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ब्रजघाट गंगा स्नान के दौरान चार श्रद्धालु डूबे; एक की हालत गंभीर

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने की वजह से चार श्रद्धालु गंगा में डूब गए. घाट पर मौजूद गोताखोरों ने जब श्रद्धालुओं को डूबते हुए देखा तो उन्होंने आनन फानन में सूझबूझ से काम लेते हुए चारों श्रद्धालुओं को बचा लिया. तीन श्रद्धालु पूरी तरह से सुरक्षित हैं, जबकि एक श्रद्धालु की हालत गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह तीर्थ नगरी ब्रजघाट पर जब श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक से ब्रजघाट पर अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि गंगा स्नान कर रहे चार श्रद्धालु अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. चीख-पुकार सुनकर स्थानीय गोताखोर तुरंत हरकत में आए और गंगा की लहरों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. ​कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तीन श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. लेकिन चौथे श्रद्धालु की स्थिति बिगड़ने के कारण उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है. प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद, श्रद्धालु अक्सर गहरे पानी की ओर चले जाते हैं जो जानलेवा साबित होता है. फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है. घायलों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है.
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भारत नेपाल सीमा पर CCTV से बढ़ेगी निगरानी: 68 किलोमीटर खुली सीमा पर भी कैमरे लगेंगे

Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर से सटे भारत नेपाल सीमा के आने जाने वाले रास्तों की निगहबानी अब सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से होगी। क्रिटिकल गैप योजना के तहत भारत नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 23 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लगाए गए इन कैमरों और ककरहवा बॉर्डर के अंतरराष्ट्रीय गेट के चेक पोस्ट पर स्थाई कमरा और शौचालय के निर्माण का लोकार्पण आज जिलाधिकारी ने किया। इस मौके पर एसएसबी 43वीं बटालियन के कमांडेंट उज्जवल दत्ता भी मौजूद रहे। लोकार्पण के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि भारत नेपाल की खुली सीमा हमेशा से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए सुरक्षा एजेंसी के लिए चैलेंजिंग रही है। सीमा पर निगहबानी और अच्छी तरह से हो सके इसके लिए पहले फेज में सीमा के कुछ चिन्हित स्थानों पर 32 की संख्या में उच्च कोटि के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के लगने से सीमा पर हो रही तस्करी व अन्य गैर कानूनन गतिविधियों पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 68 किलोमीटर की खुली सीमा पर जो पगडंडी के रास्ते हैं उन पर भी ग्राम पंचायत के माध्यम से सीसीटीवी लगाने का काम जल्द ही किया जाएगा।
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हेमंत सोरेन सरकार ने भाषाई विवाद के समाधान के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित किया

Ranchi, Jharkhand:भाषायी विवाद पर हेमंत सोरेन सरकार ने पहल करते हुए पांच सदस्य उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है।विभिन्न जिलों के लिए निर्धारित भाषा संबंधी मामलों पर कमेटी अध्ययन करेगी और नियमावली में जनजातीय क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मिलित या विलोपित करने के बिंदु पर राज्य सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट। राज्य सरकार के द्वारा गठित पांच सदस्य कमेटी में मंत्री राधा कृष्ण किशोर मंत्री संजय यादव मंत्री दीपिका पांडे मंत्री योगेंद्र प्रसाद और मंत्री सुदिव्य कुमार को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।दरअसल कैबिनेट की बैठक में मंत्री दीपिका पांडे ने भोजपुरी मगही अंगिका सहित क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की मांग रखी थी। वही जब से यह विवाद शुरू हुआ था तब ही पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर न मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर भाषाओं को शामिल करने का अनुरोध किया था। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि पूरे मामले से हमने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था।अब जो भी तकनीकी अड़चन थी उसे देखा जाएगा।अब सरकार ने जब कमेटी बनाई है तो मुझे पूरी उम्मीद है कि यह कमेटी किसी भी वर्ग और भाषा वासियों के साथ भेदभाव नहीं करेगी। और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा
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NCRB आंकड़ों: यूपी में महिला अपराध में 76% उछाल, आगरा में उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया

Agra, Uttar Pradesh:08 मई आगरा NCRB रिपोर्ट कपिल अग्रवाल NCRB के नए आंकड़ों ने यूपी की कानून व्यवस्था में अपना परचम लहराया है,महिला अपराधों में जहां अन्य प्रदेश अपराधियों पर कार्यवाही करने में पीछे रहे तो वही यूपी में ये आंकड़ा 76% से ज्यादा दिखा आगरा में इन आंकड़ों पर आगरा की छात्राओं ने खुलकर सरकार की प्रभारी कार्यवाही की तारीफ की,छात्राओं का कहना था कि पहले जब वो कॉलेज या बाजार जाती थी तो डर लगता था लेकिन पिछले कई सालों से अब उन्हें कही भी आने जाने में डर नहीं लगता,पहले जहां कॉलेज आने जाने और मार्किट आने जाने में डर लगता था अब ऐसा नहीं लगता, कॉलेज के बाहर लड़कों का जमघट रहता था अब वो दिखाई नहीं देता,जब कभी कोई मनचला कोई गंदी हरकत करता है तो पुलिस तुरंत कार्यवाही करती है,सरकार ने महिलाओं के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है जहां कोई भी लड़की अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है सबसे बड़ी बात है कि शिकायत करने वाले की पहचान भी गुप्त रखी जाती है बाइट इकांशी/छात्रा बाइट शिवानी वर्मा/छात्रा बाइट सना कुरैशी हालांकि एक छात्रा काजल सिंह का कहना था कि मुझे ज्यादा अंतर नजर नहीं आता,अब भी बहुत बदलाव और सख्त कार्यवाही की जरूरत है,हालांकि छात्रा पहले और अब में अंतर होने की बात कहती जरूर दिखी बाइट बाइट बाइट बाइट
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हimachal मंत्रिमंडल कैडर घटाने की तैयारी: IAS-IFS पदों में कटौती से आर्थिक बोझ कम करने का दावा

Bilaspur, Chhattisgarh:स्लग- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक संकट के बीच IAS और IFS कैडर घटाने पर विचार करने व अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की संख्या घटाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के कदम का प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया स्वागत कहा जरूरत से ज़्यादा अधिकारियों की एक्सपेंशन से प्रदेश पर पड़ रहा आर्थिक बोझ तो ज़रूरतमंद पोस्टों को भरना सरकार की है प्राथमिकता. रिपोर्ट- विजय भारद्वाज टॉप- बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश. एंकर- हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच IAS और IFS कैडर घटाने पर प्रदेश सरकार विचार कर रही. आर्थिक दबाव से जूझ रहे प्रदेश सरकार प्रशासनिक ढांचे को छोटा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की संख्या घटाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. जिसके तहत सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की स्वीकृत संख्या 153 से घटाकर 147 करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के स्वीकृत पद 114 से घटाकर 83 करने के प्रस्ताव को अंतिम चरण में बताया जा रहा है। वहीं सरकार भविष्य में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के कैडर की भी समीक्षा कर उसे तर्कसंगत बनाने पर विचार कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस निर्णय को प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने साहसिक निर्णय करार देते हुए जरूरत से ज़्यादा अधिकारियों की एक्सपेंशन से प्रदेश पर अधिक आर्थिक बोझ पड़ने की बात कही है. मंत्री राजेश धर्माणी का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की गई तो उन्होंने इसे प्रमोशनल एडमिंस बताया हैं जिससे एक्सपेंशन इतनी बढ़ गई जिसे संभालना सरकार के लिए मुश्किल हो चला है. वहीं राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस का नारा देते हैं मगर धरातल पर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है. ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा कैडर में कमी करना एक साहसिक कदम है, जिसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी उठाया था मगर उस स्तर तक नहीं ले जा पाए. इसीलिए वर्तमान सरकार ने एक सुधारात्मक कदम उठाया है जिससे प्रदेश के आर्थिक हालात सुधरेंगे और वर्तमान समय में प्रदेश में जिन पोस्टों की ज़्यादा जरूरत है उसे भरा जाएगा ताकि प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर हो सके. बाइट- राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश.
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सुल्तानपुर और बांगर में विकास कार्यों का लोकार्पण।

FKFirasat KhanFollow8m ago
Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर,,ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना से निर्मित हाट बाजार तथा ग्राम पंचायत बांगर में पंचायत पुस्तकालय, कायाकल्पित सचिवालय, पंचायत लर्निंग सेंटर एवं जन सेवा केंद्र का लोकार्पण विधायक बाबूराम पासवान व विभाग प्रमुख प्रतिनिधि अपूर्व सिंह द्वारा किया गया।कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी संबोधित किया। ग्रामीणों को यूपी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व स्व-जनगणना के प्रति जागरूक किया गया।इस दौरान ग्राम प्रधान श्रीमती जगवत्ता देवी, श्रीमती मुन्नी देवी, एडीओ पंचायत श्री अवनीश गंगवार, ग्राम पंचायत अधिकारी श्री अतुल गंगवार, मंडल अध्यक्ष श्री मनोज कुमार वर्मा सहित अन्य गणमान्य व ग्रामीण उपस्थित रहे।
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ताड़मेटला मामले में सभी आरोपी बरी, असली दोषी अब भी बाहर

