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बांकुरा के दो किमी सड़क पर गड्ढे मौत के जाल, ग्रामीणों की रातें परेशान

Bankura, West Bengal:রাস্তা জুড়ে তৈরি হয়েছে মরন ফাঁদ।দুই কিমি রাস্তা পারাপার করতে হিমসিম খেতে হচ্ছে এলাকার মানুষ জন দের। বাঁকুড়া শহর লাগোয়া ভাদুল থেকে কেরানিবাঁধ পর্যন্ত প্রায় দুই কিমি রাস্তা জুড়ে তৈরি হয়েছে বড় বড় গর্ত তার উপর বর্ষার জমা জলে আরও কিছুটা সমস্যা সমস্যায় পড়েছেন এলাকার মানুষজন।এই দু কিলোমিটার রাস্তার উপর ভরসা ভাদুল, শান্তোর,তপবন,সুরপানগর সহ ২০ থেকে ২২টি গ্রামের মানুষ।স্কুল,কলেজ,অফিস,আদালত থেকে নিত্যযাত্রীদের একমাত্র যাতায়াতের রাস্তা এই দুই কিমি।এই রাস্তা পারাপার করতে গিয়ে বহুবার ঘটেছে দুর্ঘটনা।দিনের আলোয় কোন রকমে রাস্তা পারাপার করতে পারলেও।রাতের অন্ধকারে আরও কিছুটা সমস্যায় পড়তে হয় এলাকার মানুষকে।কারণ এই দুঃখি মেরি রাস্তা জুড়ে কোথাও আলো নেই।হলে গোটা রাস্তা জুড়ে পাতা মরণ ফাঁদে করতে হয় বহু মানুষকে।তাই দীর্ঘদিন ধরে প্রশাসন থেকে শুরু করে স্থানীয় নেতা-নেত্রীদের জানিয়েও লাভ হয়নি কিছুই।তাই বাধ্য হয়েই এভাবেই যাতায়াত করতে হচ্ছে ওই সমস্ত এলাকার মানুষজনদের।প্রায় গ্রামের মানুষ চাইছেন অবিলম্বে এই রাস্তা মেরামতির কাজ শুরু করা হোক।
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बारिश से गोघाट में मिट्टी का दो मंजिला घर ध्वस्त, परिवार सुरक्षित

Arambag, West Bengal:আরামবাগঃ০৩ সেপ্টেম্বর দক্ষিণবঙ্গ জুড়ে টানা বৃষ্টির জেরে গোঘাটে আচমকাই হুড়মুড়িয়ে ভেঙে পড়ল একটি মাটির দোতলা বাড়ি। বৃহস্পতিবার সাতসকালে মুহূর্তের মধ্যে ধ্বংসস্তূপে পরিণত হয় শ্যামল মালিক ও তাঁর ভাইদের বছরের পর বছর ধরে থাকা আশ্রয়টি। গোঘাটের সাওড়া গ্রাম পঞ্চায়েতের ব্রজমোহনপুরের চক-মোমরেজ গ্রামে সকাল ৬টা থেকে সাড়ে ৬টার মধ্যে ঘটনাটি ঘটে। বিকট শব্দ শুনে ছুটে আসেন আশপাশের বাসিন্দারা। টানা ভারী বর্ষণে মাটির ভিত নরম হয়ে যাওয়াতেই এই ধস বলে অনুমান স্থানীয়দের। সকলবেলা ঘটনাটি ঘটায় পরিবারের সদস্যরা দ্রুত বাইরে বেরিয়ে আসতে পারেন, ফলে প্রাণহানি এড়ানো গেছে। তবে আসবাবপত্র ও প্রয়োজনীয় সামগ্রী মাটির নিচে চাপা পড়ে বিপুল ক্ষয়ক্ষতি হয়েছে। লাগাতার বৃষ্টিতে গোঘাটসহ বিস্তীর্ণ এলাকায় বাকি জরাজীর্ণ মাটির বাড়িগুলি নিয়েও এখন নতুন করে আতঙ্ক ছড়িয়েছে।
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माल शहर में टास्क फोर्स ने कीमत बढ़ाने पर दुकानदार पर जुर्माना लगाया

