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Amit ChaudharyAmit ChaudharyFollow15 Aug 2024, 02:00 pm
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पति ने गला घोंटकर पत्नी की हत्या कर दी, फिर जमीन विवाद का आरोप लगाया

Samastipur, Bihar:पति ही निकला पत्नी का हत्यारा, पड़ोसी युवक से बातचीत करते देख गला घोंटकर कर दी हत्या। हत्या को जमीनी विवाद का रूप देने के लिए पड़ोसी पर लगाया था आरोप, पुलिस पूछताछ में आरोपी पति ने संलिप्तता स्वीकार की। समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के कानू बिशनपुर गांव में चार दिन पूर्व महिला की हत्या का मामला पुलिस ने खुलासा कर लिया है. पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या उसके पति ने ही की थी, जिससे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, अजीत ने अपनी पत्नी को रात में पड़ोस के एक युवक से बातचीत करते देख लिया था. इसके बाद गुस्से में उसने पत्नी के साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद मामले को दूसरा रूप देने के लिए उसने जमीन विवाद का रूप देने का प्रयास किया. उसने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया. शुरुआती जांच में ही पुलिस को उसके बयान पर संदेह होने लगा था. पुलिस के अनुसार, अजीत पोद्दार दिल्ली में फल की दुकान चलाता है और घटना से करीब 10 दिन पहले अपने घर आया था. जानकारी मिली कि उसकी पत्नी मीना की पड़ोस के एक युवक से नजदीकियां हैं. घटना की रात परिवार के अन्य लोग सो रहे थे. मीना घर की सीढ़ी पर पड़ोस के एक युवक से बातचीत कर रही थीं. अजीत की नींद खुलने पर उसने दोनों को देख लिया. अजीत को देखकर युवक वहां से फरार हो गया. इसके बाद गुस्से में अजीत ने पत्नी के साथ मारपीट की और घर की सीढ़ी पर ही गला घोंट कर हत्या कर दी. हत्या के बाद अजीत ने मामले को जमीन विवाद का रूप देने की कोशिश की, बता कर पड़ोसियों पर आरोप लगाया. शुरुआती जांच में पुलिस को उसकी बयान पर संदेह होने लगा. पुलिस ने गहन पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. घटना के दिन अजीत पोद्दार ने मीडिया को बताया था कि वह दिल्ली में रहता है और 28 अगस्त को वापस दिल्ली जाने वाला था. उसने कहा कि 27 अगस्त की रात वह अपने दोनों बच्चों के साथ घर के दरवाजे पर सोया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी घर के अंदर सो रही थीं. रात करीब 12 बजे बारिश शुरू होने पर उसकी नींद खुली. उसने देखा कि उसकी पत्नी घर की सीढ़ी पर मृत पड़ी हैं. उसने परिवार के अन्य लोगों को जगाया और पुलिस को सूचना दी. उस समय अजीत ने पड़ोसियों पर संदेह जताते हुए कहा था कि जमीन को लेकर विवाद चल रहा है और संभवतः इसी विवाद में पत्नी की हत्या की गई. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. अब पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या जमीनी विवाद में नहीं, बल्कि उसके पति ने ही की थी. आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
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हिमाचल में ग्लेशियल झीलों की निगरानी तेजी: चार झीलों पर चेतावनी प्रणाली विकसित

