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झारखंड के छात्रों का धांधली के विरोध में बड़ा आंदोलन, भाजपा-जेएमएम के आरोप-प्रत्यारोप

Ranchi, Jharkhand:परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ झारखंड में रिफॉर्म मंच के बैनर तले सैकड़ों छात्र आंदोलनरत हैं। पहले अनिश्चितकालीन सत्याग्रह फिर सरकार के खिलाफ छात्रों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। पुतला दहन के कार्यक्रम के दौरान कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की तो भारतीय जनता पार्टी छात्रों के समर्थन में आ गई। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजय शाह ने पूरे मामले पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने पहले छात्रों के नौकरी को छीना और उसके बाद जब छात्र अपना हक लेने के लिए सड़क पर उतरे तो उनको पुलिस के द्वारा पीटा गया और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता और गुंडो के द्वारा भी पिटाई की गई इतना ही नहीं उन पर फर्जी मुकदमें डाले गए और जब छात्र अपना केस लेने थाने पहुंचे तो उनका केस लेने से मना कर दिया गया। इसी मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष और अन्य भारतीय जनता पार्टी के नेता थाने पहुंचे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के eight कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि हम छात्रों के साथ सड़क से लेकर सदन तक तो हैं कानून की अदालत और जनता की अदालत में भी साथ रहेंगे。 भारतीय जनता पार्टी के बयानों पर पलटवार करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने करारा जवाब दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह आरोप है कि झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की जमीन पूरी तरीके से खिसक गई है , उनके सभी नेता एक फ्यूज बल्ब हो चुके हैं और वह छात्रों के कंधे पर अपनी राजनीतिक बंदूक चलाना चाहते हैं। युवाओं से बीजेपी को मतलब नहीं यह सिर्फ अपनी राजनीति کرنا चाहते हैं। बाबूलाल मरांडी सहित तमाम भाजपा के नेताओं के थाने जाने के मामले पर कांग्रेस ने जंतर मंतर के मुद्दे पर सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि जब जंतर मंतर में छात्रों के साथ जुल्म हो रहा था तो आखिर यह कौन से बिल में छुपे थे। जब देश के गृह मंत्री ने उनके बिल में पानी डालने का काम किया तो यह छटपटा कर बाहर निकल आए। हमारी सरकार छात्रों के हित के साथ हैं और यह उनके साथ-साथ पूरी जनता के सामने एक्सपोज हो चुके हैं।
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NDPS समेत मामले दर्ज: महाराष्ट्र के कल्याण खडकपाडा पुलिस ने तीन इरानी अपराधियों को दबोचा

Kalyan, Maharashtra:कल्याण खडकपाडा पोलिसांची मोठी कारवाई महाराष्ट्रात वॉन्टेड असलेल्या तीन इराणीं गुन्हेगारांना बेड्या दरोडा, फसवणूक, NDPS आणि मोक्का अंतर्गत अनेक गंभीर गुन्हयात होते वॉन्टेड या आरोपींना टिटवाळ्यातील रायागाव परिसरात लपून बसल्याची माहिती मिळाल्यानंतर खडकपाडा पोलिसांच्या गुन्हे प्रकटीकरण पथकाने सापळा रचून ताब्यात घेतले. या कारवाईदरम्यान मोहम्मद उर्फ चिकी फिरोज बेग इराणी आणि गाजी रफिक जाफरी या दोन सराईत आरोपींनाही अटक झाली. या तिघांवर ठाणे, मुंबई, नवी मुंबई, पुणे, नाशिक, सोलापूर आणि बीड जिल्ह्यांमध्ये दरोडा, फसवणूक, चोरी, NDPS आणि मोक्का अंतर्गत अनेक गंभीर गुन्हे दाखल असल्याची माहिती पोलिसांनी दिली.
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FDA ने MCA के चार फूड आउटलेट्स के FSSAI लाइसेंस निलंबित, एक का रजिस्ट्रेशन रद्द

