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केदारनाथ दिल्ली धाम मंदिर का बदला नाम, खत्म हुआ विवाद
New Delhi, Delhi:दिल्ली में केदारनाथ दिल्ली धाम ट्रस्ट के नाम से बुराड़ी इलाके में एक भव्य मंदिर के निर्माण का भूमि पूजन 10 तारीख को संपन्न हुआ जिसके बाद से ही यह मंदिर विवादों में घिरा हुआ था। उत्तराखंड केदारनाथ धाम के पुजारी और शंकराचार्य सहित कई लोगों ने मंदिर के नाम पर विरोध जताया इसको लेकर उत्तराखंड में प्रदर्शन भी हुआ। इसके बाद अब इस विवाद को खत्म करने के लिए दिल्ली में बन रहे मंदिर के फाउंडर सुरेंद्र सिंह रौतेला ने मंदिर के नाम से धाम हटाकर इसे श्री केदारनाथ मंदिर नाम कर दिया है।
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मुरादाबाद रेलवे में बड़ा मॉक ड्रिल, बचाव टीमों की तैयारी दिखी
Moradabad, Uttar Pradesh:रेल हादसों मे बचाव कार्यों कों लेकर मुरादाबाद मे रेलवे का बड़ा मॉक ड्रिल, रेल हादसे का सीन क्रिएट कर मोकड्रिल मे किया गया राहत बचाव कार्य, NDRF की टीमों ने कटर से रेल की बोगी कों काटकर घायलों कों निकाला फिर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने किया ईलाज, NDRF, रेलवे पुलिस एवं कर्मचारियों की टीमें, एवं सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से की मोकड्रिल, मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के यार्ड मे किया गया मोकड्रिल, मुरादाबाद रेलवे की DRM विनीता श्रीवास्तव बोलीं पुरे मुरादाबाद रेलवे मंडल के अधिकारीयों ने लिया मोकड्रिल मे भाग, तो वहीँ लोगो से की आपात स्थिति मे संयम बरतने एवं समय से पुलिस कों सूचना देने की अपील, Zee मीडिया ने जब मौके पर मौजूद NDRF के डिप्टी कमांडेंट ऑफिसर कुणाल से बातचीत की तो उन्होंने किस तरह से लोगो कों बचाने मे NDRF का कार्य रहता है उसकी दी जानकारी, बाइट :- विनीता श्रीवास्तव, DRM मुरादाबाद रेल मंडल.0
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झारखंड हाईकोर्ट ने HEC बाईपास अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगाई
Ranchi, Jharkhand:रांची के HEC बाईपास रोड पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासन को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी और अतिक्रमण हटाने गई टीम को जेसीबी मशीनों के साथ वापस लौटना पड़ा है। गौरतलब है कि HEC बाईपास रोड के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण को लेकर सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने टीम का भारी विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी…इसी बीच झारखंड हाई कोर्ट की ओर से इस अभियान पर रोक लगाने का आदेश आ गया। ऐसे में झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ और क्या कुछ निर्देश दिए गए ये अधिवक्ता अविनाश ने बताया0
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फर्रुकाबाद में नीम करौरी बाबा की फिल्म हनुमान अंश ने मचा दी भीड़
Noida, Uttar Pradesh:नीम करौरी बाबा से फर्रुखाबाद का गहरा जुड़ाव माना जाता है। बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाती फिल्म को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। फिल्म देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और स्क्रीनिंग के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने फिल्म को रुचि के साथ देखा। मोहल्ले में हुई फिल्म की स्क्रीनिंग लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही और बाबा के जीवन से जुड़े प्रसंगों को पर्दे पर देखने को लेकर लोगों में विशेष उत्साह नजर आया।0
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भारत में चीता कुनबा 56 हुआ: KGP12 ने 4 शावकों को जन्म दिया