Shimla, Himachal Pradesh:नेपाल में ग्लेशियल झील फटने से हुई भीषण तबाही के बाद हिमाचल प्रदेश में भी ग्लेशियल झीलों की निगरानी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि प्रदेश में चार प्रमुख ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जहां पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। राणा के अनुसार हिमाचल में चार ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जिनका क्षेत्रफल 10 हेक्टेयर से अधिक है और जिन्हें विशेष निगरानी की जरूरत है। इनमें किन्नौर की काशा घाट झील, सांगला की बास्पा झील, लाहौल-स्पीति की गेपांग गाथ झील और मनाली की वासुकी झील शामिल हैं। इन झीलों में किसी भी तरह के बदलाव की स्थिति में समय रहते चेतावनी जारी करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने की तैयारी है। रrana के अनुसार हिमाचल में चार ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जिनका क्षेत्रफल 10 हेक्टेयर से अधिक है और जिन्हें विशेष निगरानी की जरूरत है। इनमें किन्नौर की काशा घाट झील, सांगला की बास्पा झील, लाहौल-स्पीति की गेपांग गाथ झील और मनाली की वासुकी झील शामिल हैं। इन झीलों में किसी भी तरह के बदलाव की स्थिति में समय रहते चेतावनी जारी करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने की तैयारी है। राणा ने कहा कि केवल झीलों की निगरानी करना पर्याप्त नहीं है। यह भी पता लगाना जरूरी है कि किसी झील से अचानक बड़ी मात्रा में पानी निकलने की स्थिति में उसका प्रभाव कितने क्षेत्र तक हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रमुख ग्लेशियल झीलों के नीचे आने वाले क्षेत्रों का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें जलस्तर किस स्तर तक पहुंच सकता है और कितनी आबादी प्रभावित हो सकती है, इसका आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में आगे की कार्रवाई तय होगी। पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि प्रदेश में ग्लेशियल झीलों की नियमित निगरानी की जा रही है। वर्ष 2022 के आकलन के अनुसार हिमाचल प्रदेश में करीब 1600 ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई थी। इनमें करीब 73 झीलें 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली हैं। इन झीलों की निगरानी उपग्रह तस्वीरों के माध्यम से की जा रही है, जिससे झीलों के आकार में होने वाले बदलावों का पता लगाया जा सके। राणा ने कहा कि संभावित आपदा की स्थिति में सिर्फ चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं होगा। यह भी पहले से चिन्हित होना चाहिए कि पानी आने की स्थिति में कौन-कौन से क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ के संभावित स्तर और जल प्रवाह का आकलन किया जा रहा है। बाढ़ की सीमा निर्धारित होने के बाद जोखिम वाले क्षेत्रों और वहां मौजूद संपत्तियों की पहचान भी की जा सकेगी। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा ने कहा कि आपदा के बाद नदी और नालों के किनारे मौजूद निर्माण भी चिंता का विषय है। बाढ़ की सीमा और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान होने के बाद यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन स्थानों पर किस तरह के कदम उठाए जाने चाहिए। सरकार का प्रयास है कि आपदा के जोखिम वाले क्षेत्रों में आवश्यक हस्तक्षेप को मजबूत किया जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
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शिरूर की बाल संसद चुनाव ने बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्य जागरूकता बढ़ाई

Shirur, Maharashtra:पुणे जिल्ह्याच्या शिरूर तालुक्यातील सणसवाडी येथील जिल्हा परिषद प्राथमिक शाळेत बालसंसद निवडणूक २०२६-२७ अत्यंत उत्साहात आणि लोकशाहीच्या सर्व नियमांचे पालन करत पार पडली. शालेय जीवनापासूनच विद्यार्थ्यांना लोकशाहीची मूल्ये, निवडणुकांची प्रक्रिया आणि मतदानाचे महत्त्व कळावे, यासाठी या बालसंसदेचे आयोजन करण्यात आले होते. अगदी देशातील सार्वत्रिक निवडणुकीप्रमाणेच शाळेतही निवडणूक जाहीरनामा प्रसिद्ध करण्यात आला. त्यानंतर विविध मंत्री पदांसाठी विद्यार्थ्यांनी रीतसर उमेदवारी अर्ज भरले. पात्र उमेदवारांना रिक्षा, पेन, पुस्तक आणि स्टेप्लर यांसारखी निवडणूक चिन्हे वाटप करण्यात आली. उमेदवारांनी आपापल्या पॅनेलच्या प्रचारासाठी घोषणाबाजी आणि फलकांच्या माध्यमातून संपूर्ण शाळा परिसर दणाणून सोडला होता. प्रत्यक्ष मतदानाच्या दिवशी विद्यार्थ्यांनी शिस्तीत रांगेत उभे राहून गुप्त मतदान केले आणि बोटावर शाई लावून मतदानाचा हक्क बजावला. मतदान प्रक्रिया संपल्यानंतर शिक्षकांच्या देखरेखीखाली पारदर्शकपणे मतमोजणी करून निकाल जाहीर करण्यात आला. विद्यार्थ्यांमध्ये नेतृत्वगुण आणि कर्तव्यांची जाणीव निर्माण करणाऱ्या या अनोख्या उपक्रमाचे सर्व स्तरांतून मोठे कौतुक होत आहे.
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दिव्यांग वधू-वर मेळावें में 3000 से अधिक प्रतिभागी, विवाह समारोह का उत्साह