Mumbai, Maharashtra:मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी MCA के क्लब में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर महाराष्ट्र FDA ने बड़ी कार्रवाई की है। MCA देश के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट संस्थानों में से एक है और मुंबई में Cricket से जुड़े खिलाड़ियों से लेकर बड़े-बड़े क्रिकेट सितारों और सदस्यों तक की यहां आवाजाही रहती है। ऐसे में MCA के फ़ूड आउटलेट्स में फ़ूड सेफ्टी को लेकर FDA की कार्रवाई बेहद अहम हो जाती है। महाराष्ट्र FDA ने MCA के चार फ़ूड आउटलेट्स के FSSAI लायसेंस सस्पेंड कर दिए हैं, जबकि एक का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिया गया है। एमसीए की तरफ़ से इस मामले पर फिलहाल कोई बात नहीं कर रहा है लेकिन पाँच रेस्टोरेंट बंद होने से क्लब में आने वाले मेबर्स की मुश्किलें बढ़ गई है।
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शहापुर मुरबाड़ खोपोली मार्ग आठ साल से रुका, महिलाएं खड्डों पर मंगलागौरी जुलूस देंगी

Thane, Maharashtra:शहापूर-मुरबाड-खोपोली महामार्ग 8 वर्षांपासून रखडला... प्रशासनाने दखल न घेतल्याने महिला संतप्त, खड्ड्यांमध्ये बसून मंगळागौर साजरी करणार.. MSRDC अंतर्गत 2018 पासून सुरू असलेला शहापूर-मुरबाड-पाटगाव-खोपोली महामार्ग गेल्या आठ वर्षांपासून रखडला आहे. आंदोलनाचा इशारा देऊनही प्रशासनाने दखल न घेतल्याने महिला संतप्त झाल्या असून आता खड्डेमय महामार्गावरच मंगळागौर साजरी करून निषेध आंदोलन करण्याचा निर्धार त्यांनी केला आहे. शहापूर-मुरबाड-पाटगाव-खोपोली हा महामार्ग हजारो नागरिक, विद्यार्थी, कामगार, शेतकरी आणि व्यापाऱ्यांसाठी जीवनवाहिनी आहे. मात्र 2018 पासून सुरू असलेले काम रखडल्याने रस्त्यावर जीवघेणे खड्डे, धुळीचे साम्राज्य आणि चिखलाचे साम्राज्य पसरले आहे. खड्ड्यांमुळे अपघात वाढले असून अनेकांना जीव गमवावा लागण्याचा आरोप महिलांनी केला आहे. वाहने नुकसान, वाहतूक कोंडी, शाळकरी मुलांना वेळेत न पोहोचणे, तर आजारी, ज्येष्ठ आणि गर्भवती महिलांना रुग्णालयात नेताना होणारा त्रास यामुळे नागरिक त्रस्त आहेत. घरातून बाहेर पडलेला माणूस घरी सुखरूप परतेल की नाही अशी भीती प्रत्येक कुटुंबाला सतावत आहे. यापूर्वी महिलांनी तहसीलदारांना निवेदन देऊन आंदोलनाचा इशारा दिला होता. मात्र कोणतीही ठोस कारवाई न झाल्याने प्रशासनाच्या उदासीनतेचा निषेध म्हणून मंगळवारी 25 ऑगस्टला मंगळागौरीच्या दिवशी याच खड्डेमय रस्त्यावर बसून शांततापूर्ण आंदोलन करण्याचा निर्धार महिलांनी केला आहे.
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फारूक रेंजू शाह के बयान: वीर कॉन्फ्रेंस से सूफी धरोहर खत्म करने की साजिश