Bhopal, Madhya Pradesh:56 हुआ भारत में चीतों का कुनबा - कूनो में गूंजी चीतों की नई किलकारी - - भारत में जन्मी मादा KGP12 ने 4 शावकों को दिया जन्म, - 52 से बढ़कर 56 हुआ भारत का चीता कुनबा... - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना यात्रा में मध्यप्रदेश ने रचा नया अध्याय... - कूनो में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने दिए 4 शावकों को जन्म... - प्रोजेक्ट चीता के लिए ऐतिहासिक और हर्ष का क्षण- मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 18 सितंबर को चार नन्हे शावकों को जन्म दिया। - चार नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। - चार वर्ष-चार नई जिंदगियां। प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में यह उपलब्धि भारत में चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन की सफलता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना की ऐतिहासिक यात्रा अब एक नए मुकाम पर पहुंच गई है।0
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भाजपा पाड़ादाह मंडल में नाराजगी, छह बूथ के अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारी इस्तीफा
Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। डोंगरगढ़ के बाद अब भाजपा के पाड़ादाह मंडल में भी संगठनात्मक नाराजगी सामने आई है। मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा पर कथित मनमानी और कार्यकर्ताओं से पक्षपात के आरोप लगाते हुए छह बूथ अध्यक्षों समेत 11 पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। नाराज पदाधिकारी गुरुवार को रायपुर पहुंचे और प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडे को इस्तीफा सौंपा। बताया गया कि मारकंडे ने करीब एक घंटे तक पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फैसला वापस लेने से इनकार कर दिया। इस्तीफा देने वालों ने आरोप लगाया कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रखा गया और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई। वनांचल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ कथित भेदभाव को भी नाराजगी की वजह बताया गया। नई सेवा सहकारी समितियों में अध्यक्ष चयन को लेकर भी असंतोष की चर्चा है। हालांकि मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा ने इस्तीफों की जानकारी से अनभिज्ञता जताई, जबकि जिलाध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू ने कहा कि जानकारी मिलने पर बैठकर चर्चा की जाएगी।0
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जयपुर महापौर मुकाबला: 78 पार्षद के बावजूद चेहरा चुनना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती
Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में पार्षदों का चुनाव खत्म हुआ...अब शुरू हुई पार्षदों को साधने की परीक्षा। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं...बहुमत के लिए चाहिए 76, यानी कुर्सी सुरक्षित दिखती है लेकिन कुशन सिर्फ दो वोट का है। उधर कांग्रेस 57 और निर्दलीय 15 मिलाकर आंकड़ा 72 तक पहुंचता है। यही नंबर गेम भाजपा को 2019 की याद भी दिला रहा है...जब 63 पार्षद होते हुए भी उसका मेयर प्रत्याशी एक वोट से हार गया था। इस बार दावेदार आधा दर्जन से ज्यादा हैं...कोई दिल्ली तक पैरवी में जुटा है तो कोई संगठन और संघ के दरवाजे पर। ब्राह्मण, अग्रवाल और राजपूत संगठनों ने भी प्रतिनिधित्व की मांग रख दी है। यानी मेयर की कुर्सी एक है...दावेदार कई हैं और भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ मेयर चुनने की नहीं, ऐसा मेयर चुनने की है जिसके नाम पर उसके 78 वोट भी एक रहें। जयपुर नगर निगम में भाजपा ने बहुमत तो हासिल कर लिया, लेकिन महापौर की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता उतना आरामदायक नहीं है, जितना 78 सीटों का आंकड़ा पहली नजर में दिखाता है। वजह है बहुमत से सिर्फ 2 सीट ज्यादा और सात साल पुरानी एक वोट की हार। 150 पार्षदों वाले निगम में महापौर के लिए बहुमत का आंकड़ा 76 है। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीय 15 हैं। कांग्रेस और सभी निर्दलीयों का संख्या बल जोड़ दें तो आंकड़ा 72 होता है। यानी दोनों तरफ के आंकड़ों के बीच फासला सिर्फ 6 पार्षदों का है। इसी छोटे से अंतर ने महापौर प्रत्याशी के चयन को भाजपा के लिए केवल ‘चेहरा चुनने’ का मामला नहीं रहने दिया है। अब पार्टी को ऐसा चेहरा भी तलाशना है, जिसके नाम पर अपने पार्षदों में नाराजगी न हो और वोटिंग के वक्त 2019 जैसी सेंध न लगे। भाजपा के सामने सबसे बड़ा सबक 2019 का महापौर उपचुनाव है। तब 90 सदस्यीय बोर्ड में भाजपा के पास 63 पार्षद थे। कांग्रेस के सिर्फ 18 और निर्दलीय 9 थे। यानी भाजपा संख्या के लिहाज से बेहद मजबूत थी। इसके बावजूद बागी विष्णु लाटा ने भाजपा प्रत्याशी मनोज भारद्वाज को एक वोट से हरा दिया था। लाटा को 45 और भारद्वाज को 44 वोट मिले थे, एक वोट निरस्त हुआ था। भाजपा अपने पार्षदों को रिसॉर्ट में रखने के बावजूद क्रॉस वोटिंग नहीं रोक पाई थी। यही वजह है कि इस बार पार्टी सिर्फ 78 का आंकड़ा देखकर निश्चिंत नहीं है। वरिष्ठ नेताओं की पार्षदों के बीच आवाजाही बढ़ गई है और संगठन के साथ खड़े रहने का संदेश दिया जा रहा है। जयपुर नगर निगम महापौर की दौड़ में नाम लगातार बढ़ रहे हैं। सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावट, शैलेन्द्र भार्गव, सुभाष सिंगी, विमल अग्रवाल और भवानी सिंह राजावत के बाद अब अनुराधा माहेश्वरी और विजय अग्रवाल के नाम भी चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक एक नए चेहरे को आगे बढ़ाने के लिए दो केंद्रीय मंत्रियों के स्तर पर सक्रियता की चर्चा है, इनमें एक राजस्थान से बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी ने किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। ऐसे में प्रत्याशी मौजूदा दावेदारों में से होगा या पार्टी कोई नया नाम निकालकर चौंकाएगी, इस पर नजर है। दावेदारों की लॉबिंग के बीच महापौर की कुर्सी अब सामाजिक समीकरण का केंद्र भी बन गई है। ब्राह्मण, अग्रवाल और राजपूत संगठनों ने भाजपा नेतृत्व के सामने प्रतिनिधित्व की मांग रखी है। ब्राह्मण संगठनों ने बैठक कर समाज को अवसर देने की मांग की है। विप्र फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल भी भाजपा नेतृत्व से मिला। अग्रवाल समाज के संगठनों نے अग्रवाल चेहरे को मौका देने की मांग उठाई है। राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने भी पार्टी नेतृत्व کو ज्ञापन दिया है। ऐसे में महापौर का चेहरा जिस सामाजिक वर्ग से होगा, उपमहापौर का समीकरण उससे अलग वर्ग को साधते हुए तय होने की चर्चा है। भाजपा अपने 78 पार्षदों की किलेबंदी के साथ निर्दलीयों पर भी नजर बनाए हुए है। पार्टी का दावा है कि करीब 50% निर्दलीय उसके संपर्क में हैं। निर्दलीय पार्षदों के भाजपा से जुड़ने को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बहरहाल, जयपुर नगर निगम में री-पोल के बाद चार वार्ड कांग्रेस के जीतने से उसका आंकड़ा 53 से बढ़कर 57 हो गया। भाजपा 78 पर कायम है। सीटों की लड़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन महापौर चुनाव में कहानी केवल सीटों से तय नहीं होगी। 2019 बता चुका है कि निगम की राजनीति में बोर्ड का बहुमत और बैलेट बॉक्स का बहुमत हमेशा एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं। इसलिए इस बार भाजपा के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मेयर कौन बनेगा, उससे पहले सवाल यह है 78 में से 78 को एक नाम पर कौन साथ रख पाएगा?0
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ममता बनर्जी की टीएमसी के दो गुट, नए नाम और चुनाव चिह्न तय
Noida, Uttar Pradesh:ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चुनाव चिह्न दिया गया है, ताकि उसे पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का दर्जा मिल सके। अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफ़ाफ़ा' का चुनाव चिह्न दिया गया है。0
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डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति चुनाव: भाजपा की सुशीला गुप्ता आगे, कांग्रेस के भरत नागदा चुनौती
Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच भाजपा ने राहत की सांस ली है। सभापति पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार एवं भाजपा पार्षद प्रभु पंड्या ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापसी के बाद अब सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच सीधा मुकाबला रह गया है। नामांकन वापसी के बाद नगरपरिषद में भाजपा का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी नजर आ रहा है। नगरपरिषद के कुल 40 पार्षदों में भाजपा के 24 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 12, बीएपी के 3 और 1 पार्षद निर्दलीय है, जो भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे थे। भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण सभापति पद पर पार्टी प्रत्याशी सुशीला गुप्ता की जीत की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए मुकाबले में हैं। प्रभु पंड्या के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा के सामने मौजूद एक प्रमुख चुनौती भी फिलहाल खत्म हो गई है। अब सभापति चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। इधर नामांकन वापस लेने के बाद प्रभु पंड्या ने बताया की पार्टी के निर्देश पर सभापति पद के लिए नामांकन भरा था लेकिन सिम्बल नहीं मिलने पर पार्टी के ही निर्देश पर नामांकन वापस लिया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के सच्चे सिपाही है और डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा का सभापति बनेगा.0
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ZERO टॉलरेंस सरकार: अरुण साव कहे, गड़बड़ पर होगी कार्रवाई
Begun, Rajasthan:रायपुर GST विभागीय परीक्षा रद्द होने पर डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा बयान बोले- “विष्णु का सुशासन है, जहां गड़बड़ी मिलेगी, कार्रवाई होगी” युवाओं और लोगों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं जीरो टॉलरेंस की सरकार है, इसका नतीजा दिख रहा है कांग्रेस पर युवाओं के साथ अन्याय और किसानों से धोखे का आरोप कांग्रेस सरकार में राज्य के खजाने को लूटने का भी लगाया आरोप बोले- कांग्रेस के कुकर्म अब निकल-निकलकर बाहर आ रहे हैं बाइट- अरुण साव, डिप्टी सीएम0
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नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर पलटवार, नार्को टेस्ट और अदालत में जवाब मांग
Patna, Bihar:JDU MLC नीरज कुमार ने कहा कि बहुत लोग हमारे ऊपर आरोप लगा रहे है। अरे हम तो अपराधियों के लिए कहर है। गंगा में घुस कर भी कोई कहेगा तो लोग नहीं मानेंगे। अपने अनंत सिंह के आवास पर AK 47 रखवाया। इसकेको लेकर उन्होंने कहा कि अगर उनके पास प्रमाण है तो जाइए कोर्ट इसमें कहा कोई दिक्कत है। अनर्गल आरोप लगाते है, चरित्र हनन केते है। नार्को टेस्ट करवाने की बात कह रहे है। नीरज कुमार ने कहा कि इसके लिए जाइए कोर्ट, हिम्मत है तो आवेदन दीजिए। खबरदार, जीवन में मै आरोप नहीं झेला हूं। मेरा जीवन पारदर्शी है, मैने अपने जीवन में ऐसे घिनौने काम नहीं किए है। क्या आप MLC चुनाव लड़ेंगे। पार्टी तय करेगी। अनंत सिंह ने कहा पूरी ताकत लगाएंगे आपको हराने के लिए। अरे हम अपने कार्यकर्ता के बल पर जीतेंगे। मेरे पास धनबल और बाहुबल थोड़ी न है। हम नीतीश कुमार के साथ बचपना से रहे है। कितने लोग पार्टी बदलते रहे। हम कही नहीं गए। चरित्र हनन बरदास्त नहीं करेंगे। अनंत सिंह को नीरज कुमार ने महा अज्ञानी बताया। नार्को टेस्ट करवाने का अधिकार कोर्ट को है न, आप आवेदन दीजिए। ऐसे ही थोड़ी ने किसी का नार्को टेस्ट करवाया जाता है। समाज के लिए आप कोई रोल मॉडल नहीं है, आपको समाज जनता है। जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के द्वारा अपने ही पार्टी के MLC नीरज कुमार का जमकर विधान परिषद चुनाव में विरोध करने और जमानत जप्त कराए जाने के बयान पर नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सामने आ गई है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के निर्देशन और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के दिशा-निर्देश में पहली बार विधानमंडल के साथियों का प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बिहार की वित्तीय स्थिति, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी, गरीबी कम करने और सामाजिक कल्याण की योजनाओं से जुड़े डेटा पर विस्तार से चर्चा हुई। विधायकों ने सुझाव दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ किस सामाजिक वर्ग, युवा, महिला और जरूरतमंद तबके को कितना मिला है, इसका डेटा-बेस्ड दस्तावेज तैयार किया जाए। पार्टी ने इस पर गंभीरता से काम करने की बात कही है। निशांत कुमार का संबोधन भी लोगों के दिल को छू