icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
110070
Rakesh SoniRakesh SoniFollow27 Jul 2024, 12:09 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Disha Salian केस: CBI FIR दर्ज, गैंगरेप-हत्या और सबूत मिटाने के आरोप

सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत मामले में CBI ने दर्ज की FIR, पिता ने लगाया गैंगरेप और हत्या का आरोप... फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। CBI ने 13 सितंबर 2026 को इस मामले में एक नियमित FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में आपराधिक साजिश, गैंगरेप, हत्या, सबूत मिटाने और गलत रिकॉर्ड तैयार कर आरोपियों को बचाने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। FIR मुंबई के मालवणी इलाके में दर्ज पुराने Accidental Death Report (ADR) नंबर 85/2020 से जुड़े मामले के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत दिशा सालियान के पिता सतीश ईश्वर सालियान की ओर से दी गई है। FIR में कहा गया है कि 11 सितंबर 2026 को उनका बयान दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में CBI ने नियमित केस दर्ज किया। बेटी की मौत को शुरू से संदिग्ध मानते थे पिता.. सतीश सालियान ने अपने बयान में बताया कि उनकी बेटी दिशा उनकी इकलौती संतान थीं और मौत के समय उनकी उम्र 28 साल थी। दिशा सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम करती थीं और सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर भी रह चुकी थीं। शिकायत के मुताबिक, 4 जून 2020 को दिशा यह कहकर घर से निकली थीं कि उनका और उनके मंगेतर रोहन रॉय का एक विज्ञापन शूट है। उन्होंने अपने पिता को 3 लाख रुपये का एक चेक भी दिखाया था और कहा था कि वह दो दिन में घर लौट आएंगी। कोविड महामारी के दौरान यात्रा को लेकर उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 100 से भी जानकारी ली थी। इसके बाद वह मलाड वेस्ट स्थित रोहन रॉय के फ्लैट पर चली गईं। पिता के मुताबिक, 6 जून को दिशा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उस बातचीत में भी ऐसा कुछ नहीं लगा था जिससे यह अंदाजा हो कि वह आत्महत्या करने वाली हैं या खुद को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच रही हैं। लेकिन 7 जून से उनके नियमित फोन अचानक बंद हो गए, जिसे पिता ने असामान्य बताया है। 9 जून की रात मिली बेटी की मौत की खबर.. FIR में दर्ज बयान के अनुसार, 9 जून 2020 की रात करीब 3:15 बजे मालवणी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने सतीश सालियान को फोन कर बताया कि उनकी बेटी जिस पार्टी में गई थीं, वहां कुछ घटना हुई है। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ शताब्दी अस्पताल पहुंचे। पिता के अनुसार, अस्पताल में रोहन रॉय मौजूद थे और उन्होंने अपने सिर पर हाथ रखकर फर्श पर बैठकर खुद को सदमे में बताया। वहां मौजूद दिशा के कुछ दोस्तों ने उन्हें बताया कि दिशा की मौत हो चुकी है। पहले बताया गया- दिशा ने आत्महत्या की... सतीश सालियान का कहना है कि घटना के बाद कुछ दोस्तों और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि दिशा ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि उस समय वह गहरे सदमे में थे और उन्हें पूरी घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बेटी का शव देखने की मांग की, लेकिन उनका कहना है कि काफी देर तक उन्हें शव नहीं दिखाया गया। 11 जून 2020 को उन्हें दिशा के शव की तस्वीरें मालवणी पुलिस स्टेशन में दिखाई गईं। पिता के मुताबिक, तस्वीरों में उन्हें चेहरे या शरीर पर खून अथवा गंभीर चोट के निशान नजर नहीं आए। उन्होंने केवल जबड़े के पास, ठोड़ी के नीचे एक छोटे से निशान को देखा। इससे उन्हें बेटी की मौत को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में कहा गया है कि रोहन रॉय और कुछ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि दिशा ने शराब पी रखी थी, वह नशे में थीं और इमारत से गलती से गिर गईं। पिता का आरोप है कि उस समय वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे और उपलब्ध जानकारी के अभाव में उन्होंने पुलिस द्वारा बताई गई कहानी को मान लिया। अब पिता ने लगाया गैंगरेप और हत्या का आरोप... करीब पांच साल बाद दर्ज कराई गई शिकायत में सतीश सालियान ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी दिशा की हत्या से पहले उसके साथ गैंगरेप किया गया था और बाद में इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। शिकायत के अनुसार, दिशा के पास कथित ड्रग तस्करी, बाल शोषण और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी थी। पिता का दावा है कि दिशा ने यह जानकारी सुशांत सिंह राजपूत के साथ साझा की थी और दोनों इसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सार्वजनिक करना चाहते थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी वजह से एक आपराधिक साजिश रची गई और दिशा को निशाना बनाया गया। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये सभी आरोप दिशा सालियान के पिता की शिकायत में लगाए गए हैं। FIR दर्ज होना इन आरोपों के सच साबित होने के बराबर नहीं है। अब CBI जांच के जरिए इन दावों और उपलब्ध सबूतों की जांच करेगी।... शिकायत में कई नामों की जांच की मांग... FIR में शिकायतकर्ता ने कई लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। इनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वझे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे समेत कई पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों, फॉरेंसिक अधिकारियों, सुरक्षा गार्ड और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ पुलिसकर्मियों और सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर सबूतों को दबाने, रिकॉर्ड में बदलाव करने और आरोपियों को बचाने में भूमिका निभाई। इन आरोपों की भी CBI जांच करेगी। CCTV फुटेज को लेकर भी सवाल... शिकायत में दिशा की मौत वाली रात की CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण बताया गया है। पिता के बयान के मुताबिक, CCTV फुटेज में दिशा को 8 जून 2020 की रात करीब 8:15 बजे फ्लैट नंबर 1101 की ओर जाते हुए दिखाया गया है। शिकायत में आगे दावा किया गया है कि CCTV में रोहन रॉय, प्रीति राणे, सुरक्षा गार्ड मुन्ना और एक पुलिसकर्मी को करीब 12:55 बजे लिफ्ट से फ्लैट नंबर 1202 की ओर जाते हुए दिखाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह घटनाक्रम उस दावे से मेल नहीं खाता जिसमें कहा गया था कि दिशा रात 1:16 बजे तक फ्लैट के अंदर फोन पर बात कर रही थीं और करीब 1:20 बजे इमारत से कूदकर आत्महत्या की। शिकायत में दिशा के शव के जमीन पर गिरने की जगह को लेकर भी सवाल उठाया गया है। पिता का कहना है कि शव इमारत से लगभग 25 फीट दूर मिला बताया गया, जबकि बाद में किए गए कथित सीन री-कंस्ट्रक्शन में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं हो सकी। शिकायत के मुताबिक, इस री-कंस्ट्रक्शन की रिकॉर्डिंग भी स्थानीय पुलिस की जांच फाइल से गायब है। मोबाइल फोन और फॉरेंसिक सबूतों पर भी सवाल... शिकायत में दिशा के मोबाइल फोन को लेकर भी कई विरोधाभासों का दावा किया गया है। पिता का कहना है कि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक फोन 9 जून 2020 की सुबह करीब 9:40 बजे पुलिस के कब्जे में ले लिया गया था, लेकिन बाद में मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि फोन उसके बाद भी इस्तेमाल होता रहा। शिकायत के मुताबिक बाद में फोन को दोबारा खोले जाने की अलग कहानी सामने आई और आरोप लगाया गया कि फोन से जुड़े शुरुआती रिकॉर्ड दबा दिए गए या नष्ट कर दिए गए। शिकायत में यह भी आरोप है कि दिशा के फोन को सचिन वझे और आदित्य ठाकरे ने इस्तेमाल किया था। स्वैब की जांच को लेकर बड़ा सवाल... FIR में मेडिकल और फॉरेंसिक रिकॉर्ड को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, दिशा के वेजाइनल और एनल स्वैब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए थे। कुछ पुलिस संचार और दस्तावेजों में भी इन स्वैब के फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजे जाने का उल्लेख था। लेकिन बाद में रिकॉर्ड में बदलाव कर स्वैब की जगह स्मीयर स्लाइड की रिपोर्ट सामने आने का आरोप लगाया गया। शिकायत में पोस्टमार्टम डॉक्टर के बाद के स्पष्टीकरण और SIT के सामने दिए गए बयान के बीच भी विरोधाभास का दावा किया गया है। पांच साल तक पिता को नहीं मिली पूरी जानकारी... सतीश सालियान ने शिकायत में कहा है कि उन्हें लंबे समय तक बेटी की मौत से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं दिए गए। उनका कहना है कि 2025 में उनके वकील द्वारा कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद उन्हें बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी मिली। इसके अलावा 14 दिसंबर 2023 को उन्हें मालवणी पुलिस स्टेशन बुलाया गया था, जहां बताया गया कि मौत के मामले में नया सबूत सामने आया है और आगे की जांच के लिए SIT बनाई गई है। उसी दौरान उन्होंने पुलिस को अपनी आशंकाओं के बारे में बताया था। शिकायतकर्ता ने न्यूज रिपोर्टों और वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि इनसे उनकी आशंका और मजबूत हुई कि उनकी बेटी की मौत की सही परिस्थितियों की जांच नहीं हुई और मामले को आत्महत्या के तौर पर पेश किया गया। CBI ने अब जांच शुरू कर दी... FIR के अंत में CBI ने कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से अपराध किए जाने की जानकारी सामने आती है, इसलिए नियमित केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी DSP पुरन कुमार को दी गई है। FIR पर CBI की पुलिस अधिकारी सीमा पाहुजा के हस्ताक्षर हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि CBI की जांच में दिशा सालियान की मौत को लेकर लगाए गए गैंगरेप, हत्या, सबूत मिटाने और कथित कवर-अप के आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं। जांच के दौरान CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम दस्तावेज और उस रात फ्लैट में मौजूद लोगों की भूमिका अहम हो सकती है।
0
0
Report