Mal Bazar, West Bengal:फेर माल शहर में टास्क फोर्स के अभियान, अतिरिक्त कीमत लेने पर दुकान को जुर्माना फेर विभिन्न दপ্তরের अधिकारिकों के साथ माल महकुमाशासक उत्कर्ष खंडाल के नेतृत्व में माल शहर के विभिन्न इलाकों में टास्क फोर्स के अभियान चलाया गया। शहर के सुबाष मोड़ इलाके के एक मুদख़ानेदार दुकान से अभियान शुरू हुआ। इसके बाद शहर के अनेक सोने के दुकानों में जाकर दुकान के आवश्यक नथिपत्र, लाइसेंस और सोने के मान सहित विभिन्न मुद्दों की जाँच की गई। परवर्तित रूप से शहर के विभिन्न केक की दुकानों और मুদख़ानेदार दुकानों में भी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान एक दुकान के विरुद्ध अतिरिक्त दाम में वस्तु विक्रय के आरोप की सच्चाई पाई गई, जिसका परिणामस्वरूप उसे जुर्माना किया गया। सूत्रों के अनुसार, उस दुकान में दही के निर्धारित दाम 35 रुपये था, लेकिन खरीदारों से इसे 40 रुपये लेने की शिकायत उठी। शिकायत मिलने पर संबंधित दुकान पर अभियान चलाया गया। वहाँ विभिन्न नथिपत्र और वस्तुओं के दाम की जाँच करने के बाद दुकान को जुर्माना किया गया। अभियान के दौरान उस दुकान से कुछ समयांतराल की खाद्य सामग्री भी बरामद की गईं। खाद्य विभाग के अधिकारीों ने उनकी नमूने取り कर लिए। प्रशासन ने कहा कि बाजार में वस्तुओं के निर्धारित दाम, गुणवत्ता औरexpiry की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। बाइट 1) महकुमाशासक उत्कर्ष खंडाल।
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गोगा नवमी पर मिट्टी प्रतिमाएं बनाने वाले कुम्हारों की परंपरा मजबूत

Didwana, Rajasthan:एंकर औरबतसर modernity के इस दौर में भी ग्रामीण अंचलों में सदियों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराएं पूरी शिद्दत से जीवित हैं। परबतसर उपखंड के राजस्व गांव सिडियास में लोक देवता वीर गोगाजी के पर्व 'गोगा नवमी' की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां कुम्हार समाज के लोग पारंपरिक रूप से मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने में जुटे हुए हैं। पुरखों की यह सोच धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सराहनीय मिसाल पेश करती है। लोक मान्यता के अनुसार गोगा नवमी के दिन मिट्टी से निर्मित गोगादेव की प्रतिमा को घर या पूजा स्थल पर स्थापित कर पूजन करने से सर्पदंश का भय दूर होता है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु वीर गोगाजी की विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें पारंपरिक पकवान खीर और गुलगुलों का भोग अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गांव के कुम्हार मोहल्ले में करीब आठ परिवारों के एक दर्जन से अधिक सदस्य पर्व से चार-पांच दिन पहले से ही इन प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में रात-दिन लगे हुए हैं। स्थानीय ग्रामीण किशोर के अनुसार, तैयार की गई प्रतिमाएं गोगा नवमी से एक-दो दिन पूर्व गांव के हर घर में पहुंचाई जाती हैं। खास बात यह है कि आज के आर्थिक और व्यावसायिक युग में भी यहां इन प्रतिमाओं की कोई तय कीमत नहीं ली जाती, बल्कि प्राचीन दस्तूर परंपरा के तहत ग्रामीण अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार शगुन की राशि, कपड़े और अनाज भेंट स्वरूप देते हैं। यह परंपरा गांव के सामाजिक ताने-बाने और परस्पर भाईचारे को मजबूती प्रदान कर रही है।
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आबूरोड नगरपालिका चुनाव: ब्राह्मण समाज ने टिकट वितरण के खिलाफ पुतले फूंके, नारे