Begun, Rajasthan:रायपुर ताड़मेटला मामले में सभी आरोपी बरी, मामले में कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का बयान- पुलिस ने जिन्हें दोषी بنایا अदालत ने उन्हें किया बरी. भाजपा की सरकार में जब भी ऐसी घटनाएं हुई असली दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई गरीब आदिवासियों को आरोपी बनाकर प्रस्तुत किया गया उनके खिलाफ पुलिस कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई.. कांग्रेस पहले से कहती आई है कि सरकार गरीब आदिवासियों को प्रताड़ित करने की कोशिश कर रही है ताड़मेटला का मामला हो चाहे झीरम का.. असली दोषी सलाखों के बाहर है सिर्फ खानापूर्ति की कार्रवाई हुई है..76 जवानों की शहादत हुई थी उनको भी न्याय नहीं दिला पाए. .. सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का बयान- सुशासन तिहार पूरी तरह से विफल, जनता को सरकार पर भरोसा नहीं..जनता आ नहीं रही है.. प्रशासन के द्वारा कुछ लोगों को एकत्रित कर फर्जी आवेदन प्रस्तुत किया जाता है फिजूल खर्ची कर इस त्यौहार को मनाया जा रहा है.. 8 लाख से ज्यादा आवेदन पिछली सुशासन तिहार के समय के पेंडिंग है इसलिए लोग इस बार सुशासन तिहार में शामिल नहीं हो रहे हैं. बाइट- सुशील आनंद शुक्ला, कांग्रेस संचार प्रमुख
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लोहिया अस्पताल के पेन मेडिसिन से दर्द में राहत, ISSP डायरेक्टरी ला रहा है

Lucknow, Uttar Pradesh:हर तरह के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए लखनऊ के लोहिया अस्पताल का एनेस्थीसिया विभाग बड़ी सौगात लेकर आया है। अब पेन मेडिसिन विधि के जरिए मरीज़ सर्जरी कराने से बच सकेंगे। इंडियन सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन मेडिसिन के सचिव डॉ अनुराग अग्रवाल ने इस नई विधि को लेकर पूरी जानकारी दी है उन्होंने बताया कि कैसे आप ढेर सारी दवाइयां खाने और ऑपरेशन से अपने आप को बचा सकते हैं। आज के समय सबसे बड़ी समस्या घुटनों के दर्द से कैसे निजात पाई जा सकती है उसको लेकर भी बड़ी जानकारी दी है। लोहिया अस्पताल में इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर का बड़ा सेमिनार भी आयोजित किया जा रहा है। देशभर में क्रॉनिक दर्द (लंबे समय तक रहने वाला दर्द) से जूझ रहे मरीजों को राहत दिलाने के लिए Indian Society for Study of Pain (ISSP) ने “अपने नजदीकी पेन फिजिशियन खोजें” नाम से राष्ट्रीय पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को प्रशिक्षित दर्द विशेषज्ञों से जोड़ना और समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराना है। ISSP के अनुसार भारत में लाखों लोग क्रॉनिक पेन से पीड़ित हैं, जिसका असर उनके दैनिक जीवन, कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए संस्था ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पेन फिजिशियन की ऑनलाइन डायरेक्टरी उपलब्ध कराई है। इसके जरिए मरीज, उनके परिजन और चिकित्सक अपने शहर या राज्य में उपलब्ध प्रशिक्षित दर्द विशेषज्ञों को आसानी से खोज सकेंगे। संस्था ने बताया कि ISSP, International Association for the Study of Pain का भारतीय अध्याय है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्रॉनिक दर्द को अक्सर सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसके लिए कई प्रभावी और उन्नत उपचार उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कमर और रीढ़ का दर्द, नसों से जुड़ा दर्द (न्यूरोपैथिक पेन), कैंसर से संबंधित दर्द, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, पोस्ट-हर्पेटिक न्यूराल्जिया समेत कई जटिल दर्द स्थितियों का इलाज पेन मेडिसिन विशेषज्ञों द्वारा किया जा सकता है। ISSP का कहना है कि इस पहल के माध्यम से लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाना है कि लंबे समय तक रहने वाला दर्द एक उपचार योग्य चिकित्सा स्थिति है और इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह लेना जरूरी है। संस्था नेHospital/health service providers और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऑनलाइन डायरेक्टरी का अधिक से अधिक उपयोग करें और इसके बारे में जागरूकता फैलाएं, ताकि दर्द से पीड़ित मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सके।
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