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Hemant SanchetiHemant SanchetiFollow19 Jul 2024, 06:15 pm

आईडी बलास्ट की घटना में जिले के बम्हनी का जवान शहीद , शहीद जवान को दी गई श्रद्धांजलि

Narayanpur, Chhattisgarh:

बीजापुर में नक्सल आपरेशन से लौटते समय नक्सलियों की आईडी बलास्ट की चपेट में आने से 2 जवान शहीद हुए। जिसमें एक जवान सतेर सिंह नारायणपुर के बम्हनी ग्राम निवासी थे। जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। गांव के ग्रामीण शहीद जवान के निवास पर जवान के पार्थिव शरीर की राह अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। वहीं शहीद जवान के परिवार में भाई व भाई के बच्चे है। शहीद जवान के माता पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था, जिसके बाद जवान के चाचा ने परवरिश किया और पढ़ा लिखाकर बढ़ा किया।

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किशनगंज में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल: 15 मिनट ब्लैकआउट के साथ सुरक्षा तैयारी दिखी

ASAmit SinghJust now
Kishanganj, Bihar:किशनगंज में आज शाम सात बजे अचानक सायरन की तेज आवाज गूंज उठी। साथ ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। 15 मिनट तक चला ब्लैकआउट,लेकिन ये कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक बड़े स्तर का सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल था। जिला पदाधिकारी विशाल राज के नेतृत्व में किशनगंज के तीन महत्वपूर्ण इलाकों में आज सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास में हवाई हमले की चेतावनी, ब्लैकआउट, आगजनी की स्थिति, रेस्क्यू ऑपरेशन और मेडिकल सहायता जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया। शाम सात बजे सायरन बजते ही पूरे क्षेत्र में 15 मिनट का ब्लैकआउट लागू किया गया। इस दौरान वीर कुंवर सिंह बस स्टैंड में दुश्मन देश के द्वारा हवाई हमले का सीन दिखाया गया, हवाई हमले में बस में आग लग गयी और यात्री घायल हो गये।जिसकी सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव टीमें तुरंत सक्रिय हुईं। रेस्क्यू टीम जहां यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए एम्बुलेंस के सहारे अस्पताल भेजा गया और फायर ब्रिगेड टीम ने आग को बुझाया। इस दौरान फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और विभागीय समन्वय को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से आम जनता से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं। यह केवल एक सुरक्षा अभ्यास था। इसका मकसद यही है कि अगर कभी वाकई कोई आपात स्थिति आए, तो आम नागरिक घबराएं नहीं बल्कि सही तरीके से इस घड़ी से निपटने के लिए प्रशासन की मदद करें।वही लोगों ने भी इस सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का तारीफ कर कहा कि आपातकालीन स्थिति में कैसे निपटना है इसकी जानकारी मिली。
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राजस्थान में पीएम सूर्यघर योजना ने 2 लाख रूफ टॉप सौर संयंत्र लगाए