Chaka, वीरी कांफ्रेंस पर इस्लामिक सूफी स्कॉलर फारूक रेंजू शाह ने बोला यह एक साज़िश है। ये एक सेल्फी के बुनियाद पे हो रही है। और मैं सिकंदर सेल्फी एक इमाम है, शायद वो भी उस कॉन्फ्रेंस में होंगे, जिसने लाल देद की छातियों के बारे में ऐसे नाज़ेबा अल्फाज़ किए, जो मैं कह नहीं सकता। और हमने फिर उस वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस दे दी। हमने कहा आप क्यों हेट उठा रहे हो? देखिए, हाल ही में एक बिल्कुल इलिटरेट, मैं उसको इलिटरेट ही कहूंगा जो ला इल्म है, जो कह रहा था कश्मीर में ज़बरदस्ती इस्लाम लाया गया, तलवार के ज़ोर पे लाया गया, यहां ब्राह्मणों को मुसलमान ज़बरदस्ती बनाया गया। आप मुझे बताएं मैं देख रहा हूं कि एक सस्टेंड अंदाज में यहां बुलबुल शाह की शाह हमदान की ओर सूफी को खत्म करने की साजिश हो रही है और कश्मीर में एक ऐसे रेडिकल निजाम को जगह देने की कोशिश की जा रही है जो रेडिकल यहां पे आगे भी आग लगा देगा हमने 90 का आग लगना देखा हमने 90 में देखा मस्तगुल ने कैसे हमारा आस्तान जला दिया चरार शरीफ में। यहाँ फ़िक़्ह हंबली है, फ़िक़्ह जाफ़रिया है, हम एक हैं। और ये जो नए ग्रुप्स ये वीर आ रहे हैं, वीर कॉन्फ्रेंस, ये वीर एक नया फ़िक़्ह बन रहा है। इसको आप महरबानी करके इनको बताएं कि आप क्यों इनको ये क्यों इजाज़त दे रहे हो आप ऐसी-ऐसी कॉन्फ्रेंस को? लोगों को इनकॉरपोरेट कर रहे हैं। आप देखें जो मैं कह रहा हूं और बहुत सोच समझ के कह रहा हूं कि इन लोगों को इन वीर कॉन्फ्रेंस के जो भी आप देखेंगे, दाएं में इनको इनकॉरपोरेट कौन कर रहा है? इसको हेलीकॉप्टर किसने दी है हेलीकॉप्टर सर्विस? यहाँ जब जाकिर नाइक आजकल सारी دنیا में बोल रहे हैं जाकिर नाइक जाकिर नाइक। लेकिन आप बताबो लोग में किसने किस गवर्नमेंट ने उसको ऑर्गेनाइज किया था? वहाबीज्म को फैलाने की कोशिश ये वहाबीज्म को जानबूझकर कश्मीर में लाया गया ताकि यहाँ फिंके आपस में लड़ें। यहाँ जाफरी और हनफी आपस में लड़ें। यहाँ शफी और अह अह हनफी अदर वाइज ये जो ये है, ये इमाम शफी को नहीं मानते, किसी इमाम को नहीं मानते। ये पांच में से एक इमाम को नहीं मानते जिनको ये इजाजत दी गई है ऐसी कॉन्फ्रेंस के लिए। पहले वो क्लियर करें। पहले हमारे दरगाह शरीफ में आ जाएं कि मैं सजेशन देता हूँ। इन सबको बोलो। ये जो ये जो कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं कि मेरे दरगाह में आ जाओ और यही कॉन्फ्रेंस मेरे दरगाह में करो और तमाम इमामों की तारीफ करो। शैय हमदान की तारीफ करो, शेख-उल-आलम की तारीफ करो, दसगीर साहब की तारीफ करो और आ जाओ। आ जाओ दरगाह में। Kashmir का जो कल्चर है, इस कल्चर इस भाईचारे को बदलने की कोशिश उसको तब्दील किया गया है, उसको तबाही-बर्बाद कर दिया गया है। कहाँ है वह तसव्वुफ? कहाँ है वह सूफियात? इन्होंने प्रोडक्शन फैक्ट्री में वह मौलाना बनाए। यह शक्मी मौलाना है। यह मुल्ला शक्मी है, शिकम परस्त है। यह अपनी पेट के लिए कश्मीर को तबाह करें और यहाँ का तसव्वुफ ख़तम ख़तम कर रहे हैं। यहाँ के एहतिकाद को तबाही-बर्बाद कर रहे हैं। यह पेड़ है, ये सारे पेड़ है। ये बात मैं जरूर बोलूंगा कि इनको देखो। ये 90 के बाद के प्रोडक्शन है। 90 से पहले मुझे बताओ एक जहाँ ऐसी कॉन्फ्रेंस हुई थी सिर्फ वो ईदगाह में हो गई वो भी घन के साए में हुई जिसमें यहाँ के कैबिनेट मिनिस्टर भी थे। जाके मालूम करो, तारीख पढ़ो आप खुद एक बैटरन जर्नलिस्ट हो और क Kashmir के एक-एक चीज़ को जानते हो। आप बताओ कि उन्होंने वो करवाई ऐसी ही कॉन्फ्रेंस वहां थी 1989 में। उसके बाद 90 की आग लग गई। पहले पहले वीरी कॉन्फ्रेंस हो गई फिर 90 की आग लग गई। आप देखो अगर मैं गलत बोल रहा हूँ, आपके मीडिया पे बोल रहा हूँ, आप मीडिया से फिर दुनिया देखेगी और चेक करेगी हिस्ट्री क्या फारूक साहब सही कह रहे हैं कि गलत कह रहे हैं। ये तो एक मुझे लगता है एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा है। बहुत बड़ी साजिश है और इससे ये दफन करना चाहते हैं हमारे तसव्वुफ को हमेशा के लिए। फिक्र ही नहीं। सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि उनको कैसे इन्होंने यह पोस्टर्स सारे क Kashmir में छपाए? अगर, जब तक सरकार ने इनको इजाजत नहीं दी है, यह कैसे छपाए इन्होंने? मुझे बताएं। और अगर छपाए, मैं उनसे अपील करता हूँ, मैं उनको करता हूँ, अब तसव्वुफ के दायरे में आएं। मेरे शाह हमदान, बुलबुल शाह को मानो, जिस बुलबुल शाह ने इस्लाम यहाँ लाया। उसकी इज्जत करो, उसका शुक्रिया अदा करो। शाह हमदान का शुक्रिया अदा करो। वो कांफ्रेंस, जहाँ मेरे बुलबुल शाह का जिक्र ना हो, मेरे शाह हमदान का जिक्र ना हो, मेरे दस्तगीर साहब का जिक्र ना, वो कांफ्रेंस, बेसिकली, एक साज़िश है, हमारा तसव्वुफ खत्म करने की। ख़ालिद हुसैन zee मीडिया kashmir
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पूर्व विधायक ठुकराल के खिलाफ मुकदमा: कांग्रेस का एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

