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रोसड़ा DCLR सरकारी आवास पर दो घंटे से छापेमारी जारी

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर रोसड़ा DCLR के सरकारी आवास पर निगरानी की छापेमारी। दो घंटे से छापेमारी जारी। समस्तीपुर जिले से बड़ी खबर मिल रही है जहां रोसड़ा अनुमंडल की डीसीएलआर कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर गुरुवार सुबह से निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी शुरू की। करीब 9 बजे दो वाहनों से दलबल के साथ पहुंची निगरानी की टीम ने आवास के अंदर कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान डीसीएलआर कंचन कुमारी झा सरकारी आवास में ही मौजूद हैं। निगरानी टीम द्वारा आवास के अंदर जांच-पड़ताल की जा रही है। हालांकि, कार्रवाई किस मामले में की जा रही है, इस संबंध में निगरानी विभाग की टीम फिलहाल विस्तृत जानकारी देने से परहेज कर रही है। निगरानी टीम की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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संथाल परगना में एसआईआर प्रक्रिया पर बीजेपी ने विसंगतियों का आरोप लगाया

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में बीजेपी ने एसआईआर को प्रक्रिया में संथाल परगना में आ रही विसंगतियों को लेकर चिंता जताई है साथ ही इसको लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत किया है। बीजेपी का आरोप है कि संथाल परगना में एसआईआर प्रक्रिया के दावे और आपत्ति में कई विसंगतियां हैं। बीजेपी का आरोप है कि कई इलाकों में जहां मुस्लिम आबादी नहीं वहां भी वोटर लिस्ट में मुस्लिम मतदाता का नाम है। राज्य सरकार संथाल परगना को पूरी तरह चरागाह बनाए हुए है, संथाल परगना में एक धर्म विशेष के लोगों को जिस तरह वहां के वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है, कई ऐसे गांव जहां मुस्लिम आबादी नहीं पर वहां मुस्लिम वोटर हैं , कई ऐसे गांव जहां बाप बेटे के उम्र में अंतर कम है , कुछ पदाधिकारी राज्य सरकार से मिल कर संथाल परगना के विशेष समुदाय के वोटर को तरजीह दे रहे जो लोकतंत्र के लिए खतरा है बीजेपी इसका घोर विरोध करती है और चुनाव आयोग से मांग करती है वैसे पदाधिकारी जिन्होंने गलत किया है उन पर कार्रवाई हो। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, बीजेपी आई वाश कर रही है, बीजेपी पर ही आरोप है, एसआईआर में अपने मुताबिक जोड़ तोड़ करवा रहे हैं और आरोप उन पर न लगे इस लिए इस तरह की खबरें आ रही है। बंगाल में 26 लाख वोटर कटे थे अब जा कर सभी इनरोल हुए हैं उनको वोट देने से वंचित नहीं किया गया क्या, चुनाव आयोग उसमें शामिल नहीं है क्या। आरोप बीजेपी पर ही लग रहा कि उनके इशारे पर चुनाव आयोग काम कर रहा और मकसद है किसी तरह आदिवासी और माइनरिटी को काटो कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, घुसपैठ का मुद्दा बीजेपी का झारखंड में फेल कर गया है तो नए तरीके से घुसपैठ को जिंदा करने की नीति है। हम लोगों को लगता है ,चुनाव आयोग तो पीएम का नौकर है ,जो कहेंगे वो करेगा। वहां कुछ दिखा कर गैर जरुरी चीजों पर चर्चा करवाएंगे। अगर गड़बड़ी है तो जांच करवाएं। जांच के विषय पर बहस नहीं
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अमेठी बस डिपो की खस्ताहाल बसें यात्रियों को परेशान, मैकेनिक के बावजूद समस्या बरकरार