Jaipur, Rajasthan:पीएम सूर्यघर योजना राजस्थान में 2 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन प्रदेश ने किया महत्वपूर्ण पड़ाव पार पीएम सूर्य घर योजना के 2 लाख कनेक्शन 1354 करोड़ की सब्सिडी हस्तांतरित अप्रैल में लगे सर्वाधिक 22,822 रूफ टॉप संयंत्र जयपुर जिले में सर्वाधिक इंस्टॉलेशन राजस्थान देश में 5वें स्थान पर नेहा शर्मा जयपुर एंकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राजस्थान ने आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया। करीब 26 माह पहले शुरू हुई इस योजना के अन्तर्गत राज्य में 2 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र इंस्टॉल किए जा चुके हैं। जयपुर की इमली वाला फाटक नटराज नगर निवासी तारा शर्मा प्रदेश की ऐसी विद्युत उपभोक्ता बन गई हैं जिन्होंने इस योजना में 2 लाख की संख्या वाला रूफ टॉप संयंत्र लगाया। इसके लिए जयपुर डिस्कॉम की अधीक्षक अभियंता (पीएम सूर्यघर) महिमा साराभाई , जयपुर शहर सर्किल (दक्षिण) के अधीक्षक अभियंता अनिल टोडवाल ने उनके घर पर जाकर उन्हें बधाई दी और योजनान्तर्गत सोलर कुक टॉप भी भेंट किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह महत्वपूर्ण पहल देशवासियों को न केवल प्रदूषणरहित सौर ऊर्जा से जोड़ रही है बल्कि उन्हें ऊर्जा सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। भारत सरकार द्वारा दी जा रही 78 हजार रूपए की सब्सिडी तथा 150 यूनिट निशुल्क बिजली योजना में राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को दी जा रही 17 हजार रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी से प्रदेश में रूफ टॉप ऊर्जा संयंत्रों के लगने की रफ्तार बीते समय में तेजी से बढ़ी है। अब तक इस योजना में प्रदेश में 771 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं और स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या आज 2 लाख 416 के स्तर पर पहुंच गई। रूफ टॉप लगाने पर भारत सरकार से उपभोक्ताओं को सब्सिडी के रूप में 1354 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। हाल ही अप्रेल माह में प्रदेश में 22822 रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हुए हैं जो इस योजना में प्रदेशवासियों की तेजी से बढ़ रही भागीदारी को दर्शाता है। यह प्रदेश में अब तक किसी भी माह में लगे सर्वाधिक सौर ऊर्जा संयंत्र हैं।
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पूर्णिया में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल: 15 मिनट तक अंधेरा, नागरिक सुरक्षा की परीक्षा

Purnia, Bihar:पूर्णिया में 'ब्लैकआउट' मॉक ड्रिल: 10 मिनट तक अंधेरे में डूबा शहर पूर्णिया, 14 मई 2026: आज शाम पूर्णिया शहर में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए एक विशेष 'ब्लैकआउट' मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। शाम ठीक 7 बजे सायरन की गूँज के साथ पूरे शहर की लाइटें बंद कर दी गईं, जो अगले 10 मिनट यानी 7:10 बजे तक जारी रहा। शाम 7 बजते ही शहर में तेज सायरन बजाया गया, जो इस ड्रिल की शुरुआत का संकेत था। सायरन बजते ही लोगों ने अपने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर दीं। प्रशासन के निर्देशानुसार सड़कों पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद करवा दी गईं। इस ड्रिल के दौरान शहरवासियों का अभूतपूर्व सहयोग देखने को मिला। 15 मिनट के लिए शहर पूरी तरह से ब्लैकआउट मोड में रहा, जिससे युद्धकाल या आपातकालीन स्थिति जैसी गंभीरता का अनुभव हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति या हवाई हमले जैसी आपदा के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) की तैयारियों का परीक्षण करना था। 7 बजकर 15 मिनट पर पुनः सायरन बजने के साथ ही बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी गई। प्रशासन ने इस ड्रिल को सफल बनाने के लिए पूर्णिया के नागरिकों का आभार व्यक्त किया है।
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हरियाणा: कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अभियान तेज, कड़ी निगरानी का निर्देश

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा सरकार ने लिंग अनुपात में सुधार और गैरकानूनी लिंग निर्धारण प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए अपने राज्यव्यापी अभियान को और तेज कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी जिलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनेे और व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने के निर्देश दिए है।   डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग पीसी - पीएनडीटी एक्ट और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट को अच्छे से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कन्या भू्रण हत्या को खत्म किया जा सके और लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने सभी जिलों को गैर-कानूनी लिंग निर्धारण गतिविधियों के खिलाफ छापेमारी और जांच में अधिक बढ़ोतरी करने और जमीनी स्तर पर उल्लंघन की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य में लिंग अनुपात को बेहतर बनाने के लिए सख्त निगरानी और तेज़ कार्रवाई ज़रूरी है। डॉ. मिश्रा ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि अगले तीन कार्य दिवसों के भीतर डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति और जिला टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित हों। इसके बाद इन बैठकों का नियमित आयोजन भी किया जाए, ताकि जिला स्तर पर कड़ी निगरानी और बेहतर समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ की जवाबदेही को और अधिक मजबूत किया जाए तथा मई 2026 के अंत तक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लिंग अनुपात में सुधार सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। डॉ. मिश्रा ने सामाजिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं को कन्या भ्रूण हत्या तथा लिंग निर्धारण के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विवाह समारोह संपन्न कराने वाले पंडितों, मौलवियों और ग्रंथियों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की, ताकि नवविवाहित जोड़ों को लिंग चयन जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक और सजग बनाया जा सके। डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे SAHELI नेटवर्क और फील्ड स्तर की स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, विशेष रूप से उन महिलाओं जिनकी एक या अधिक बेटियां हैं, की निगरानी को और अधिक मजबूत करें, ताकि संदिग्ध मामलों में समय रहते हस्तक्षेप किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिलों द्वारा चलाए जा रहे सभी प्रवर्तन अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों का मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़ाई जा सके। अधिकारियों को लापरवाही के प्रति आगाह करते हुए डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि सरकार के निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करने में विफल रहने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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हरियाणा के 13 जिलों में पहली बाढ़ मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन मजबूत