गया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जो काम किया है, वह सिर्फ विकास का काम नहीं, बल्कि समाज के बदलाव की पटकथा है। न्याय के साथ विकास नीतीश कुमार का मॉडल है। जहां तक उम्मीदवारी का सवाल है, अभी कोई नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। जब नोटिफिकेशन होगा, तब जनता दल यूनाइटेड तय करेगा कि किसे उम्मीदवार बनाना है। मेरी उम्मीदवारी से कौन असंतुष्ट है, यह उनका विषय है। मैंने अपने जीवन में किसी के साथ अन्याय या असंतोष पैदा करने वाला काम नहीं किया। और जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके लिए सक्षम न्यायालय है। अगर किसी के पास आरोपों से जुड़े तथ्य हैं तो वह न्यायालय में आवेदन दे। नार्को टेस्ट, मोबाइल की डिजिटल जांच या किसी भी तरह की जांच की मांग है तो सक्षम न्यायालय में जाएं। जांच से हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम न सर झुकाकर जिए हैं और न सर झुकाकर जिएंगे। आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, अगर किसी के पास सबूत हैं तो कानून के मुताबिक उचित मंच पर जाएं। नीरज कुमार कहां अनंत सिंह पर वकील से राय लेकर मुकदमा करूंगा हमें वकील बाहर से खोजने की कोई आवश्यकता नहीं है हमें वकील यही मिल जाएगा।0
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सांगोद-कोटा मार्ग पर भीषण हादसा: शराबी बाइक सवार ने मारी टक्कर, पिता-बेटी की मौत
Kota, Rajasthan:सांगोद-कोटा मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: नशे में धुत बाइक सवार ने मारी टक्कर, पिता और 5 वर्षीय पुत्री की मौके पर मौत जनाजे से लौट रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; पत्नी गंभीर रूप से घायल, गोद में बैठी 2 साल की मासूम चमत्कारिक रूप से सुरक्षित सांगोद। सांगोद-कोटा मार्ग पर मालबावड़ी के पास शुक्रवार सुबह करीब 11:20 बजे हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में पिता और उनकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। करवाड़ निवासी सोहेल खान (30) मोड़क में रिश्तेदार के जनाजे में शामिल होकर अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। तभी सांगोद से घानाहेड़ा की ओर जा रहे बाइक सवार श्यामबिहारी ने अत्यधिक शराब के नशे में, तेज रफ्तार और गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आकर सोहेल की बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोहेल खान और उनकी 5 वर्षीय बेटी अलीजा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सोहेल की पत्नी के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनकी गोद में मौजूद 2 वर्षीय बच्ची चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गई। घटना के तुरंत बाद आरोपी का साथी मौके से फरार हो गया। राहगीरों की मदद से सभी हताहतों को सांगोद उप-जिला अस्पताल ले जाया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल आरोपी श्यामबिहारी को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।0
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अकाल और कर्ज के तनाव से किसान की मौत, अनूपगढ़ खेतों में फसल चौपट
Sri Ganganagar, Rajasthan:अनूपगढ़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई पानी नहीं मिलने और बरसात नहीं होने के कारण किसानों की फसले चौपट हो रही है। फसले चौपट होने के कारण किसान टेंशन में है। इसी टेंशन के चलते गाँव नाहरावाली में रहने वाले 60 वर्षीय भादर सिंह को खेत में हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर एएसआई यशपाल सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्म करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। एएसआई यशपाल सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे बलजिंदर सिंह की और से मर्ग दर्ज करवाई गई है कि खेत में फसल चौपट होने के कारण उसके पिताजी बैंक का कर्ज़ जमा नहीं करवा पा रहे थे। इसी के कारण वह पिछले 1 महीने से काफी टेंशन में चल रहे थे जिस कारण से उन्हें हार्ट अटैक आ गया है और उनकी मौत हो गई है। बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास 8 बीघा का कृषि भूमि है और उस पर 3 लाख रुपये