पूर्व इतिहास शिक्षक की पहल: 27 जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित

Rajsamand, Rajasthan:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दोवड़ा लावा सरदारगढ़ में जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित। पूर्व इतिहास व्याख्याता सियाराम शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए गए। शर्मा ने अपने स्थानांतरण के समय आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग देने की घोषणा की थी। अपने इस संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने कार्यवाहक प्रधानाचार्य दुलीचन्द बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कक्षा 1 से 8 तक में अध्ययनरत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के 27 जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग भेंट किए।
0
0
Report
Advertisement

हस्ताक्षर बदलो अभियान से हिंदी को मिली पहचान, देशभर में लाखों ने किया संकल्प

Indore, Madhya Pradesh:आज हिंदी दिवस है और हिंदी दिवस पर आपको एक ऐसी रोचक जानकारी देने जा रहे हैं जिसे सुन आप भी हिंदी की ओर आकर्षित होंगे। हाँ हिंदी के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वर्ष 2017 से संचालित हस्ताक्षर बदलो अभियान के माध्यम से देशभर में अब तक 40 लाख से अधिक लोगों ने अपने हस्ताक्षर बदल दिए हैं। इस को कर रहे हिंदी योद्धा के नाम से जाने जाने वाले अर्पण अविचल जैन से जी मीडिया से चर्चा में अपने काम के बारे में बताया। भाषाई जागरूकता के माध्यम से यह अभियान लोगों को अपनी भाषा में हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित करता है ताकि भाषा के प्रति आत्मीय संबंध मजबूत हो सके। वर्तमान समय में यह अभियान व्यापक जनसमर्थन पाए हुआ है और देशभर में लगभग 20 हजार से अधिक हिंदी योद्धा सक्रिय हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भागीदारी संभव है। युवा वर्ग भी इस पहल से जुड़ रहा है और अपनी भाषा के प्रति गर्व महसूस कर रहा है। यह आंदोलन केवल हस्ताक्षर बदलने तक सीमित नहीं है बल्कि स्वभाषा, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। 1000 से अधिक शहर-गाँव में अभियान चल रहा है और इससे घर-घर पुस्तकालय बन रहे हैं, जिससे लोग हिंदी की किताबें पढ़ते हैं और हिंदी से जुड़ते हैं।
0
0
Report