Chandigarh, Chandigarh:एंकर: आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर आपदा तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए आज प्रदेश के 13 बाढ़ संभावित जिलों में एक साथ पहली राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2023 और 2025 की बाढ़ से मिले अनुभवों के आधार पर हरियाणा के आपदा प्रबंधन ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना था। VO: हरियाणा की वित्त आयुक्त (राजस्व) एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने 'स्टेट इन्सिडेंट कमांडर' के रूप में राज्य नियंत्रण कक्ष से पूरे अभ्यास का नेतृत्व और संचालन किया। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस अभ्यास का आयोजन राज्य की आपदा तैयारियों का मूल्यांकन करने, विभिन्‍न विभागों के बीच समन्वय में सुधार करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की पुष्टि करने और कमियों की पहचान करने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एक सक्रिय, तकनीक-संचालित और समुदाय-केंद्रित आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह ड्रिल तीन चरणों में हुई। यह मॉक ड्रिल गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर में आयोजित की गई। इन जिलों की पहचान उच्च बाढ़ जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में की गई है। वास्तविक बाढ़ जैसी स्थितियों के तहत प्रतिक्रिया तंत्र का परीक्षण करने के लिए प्रत्येक जिले में दो अलग-अलग सिमुलेशन साइट बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि ड्रिल के दौरान भारी मानसून वर्षा और यमुना, घग्गर, टांगरी और मारकंडा जैसी प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़, शहरी जलभराव और संचार प्रणालियों के बाधित होने जैसी काल्पनिक स्थितियां बनीं। राज्य ने अपने संपूर्ण आपातकालीन तंत्र को सक्रिय किया, जिसमें गृह, पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, शहरी स्थानीय निकाय और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी सहित 24 विभागों ने हिस्सा लिया। सभी उपायुक्तों ने 'जिला उत्तरदायी अधिकारियों' के रूप में कार्य किया। उन्होंने बताया कि SDRF, NDRF, पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन सेवाओं की टीमों ने खोज एवं बचाव, निकासी ड्रिल, राहत शिविर प्रबंधन और चिकित्सा सहायता का अभ्यास किया। विशेष रूप से नदी तटों के पास फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया ताकि अधिकारी किसी भी चरम स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। NDMए के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रविंदर गुरंग (रिटायर्ड) ने राज्य मुख्यालय से अभ्यास की निगरानी की। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लेकर बाढ़ प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस ड्रिल में 'आपदा मित्र' स्वयंसेवकों, रेडक्रॉस, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र और स्थानीय NGO ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
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हरियाणा विधानसभा 2026-27: 16 समितियों के सभापति विपक्षी विधायकों को नियुक्त

