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मगरमच्छ हमले में मौत: ग्रामीणों ने परिवार लिए सहायता और नौकरी की मांग

Karauli, Rajasthan:मगरमच्छ के हमले में युवक की मौत मामले में ग्रामीणों ने आर्थिक सहायता और नौकरी की उठाई मांग. जिला करौली. आशीष चतुर्वेदी ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिए कहा कि ग्राम पुन्या का पुरा निवासी 27 वर्षीय बबलेश मीणा की मौत मगरमच्छ के हमले से हुई. मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था; पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की. साथ ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रावधानों के तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग भी की. बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण के लिए विशेष सहायता और एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने की मांग रखी गई. वन विभाग, पुलिस और प्रशासन से आवश्यक रिपोर्ट लेकर प्रकरण का शीघр निस्तारण कर राहत दिलाने की बात कही गई.
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भिलट देव नागपंचमी: 101 लीटर दूध से अभिषेक, पाँच लाख से अधिक भक्त पहुंचे

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-नागलवाड़ी भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक,108 व्यंजनों का लगाया भोग, रिमझिम बारिश के बीच पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर समिति के 1200 वालिंटियर के साथ पुलिस और प्रशासन मुस्तेद निमाड़ के प्रसिद्ध नागलवाड़ी शिखरधाम स्थि भिलट देव का आज नागपंचमी के अवसर पर 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया इसके बाद चोला श्रृंगार कर महाआरती की गई नागपंचमी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचने का सिलसिला रात भर से जारी है श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए साढ़े तीन किमी लंबे पहाड़ी मार्ग पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया हैं आज नागपंचमी पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के मंदिर आने का अनुमान है मुख्य पुजारी राजेंद्र बाबा ने बताया कि बाबा का 101 लीटर दूध से अभिषेक कर चोला श्रृंगार किया गया सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में महाआरती के बाद 108 व्यंजनों का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई रातभर से श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला जारी है नागपंचमी पर्व को लेकर प्रशासन भी अलर्ट मोड़ पर है 500 से ज्यादा Police कर्मी सुरक्षा में तैनात है
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कांवड़ियों से भरे डीजे वाहन पलटा, सात घायल: घोरावल में ताजा हादसा

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र में कांवड़ियों से भरा डीजे वाहन पलटने से सात कांवड़िए घायल हो गए। सभी कांवड़िए शिवद्वार धाम में जलाभिषेक करने के बाद डीजे वाहन से मिर्जापुर लौट रहे थे। इसी दौरान पेढ़ गांव के पास जुड़िया-पेढ़ मार्ग पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं है। घोरावल पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल पहुंचाया गया। घायलों में अधिकांश मिर्जापुर जिले के मलई की बाली और चिंदलिक गहरवार गांव के निवासी बताए गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की खराब हालत और गड्ढों की वजह से वाहन अनियंत्रित होकर पलटा। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सभी घायलों का उपचार कराया गया और इसके बाद उन्हें वापस छोड़ दिया गया। किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।
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पानी के विवाद से संगम विहार में तनाव, FIR के साथ धार्मिक भेदभाव के आरोप

पानी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि जातिवाद और धार्मिक परिवर्तन हो गया. लोकेशन: संगम विहार, दक्षिण दिल्ली. संगम विहार में मचा हड़काम; पुलिस ने ली लीगल एक्शन. मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने 16/05/2026 को झगड़े के बाद 17/05/2026 को FIR दर्ज कर दी थी. संगम विहार ए ब्लॉक गली नंबर 10 में एक झगड़े की कॉल मिलने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के मेडिकल कराकर पीड़ित पक्ष के FIR दर्ज किए. रोहित कुंदन ने आरोप लगाया कि नसीम नाम व्यक्ति उसे पहले पानी को लेकर झगड़ा करता है और लंबे समय से परेशान कर रहा है तथा उसे रोककर मारपीट की. पुलिस ने आसपास CCTV फुटेज की जांच की और धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज कर ली. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह विवाद काफी समय से पानी को लेकर चल रहा है और क्षेत्र में हिन्दू– मुस्लिम भाईचारा बना हुआ है; गत विवादों में पीड़ित पक्ष ने रोहित कुंदन की शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करके मामले की तहकीकात शुरू कर दी. आगे की कार्रवाई जारी है.
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मोदी सरकार ने ISI समर्थित आतंकी गुट को ध्वस्त कर 200 सदस्य गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी गुट 'शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' को खत्म कर दिया और 200 से ज़्यादा सदस्यों को गिरफ़्तार करके उसके खतरनाक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की 'ज़ीरो-टॉलरेंस' नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है。 ISI से फंड पाने वाले इस गुट के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, ज़िंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे शामिल थे। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।
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मंदिरों में वीआईपी दर्शन बंद, समान कतार लागू कर भगदड़ रोकना जरूरी