Ahilyanagar, Maharashtra:अहिल्यानगर येथील प्रहार दिव्यांग संघटनेच्या पुढाकाराने दिव्यांग वधू-वर मेळाव्याच आयोजन करण्यात आल होत या मेळाव्यात ३ हजारांहून अधिक दिव्यांग आणि मूकबधिर बांधवांनी हजेरी लावली. पद्मश्री पोपटराव पवार यांच्या हस्ते या मेळाव्याचे उद्घाटन झाले. या प्रसंगी सर्वधर्मीय १० जोडप्यांचा विवाह सोहळा उत्साहात पार पडला. पद्मश्री पोपटराव पवार यांनी या उपक्रमाचे कौतुक करत उपेक्षित घटकाला संसाराची संधी मिळाल्याबद्दल आनंद व्यक्त केला. यावेळी प्रहारचे विनोद सिंग परदेशी यांनी दिव्यांग सेवेचे महत्त्व सांगताना देशसेवेसह दिव्यांग सेवाही महत्त्वाची असल्याचं सांगितल...
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पुणे-नाशिक रेल मार्ग GMRT पर सवाल- Amol Kolhe ने कहा,railway vs GMRT को लेकर ठाम रुख

Shirur, Maharashtra:पुणे-नाशिक सेमी हायस्पीड रेल्वे प्रकल्पावरून शिरूरचे खासदार डॉ. अमोल कोल्हे यांनी ज्येष्ठ शास्त्रज्ञ डॉ. अनिल काकोडकर यांच्या उपस्थितीत अतिशय ठाम आणि रोखठोक भूमिका मांडली आहे. या रेल्वे मार्गामुळे जुन्नर आणि खेड परिसरातील ‘जीएमआरटी’ म्हणजेच महाकाय रेडिओ दुर्बिणीच्या प्रकल्पाला अडथळा निर्माण होतोय का, यावरून सध्या चर्चा सुरू आहे. यावर बोलताना डॉ. अमोल कोल्हे म्हणाले की, लहानपणापासून आम्हाला जीएमआरटीचा अभिमान होता, मात्र आता प्रकल्प विरुद्ध रेल्वे असा प्रश्न उभा राहिला आहे. जगातील तब्बल १९ देशांमध्ये जर रेडिओ दुर्बिणी आणि रेल्वे मार्ग एकत्र यशस्वीरीत्या सुरू राहू शकतात, तर आपल्याकडे तसा मार्ग का निघू शकत नाही, असा सवाल त्यांनी उपस्थित केला. तसेच डॉ. काकोडकर यांच्या अध्यक्षतेखालील समितीने विज्ञान आणि दळणवळण या दोन्हींचा विचार करून तातडीने सुवर्णमध्य काढावा, अशी मागणीही त्यांनी केली आहे. प्रतिनिधी हेमंत चापुडे झी मिडीया जुन्नर पुणे...
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ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश पर जातिगत राजनीति के आरोप जड़े

Noida, Uttar Pradesh:मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने सोशल मिडिया एक्स पर लिखा कि अखिलेश जी, ख़बर पता चल गई ना? जिस अंकित बालियान की हत्या पर आप राजनीति करना चाहते थे, उसके हत्यारे वहीं पहुंच गए, जहां उनकी जगह थी। यानी नर्क। वैसे किसी बेटे की लाश पर जाट लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, सौदागरी है। हत्या मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है, किसी गोत्र की जागीर नहीं। आपको जाट तब याद आया, जब चुनाव आने वाला है। ख़ैर, जनता सब देख रही है। अपनी जाति की राजनीति भी और पुलिस के क़ानून व्यवस्था के राज को भी। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम,जय महाराज सुहेलदेव。
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शिमला बाइपास पर टिप्पर ने निजी बस से टक्कर, कोई हताहत नहीं, समझौता

Shimla, Himachal Pradesh:रविवार सुबह शिमला के नया बस स्टैंड के पास बाईपास रोड पर एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़ी एक निजी बस के पिछले हिस्से में नगर निगम शिमला का टिप्पर जा घुसा। टक्कर बेहद तेज थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हादसे के समय निजी बस सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान नगर निगम का टिप्पर तेज रफ्तार में आया और बस के पिछले हिस्से से जा टकराया। पूरी घटना दूसरी बस में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें टिप्पर को बस में टक्कर मारते हुए साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद बस और टिप्पर चालक के बीच बहस भी हुई। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इस घटना ने बाइपास रोड पर सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़ी निजी बसों और तेज रफ्तार में वाहन चलाने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे इस तरह बसें खड़ी रहने से हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, तेज रफ्तार वाहन भी दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों की जान को खतरे में डाल सकते हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से ऐसे मामलों में सख्ती बरतने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
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सोशल मीडिया वायरल वीडियो: नशे की लत और पुलिस दबाव बीच युवाओं का सच