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी :- बस स्टॉप अमेठी की खस्ताहाल हुई बसें, आए दिन खराब रहती हैं बसें, कभी टिकट काटने की मशीन खराब तो कभी बस ही खराब हो जाती है, रक्षा बंधन त्योहार के पहले नही तैयार अमेठी बस स्टॉप की बसें, रास्ते मे बस रुकने से लोगों को हो रही है समस्या, लोग अन्य साधनों से जाने को मजबूर यात्री, काफी देर बाद बस बनाने के लिए पहुँचे मकैनिक, वही बस डिपो से दूसरी बस आने पर यात्री अपने गंतव्य को हुए रवाना, वही बस ड्राइवर और यात्रियों के बीच हुई कहासुनी, बस ड्राइवर का कहना अमेठी बस डिपो पर है पुरानी बसें, अमेठी सुल्तानपुर रोड बाईपास के पास का है मामला।
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मुरैना में ककोरा तोड़ते समय दो दोस्त डूबे, एक शव बरामद

Morena, Madhya Pradesh:मुरैना- ककोरा तोड़कर लौट रहे दो दोस्त नदी में डूबे, एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में दोनों पानी में बहाए मुरैना जिले में दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ककोरा तोड़कर घर लौट रहे दो युवक स्टॉप डैम पार करते समय नदी के तेज बहाव में बह गए। एक युवक को बचाने के प्रयास में उसका साथी भी पानी में समा गया। घटना के बाद से दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं लग सका है。 ग्वालियर से तीन दोस्त बाइक पर सवार होकर हुराई मंदिर के पास आसन नदी पर ककोरा तोड़ने पहुंचे थे। ककोरा तोड़कर वापस लौटते समय स्टॉप डैम पर एक युवक का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया। दोस्त को बचाने के लिए युवक ने अपनी साफी डालकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन नदी के तेज बहाव में दूसरा युवक भी पानी में गिर गया। देखते ही देखते दोनों युवक पानी में गोते खाते हुए नदी में समा गए。 घटना की सूचना मिलते ही माताबसैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ टीम को बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया। रेस्क्यू में अब तक एक युवक के शव को बाहर निकाला गया है वहीं दूसरे लापता युवक की तलाश जारी है
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2027 के लिए भाजपा क्षेत्रीय टीमों की घोषणा विरोध के भय से टली

Noida, Uttar Pradesh:2027 चुनाव के लिए नई टीमों का खाका तैयार, विरोध के डर से थमा एलान भाजपा के उत्तर प्रदेश इकाई में 2027 चुनाव के लिए नई क्षेत्रीय टीमों के गठन में देरी हो रही है, जिसका मुख्य कारण पार्टी के भीतर संभावित विरोध की चिंता है। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के बावजूद, 70% नए चेहरों के साथ टीम की घोषणा टल रही है। वीओ: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने चार और पाँच जुलाई को लखनऊ में स्पष्ट कहा कि संगठन का काम दस जुलाई तक पूरा कर लिया जाए तो पदाधिकारी समझ गए थे कि यह इतना आसान नहीं होगा। राष्ट्रीय नेतृत्व को लौटे डेढ़ माह से ज्यादा बीत गए। नई टीमों के नामों पर नई दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई बार मंथन कर लिया गया, लेकिन पार्टी को विरोध की चिंता सता रही है। एक खेमा कह रहा है कि क्षेत्रीय टीमों की सूची 28 अगस्त के बाद किया जाएगा, जबकि ऐसा भी माना जा रहा कि विरोध से बचने के लिए पार्टी ऐसे वातावरण के बीच सूची घोषित करेगी, जब कार्यकर्ता अभियान में व्यस्त होंगे। बाइट: हरिश श्रीवास्तव भाजपा प्रवक्ता प्रदेश की सभी छह क्षेत्रीय टीमें अंतिम बार वर्ष 2019 में बनी थीं। इसी टीम ने 2022 विधानसभा एवं 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को लड़ाया। लेकिन अब सामने 2027 और 2029 है, जिसके लिए क्षेत्रीय टीम में 70 प्रतिशत से ज्यादा चेहरे बदल दिए गए। सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने के बाद चर्चा है कि संगठन में नए चेहरों की संख्या ज्यादा होगी। मीडिया प्रभारियों एवं सदस्यों समेत 35 से ज्यादा लोगों की टीमें बनेंगी, जबकि अनुसूचित, ओबीसी, किसान, युवा, महिला एवं अनुसूचित जनजाति के मोर्चों के रूप में छह मोर्चों की प्रदेश, क्षेत्रीय, एवं जिला टीमें गठित होनी हैं। चुनावी वर्ष देखते हुए ज्यादा चेहरों के समायोजन के लिए टीम का आकार बढ़ाने की बात कही जा रही है। इसमें जातीय समीकरण का ज्यादा ध्यान रखना होगा। क्षेत्रीय टीमों में अध्यक्ष, तीन-तीन महामंत्री एवं आठ-आठ उपाध्यक्ष एवं मंत्री बनाए जाते हैं वीओ: हाल में नई दिल्ली में राष्ट्रीय एवं प्रदेश संगठन और मोर्चों के पदाधिकारी बुलाए गए, जहां कई पहलुओं पर चर्चा की गई। यह बात सामने आई कि जनप्रतिनिधियों के दबाव एवं मूल कैडर के कार्यकर्ताओं को नजरंदाज करते हुए अपनों को आगे बढ़ाने की होड़ से पार्टी में आक्रोश बढ़ा है। पिछले दिनों कई जिलों में विरोध के स्वर उठे। अब विधान सभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है और सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय प्रभारी भी नए हैं, ऐसे में चुनावी जिम्मेदारी प्रदेश इकाई को उठानी होगी इसी लिए विरोध के स्वर बुलंद न हो इसलिए सूची पर ब्रेक लगा हुआ है。
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जमीन नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने वाला पटवारी लोकायुक्त ने दबोचा