Chandigarh, Chandigarh:वर्ष 2026-27 के लिए 16 समितियों के सभापति और सदस्य मनोनीत लोक लेखा समिति और सरकारी आश्वासन समिति के सभापति विपक्षी विधायक बनाए चंडीगढ़, 14 मई हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने वर्ष 2026-27 के लिए 16 समितियों के सभापति और सदस्य मनोनीत किए हैं। उन्होंनेगत वर्षों से शुरू हुई ठोस संसदीय परम्परा का निर्वहन करते हुए इस बार भी लोक लेखा समिति और सरकारी आश्वासनों के बारे में समिति के सभापति विपक्षी दल के विधायकों को मनोनीत किया है। नियम समिति: विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण नियम समिति के पदेन सभापति होंगे। इस समिति में विधायक भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, डॉ. रघुवीर सिंह कादियान, घनश्याम दास, सावित्री जिंदल, कृष्णा गहलावत, देवेंद्र चतुर्भुज अत्री, अर्जुन चौटाला सदस्य होंगे। आवास समिति: विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा आवास समिति के पदेन सभापति होंगे। इस समिति में विधायक मोहम्मद इलियास, घनश्याम दास, भगवान दास, मनदीप चट्ठा को सदस्य मनोनीत किया गया है। लोक लेखा समिति: लोक लेखा समिति का सभापति गत वर्ष की तरह ही विधायक चौ. आफताब अहमद को मनोनीत किया गया है। इस समिति में विधायक चन्द्रमोहन, विनोद भ्याणा, लक्ष्मण सिंह यादव, कंवर सिंह, सुनील सतपाल सांगवान, योगिन्द्र सिंह Rana, पूजा, देवेंद्र सिंह कादiyan बतौर सदस्य शामिल होंगे। प्राक्कलन समिति: प्राक्कलन समिति में सभापति की जिम्मेदारी विधायक प्रमोद कुमार विज को सौंपी गई है। इस समिति में गीता भुक्कल, सावित्री जिंदल, तेजपाल तंवर, बलवान सिंह दौलतपुरिया, जगमोहन आनंद, कपूर सिंह, निखिल मदान, मनदीप चट्ठा सदस्य होंगे। लोक उपक्रमों संबंधी समिति: लोक उपक्रमों संबंधी समिति में विधायक राम कुमार गौतम को सभापति मनोनीत किया गया है। इस समिति में विधायक अशोक कुमार अरोड़ा, निर्मल सिंह, मूलचंद शर्मा, चौ. अकरम खान, अनिल यादव, देवेंद्र चतरभुज अत्री, उमेद सिंह, चंद्र प्रकाश सदस्य होंगे। एस.सी., एस.टी. बी.सी. कल्याण समिति: अनुसूचित जातियों, जन जातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए गठित समिति के सभापति विधायक भगवान दास होंगे। इस समिति में विधायक सरदार जरनैल सिंह, बिमला चौधरी, राम करण, शैली चौधरी, रेनु बाला, अनिल यादव, डॉ. कृष्ण कुमार और पवन खरखौदा को सदस्य बनाया गया है। आश्वासन समिति: सरकारी आश्वासनों के बारे में समिति के सभापति विधायक भारत भूषण बत्तरा को मनोनीत किया गया है। इस समिति में विधायक अशोक कुमार अरोड़ा, घनश्याम सर्राफ, ओम प्रकाश यादव, इंदुराज सिंह नरवाल, जगमोहन आनंद, कंवर सिंह, योगिन्द्र सिंह Rana, मंजु चौधरी को सदस्य मनोनीत किया गया है। अधीनस्थ विधान समिति: अधीनस्थ विधान समिति की अध्यक्षता विधायक कृष्णा गहलावत करेंगी। इस समिति में राम कुमार कश्यप, कुलदीप वत्स, धनेश अदलखा, मुकेश शर्मा, सुनील सतपाल सांगवान, आदित्य सुरजेवाला, विकास सहारण और हरियाणा के महाधिवक्ता सदस्य होंगे। याचिका समिति: याचिका समिति में विधायक विनोद भ्याणा को सभापति बनाया गया है। इस समिति में शकुंतला खटक, भगवान दास, लक्ष्मण सिंह यादव, हरिन्द्र सिंह, पवन खरखौदा, चन्द्र प्रकाश, राजबीर सिंह फरटिया, आदित्य देवीलाल को भी शामिल किया गया है। निकाल व पंचायत समिति: स्थानीय निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं सम्बन्धी समिति की अध्यक्षता विधायक मुलचंद शर्मा करेंगे। विधायक घनश्याम सर्राफ, राम कुमार कश्यप, प्रमोद कुमार विज, Bharat Singh Beniwal, Raghuveer tevatia, Mukesh Sharma, Gokol setia, Rajesh June को सदस्य बनाया गया है। जन स्वास्थ्य, बिजली, लोक निर्माण समिति: जन स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली तथा लोक निर्माण (भवन तथा सड़कें) सम्बन्धी विषय समिति के सभापति विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा होंगे। इस समिति में विधायक परमवीर सिंह, ओम प्रकाश यादव, nareSharal, कपूर सिंह, सतीश कुमार फागना, सतपाल जम्बा, देवेंद्र हंस, मोहम्मद इसराईल सदस्य होंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य समिति: शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं सम्बन्धी विषय समिति में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सभापति मनोनीत किया गया है। विधायक कुलदीप वत्स, रेणु बाला, शीशपाल सिंह, शक्ति रानी शर्मा, हरिन्द्र सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार, रणधीर पनिहार, बलराम दांगी को सदस्य बनाय गया है। प्रदूषण तथा पर्यावरण सम्बन्धी समिति में विधायक राम कुमार कश्यप को सभापति मनोनीत किया गया है। विधायक चौ. अकरम खान, मुलचंद शर्मा, घनश्याम दास, चौ. मामन खान, विकास सहारण, आदित्य देवीलाल, राजेश जून को सदस्य बनाय गया है। युवा कल्याण व युवा मामलों सम्बन्धी समिति में विधायक मनमोहन भड़ाना को सभापति मनोनीत किया गया है। विधायक हरिन्द्र सिंह, निखिल मदान, सतपाल जाम्बा, बलराम दांगी, जस्सी पेटवाड़, विनेश, अर्जुन चौटाला, देवेंद्र सिंह कादiyan को सदस्य बनाया गया है। विशेषाधिकार समिति: विशेषाधिकार समिति के सभापति विधायक घनश्याम दास होंगे, जबकि सदस्य के तौर पर विधायक चन्द्रमोहन, सावित्री जिंदल, ओम प्रकाश यादव, सरदार जरनैल सिंह, तेजपाल तंवर, राम करण, रणधीर पनिहार, अर्जुन चौटाला के नाम शामिल हैं। महिला सशक्तीकरण पर विषय समिति महिला विषयक समिति में विधायक शक्ति रानी शर्मा को सभापति मनोनीत किया गया है। विधायक गीता भुक्कल, सावित्री जिंदल, बिमला चौधरी, शैली चौधरी, पूजा, कंवर सिंह, सतीश कुमार फागना, उममेद सिंह को सदस्य बनाय गया है। विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विधायिका दो प्लेटफार्म- सदन और सदन की समितियों के माध्यम से कार्य करती है। सदन के पास समय कम होता हैं, इसलिए विधानमंडल अपने अधिकतर कार्य अपनी समितियों के माध्यम से वर्षभर करते हैं। उन्होंने कहा कि समितियां जनहित के कार्य साधने का प्रभावशाली प्लेटफार्म है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में आयोजित बजट सत्र के दौरान 18 मार्च को सदन में नशे का विषय उठा था। इस मसले पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत अनेक सदस्यों ने चर्चा की थी। तब विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए ‘युवा कल्याण व युवा मामलों सम्बन्धी समिति’ तथा ‘प्रदूषण तथा पर्यावरण सम्बन्धी समिति’ के गठन की घोषणा की थी। ये दोनों समितियां पर्यावरण और नशे जैसी गंभीर चुनौतियों पर सरकार को सुझाव देती है। वहीं, गत 27 अप्रैल को हरियाणा विधान सभा के सत्र में ‘महिला विषयक समिति’ के गठन का निर्णय लिया गया था। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि 'महिला सशक्तीकरण समिति' का गठन हरियाणा विधान सभा का ऐतिहासिक कदम है। इस समिति का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष योजना ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अंतर्गत विधानमंडलों में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के कदम उठाए जा रहे हैं।
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हरियाणा के किसान एक्सपोजर विजिट से नई तकनीकें सीखकर आय बढ़ाने को तैयार