Sirohi, Rajasthan:एंकर - सिरोही के आबूरोड नगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण को लेकर ब्राह्मण समाज ने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ विरोध जताया। ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित परशुराम धर्मशाला में बैठक के बाद समाजबंधुओं ने दोनों दलों के जिलाध्यक्षों के पुतले फूंके और जमकर नारेबाजी की। समाजबंधुओं ने टिकट वितरण में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों ने समाज को केवल वोट बैंक समझा है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव में वोट की ताकत से जवाब देने का ऐलान किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने वार्ड 10 और 18 में समाज को टिकट दिए हैं। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी का पक्ष नहीं मिल सका।
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दिल्ली के होटल में युवती की हत्या; आरोपी अस्पताल में भर्ती

New Delhi, Delhi:दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके में होटल के अंदर युवती की हत्या जानकारी के मुताबिक राजस्थान के रहने वाला एक युवक और बिहार की रहने वाली युवती ने बुधवार की शाम को होटल में चेक इन किया, बीती रात युवक के साथ घटना हो चुकी है और वह कमरे से बाहर निकल गया। स्टाफ ने उसे संभाला और जैसे ही कमरे में गए उन्हें लड़की खून से लथपथ नज़र आई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। युवक फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। पुलिस को आशंका है कि युवक ने युवती की चाकू मारकर हत्या की फिर कुछ जहरीला पदार्थ पीकर खुदकुशी की कोशिश की। मामले की जांच जारी। लड़की का नाम शिवानी है, बिहार की रहने वाली है। लड़के का नाम प्रकाश है。
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छत्तीसगढ़ HC: अलग रहने से वैवाहिक दायित्व नहीं टूटते, तलाक की अपील मंजूर

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। पति-पत्नी के रिश्ते और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई पति अपनी बुजुर्ग और बीमार मां को छोड़कर अलग घर में रहने से इनकार करता है, तो महज इस वजह से उसके इस फैसले को पत्नी के प्रति क्रूरता नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि शादी के बाद भी माता-पिता के प्रति व्यक्ति के नैतिक और कानूनी दायित्व खत्म नहीं होते। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की बेंच ने पति की अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया और वैवाहिक संबंध को भंग करने का आदेश दिया।मामला पति-पत्नी के बीच अलग घर में रहने को लेकर विवाद से जुड़ा था। पत्नी की ओर से अलग रहने की मांग की गई थी, जबकि पति अपनी काफी बुजुर्ग और बीमार मां को अकेला छोड़कर अलग रहने के लिए तैयार नहीं था।मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने माना कि स्वतंत्र घर में रहने की इच्छा अपने आप में गलत नहीं है। परिस्थितियों के अनुसार पति या पत्नी के पास अलग आवास की मांग करने के उचित कारण हो सकते हैं। लेकिन अदालत के सामने यह देखना भी जरूरी है कि कहीं यह मांग दूसरे जीवनसाथी को उसके माता-पिता से अलग करने के अनुचित दबाव में तो नहीं बदल रही है।कोर्ट ने इस मामले में पति की स्थिति को अस्वाभाविक या अनुचित नहीं माना। अदालत ने विशेष रूप से उसकी मां की अधिक उम्र और बीमारी को ध्यान में रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि विवाह होने मात्र से किसी व्यक्ति के अपने माता-पिता के प्रति पहले से चले आ रहे कर्तव्य समाप्त नहीं होते।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वैवाहिक जीवन में आने के बाद किसी एक जीवनसाथी को यह असीमित अधिकार नहीं मिल जाता कि वह दूसरे को उसके पारिवारिक दायित्व छोड़ने के लिए मजबूर करे।इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पति की तलाक की अपील मंजूर कर ली और निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें तलाक की याचिका खारिज की गई थी।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के इस फैसले ने वैवाहिक अधिकारों के साथ-साथ बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी को लेकर भी एक महत्वपूर्ण कानूनी संदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि शादी के बाद नया परिवार बनता है, लेकिन माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियां खत्म नहीं हो जातीं। खासकर जब माता-पिता बुजुर्ग, बीमार या असहाय हों, तो उनकी देखभाल को नजरअंदाज करना उचित नहीं माना जा सकता।
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