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-जमीन नामांतरण के बदले 30 हजार की डिमांड, 10 हजार में सौदा… 5 हजार की रिश्वत लेते पटवारी को लोकायुक्त ने दबोचा एंकर-भिंड जिले के मेहगांव से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां जमीन नामांतरण के बदले रिश्वत मांगना एक पटवारी को भारी पड़ गया। सिमार हल्के पर पदस्थ पटवारी संजय बघेल को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। दरअसल, सिमार हल्का पटवारी सरसेड गांव निवासी राघवेंद्र बघेल की जमीन के नामांतरण के मामले में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। फरियादी के काफी मिन्नत करने के बाद कथित तौर पर सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद फरियादी ने मामले की शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त से कर दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त की 15 सदस्यीय टीम ने पटवारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।टीम ने पूरी योजना के तहत निगरानी शुरू की। बताया जा रहा है कि जैसे ही पटवारी अपने घर से बाहर आया और फरियादी से रिश्वत की पांच हजार रुपये की रकम हाथ में ली, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। कार्रवाई के बाद पटवारी को हिरासत में लेकर मेहगांव रेस्ट हाउस लाया गया, जहां लोकायुक्त की टीम द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। जमीन के नामांतरण जैसे वैध काम के लिए रिश्वत की कथित मांग और फिर पांच हजार रुपये लेते हुए लोकायुक्त के शिकंजे में आया पटवारी अब जांच के घेरे में है। सवाल यही है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों पर कार्रवाई का यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा और क्या इस कार्रवाई से दूसरे रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों में भी खौफ पैदा होगा?
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150 पीड़ितों के सामने दुर्ग लोन फाइनेंस धोखाधड़ी का बड़ा अपडेट