की केसीसी ले रखी है। पुलिस ने शव का करवाया पोस्टमार्टम। एएसआई यशपाल सिंह ने बताया कि आज शुक्रवार सुबह 6 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि गांव नाहरावाली के खेत में भादर सिंह अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि जब वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो भादर सिंह मौके पर मृत मिला। पुलिस ने भादर सिंह के शव को कब्जे में लेकर अनूपगढ़ के सरकारी जिला अस्पताल ले जाया गया जहां शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। कर्ज नही चुका पाने की थी टेंशन। मृतक के बेटे बलजिंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने पिता भादर सिंह (60) के साथ खेती करता है और उनके पास 8 बीघा कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उसके पिता कैलाश मीणा की कृषि भूमि पर पांचवे हिस्से पर काश्त करते थे। बलजिंद्र सिंह ने बताया कि इस साल अकाल की स्तिथि होने के कारण उनके खेत मे खड़ी मूंग की फसल 80 प्रतिशत तक खराब हो गई। फसल खराब होने के कारण बैंक से 3 लाख रुपये की केसीसी ली हुई भी जमा नही करवा पा रहे थे। इसी के कारण उसके पिता काफी टेंशन में रहते थे। भादर सिंह ग्रामीणों से भी कहा करते थे कि फसल खराब होने के कारण वह कर्ज भी नही चुका पाएंगे। इसी टेंशन के चलते उनकी मौत हो गई है। आज सुबह मिला शव। भादर सिंह के भाई प्रेम सिंह ने बताया कि कल गुरुवार शाम करीब 5 बजे उनका भाई भादर सिंह फसल कटाई के लिए खेत गए थे। रात होने पर जब वापस नहीं आए तो उन्हें काफी जगह तलाश किया गया मगर भादर सिंह कहीं भी नहीं मिला। प्रेम सिंह ने बताया कि आज सुबह जब भादर सिंह के बेटे बलजिंदर सिंह के साथ भादर सिंह की तलाश कर रहे थे तो भादर सिंह अचेत अवस्था में खेत में पड़ा हुआ मिला जिसकी सूचना अनूपगढ़ पुलिस थाने में दी गई。0
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हरियाणा में अवैध हथियारों से बदतर कानून-व्यवस्था, विपक्ष तीखा हमला
Karnal, Haryana:करनाल। कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंची कुमारी शैलजा ने कहा हरियाणा में अवैध हथियार बड़ी संख्या में आ रहे हैं, कानून व्यवस्था खराब हालात में है रोजाना मर्डर और फिरौती की घटनाएं हो रही है। सिंगर्स टारगेट किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार की नीति जनविरोधी पहले नोटबंदी और अब यूपीआई पर टैक्स लगाकर आमजन की जेब का पैसा अमेरिकी कंपनियों को देने का काम केंद्र सरकार कर रही है0
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भोपाल हाईकोर्ट का राज्यपाल पद पर अहम फैसला: नया नियुक्त करने की याचिका खारिज
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल हाईकोर्ट का राज्यपाल का पद को लेकर अहम फैसला नया राज्यपाल नियुक्त करने की जनहित याचिका खारिज हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 156(3) का दिया हवाला भाजपा प्रवक्ता योगेश गुप्ता ने कहा कि राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है..... और जब तक दूसरे राज्यपाल नहीं आ जाते तब तक राज्यपाल कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में काम कर सकते हैं कांग्रेस केवल इस पर राजनीति कर रही है..... कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने कहा राज्यपाल को महामहिम भी कहा जाता है तो ऐसे में जल्द ही इसको लेकर राष्ट्रपति को बताना चाहिए कि उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है या फिर वही राज्यपाल बने रहेंगे इस पर पीएमओ को भी संज्ञान लेना चाहिए0
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रायपुर ब्रेकिंग: सुखदेव भगत ने BJP पर हमला, बदलाव की मांग तेज
Begun, Rajasthan:रायपुर ब्रेकिंग छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत का BJP पर हमला सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा पर साधा निशाना छत्तीसगढ़ में भाजपा का किला अभी से ढहना शुरू हो गया है बैलून की तरह फूली BJP की हवा धीरे-धीरे निकल रही है भाजपा की जनविरोधी नीतियों से लोगों के त्रस्त होने का दावा सुखदेव भगत बोले- लोग बदलाव चाहते हैं0
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