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Hemant SanchetiHemant SanchetiFollow29 Jul 2024, 09:47 am
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खोमन साहू ने AIIMS NORCET में ऑल इंडिया 616वीं रैंक पाकर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया

Raipur, Chhattisgarh:बालोद कहते हैं कि मुश्किलें केवल उनके रास्तों में आती हैं, जो उनसे टकराने का माद्दा रखते हैं। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक छोटे से गांव के युवक खोमन साहू ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र की देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक—एम्स नॉर्सेट (AIIMS NORCET) में सफलता का परचम लहराकर खोमन ने न केवल अपने दिवंगत पिता के सपनों को पूरा किया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया है। जब मई महीने में परीक्षा के नतीजे घोषित हुए, तो पूरे बालोद अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई। इस परीक्षा में खोमन साहू ने ऑल इंडिया 616वीं रैंक हासिल की। इसके साथ ही, अपनी कैटेगरी (OBC मेल) में उन्होंने देश भर में 73वां स्थान प्राप्त किया। इस परिणाम की सबसे ऐतिहासिक बात यह है कि छत्तीसगढ़ से इस परीक्षा को पास करने वाली कुल 11 प्रतिभाएं हैं, जिनमें से 10 युवतियां हैं और पुरुष समाज का मान रखने वाले खोमन राज्य के एकमात्र युवक हैं। बचपन में उठा पिता का साया, कंधों पर आई जिम्मेदारी खोमन की यह सफलता साधारण नहीं है, क्योंकि इसके पीछे संघर्षों का एक लंबा और दर्दनाक दौर रहा है। जब खोमन बहुत छोटे थे, तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। मां ने विषम परिस्थितियों में खेती-किसानी कर खोमन को पाला-पोसा। जैसे ही खोमन ने होश संभाला, घर और खेतों की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। परिवार में वही एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। दिनभर खेतों में पसीना बहाना और रात को अपनी किताबों के साथ जागना—यही उनकी दिनचर्या बन चुकी थी। दीवार पर चिपकाए सपने, हर दिन 8 घंटे की कठिन तपस्या अपने सीमित संसाधनों के बावजूद खोमन ने कभी अपने हौसलों को टूटने नहीं दिया। उन्होंने अपने स्टडी टेबल के सामने वाली दीवार पर कागज़ों पर अपने लक्ष्य लिखकर चिपका रखे थे। वे जब भी थकते या निराश होते, दीवार पर लिखे उनके सपने उन्हें फिर से दोगुनी ऊर्जा से भर देते थे। उन्होंने खेती के काम के साथ तालमेल बिठाते हुए रोजाना 8 घंटे कड़ी पढ़ाई की। खोमन बताते हैं कि नॉर्सेट की परीक्षा में एमबीबीएस (MBBS) स्तर के अत्यंत कठोर और व्यावहारिक सवाल पूछे जाते हैं, जिसके लिए गहरी समझ और निरंतरता बेहद जरूरी है। "भले ही इस पद का नाम ''नर्सिंग ऑफिसर'' है, लेकिन इसका रुतबा, गरिमा और वेतनमान एक राजपत्रित अधिकारी (Class-1 Officer) और डॉक्टर के समकक्ष होता है। यह परीक्षा कठिन जरूर है, लेकिन अगर संकल्प दृढ़ हो तो खेती करते हुए भी इसे क्रैक किया जा सकता है।" — खोमन साहू (नॉर्सेट क्रैकर) युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत आज के इस दौर में जहां ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान के तहत बेटियां शिक्षा के हर क्षेत्र में अव्वल आ रही हैं (जो कि बेहद गर्व की बात है), वहीं खोमन ने पुरुष वर्ग की उपस्थिति को शीर्ष पर दर्ज कराकर युवाओं के सामने एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि नर्सिंग का क्षेत्र केवल सेवा का नहीं, बल्कि बेहतरीन करियर, शानदार सैलरी और सम्मानजनक जीवन का द्वार है। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों (AIIMS) में देश की सेवा करने का यह एक शानदार अवसर है।
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सरकार की डीजल डिब्बे रोक से किसान परेशान, किसानों ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया

Jagdalpur, Chhattisgarh:सरकार के आदेश के बाद पेट्रोल पंपों पर डब्बों और केन में डीजल देने पर लगी रोक के कारण किसान परेशान हैं, बस्तर जिले में किसानों ने डीजल देने में लगी इस रोक के खिलाफ ज्ञापन सौंपा, किसानों का कहना है कि सरकार के इस आदेश के बार अब उन्हें खेती किसानी के काम में समस्या का सामना करना पड़ रहा है, इंद्रावती नदी बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों किसान मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय पंहुचे यहां किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा किसानों ने कहा एसडीएम स्तर पर कराए गए आदेश के आधार पर उन्हें पेट्रोल पंप में जरूर 20 लीटर डीजल डब्बों और केन में जरूर दिया जा रहा लेकिन धान की बुवाई और खरीफ सीजन को देखते हुए यह रियायत उनके लिए पर्याप्त नहीं। बाइट लखेश्वर कश्यप अध्यक्ष इंद्रावती नदी बचाओं समिति बाइट दयाराम कश्यप किसान
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धुरी-बंधी खदान हादसे में युवक का शव बरामद, रेस्क्यू समाप्त

Katni, Madhya Pradesh:धुरी-बंधी खदान हादसा के बाद रेस्क्यू टीम ने बरामद किया युवक का शव एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस वालंटियर्स ने कठिन परिस्थितियों में निभाई अहम भूमिका कटनी जिले के थाना स्लीमनाबाद अंतर्गत धुरी-बंधी ग्राम स्थित खदान में डूबे युवक की तलाश के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान देर शाम को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एसडीईआरएफ एवं सिविल डिफेंस वालंटियर्स की संयुक्त टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद युवक का शव खदान से बाहर निकालकर स्थानीय पुलिस को सुपुर्द किया। मृत युवक की पहचान धुरी ग्राम निवासी 26 वर्षीय दुर्गेश कुशवाहा पिता प्रताप कुशवाहा के रूप में हुई है। जो कि खदान में नहाने गया था ओर डूब गया ... रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व एसडीईआरएफ प्रभारी श्रीमती श्वेता गुप्ता ने किया, जबकि सह-प्रभारी श्रीमती ममता गोंड ने अभियान के संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
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40 डिग्री तापमान में धरने के बाद कलेक्टर ने एडमिशन जल्द करवाने का आश्वासन दिया

Mandsaur, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मंदसौर के कलेक्टर कार्यालय के बाहर शिक्षा के अधिकार के तहत एडमिशन न मिलने से नाराज बच्चों के माता-पिता जिला पंचायत सदस्य के साथ 40 डिग्री से ज्यादा तापमान में सड़क पर धरने पर बैठे जिन्हें मनाने के लिए अधिकारी पहुंचे और आखिरकार बंद कमरे में कलेक्टर द्वारा जल्दी एडमिशन करवाए जाने का आश्वासन मिलने के बाद यह धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ, इतने तापमान में काफी देर तक धूप में बैठने के कारण कुछ बच्चों की तबीयत भी बिगड़ी. प्रदर्शन कार्य आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें rte के तहत जिस स्कूल में एडमिशन मिला था उसे स्कूल ने दायरे में ना आने की बात कहते हुए बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया इसके बाद बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है इसलिए उन्हें जल्द से जल्द एडमिशन दिया जाए.
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रेणुका सिंह के कथित ऑडियो ने कोरिया-भरतपुर में राजनीति गर्मा दी

कोरिया ब्रेक। भरतपुर-सोनहत विधायक एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह का कथित वायरल ऑडियो मामला अब थाने पहुंच गया है। मामले को लेकर सोनहत थाने में शिकायत देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। भाजपा जिला अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने बताया कि सोनहत मंडल कार्यकर्ता वैभव सिंह द्वारा सोनहत थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि एआई (Artificial Intelligence) की सहायता से तैयार किए गए कथित ऑडियो के जरिए विधायक रेणुका सिंह की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। शिकायत में मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है。 बाइट — देवेन्द्र तिवारी (भाजपा जिला अध्यक्ष, कोरिया) भरतपुर-सोनहत विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह का कथित ऑडियो वायरल हुआ था। ऑडियो में रेणुका सिंह यह कहते हुए सुनाई दें रही हैं कि “भूपेश बघेल उनको जेल भेजेंगे, वही मुख्यमंत्री बनेंगे। कांग्रेस बदले की भावना से काम करती है। सत्ता में कोई भी बैठे, सत्ता का स्वभाव एक जैसा होता है। इस सरकार में अधिकारी काम कर रहे हैं, सरकार ऊपर से संचालित हो रही है। ऊपर के लोग इनसे ज्यादा खुश नहीं हैं.” मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों के बीच विधायक का यह कथित ऑडियो सामने آنے से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जी मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता。
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खैरागढ़ जंगल में दुर्लभ पक्षियों की मौत, जलस्रोत में जहरीले पदार्थ की आशंका सामने