Sangrur, Punjab:ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਇੱਕ ਸਕੂਟੀ ਸਵਾਰ ਨੌਜਵਾਨ ਅਤੇ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਰੋਕਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਉਸ ਦੇ ਸਮਾਨ ਦੀ ਤਲਾਸੀ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ਤਾੰ ਉਸ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਸਰਿੰਜ ਨਿਕਲਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਦਾਅਵਾ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਚਿੱਟਾ ਸਿਰਜੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੱਗਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਉਸਨੇ জਿਹਨੂੰ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਿਸ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਘੇਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਮਹਿਲਾ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨ ਦੋਨੋਂ ਇਹ ਗੱਲ ਕਬੂਲ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਹ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਆਦੀ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹ ਨਸ਼ਾ ਛੱਡਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨੌਜਵਾਨ ਗੱਲ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸੁਨਾਮ ਦੇ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਨਸ਼ਾ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਵਿਕ ਰਿਹਾ ਹੈ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਵਿਕ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕੰਟਰੋਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਤੇ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵੱਡੀ ਪੱਧਰ ਤੇ ਨੌਜਵਾਨ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਗਿਰਫਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹਨ ਜੋ ਨਿਕਲਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਵੱਲ ਕੋਈ ਵੀ ਧਿਆਨ ਆ ਜਿਹੜਾ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨੌਜਵਾਨ ਦੂਸਰੀ ਵੀਡੀਓ ਰਾਹੀਂ ਦਾਅਵਾ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਦੇ ਉੱਪਰ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਵੱਲੋਂ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਦਬਾਅ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਦੇ ਉੱਪਰ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਡਿਲੀਟ ਕਰ ਦੇਵੇ। ਪਰ ਉਸ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਸੱਚ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜਾ ਹੈ ਕੀ ਇਸ ਰਾਜ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸੱਚ ਬੋਲਣਾ ਵੀ ਗੁਨਾਹ ਹੈ ਉਸਨੇ ਆਪਣੀ ਵੀਡੀਓ ਪਾ ਕੇ ਵੀ ਦਾਵਾ ਕੀਤਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰੈਸਰਾਈਜ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ
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फरीदाबाद में अवैध देह व्यापार पर पुलिस ने छापेमारी, हिरासत में महिलाएं

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में मकान के अंदर चल रहा था कथित अवैध देह व्यापार, महिला थाना पुलिस की छापेमारी फरीदाबाद। शहर के एसजीएम नगर इलाके में एक मकान के अंदर कथित तौर पर अवैध तरीके से देह व्यापार चलाए जाने की सूचना पर महिला थाना पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम ने मकान पर छापा मारकर मौके से तीन से चार महिलाओं समेत कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मकान में यह गतिविधि कब से चल रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस की जांच और कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की तस्वीर साफ हो पाएगी。
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झुंझुनूं में नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान दलों का पहला प्रशिक्षण शुरू

