर छापा; राजस्व बढ़ाने के लिए बिल चेक
Karnaprayag, Uttarakhand:एंकर रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर जीएसटी विभाग ने आज कर्णप्रयाग में मिठाइयों की दुकानों में छापेमारी की, इस दौरान जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर गुंजन ने पूरी टीम के साथ कर्णप्रयाग में मिठाईयों की दुकानों पर जीएसटी बिलो की जांच की, ताकि सरकार को अधिक से अधिक राजस्व मिल सके । मीडिया के कैमरे देख जीएसटी की टीम बचती नजर आयी ।0
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जेटपुर में 15 वर्षीय छात्र की हार्ट अटैक से मौत, परिजन शोक
Jetpur, Gujarat: રાજકોટ, જેતપુરમાં 15 વર્ષના વિદ્યાર્થીનું હાર્ટ એટેક થી મોત, પૂર્વ દિવ્યેશભાઈ મહાલીયા નામનો વિદ્યાર્થી ધોરણ-10માં કરતો હતો અભ્યાસ, ટ્યુશનથી ઘરે જતી વેળાએ માપેડમાં પેટ્રોલ ખૂટી ગયું હતું, મોપેડ દોરાવીને જતી વેળાએ ધક્કો મારતા સમયે અચાનક હૃદયરોગનો હુમલો આવ્યો, વિદ્યાર્થી નીચે ઢાળી પડ્યો હોવાના ઘટના CCTV માં કેદ થઈ, પૂર્વ નામનો વિદ્યાર્થી રસ્તા પર જ પડી ગયો, સાથી વિદ્યાર્થીઓ દોડી આવ્યા, તાત્કાલિક સારવાર માટે હોસ્પિટલ ખસેડાયો, ફરજ પરના તબીબે મૃત જાહેર કર્યો, પૂર્વ નું હૃદય અગાઉથી માત્ર 30 ટકા જ કામ કરતું હોવાનું પરિવારજનોનો દાવો, ત્રણ ભાઈઓમાં એકમાત્ર સંતાન પૂર્વ ના અકાળે મોતથી પરિવારમાં કરુણ આક્રંદ,0
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तेजस्वी यादव-चिराग पासवान ने घायल छात्रों से मुलाकात कर लाठीचार्ज पर सवाल उठाए
Patna, Bihar:छात्रों के प्रदर्शन के बाद फिर से हुई सियासत तेज तेजस्वी यादव और चिराग पासवान ने घायल छात्रों से किया मुलाकात; दोनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर खड़े किए सवाल। बिहार के छात्र अपनी मांगों को लेकर 25 अगस्त को प्रदर्शन किए थे जिसमें छात्र और पुलिस वालों के बीच झड़प हुआ और पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई छात्र घायल हुए जिनका इलाज पीएमसीएच में चल रहा है; वही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव PMCH पहुंचकर छात्रों से मुलाकात किया। तेजस्वी यादव ने अस्पताल में भर्ती आंदोलनरत छात्रों का कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों से उनके इलाज की जानकारी ली। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को सरकार की बर्बरता, निंदनीय और शर्मनाक बताया। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छात्रों के जोश और हौसले में कोई कमी नहीं है। तो वहीं एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री और लोजपा आर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी छात्रों से गर्दनीबाग जाकर मुलाकात किया वहीं फिर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले चिराग ने कहा मैं युवाओं के साथ या हर उस वर्ग व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ा हूँ जिसके साथ किसी भी कारणवश कोई अन्याय हो रहा है। मुझे नहीं फर्क पड़ता कि मैं उस सरकार का हिस्सा हूँ तो क्या मैं विपक्ष की भूमिका बांध रहा हूँ? मुझे नहीं लगता कि मैं कोई विपक्ष के रूप में इन बातों को रख रहा हूँ। मैं एक ऑनेस्ट अलॉय (Honest Ally) के रूप में जहाँ पे मेरे गठबंधन के साथी तक, जिनको फैसले लेने हैं इवेंचुअली... सही जानकारी पहुँच जाए ये मेरी प्राथमिकता है। चिराग पासवान ने कहा की आज मेरी बातचीत सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री जी से छात्र-अभ्यर्थी, इन्हीं विषयों को लेकर आज मेरी बातचीत हुई है। इसके अलावा आज और कोई हम लोगों ने चर्चा विस्तार में नहीं की। मेरे लिए प्राथमिकता आज ये है कई बार आक्रोश होता है। मुझे लगता है कि जैसा मैंने कहा, संवाद ही समाधान की ओर लेकर जाएगा और अब हम लोग समाधान की ओर बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा चिराग पासवान जी को लग रहा है कि छात्रों की मांग जायज है। सरकार उस पे अत्याचार कर रही है। तो प्रधानमंत्री जी से क्यों नहीं बात करते? अगर बिहार में उनकी बात सरकार नहीं मानती है, छात्रों को अनसुनी करती है, छात्रों पे अत्याचार करती है, और छात्रों के पक्ष में अगर चिराग पासवान हैं और सम्राट सरकार उनकी बात नहीं मानती है, तो समर्थन वापस क्यों नहीं लेती? हम ये मानते हैं कि चिराग पासवान दोहरा नीति अपना रहे हैं। वो सरकार के भी साथ रहना चाहते हैं और छात्रों पे झूठी हमदर्दी भी दिखाना चाहते हैं। बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल ने कहा जो लोग विपक्ष राजनीति कर रहे हैं, वो गलत राजनीति कर रहे हैं। चिराग पासवान जी नेता हैं बिहार के और स्टूडेंट का कोई इशू है तो नेता का काम है सुनना, तो सुनें। और उनको जो चीज छात्रों का जो विषय था उसको अगर मुख्यमंत्री जी के सामने ले गए तो यह कौन सी बात हुई? सामान्य बात है यह। एक लीडर को जागरूक होना चाहिए। पता नहीं मुख्यमंत्री जी नहीं थे तो चीफ सेक्रेटरी भी बुला के छात्रों से उनके विषय को जानने का प्रयास किया। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है और एनडीए की सरकार है, यहां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का बात होता है। तो अगर कोई आंदोलन कर रहा है तो उनके विषय को जानना और अगर जो जेन्युइन चीज है उसके निराकरण का प्रयास करना यह तो सरकार की जिम्मेवारी है। चिराग जी ने भी वही काम किया, चूंकि एनडीए के हिस्सा हैं, उनकी जिम्मेवारी थी, वो समझे और माननीय मुख्यमंत्री जी के नॉलेज में लेके गए। विपक्ष के पास तो कुछ बचा-कुचा है नहीं। तो वो तो बार-बार यही न करेंगे कि हम कभी फलाना के साथ होंगे, तो ढिमका के साथ होंगे, इसी में लगे रहेंगे। कोई काम तो कर नहीं सकते हैं ना? सत्ता जब मिलता है तो यह तो बांसुरी बजाते हैं, सत्ता जब मिलेगा तो यह डमरू बजाते हैं। इनसे बिहार का विकास होने वाला नहीं है। इसलिए चिराग पासवान और महागठबंधन के नेताओं के बारे में सोच को बदल दीजिए। किसी परिस्थिति में बिहार का हित इनसे होने वाला नहीं है। यह नौजवानों को गुमराह कर सकते हैं, किसानों को गुमराह कर सकते हैं, विषय पर चर्चा कराने की क्षमता इनमें नहीं है। एनडीए की सरकार आम लोगों की समस्या सुनने में तत्पर है और सुनते ही नहीं है, उसका निराकरण करने की दिशा में काम भी करती है। पूर्व विधायक और RJD के प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव तो छात्र आंदोलन में छात्रों के साथ खड़े हैं। गर्दनीबाग में कई बार गए और हॉस्पिटल में भी गए जब छात्रों पे बर्बरता से पुलिस की लाठी पड़ी। AK-47 जब ताना गया उस पे भी वो आवाज उठाएं। चिराग पासवान जी सवाल तो आपसे है, सरकार में आप हैं लाठी पिटवाते हैं, AK-47 चलवाते हैं, गन पैलेट चलवाते हैं और फिर आप जाते हैं छात्रों के पास गंगाजल छिड़कने के लिए? इतनी ही आपको दया है छात्रों के प्रति तो आप इस्तीफा दे दें ना। स्वीकार कर लें तेजस्वी जी के नेतृत्व और उनके नेतृत्व में छात्रों के हित में काम करें और आगे बढ़ें। जेडयू के प्रवक्ता निहोरा यादव ने कहा कि कोई सियासत नहीं है। विपक्ष का काम तो आलोचना करना ही है, आंदोलन में घी डालने का काम करना ही है। चिराग पासवान जी ने जो कहा है, सरकार और एनडीए के हर पार्टी इसके पक्षधर हैं कि छात्रों के जो जायज मांगे हैं, उसी पर विचार होना चाहिए। और सरकार विचार भी की है। सारे लोगों से बात भी हुई थी। और मुझको लगता है कि ये आंदोलन को राजनीतिकरण करने की कोशिश विपक्षियों ने किया था। जो विपक्षियों का छात्र संगठन था, उसके नेतृत्व में ये आंदोलन हो गया था। फिर भी, जो जायज मांगे हैं, उसका हम लोग भी समर्थन करते हैं, सरकार भी समर्थन करती है और सरकार उस पर विचार भी कर रही है। निहोरा यादव JDU प्रवक्ता0
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फर्जी UPI स्क्रीनशॉट से 31 लाख की ठगी: दिल्ली में महिला समेत 3 गिरफ्तार
New Delhi, Delhi:फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक मल्टी-स्टेट गैंग को नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी फर्जी UPI पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों और कारोबारियों को भरोसे में लेते थे और सामान या सेवाएं हासिल करने के बाद बिना भुगतान किए फरार हो जाते थे. दिल्ली में साइबर ठगी का एक ऐसा खेल सामने आया है, जिसमें न कोई OTP मांगा गया और न ही बैंक अकाउंट हैक करने की जरूरत पड़ी. बस एक फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाया और सामने वाले को हजारों रुपये का चूना लगा दिया. नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट के जरिए ठगी करने वाले मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सदर बाजार इलाके में फर्जी UPI पेमेंट के जरिए ठगी की शिकायत सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की. इसके बाद टेक्निकल सर्विलांस और गुप्त सूत्रों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई. जांच के दौरान पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दिल्ली के बुराड़ी, वजीराबाद और मलकागंज इलाके से गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, इस गैंग से जुड़े दिल्ली और मुंबई के करीब 31 लाख रुपये