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली और लछना जंगल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने वन विभाग की नींद उड़ा दी है। जंगल के भीतर एक जलस्रोत के पास मोर, एशियन पाम सिवेट और कई दुर्लभ पक्षियों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना ने जंगल के पानी में ज़हर मिलाए जाने की आशंका को जन्म दे दिया है。 जानकारी के मुताबिक वन्यजीव प्रेमी मुकेश वर्मा बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए जंगल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें सबसे पहले एक मृत ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो दिखाई दिया। जब उन्होंने आसपास तलाश की तो जलस्रोत के किनारे कई वन्यजीव मृत अवस्था में पड़े मिले। वायरल वीडियो में एक नर मोर, दो मादा मोर, तीन एशियन पाम सिवेट समेत कई पक्षियों के शव दिखाई दे रहे हैं। इनमें रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसे दुर्लभ पक्षियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। एक ही जगह इतने वन्यजीवों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि जलस्रोत में किसी जहरीले पदार्थ के मिलने से यह घटना हुई हो सकती है। हालांकि वन विभाग ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पानी और मिट्टी के सैंपल जुटा रही है, वहीं मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। वन विभाग गर्मी, पानी की कमी, जहरीले पदार्थ और बीमारी समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रहा है। इधर ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में भारी नाराज़गी है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जंगल के बीच हुई इस रहस्यमयी मौत ने अब पूरे इलाके को दहशत और सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।
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आदिवासी परिवारों ने भावुक होकर विधायक भावना बोहरा के निवास पर आभार जताया

Kawardha, Chhattisgarh:आखिर अचानक बड़ी संख्या में विधायक निवास क्यों पहुंचे आदिवासी परिवार? दिनभर बनी रही चर्चा, अंदर का नज़ारा देख लोग रह गए हैरान कवर्धा में उस वक्त लोगों के बीच कौतूहल का माहौल बन गया जब एक साथ बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे कवर्धा स्थित पंडरिया विधायक भावना बोहरा के निवास की ओर जाते दिखाई दिए। कोई इसे राजनीतिक बैठक समझ रहा था तो कोई किसी बड़ी घोषणा की अटकलें लगा रहा था। लेकिन जब लोग अंदर पहुंचे और वहां का दृश्य देखा तो माहौल पूरी तरह भावनात्मक नजर आया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे आदिवासी परिवार विधायक भावना बोहरा का आभार व्यक्त करने पहुंचे थे। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और वीरनमाला भेंट की, वहीं कई आदिवासी परिवारों ने अपने हाथों से विधायक को पारंपरिक पोशाक पहनाकर सम्मान किया। सबसे भावुक तस्वीर तब देखने मिली जब कई महिलाएं अपने दूधमुंहे बच्चों को लेकर पहुंचीं और विधायक भावना बोहरा को “पालनहार मां” तक कह डाला। आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि पिछले कई महीनों से वनांचल क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन के खिलाफ चलाए गए अभियान और “धर्म वापसी” पहल के कारण वे दोबारा अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ पाए हैं। समूह में पहुंचे लोगों ने दावा किया कि अब तक करीब 700 लोग धर्म वापसी कर चुके हैं। उनका कहना था कि लंबे समय से वे अपनी मूल परंपराओं से दूर हो गए थे, लेकिन विधायक भावना बोहरा के लगातार संवाद, गांव-गांव पहुंचकर किए गए संपर्क और सामाजिक अभियान के चलते वे फिर अपने समाज में लौट पाए हैं। आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि आज वे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि धन्यवाद ज्ञापित करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि “हम फिर से अपने समाज में सम्मान और खुशी के साथ जीवन जी पा रहे हैं, इसलिए अपनी जनप्रतिनिधि का आभार व्यक्त करने आए हैं।” वहीं विधायक भावना बोहरा ने भी इस आत्मीय स्वागत को भावुक क्षण बताते हुए कहा कि भीषण गर्मी और लंबी दूरी तय कर आदिवासी परिवारों का उनके निवास पहुंचना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र के लोगों की समस्या और सामाजिक भावनाओं के साथ खड़ा रहना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान को बचाए रखने के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह आगे भी करती रहेंगी पंडरिया क्षेत्र में पिछले कुछ समय से विधायक भावना बोहरा का आदिवासी इलाकों में लगातार सक्रिय रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव-गांव पहुंचकर संवाद करना, पारंपरिक आयोजनों में शामिल होना और सामाजिक मुद्दों पर सीधे लोगों से जुड़ना उनकी राजनीतिक शैली की खास पहचान बनती जा रही है।
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असम में ईद-उल-अजहा: अवैध जानवरों पर रोक, सिर्फ बकरा-बकरी की कुर्बानी