Chandigarh, Chandigarh: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के हर जिले से प्रगतिशील किसानों को 'एक्सपोजर विजिट' (अध्ययन यात्रा) पर भेजा जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को देश के विभिन्न हिस्सों में अपनाई जा रही आधुनिकतम कृषि तकनीकों, उन्नत पद्धतियों और नए उभरते बाजारों से सीधा जुड़ाव प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पारंपरिक खेती में सकारात्मक बदलाव ला सकें। इससे राज्य के हजारों किसान राष्ट्रीय स्तर पर कृषि सुधारों का प्रत्यक्ष अनुभव ले सकेंगे। श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसान हितैषी सोच रखने वाले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट-भाषण में घोषणा की थी कि किसानों को 'एक्सपोजर विजिट' पर भेजा जाएगा। इसी घोषणा को मूर्तरूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इन कृषि-यात्राओं के दौरान हरियाणा के किसानों को गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना जैसे कृषि प्रधान राज्यों में जाने का अवसर मिलेगा। इन राज्योंका चयन वहां की विशिष्ट कृषि उपलब्धियों के आधार पर किया गया है। उदाहरण के तौर पर, किसान गुजरात में सूक्ष्म सिंचाई, महाराष्ट्र में अंगूर व अनार की बागवानी और तेलंगाना में बीज उत्पादन की नई तकनीकों का बारीकी से अध्ययन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि अन्य राज्यों के सफल मॉडल को देखकर हरियाणा के किसान भी अपनी मिट्टी और जलवायु के अनुकूल नई फसलें उगाने के लिए प्रेरित होंगे। कृषि मंत्री ने आगे बताया कि इस एक्सपोजर विजिट का एक बड़ा हिस्सा 'सीधा बाजार जुड़ाव' पर केंद्रित रहेगा। किसानों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे वे बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी उपज को सीधे बाजार में बेचकर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें अन्य राज्यों के उन किसान समूहों से मिलाया जाएगा जो अपनी उपज की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग करके सीधे उपभोक्ताओं या बड़े रिटेलर्स तक पहुँच रहे हैं। इससे न केवल किसानों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, बल्कि वे 'खेती को व्यवसाय' के रूप में देखने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार की इस योजना का दूरगामी लक्ष्य राज्य में 'मास्टर ट्रेनर' तैय्यार करना है। जब ये किसान विभिन्न प्रदेशों से नई तकनीक और अनुभव लेकर वापस लौटेंगे, तो वे अपने जिले और गांव के अन्य किसानों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने स्पष्ट किया कि आधुनिक खेती, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने से हरियाणा के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों का जीवन स्तर ऊँचा होगा।
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ECI अभियान: हरियाणा में मतदाता सूची का तीसरा चरण 1 जुलाई 2026 से