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं नगरीय निकाय चुनाव को लेकर मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण शुरू जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने प्रशिक्षण स्थलों का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मोरारका कॉलेज और जेपी जानू स्कूल में पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारियों को ट्रेनिंग ईवीएम संचालन के साथ मतदान प्रक्रिया की दी जा रही प्रायोगिक जानकारी नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदान प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रविवार को मतदान दलों के पीठासीन अधिकारियों एवं प्रथम मतदान अधिकारियों का प्रथम प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन आर.आर. मोरारका राजकीय महाविद्यालय एवं शहीद कर्नल जेपी जानू राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, झुंझुनूं में किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने प्रशिक्षण स्थलों पर पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि मतदान दलों को चुनाव की पूरी प्रक्रिया के साथ-साथ ईवीएम संचालन की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में कार्मिकों की शंकाओं और सवालों का समाधान भी किया जा रहा है, ताकि मतदान दिवस पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को करीब 50-50 के बैच में कमरों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रोजेक्टर के माध्यम से मतदान प्रक्रिया समझाने के साथ ईवीएम की हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। डॉ. गर्ग ने कहा कि मतदान दिवस पर प्रक्रिया सुचारू, बाधारहित और व्यवस्थित रहे, इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। मतदान केंद्रों पर मतदान दलों के ठहरने, जनरेटर सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे प्रशिक्षण के बाद मतदान दलों की रवानगी के समय उन्हें मतदान सामग्री और ईवीएम सहित आवश्यक चुनाव सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कार्मिकों को कम से कम असुविधा हो और वे समय पर अपने निर्धारित मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों और प्रशिक्षण सेल को निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों को चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से जानकारी दी जाए और उनकी प्रत्येक शंका का समाधान किया जाए, ताकि मतदान दिवस पर निर्वाचन कार्य में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो。
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डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ना: भोजपुर के गढ़वा में 6 आरोपी गिरफ्तार

Narayanpur, Jharkhand:झारखण्ड के गढ़वा जिले के नगर ऊंटारी थाना क्षेत्र के भोजपुर गाँव मे मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना घटी है yंहा एक महिला के साथ कथित डायन-बिसाही के नाम पर बर्बरता हुई है। आरोप है कि महिला को डायन बताकर उसके साथ मारपीट करते हुए उसके शरीर पर खौलता हुआ गर्म पानी उड़ाेल दिया गया। घटना के बाद पीड़िता दर्द से तड़पती हुई किसी तरह सड़क तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। पीड़िता की पहचान दिलबसिया देवी (55 वर्ष), पति विशुनदेव उरांव, निवासी भोजपुर के रूप में हुई है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि गांव के ही कुछ गोतिया लोग उसे लंबे समय से डायन कहकर प्रताड़ित करते आ रहे थे। 22 अगस्त की शाम विवाद बढ़ने पर उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई और गर्म पानी डालकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर उच्चारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता के फर्द बयान के आधार पर नगर ऊंटारी थाना प्राथमिकी दर्ज किया गया है। मामले के अनुसंधान के दौरान नगर ऊंटारी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला-पुरुष समेत छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में पर्मिला देवी (52), दया उरांव (68), गया उरांव (70), सोनू उरांव (24), बिकेश उरांव उर्फ बिकाश उरांव (28) और श्रद्धा देवी (50) शामिल हैं। सभी भोजपुर गांव के निवासी बताए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद नगर ऊंटारी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डायन-बिसाही और अंधविश्वास पर विश्वास न करें। किसी महिला या पुरुष को डायन बताकर प्रताड़ित करना या उसके साथ हिंसा करना कानूनन अपराध है。 पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि डायन-बिसाही का आरोप लगाने अथवा किसी व्यक्ति को डायन ठहराकर प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की ऐसी शिकायत या घटना सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है。 डायन-बिसाही के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा सिर्फ एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। नगर ऊंटारी मे यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी कई बार इस क्षेत्र मे डायन बिसाही के आरोप मे कई घटनाए घटती रही है।भोजपुर की यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर अंधविश्वास के नाम पर इंसानियत को कब तक कुचला जाता रहेगा?
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सुबह-सवेरे मालब्लॉक के घीस नदी किनारे विशाल हाथी, लोगों में दहशत

Mal Bazar, West Bengal:সকাল সকাল মালব্লকের ঘীস নদীর পাশে বিশাল হাতি, আতঙ্কে স্থানীয়রা... সকাল সকাল মালব্লকের ঘীস নদীর পাশে দেখা মিলল এক বিশাল হাতির। নদী ও তার পার্শ্ববর্তী এলাকায় আপনমনে ঘুরে বেড়াতে দেখা যায় হাতিটিকে। কখনও গৃহস্থের বাড়ির কলাগাছ খেতে, আবার কখনও ঘীস নদীতে গিয়ে জল খেতে দেখা যায় হাতিটিকে। সকালে মর্নিং ওয়াকে বেরিয়ে বহু মানুষ রাস্তার একেবারে কাছাকাছি হাতিটিকে দেখতে পান। হাতিটিকে দেখতে ভিড় জমে যায় এলাকায়। তবে হাতিটি লোকালয়ের এতটা কাছে চলে আসায় আতঙ্কও ছড়িয়েছে স্থানীয়দের মধ্যে। স্থানীয় সূত্রে জানা গেছে, সম্ভবত রাতের দিকে তারঘেরা জঙ্গল থেকে হাতিটি এলাকায় চলে আসে। সকালে মানুষের চিৎকার-চেঁচামেচি ও ভিড়ের কারণে পরে হাতিটি একটি ঝোপের মধ্যে আশ্রয় নেয়। হাতিটি বর্তমানে ওই এলাকায় থাকায় স্থানীয়দের মধ্যে আতঙ্ক রয়েছে। পরিস্থিতির দিকে নজর রাখছেন স্থানীয়রা。 বাইট১) মর্নিং ওয়াক করতে আসা ব্যাক্তি।
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जलपाइगुड़ी के वन बस्तियों में BDIO ने लोगों से बातकर सरकारी योजनाओं की स्थिति जानी