निर्दलीयों ने डीडवाना में बड़े दलों की हवा निकाल दी, जमानत जब्ती चर्चा गर्म

Didwana, Rajasthan:डीडवाना नगर परिषद चुनाव में जहां निर्दलीय प्रत्याशियों ने बड़े दलों के समीकरण बिगाड़कर 14 वार्डों में जीत दर्ज की, वहीं अब सामने आए परिणामों ने बीजेपी, कांग्रेस और आरएलपी जैसे दलों की चुनावी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर परिषद के 40 वार्डों में हुए चुनाव में बड़े दलों के कई प्रत्याशी की जमानत जब्त हुई है। किसी को महज 2 वोट मिले तो कोई 6 और 7 वोट तक ही सिमट गया। खास बात यह है कि जमानत जब्त होने वालों में बीजेपी, कांग्रेस, आरएलपी और बसपा के प्रत्याशी शामिल हैं। बीजेपी के प्रत्याशियों का सबसे कमजोर प्रदर्शन बीजेपी ने डीडवाना नगर परिषद के 40 वार्डों में से 34 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। इनमें वार्ड नंबर 19 से बीजेपी की कमला देवी को महज 2 वोट मिले, जबकि वार्ड नंबर 32 से शोभित चौहान को 6 वोट और वार्ड नंबर 26 से सुरेंद्र कुमार को 13 वोट मिले। वार्ड नंबर 30 से ममता देवी को 24 वोट, वार्ड नंबर 4 से जावेद अख्तर को 25 वोट और वार्ड नंबर 1 से मंजू देवी को 26 वोट मिले। वार्ड नंबर 11 से अजरुद्दीन को 38 वोट तथा वार्ड नंबर 36 से सुनील भाटी को 63 वोट मिले। वार्ड नंबर 22 से सरिता ने 83 वोट और वार्ड नंबर 3 से पिंकी देवी ने 103 वोट हासिल किए। कांग्रेस के प्रत्याशियों को भी मतदाताओं ने नकारा कांग्रेस ने 37 वार्डों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। इनमें वार्ड नंबर 13 से तरुण कंदोई को महज 21 वोट, वार्ड नंबर 14 से अब्बास अली को 34 वोट और वार्ड नंबर 6 से भोमसिंह चौधरी को 67 वोट मिले। वार्ड नंबर 8 से उम्मेद सिंह को 52 वोट, वार्ड नंबर 25 से श्वेता उपाध्याय को 63 वोट तथा वार्ड नंबर 10 से नियाज मोहम्मद को 104 वोट मिले। कांग्रेस के कई प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गया है。 आरएलपी के प्रत्याशियों का भी नहीं चला जोर आरएलपी ने 7 वार्डों में प्रत्याशी उतारे थे। वार्ड नंबर 39 से जगदीश को 7 वोट और वार्ड नंबर 40 से कंचन नायक को 22 वोट मिले। वार्ड नंबर 4 से फरमान खान ने 33 वोट हासिल किए, जबकि वार्ड नंबर 5 से नासिर खान को 49 वोट मिले। वार्ड नंबर 19 से सैयद आरिफ अली को 26 वोट मिले। आरएलपी के प्रत्याशियों के ये आंकड़े भी पार्टी के लिए मंथन का विषय हैं। बसपा प्रत्याशी को मिले महज 5 वोट बसपा ने सिर्फ एक वार्ड में अपना प्रत्याशी उतारा था। वार्ड नंबर 25 से सुगना देवी को महज 5 वोट मिले। यह परिणाम बसपा के लिए भी बेहद निराशाजनक रहा। पार्टीवार जमानत जब्ती के आंकड़े पार्टी| प्रत्याशी उतारे| जमानत जब्त प्रत्याशी बीजेपी| 34| 9 कांग्रेस| 37| 6 RLP| 7| 4 बसपा| 1| 1 कुल| 79| 20 सबसे कम वोट पाने वाले प्रत्याशी - कमला देवी (बीजेपी), वार्ड 19 — 2 वोट - शोभित चौहान (बीजेपी), वार्ड 32 — 6 वोट - जगदीश (RLP), वार्ड 39 — 7 वोट - सुगना देवी (बसपा), वार्ड 25 — 5 वोट - सुरेंद्र कुमार (बीजेपी), वार्ड 26 — 13 वोट डीडवाना नगर परिषद चुनाव के इन परिणामों ने साफ कर दिया है कि चुनावी मैदान में पार्टी का नाम और सिंबल ही जीत की गारंटी नहीं है। कई वार्डों में मतदाताओं ने बड़े दलों के प्रत्याशियों को नकारकर निर्दलीयों पर भरोसा जताया है। अब इन नतीजों के बाद राजनीतिक दलों में हार की समीक्षा और संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू होना तय माना जा रहा है। जिले के परबतसर में भी ऐसे ही नतीजे देखने को मिले हैं जहां वॉर्ड नंबर 13 से भाजपा उम्मीदवार कैलाशचंद को मात्र 1 वोट मिला है जबकि वॉर्ड नंबर 20 से RLP के उम्मीदवार भंवरलाल को भी मात्र 1 वोट मिला है।
0
0
Report
Advertisement