Chhatarpur, Madhya Pradesh:बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धार्मिक स्थलों पर वीआईपी एंट्री को लेकर बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने उज्जैन और लखीसराय के मंदिर हादसों पर गहरा दुख भी जताया। गुजरात के अंकलेश्वर की एक दिवसीय यात्रा पर पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर और बिहार के लखीसराय मंदिर में हुए हादसों को हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर ऐसी अप्रिय घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। इस दौरान उन्होंने तीर्थस्थलों पर प्रचलित वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि भगवान के दरबार में सभी भक्त एक समान होते हैं, वीआईपी एंट्री और विशेष दर्शन की व्यवस्था बंद की जानी चाहिए, क्योंकि इससे आम श्रद्धालुओं को दिक्कत होती है और कई बार व्यवस्थाएं बिगड़ने से भगदड़ जैसे हालात बन जाते हैं। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंदिर प्रशासनों और सरकारों से अपील की कि बड़े धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता, पारदर्शी और आधुनिक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि आम जनता और दूर-दराज से आने वाले भक्तों की सुरक्षा सर्वोपरि है। एक समान कतार प्रणाली लागू करने से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
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सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने मंडी में 25 नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया

Mandi, Himachal Pradesh:अगले पांच वर्षों में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्यः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज वर्चुअल माध्यम से मण्डी जिले के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की 25 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का मण्डी के पड्डल मैदान से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के इलेक्ट्रिक बस बेड़े के विस्तार के लिए नई 297 टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की है। नई इलेक्ट्रिक बसें वर्तमान में शिमला, नाहन, नालागढ़, ऊना, हरोली, बिलासपुर, देहरा, हमीरपुर, पालमपुर, धर्मशाला तथा नगरोटा में संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त कुल्लू, मंडी और सुंदरनगर में भी आवश्यक चार्जिंग अवसंरचना विकसित की जा चुकी है तथा इन क्षेत्रों में नई इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का संचालन भी आज से शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों की निर्धारित ड्राइविंग रेंज 80 प्रतिशत स्टेट ऑफ चार्ज पर लगभग 180 किलोमीटर है। परिचालन के दौरान इन बसों का प्रदर्शन अत्यंत उत्साहजनक रहा है। उन्होंने कहा कि शिमलादृचंडीगढ़ मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस द्वारा एक बार चार्ज करने पर लगभग 270 किलोमीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय की जा रही है। यह प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी भू-भाग में लंबी दूरी के अंतर-शहरी मार्गों पर इन बसों की उपयोगिता को प्रदर्शित करता है। श्री सुक्खू ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से एचआरटीसी की परिचालन लागत में भी महत्वपूर्ण कमी आ रही है। पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ऊर्जा लागत में लगभग 12-13 रूपये प्रति किलोमीटर की बचत हो रही है। इससे निगम के ईंधन एवं परिचालन व्यय में कमी आने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की समग्र दक्षता में भी सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का यह विस्तार प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन कम करने, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने तथा स्वच्छ एवं हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के निरंतर सहयोग तथा चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार के साथ एचआरटीसी राज्य में आधुनिक, विश्वसनीय, ऊर्जा-कुशल एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एचआरटीसी को बसें खरीद कर देती है और हर साल अनुदान के रूप में 840 करोड़ रूपये सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। इतनी ही कमाई एचआरटीसी अपने संसाधनांें से भी कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का है। सरकार आने वाले समय में 1000 ई-बसें और 200 हाईड्रोजन बसें खरीदेगी। उन्होंने कहा कि हमने पहले बजट में ग्रीन हिमाचल की परिकल्पना की थी और इन बसों का संचालन इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रबंध निदेशक एचआरटीसी शिवम प्रताप सिंह मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे। मण्डी में वर्चुअल माध्यम से एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जल प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी मण्डी अध्यक्ष चंपा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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बारिश में RLD छात्र सभा का पुतला दहन, अखिलेश यादव के खिलाफ भारी नारे