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 16 राज्यों तथा 3 केंद्रशासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों का विशेष संघन संशोधन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तीसरे चरण के अंतर्गत हरियाणा में 1 जुलाई 2026 को अहर्ता तिथि निर्धारित की गई है। इस अभियान के तहत 5 जून से 14 जून 2026 तक तैयारियां, प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य संपन्न किया जाएगा।   मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 12 मई 2026 तक हरियाणा में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 6 लाख 63 हजार 155 दर्ज की गई है। विशेष संघन संशोधन कार्य के लिए प्रदेशभर में 20 हजार 629 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति की गई है, जो 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करेंगे। अभी तक विभिन्न राजनीतिक दलों के द्वारा 12 हजार 917 बूथ लेवल एजेंट  नियुक्त किए गए है।   उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण एवं समीकरण का कार्य 14 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाएगा, जबकि ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन 21 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद दावे एवं आपत्तियां 21 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक दर्ज करवाई जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटान 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। विशेष संघन संशोधन के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।   मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण कार्य में निर्वाचन अधिकारियों एवं बीएलओ का सहयोग करें तथा राजनैतिक दलों से भी अनुरोध है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बुथ लेवल ऐजैटं नियुक्त करे, ताकि त्रुटिरहित एवं पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सके।
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महाकाल मंदिर की हाईटेक सतर्कता: 5 लाख का ब्रेसलेट CCTV से मिल गया