हिंडालको विरोध: ग्रामीणों ने बॉक्साइट ट्रकों को रोका, सडक जाम जारी

Gumla, Jharkhand:हिंडालको के खिलाफ ग्रामीणों का हल्लाबोल, बॉक्साइट लदे ट्रकों को रोका घाघरा-नेतरहाट-रांची मुख्य मार्ग पर किया सड़क जाम, मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी गुमला। हिंडालको कंपनी के कथित रवैये और खनन प्रभावित गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के विरोध में सोमवार को दर्जनों गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने करीब 11 बजे घाघरा-नेतरहाट-रांची मुख्य मार्ग पर इटकीरी और देवाकी गांव के बीच सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने बॉक्साइट लदे ट्रकों का आवागमन रोक दिया, जबकि आम लोगों के लिए सड़क खुली रखी गई। ग्रामीणों ने हिंडालको कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि खनिज क्षेत्र से निकाला जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने इटकीरी से सेरेंगदाग तक जर्जर सड़क का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं और बारिश में पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार खराब सड़क के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में खनन होने के बावजूद प्रभावित गांवों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं, ग्रामीणों ने कुंजाम पाट क्षेत्र में कई भूमि रैयत मजदूरों को जमीन में बॉक्साइट खत्म होने का हवाला देकर नोटिस दिए जाने और काम से हटाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रभावित मजदूरों के हित में कंपनी से ठोस पहल की मांग की। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस पहल होने तक धरना जारी रहेगा। इसके लिए सड़क किनारे टेंट लगाकर आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है。 सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। मौके पर सेरेंगदाग, तूइमु, चिरोपाट, नींदी, बढ़ाकेचकी, जालिम, पेरवापाट, पइनपाट, शहीद समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण मौजूद थे।
0
0
Report

धनबाद में प्रेम विवाह नाराजगी पर नाबालिग हत्या: चार गिरफ्तार

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. डांगी पहाड़ी जंगल के तलहटी के पास सिर कटा शव मिलने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, प्रेम विवाह से नाराजगी के चलते हत्या की साजिश रची गई थी. 11 सितंबर को पुलिस को डांगी पहाड़ी जंगल के तलहटी के पास एक लड़की का शव पड़े होने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की का धड़ बरामद किया, जबकि कुछ दूरी पर एक बोरे में उसका सिर मिला. जांच के बाद शव की पहचान गिरिडीह के बेगाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरपुर निवासी संदीप रवानी की बेटी के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार, लड़की 9 सितंबर से लापता थी. वही मामले में जय राम रवानी, किशोर महतो, आलमनी देवी और राम प्रसाद रजवार को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस के अनुसार, मृतका ने संतोष रवानी के पुत्र कुष रवानी से प्रेम विवाह किया था, जिससे परिवार में नाराजगी थी. इसी नाराजगी के चलते हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप है. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल धारदार छुरा, मृतका की चप्पल और पूजा सामग्री बरामद की है. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और पूरे मामले की साजिश व अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है.
0
0
Report

वैशाली में 32 किलो गांजा बरामद, तस्कर गिरफ्तर—क्राइम मीटिंग के बाद कार्रवाई तेज

Hajipur, Bihar:वैशाली में गांजा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।एसएसपी शुभांक मिश्रा की क्राइम मीटिंग के महज दो दिन बाद भगवानपुर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 32 किलो गांजा बरामद किया है।पुलिस ने मौके से दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगाल रही है।हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर भगवानपुर अड्डा के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।पुलिस को गांजे की बड़ी खेप ले जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसएसपी शुभांक मिश्रा के निर्देश पर टीम का गठन किया गया।इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और संदिग्धों को दबोच लिया।तलाशी के दौरान 32 किलो गांजा बरामद हुआ।मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की खेप कहां से आई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था पुलिस अब इसकी जांच कर रही है।खास बात ये है कि दो दिन पहले ही एसएसपी शुभांक मिश्रा ने जिले के सभी थानाध्यक्षों के साथ क्राइम मीटिंग की थी।क्राइम मीटिंग के बाद पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती दिख रही है।अब भगवानपुर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
0
0
Report
Advertisement