Durg, Chhattisgarh:लोन दिलाने का झांसा देकर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करवाने और बाद में उसे अपने कब्जे में लेकर बेचने के कथित ठगी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है दुर्ग पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वास्तव में जेल में बंद आरोपी ऋषभ शर्मा ने तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फायनेंस कराने के लिए छात्रों को शिकार बनाया इन छात्रों को कमिश्न का लालच दिया जाता औऱ फिर इनके नाम पर महंगे उपकरण फायनेंस किये जाते शुरुआती माह में तो किश्त पटाई गई लेकिन बाद में किश्त जमा नही कराई है और फायनेंस किये गए सामान को बेच दिया गया जिसके बाद कई लोगो ने इस बात को शिकायत पद्मनाभपुर थाने में की जिसके बाद आरोपी ऋषभ शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया तो वही अब धीरे धीरे इस मामले में करीब 150 प्रार्थी पुलिस के सामने आ चुके हैं इनमें दुर्ग के अलावा बालोद, बेमेतरा सहित अलग-अलग जिलों के लोग शामिल हैं खास बात यह है कि एक दिव्यांग व्यक्ति ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है तो वही ठगी का तरीका भी सामान्य लोन फ्रॉड से अलग है लोगों को कम किस्तों में इलेक्ट्रॉनिक सामान उपलब्ध कराने और उसमें फायदा होने का लालच दिया गया इसके बाद पीड़ितों के नाम पर टीवी, फ्रिज, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करवाया गया सामान आरोपियों या उनसे जुड़े लोगों के कब्जे में चला गया और कथित तौर पर उसे दोबारा बेच दिया गया सामान से होने वाला फायदा दूसरे पक्ष को मिला जबकि उसकी ईएमआई और लोन चुकाने की जिम्मेदारी पीड़ितों के नाम पर रह गई मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं पुलिस प्रार्थियों के बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है इसके साथ ही आरोपियों और पीड़ितों के बीच हुई बातचीत का कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है एसएसपी ने बताया कि मुख्य वित्तीय लेनदेन दुर्ग जिले में होने के कारण मामला यहीं दर्ज किया गया है अब पुलिस पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में पीड़ितों और संदिग्धों की संख्या और बढ़ने की संभावना है.
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शास्त्री पार्क के खुले नालों से खतरा, प्रशासन से निवारण की मांग तेज

New Delhi, Delhi:शास्त्री पार्क में खुले नाले बने खतरा, हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन उत्तर पूर्वी दिल्ली: गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-213 में बुलंद मस्जिद के पीछे डीडीए का खुला पड़ा नाला स्थानीय लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। नाले के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासतौरपर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के नाले में गिरने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र के एक नाले में अज्ञात नाबालिग का शव मिलने की घटना सामने आई थी। इसके बावजूद खुले नालों को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बुलंद मस्जिद के पीछे खुले पड़े इस नाले को लेकर लोगों में खासा आक्रोश है। लोगों के मुताबिक नाले के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही कोई मजबूत सुरक्षा घेरा बनाया गया है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में राहगीरों को नाले की गहराई और उसके खुले होने का अंदाजा नहीं लग पाता। हैरानी की बात यह है कि नाले के पास दीवार पर चेतावनी लिखी गई है—“इस नाले से दूर रहें, इस नाले की गहराई ज्यादा है।” स्थानीय लोगों का सवाल है कि प्रशासन के पास दीवार पर चेतावनी लिखने का समय है, लेकिन नाले कोढकने या उसकी मजबूत बाउंड्री बनाने का इंतजाम करने का समय क्यों नहीं है? स्थानीय निवासी का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए। नाले को तत्काल ढकने या उसके चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने की जरूरत है, ताकि कोई राहगीर या बच्चा इसकी चपेट में न आए। स्थानीय लोगों ने डीडीए और संबंधित प्रशासन से मांग की है कि इलाके के सभी खुले नालों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित कराया जाए। लोगों का कहना है कि सिर्फ चेतावनी लिख देना पर्याप्त नहीं है, सुरक्षा के लिए जमीन पर ठोस इंतजाम करना भी जरूरी है। रिपोर्ट: राकेश चावला उत्तर पूर्वी दिल्ली
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Derabassi के बाज़ार में बाइक सवार बदमाशों ने 18 वर्षीय आदिल खान पर हमला