Guwahati, Assam:पूरे मुल्क के साथ 28 तारीख को असम में भी ईद उल अजहा मनाई जा रही है खासतौर से इस बार असम में गाय की कुर्बानी नहीं दी जाएगी सिर्फ सरकारी परमिशन वाले बकरा और बकरी की कुर्बानी दी जाएगी इसी को लेकर असम के नॉर्थ ईस्ट माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन NEMSU के तरफ से प्रतिक्रिया सामने आए नॉर्थ ईस्ट माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन के उपाध्यक्ष नेरुल इस्लाम ने अपने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि इस बार असम में अवैध जानवर की कुर्बानी ना दे सिर्फ बकरा और बकरी की ही कुर्बानी दे अगर बकरा कुर्बानी देते हुए कोई अगर मुसलमान पर जुल्म करना चाहते हैं तो इस पर भी मुख्यमंत्री ध्यान दें और पुलिस प्रशासन को भी इस पर मजबूती से खड़ा होना चाहिए उन्होंने कहा कि अवैध जानवर कोई भी कुर्बानी ना दे वहीं दूसरी ओर असम के इंडीजीनस मुस्लिम गोरिया समुदाय के लीडर Ashraf अली ने कहा कि इस बार कोई भी अवैध जानवर की कुर्बानी ना दे असम के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि अवैध जानवर से हिंदू भाइयों को तकलीफ पहुंचती है इसलिए हमारे मुस्लिम भाई इस बार हिंदू भाइयों के खातिर गाय के कुर्बानी से दूर रहे सिर्फ बकरा और बकरी से कुर्बानी करें
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बस्ती में आंधी-बारिश से पेड़ गिरा, चार वर्षीय बच्चे की मौत

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती जिले में तेज आंधी और बारिश एक परिवार के लिए काल बन गई। परशुरामपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में देर रात एक विशाल पीपल का पेड़ छप्पर पर गिर गया। हादसे में दंपति समेत उनका चार साल का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जहां इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। बताया जा रहा है कि राजू, उनकी पत्नी सुषमा और चार वर्षीय बेटा विकास छप्पर के नीचे सो रहे थे। तभी तेज आंधी के बीच अचानक पीपल का पेड़ छप्पर पर आ गिरा। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को अयोध्या रेफर किया, जहां इलाज के दौरान मासूम विकास ने दम तोड़ दिया। वहीं दंपति का इलाज जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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अबूझमाड़ के कोहकामेटा गांव में सुशासन त्योहार: शिविर से ग्रामीणों को राहत मिली

Narayanpur, Jharkhand:एंकर - नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के कोहकामेटा गांव में सुशासन त्योहार के तहत जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद जिला प्रशासन की चौपाल इमली के पेड़ की छांव में लगाई गई, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और उनके निराकरण के लिए प्रशासनिक अमला पूरे दिन मौजूद रहा। शिविर में जिला प्रशासन के सभी विभागों की स्टॉल लगाई गई थीं, जहां अधिकारी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और मांगों से रूबरू हुए। कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलको ने बताया कि सुशासन त्योहार के अंतर्गत आयोजित इस जन समस्या निवारण शिविर का उद्देश्य अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कोहकामेटा, कानागांव, किहकाड़, इरकभट्टी और कच्चापाल सहित आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और संबंधित विभागों द्वारा समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्रामीणों ने शिविर में राशन कार्ड, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, भूमि मरम्मत, तालाब निर्माण और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। अधिकारियों ने कई आवेदनों का तत्काल निराकरण किया, जबकि अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। दूरस्थ अबूझमाड़ क्षेत्र में प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। लोगों ने इसे शासन और प्रशासन को गांव तक पहुंचाने वाला सराहनीय प्रयास बताया। बाइट 01 आकांछा शिक्षा खलको, जिला पंचायत सीईओ
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बडगांव ओवर ब्रिज के नीचे लाइट अंडर पास स्वीकृत,इटियाथोक में अंडर पास,सुभागपुर में ओवर ब्रिज स्वीकृत

KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow8m ago
Gonda, Uttar Pradesh:केंद्रीय मंत्री कीर्तवर्धन सिंह 6 वर्ष से बंद पैसेंजर ट्रेन का झंडी दिखाकर किया रवाना 0बडगांव ओवर ब्रिज के नीचे लाइट अंडर पास स्वीकृत 0इटियाथोक में अंडर पास स्वीकृत,सुभागपुर क्रासिंग पर आरओबी स्वीकृत जानिए क्या कहा मंत्री ने आज मंगलवार को गोंडा रेलवे स्टेशन पर गोंडा के सांसद केंद्रीय विदेश राज मंत्री कीर्तवर्धन ने नकहा जंगल रेलवे स्टेशन से चलकर डालीगंज लखनऊ तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन का हरी झंडी दिखा कर उद्घाटन किया।बताते चले यह ट्रेन 6 वर्ष पूर्व करोना काल में बंद हो गई थी जो केंद्रीय मंत्री कीर्तवर्धन सिंह के प्रयास से प्रधान मंत्री के निर्देश पर रेल मंत्री द्वारा शुरू की गई है।रेलवे स्टेशन गोंडा पर सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा यह ट्रेन 6 वर्ष बाद स्थानीय जनता और व्यापारियों के मांग पर शुरू कराया गया है जो लखनऊ तक प्रत्येक स्टेशन पर रुकते हुए जाएगी,जिससे स्थानीय जनता और व्यापारियों को काफी लाभ और सुविधा जनक होगा।मंत्री गोंडा में कई रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण की बात कही और जल्द ही इटियाथोक, सुभागपुर,मनकापुर,छपिया में ओवरब्रिज स्वीकृति की घोषणा की उन्होंने बडगांव रेलवे क्रासिंग पर लाइट अनडरपास के स्वीकृति की बात कही,पत्रकारों के सवाल पर कहा मंत्री जयशंकर जी ने कहा है जिस देश से सस्ता पेट्रोल,डीजल,गैस मिलेगा वही से खरीदा जाएगा।उन्होंने देश के प्रधान मंत्री की तारीफ किया कहा उतरौला क्षेत्र में 1971 से रेल लाइन की मांग की जा रही थी लेकिन अब भाजपा सरकार में पूरा हुआ है देश में रेलवे लाइन का जाल बिछ गया है।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी,विधायक गौरा प्रभात वर्मा, विधायक सदर प्रतीक भूषण सिंह विधायक विनय द्विवेदी,विधायक रमापति शास्त्री,डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे मौजूद रहे।
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कृषि मंत्री ने जयपुर में मूंगफली बीज पैकिंग के दो कारखानों पर छापा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल ने जयपुर के चौमूर स्थित सिल्वर पार्क औद्योगिक क्षेत्र में मूंगफली पैकिंग के 2 कारखानों पर छापा मारा। इस दौरान मंत्री ने मूंगफली का बीज बनाए जाने की प्रक्रिया की जांच की। कृषि विभाग के अधिकारी और निरीक्षक भी उनके साथ मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने कहा कि 2 कम्पनियों द्वारा सीकर के नाम पर चौमूं में मूंगफली के बीज की पैकिंग की जा रही है। मूंगफली में अल्फाटॉक्सिन नामक फंगस का इन्फेक्शन होने की बात भी सामने आई है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के पास बुवाई करवाकर बीज तैयार करने के बजाय बाजार से खरीदकर बीज तैयार किया जा रहा है। गुणवत्ता सही नहीं होने से इसके विदेशों में एक्सपोर्ट होने पर भी रोक लग गई है। कृषि मंत्री ने कहा कि इससे राजस्थान के किसानों को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है और राजस्थान की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो रही है।
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