युगांडा की उपराष्ट्रपति का ताजमहल दौरा आगरा में आकर्षण का केंद्र

Agra, Uttar Pradesh:आगरा में आज विदेशी मेहमान का खास अंदाज़ में स्वागत हुआ। उपराष्ट्रपति ने विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार किया। इस दौरान उन्होंने ताजमहल की बेमिसाल स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखा। आगरा के अधिकारियों ने माननीय अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया। भ्रमण के दौरान सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। ताजमहल की खूबसूरती और इतिहास ने युगांडा की उपराष्ट्रपति को खासा प्रभावित किया। विदेशी मेहमान के स्वागत के दौरान आगरा में अतिथि देवो भवः की परंपरा भी नजर आई। युगांडा की उपराष्ट्रपति का ताजमहल दौरा शहर में आकर्षण का केंद्र बना रहा।
0
0
Report

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: असम के गैर‑मान्यता प्राप्त शिक्षकों की नौकरी खतरे में

Guwahati, Assam:“करो या मरो” के संकल्प के साथ शिक्षक समाज मैदान में उतरा.. गुवाहाटी में गैर-प्रांतीयकृत तथा सरकार के अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों के विभिन्न संगठनों की विशेष संयुक्त बैठक... असम सरकार के मदद से चलने वाले स्कूल के शिक्षকদের पर आया सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला इन विद्यालय के शिक्षक पिछले 30 सालों से छात्र-छात्राओं को मुफ्त में पढ़ते आ रहे हैं सरकार के ऊपर आस लगाए की कभी ना कभी उनका नौकरी परमानेंट होगा स्कूल भी संपूर्ण सरकारी होगा इसी आस में उनका सारा जीवन शिक्षा देते ही गुजर गया. परंतु अभी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि उन शिक्षक को योग्यता नहीं है शिक्षा देने की और उन स्कूलों और शिक्षकों को जल्द से जल्द हटाया जाए. इसी बात पर हम नौगांव के एक विद्यालय के प्रधान शिक्षक तथा शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष बहारूल इस्लाम से खास बातचीत की बहारूल इस्लाम ने हमें जानकारी दी
0
0
Report

खुद को पुलिस बताकर बुजुर्ग से सोने की अंगूठी ठगी, CCTV में बदमाश कैद

Darbhanga, Bihar:खुद को पुलिस बताकर बुजुर्ग से ठगी, सोने की अंगूठी लेकर फरार, रहमगंज रामजानकी मंदिर के पास बाइक सवार चार बदमाशों ने बनाया शिकार, नकली चेन थमाकर ले गए सोने की अंगूठी; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात दरभंगा लहेरियासराय थाना क्षेत्र के रहमगंज स्थित रामजानकी मंदिर के पास रविवार को बाइक सवार चार बदमाशों ने एक बुजुर्ग को झांसा देकर उनकी सोने की अंगूठी ठग ली. बदमाशों ने खुद को पुलिस वाला बताकर बुजुर्ग को विश्वास में लिया और सोने की अंगूठी पहनकर घूमने पर सवाल उठाया. इसके बाद अंगूठी उतारकर कागज में रखने की बात कहकर शातिर तरीके से जेवरात लेकर फरार हो गए. रहमगंज निवासी 72 वर्षीय लक्ष्मी नारायण साह ने लहेरियासराय थाना में आवेदन देकर घटना की शिकायत की है. उन्होंने बताया कि वह सड़क किनारे से जा रहे थे. इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया. कुछ देर बाद उन्होंने दूसरी बाइक पर सवार दो अन्य युवकों को भी वहां बुला लिया. चारों युवकों ने बुजुर्ग से बातचीत शुरू की. एक ने उनका पैर छूकर प्रणाम किया, जबकि दूसरे ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया. इसके बाद बदमाशों ने उन्हें विश्वास में लेते हुए कहा कि आजकल समय ठीक नहीं चल रहा है और सोने की अंगूठी पहनकर घूमना ठीक नहीं है. उन्होंने अंगूठी उतारकर कागज में रखने की सलाह दी. उनकी बातों में आकर बुजुर्ग ने अपनी सोने की अंगूठी उतार दी. इसी दौरान बदमाशों ने कागज में लपेटकर नकली चेन उन्हें थमा दी और असली सोने की अंगूठी लेकर सभी बाइक से फरार हो गए. कुछ दूर जाने के बाद बुजुर्ग ने कागज खोलकर देखा तो उसमें सोने की अंगूठी की जगह नकली चेन थी. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ. घटना की पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है. SDPO शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है. जल्द ही घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा. बाइट 1 लक्ष्मी नारायण साह ठगी के शिकार बुजुर्ग 2 शुभेंद्र कुमार सुमन SDPO
0
0
Report
Advertisement