Lucknow, Uttar Pradesh:अखिलेश यादव के खिलाफ RLD छात्र सभा का प्रदर्शन लखनऊ में झमाझम बारिश के बीच RLD छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की RLD छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पांडे ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ से दो साल से अखिलेश यादव, RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं इसी के विरोध में छात्र सभा ने पुतला दहन किया हजरतगंज चौराहा झमाझम बारिश और सड़क पर विरोध प्रदर्शन बारिश के बीच RLD छात्र सभा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में यहां पहुंचे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका इस दौरान “टोटी भैया शर्म करो”, “जयंत चौधरी जिंदाबाद” और “चौधरी चरण सिंह अमर रहें” जैसे नारे लगाए गए RLD छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पांडे का कहना है कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से अखिलेश यादव, RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के खिलाफ लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। इसी के विरोध में छात्र सभा की ओर से यह प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया RLD छात्र सभा की मांग है कि अखिलेश यादव अपनी भाषा में संयम रखें और जयंत चौधरी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां न करें Amn पांडे — प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोकदल छात्र सभा
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रतलाम में सावन-नाग पंचमी संयोग से शिव भक्तों में उत्साह बढ़ा

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में सावन माह का तीसरा सोमवार शिव भक्तों के लिए खास उत्साह लेकर आया। नाग पंचमी के संयोग ने इस आस्था को और खास बना दिया। पहली तस्वीर जिले के बिलपांक गांव के विरुपाक्ष महादेव मंदिर की है, जहां आज श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में भक्त विरुपाक्ष महादेव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। दूसरी तस्वीर रतलाम के कालिका माता मंदिर परिसर स्थित नाग मंदिर की है। यहां सुबह से ही श्रद्धालु नाग देवता को दूध अर्पित कर पूजा कर रहे हैं। वहीं मंदिर परिसर में महिलाएं भजन-कीर्तन करती नजर आ रही हैं। सावन सोमवार और नाग पंचमी के इस विशेष संयोग पर पूरे शहर में शिव भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है।
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मुख्यमंत्री साय ने गांव की मिट्टी से जुड़ते हुए किसानों के साथ हल चलाया

Jashpur Nagar, Chhattisgarh:अपनी माटी और खेती-किसानी से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गहरा जुड़ाव एक बार फिर देखने को मिला। मुख्यमंत्री आज सुबह अपने गृहग्राम बगिया के खेत पहुंचे, जहाँ उन्होंने बैलों की जोड़ी के साथ पारंपरिक तरीके से हल चलाकर बियासी की। खेत में उतरकर हल की मूठ थामते ही मुख्यमंत्री खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी यादों में खो गए। उन्होंने कहा कि किसान परिवार में जन्म लेने के कारण खेती उनके लिए सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। जशपुर जिले के बगिया में सुबह का नजारा उस वक्त खास हो गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद खेत में उतर आए। मुख्यमंत्री ने बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाया और पारंपरिक तरीके से बियासी की। इस दौरान वे पूरी तरह एक किसान की भूमिका में नजर आए। हल की मूठ थामते ही मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ने का सुख अलग ही होता है। खेत की मिट्टी की सौंधी खुशबू और बैलों के साथ खेती करते हुए उन्हें बचपन और गांव में बिताए दिनों की यादें ताजा हो गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से ही खेती-किसानी को करीब से देखा और अनुभव किया है। उनके लिए खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। गांव और खेतों ने उन्हें मेहनत का सम्मान करना, प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी माटी, कृषि परंपरा और मेहनतकश किसानों से है। प्रदेश के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में भी खेती की अहम भूमिका है। किसान अपने परिश्रम से न सिर्फ फसल पैदा करता है, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। मुख्यमंत्री ने आधुनिकता के दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि खेती हमें परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। छत्तीसगढ़ की माटी और मेहनतकश अन्नदाता किसान हमेशा उनके हृदय के करीब रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की। बगिया के खेत में मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज खेती-किसानी और अपनी माटी से उनके पुराने और आत्मीय रिश्ते को दर्शाता नजर आया।
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