Dera Bassi, Punjab:ਡੇਰਾਬੱਸੀ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਭੀੜ-ਭੜੱਕੇ ਵਾਲੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਬੁੱਧਵਾਰ ਰਾਤ ਉਸ ਸਮੇਂ ਦਹਿਸ਼ਤ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ, ਜਦੋਂ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲਾਂ ’ਤੇ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਆਏ ਕਰੀਬ ਅੱਧਾ ਦਰਜਨ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਰੈਡੀਮੇਡ ਕੱਪড়ਿਆਂ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ’ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ 18 ਸਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਘੇਰ ਕੇ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹੁਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਜਾਨਲੇਵਾ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਹਮਲਾਵਰਾਂ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਸਿਰ ਅਤੇ ਦੋਵੇਂ ਹੱਥਾਂ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾਇਆ। ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਜ਼ਖਮੀ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਦੋ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਤੋਂ ਰੈਫਰ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੀਜੀਆਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।ਜ਼ਖਮੀ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਪਛਾਣ ਆਦਿਲ ਖਾਨ ਪੁੱਤਰ ਸਲੀਮ ਖਾਨ ਵਜੋਂ ਹੋਈ ਹੈ। ਆਦਿਲ ਐਸਐਸ ਜੈਨ ਸੀਨੀਅਰ ਸਕੂਲ ਨੇੜੇ ਸਥਿਤ ਪੰਜਾਬ ਫੈਸ਼ਨ ਰੈਡੀਮੇਡ ਸ਼ਾਪ ’ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਬੁੱਧਵਾਰ ਰਾਤ ਕਰੀਬ 8:30 ਵਜੇ ਆਦਿਲ ਦੁਕਾਨ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਮੌਜੂਦ ਸੀ। ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲਾਂ ’ਤੇ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਆਏ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਅਚਾਨਕ ਘੇਰ ਲਿਆ। ਹਮਲਾਵਰਾਂ ਨੇ ਸੰਭਲਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਦਿਤਾ ਚਸ਼ਮਦੀਦਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਹਮਲਾਵਰਾਂ ਨੇ ਆਦਿਲ ਨੂੰ ਸੰਭਲਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਉਸ ’ਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਵਾਰ ਕਰੇ ਸੁਰਾਵੰਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇ। ਹਮਲੇ ਦੌਰਾਨ ਉਸ ਦੇ ਸਿਰ ਅਤੇ ਹੱਥਾਂ ’ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸੱਟਾਂ ਲੱਗੀਆਂ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਸੜਕ ’ਤੇ ਡਿੱਗ ਪਿਆ। ਵਾਰਦਾਤ ਨੂੰ ਅੰਜਾਮ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਰੇ ਹਮਲਾਵਰ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲਾਂ ’ਤੇ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਫਰਾਰ ਹੋ ਗਏ। ਪਾਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਆਦਿਲ ਨੇ ਹਮਲੇ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਹੱਥ ਅੱਗੇ ਕੀਤੇ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਹੱਥਾਂ ’ਤੇ ਕਈ ਵਾਰ ਲੱਗੇ। ਉਸ ਦੇ ਚਾਚਾ ਆਮਿਰ ਖਾਨ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਹਮਲੇ ਵਿੱਚ ਆਦਿਲ ਦੀਆਂ ਉਂਗਲਾਂ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੱਟ ਗਈਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਸਿਰ ’ਤੇ ਵੀ ਗੰਭੀਰ ਸੱਟਾਂ ਲੱਗੀਆਂ ਹਨ। Aston-ਮਾਸੂਮ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਹਲਤ ਗੰਭੀਰ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਰੇਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਪੀਜੀਆਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ।
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Punjab सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का रोष: सामूहिक अवकाश के कारण दफ्तर बंद

Moga, Punjab:सामूहिक अवकाश के कारण सरकारी संस्थान रहे बंद, कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जताया रोष आज पंजाब भर में विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा सामूहिक अवकाश की दी गई कॉल के चलते जिला प्रशासनिक परिसर सहित विभिन्न सरकारी संस्थान पूरी तरह बंद रहे। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। जानकारी देते हुए डीसी कर्मचारी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी गुरजीत सिंह औलख ने बताया कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और बकाया डीए जारी करने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के समक्ष मांगें रखते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर पिछले एक महीने से कर्मचारियों द्वारा कलम छोड़ हड़ताल भी की जा रही थी, लेकिन सरकार की ओर से इन मांगों पर कोई उचित ध्यान नहीं दिया गया। इसी के चलते आज पंजाब भर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर सामूहिक अवकाश लिया गया है。 गुरजीत सिंह औलख ने बताया कि आज दोपहर मुख्यमंत्री के साथ राज्य कमेटी की बैठक भी होनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और इनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
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