Ujjain, Madhya Pradesh:महाकाल मंदिर की हाईटेक सतर्कता: 40 किलोमीटर दूर तराना से मिला 5 लाख का ब्रेसलेट आईटी टीम ने सीसीटीवी फुटेज से खोज निकाला श्रद्धालु का खोया कीमती सामान उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में एक बार फिर हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की सतर्कता देखने को मिली। इंदौर से बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे एक श्रद्धालु का करीब 5 लाख रुपये कीमत का सोने और हीरे से जड़ा ब्रेसलेट मंदिर परिसर में कहीं गुम हो गया। ब्रेसलेट खोने की जानकारी मिलते ही महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की आईटी शाखा तुरंत एक्टिव हो गई। आईटी शाखा अधिकारी दीपक परमार के नेतृत्व में टीम ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि एक व्यक्ति को मंदिर परिसर में पड़ा ब्रेसलेट मिला था, लेकिन उसे जमा कराने के बजाय वह उसे अपनी जेब में रखकर मंदिर से बाहर निकल गया। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और फुटेज के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान उज्जैन से करीब 40 किलोमीटर दूर तराना क्षेत्र में की गई। दीपक परमार की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर व्यक्ति के पास से ब्रेसलेट सुरक्षित बरामद कर लिया। बाद में श्रद्धालु को उनका कीमती ब्रेसलेट सुरक्षित वापस सौंप दिया गया। खोया हुआ सामान वापस मिलने पर श्रद्धालु ने महाकाल मंदिर प्रशासन और आईटी शाखा की टीम का आभार जताया। महाकाल मंदिर प्रशासन की इस कार्रवाई की श्रद्धालुओं और आमजन द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। यह घटना दर्शाती है कि मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
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MP के उप मुख्यमंत्री ने ईंधन बचत के लिए काफिले वाहन वापस कर दिया

Rewa, Madhya Pradesh:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और पेट्रोलियम ईंधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील का असर अब मध्यप्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने काफिले में चलने वाली फॉलो और पायलट वाहन सुविधा को संबंधित स्टाफ सहित वापस कर दिया है। उन्होंने इसे ऊर्जा संरक्षण और राष्ट्रहित से जुड़ा कदम बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में डीजल और पेट्रोल की बचत बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक मजबूरी नहीं बल्कि पर्यावरण सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। राजेंद्र शुक्ल ने आम लोगों से भी अपील की कि अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, जहां संभव हो एक ही वाहन में अधिक लोग सफर करें और ईंधन बचत को जन आंदोलन बनाएं。
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दुर्ग धमधा में जनगणना कर्मी के साथ दुर्व्यवहार, आरोपी गिरफ्तार

Durg, Chhattisgarh:दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का एक गंभीर मामला सामने आया है जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य में लगे एक शासकीय कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करने और बाधा पहुँचाने के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं ASP मनिशंकर चंद्रा ने बताया कि प्रार्थी अशोक कुमार देवांगन धमधा स्थित पटेल होटल में जनगणना संबंधी शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे इसी दौरान आरोपी संतोष पटेल ने उनके कार्य में न केवल हस्तक्षेप किया बल्कि वाद-विवाद कर शासकीय प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की उन्होंने ने बताया कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना धमधा में अपराध क्रमांक 123/2026 दर्ज किया गया है पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 221 और जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है एएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा फिलहाल पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य संकलित कर मामले को विवेचना में ले लिया है और आरोपी के खिलाफ अग्रिम कानूनी प्रक्रिया जारी है.
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हाईकोर्ट के बाहर ममता बनर्जी के समर्थकों और विरोधी नारों से हंगामा

Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA: चुनाव के बाद हुई हिंसा का मामला ममता बनर्जी सुबह करीब 10:16 बजे उच्च न्यायालय पहुंचीं और करीब 11:55 बजे वहां से चली गईं। ममता की दलीलों के दौरान एक वकील ने चिल्लाकर कहा, "यहां तमाशा मत कीजिए।" ममता के न्यायालय से बाहर निकलते ही भाजपा समर्थकों के कुछ वकीलों ने "जय श्री राम" के नारे लगाने शुरू कर दिए। बाद में ये नारे "चोर चोर" के नारे में बदल गए। तृणमूल पक्ष के वकीलों ने जवाब में "जय बांग्ला" के नारे लगाए। अपनी कार में बैठने से पहले ममता ने 24 घंटा के कैमरे से कहा, "उन्होंने मुझे पीटा है।" जब ममता को सुरक्षा घेरे में बाहर ले जाया जा रहा था, तभी हाथापाई जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
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