Noida, Uttar Pradesh:ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड: एसआईआर की बैठक में हुए हंगामे के बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर पंतनगर थाना पुलिस ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा के नेतृत्व में एसएसपी का घेराव करने पहुंचे, जहां पुलिस और कांग्रेसियों के बीच काफी धक्का मुक्की हुई, धक्का मुक्की के बाद कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ एसएसपी कार्यालय परिसर का गेट खोलकर परिसर में आ गए। और कांग्रेस विधायक तिलक राज, जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड: कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा, "खाली राजकुमार ठुकराल को, बिना वारंट के, कोई वारंट नहीं, सर्च वारंट नहीं, आप उनके घर पर क्यों गए, कैसे गए? और जो आपने मुकदमा कायम किया, उसमें गिरफ्तारी नहीं है, बेलेबल ओफेंस है, आपकी हिम्मत कैसे पड़ी जाने की? हम तो कोर्ट जाएंगे इनके खिलाफ, हम इनके खिलाफ मानहानि का दावा करेगें..."
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उमरिया में कलेक्टर के सामने छात्रों ने सड़क मांग के लिए प्रदर्शन किया

Umaria, Madhya Pradesh:उमरिया कलेक्टर कार्यालय में मंगलवर को हड़कम्प मच गया जब स्कूली छात्र विद्यालय जाने के लिए सड़क और पुल की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। ग्राम बड़ागांव के शासकीय हाई स्कूल के छात्रों ने बताया कि उनके विद्यालय तक पहुंच मार्ग नहीं होने से उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से सफर करना पड़ता है, लिहाजा कई दिन वे स्कूल नहीं जा पाते। विद्यालय में तीन कक्षाएं एक कमरे में संचालित होती हैं, छात्र पढ़ाई नहीं कर पाते। छात्र कलेक्टर परिसर में ही प्रदर्शन करते हुए सड़क मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद कलेक्टर राखी सहाय ने मौके पर आकर छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद कलेक्टर ने मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल ग्राम का विजिट कर सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए।
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बलरामपुर के शिक्षकों ने 5 सूत्रीय मांगों के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

Balrampur, Uttar Pradesh:शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेशव्यापी आव्हान पर बलरामपुर में भी शिक्षकों ने अपने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा.. वहीं मांगे पूरी नहीं होने पर शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है!. इधर तहसीलदार ने कहा की शिक्षकों से प्राप्त ज्ञापन को कलेक्टर के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा!. दरअसल शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेशव्यापी आव्हान पर शिक्षकों ने एक दिन का अवकाश लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया है..शिक्षकों की पांच सूत्रीय मांगों में टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने,पूर्व सेवा गणना,केंद्रीय वेतनमान,ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षण कराये जाने की मांग शामिल है..शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा की शिक्षक अपने अधिकारों के लिये लंबे समय से लड़ाई लड़ते आ रहे है..और अपनी मांगो को शासन के समक्ष रखते आ रहे है..वही उनकी 5 सूत्रीय मांगे नही मानी गई ..तो उन्होंने उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है!
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हिमाचल भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव में सत्ता पलट की रणनीति जाहिर की

Kullu, Himachal Pradesh:वर्तमान में प्रदेश में कांग्रेस सरकार आम जनता की समस्याओं को सुलझाने की दिशा में कोई काम नहीं कर रही है। बल्कि जनता पर कई प्रकार का टैक्स डालकर उनकी परेशानी बढ़ा रही है। ऐसे में प्रदेश में भाजपा के कार्यकर्ता आम जनता की समस्याओं को सरकार के समक्ष रख रहे हैं और साल 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। यह बात हिमाचल प्रदेश भाजपा संयुक्त प्रकोष्ठ के संयोजक पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कही। जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर के देव सदन में जिला कुल्लू भाजपा के सभी प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश भाजपा संयुक्त प्रकोष्ठों के संयोजक पुरुषोत्तम गुलेरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहे। तो वहीं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बिहारी लाल, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि पहले जिला कुल्लू में 19 प्रकोष्ठ थे और हाल ही में 6 अन्य प्रकोष्ठों का भी गठन किया गया है। ऐसे में देव सदन में 25 भाजपा प्रकोष्ठों के पदाधिकारी के साथ बैठक की गई और संगठन की मजबूती को लेकर भी चर्चा की गई। पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है और प्रदेश के जनता भी अब सत्ता पलटने का दम रखती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब से सत्ता में आई है तभी से वह लोगों के बीच झूठे वादे कर उन्हें गुमराह कर रही है। लेकिन जनता अब पूरा सच जान चुकी है और वह आने वाले चुनाव में कांग्रेस के झांसे में नहीं आने वाली है।
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बरनाला में चीनी महंगाई बढ़ी, जमाखोरी रोकने के लिए सरकार से कदम मांग