की ठगी के 8 मामलों का खुलासा हुआ है. आरोपियों को बुराड़ी, वजीराबाद और मलकागंज इलाके से गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग दुकानदारों या सेवा देने वालों से सामान या सेवाएं लेते थे। इसके बाद मोबाइल पर फर्जी UPI पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर दावा करते थे कि रकम ट्रांसफर कर दी गई है। स्क्रीनशॉट देखकर दुकानदार भरोसा कर लेते थे और सामान आरोपियों को सौंप देते थे। लेकिन जब तक असली पेमेंट का पता चलता, आरोपी मौके से फरार हो चुके होते थे. पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गैंग सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था। इसके तार मुंबई तक जुड़े हुए थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा की गई करीब 31 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़े दिल्ली और मुंबई के कुल 8 मामलों को इस कार्रवाई के जरिए सुलझाया गया है. एक महिला समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग में और कितने लोग शामिल हैं और फर्जी UPI स्क्रीनशॉट तैयार करने का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है. साइबर ठगों के इस नए तरीके ने दुकानदारों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है. पुलिस की अपील है कि सिर्फ पेमेंट का स्क्रीनशॉट देखकर भरोसा न करें. सामान या सेवा देने से पहले अपने बैंक खाते या UPI ऐप में वास्तविक ट्रांजैक्शन की पुष्टि जरूर करें क्योंकि साइबर ठगों का स्क्रीनशॉट असली दिख सकता है... लेकिन खाते में पैसा आया है या नहीं, इसकी पुष्टि करना ही सबसे बड़ा बचाव है. फर्जी UPI स्क्रीनशॉट दिखाकर लाखों की ठगी करने वाले इस गैंग के तीन आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. दिल्ली और मुंबई के 8 मामलों में करीब 31 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गैंग के बाकी सदस्यों और इनके पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है.0
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केंद्रीय सरकार ने चीनी दिक्कतों का संज्ञान लिया, दाम जल्द सुधरेंगे
Noida, Uttar Pradesh:देखिए, केंद्र सरकार ने चीनी को लेकर पैदा हुई दिक्कतों का संज्ञान लिया है। विदेश से बहुत बड़ी मात्रा में चीनी मंगवाई गई है और चीनी के दाम जल्द ही ठीक हो जाएंगे। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। उनके शासनकाल में चीनी डिपो पर मिलती थी। उसे लेने के लिए लाइन में लगना पड़ता था। मैं खुद अपने घर के लिए चीनी लेने लाइन में खड़ा होता था। उनके शासनकाल में यही स्थिति थी। उन्हें अपना शासनकाल याद नहीं है, उन्हें याद नहीं है कि उनकी स्थिति क्या थी।0
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नीतीश कुमार सावन के मौके पर अशोक चौधरी के आवास पर शिव आराधना में शामिल
Patna, Bihar:लोकेशन — पटना बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के सरकारी आवास पर सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना की जा रही है. इस पूजा में आज सुबह-सुबह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाग लिए. मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंचकर नीतीश कुमार ने भगवान शिव की आराधना की. नीतीश कुमार के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी एमएलसी ललन श्रॉफ भी मौजूद थे。0
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दिल्ली की 2500 रु योजना से महिलाएं बाहर, LG के खिलाफ AAP प्रदर्शन
Noida, Uttar Pradesh:लोगों को लगा था कि अगर BJP ने वादा किया है, तो दिल्ली की हर महिला को हर महीने ₹2500 मिलेंगे, लेकिन ज़्यादातर महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है... इस योजना के नियम इतने सख़्त हैं कि शायद ही किसी को इसका फ़ायदा मिले... इसीलिए सरकार प्रचार पर ज़्यादा पैसे खर्च कर रही है। कथित घोटालों को लेकर दिल्ली के LG से मुलाक़ात पर दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज कहते हैं, "पिछले कई हफ़्तों से हम दिल्ली में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार के बारे में बात करने के लिए LG से मिलने का समय मांग रहे हैं... लेकिन LG हमें समय नहीं दे रहे हैं... अगर दिल्ली में कोई भ्रष्टाचार हो रहा है, तो संविधान के तहत उसकी जाँच की ज़िम्मेदारी LG की है, इसलिए LG इससे बच नहीं सकते। इसलिए, आज दोपहर 2 बजे हम LG के घर जाएँगे, और हमें उम्मीद है कि वे हमसे मिलेंगे..."0
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