आबूरोड माधव विश्वविद्यालय में गणेश महोत्सव श्रद्धा-उल्लास के साथ मनाया गया

Sirohi, Rajasthan:एंकर - आबूरोड माधव विश्वविद्यालय में प्रो. चेयरपर्सन डॉ. भारती देसाई के मार्गदर्शन में टीवीटीसीसी की ओर से गणेश महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। ढोल-नगाड़ों के बीच गणपति बप्पा की प्रतिमा को शोभायात्रा के रूप में परिसर में लाया गया और विधि-विधान से पंडाल में विराजमान किया गया। पूजा-अर्चना एवं आरती में विश्वविद्यालय के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) राज कुमार, प्रो. चेयरपर्सन डॉ. भारती देसाई, प्रो. प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) सुशील भार्गव, रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत सहित पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।
0
0
Report

सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस का दबदबा, भाजपा का सूपड़ा साफ

Sirohi, Rajasthan:सिरोही में फिर चला कांग्रेस का जादू, भाजपा का सूपड़ा साफ होने से बचा 35 वार्डों के नतीजों में कांग्रेस 23 पर काबिज, भाजपा 10 पर सिमटी; 2 वार्डों में निर्दलीयों की बाजी — बहुमत के साथ कांग्रेस का फिर बनेगा बोर्ड सिरोही नगर परिषद के चुनावी रण में एक बार फिर कांग्रेस ने अपना दबदबा कायम रखते हुए भाजपा को करारी शिकस्त दी है। 35 वार्डों के घोषित परिणामों में कांग्रेस ने 23 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा महज 10 वार्डों तक सिमट गई। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया। परिणामों के साथ ही नगर परिषद में एक बार फिर कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय हो गया है। जीत के बाद कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद एक बस में सवार होकर निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे। पार्षदों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में बॉडीगार्ड और बाउंसर भी नजर आए, जिसे लेकर लोगों के बीच भी चर्चा रही। निर्वाचन स्थल पर पहुंचते ही कांग्रेस समर्थकों ने विजयी पार्षदों का माला पहनाकर स्वागत किया। जीत की खुशी पार्षदों और समर्थकों के चेहरों पर साफ नजर आई। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर पार्षदों ने शपथ ली और अपने प्रमाण-पत्र प्राप्त किए। इसके बाद सभी पार्षद बस से आगे की रणनीति के लिए रवाना हो गए। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने चुनाव परिणामों को जनता का स्पष्ट जनादेश बताते हुए कहा कि जिले में हो रहे अनैतिक कार्यों, अवैध गतिविधियों, बजरी माफिया और शराब तस्करी जैसे मामलों को लेकर जनता में आक्रोश था। उन्होंने कहा कि रामझरोखा की जमीन के पट्टे काटे जाने को लेकर भी लोगों में नाराजगी थी, जिसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया। सिरोही के चुनाव परिणामों ने जहां कांग्रेस को सत्ता की चाबी सौंप दी है, वहीं भाजपा के सामने अब संगठन को मजबूत करने, टिकट वितरण की समीक्षा करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। फिलहाल परिणामों ने एक बात साफ कर दी है—सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस का राजनीतिक दबदबा बरकरार है।
0
0
Report

जाजोद में 20 वर्षीय युवती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

Sikar, Rajasthan:लोकेशन श्रीमाधोपुर सीकर फांसी का फंदा लगाकर युवती ने की आत्महत्या, 20 वर्षीय युवती ने घर के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान बुलकेश, निवासी जयरामपुरा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर जाजोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। थानाधिकारी गिरधारीलाल डिगवाल ने बताया कि बुलकेश ने घर के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की। घटना के समय मृतका के पिता जयपुर में मजदूरी करने गए हुए थे, जबकि मां गांव में खेत में मजदूरी करने गई थी। घर में मृतका का 10 वर्षीय छोटा भाई भी है। परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top