Barnala, Bathinda, Punjab:पंजाब में बढ़ती महंगाई के बीच पिछले कुछ दिनों में चीनी के दामों में हुई तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। चाय से लेकर मिठाइयों तक, चीनी हर घर और हर त्योहार की जरूरत है, लेकिन लगातार बढ़ते दामों के कारण अब यह आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पिंड दी सथ कार्यक्रम के तहत बरनाला के लोगों से सीधी बातचीत की गई। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर चीनी के बढ़ते दामों के लिए कौन जिम्मेदार है और सरकार महंगाई व जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाएगी? लोगों का कहना है कि त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे समय में चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी चिंता का विषय है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि सस्ती चीनी को पहले से स्टॉक करके बाद में महंगे दामों पर बेचने की वजह से भी बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं। लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों से जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन्हीं सवालों को लेकर पिंड दी साथ के तहत बरनाला वासियों और शहर के लोगों से सीधी बातचीत की गई, जहां लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी और सरकार से चीनी के बढ़ते दामों पर जल्द लगाम लगाने की मांग की।
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पटना के रिहायशी इलाकों में नोटिस: नगर निगम ने कॉमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई तेज

Patna, Bihar:Patna में रिहायशी इलाकों में चल रहे कॉमर्शियल कामकाज पर अब नगर निगम की नजर है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम ने अलग-अलग अंचलों में सर्वे और कार्रवाई शुरू की है. इसी क्रम में 30 हजार से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजा गया है. पटना के राजेंद्र नगर स्थित रोड नंबर 5 में रणधीर कुमार सिंह छोटा सा दुकान चलाते हैं जिससे इनकी जीविका चलती है, अब नोटिस आने से वे परेशान हैं और उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है. रणधीर कुमार सिंह, स्थानीय दुकानदार. राजेंद्र नगर में प्रसिद्ध गोयल पेपर का कारोबार अपने घर से अनिल अग्रवाल करते थे; दो वर्ष पहले उनका निधन हो गया, और कारोबार भी बंद हो गया. उनके भाई का कहना है कि अब कोई व्यवसायिक गतिविधियां घर में नहीं चलतीं, वे टैक्स भी भरते हैं फिर भी नोटिस भेजा गया है. श्याम सुंदर अग्रवाल, स्थानीय निवासी. ताड़केश्वर प्रसाद गुप्ता की भी यही समस्या है; दवा दुकान रंजीत मेडिकल हॉल के जरिये उनकी रोज़ी रोटी चलती है. जमाने से उनका दुकान राजेंद्र नगर में चल रहा है, लेकिन अब इन्हें नोटिस दिया गया है. इनके बच्चों की स्कूल फीस से लेकर रोजी रोटी इनकी दुकान से चलती है; अब इनके सामने संकट के बादल मंडराने लगे हैं. ताड़केश्वर प्रसाद गुप्ता, दुकानदार. नगर निगम का कहना है कि जिन रिहायशी भवनों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. इनमें दुकान, कार्यालय, संस्थान और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां शामिल हैं. स्थानीय लोगों ने अपनी समस्या को स्थानीय विधायक से अवगत कराया तो वे सरकार तक बातों को सामने रखे. संजय गुप्ता, कुम्हरार विधायक. नोटिस के बाद प्रभावित लोगों के बीच कई तरह के सवाल हैं. कारोबारियों का कहना है कि वर्षों से चल रहे उनके व्यवसाय पर अचानक कार्रवाई होने से रोजगार और आजीविका को लेकर संशय की स्थिति बन गई है. बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह कोर्ट का मामला है लेकिन इसमें क्या विधि सम्मत किया जा सकता है इसको लेकर वे राय ले रहे हैं. नीतीश मिश्रा, मंत्री बिहार सरकार. पटना के अलग-अलग अंचलों में रिहायशी इलाके और कॉलोनी में नोटिस दिए जाने से लोग परेशान हैं. नगर निगम का तर्क है कि कार्रवाई न्यायालय के निर्देश और भवन उपयोग से जुड़े नियमों के तहत की जा रही है.
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