Jalpaiguri, West Bengal:বন্যপ্রাণীর আতঙ্কের মাঝে ‘দুয়ারে বিডিও’, বনবস্তিতে গিয়ে মানুষের অভাব-অভিযোগ শুনলেন বিডিও। বন্যপ্রাণীর উপদ্রব, বিশেষ করে হাতির আতঙ্ক লেগেই রয়েছে জলপাইগুড়ির বিভিন্ন বনবস্তি এলাকায়। প্রত্যন্ত এলাকার মানুষের কাছে সরকারি পরিষেবা কতটা পৌঁছচ্ছে, সেই খোঁজ নিতেই এবার বনবস্তিতে পৌঁছে গেলেন ময়নাগুড়ির বিডিও সৌমেন দাস। চা বাগানে গিয়ে শ্রমিকদের সঙ্গে কথা বলেন বিডিও। তাঁদের দৈনন্দিন সমস্যা, কাজের পরিবেশ এবং সরকারি সুযোগ-সুবিধা নিয়ে খোঁজখবর নেন। শুধু তাই নয়, বনবস্তির সাধারণ মানুষের সঙ্গেও কথা বলে তাঁদের সমস্যার কথা শেখেন তিনি। বনবস্তি এলাকার পড়ুয়াদে হাসান পঠন-পাঠনে কোনও সমস্যা হচ্ছে কিনা, স্কুলে যাওয়ার ক্ষেত্রে কোনও প্রতিবন্ধকতা রয়েছে কিনা—সেই বিষয়েও খোঁজ নেন বিডিও। পাশাপাশি রাস্তাঘাটের পরিস্থিতি, পানীয় জলের সমস্যা, বিদ্যুৎ ও আলোর ব্যবস্থা থেকে শুরু করে সরকারি বিভিন্ন প্রকল্পের সুবিধা ঠিকমতো পৌঁছচ্ছে কিনা, তাও খতিয়ে দেখা হয়। বিশেষ করে অন্নপূর্ণা যোজনা সহ সরকারি পরিষেবা ও প্রকল্পের সুবিধা বনবস্তির মানুষজন ঠিকঠাক পাচ্ছেন কিনা, সেই বিষয়েও বাসিন্দাদের সঙ্গে কথা বলেন প্রশাসনিক আধিকারিক। প্রত্যন্ত এলাকার মানুষের কথা তাঁদের কাছ থেকেই শুনে প্রয়োজনীয় পদক্ষেপের আশ্বাস দেন বিডিও। “প্রত্যন্ত বনবস্তি এলাকার মানুষের কাছে সরকারি পরিষেবা কতটা পৌঁছচ্ছে, তাঁদের কী কী সমস্যা রয়েছে—সরাসরি তাঁদের সঙ্গে কথা বলে সেই বিষয়গুলো জানার চেষ্টা করা হয়েছে।” প্রশাসনের আধিকারিককে নিজেদের এলাকায়, একেবারে হাতের কাছে পেয়ে খুশি বনবস্তির বাসিন্দারাও। তাঁদের বক্তব্য, প্রশাসনের কর্তারা এভাবে নিয়মিত এলাকায় এসে মানুষের সঙ্গে কথা বললে বহু সমস্যার দ্রুত সমাধান সম্ভব। প্রত্যন্ত জঙ্গল ও চা-বলয় এলাকার মানুষের জীবনযাত্রা থেকে সরকারি পরিষেবার হাল—সবকিছুর খোঁJ르 নেয়ার জন্য সরেজমিনে জী ২৪ ঘণ্টা।
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